| 601 | इभसद्गति | ॐ इभसद्गतये नमः। | Om Ibhasadgataye Namah. | जो हाथी के समान महान और शुभ गति वाले हैं। |
| 602 | इननेत्र | ॐ इननेत्राय नमः। | Om Inanetraya Namah. | जिनके नेत्र अत्यन्त तेजस्वी और प्रकाशमान हैं। |
| 603 | इलापुत्र | ॐ इलापुत्राय नमः। | Om Ilaputraya Namah. | जो पृथ्वी और प्रकृति के दिव्य पुत्रस्वरूप हैं। |
| 604 | सर्वकर्मणामीशान | ॐ सर्वकर्मणामीशानाय नमः। | Om Sarvakarmanamishanaya Namah. | जो समस्त कर्मों के परम स्वामी और नियामक हैं। |
| 605 | ईड्य | ॐ ईड्याय नमः। | Om Idyaya Namah. | जो स्तुति और पूजा के योग्य परम देव हैं। |
| 606 | ईश्वरपुत्र | ॐ ईश्वरपुत्राय नमः। | Om Ishvaraputraya Namah. | जो परमेश्वर भगवान शिव के दिव्य पुत्र हैं। |
| 607 | ईप्सितार्थफलप्रद | ॐ ईप्सितार्थफलप्रदाय नमः। | Om Ipsitarthaphalapradaya Namah. | जो भक्तों की मनोकामनाओं का शुभ फल प्रदान करते हैं। |
| 608 | ईतिभङ्ग | ॐ ईतिभङ्गाय नमः। | Om Itibhangaya Namah. | जो विपत्तियों और बाधाओं को दूर करने वाले हैं। |
| 609 | खलघ्न | ॐ खलघ्ने नमः। | Om Khalaghne Namah. | जो दुष्ट और अधर्मी शक्तियों का नाश करने वाले हैं। |
| 610 | खलप्व | ॐ खलप्वे नमः। | Om Khalapve Namah. | जो दुष्टता और अधर्म को दूर करने वाले हैं। |
| 611 | खलपावन | ॐ खलपावनाय नमः। | Om Khalapavanaya Namah. | जो दुष्टों को भी शुद्ध और पवित्र करने की शक्ति रखते हैं। |
| 612 | खसत्ताक | ॐ खसत्ताकाय नमः। | Om Khasattakaya Namah. | जो आकाशतत्त्व में अपनी दिव्य सत्ता स्थापित करने वाले हैं। |
| 613 | खसूत | ॐ खसूतये नमः। | Om Khasutaye Namah. | जो आकाशीय और दिव्य शक्तियों के मूल स्वरूप हैं। |
| 614 | खगति | ॐ खगतये नमः। | Om Khagataye Namah. | जो आकाश में स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाले हैं। |
| 615 | खचरेश्वर | ॐ खचरेश्वराय नमः। | Om Khachareshvaraya Namah. | जो आकाश में विचरण करने वाली शक्तियों के स्वामी हैं। |
| 616 | खमूर्धन् | ॐ खमूर्ध्ने नमः। | Om Khamurdhne Namah. | जिनका दिव्य मस्तक आकाश के समान व्यापक है। |
| 617 | खमणि | ॐ खमणये नमः। | Om Khamanaye Namah. | जो आकाश में रत्न के समान प्रकाशमान हैं। |
| 618 | खड्गहस्त | ॐ खड्गहस्ताय नमः। | Om Khadgahastaya Namah. | जो अपने हाथ में दिव्य खड्ग धारण करने वाले हैं। |
| 619 | खचरलोचन | ॐ खचरलोचनाय नमः। | Om Khacharalochanaya Namah. | जिनकी दृष्टि आकाश में विचरण करने वाली शक्तियों पर रहती है। |
| 620 | खगयान | ॐ खगयानाय नमः। | Om Khagayanaya Namah. | जो आकाशमार्ग में दिव्य गति से विचरण करने वाले हैं। |
| 621 | गणेशान | ॐ गणेशानाय नमः। | Om Ganeshanaya Namah. | जो गणों के अधिपति और दिव्य शक्तियों के स्वामी हैं। |
| 622 | गजासुरनिसूदन | ॐ गजासुरनिसूदनाय नमः। | Om Gajasuranisudanaya Namah. | जो गजासुर जैसी दुष्ट शक्ति का संहार करने वाले हैं। |
| 623 | गमागमविहीन | ॐ गमागमविहीनाय नमः। | Om Gamagamavihinaya Namah. | जो आने-जाने और परिवर्तन की सीमाओं से परे हैं। |
| 624 | गमागमविशेषक | ॐ गमागमविशेषकाय नमः। | Om Gamagamavisheshakaya Namah. | जो समस्त गति और आवागमन के रहस्य को जानने वाले हैं। |
| 625 | गमागमातिगज्ञेय | ॐ गमागमातिगज्ञेयाय नमः। | Om Gamagamatigajneyaya Namah. | जिन्हें साधारण गति और आवागमन से परे जाकर जाना जाता है। |
| 626 | गाङ्गेय | ॐ गाङ्गेयाय नमः। | Om Gangeyaya Namah. | जो गंगा से संबंधित और गंगापुत्र के रूप में प्रसिद्ध हैं। |
| 627 | गणसुव् | ॐ गणसुवे नमः। | Om Ganasuve Namah. | जो दिव्य गणों के पोषक और मार्गदर्शक हैं। |
| 628 | गण | ॐ गणाय नमः। | Om Ganaya Namah. | जो दिव्य गणों और समस्त शक्तियों के स्वरूप हैं। |
| 629 | गम्भीरनिनद | ॐ गम्भीरनिनदाय नमः। | Om Gambhiraninadaya Namah. | जिनकी दिव्य ध्वनि अत्यन्त गम्भीर और प्रभावशाली है। |
| 630 | गेयप्रिय | ॐ गेयप्रियाय नमः। | Om Geyapriyaya Namah. | जो मधुर भजन, गीत और स्तुति से प्रसन्न होते हैं। |
| 631 | गुरुविशेषित | ॐ गुरुविशेषिताय नमः। | Om Guruviseshitaya Namah. | जो महान गुरु के रूप में विशेष रूप से प्रतिष्ठित हैं। |
| 632 | गरीयस् | ॐ गरीयसे नमः। | Om Gariyase Namah. | जो अत्यन्त महान, श्रेष्ठ और गौरवशाली हैं। |
| 633 | गहन | ॐ गहनाय नमः। | Om Gahanaya Namah. | जो गहन और अगाध दिव्य रहस्य के स्वरूप हैं। |
| 634 | गण्डमालिन् | ॐ गण्डमालिने नमः। | Om Gandamaline Namah. | जो दिव्य माला और अलंकारों से सुशोभित हैं। |
| 635 | गुणगणार्चित | ॐ गुणगणार्चिताय नमः। | Om Gunaganarchitaya Namah. | जिनकी पूजा उनके अनन्त दिव्य गुणों के कारण की जाती है। |
| 636 | गुण्य | ॐ गुण्याय नमः। | Om Gunyaya Namah. | जो सद्गुणों और श्रेष्ठ आचरण के आदर्श हैं। |
| 637 | गणकपूज्य | ॐ गणकपूज्याय नमः। | Om Ganakapujyaya Namah. | जो गणना और ज्योतिष के ज्ञाताओं द्वारा भी पूजनीय हैं। |
| 638 | गगनामलसत्त्वधृत् | ॐ गगनामलसत्त्वधृते नमः। | Om Gaganamalasattvadhrite Namah. | जो आकाश के समान निर्मल और शुद्ध चेतना को धारण करते हैं। |
| 639 | गज्जालय | ॐ गज्जालयाय नमः। | Om Gajjalayaya Namah. | जो दिव्य शक्ति के विशाल और प्रभावशाली आश्रय हैं। |
| 640 | गञ्जपति | ॐ गञ्जपतये नमः। | Om Ganjapataye Namah. | जो समृद्धि और दिव्य संपदा के अधिपति हैं। |
| 641 | गुहावासिन् | ॐ गुहावासिने नमः। | Om Guhavasine Namah. | जो गुफाओं और हृदय की गहन गुहा में निवास करने वाले हैं। |
| 642 | गिरिप्रिय | ॐ गिरिप्रियाय नमः। | Om Giripriyaya Namah. | जो पर्वतों और पवित्र पर्वतीय स्थानों से प्रिय संबंध रखते हैं। |
| 643 | संन्यासतत्त्वानां गतिः | ॐ संन्यासतत्त्वानां गतये नमः। | Om Sannyasatattvanam Gataye Namah. | जो संन्यास और वैराग्य के परम लक्ष्य और मार्ग हैं। |
| 644 | गतपरात्मनाम्गम्य | ॐ गतपरात्मनाम्गम्याय नमः। | Om Gataparatmanamgamyaya Namah. | जिन्हें परमात्मा की ओर अग्रसर आत्माएँ प्राप्त करती हैं। |
| 645 | गयादितीर्थसङ्घानां पावन | ॐ गयादितीर्थसङ्घानां पावनाय नमः। | Om Gayaditirthasanghanam Pavanaya Namah. | जो गया आदि पवित्र तीर्थों को भी पावन करने वाले हैं। |
| 646 | गतिमत् | ॐ गतिमते नमः। | Om Gatimate Namah. | जो दिव्य गति और सर्वोच्च सामर्थ्य से युक्त हैं। |
| 647 | गति | ॐ गतये नमः। | Om Gataye Namah. | जो सभी जीवों के परम आश्रय और अंतिम लक्ष्य हैं। |
| 648 | घस्मर | ॐ घस्मराय नमः। | Om Ghasmaraya Namah. | जो दुष्ट शक्तियों और बाधाओं को भस्म करने वाले हैं। |
| 649 | घुसृणलेपिन् | ॐ घुसृणलेपिने नमः। | Om Ghusrunalepine Namah. | जो पवित्र सुगंधित लेप से अलंकृत दिव्य स्वरूप वाले हैं। |
| 650 | घृणिन् | ॐ घृणिने नमः। | Om Ghrinine Namah. | जो करुणा और दिव्य प्रकाश से परिपूर्ण हैं। |
| 651 | घृतभुजार्चित | ॐ घृतभुजार्चिताय नमः। | Om Ghritabhujarchitaya Namah. | जिनकी पूजा पवित्र घृत से यज्ञ करने वाले भक्त करते हैं। |
| 652 | घृणिमत् | ॐ घृणिमते नमः। | Om Ghrinimate Namah. | जो सूर्य के समान तेज और करुणा से युक्त हैं। |
| 653 | अघानां घर्षण | ॐ अघानां घर्षणाय नमः। | Om Aghanam Gharshanaya Namah. | जो पापों और दोषों को रगड़कर नष्ट करने वाले हैं। |
| 654 | घनाघनरव | ॐ घनाघनरवाय नमः। | Om Ghanaghanaravaya Namah. | जिनकी दिव्य ध्वनि घने मेघों के गर्जन के समान है। |
| 655 | घन | ॐ घनाय नमः। | Om Ghanaya Namah. | जो दृढ़, गहन और महान शक्ति से युक्त हैं। |
| 656 | घनवाद्यरत | ॐ घनवाद्यरताय नमः। | Om Ghanavadyarataya Namah. | जो दिव्य वाद्यों और मंगलमय संगीत से प्रसन्न होते हैं। |
| 657 | छन्दोभ्यः | ॐ छन्दोभ्यो नमः। | Om Chandobhyo Namah. | जो वैदिक छन्दों और पवित्र मंत्रमय लय के स्वरूप हैं। |
| 658 | छविमत् | ॐ छविमते नमः। | Om Chhavimate Namah. | जो दिव्य आभा और तेज से प्रकाशित हैं। |
| 659 | अंसाम्छिदुर | ॐ अंसाम्छिदुराय नमः। | Om Amsamchiduraya Namah. | जो सभी बंधनों और बाधाओं को काटने वाले हैं। |
| 660 | छन्दसां छन्दरूप | ॐ छन्दसां छन्दरूपाय नमः। | Om Chhandasam Chhandarupaya Namah. | जो सभी वैदिक छन्दों के दिव्य स्वरूप हैं। |
| 661 | जरातीत | ॐ जरातीताय नमः। | Om Jaratitaya Namah. | जो वृद्धावस्था और क्षय से पूर्णतः परे हैं। |
| 662 | जपप्रिय | ॐ जपप्रियाय नमः। | Om Japapriyaya Namah. | जो मंत्रजप और नामस्मरण से अत्यन्त प्रसन्न होते हैं। |
| 663 | जपाकुसुमसङ्काश | ॐ जपाकुसुमसङ्काशाय नमः। | Om Japakusumasankashaya Namah. | जिनकी आभा जपा पुष्प के समान लाल और तेजस्वी है। |
| 664 | जनपाल | ॐ जनपालाय नमः। | Om Janapalaya Namah. | जो समस्त प्राणियों और भक्तों के रक्षक हैं। |
| 665 | जलेश्वर | ॐ जलेश्वराय नमः। | Om Jaleshvaraya Namah. | जो जलतत्त्व और जल से संबंधित शक्तियों के स्वामी हैं। |
| 666 | जालन्धरधर | ॐ जालन्धरधराय नमः। | Om Jalandharadharaya Namah. | जो जालन्धर से संबंधित दिव्य शक्ति को धारण करने वाले हैं। |
| 667 | जालिन् | ॐ जालिने नमः। | Om Jaline Namah. | जो अपनी दिव्य शक्ति से सभी दिशाओं को आवृत करने वाले हैं। |
| 668 | जालन्धरनिसूदन | ॐ जालन्धरनिसूदनाय नमः। | Om Jalandharanisudanaya Namah. | जो जालन्धर नामक दुष्ट शक्ति का संहार करने वाले हैं। |
| 669 | जाज्वल्यमानतेजस् | ॐ जाज्वल्यमानतेजसे नमः। | Om Jajvalyamantejase Namah. | जिनका तेज निरन्तर प्रज्वलित और अत्यन्त दिव्य है। |
| 670 | जगतीश | ॐ जगतीशाय नमः। | Om Jagatishaya Namah. | जो सम्पूर्ण जगत के परम स्वामी हैं। |
| 671 | जनातिग | ॐ जनातिगाय नमः। | Om Janatigaya Namah. | जो समस्त जीवों और उनकी सीमाओं से परे हैं। |
| 672 | जम्बारातिप्रिय | ॐ जम्बारातिप्रियाय नमः। | Om Jambaratipriyaya Namah. | जो जम्बारि और दिव्य शक्तियों के प्रिय हैं। |
| 673 | जम्बूप्रसूनाभरण | ॐ जम्बूप्रसूनाभरणाय नमः। | Om Jambup rasunabharanaya Namah. | जो जम्बू पुष्पों के दिव्य अलंकार से सुशोभित हैं। |
| 674 | जटिन् | ॐ जटिने नमः। | Om Jatine Namah. | जो जटाधारी तपस्वी स्वरूप में विराजमान हैं। |
| 675 | जाबालवेशप्रच्छन्न | ॐ जाबालवेशप्रच्छन्नाय नमः। | Om Jabalaveshaprachhannaya Namah. | जो जाबाल मुनि के समान तपस्वी वेश में प्रकट होने वाले हैं। |
| 676 | जजशालिन् | ॐ जजशालिने नमः। | Om Jajashaline Namah. | जो यज्ञ और पवित्र कर्मों की दिव्य शक्ति से युक्त हैं। |
| 677 | जटापह | ॐ जटापहाय नमः। | Om Jatapahaya Namah. | जो जड़ता और अज्ञान के बंधनों को दूर करने वाले हैं। |
| 678 | जाड्यघ्न | ॐ जाड्यघ्ने नमः। | Om Jadyaghne Namah. | जो जड़ता, आलस्य और अज्ञान का नाश करने वाले हैं। |
| 679 | जङ्गलवासिन् | ॐ जङ्गलवासिने नमः। | Om Jangalavasine Namah. | जो वन और प्राकृतिक तपोभूमियों में निवास करने वाले हैं। |
| 680 | नृणां जन्मसाफल्यद | ॐ नृणां जन्मसाफल्यदाय नमः। | Om Nrinam Janmasaphalyadaya Namah. | जो मनुष्यों के जीवन और जन्म को सार्थक करने वाले हैं। |
| 681 | जवन | ॐ जवनाय नमः। | Om Javanaya Namah. | जो अत्यन्त तीव्र गति और शक्ति से युक्त हैं। |
| 682 | जीन | ॐ जीनाय नमः। | Om Jinaya Namah. | जो विजयी और सभी बाधाओं पर विजय पाने वाले हैं। |
| 683 | जीवप्राणद | ॐ जीवप्राणदाय नमः। | Om Jivapranadaya Namah. | जो समस्त जीवों को प्राण और जीवनशक्ति प्रदान करते हैं। |
| 684 | जपतांवर | ॐ जपतांवराय नमः। | Om Japatamvaraya Namah. | जो जप करने वाले भक्तों में श्रेष्ठ और उनके प्रिय हैं। |
| 685 | जल्पाक | ॐ जल्पाकाय नमः। | Om Jalpakaya Namah. | जो दिव्य वाणी और पवित्र शब्दों के स्वरूप हैं। |
| 686 | जनजन्मादि | ॐ जनजन्मादये नमः। | Om Janajanmadaye Namah. | जो जीवों के जन्म और जीवनचक्र के मूल कारण हैं। |
| 687 | जलध्याश्रय | ॐ जलध्याश्रयाय नमः। | Om Jaladhyashrayaya Namah. | जो जल और समुद्र के समान व्यापक आश्रय हैं। |
| 688 | जलद | ॐ जलदाय नमः। | Om Jaladaya Namah. | जो मेघ के समान जीवनदायी कृपा और जल प्रदान करते हैं। |
| 689 | जर्जरीवाद्यरत | ॐ जर्जरीवाद्यरताय नमः। | Om Jarjarivadyarataya Namah. | जो पवित्र वाद्य और मंगलमय संगीत में रमण करते हैं। |
| 690 | झङ्कार | ॐ झङ्काराय नमः। | Om Jhankaraya Namah. | जो दिव्य नाद और मधुर झंकार के स्वरूप हैं। |
| 691 | झरप्रवाहिन् | ॐ झरप्रवाहिने नमः। | Om Jharapravahine Namah. | जो झरने की धारा के समान निरन्तर प्रवाहित होते हैं। |
| 692 | ढक्काढ्य | ॐ ढक्काढ्याय नमः। | Om Dhakkadhyaya Namah. | जो ढक्का आदि दिव्य वाद्यों की मंगलध्वनि से सुशोभित हैं। |
| 693 | ढणात्कारप्रिय | ॐ ढणात्कारप्रियाय नमः। | Om Dhanatkarapriyaya Namah. | जो दिव्य वाद्यों की गम्भीर ध्वनि से प्रसन्न होते हैं। |
| 694 | बन्धुर | ॐ बन्धुराय नमः। | Om Bandhuraya Namah. | जो सुंदर, मनोहर और आकर्षक दिव्य स्वरूप वाले हैं। |
| 695 | बन्धुराङ्ग | ॐ बन्धुराङ्गाय नमः। | Om Bandhurangaya Namah. | जिनके दिव्य अंग अत्यन्त सुंदर और मनोहर हैं। |
| 696 | बन्धुमोचनतत्पर | ॐ बन्धुमोचनतत्पराय नमः। | Om Bandhumochanatatparaya Namah. | जो अपने भक्तों को सभी बंधनों से मुक्त करने में तत्पर रहते हैं। |
| 697 | बालखिल्याग्रणी | ॐ बालखिल्याग्रणये नमः। | Om Balakhilyagranaye Namah. | जो बालखिल्य ऋषियों के भी अग्रणी और पूजनीय हैं। |
| 698 | बन्धुप्रिय | ॐ बन्धुप्रियाय नमः। | Om Bandhupriyaya Namah. | जो भक्तों और सभी जीवों को अपने प्रिय संबंधी के समान मानते हैं। |
| 699 | वधरसंश्रयिन् | ॐ वधरसंश्रयिणे नमः। | Om Vadhar ashamshrayine Namah. | जो दिव्य शक्ति और संरक्षण के आश्रयस्वरूप हैं। |
| 700 | बलिप्रिय | ॐ बलिप्रियाय नमः। | Om Balipriyaya Namah. | जो श्रद्धापूर्वक अर्पित बलि और भक्तिपूर्ण समर्पण से प्रसन्न होते हैं। |