| 401 | धनुष्मत् | ॐ धनुष्मते नमः। | Om Dhanushmate Namah. | जो धनुष धारण करने वाले हैं। |
| 402 | धनदातृ | ॐ धनदात्रे नमः। | Om Dhanadatre Namah. | जो धन और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं। |
| 403 | धर्माधर्मविवर्जित | ॐ धर्माधर्मविवर्जिताय नमः। | Om Dharmadharmavivarjitaya Namah. | जो धर्म और अधर्म के द्वंद्व से परे परम तत्त्व हैं। |
| 404 | धर्मरूप | ॐ धर्मरूपाय नमः। | Om Dharmarupaya Namah. | जिनका स्वरूप स्वयं धर्म और न्यायमय है। |
| 405 | धनुर्दिव्य | ॐ धनुर्दिव्याय नमः। | Om Dhanurdivyaya Namah. | जो दिव्य धनुष धारण करने वाले हैं। |
| 406 | धर्मशास्त्रात्मचेतन | ॐ धर्मशास्त्रात्मचेतनाय नमः। | Om Dharmashastratmachetanaya Namah. | जिनकी चेतना धर्मशास्त्र के ज्ञान से युक्त है। |
| 407 | धर्मराजप्रियकर | ॐ धर्मराजप्रियकराय नमः। | Om Dharmarajapriyakaraya Namah. | जो धर्मराज को प्रिय और हितकारी हैं। |
| 408 | धर्मराजसुपूजित | ॐ धर्मराजसुपूजिताय नमः। | Om Dharmarajasupujitaya Namah. | जिनकी धर्मराज द्वारा श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है। |
| 409 | धर्मराजेष्टवरद | ॐ धर्मराजेष्टवरदाय नमः। | Om Dharmarajeshtavaradaya Namah. | जो धर्मराज की इच्छित कामनाओं को वरदान देने वाले हैं। |
| 410 | धर्माभीष्टफलप्रद | ॐ धर्माभीष्टफलप्रदाय नमः। | Om Dharmabhishtaphalapradaya Namah. | जो धर्मानुसार इच्छित शुभ फल प्रदान करते हैं। |
| 411 | नित्यतृप्तस्वभाव | ॐ नित्यतृप्तस्वभावाय नमः। | Om Nityatriptasvabhavaya Namah. | जो अपने स्वरूप से सदैव संतुष्ट और तृप्त हैं। |
| 412 | नित्यकर्मरत | ॐ नित्यकर्मरताय नमः। | Om Nityakarmarataya Namah. | जो अपने नित्य कर्तव्य के पालन में सदैव तत्पर रहते हैं। |
| 413 | निजपीडार्तिहारिन् | ॐ निजपीडार्तिहारिणे नमः। | Om Nijapidartiharine Namah. | जो अपनी पीड़ा से पीड़ित भक्तों का कष्ट दूर करते हैं। |
| 414 | निजभक्तेष्टदायक | ॐ निजभक्तेष्टदायकाय नमः। | Om Nijabhakteshtadayakaya Namah. | जो अपने भक्तों की शुभ इच्छाओं को पूर्ण करते हैं। |
| 415 | निर्मासदेह | ॐ निर्मासदेहाय नमः। | Om Nirmasadehaya Namah. | जिनका शरीर कृश और तपस्वी स्वरूप वाला है। |
| 416 | नील | ॐ नीलाय नमः। | Om Nilaya Namah. | जो गहरे नील वर्ण वाले हैं। |
| 417 | निजस्तोत्रबहुप्रिय | ॐ निजस्तोत्रबहुप्रियाय नमः। | Om Nijastotrabahupriyaya Namah. | जो अपने स्तोत्रों के भक्तिपूर्ण पाठ से अत्यन्त प्रसन्न होते हैं। |
| 418 | नळस्तोत्रप्रिय | ॐ नळस्तोत्रप्रियाय नमः। | Om Nala Stotrapriyaya Namah. | जो राजा नल द्वारा किए गए स्तोत्र से प्रसन्न होते हैं। |
| 419 | नळराजसुपूजित | ॐ नळराजसुपूजिताय नमः। | Om Nalarajasupujitaya Namah. | जिनकी राजा नल ने श्रद्धापूर्वक पूजा की थी। |
| 420 | नक्षत्रमण्डलगत | ॐ नक्षत्रमण्डलगताय नमः। | Om Nakshatramandalagataya Namah. | जो नक्षत्रमण्डल में भ्रमण करने वाले ग्रहस्वरूप हैं। |
| 421 | नमतांप्रियकारक | ॐ नमतांप्रियकारकाय नमः। | Om Namatampriyakarakaya Namah. | जो उन्हें प्रणाम करने वाले भक्तों के प्रिय और हितकारी हैं। |
| 422 | नित्यार्चितपदाम्भोज | ॐ नित्यार्चितपदाम्भोजाय नमः। | Om Nityarchitapadambhojaya Namah. | जिनके कमल-समान चरणों की नित्य पूजा की जाती है। |
| 423 | निजाज्ञापरिपालक | ॐ निजाज्ञापरिपालकाय नमः। | Om Nijajnaparipalakaya Namah. | जो अपने दिव्य विधान और आदेश का पालन कराने वाले हैं। |
| 424 | नवग्रहवर | ॐ नवग्रहवराय नमः। | Om Navagrahavaraya Namah. | जो नवग्रहों में श्रेष्ठ और विशेष प्रभावशाली हैं। |
| 425 | नीलवपुष् | ॐ नीलवपुषे नमः। | Om Nilavapushe Namah. | जिनका शरीर गहरे नील वर्ण से प्रकाशित है। |
| 426 | नळकरार्चित | ॐ नळकरार्चिताय नमः। | Om Nalakararchitaya Namah. | जिनकी राजा नल ने श्रद्धापूर्वक पूजा की। |
| 427 | नळप्रियानन्दित | ॐ नळप्रियानन्दिताय नमः। | Om Nalapriyananditaya Namah. | जो नल के प्रति प्रेम और कृपा से प्रसन्न हुए। |
| 428 | नळक्षेत्रनिवासक | ॐ नळक्षेत्रनिवासकाय नमः। | Om Nalakshetranivasakaya Namah. | जो नल से सम्बन्धित पवित्र क्षेत्र में निवास करने वाले हैं। |
| 429 | नळपाकप्रिय | ॐ नळपाकप्रियाय नमः। | Om Nalapakpriyaya Namah. | जो नल द्वारा बनाए गए पवित्र नैवेद्य से प्रसन्न होते हैं। |
| 430 | नळपद्भञ्जनक्षम | ॐ नळपद्भञ्जनक्षमाय नमः। | Om Nalapadbhanjanakshamaya Namah. | जो नल की विपत्तियों और कष्टों का निवारण करने में समर्थ हैं। |
| 431 | नळसर्वार्तिहारिन् | ॐ नळसर्वार्तिहारिणे नमः। | Om Nalasarvartiharine Namah. | जो राजा नल के सभी दुःखों को दूर करने वाले हैं। |
| 432 | नळेनात्मार्थपूजित | ॐ नळेनात्मार्थपूजिताय नमः। | Om Nalenatmarthapujitaya Namah. | जिनकी राजा नल ने अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु पूजा की। |
| 433 | निपाटवीनिवास | ॐ निपाटवीनिवासाय नमः। | Om Nipatavinivasaya Namah. | जो निर्जन वन और एकांत प्रदेशों में निवास करने वाले हैं। |
| 434 | नळाभीष्टवरप्रद | ॐ नळाभीष्टवरप्रदाय नमः। | Om Nalabhishtavarapradaya Namah. | जो राजा नल की इच्छित मनोकामना का वरदान देने वाले हैं। |
| 435 | नळतीर्थसकृत्स्नानसर्वपीडानिवारक | ॐ नळतीर्थसकृत्स्नानसर्वपीडानिवारकाय नमः। | Om Nalatirthasakritsnanasarvapidanivarakaya Namah. | जो नल तीर्थ में एक बार स्नान करने से सभी पीड़ाओं को दूर करने वाले हैं। |
| 436 | नळेशदर्शनस्याशुसाम्राज्यपदवीप्रद | ॐ नळेशदर्शनस्याशु साम्राज्यपदवीप्रदाय नमः। | Om Naleshadarshanasyashu Samrajyapadavi Pradaya Namah. | जो नलेश के दर्शन से शीघ्र राजवैभव और उच्च पद प्रदान करते हैं। |
| 437 | नक्षत्रराश्यधिप | ॐ नक्षत्रराश्यधिपाय नमः। | Om Nakshatrarashyadhipaya Namah. | जो नक्षत्रों और राशियों से सम्बन्धित ग्रहाधिपति हैं। |
| 438 | नीलध्वजविराजित | ॐ नीलध्वजविराजिताय नमः। | Om Niladhvajavirajitaya Namah. | जो नील ध्वज से सुशोभित हैं। |
| 439 | नित्ययोगरत | ॐ नित्ययोगरताय नमः। | Om Nityayogarataya Namah. | जो नित्य योग और आध्यात्मिक साधना में रत रहते हैं। |
| 440 | नवरत्नविभूषित | ॐ नवरत्नविभूषिताय नमः। | Om Navaratnavibhushitaya Namah. | जो नौ रत्नों से अलंकृत हैं। |
| 441 | नवधाभज्यदेह | ॐ नवधाभज्यदेहाय नमः। | Om Navadhabhajyadehaya Namah. | जिनका दिव्य स्वरूप नव प्रकार की उपासना से पूजनीय है। |
| 442 | नवीकृतजगत्त्रय | ॐ नवीकृतजगत्त्रयाय नमः। | Om Navikritajagattrayaya Namah. | जो तीनों लोकों में नवीनता और परिवर्तन लाने वाले हैं। |
| 443 | नवग्रहाधिप | ॐ नवग्रहाधिपाय नमः। | Om Navagrahadhipaya Namah. | जो नवग्रहों के अधिपति और प्रभावशाली ग्रहस्वरूप हैं। |
| 444 | नवाक्षरजपप्रिय | ॐ नवाक्षरजपप्रियाय नमः। | Om Navaksharajapapriyaya Namah. | जो नवाक्षर मंत्र के जप से प्रसन्न होते हैं। |
| 445 | नवात्मन् | ॐ नवात्मने नमः। | Om Navatmane Namah. | जो नौ दिव्य ग्रह-तत्त्वों के आत्मस्वरूप हैं। |
| 446 | नवचक्रात्मन् | ॐ नवचक्रात्मने नमः। | Om Navachakratmane Namah. | जो नौ दिव्य चक्रों के तत्त्वस्वरूप हैं। |
| 447 | नवतत्त्वाधिप | ॐ नवतत्त्वाधिपाय नमः। | Om Navatattvadhipaya Namah. | जो नौ प्रमुख तत्त्वों के अधिपति हैं। |
| 448 | नवोदनप्रिय | ॐ नवोदनप्रियाय नमः। | Om Navodanapriyaya Namah. | जो नवीन पके हुए अन्न के नैवेद्य से प्रसन्न होते हैं। |
| 449 | नवधान्यप्रिय | ॐ नवधान्यप्रियाय नमः। | Om Navadhanyapriyaya Namah. | जो नौ प्रकार के पवित्र धान्य के अर्पण से प्रसन्न होते हैं। |
| 450 | निष्कण्टक | ॐ निष्कण्टकाय नमः। | Om Nishkantakaya Namah. | जो सभी बाधाओं और कष्टों से रहित मार्ग प्रदान करते हैं। |
| 451 | निस्पृह | ॐ निस्पृहाय नमः। | Om Nisprahaya Namah. | जो सांसारिक इच्छाओं और आसक्ति से रहित हैं। |
| 452 | निरपेक्ष | ॐ निरपेक्षाय नमः। | Om Nirapekshaya Namah. | जो किसी पक्षपात या अपेक्षा से रहित हैं। |
| 453 | निरामय | ॐ निरामयाय नमः। | Om Niramayaya Namah. | जो सभी रोगों और दोषों से पूर्णतः रहित हैं। |
| 454 | नागराजार्चितपद | ॐ नागराजार्चितपदाय नमः। | Om Nagarajarchitapadaya Namah. | जिनके चरणों की नागराज द्वारा पूजा की जाती है। |
| 455 | नागराजप्रियङ्कर | ॐ नागराजप्रियङ्कराय नमः। | Om Nagarajapriyankaraya Namah. | जो नागराज के लिए प्रिय और मंगलकारी हैं। |
| 456 | नागराजेष्टवरद | ॐ नागराजेष्टवरदाय नमः। | Om Nagarajeshtavaradaya Namah. | जो नागराज की इच्छित कामनाओं का वरदान देने वाले हैं। |
| 457 | नागाभरणभूषित | ॐ नागाभरणभूषिताय नमः। | Om Nagabharanabhushitaya Namah. | जो नागों के आभूषण से सुशोभित हैं। |
| 458 | नागेन्द्रगाननिरत | ॐ नागेन्द्रगाननिरताय नमः। | Om Nagendragananirataaya Namah. | जो नागेन्द्रों के भक्तिपूर्ण गान से प्रसन्न होते हैं। |
| 459 | नानाभरणभूषित | ॐ नानाभरणभूषिताय नमः। | Om Nanabharanabhushitaya Namah. | जो अनेक प्रकार के दिव्य आभूषणों से अलंकृत हैं। |
| 460 | नवमित्रस्वरूप | ॐ नवमित्रस्वरूपाय नमः। | Om Navamitrasvarupaya Namah. | जो नवग्रहों के मित्रस्वरूप और सहायक हैं। |
| 461 | नानाश्चर्यविधायक | ॐ नानाश्चर्यविधायकाय नमः। | Om Nanashcharyavidhayakaya Namah. | जो अनेक अद्भुत और आश्चर्यजनक कार्य करने वाले हैं। |
| 462 | नानाद्वीपाधिकर्तृ | ॐ नानाद्वीपाधिकर्त्रे नमः। | Om Nanadvipadhikartre Namah. | जो अनेक द्वीपों और प्रदेशों के अधिपति हैं। |
| 463 | नानालिपिसमावृत | ॐ नानालिपिसमावृताय नमः। | Om Nanalipisamavritaya Namah. | जो अनेक लिपियों और भाषाई परम्पराओं से सम्बद्ध हैं। |
| 464 | नानारूपजगत्स्रष्टृ | ॐ नानारूपजगत्स्रष्ट्रे नमः। | Om Nanarupajagatsrashtre Namah. | जो अनेक रूपों वाले जगत की सृष्टि करने वाले हैं। |
| 465 | नानारूपजनाश्रय | ॐ नानारूपजनाश्रयाय नमः। | Om Nanarupajanashrayaya Namah. | जो अनेक रूपों और प्रकार के जीवों के आश्रय हैं। |
| 466 | नानालोकाधिप | ॐ नानालोकाधिपाय नमः। | Om Nanalokadhipaya Namah. | जो अनेक लोकों और दिव्य क्षेत्रों के अधिपति हैं। |
| 467 | नानाभाषाप्रिय | ॐ नानाभाषाप्रियाय नमः। | Om Nanabhashapriyaya Namah. | जो सभी प्रकार की भाषाओं और वाणी से प्रसन्न होते हैं। |
| 468 | नानारूपाधिकारिन् | ॐ नानारूपाधिकारिणे नमः। | Om Nanarupadhikarine Namah. | जो अनेक रूपों और शक्तियों के अधिपति हैं। |
| 469 | नवरत्नप्रिय | ॐ नवरत्नप्रियाय नमः। | Om Navaratnapriyaya Namah. | जो नौ पवित्र रत्नों से प्रसन्न होते हैं। |
| 470 | नानाविचित्रवेषाढ्य | ॐ नानाविचित्रवेषाढ्याय नमः। | Om Nanavichitraveshadhyaya Namah. | जो अनेक अद्भुत और विविध वेशों से युक्त हैं। |
| 471 | नानाचित्रविधायक | ॐ नानाचित्रविधायकाय नमः। | Om Nanachitravidhayakaya Namah. | जो अनेक प्रकार की अद्भुत रचनाएँ और परिवर्तन करने वाले हैं। |
| 472 | नीलजीमूतसङ्काश | ॐ नीलजीमूतसङ्काशाय नमः। | Om Nilajimutasankashaya Namah. | जिनकी आभा गहरे नीले वर्षा-मेघ के समान है। |
| 473 | नीलमेघसमप्रभ | ॐ नीलमेघसमप्रभाय नमः। | Om Nilameghasamaprabhaya Namah. | जिनका तेज गहरे नीले मेघ के समान है। |
| 474 | नीलाञ्जनचयप्रख्य | ॐ नीलाञ्जनचयप्रख्याय नमः। | Om Nilanjanachayaprakhyaya Namah. | जिनकी कांति नील अंजन के समूह के समान गहरी है। |
| 475 | नीलवस्त्रधरप्रिय | ॐ नीलवस्त्रधरप्रियाय नमः। | Om Nilavastradharapriyaya Namah. | जो नील वर्ण के वस्त्र धारण करने से प्रसन्न होते हैं। |
| 476 | नीचभाषाप्रचारज्ञ | ॐ नीचभाषाप्रचारज्ञाय नमः। | Om Nichabhashapracharajnaya Namah. | जो निम्न और अशुभ वाणी के प्रभाव को जानने वाले हैं। |
| 477 | नीचे स्वल्पफलप्रद | ॐ नीचे स्वल्पफलप्रदाय नमः। | Om Niche Svalpaphalapradaya Namah. | जो नीच स्थिति में अल्प फल प्रदान करने वाले ग्रह हैं। |
| 478 | नानागमविधानज्ञ | ॐ नानागमविधानज्ञाय नमः। | Om Nanagamavidhanajnaya Namah. | जो अनेक आगमों और शास्त्रीय विधानों के ज्ञाता हैं। |
| 479 | नानानृपसमावृत | ॐ नानानृपसमावृताय नमः। | Om Nananripasamavritaya Namah. | जिनके प्रभाव और सेवा में अनेक राजा स्थित हैं। |
| 480 | नानावर्णाकृति | ॐ नानावर्णाकृतये नमः। | Om Nanavarnakritaye Namah. | जो अनेक प्रकार के वर्ण और रूपों में प्रकट होने वाले हैं। |
| 481 | नानावर्णस्वरार्तव | ॐ नानावर्णस्वरार्तवाय नमः। | Om Nanavarnasvarartavaya Namah. | जो अनेक वर्णों, स्वरों और ऋतुओं के तत्त्व से सम्बद्ध हैं। |
| 482 | नागलोकान्तवासिन् | ॐ नागलोकान्तवासिने नमः। | Om Nagalokantavasine Namah. | जो नागलोक के अंतिम और गूढ़ प्रदेशों में निवास करने वाले हैं। |
| 483 | नक्षत्रत्रयसंयुत | ॐ नक्षत्रत्रयसंयुताय नमः। | Om Nakshatratrayasamyutaya Namah. | जो तीन नक्षत्रों के विशेष योग से सम्बद्ध हैं। |
| 484 | नभादिलोकसम्भूत | ॐ नभादिलोकसम्भूताय नमः। | Om Nabhadilokasambhutaya Namah. | जो आकाश आदि लोकों और उनके दिव्य तत्त्वों से सम्बद्ध हैं। |
| 485 | नामस्तोत्रबहुप्रिय | ॐ नामस्तोत्रबहुप्रियाय नमः। | Om Namastotrabahupriyaya Namah. | जो अपने नामों और स्तोत्रों के पाठ से अत्यन्त प्रसन्न होते हैं। |
| 486 | नामपारायणप्रीत | ॐ नामपारायणप्रीताय नमः। | Om Namaparayanapritaya Namah. | जो अपने पवित्र नामों के सम्पूर्ण पारायण से प्रसन्न होते हैं। |
| 487 | नामार्चनवरप्रद | ॐ नामार्चनवरप्रदाय नमः। | Om Namarchanavarapradaya Namah. | जो नामार्चन करने वाले भक्तों को वरदान प्रदान करते हैं। |
| 488 | नामस्तोत्रैकचित्त | ॐ नामस्तोत्रैकचित्ताय नमः। | Om Namastotraikachittaya Namah. | जिनका मन पवित्र नाम और स्तोत्र की आराधना में एकाग्र है। |
| 489 | नानारोगार्तिभञ्जन | ॐ नानारोगार्तिभञ्जनाय नमः। | Om Nanarogartibhanjanaya Namah. | जो अनेक प्रकार के रोगों और उनसे उत्पन्न पीड़ा को दूर करते हैं। |
| 490 | नवग्रहसमाराध्य | ॐ नवग्रहसमाराध्याय नमः। | Om Navagrahasamaradhyaya Namah. | जिनकी नवग्रहों के साथ विशेष रूप से आराधना की जाती है। |
| 491 | नवग्रहभयापह | ॐ नवग्रहभयापहाय नमः। | Om Navagrahabhayapahaya Namah. | जो नवग्रहों से उत्पन्न भय को दूर करने वाले हैं। |
| 492 | नवग्रहसुसम्पूज्य | ॐ नवग्रहसुसम्पूज्याय नमः। | Om Navagrahasusampujyaya Namah. | जो नवग्रहों में अत्यन्त श्रद्धापूर्वक पूजनीय हैं। |
| 493 | नानावेदसुरक्षक | ॐ नानावेदसुरक्षकाय नमः। | Om Nanavedasurakshakaya Namah. | जो विभिन्न वेदों और उनके पवित्र ज्ञान के रक्षक हैं। |
| 494 | नवग्रहाधिराज | ॐ नवग्रहाधिराजाय नमः। | Om Navagrahadhirajaya Namah. | जो नवग्रहों के अधिराज और श्रेष्ठ शासक हैं। |
| 495 | नवग्रहजपप्रिय | ॐ नवग्रहजपप्रियाय नमः। | Om Navagrahajapapriyaya Namah. | जो नवग्रह मंत्रों के जप से प्रसन्न होते हैं। |
| 496 | नवग्रहमयज्योतिष् | ॐ नवग्रहमयज्योतिषे नमः। | Om Navagrahamayajyotishe Namah. | जिनकी ज्योति में नवग्रहों का दिव्य प्रकाश समाहित है। |
| 497 | नवग्रहवरप्रद | ॐ नवग्रहवरप्रदाय नमः। | Om Navagrahavarapradaya Namah. | जो नवग्रहों के माध्यम से शुभ वरदान प्रदान करते हैं। |
| 498 | नवग्रहाणामधिप | ॐ नवग्रहाणामधिपाय नमः। | Om Navagrahanamadhipaya Namah. | जो नवग्रहों के अधिपति और नियामक हैं। |
| 499 | नवग्रहसुपीडित | ॐ नवग्रहसुपीडिताय नमः। | Om Navagrahasupiditaya Namah. | जो नवग्रहों के प्रभाव और पीड़ा से सम्बन्धित कर्मफल के दाता हैं। |
| 500 | नवग्रहाधीश्वर | ॐ नवग्रहाधीश्वराय नमः। | Om Navagrahadhishvaraya Namah. | जो सम्पूर्ण नवग्रह मंडल के परम अधीश्वर हैं। |