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हरि ॐ तत्सत्
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Sahasranamavali of Lord Kalabhairava

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✦ AI Summary
1 भैरव ॐ भैरवाय नमः। Om Bhairavaya Namah. जो भयरहित और भय का नाश करने वाले हैं। 2 भूतनाथ ॐ भूतनाथाय नमः। Om Bhutanathaya Namah. जो समस्त भूतों और प्राणियों के स्वामी हैं। 3 भूतात्मा ॐ भूतात्मने नमः। Om Bhutatmane Namah. जो सभी प्राणियों की आत्मा के स्वरूप हैं। 4 भूतभावन ॐ भूतभावनाय नमः। Om Bhutabhavanaya Namah. जो समस्त प्राणियों...
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1 भैरव ॐ भैरवाय नमः। Om Bhairavaya Namah. जो भयरहित और भय का नाश करने वाले हैं।
2 भूतनाथ ॐ भूतनाथाय नमः। Om Bhutanathaya Namah. जो समस्त भूतों और प्राणियों के स्वामी हैं।
3 भूतात्मा ॐ भूतात्मने नमः। Om Bhutatmane Namah. जो सभी प्राणियों की आत्मा के स्वरूप हैं।
4 भूतभावन ॐ भूतभावनाय नमः। Om Bhutabhavanaya Namah. जो समस्त प्राणियों का पालन और पोषण करते हैं।
5 भूतवास ॐ भूतवासाय नमः। Om Bhutavasaya Namah. जो समस्त प्राणियों में निवास करते हैं।
6 भूतदूत ॐ भूतदूताय नमः। Om Bhutadutaya Namah. जो भूतगणों के दिव्य दूत और स्वामी हैं।
7 भूरिश ॐ भूरिशाय नमः। Om Bhurishaya Namah. जो महान और अत्यन्त शक्तिशाली हैं।
8 भूरिदक्षिण ॐ भूरिदक्षिणाय नमः। Om Bhuridakshinaya Namah. जो अत्यन्त उदार और विशाल दान देने वाले हैं।
9 भूताध्यक्ष ॐ भूताध्यक्षाय नमः। Om Bhutadhyakshaya Namah. जो सभी भूतों और प्राणियों के अधिपति हैं।
10 भूतपति ॐ भूतपतये नमः। Om Bhutapataye Namah. जो समस्त भूतों के परम स्वामी हैं।
11 भूधर ॐ भूधराय नमः। Om Bhudharaya Namah. जो पृथ्वी को धारण करने वाले हैं।
12 भूधरात्मज ॐ भूधरात्मजाय नमः। Om Bhudharatmajaya Namah. जो पर्वतराज की शक्ति और दिव्य पुत्रस्वरूप हैं।
13 भूपति ॐ भूपतये नमः। Om Bhupataye Namah. जो पृथ्वी और समस्त भूमण्डल के स्वामी हैं।
14 भास्कर ॐ भास्कराय नमः। Om Bhaskaraya Namah. जो सूर्य के समान प्रकाश प्रदान करने वाले हैं।
15 भीरव ॐ भीरवे नमः। Om Bhirave Namah. जो अत्यन्त उग्र और प्रभावशाली स्वरूप वाले हैं।
16 भीम ॐ भीमाय नमः। Om Bhimaya Namah. जो अत्यन्त भयंकर और पराक्रमी हैं।
17 भूमि ॐ भूमये नमः। Om Bhumaye Namah. जो पृथ्वी के समान धैर्य और आधार प्रदान करते हैं।
18 विभूतिद ॐ विभूतिदाय नमः। Om Vibhutidaya Namah. जो भक्तों को दिव्य विभूति और ऐश्वर्य प्रदान करते हैं।
19 भूत ॐ भूताय नमः। Om Bhutaya Namah. जो स्वयं समस्त अस्तित्व और प्राणियों के स्वरूप हैं।
20 भूकम्पन ॐ भूकम्पनाय नमः। Om Bhukampanaya Namah. जिनकी शक्ति से पृथ्वी भी कम्पित हो जाती है।
21 भूमिनामन् ॐ भूमिनाम्ने नमः। Om Bhuminamne Namah. जो पृथ्वी के पवित्र नाम और स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
22 भूताभिभावक ॐ भूताभिभावकाय नमः। Om Bhutabhibhavakaya Namah. जो सभी भूतों और नकारात्मक शक्तियों पर विजय पाने वाले हैं।
23 भगनेत्र ॐ भगनेत्राय नमः। Om Bhaganetraya Namah. जिनका तेजस्वी स्वरूप दिव्य दृष्टि से युक्त है।
24 भव ॐ भवाय नमः। Om Bhavaya Namah. जो समस्त संसार की उत्पत्ति के कारण हैं।
25 भोक्तृ ॐ भोक्त्रे नमः। Om Bhoktre Namah. जो समस्त यज्ञ और कर्मों के परम भोक्ता हैं।
26 भूदेव ॐ भूदेवाय नमः। Om Bhudevaya Namah. जो पृथ्वी पर देवस्वरूप और पूजनीय हैं।
27 भगवत् ॐ भगवते नमः। Om Bhagavate Namah. जो समस्त दिव्य गुणों और ऐश्वर्य से सम्पन्न हैं।
28 रथिन् ॐ रथिने नमः। Om Rathine Namah. जो दिव्य रथ पर आरूढ़ होकर विचरण करते हैं।
29 भ्राजिष्णु ॐ भ्राजिष्णवे नमः। Om Bhrajishnave Namah. जो अत्यन्त तेजस्वी और प्रकाशमान हैं।
30 भोजन ॐ भोजनाय नमः। Om Bhojanaya Namah. जो जीवन के पोषण और आहार के स्वरूप हैं।
31 भोक्तृ ॐ भोक्त्रे नमः। Om Bhoktre Namah. जो सभी कर्मों के परम भोक्ता हैं।
32 भिक्षाभुक् ॐ भिक्षाभुजे नमः। Om Bhikshabhuje Namah. जो भिक्षा ग्रहण करने वाले तपस्वी स्वरूप हैं।
33 भोजनप्रिय ॐ भोजनप्रियाय नमः। Om Bhojanapriyaya Namah. जो भक्तों द्वारा अर्पित भोग को प्रेमपूर्वक स्वीकार करते हैं।
34 भूतिमय ॐ भूतिमयाय नमः। Om Bhutimayaya Namah. जो दिव्य विभूति और ऐश्वर्य से परिपूर्ण हैं।
35 भृङ्गिरिटि ॐ भृङ्गिरिटिने नमः। Om Bhringiritine Namah. जो भृङ्गिरिटि के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
36 भक्तसाधितविग्रह ॐ भक्तसाधितविग्रहाय नमः। Om Bhaktasadhitavigrahaya Namah. जो भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर अपना स्वरूप प्रकट करते हैं।
37 भूतचारिन् ॐ भूतचारिणे नमः। Om Bhutacharine Namah. जो भूतगणों के बीच विचरण करते हैं।
38 निशाचारिन् ॐ निशाचारिणे नमः। Om Nishacharine Namah. जो रात्रि में विचरण करने वाले दिव्य रक्षक हैं।
39 प्रेतचारिन् ॐ प्रेतचारिणे नमः। Om Pretacharine Namah. जो प्रेतगणों के बीच विचरण करने वाले हैं।
40 भयानक ॐ भयानकाय नमः। Om Bhayanakaya Namah. जो दुष्ट शक्तियों के लिए अत्यन्त भयावह हैं।
41 भवात्मा ॐ भवात्मने नमः। Om Bhavatmane Namah. जो समस्त भव और संसार की आत्मा हैं।
42 भूर्भुवोलक्ष्मी ॐ भूर्भुवोलक्ष्म्यै नमः। Om Bhurbhuvolakshmyai Namah. जो भूः और भुवः लोकों की दिव्य लक्ष्मीस्वरूप शक्ति हैं।
43 भूतिमत् ॐ भूतिमते नमः। Om Bhutimate Namah. जो दिव्य विभूति और महान ऐश्वर्य से युक्त हैं।
44 भवविक्रम ॐ भवविक्रमाय नमः। Om Bhavavikramaya Namah. जो संसार में महान पराक्रम करने वाले हैं।
45 पद्मगर्भ ॐ पद्मगर्भाय नमः। Om Padmagarbhaya Namah. जिनका दिव्य स्वरूप कमल के समान पवित्र है।
46 महागर्भ ॐ महागर्भाय नमः। Om Mahagarbhaya Namah. जो समस्त सृष्टि को अपने भीतर धारण करते हैं।
47 विश्वगर्भ ॐ विश्वगर्भाय नमः। Om Vishvagarbhaya Namah. जो सम्पूर्ण विश्व को अपने गर्भ में धारण करते हैं।
48 भुव ॐ भुवे नमः। Om Bhuve Namah. जो समस्त अस्तित्व और जीवन के आधार हैं।
49 अभुव ॐ अभुवे नमः। Om Abhuve Namah. जो सामान्य भौतिक अस्तित्व से परे हैं।
50 भूतत्व ॐ भूतत्वाय नमः। Om Bhutatvaya Namah. जो समस्त भूततत्त्व के मूल स्वरूप हैं।
51 भुवनाधीश ॐ भुवनाधीशाय नमः। Om Bhuvanadhishaya Namah. जो सभी लोकों के परम अधिपति हैं।
52 भूतिकृत् ॐ भूतिकृते नमः। Om Bhutikrite Namah. जो समृद्धि, कल्याण और ऐश्वर्य प्रदान करते हैं।
53 भ्रान्तिनाशन ॐ भ्रान्तिनाशनाय नमः। Om Bhrantinashanaya Namah. जो अज्ञान, भ्रम और मोह का नाश करते हैं।
54 भूतिभूषितसर्वाङ्ग ॐ भूतिभूषितसर्वाङ्गाय नमः। Om Bhutibhushitasarvangaya Namah. जिनके समस्त अंग पवित्र विभूति से सुशोभित हैं।
55 भूशय ॐ भूशयाय नमः। Om Bhushayaya Namah. जो पृथ्वी को अपना आधार और शयनस्थान बनाते हैं।
56 भूतवाहन ॐ भूतवाहनाय नमः। Om Bhutavahanaya Namah. जो भूतगणों को अपने साथ लेकर विचरण करते हैं।
57 क्षेत्रज्ञ ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः। Om Kshetrajnaya Namah. जो शरीर और समस्त क्षेत्र के ज्ञाता हैं।
58 भुवनाधीश ॐ भुवनाधीशाय नमः। Om Bhuvanadhishaya Namah. जो समस्त भुवनों और लोकों के स्वामी हैं।
59 भूतिद ॐ भूतिदाय नमः। Om Bhutidaya Namah. जो भक्तों को समृद्धि और कल्याण प्रदान करते हैं।
60 भूतिमत् ॐ भूतिमते नमः। Om Bhutimate Namah. जो दिव्य विभूति और ऐश्वर्य से सम्पन्न हैं।
61 प्रभु ॐ प्रभवे नमः। Om Prabhave Namah. जो सर्वशक्तिमान और परम स्वामी हैं।
62 क्षेत्रज्ञ ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः। Om Kshetrajnaya Namah. जो प्रत्येक शरीर और क्षेत्र के परम ज्ञाता हैं।
63 क्षेत्रपाल ॐ क्षेत्रपालाय नमः। Om Kshetrapalaya Namah. जो पवित्र क्षेत्रों और तीर्थस्थलों के रक्षक हैं।
64 क्षेत्रविघ्ननिवारण ॐ क्षेत्रविघ्ननिवारणाय नमः। Om Kshetravighnanivaranaya Namah. जो पवित्र क्षेत्रों की सभी बाधाओं को दूर करते हैं।
65 क्षान्त ॐ क्षान्ताय नमः। Om Kshantaya Namah. जो क्षमाशील और धैर्यवान हैं।
66 क्षुद्र ॐ क्षुद्राय नमः। Om Kshudraya Namah. जो सूक्ष्म से सूक्ष्म रूप में भी सर्वत्र विद्यमान हैं।
67 क्षेत्रप ॐ क्षेत्रपाय नमः। Om Kshetrapaya Namah. जो सभी पवित्र क्षेत्रों के संरक्षक हैं।
68 क्षुद्रघ्न ॐ क्षुद्रघ्नाय नमः। Om Kshudraghnaya Namah. जो तुच्छ और नकारात्मक शक्तियों का नाश करते हैं।
69 क्षत्रप ॐ क्षत्रपाय नमः। Om Kshatrapaya Namah. जो रक्षक और शासन करने वाले अधिपति हैं।
70 क्षमिन् ॐ क्षमिणे नमः। Om Kshamine Namah. जो क्षमा और सहनशीलता के स्वरूप हैं।
71 क्षोभण ॐ क्षोभणाय नमः। Om Kshobhanaya Namah. जो दुष्ट शक्तियों को विचलित और पराजित करते हैं।
72 मारण ॐ मारणाय नमः। Om Maranaya Namah. जो अधर्म और दुष्ट शक्तियों का विनाश करते हैं।
73 स्तम्भन ॐ स्तम्भनाय नमः। Om Stambhanaya Namah. जो नकारात्मक शक्तियों की गति को रोकने वाले हैं।
74 मोहन ॐ मोहनाय नमः। Om Mohanaya Namah. जो अपनी दिव्य शक्ति से मन को आकर्षित करते हैं।
75 नमन ॐ नमनाय नमः। Om Namanaya Namah. जो भक्तों के प्रणाम और समर्पण को स्वीकार करते हैं।
76 वशिन् ॐ वशिने नमः। Om Vashine Namah. जो समस्त शक्तियों को अपने नियंत्रण में रखने वाले हैं।
77 क्षपण ॐ क्षपणाय नमः। Om Kshapanaya Namah. जो पाप और नकारात्मकता का क्षय करने वाले हैं।
78 क्षान्तिद ॐ क्षान्तिदाय नमः। Om Kshantidaya Namah. जो क्षमा और शान्ति प्रदान करते हैं।
79 क्षाम ॐ क्षामाय नमः। Om Kshamaya Namah. जो तपस्या और संयम के दिव्य स्वरूप हैं।
80 क्षमिन् ॐ क्षमिणे नमः। Om Kshamine Namah. जो परम क्षमाशील और सहनशील हैं।
81 क्षेत्रधर ॐ क्षेत्रधराय नमः। Om Kshetradharaya Namah. जो पवित्र क्षेत्रों और संसार का आधार धारण करते हैं।
82 क्षर ॐ क्षराय नमः। Om Ksharaya Namah. जो परिवर्तनशील जगत में भी सर्वत्र विद्यमान हैं।
83 कङ्काल ॐ कङ्कालाय नमः। Om Kankalaya Namah. जो कंकाल धारण करने वाले उग्र भैरव स्वरूप हैं।
84 कालशमन ॐ कालशमनाय नमः। Om Kalashamanaya Namah. जो काल और मृत्यु के भय को शांत करने वाले हैं।
85 कलाकाष्ठा ॐ कलाकाष्ठायै नमः। Om Kalakashthayai Namah. जो समय की सूक्ष्म इकाइयों के भी अधिपति हैं।
86 कलानिधि ॐ कलानिधये नमः। Om Kalanidhaye Namah. जो समस्त कलाओं और शक्तियों के भण्डार हैं।
87 काल ॐ कालाय नमः। Om Kalaya Namah. जो स्वयं काल और समय के परम स्वरूप हैं।
88 कराल ॐ करालाय नमः। Om Karalaya Namah. जो अत्यन्त उग्र और भयंकर स्वरूप वाले हैं।
89 कङ्कालिन् ॐ कङ्कालिने नमः। Om Kankaline Namah. जो कंकाल धारण करने वाले उग्र स्वरूप हैं।
90 कमनीय ॐ कमनीयाय नमः। Om Kamaniyaya Namah. जो भक्तों के लिए अत्यन्त मनोहर और प्रिय हैं।
91 कलानिधि ॐ कलानिधये नमः। Om Kalanidhaye Namah. जो समस्त दिव्य कलाओं के भण्डार हैं।
92 काल ॐ कालाय नमः। Om Kalaya Namah. जो सम्पूर्ण समय और काल के अधिपति हैं।
93 कालाकृति ॐ कालाकृतये नमः। Om Kalakritaye Namah. जिनका स्वरूप स्वयं काल की दिव्य अभिव्यक्ति है।
94 वायु ॐ वायवे नमः। Om Vayave Namah. जो वायु और प्राणशक्ति के स्वरूप हैं।
95 कपर्दिन् ॐ कपर्दिने नमः। Om Kapardine Namah. जो जटाधारी दिव्य स्वरूप वाले हैं।
96 कामशासन ॐ कामशासनाय नमः। Om Kamashasanaya Namah. जो कामनाओं और इन्द्रियों पर नियंत्रण रखने वाले हैं।
97 कुबेरबन्धु ॐ कुबेरबन्धवे नमः। Om Kuberabandhave Namah. जो धनपति कुबेर के दिव्य सम्बन्धी और हितैषी हैं।
98 कामात्मा ॐ कामात्मने नमः। Om Kamatmane Namah. जो दिव्य इच्छा और संकल्प की आत्मशक्ति हैं।
99 कर्णिकारप्रिय ॐ कर्णिकारप्रियाय नमः। Om Karnikarapriyaya Namah. जिन्हें कर्णिकार पुष्प अत्यन्त प्रिय हैं।
100 कपि ॐ कपये नमः। Om Kapaye Namah. जो दिव्य शक्ति और चेतना के विशेष स्वरूप हैं।
101 कामदेव ॐ कामदेवाय नमः। Om Kamadevaya Namah. जो दिव्य प्रेम और कामशक्ति के अधिपति हैं।
102 कामपाल ॐ कामपालाय नमः। Om Kamapalaya Namah. जो भक्तों की शुभ कामनाओं की रक्षा और पूर्ति करते हैं।
103 कामिन् ॐ कामिने नमः। Om Kamine Namah. जो दिव्य इच्छाशक्ति से सम्पन्न हैं।
104 कान्त ॐ कान्ताय नमः। Om Kantaya Namah. जो अत्यन्त मनोहर और आकर्षक स्वरूप वाले हैं।
105 कृतागम ॐ कृतागमाय नमः। Om Kritagamaya Namah. जो आगम शास्त्रों के ज्ञाता और प्रतिष्ठापक हैं।
106 कल्याणप्रकृति ॐ कल्याणप्रकृतये नमः। Om Kalyanaprakritaye Namah. जिनका स्वभाव कल्याण और मंगल प्रदान करना है।
107 कल्प ॐ कल्पाय नमः। Om Kalpaya Namah. जो दिव्य व्यवस्था और कल्प के स्वरूप हैं।
108 कल्पादि ॐ कल्पादये नमः। Om Kalpadaye Namah. जो कल्पों की आदि और मूल शक्ति हैं।
109 कमलेक्षण ॐ कमलेक्षणाय नमः। Om Kamalekshanaya Namah. जिनके नेत्र कमल के समान सुन्दर हैं।
110 कमण्डलुधर ॐ कमण्डलुधराय नमः। Om Kamandaludharaya Namah. जो कमण्डलु धारण करने वाले तपस्वी स्वरूप हैं।
111 केतु ॐ केतवे नमः। Om Ketave Namah. जो दिव्य संकेत और प्रकाश के स्वरूप हैं।
112 कालयोगी ॐ कालयोगिने नमः। Om Kalayogine Namah. जो काल और योग के परम ज्ञाता हैं।
113 अकल्मष ॐ अकल्मषाय नमः। Om Akalmashaya Namah. जो सभी पाप और दोषों से रहित हैं।
114 करण ॐ करणाय नमः। Om Karanaya Namah. जो समस्त कर्मों के साधन और कारण हैं।
115 कारण ॐ कारणाय नमः। Om Karanaya Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि के मूल कारण हैं।
116 कर्ता ॐ कर्त्रे नमः। Om Kartre Namah. जो समस्त सृष्टि और कर्मों के कर्ता हैं।
117 कैलासपति ॐ कैलासपतये नमः। Om Kailasapataye Namah. जो कैलास के परम स्वामी हैं।
118 ईश्वर ॐ ईश्वराय नमः। Om Ishvaraya Namah. जो परमेश्वर और समस्त जगत के स्वामी हैं।
119 कामभू ॐ कामभुवे नमः। Om Kamabhuve Namah. जो दिव्य इच्छा और संकल्प से प्रकट होने वाले हैं।
120 कामद ॐ कामदाय नमः। Om Kamadaya Namah. जो भक्तों की शुभ इच्छाओं को पूर्ण करते हैं।
121 अचिन्त्य ॐ अचिन्त्याय नमः। Om Achintyaya Namah. जो मन और विचारों से परे हैं।
122 किरीटी ॐ किरीटिने नमः। Om Kiritine Namah. जो दिव्य मुकुट धारण करने वाले हैं।
123 कौशिक ॐ कौशिकाय नमः। Om Kaushikaya Namah. जो कौशिक नाम और दिव्य परम्परा से सम्बद्ध हैं।
124 कपिल ॐ कपिलाय नमः। Om Kapilaya Namah. जो ज्ञान और तप के तेजस्वी स्वरूप हैं।
125 कुशल ॐ कुशलाय नमः। Om Kushalaya Namah. जो कुशलता और मंगल प्रदान करने वाले हैं।
126 कर्ता ॐ कर्त्रे नमः। Om Kartre Namah. जो सभी शुभ कर्मों के परम कर्ता हैं।
127 कुमार ॐ कुमाराय नमः। Om Kumaraya Namah. जो सदैव युवा और दिव्य कुमार स्वरूप वाले हैं।
128 कपट ॐ कपटाय नमः। Om Kapataya Namah. जो मायावी शक्तियों को नियंत्रित करने वाले हैं।
129 क्षम ॐ क्षमाय नमः। Om Kshamaya Namah. जो क्षमा और सहनशीलता के स्वरूप हैं।
130 कलाद्यदृश ॐ कलाद्यदृशे नमः। Om Kaladyadrishe Namah. जो समस्त कलाओं और सूक्ष्म तत्त्वों के ज्ञाता हैं।
131 कलाधार ॐ कलाधाराय नमः। Om Kaladharaya Namah. जो समस्त कलाओं के आधार हैं।
132 कपालकण्ठ ॐ कपालकण्ठाय नमः। Om Kapalakanthaya Namah. जिनका कण्ठ कपालमाला से सुशोभित है।
133 कपालभृत् ॐ कपालभृते नमः। Om Kapalabhrite Namah. जो कपाल धारण करने वाले उग्र भैरव हैं।
134 कैलासशिखरावास ॐ कैलासशिखरावासाय नमः। Om Kailasashikharavasaya Namah. जो कैलास पर्वत के शिखर पर निवास करते हैं।
135 कुबेर ॐ कुबेराय नमः। Om Kuberaya Namah. जो धन और समृद्धि के अधिपति स्वरूप हैं।
136 कीर्तिभूषण ॐ कीर्तिभूषणाय नमः। Om Kirtibhushanaya Namah. जिनकी कीर्ति ही उनका दिव्य आभूषण है।
137 कालज्ञानी ॐ कालज्ञानिने नमः। Om Kalajnanine Namah. जो काल के रहस्य और समय को जानते हैं।
138 कलावास ॐ कलावासाय नमः। Om Kalavasaya Namah. जो समस्त दिव्य कलाओं में निवास करते हैं।
139 कोपित ॐ कोपिताय नमः। Om Kopitaya Namah. जो अधर्म के विरुद्ध उग्र स्वरूप धारण करते हैं।
140 कान्तविग्रह ॐ कान्तविग्रहाय नमः। Om Kantavigrahaya Namah. जिनका दिव्य विग्रह अत्यन्त मनोहर है।
141 कवची ॐ कवचिने नमः। Om Kavachine Namah. जो दिव्य कवच से सुरक्षित और रक्षक स्वरूप हैं।
142 कण्टकी ॐ कण्टकिने नमः। Om Kantakine Namah. जो दुष्ट शक्तियों के लिए कांटे के समान कठोर हैं।
143 कार्यकोविदविक्रम ॐ कार्यकोविदविक्रमाय नमः। Om Karyakovidavikramaya Namah. जो सभी कार्यों में कुशल और महान पराक्रमी हैं।
144 कालभक्ष ॐ कालभक्षाय नमः। Om Kalabhakshaya Namah. जो स्वयं काल का भी भक्षण करने वाले हैं।
145 कलंकारिन् ॐ कलंकारिणे नमः। Om Kalankarini Namah. जो दिव्य काल और शक्ति की व्यवस्था करने वाले हैं।
146 किङ्किणीकृतवासुकि ॐ किङ्किणीकृतवासुकये नमः। Om Kinkinikritavasukaye Namah. जो वासुकि नाग को दिव्य आभूषण के समान धारण करते हैं।
147 गणेश्वर ॐ गणेश्वराय नमः। Om Ganeshvaraya Namah. जो समस्त गणों के परम स्वामी हैं।
148 गौरीश ॐ गौरीशाय नमः। Om Gaurishaya Namah. जो माता गौरी के स्वामी हैं।
149 गिरीश ॐ गिरीशाय नमः। Om Girishaya Namah. जो पर्वतों के परम स्वामी हैं।
150 गिरिबाधक ॐ गिरिबाधकाय नमः। Om Giribadhakaya Namah. जो बाधाओं को दूर करने वाले और शक्तिशाली हैं।
151 गिरिधन्वन् ॐ गिरिधन्वने नमः। Om Giridhanvane Namah. जो महान धनुष धारण करने वाले हैं।
152 गुह ॐ गुहाय नमः। Om Guhaya Namah. जो गूढ़ और रहस्यमय दिव्य तत्त्व के स्वरूप हैं।
153 गोप्ता ॐ गोप्त्रे नमः। Om Goptre Namah. जो समस्त भक्तों और जगत की रक्षा करते हैं।
154 गुणराशि ॐ गुणराशये नमः। Om Gunarashaye Namah. जो अनन्त दिव्य गुणों के भण्डार हैं।
155 गुणाकर ॐ गुणाकराय नमः। Om Gunakaraya Namah. जो सभी श्रेष्ठ गुणों के स्रोत हैं।
156 गम्भीर ॐ गम्भीराय नमः। Om Gambhiraya Namah. जो अत्यन्त गम्भीर और अगाध स्वरूप वाले हैं।
157 गहन ॐ गहनाय नमः। Om Gahanaya Namah. जो अत्यन्त गूढ़ और समझ से परे हैं।
158 गोप्ता ॐ गोप्त्रे नमः। Om Goptre Namah. जो भक्तों और समस्त प्राणियों के रक्षक हैं।
159 गायत्रीवल्लभ ॐ गायत्रीवल्लभाय नमः। Om Gayatrivallabhaya Namah. जो देवी गायत्री को प्रिय हैं।
160 गति ॐ गतये नमः। Om Gataye Namah. जो सभी जीवों के परम लक्ष्य और आश्रय हैं।
161 ग्रीष्म ॐ ग्रीष्माय नमः। Om Grishmaya Namah. जो ग्रीष्म की उष्णता और तेज के स्वरूप हैं।
162 गृहपति ॐ गृहपतये नमः। Om Grihapataye Namah. जो गृह और परिवार के परम संरक्षक हैं।
163 गुप्त ॐ गुप्ताय नमः। Om Guptaya Namah. जो गुप्त और रहस्यमय दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
164 गेय ॐ गेयाय नमः। Om Geyaya Namah. जो स्तुति और भक्ति के गीतों द्वारा गाए जाते हैं।
165 गव्यपति ॐ गव्यपतये नमः। Om Gavyapataye Namah. जो गौ और पवित्र सम्पदा के स्वामी हैं।
166 अग ॐ अगाय नमः। Om Agaya Namah. जो अचल और स्थिर स्वरूप वाले हैं।
167 गणवाह ॐ गणवाहाय नमः। Om Ganavahaya Namah. जो गणों को अपने साथ लेकर विचरण करते हैं।
168 गुणग्राही ॐ गुणग्राहिणे नमः। Om Gunagrahine Namah. जो भक्तों के सद्गुणों को स्वीकार करने वाले हैं।
169 गणन ॐ गणनाय नमः। Om Gananaya Namah. जो समस्त गणना और व्यवस्था के ज्ञाता हैं।
170 गुणराशिमत् ॐ गुणराशिमते नमः। Om Gunarashimate Namah. जो अनन्त दिव्य गुणों से सम्पन्न हैं।
171 अग्रगामी ॐ अग्रगामिने नमः। Om Agragamine Namah. जो सदैव आगे बढ़ने और मार्गदर्शन करने वाले हैं।
172 ईश्वर ॐ ईश्वराय नमः। Om Ishvaraya Namah. जो परम स्वामी और सर्वशक्तिमान ईश्वर हैं।
173 अरोगी ॐ अरोगिणे नमः। Om Arogine Namah. जो रोग और पीड़ा से पूर्णतः रहित हैं।
174 खट्वाङ्गी ॐ खट्वाङ्गिने नमः। Om Khatvangine Namah. जो खट्वाङ्ग नामक दिव्य अस्त्र धारण करते हैं।
175 गगनालय ॐ गगनालयाय नमः। Om Gaganalayaya Namah. जिनका निवास आकाश के समान अनन्त है।
176 अमोघ ॐ अमोघाय नमः। Om Amoghaya Namah. जिनकी शक्ति और कृपा कभी निष्फल नहीं होती।
177 अमोघफलद ॐ अमोघफलदाय नमः। Om Amoghaphaladaya Namah. जो भक्तों को अमोघ और निश्चित फल प्रदान करते हैं।
178 घण्टार ॐ घण्टाराय नमः। Om Ghantaraya Namah. जो दिव्य घण्टा धारण करने वाले हैं।
179 घटकप्रिय ॐ घटकप्रियाय नमः। Om Ghatakapriyaya Namah. जो पवित्र पात्र और घट से सम्बन्धित पूजा से प्रसन्न होते हैं।
180 चन्द्रापीड ॐ चन्द्रापीडाय नमः। Om Chandrapidaya Namah. जिनके मस्तक पर चन्द्रमा सुशोभित है।
181 चन्द्रमौलि ॐ चन्द्रमौलये नमः। Om Chandramaulaye Namah. जो मस्तक पर चन्द्रमा धारण करने वाले हैं।
182 चित्रवेष ॐ चित्रवेषाय नमः। Om Chitraveshaya Namah. जो विविध और अद्भुत वेश धारण करने वाले हैं।
183 चिरन्तन ॐ चिरन्तनाय नमः। Om Chirantanaya Namah. जो सनातन और अनादि स्वरूप वाले हैं।
184 चित्तेशय ॐ चित्तेशयाय नमः। Om Chitteshayaya Namah. जो सभी प्राणियों के चित्त में निवास करते हैं।
185 चित्रबाहु ॐ चित्रबाहवे नमः। Om Chitrabahave Namah. जिनकी भुजाएँ दिव्य और अद्भुत स्वरूप वाली हैं।
186 अचल ॐ अचलाय नमः। Om Achalaya Namah. जो अचल, स्थिर और अडिग स्वरूप वाले हैं।
187 छिन्नसंशय ॐ छिन्नसंशयाय नमः। Om Chhinnasamshayaya Namah. जो भक्तों के सभी संशय और भ्रम को दूर करते हैं।
188 चतुर्वेद ॐ चतुर्वेदाय नमः। Om Chaturvedaya Namah. जो चारों वेदों के परम ज्ञाता हैं।
189 चतुर्बाहु ॐ चतुर्बाहवे नमः। Om Chaturbahave Namah. जो चार भुजाओं वाले दिव्य स्वरूप में विराजमान हैं।
190 चतुर ॐ चतुराय नमः। Om Chaturaya Namah. जो अत्यन्त बुद्धिमान, कुशल और विवेकी हैं।
191 चतुरप्रिय ॐ चतुरप्रियाय नमः। Om Chaturapriyaya Namah. जो बुद्धिमान और सद्गुणी भक्तों को प्रिय हैं।
192 चामुण्डाजनक ॐ चामुण्डाजनकाय नमः। Om Chamundajanakaya Namah. जो देवी चामुण्डा के दिव्य आधार और जनकस्वरूप हैं।
193 चण्ड ॐ चण्डाय नमः। Om Chandaya Namah. जो अत्यन्त उग्र और दुष्टों के लिए भयंकर हैं।
194 चल ॐ चलाय नमः। Om Chalaya Namah. जो गतिशील और सर्वत्र विचरण करने वाले हैं।
195 क्षणसञ्चल ॐ क्षणसञ्चलाय नमः। Om Kshanasanchalaya Namah. जो क्षणमात्र में अपनी दिव्य शक्ति का संचार करते हैं।
196 अचिन्त्यमहिमा ॐ अचिन्त्यमहिम्ने नमः। Om Achintyamahimne Namah. जिनकी महिमा असीम और मनुष्य की कल्पना से परे है।
197 अचिन्त्य ॐ अचिन्त्याय नमः। Om Achintyaya Namah. जो किसी भी विचार और कल्पना से परे हैं।
198 चराचरचरित्रग ॐ चराचरचरित्रगाय नमः। Om Characharacharitragaya Namah. जो चर और अचर समस्त जगत को जानने वाले हैं।
199 चन्द्रसञ्जीवन ॐ चन्द्रसञ्जीवनाय नमः। Om Chandrasanjivanaya Namah. जो चन्द्रमा के समान शीतलता और जीवन प्रदान करते हैं।
200 चित्र ॐ चित्राय नमः। Om Chitraya Namah. जो अद्भुत, विविध और विलक्षण दिव्य स्वरूप वाले हैं।
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201 उमाचार्य ॐ उमाचार्याय नमः। Om Umacharyaya Namah. जो देवी उमा के दिव्य आचार्य और मार्गदर्शक स्वरूप हैं।
202 चतुर्मुख ॐ चतुर्मुखाय नमः। Om Chaturmukhaya Namah. जो चार मुखों वाले दिव्य स्वरूप हैं।
203 ओजस्तेजोद्युतिधर ॐ ओजस्तेजोद्युतिधराय नमः। Om Ojastejodyutidharaya Namah. जो ओज, तेज और दिव्य प्रकाश को धारण करने वाले हैं।
204 जितकाम ॐ जितकामाय नमः। Om Jitakamaya Namah. जो कामनाओं और इन्द्रियों पर विजय पाने वाले हैं।
205 जनप्रिय ॐ जनप्रियाय नमः। Om Janapriyaya Namah. जो सभी भक्तों और लोगों को प्रिय हैं।
206 अजातशत्रु ॐ अजातशत्रवे नमः। Om Ajatashatrave Namah. जिनका कोई शत्रु नहीं है।
207 ओजस्विन् ॐ ओजस्विने नमः। Om Ojasvine Namah. जो महान ओज और शक्ति से सम्पन्न हैं।
208 जितकाल ॐ जितकालाय नमः। Om Jitakalaya Namah. जो काल और समय पर विजय रखने वाले हैं।
209 जगद्धित ॐ जगद्धिताय नमः। Om Jagaddhitaya Namah. जो सम्पूर्ण जगत का कल्याण करने वाले हैं।
210 जमदग्नि ॐ जमदग्नये नमः। Om Jamadagnaye Namah. जो ऋषि जमदग्नि के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
211 जलनिधि ॐ जलनिधये नमः। Om Jalanidhaye Namah. जो जल के विशाल भण्डार और समुद्र के स्वरूप हैं।
212 जटिल ॐ जटिलाय नमः। Om Jatilaya Namah. जो जटाधारी तपस्वी स्वरूप वाले हैं।
213 जीवितेश्वर ॐ जीवितेश्वराय नमः। Om Jiviteshvaraya Namah. जो समस्त जीवन के परम स्वामी हैं।
214 जनन ॐ जननाय नमः। Om Jananaya Namah. जो समस्त जीवों की उत्पत्ति के कारण हैं।
215 जनजन्मादि ॐ जनजन्मादये नमः। Om Janajanmadaye Namah. जो सभी प्राणियों के जन्म आदि के मूल कारण हैं।
216 अर्जुन ॐ अर्जुनाय नमः। Om Arjunaya Namah. जो उज्ज्वल, पवित्र और तेजस्वी स्वरूप वाले हैं।
217 जन्मविज्ञप्य ॐ जन्मविज्ञप्याय नमः। Om Janmavijnapyaya Namah. जो जन्म के रहस्य और उसके तत्त्व को प्रकट करने वाले हैं।
218 जन्माधिप ॐ जन्माधिपाय नमः। Om Janmadhipaya Namah. जो जन्म और जीवन के परम अधिपति हैं।
219 जटिन् ॐ जटिने नमः। Om Jatine Namah. जो जटाएँ धारण करने वाले तपस्वी हैं।
220 जन्मजरामृत्युभयापह ॐ जन्मजरामृत्युभयापहाय नमः। Om Janmajaramrityubhayapahaya Namah. जो जन्म, बुढ़ापे और मृत्यु के भय को दूर करते हैं।
221 जीवितान्तकर ॐ जीवितान्तकराय नमः। Om Jivitantakaraya Namah. जो जीवन के अंतिम क्षण के भी नियन्ता हैं।
222 ज्येष्ठ ॐ ज्येष्ठाय नमः। Om Jyeshthaya Namah. जो सबसे प्राचीन और श्रेष्ठ स्वरूप वाले हैं।
223 जगन्नाथ ॐ जगन्नाथाय नमः। Om Jagannathaya Namah. जो सम्पूर्ण जगत के परम स्वामी हैं।
224 जनेश्वर ॐ जनेश्वराय नमः। Om Janeshvaraya Namah. जो समस्त प्राणियों के ईश्वर हैं।
225 त्रिवर्गसाधन ॐ त्रिवर्गसाधनाय नमः। Om Trivargasadhanaya Namah. जो धर्म, अर्थ और काम की सिद्धि के साधन हैं।
226 तार्क्ष्य ॐ तार्क्ष्याय नमः। Om Tarkshyaya Namah. जो गरुड़ के समान शक्तिशाली और तीव्रगामी हैं।
227 तद्गुण ॐ तद्गुणाय नमः। Om Tadgunaya Namah. जो परम तत्त्व के दिव्य गुणों से युक्त हैं।
228 तन्तुवर्धन ॐ तन्तुवर्धनाय नमः। Om Tantuvardhanaya Namah. जो सृष्टि के जीवन-तन्तु को विकसित और विस्तृत करते हैं।
229 तपस्विन् ॐ तपस्विने नमः। Om Tapasvine Namah. जो महान तपस्या करने वाले हैं।
230 तारक ॐ तारकाय नमः। Om Tarakaya Namah. जो भक्तों को संसार-सागर से पार कराने वाले हैं।
231 तारा ॐ ताराय नमः। Om Taraya Namah. जो तारक शक्ति और मुक्ति के स्वरूप हैं।
232 तीव्र ॐ तीव्राय नमः। Om Tivraya Namah. जो अत्यन्त तीव्र शक्ति और तेज वाले हैं।
233 स्वात्मनिसंस्थित ॐ स्वात्मनिसंस्थिताय नमः। Om Svatmanisamsthitaya Namah. जो अपने परम आत्मस्वरूप में सदैव स्थित हैं।
234 तपन ॐ तपनाय नमः। Om Tapanaya Namah. जो अपने तेज से प्रकाशित और तप्त करने वाले हैं।
235 तापन ॐ तापनाय नमः। Om Tapanaya Namah. जो दुष्ट शक्तियों को अपने तेज से संतप्त करते हैं।
236 तुष्ट ॐ तुष्टाय नमः। Om Tushtaya Namah. जो सदैव प्रसन्न और संतुष्ट स्वरूप वाले हैं।
237 श्वानयोन ॐ श्वानयोनये नमः। Om Shvanayonaye Namah. जो श्वान को अपने दिव्य वाहन और स्वरूप से सम्बद्ध रखते हैं।
238 अतन्द्रित ॐ अतन्द्रिताय नमः। Om Atandritaya Namah. जो सदैव जागरूक और सावधान रहने वाले हैं।
239 उत्तमाङ्ग ॐ उत्तमाङ्गाय नमः। Om Uttamangaya Namah. जिनके सभी अंग अत्यन्त श्रेष्ठ और दिव्य हैं।
240 तिमिरघ्न ॐ तिमिरघ्ने नमः। Om Timiraghne Namah. जो अज्ञान और अंधकार का नाश करने वाले हैं।
241 व्रतिन् ॐ व्रतिने नमः। Om Vratine Namah. जो व्रत, संयम और तपस्या के स्वरूप हैं।
242 वेद ॐ वेदाय नमः। Om Vedaya Namah. जो स्वयं वेदों के ज्ञानस्वरूप हैं।
243 तनूनपात् ॐ तनूनपाते नमः। Om Tanunapate Namah. जो अग्नि के दिव्य और सूक्ष्म स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
244 अन्तर्हित ॐ अन्तर्हिताय नमः। Om Antarhitaya Namah. जो सबके भीतर गुप्त रूप से स्थित हैं।
245 तमिस्र ॐ तमिस्राय नमः। Om Tamisraya Namah. जो अंधकार और उसके पार स्थित दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
246 तेजस् ॐ तेजसे नमः। Om Tejase Namah. जो दिव्य तेज और प्रकाश के स्वरूप हैं।
247 तेजोमय ॐ तेजोमयाय नमः। Om Tejomayaya Namah. जो सम्पूर्ण रूप से दिव्य तेज से परिपूर्ण हैं।
248 स्तन्य ॐ स्तन्ये नमः। Om Stanye Namah. जो पोषण और जीवनदायी शक्ति के स्वरूप हैं।
249 तरुण ॐ तरुणाय नमः। Om Tarunaya Namah. जो सदैव युवा और नवीन ऊर्जा से सम्पन्न हैं।
250 अर्धकर ॐ अर्धकराय नमः। Om Ardhakaraya Namah. जो आधे रूप में भी दिव्य शक्ति की अभिव्यक्ति करते हैं।
251 तिग्म ॐ तिग्माय नमः। Om Tigmaya Namah. जो तीक्ष्ण, प्रखर और अत्यन्त तेजस्वी हैं।
252 तत्त्व ॐ तत्त्वाय नमः। Om Tattvaya Namah. जो परम सत्य और तत्त्व के स्वरूप हैं।
253 तत्त्वगृहेचर ॐ तत्त्वगृहेचराय नमः। Om Tattvagrihecharaya Namah. जो तत्त्व के दिव्य निवास में विचरण करने वाले हैं।
254 तेजोराशि ॐ तेजोराशये नमः। Om Tejorashaye Namah. जो दिव्य तेज और प्रकाश के विशाल भण्डार हैं।
255 शत्रुबाण ॐ शत्रुबाणाय नमः। Om Shatrubanaya Namah. जो शत्रुओं के विनाश के लिए बाण के समान प्रभावशाली हैं।
256 अतिथि ॐ अतिथये नमः। Om Atithaye Namah. जो अतिथि और पूजनीय आगन्तुक के दिव्य स्वरूप हैं।
257 अतिथिप्रिय ॐ अतिथिप्रियाय नमः। Om Atithipriyaya Namah. जो अतिथियों और भक्तों का सम्मान करने वाले हैं।
258 आत्मयोगशय ॐ आत्मयोगशयाय नमः। Om Atmayogashayaya Namah. जो आत्मयोग में स्थित और योगियों के आश्रय हैं।
259 व्यान ॐ व्यानाय नमः। Om Vyanaya Namah. जो व्यान प्राण और जीवनशक्ति के स्वरूप हैं।
260 तीर्थदेवमय ॐ तीर्थदेवमयाय नमः। Om Tirthadevamayaya Namah. जो सभी पवित्र तीर्थों में देवस्वरूप होकर स्थित हैं।
261 शिव ॐ शिवाय नमः। Om Shivaya Namah. जो मंगलमय, कल्याणकारी और परम शिवस्वरूप हैं।
262 स्थानद ॐ स्थानदाय नमः। Om Sthanadaya Namah. जो भक्तों को उचित स्थान और प्रतिष्ठा प्रदान करते हैं।
263 तपन ॐ तपनाय नमः। Om Tapanaya Namah. जो अपने दिव्य तेज से प्रकाशित करने वाले हैं।
264 स्थाणु ॐ स्थाणवे नमः। Om Sthanave Namah. जो अचल, स्थिर और शाश्वत स्वरूप वाले हैं।
265 स्थविष्ठ ॐ स्थविष्ठाय नमः। Om Sthavishthaya Namah. जो अत्यन्त विशाल और महान स्वरूप वाले हैं।
266 स्थविर ॐ स्थविराय नमः। Om Sthaviraya Namah. जो प्राचीन, सनातन और अत्यन्त स्थिर हैं।
267 त्रिलोकेश ॐ त्रिलोकेशाय नमः। Om Trilokeshaya Namah. जो तीनों लोकों के परम स्वामी हैं।
268 त्रिलोकात्मा ॐ त्रिलोकात्मने नमः। Om Trilokatmane Namah. जो तीनों लोकों की परम आत्मा हैं।
269 त्रिशूलिन् ॐ त्रिशूलिने नमः। Om Trishuline Namah. जो त्रिशूल धारण करने वाले हैं।
270 त्रिदिशाधिप ॐ त्रिदिशाधिपाय नमः। Om Tridishadhipaya Namah. जो तीनों दिशाओं के परम अधिपति हैं।
271 त्रिलोचन ॐ त्रिलोचनाय नमः। Om Trilochanaya Namah. जिनके तीन दिव्य नेत्र हैं।
272 त्रयीवेद्य ॐ त्रयीवेद्याय नमः। Om Trayivedyaya Namah. जो तीनों वेदों द्वारा ज्ञात और स्तुत किए जाते हैं।
273 त्रिर्वचःस्थ ॐ त्रिर्वचःस्थाय नमः। Om Trirvachahsthaya Namah. जो तीनों प्रकार की वाणी और ज्ञान में स्थित हैं।
274 त्रिवर्गद ॐ त्रिवर्गदाय नमः। Om Trivargadaya Namah. जो धर्म, अर्थ और काम की सिद्धि प्रदान करते हैं।
275 दूर ॐ दूराय नमः। Om Duraya Namah. जो संसार की सीमाओं और सामान्य समझ से परे हैं।
276 वादस्थानघ्न ॐ वादस्थानघ्नाय नमः। Om Vadasthanaghnaya Namah. जो विवाद और कलह के स्थानों का नाश करने वाले हैं।
277 दुर्दश ॐ दुर्दशाय नमः। Om Durdashaya Namah. जिनका स्वरूप अत्यन्त कठिनता से देखा या समझा जा सकता है।
278 दुस्सहोदय ॐ दुस्सहोदयाय नमः। Om Dussahodayaya Namah. जिनका तेज और प्रभाव सहन करना अत्यन्त कठिन है।
279 पर ॐ पराय नमः। Om Paraya Namah. जो परम और सर्वोच्च तत्त्व के स्वरूप हैं।
280 देव ॐ देवाय नमः। Om Devaya Namah. जो स्वयं दिव्य और पूजनीय देवस्वरूप हैं।
281 देवदेव ॐ देवदेवाय नमः। Om Devadevaya Namah. जो सभी देवताओं के भी परम देव हैं।
282 दुन्दुभि ॐ दुन्दुभये नमः। Om Dundubhaye Namah. जो दिव्य दुन्दुभि के नाद और शक्ति के स्वरूप हैं।
283 दुन्दुभिप्रिय ॐ दुन्दुभिप्रियाय नमः। Om Dundubhipriyaya Namah. जिन्हें दुन्दुभि का दिव्य नाद प्रिय है।
284 दृढायुधधारिन् ॐ दृढायुधधारिणे नमः। Om Dridhayudhadharine Namah. जो शक्तिशाली और अटल दिव्य अस्त्र धारण करते हैं।
285 धनद ॐ धनदाय नमः। Om Dhanadaya Namah. जो धन और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं।
286 दक्ष ॐ दक्षाय नमः। Om Dakshaya Namah. जो अत्यन्त कुशल और कार्यों में दक्ष हैं।
287 दुःस्वप्ननाशन ॐ दुःस्वप्ननाशनाय नमः। Om Duhsvapnanashanaya Namah. जो बुरे स्वप्न और उनसे उत्पन्न भय का नाश करते हैं।
288 दुर्नेय ॐ दुर्नेयाय नमः। Om Durneyaya Namah. जिन्हें समझना और जानना अत्यन्त कठिन है।
289 दुर्गम ॐ दुर्गमाय नमः। Om Durgamaya Namah. जो अत्यन्त कठिनता से प्राप्त होने वाले हैं।
290 दुर्ग ॐ दुर्गाय नमः। Om Durgaya Namah. जो दुर्ग के समान भक्तों की रक्षा करने वाले हैं।
291 दुरावास ॐ दुरावासाय नमः। Om Duravasaya Namah. जिनका निवास और स्वरूप सामान्य जीवों के लिए अगम्य है।
292 दुरासद ॐ दुरासदाय नमः। Om Durasadaya Namah. जिनके समीप पहुँचना अत्यन्त कठिन है।
293 दम ॐ दमाय नमः। Om Damaya Namah. जो संयम और आत्मनियंत्रण के स्वरूप हैं।
294 दमयितृ ॐ दमयित्रे नमः। Om Damayitre Namah. जो दुष्ट और अनियंत्रित शक्तियों को नियंत्रित करते हैं।
295 दान्त ॐ दान्ताय नमः। Om Dantaya Namah. जो पूर्णतः संयमित और इन्द्रियजयी हैं।
296 दातृ ॐ दात्रे नमः। Om Datre Namah. जो भक्तों को वरदान और आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करते हैं।
297 दान ॐ दानाय नमः। Om Danaya Namah. जो दान, उदारता और समर्पण के स्वरूप हैं।
298 दयाकर ॐ दयाकराय नमः। Om Dayakaraya Namah. जो भक्तों पर करुणा और दया करने वाले हैं।
299 दुर्वासस् ॐ दुर्वाससे नमः। Om Durvasase Namah. जो महान तपस्वी ऋषि दुर्वासा के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
300 द्विज ॐ द्विजाय नमः। Om Dvijaya Namah. जो द्विज अर्थात् आध्यात्मिक जागरण के स्वरूप हैं।
301 देवकाय ॐ देवकायाय नमः। Om Devakayaya Namah. जो दिव्य और देवस्वरूप शरीर वाले हैं।
302 दुर्णिक्त ॐ दुर्णिक्ताय नमः। Om Durniktaya Namah. जो दुष्ट और अनिष्ट शक्तियों का नाश करने वाले हैं।
303 दुर्भगोदय ॐ दुर्भगोदयाय नमः। Om Durbhagodayaya Namah. जो दुर्भाग्य और विपत्तियों को दूर करने वाले हैं।
304 देहिन् ॐ देहिने नमः। Om Dehine Namah. जो सभी देहधारी जीवों के भीतर स्थित हैं।
305 दाह ॐ दाहाय नमः। Om Dahaya Namah. जो अपने तेज से अधर्म और अज्ञान को जलाने वाले हैं।
306 दानवारि ॐ दानवारये नमः। Om Danavaraye Namah. जो दानवों के शत्रु और उनका संहार करने वाले हैं।
307 देवेन्द्र ॐ देवेन्द्राय नमः। Om Devendraya Namah. जो देवताओं के इन्द्र और परम अधिपति हैं।
308 अरिमर्दन ॐ अरिमर्दनाय नमः। Om Arimardanaya Namah. जो सभी शत्रुओं का मर्दन करने वाले हैं।
309 देवासुरगुरु ॐ देवासुरगुरवे नमः। Om Devasuragurave Namah. जो देवों और असुरों के भी गुरु स्वरूप हैं।
310 देव ॐ देवाय नमः। Om Devaya Namah. जो स्वयं दिव्य और पूजनीय देवस्वरूप हैं।
311 देवासुरनमस्कृत ॐ देवासुरनमस्कृताय नमः। Om Devasuranamaskritaya Namah. जिन्हें देवता और असुर दोनों नमन करते हैं।
312 देवासुरेश्वर ॐ देवासुरेश्वराय नमः। Om Devasureshvaraya Namah. जो देवों और असुरों के परम ईश्वर हैं।
313 दिव्य ॐ दिव्याय नमः। Om Divyaya Namah. जो दिव्य, अलौकिक और परम पवित्र स्वरूप वाले हैं।
314 देवासुरमहेश्वर ॐ देवासुरमहेश्वराय नमः। Om Devasura Maheshvaraya Namah. जो देवों और असुरों के महान परमेश्वर हैं।
315 सर्वदेवमय ॐ सर्वदेवमयाय नमः। Om Sarvadevamayaya Namah. जिनमें सभी देवताओं का दिव्य स्वरूप समाहित है।
316 दण्ड ॐ दण्डाय नमः। Om Dandaya Namah. जो धर्म और न्याय के दण्डस्वरूप हैं।
317 नक्षत्र ॐ नक्षत्राय नमः। Om Nakshatraya Namah. जो नक्षत्रों और आकाशीय शक्तियों के स्वरूप हैं।
318 अक्षर ॐ अक्षराय नमः। Om Aksharaya Namah. जो अविनाशी और शाश्वत परम तत्त्व हैं।
319 नक्षत्रमालिकाकेश ॐ नक्षत्रमालिकाकेशाय नमः। Om Nakshatramalikakeshaya Namah. जिनके केश नक्षत्रों की माला के समान शोभायमान हैं।
320 नागहार ॐ नागहाराय नमः। Om Nagaharaya Namah. जो नागों की माला धारण करने वाले हैं।
321 पिनाकधृत ॐ पिनाकधृते नमः। Om Pinakadhrite Namah. जो पिनाक नामक दिव्य धनुष को धारण करने वाले हैं।
322 व्ययनिर्वहण ॐ व्ययनिर्वहणाय नमः। Om Vyayanirvahanaya Namah. जो सभी व्यय और कर्मों का उचित निर्वहन करने वाले हैं।
323 न्यायिन् ॐ न्यायिने नमः। Om Nyayine Namah. जो न्याय और धर्म की स्थापना करने वाले हैं।
324 नभस् ॐ नभसे नमः। Om Nabhase Namah. जो आकाश के समान व्यापक और अनंत हैं।
325 न्याय ॐ न्यायाय नमः। Om Nyayaya Namah. जो सत्य, न्याय और उचित व्यवस्था के स्वरूप हैं।
326 निरञ्जन ॐ निरञ्जनाय नमः। Om Niranjanaya Namah. जो सभी दोषों और कलंकों से रहित हैं।
327 नीरावण ॐ नीरावणाय नमः। Om Niravanaya Namah. जो आवरण और बंधनों से रहित परम स्वरूप हैं।
328 अतिविज्ञान ॐ अतिविज्ञानाय नमः। Om Ativijnanaya Namah. जो सर्वोच्च और असीम ज्ञान के स्वरूप हैं।
329 नरसिंहनिपातन ॐ नरसिंहनिपातनाय नमः। Om Narasimhanipatanaya Namah. जो नरसिंह रूपी शक्ति के भी नियन्ता और संहारकर्ता हैं।
330 नन्दिन् ॐ नन्दिने नमः। Om Nandine Namah. जो आनंद प्रदान करने वाले हैं।
331 नन्दीश्वर ॐ नन्दीश्वराय नमः। Om Nandishvaraya Namah. जो नन्दीश्वर के परम स्वामी और ईश्वर हैं।
332 नग्न ॐ नग्नाय नमः। Om Nagnaya Namah. जो सांसारिक आवरणों से रहित और दिगम्बर स्वरूप हैं।
333 नग्नव्रतधर ॐ नग्नव्रतधराय नमः। Om Nagnavratadharaya Namah. जो कठोर और त्यागपूर्ण व्रत धारण करने वाले हैं।
334 नर ॐ नराय नमः। Om Naraya Namah. जो समस्त मानव और जीवों के भीतर स्थित हैं।
335 निर्मम ॐ निर्ममाय नमः। Om Nirmamaya Namah. जो ममता और आसक्ति से पूर्णतः रहित हैं।
336 निरहङ्कार ॐ निरहङ्काराय नमः। Om Nirahankaraya Namah. जो अहंकार से पूर्णतः रहित हैं।
337 निर्मोह ॐ निर्मोहाय नमः। Om Nirmohaya Namah. जो मोह और भ्रम से रहित हैं।
338 निरुपद्रव ॐ निरुपद्रवाय नमः। Om Nirupadravaya Namah. जो सभी उपद्रव और संकटों से परे हैं।
339 निष्कण्टक ॐ निष्कण्टकाय नमः। Om Nishkantakaya Namah. जो सभी बाधाओं और कांटों को दूर करने वाले हैं।
340 कृतानन्द ॐ कृतानन्दाय नमः। Om Kritanandaya Namah. जो आनंद की पूर्णता और परम संतोष के स्वरूप हैं।
341 निर्ध्यातव्य ॐ निर्ध्यातव्याय नमः। Om Nirdhyatavyaya Namah. जिनका ध्यान और चिंतन निरंतर किया जाना चाहिए।
342 जनार्दन ॐ जनार्दनाय नमः। Om Janardanaya Namah. जो सभी प्राणियों का पालन और कल्याण करने वाले हैं।
343 अनघ ॐ अनघाय नमः। Om Anaghaya Namah. जो पाप और दोषों से पूर्णतः रहित हैं।
344 निष्कल ॐ निष्कलाय नमः। Om Nishkalaya Namah. जो अविभाज्य और निराकार परम तत्त्व हैं।
345 निष्ठा ॐ निष्ठाय नमः। Om Nishthaya Namah. जो अटल श्रद्धा और आध्यात्मिक स्थिरता के स्वरूप हैं।
346 नीलकाय ॐ नीलकायाय नमः। Om Nilakayaya Namah. जिनका दिव्य शरीर नील वर्ण का है।
347 निरामय ॐ निरामयाय नमः। Om Niramayaya Namah. जो सभी रोगों और पीड़ाओं से रहित हैं।
348 अनिरुद्ध ॐ अनिरुद्धाय नमः। Om Aniruddhaya Namah. जिन्हें कोई रोक या बाधा नहीं सकती।
349 अनाद्यन्त ॐ अनाद्यन्ताय नमः। Om Anadyantaya Namah. जो आदि और अंत से रहित अनंत स्वरूप हैं।
350 नैकात्मन् ॐ नैकात्मने नमः। Om Naikatmane Namah. जो अनेक रूपों में एक ही परम आत्मा के रूप में स्थित हैं।
351 नैककर्मकृत् ॐ नैककर्मकृते नमः। Om Naikakarmakrite Namah. जो अनेक प्रकार के दिव्य कर्मों को करने वाले हैं।
352 नगरेतस् ॐ नगरेतसे नमः। Om Nagaretase Namah. जो नगरों और उनके जीवन में व्याप्त दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
353 नखिन् ॐ नखिने नमः। Om Nakhine Namah. जो दिव्य और शक्तिशाली नख धारण करने वाले हैं।
354 नन्दिन् ॐ नन्दिने नमः। Om Nandine Namah. जो भक्तों को आनंद और प्रसन्नता प्रदान करते हैं।
355 आनन्दवनवर्धन ॐ आनन्दवनवर्धनाय नमः। Om Anandavanavardhanaya Namah. जो आनंदवन की दिव्य महिमा को बढ़ाने वाले हैं।
356 योग ॐ योगाय नमः। Om Yogaya Namah. जो योग, एकत्व और परम मिलन के स्वरूप हैं।
357 विरागिन् ॐ विरागिणे नमः। Om Viragine Namah. जो संसार के विषयों से पूर्णतः विरक्त हैं।
358 वैरागिन् ॐ वैरागिणे नमः। Om Vairagine Namah. जो परम वैराग्य और त्याग के स्वरूप हैं।
359 त्यागिन् ॐ त्यागिने नमः। Om Tyagine Namah. जो त्याग और समर्पण के आदर्श स्वरूप हैं।
360 गौरीवराङ्गन ॐ गौरीवराङ्गनाय नमः। Om Gaurivaranganaya Namah. जो देवी गौरी के प्रिय और दिव्य स्वरूप हैं।
361 कम्बुकण्ठ ॐ कम्बुकण्ठाय नमः। Om Kambukanthaya Namah. जिनका कण्ठ शंख के समान सुडौल और दिव्य है।
362 गृहस्थ ॐ गृहस्थाय नमः। Om Grihasthaya Namah. जो गृहस्थ जीवन और उसके धर्म के स्वरूप हैं।
363 उग्र ॐ उग्राय नमः। Om Ugraya Namah. जो अत्यन्त प्रचण्ड और शक्तिशाली स्वरूप वाले हैं।
364 चण्ड ॐ चण्डाय नमः। Om Chandaya Namah. जो अत्यन्त उग्र और दुष्टों के संहारक हैं।
365 अखण्डभृत् ॐ अखण्डभृते नमः। Om Akhandabhrite Namah. जो अखण्ड और अविच्छिन्न शक्ति को धारण करने वाले हैं।
366 अन्तक ॐ अन्तकाय नमः। Om Antakaya Namah. जो अंत और मृत्यु के परम नियन्ता हैं।
367 ताण्डवाडम्बररुचि ॐ ताण्डवाडम्बररुचये नमः। Om Tandavadambararuchaye Namah. जिन्हें दिव्य ताण्डव की भव्यता और लीला प्रिय है।
368 रुरुमण्डलमण्डित ॐ रुरुमण्डलमण्डिताय नमः। Om Rurumandalamanditaya Namah. जो रुरु के दिव्य मंडल से अलंकृत हैं।
369 परमेश्वर ॐ परमेश्वराय नमः। Om Parameshvaraya Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि के परम ईश्वर हैं।
370 पशुपति ॐ पशुपतये नमः। Om Pashupataye Namah. जो समस्त जीवों के परम स्वामी हैं।
371 पिनाकिन् ॐ पिनाकिने नमः। Om Pinakine Namah. जो पिनाक नामक दिव्य धनुष धारण करते हैं।
372 पुरशासन ॐ पुरशासनाय नमः। Om Purashasanaya Namah. जो नगरों और त्रिपुर के परम शासक हैं।
373 पुरात्सूत ॐ पुरात्सूताय नमः। Om Puratsutaya Namah. जो प्राचीन दिव्य परंपरा और ज्ञान के स्वरूप हैं।
374 देवकीर ॐ देवकीराय नमः। Om Devakiraya Namah. जो देवतुल्य कीर्ति और दिव्य यश से सम्पन्न हैं।
375 परमेष्ठिन् ॐ परमेष्ठिने नमः। Om Parameshthine Namah. जो सर्वोच्च दिव्य पद पर स्थित परम सत्ता हैं।
376 परायण ॐ परायणाय नमः। Om Parayanaya Namah. जो भक्तों के परम आश्रय और अंतिम गंतव्य हैं।
377 पञ्चविंशतितत्त्वस्थ ॐ पञ्चविंशतितत्त्वस्थाय नमः। Om Panchavimshatitatvasthaya Namah. जो पच्चीस तत्त्वों में व्याप्त और स्थित हैं।
378 पञ्चजन्तु ॐ पञ्चजन्तवे नमः। Om Panchajantave Namah. जो पंच प्रकार के जीवों और प्राणियों के आधार हैं।
379 प्रभञ्जन ॐ प्रभञ्जनाय नमः। Om Prabhanjanaya Namah. जो प्रचण्ड वायु के समान शक्तिशाली और गतिशील हैं।
380 मस्करिन् ॐ मस्करिणे नमः। Om Maskarine Namah. जो तपस्वी और संन्यासी स्वरूप वाले हैं।
381 परब्रह्मन् ॐ परब्रह्मणे नमः। Om Parabrahmane Namah. जो सर्वोच्च और निराकार परम ब्रह्म हैं।
382 पारिजात ॐ पारिजाताय नमः। Om Parijataya Namah. जो पारिजात पुष्प के समान दिव्य और मनोहर हैं।
383 परात्पर ॐ परात्पराय नमः। Om Paratparaya Namah. जो परम से भी परे सर्वोच्च सत्ता हैं।
384 प्रतिष्ठित ॐ प्रतिष्ठिताय नमः। Om Pratishthitaya Namah. जो स्वयं में स्थिर और प्रतिष्ठित परम तत्त्व हैं।
385 प्रमाणज्ञ ॐ प्रमाणज्ञाय नमः। Om Pramanajnaya Namah. जो सभी प्रमाणों और सत्य के ज्ञान को जानने वाले हैं।
386 प्रमाण ॐ प्रमाणाय नमः। Om Pramanaya Namah. जो स्वयं सत्य और प्रमाण के परम आधार हैं।
387 परमार्थद ॐ परमार्थदाय नमः। Om Paramarthadaya Namah. जो भक्तों को परम सत्य और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं।
388 पञ्चब्रह्मन् ॐ पञ्चब्रह्मणे नमः। Om Panchabrahmane Namah. जो पंचब्रह्म के दिव्य तत्त्व के स्वरूप हैं।
389 सत्पति ॐ सत्पतये नमः। Om Satpataye Namah. जो सत्य और सज्जनों के परम स्वामी हैं।
390 परमात्मन् ॐ परमात्मने नमः। Om Paramatmane Namah. जो सभी जीवों के भीतर स्थित परम आत्मा हैं।
391 परायण ॐ परायणाय नमः। Om Parayanaya Namah. जो भक्तों के परम आश्रय और अंतिम शरण हैं।
392 पिनाकपाणि ॐ पिनाकपाणये नमः। Om Pinakapanaye Namah. जो हाथ में पिनाक धनुष धारण करने वाले हैं।
393 प्रांशु ॐ प्रांशवे नमः। Om Pramshave Namah. जो महान, ऊँचे और दिव्य स्वरूप वाले हैं।
394 प्रत्यय ॐ प्रत्ययाय नमः। Om Pratyayaya Namah. जो विश्वास, ज्ञान और चेतना के परम आधार हैं।
395 परवीरघ्न ॐ परवीरघ्ने नमः। Om Paraviraghne Namah. जो शक्तिशाली शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले हैं।
396 प्रभाकर ॐ प्रभाकराय नमः। Om Prabhakaraya Namah. जो दिव्य प्रकाश और तेज उत्पन्न करने वाले हैं।
397 प्रत्यक्ष ॐ प्रत्यक्षाय नमः। Om Pratyakshaya Namah. जो प्रत्यक्ष अनुभव किए जाने वाले परम सत्य हैं।
398 प्रणव ॐ प्रणवाय नमः। Om Pranavaya Namah. जो पवित्र प्रणव अर्थात् ॐकार के स्वरूप हैं।
399 पुरञ्जय ॐ पुरञ्जयाय नमः। Om Puranjayaya Namah. जो सभी नगरों और दुर्गों पर विजय प्राप्त करने वाले हैं।
400 पवित्रपाणि ॐ पवित्रपाणये नमः। Om Pavitrapanaye Namah. जिनके हाथ पवित्र और दिव्य शक्ति से सम्पन्न हैं।
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401 पापारि ॐ पापारये नमः। Om Paparaye Namah. जो पाप और अधर्म के शत्रु तथा उनका नाश करने वाले हैं।
402 प्रत्ययाचिर्ष ॐ प्रत्ययाचिर्षे नमः। Om Pratyayachirshe Namah. जो अटूट विश्वास और श्रद्धा के सर्वोच्च आधार हैं।
403 अपां निधि ॐ अपां निधये नमः। Om Apam Nidhaye Namah. जो समस्त जल और जीवनदायी शक्ति के महान भण्डार हैं।
404 पुलस्त्य ॐ पुलस्त्याय नमः। Om Pulastyaya Namah. जो प्राचीन ऋषि पुलस्त्य के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
405 पुलह ॐ पुलहाय नमः। Om Pulahaya Namah. जो महान ऋषि पुलह के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
406 अगस्त्य ॐ अगस्त्याय नमः। Om Agastyaya Namah. जो महान ऋषि अगस्त्य के तेज और ज्ञान के स्वरूप हैं।
407 पुरुहूत ॐ पुरुहूताय नमः। Om Puruhutaya Namah. जिनका अनेक भक्तों और देवताओं द्वारा आह्वान किया जाता है।
408 पुरुष्टुत ॐ पुरुष्टुताय नमः। Om Purushtutaya Namah. जो अनेक भक्तों द्वारा स्तुति किए जाने वाले हैं।
409 पद्माकर ॐ पद्माकराय नमः। Om Padmakaraya Namah. जो कमल के समान दिव्य और पवित्र स्वरूप वाले हैं।
410 परस्मैज्योतिष् ॐ परस्मैज्योतिषे नमः। Om Parasmaijyotishe Namah. जो सर्वोच्च और परम दिव्य प्रकाश के स्वरूप हैं।
411 परापरफलप्रद ॐ परापरफलप्रदाय नमः। Om Paraparaphalapradaya Namah. जो सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार के फल प्रदान करते हैं।
412 परावरज्ञ ॐ परावरज्ञाय नमः। Om Paravarajnaya Namah. जो परम और प्रकट दोनों तत्त्वों के ज्ञाता हैं।
413 परद ॐ परदाय नमः। Om Paradaya Namah. जो परम पद और मुक्ति प्रदान करने वाले हैं।
414 परशत्रु ॐ परशत्रवे नमः। Om Parashatrave Namah. जो विरोधी और शत्रु शक्तियों के प्रबल संहारक हैं।
415 परस्मैपद ॐ परस्मैपदाय नमः। Om Parasmaipadaya Namah. जो सर्वोच्च पद और परम अवस्था के स्वरूप हैं।
416 पूर्ण ॐ पूर्णाय नमः। Om Purnaya Namah. जो पूर्ण, सम्पूर्ण और किसी कमी से रहित हैं।
417 पूरयितृ ॐ पूरयित्रे नमः। Om Purayitre Namah. जो भक्तों की इच्छाओं और आवश्यकताओं को पूर्ण करते हैं।
418 पुण्य ॐ पुण्याय नमः। Om Punyaya Namah. जो पवित्रता, पुण्य और शुभता के स्वरूप हैं।
419 पुण्यश्रवणकीर्तन ॐ पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः। Om Punyashravanakirtanaya Namah. जिनका नाम सुनना और कीर्तन करना पुण्यदायक है।
420 पुरन्दर ॐ पुरन्दराय नमः। Om Purandaraya Namah. जो शत्रुओं के दुर्गों और बाधाओं को नष्ट करने वाले हैं।
421 पुण्यकीर्ति ॐ पुण्यकीर्तये नमः। Om Punyakirtaye Namah. जिनकी कीर्ति अत्यन्त पवित्र और पुण्यदायिनी है।
422 प्रमादी ॐ प्रमादिने नमः। Om Pramadine Namah. जो अधर्म और अज्ञान में पड़े लोगों को जागृत करने वाले हैं।
423 पापनाशन ॐ पापनाशनाय नमः। Om Papanashanaya Namah. जो सभी पापों और दुष्कर्मों का नाश करने वाले हैं।
424 परशील ॐ परशीलाय नमः। Om Parashilaya Namah. जो श्रेष्ठ आचरण और उत्तम चरित्र के स्वरूप हैं।
425 परगुण ॐ परगुणाय नमः। Om Paragunaya Namah. जो सर्वोच्च और दिव्य गुणों से सम्पन्न हैं।
426 प्रादुराग ॐ प्रादुरागाय नमः। Om Praduragaya Namah. जो दिव्य प्रेम और शक्ति के रूप में प्रकट होने वाले हैं।
427 पुरन्दर ॐ पुरन्दराय नमः। Om Purandaraya Namah. जो शक्तिशाली दुर्गों और बाधाओं पर विजय प्राप्त करने वाले हैं।
428 परार्थव्यक्ति ॐ परार्थव्यक्तये नमः। Om Pararthavyaktaye Namah. जो दूसरों के परम कल्याण के लिए प्रकट होने वाले हैं।
429 प्रभव ॐ प्रभवाय नमः। Om Prabhavaya Namah. जो समस्त सृष्टि की उत्पत्ति के परम स्रोत हैं।
430 पुरुष ॐ पुरुषाय नमः। Om Purushaya Namah. जो आदि पुरुष और सभी जीवों के भीतर स्थित आत्मा हैं।
431 पुरुज ॐ पुरुजाय नमः। Om Purujaya Namah. जो अनेक रूपों और विविध अभिव्यक्तियों में प्रकट होते हैं।
432 पितृ ॐ पित्रे नमः। Om Pitre Namah. जो सम्पूर्ण जगत के परम पिता और पालनकर्ता हैं।
433 पिङ्गल ॐ पिङ्गलाय नमः। Om Pingalaya Namah. जो पिंगल अर्थात् सुनहरे-भूरे दिव्य वर्ण वाले हैं।
434 पावन ॐ पावनाय नमः। Om Pavanaya Namah. जो समस्त जगत को पवित्र और शुद्ध करने वाले हैं।
435 प्लक्ष ॐ प्लक्षाय नमः। Om Plakshaya Namah. जो पवित्र प्लक्ष वृक्ष और सृष्टि के आधार से सम्बद्ध हैं।
436 अतल ॐ अतलाय नमः। Om Atalaya Namah. जो अतल लोक और उसकी दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
437 पूषदन्तघ्न ॐ पूषदन्तघ्ने नमः। Om Pushadantaghne Namah. जिन्होंने पूषा देव के दाँतों का नाश किया था।
438 परमार्थगुरु ॐ परमार्थगुरवे नमः। Om Paramarthagurave Namah. जो परम सत्य और आध्यात्मिक ज्ञान के सर्वोच्च गुरु हैं।
439 प्रीति ॐ प्रीतये नमः। Om Pritaye Namah. जो प्रेम, आनंद और स्नेह के स्वरूप हैं।
440 प्रीतमति ॐ प्रीतमते नमः। Om Pritamate Namah. जिनका स्वभाव प्रेमपूर्ण, दयालु और कल्याणकारी है।
441 पुरातन ॐ पुरातनाय नमः। Om Puratanaya Namah. जो आदि काल से विद्यमान सनातन और प्राचीन सत्ता हैं।
442 पराशर ॐ पराशराय नमः। Om Parasharaya Namah. जो महर्षि पराशर के दिव्य ज्ञान और स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
443 पद्मगर्भ ॐ पद्मगर्भाय नमः। Om Padmagarbhaya Namah. जिनके भीतर सृष्टि के कमल और दिव्य सृजन का तत्त्व स्थित है।
444 पर ॐ पराय नमः। Om Paraya Namah. जो सर्वोच्च, परम और transcendent सत्य के स्वरूप हैं।
445 परपुरञ्जय ॐ परपुरञ्जयाय नमः। Om Parapuranjayaya Namah. जो शत्रुओं के नगरों और दुर्गों पर विजय प्राप्त करने वाले हैं।
446 उपप्लव ॐ उपप्लवाय नमः। Om Upaplavaya Namah. जो अधर्म और दुष्टता पर विपत्ति लाने वाले हैं।
447 उभयकर ॐ उभयकराय नमः। Om Ubhayakaraya Namah. जो व्यक्त और अव्यक्त दोनों तत्त्वों को प्रकट करने वाले हैं।
448 परमार्थैकपण्डित ॐ परमार्थैकपण्डिताय नमः। Om Paramarthaikapanditaya Namah. जो परम सत्य के अद्वितीय और सर्वोच्च ज्ञाता हैं।
449 महेश्वर ॐ महेश्वराय नमः। Om Maheshvaraya Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि के महान परमेश्वर हैं।
450 महादेव ॐ महादेवाय नमः। Om Mahadevaya Namah. जो सभी देवताओं में सर्वोच्च महान देव हैं।
451 मुद्गल ॐ मुद्गलाय नमः। Om Mudgalaya Namah. जो ऋषि मुद्गल के दिव्य स्वरूप और शक्ति से सम्बद्ध हैं।
452 मधुर ॐ मधुराय नमः। Om Madhuraya Namah. जो मधुर, मनोहर और आनंददायक स्वरूप वाले हैं।
453 मृदु ॐ मृदवे नमः। Om Mridave Namah. जो कोमल, दयालु और करुणामय हैं।
454 मत्ताशय ॐ मत्ताशयाय नमः। Om Mattashayaya Namah. जिनका अंतःकरण दिव्य आनंद से पूर्ण रूप से परिपूर्ण है।
455 महायोगी ॐ महायोगिने नमः। Om Mahayogine Namah. जो सभी योगियों में महान और परम योगी हैं।
456 महाकर्मा ॐ महाकर्मणे नमः। Om Mahakarmane Namah. जो महान और दिव्य cosmic कर्मों को करने वाले हैं।
457 महौषध ॐ महौषधाय नमः। Om Mahaushadhaya Namah. जो सभी कष्टों और रोगों को दूर करने वाली महान औषधि हैं।
458 महर्षि ॐ महर्षये नमः। Om Maharshaye Namah. जो महान ऋषियों और दिव्य मुनियों के स्वरूप हैं।
459 कपिलाचार्य ॐ कपिलाचार्याय नमः। Om Kapilacharyaya Namah. जो महान आचार्य और ऋषि कपिल के दिव्य ज्ञान से सम्बद्ध हैं।
460 मृगधामन् ॐ मृगधाम्ने नमः। Om Mrigadhamne Namah. जिनका दिव्य निवास या प्रतीक मृग से सम्बद्ध है।
461 महालय ॐ महालयाय नमः। Om Mahalayaya Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि के महान और परम आश्रय हैं।
462 महानिधि ॐ महानिधये नमः। Om Mahanidhaye Namah. जो सभी दिव्य सम्पदाओं और शक्तियों के महान भण्डार हैं।
463 महाभूति ॐ महाभूतये नमः। Om Mahabhutaye Namah. जो महान अस्तित्व और दिव्य महिमा के स्वरूप हैं।
464 महानीति ॐ महानीतये नमः। Om Mahanitaye Namah. जो सर्वोच्च नीति, धर्म और न्याय के स्वरूप हैं।
465 महामति ॐ महामतये नमः। Om Mahamataye Namah. जो विशाल और सर्वोच्च बुद्धि के स्वामी हैं।
466 महाग्रह ॐ महाग्रहाय नमः। Om Mahagrahaya Namah. जो सभी ग्रहों और ब्रह्माण्डीय प्रभावों से महान शक्ति रखते हैं।
467 महागन्तृ ॐ महागन्त्रे नमः। Om Mahagantre Namah. जो सम्पूर्ण आकाश और ब्रह्माण्ड में व्याप्त होकर विचरण करते हैं।
468 महाभूत ॐ महाभूताय नमः। Om Mahabhutaya Namah. जो महान तत्त्व और समस्त भौतिक अस्तित्व के आधार हैं।
469 अमृत ॐ अमृताय नमः। Om Amritaya Namah. जो अमरत्व और अमृत के शाश्वत स्वरूप हैं।
470 यम ॐ यमाय नमः। Om Yamaya Namah. जो मृत्यु और जीवन के अंतिम नियमों के नियन्ता हैं।
471 अमृतांशु ॐ अमृतांशवे नमः। Om Amritamshave Namah. जिनकी किरणें अमृत के समान शीतल और जीवनदायिनी हैं।
472 अमृतवपुस् ॐ अमृतवपुषे नमः। Om Amritavapushe Namah. जिनका दिव्य शरीर अमृत के समान अविनाशी है।
473 मरीचि ॐ मरीचये नमः। Om Marichaye Namah. जो दिव्य किरणों और प्रकाश के स्वरूप हैं।
474 मोहजालघ्न ॐ मोहजालघ्ने नमः। Om Mohajalaghne Namah. जो मोह, भ्रम और सांसारिक बंधनों के जाल का नाश करते हैं।
475 महातपस् ॐ महातपसे नमः। Om Mahatapase Namah. जो महान तपस्या और आध्यात्मिक शक्ति के स्वरूप हैं।
476 महाकाय ॐ महाकायाय नमः। Om Mahakayaya Namah. जिनका दिव्य स्वरूप अत्यन्त विशाल और विराट है।
477 मृगबाणार्पण ॐ मृगबाणार्पणाय नमः। Om Mrigabanarpanaya Namah. जो मृग और बाण से सम्बद्ध दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
478 खल ॐ खलाय नमः। Om Khalaya Namah. जो दुष्ट और अधर्मी शक्तियों को पहचानकर उनका दमन करते हैं।
479 महाबल ॐ महाबलाय नमः। Om Mahabalaya Namah. जो महान शक्ति और अद्भुत सामर्थ्य से सम्पन्न हैं।
480 महीपात ॐ महीपाताय नमः। Om Mahipataya Namah. जो पृथ्वी और उसके समस्त जीवों के परम रक्षक हैं।
481 महायोगी ॐ महायोगिने नमः। Om Mahayogine Namah. जो सर्वोच्च योग और आध्यात्मिक एकाग्रता के स्वरूप हैं।
482 महामनस् ॐ महामनसे नमः। Om Mahamanase Namah. जो महान, विशाल और दिव्य मन वाले हैं।
483 महामाया ॐ महामायाय नमः। Om Mahamayaya Namah. जो महान माया और ब्रह्माण्डीय शक्ति के अधिपति हैं।
484 महाशान्त ॐ महाशान्ताय नमः। Om Mahashantaya Namah. जो परम शांति और दिव्य स्थिरता के स्वरूप हैं।
485 मति ॐ मतये नमः। Om Mataye Namah. जो बुद्धि, विवेक और दिव्य विचार के स्वरूप हैं।
486 नाद ॐ नादाय नमः। Om Nadaya Namah. जो आदि नाद और दिव्य ध्वनि के स्वरूप हैं।
487 महोत्सव ॐ महोत्सवाय नमः। Om Mahotsavaya Namah. जो महान आनंद, उत्सव और दिव्य उल्लास के स्वरूप हैं।
488 मात्सर्यविद् ॐ मात्सर्यविदे नमः। Om Matsaryavide Namah. जो ईर्ष्या और द्वेष के स्वरूप तथा उनके कारणों को जानने वाले हैं।
489 महावीर्य ॐ महावीर्याय नमः। Om Mahaviryaya Namah. जो महान पराक्रम और दिव्य वीर्य से सम्पन्न हैं।
490 महाशक्ति ॐ महाशक्तये नमः। Om Mahashaktaye Namah. जो समस्त ब्रह्माण्ड की महान दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
491 महाद्युति ॐ महाद्युतये नमः। Om Mahadyutaye Namah. जो महान तेज, प्रकाश और दिव्य आभा से युक्त हैं।
492 उन्मत्तकीर्तिकृत् ॐ उन्मत्तकीर्तिकृते नमः। Om Unmattakirtikrite Namah. जिनकी उन्मत्त भैरव स्वरूप की दिव्य कीर्ति अत्यन्त प्रसिद्ध है।
493 मत्त ॐ मत्ताय नमः। Om Mattaya Namah. जो दिव्य आनंद और आध्यात्मिक शक्ति में मग्न रहने वाले हैं।
494 मघवन् ॐ मघवते नमः। Om Maghavate Namah. जो इन्द्र के समान महान शक्ति और ऐश्वर्य से सम्पन्न हैं।
495 अमित ॐ अमिताय नमः। Om Amitaya Namah. जो असीम, अनन्त और जिनकी कोई सीमा नहीं है।
496 मति ॐ मतये नमः। Om Mataye Namah. जो दिव्य बुद्धि, विवेक और ज्ञान के स्वरूप हैं।
497 महाभोग ॐ महाभोगाय नमः। Om Mahabhogaya Namah. जो महान दिव्य आनंद और परम अनुभव के स्वरूप हैं।
498 अमृत ॐ अमृताय नमः। Om Amritaya Namah. जो अमरत्व, शाश्वतता और अमृत के स्वरूप हैं।
499 मन्त्र ॐ मन्त्राय नमः। Om Mantraya Namah. जो समस्त पवित्र मंत्रों और दिव्य शक्ति के आधार हैं।
500 मङ्गल ॐ मङ्गलाय नमः। Om Mangalaya Namah. जो मंगल, शुभता और कल्याण प्रदान करने वाले हैं।
501 मङ्गल ॐ मङ्गलाय नमः। Om Mangalaya Namah. जो शुभता, मंगल और सौभाग्य के स्वरूप हैं।
502 मङ्गलप्रिय ॐ मङ्गलप्रियाय नमः। Om Mangalapriyaya Namah. जिन्हें सभी मंगलमय और शुभ कार्य प्रिय हैं।
503 अमोघदण्ड ॐ अमोघदण्डाय नमः। Om Amoghadandaya Namah. जिनका दण्ड कभी व्यर्थ नहीं जाता और सदा प्रभावशाली होता है।
504 मध्यस्थ ॐ मध्यस्थाय नमः। Om Madhyasthaya Namah. जो सभी परिस्थितियों में निष्पक्ष और समभाव रखने वाले हैं।
505 महेश ॐ महेशाय नमः। Om Maheshaya Namah. जो महान ईश्वर और सर्वोच्च स्वामी हैं।
506 अमोघविक्रम ॐ अमोघविक्रमाय नमः। Om Amoghavikramaya Namah. जिनका पराक्रम अचूक, प्रभावशाली और अजेय है।
507 अमेय ॐ अमेयाय नमः। Om Ameyaya Namah. जो असीम, अपरिमेय और जिनकी कोई सीमा नहीं है।
508 अरिष्टमथन ॐ अरिष्टमथनाय नमः। Om Arishtamathanaya Namah. जो सभी विपत्तियों और दुर्भाग्यों का नाश करने वाले हैं।
509 मुकुन्द ॐ मुकुन्दाय नमः। Om Mukundaya Namah. जो मुक्ति और परम स्वतंत्रता प्रदान करने वाले हैं।
510 सर्वपापघ्न ॐ सर्वपापघ्ने नमः। Om Sarvapapaghne Namah. जो सभी पापों और उनके प्रभावों का नाश करते हैं।
511 मातामह ॐ मातामहाय नमः। Om Matamahaya Namah. जो महान पूर्वज और मातृवंश के परम आधार हैं।
512 मातरिश्वन् ॐ मातरिश्वने नमः। Om Matarishvane Namah. जो आकाश में गतिशील प्राणवायु और जीवनशक्ति के स्वरूप हैं।
513 मणिपूर ॐ मणिपूराय नमः। Om Manipūraya Namah. जो मणिपूर चक्र में स्थित दिव्य चेतना के स्वरूप हैं।
514 महाशय ॐ महाशयाय नमः। Om Mahashaya Namah. जो विशाल हृदय, उदारता और महानता से सम्पन्न हैं।
515 मदघ्न ॐ मदघ्ने नमः। Om Madaghne Namah. जो अहंकार, गर्व और मद का नाश करने वाले हैं।
516 महागर्भ ॐ महागर्भाय नमः। Om Mahagarbhaya Namah. जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने भीतर धारण करने वाले हैं।
517 महाकल्प ॐ महाकल्पाय नमः। Om Mahakalpaya Namah. जो महान कल्प और ब्रह्माण्डीय कालचक्र के स्वरूप हैं।
518 महाधनुस् ॐ महाधनुषे नमः। Om Mahadhanushe Namah. जो महान और शक्तिशाली दिव्य धनुष धारण करने वाले हैं।
519 मनस् ॐ मनसे नमः। Om Manase Namah. जो समस्त विचार और चेतना के सार्वभौमिक मन के स्वरूप हैं।
520 मनोमय ॐ मनोमयाय नमः। Om Manomayaya Namah. जो मन और शुद्ध चेतना से परिपूर्ण हैं।
521 मानिन् ॐ मानिने नमः। Om Manine Namah. जो सम्माननीय, पूजनीय और आदर के योग्य हैं।
522 मेरुपद्य ॐ मेरुपद्याय नमः। Om Merupadyaya Namah. जिनके दिव्य चरण मेरु पर्वत के समान महान और स्थिर हैं।
523 मृड ॐ मृडाय नमः। Om Mridaya Namah. जो भक्तों पर कृपा, दया और करुणा करने वाले हैं।
524 मनु ॐ मनवे नमः। Om Manave Namah. जो आदि पुरुष और मानव जाति के आदिपिता के स्वरूप हैं।
525 महाशोभ ॐ महाशोभाय नमः। Om Mahashobhaya Namah. जो महान दिव्य सौंदर्य और तेज से शोभायमान हैं।
526 महाज्ञानी ॐ महाज्ञानिने नमः। Om Mahajnanine Namah. जो महान और सर्वोच्च ज्ञान से सम्पन्न हैं।
527 महाकाल ॐ महाकालाय नमः। Om Mahakalaya Namah. जो स्वयं महान काल और समस्त समय के परम नियन्ता हैं।
528 कलिप्रिय ॐ कलिप्रियाय नमः। Om Kalipriyaya Namah. जो कलियुग और उसके जीवों पर अपनी विशेष कृपा रखने वाले हैं।
529 महावट ॐ महावटवे नमः। Om Mahavatave Namah. जो महान वटवृक्ष के समान ब्रह्माण्ड के आधार हैं।
530 महात्यागी ॐ महात्यागिने नमः। Om Mahatyagine Namah. जो सभी त्यागियों में सर्वोच्च और महान त्यागी हैं।
531 महाकोश ॐ महाकोशाय नमः। Om Mahakoshaya Namah. जो समस्त दिव्य सम्पदा और अस्तित्व के महान भण्डार हैं।
532 महागत ॐ महागतये नमः। Om Mahagataye Namah. जो समस्त अस्तित्व का परम और अंतिम लक्ष्य हैं।
533 शिखण्डिन् ॐ शिखण्डिने नमः। Om Shikhandine Namah. जो शिखा या मुकुट में दिव्य अलंकार धारण करने वाले हैं।
534 कवचिन् ॐ कवचिने नमः। Om Kavachine Namah. जो दिव्य कवच से सदैव सुरक्षित और संरक्षित हैं।
535 शूलिन् ॐ शूलिने नमः। Om Shuline Namah. जो शक्तिशाली त्रिशूल धारण करने वाले हैं।
536 जटिन् ॐ जटिने नमः। Om Jatine Namah. जो जटाधारी और महान तपस्वी स्वरूप वाले हैं।
537 मुण्डिन् ॐ मुण्डिने नमः। Om Mundine Namah. जो मुण्डित मस्तक द्वारा पूर्ण वैराग्य का प्रतीक हैं।
538 कुण्डलिन् ॐ कुण्डलिने नमः। Om Kundaline Namah. जो कुण्डल धारण करने वाले और कुण्डलिनी शक्ति के स्वरूप हैं।
539 मेघमालिन् ॐ मेघमालिने नमः। Om Meghamaline Namah. जो मेघों की माला के समान दिव्य आभा से युक्त हैं।
540 चक्रखड्गिन् ॐ चक्रखड्गिने नमः। Om Chakrakhadgine Namah. जो चक्र और खड्ग जैसे दिव्य अस्त्र धारण करते हैं।
541 मालिन् ॐ मालिने नमः। Om Maline Namah. जो दिव्य माला और पवित्र अलंकार धारण करने वाले हैं।
542 माया ॐ मायाय नमः। Om Mayaya Namah. जो महान माया और ब्रह्माण्डीय सृजनशक्ति के अधिपति हैं।
543 महामणि ॐ महामणये नमः। Om Mahamanaye Namah. जो अस्तित्व के महान और अमूल्य रत्न के समान हैं।
544 महेश्वास ॐ महेश्वासाय नमः। Om Maheshvasaya Namah. जो महान धनुष धारण करने वाले परम धनुर्धर हैं।
545 महानन्द ॐ महानन्दाय नमः। Om Mahanandaya Namah. जो परम और अनंत आनंद के स्वरूप हैं।
546 महाचार ॐ महाचाराय नमः। Om Mahacharaya Namah. जो महान और श्रेष्ठ आचरण के आदर्श हैं।
547 महाभुज ॐ महाभुजाय नमः। Om Mahabhujaya Namah. जो विशाल और शक्तिशाली भुजाओं वाले हैं।
548 मखकर्ता ॐ मखकर्त्रे नमः। Om Makhakartre Namah. जो सभी पवित्र यज्ञों और धार्मिक अनुष्ठानों के कर्ता हैं।
549 मखध्वंसिन् ॐ मखध्वंसिने नमः। Om Makhadhvamsine Namah. जो अहंकारपूर्वक किए गए यज्ञों का विनाश करने वाले हैं।
550 मधुर ॐ मधुराय नमः। Om Madhuraya Namah. जो अत्यन्त मधुर, मनोहर और आकर्षक स्वरूप वाले हैं।
551 मघवत्प्रिय ॐ मघवत्प्रियाय नमः। Om Maghavatpriyaya Namah. जो देवराज इन्द्र अर्थात् मघवान को प्रिय हैं।
552 ब्रह्मसृष्टि ॐ ब्रह्मसृष्टये नमः। Om Brahmasrishtaye Namah. जो ब्रह्मा की सृजनात्मक शक्ति के स्वरूप हैं।
553 ब्रह्मवीर्य ॐ ब्रह्मवीर्याय नमः। Om Brahmaviryaya Namah. जो ब्रह्म की दिव्य शक्ति और पराक्रम से सम्पन्न हैं।
554 बाणहस्त ॐ बाणहस्ताय नमः। Om Banahastaya Namah. जो हाथ में शक्तिशाली बाण धारण करने वाले हैं।
555 अचल ॐ अचलाय नमः। Om Achalaya Namah. जो अचल, अडिग और सदैव स्थिर रहने वाले हैं।
556 बलिन् ॐ बलिने नमः। Om Baline Namah. जो अत्यन्त शक्तिशाली और महान सामर्थ्य से सम्पन्न हैं।
557 कीररूप ॐ कीररूपाय नमः। Om Kirarupaya Namah. जो आवश्यकता अनुसार तोते के दिव्य रूप में प्रकट हो सकते हैं।
558 चल ॐ चलाय नमः। Om Chalaya Namah. जो सदैव गतिशील और सक्रिय दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
559 उन्मादिन् ॐ उन्मादिने नमः। Om Unmadine Namah. जो दिव्य आनंद और आध्यात्मिक उन्माद में मग्न रहते हैं।
560 ब्रह्मण्य ॐ ब्रह्मण्याय नमः। Om Brahmanyaya Namah. जो ब्रह्मज्ञान, आध्यात्मिक ज्ञान और ब्राह्मणों के हितैषी हैं।
561 ब्रह्मवर्चस् ॐ ब्रह्मवर्चसाय नमः। Om Brahmavarchasaya Namah. जो ब्रह्मज्ञान के दिव्य तेज और आध्यात्मिक आभा से युक्त हैं।
562 बहुरूप ॐ बहुरूपाय नमः। Om Bahurupaya Namah. जो अनगिनत और विविध दिव्य रूपों में प्रकट होते हैं।
563 बहुमय ॐ बहुमयाय नमः। Om Bahumayaya Namah. जो अनेक रूपों और विविध अभिव्यक्तियों में व्याप्त हैं।
564 ब्रह्मविष्णुशिवात्मक ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मकाय नमः। Om Brahmavishnushivatmakaya Namah. जो ब्रह्मा, विष्णु और शिव तीनों की एकात्म दिव्य सत्ता हैं।
565 ब्रह्मगर्भ ॐ ब्रह्मगर्भाय नमः। Om Brahmagarbhaya Namah. जो सृष्टिकर्ता ब्रह्मा को अपने भीतर धारण करने वाले हैं।
566 अक्षर ॐ अक्षराय नमः। Om Aksharaya Namah. जो अविनाशी, शाश्वत और कभी नष्ट न होने वाले हैं।
567 दम्भ ॐ दम्भाय नमः। Om Dambhaya Namah. जो दम्भ और अहंकार को पहचानकर दुष्टों का दमन करते हैं।
568 ब्रह्मज्योतिस् ॐ ब्रह्मज्योतिषे नमः। Om Brahmajyotishe Namah. जो परम ब्रह्म के दिव्य प्रकाश के स्वरूप हैं।
569 बृहस्पति ॐ बृहस्पतये नमः। Om Brihaspataye Namah. जो देवगुरु बृहस्पति के समान ज्ञान और दिव्य बुद्धि के स्वरूप हैं।
570 बीजबुद्धि ॐ बीजबुद्धये नमः। Om Bijabuddhaye Namah. जिनकी बुद्धि समस्त सृष्टि के मूल बीज के समान है।
571 ब्रह्मचारिन् ॐ ब्रह्मचारिणे नमः। Om Brahmacharine Namah. जो ब्रह्मचर्य और आध्यात्मिक अनुशासन के परम स्वरूप हैं।
572 ब्राह्मण ॐ ब्राह्मणाय नमः। Om Brahmanaya Namah. जो ब्रह्मज्ञान और पवित्र आध्यात्मिक चेतना के स्वरूप हैं।
573 ब्राह्मणप्रिय ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः। Om Brahmanapriyaya Namah. जो ज्ञानी और विद्वान ब्राह्मणों को प्रिय हैं।
574 युगादिकृत् ॐ युगादिकृते नमः। Om Yugadikrite Namah. जो सभी युगों के आरम्भ और सृष्टि-चक्र के प्रवर्तक हैं।
575 युगावर्त ॐ युगावर्ताय नमः। Om Yugavartaya Namah. जो युगों के निरंतर घूमते हुए ब्रह्माण्डीय चक्र को संचालित करते हैं।
576 युगाध्यक्ष ॐ युगाध्यक्षाय नमः। Om Yugadhyakshaya Namah. जो सभी युगों के परम अधिपति और नियन्ता हैं।
577 युगापघ्न ॐ युगापघ्ने नमः। Om Yugapaghne Namah. जो युगों के अंत और उनके विघटन के परम नियन्ता हैं।
578 यज्ञ ॐ यज्ञाय नमः। Om Yajnaya Namah. जो स्वयं पवित्र यज्ञ और दिव्य समर्पण के स्वरूप हैं।
579 यज्ञपति ॐ यज्ञपतये नमः। Om Yajnapataye Namah. जो सभी यज्ञों के परम स्वामी और रक्षक हैं।
580 यज्वन् ॐ यज्वने नमः। Om Yajvane Namah. जो पवित्र यज्ञों का विधिपूर्वक अनुष्ठान करने वाले हैं।
581 यज्ञाङ्ग ॐ यज्ञाङ्गाय नमः। Om Yajnaangaya Namah. जिनके दिव्य अंग स्वयं यज्ञ के विभिन्न अंगों के स्वरूप हैं।
582 यज्ञवाहन ॐ यज्ञवाहनाय नमः। Om Yajnavaahanaya Namah. जो यज्ञ की पवित्र शक्ति को धारण करने वाले हैं।
583 योगाचार्य ॐ योगाचार्याय नमः। Om Yogacharyaya Namah. जो योग के सर्वोच्च आचार्य और गुरु हैं।
584 योगिगम्य ॐ योगिगम्याय नमः। Om Yogigamyaya Namah. जिन्हें केवल सच्चे योगी ही आध्यात्मिक साधना द्वारा प्राप्त कर सकते हैं।
585 योगिन् ॐ योगिने नमः। Om Yogine Namah. जो परम योगी और योग के सर्वोच्च स्वामी हैं।
586 योग्य ॐ योग्याय नमः। Om Yogyaya Namah. जो पूजा, साधना और परम आध्यात्मिक मिलन के योग्य हैं।
587 योगविद् ॐ योगविदे नमः। Om Yogavide Namah. जो योग के सम्पूर्ण विज्ञान और रहस्य के ज्ञाता हैं।
588 योगाङ्ग ॐ योगाङ्गाय नमः। Om Yogaangaya Namah. जिनका दिव्य स्वरूप योग के सभी अंगों से युक्त है।
589 योगहाराङ्ग ॐ योगहाराङ्गाय नमः। Om Yogaharaangaya Namah. जो योग के सार और दिव्य तत्व से अलंकृत हैं।
590 यक्ष ॐ यक्षाय नमः। Om Yakshaya Namah. जो दिव्य यक्ष और निधियों के रक्षक स्वरूप हैं।
591 युक्तिमय ॐ युक्तिमयाय नमः। Om Yuktimayaya Namah. जो बुद्धि, तर्क, विवेक और कुशल योजना के स्वरूप हैं।
592 यम ॐ यमाय नमः। Om Yamaya Namah. जो मृत्यु और धर्म के परम नियन्ता हैं।
593 रौद्र ॐ रौद्राय नमः। Om Raudraya Namah. जो उग्र, प्रचण्ड और रौद्र स्वरूप वाले हैं।
594 रौद्रर्षि ॐ रौद्रर्षये नमः। Om Raudrarshaye Namah. जो प्रचण्ड शक्ति वाले दिव्य ऋषि के स्वरूप हैं।
595 राहु ॐ राहवे नमः। Om Rahave Namah. जो राहु ग्रह की दिव्य और रहस्यमयी शक्ति के स्वरूप हैं।
596 रतिरत्न ॐ रतिरत्नाय नमः। Om Ratiratnaya Namah. जो आनंद और दिव्य प्रसन्नता के अमूल्य रत्न के समान हैं।
597 रणप्रिय ॐ रणप्रियाय नमः। Om Ranapriyaya Namah. जो धर्म की रक्षा के लिए युद्ध और संघर्ष से पीछे नहीं हटते।
598 लोकबन्धु ॐ लोकबन्धवे नमः। Om Lokabandhave Namah. जो सम्पूर्ण संसार के मित्र और हितैषी हैं।
599 लोकनाथ ॐ लोकनाथाय नमः। Om Lokanathaya Namah. जो सभी लोकों के परम स्वामी और रक्षक हैं।
600 लक्षयज्ञ ॐ लक्षयज्ञाय नमः। Om Lakshayajnaya Namah. जो असंख्य और महान यज्ञों के परम लक्ष्य और उद्देश्य हैं।
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601 लोलमाया ॐ लोलमायाय नमः। Om Lolamayaya Namah. जो अपनी दिव्य माया से समस्त सृष्टि को संचालित करने वाले हैं।
602 लोककर्ता ॐ लोककर्त्रे नमः। Om Lokakartre Namah. जो समस्त लोकों की रचना करने वाले हैं।
603 लोक्य ॐ लोक्याय नमः। Om Lokyaya Namah. जो सम्पूर्ण लोकों में व्याप्त और पूजनीय हैं।
604 लोल ॐ लोलाय नमः। Om Lolaya Namah. जो निरंतर गतिशील और अपनी दिव्य लीला में प्रवृत्त हैं।
605 लालित ॐ लालिताय नमः। Om Lalitaya Namah. जो भक्तों को प्रेमपूर्वक पालने और कृपा करने वाले हैं।
606 शरभ ॐ शरभाय नमः। Om Sharabhaya Namah. जो अत्यन्त शक्तिशाली और उग्र दिव्य स्वरूप वाले हैं।
607 वरद ॐ वरदाय नमः। Om Varadaya Namah. जो भक्तों को वरदान प्रदान करने वाले हैं।
608 वन्द्य ॐ वन्द्याय नमः। Om Vandyaya Namah. जो देवताओं, ऋषियों और भक्तों द्वारा वन्दनीय हैं।
609 विदुष् ॐ विदुषे नमः। Om Vidushe Namah. जो सम्पूर्ण ज्ञान और विद्या के ज्ञाता हैं।
610 विश्वस्मै ॐ विश्वस्मै नमः। Om Vishvasmai Namah. जो सम्पूर्ण विश्व के स्वरूप और आधार हैं।
611 महेश्वर ॐ महेश्वराय नमः। Om Maheshvaraya Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि के महान परमेश्वर हैं।
612 वेदान्तसारसन्दोह ॐ वेदान्तसारसन्दोहाय नमः। Om Vedantasarasandohaya Namah. जो वेदान्त के समस्त सार और परम ज्ञान के स्वरूप हैं।
613 वितताङ्ग ॐ वितताङ्गाय नमः। Om Vitatangaya Namah. जिनका दिव्य स्वरूप सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में विस्तृत है।
614 विशारद ॐ विशारदाय नमः। Om Visharadaya Namah. जो सभी विद्याओं और कलाओं में निपुण हैं।
615 विश्वमूर्ति ॐ विश्वमूर्तये नमः। Om Vishvamurtaye Namah. जिनका दिव्य स्वरूप सम्पूर्ण विश्व के रूप में प्रकट है।
616 वेदवेद्य ॐ वेदवेद्याय नमः। Om Vedavedyaya Namah. जिन्हें वेदों द्वारा जाना और समझा जा सकता है।
617 वामदेव ॐ वामदेवाय नमः। Om Vamadevaya Namah. जो भगवान शिव के वामदेव स्वरूप और दिव्य शक्ति हैं।
618 विमोचक ॐ विमोचकाय नमः। Om Vimochakaya Namah. जो भक्तों को बंधनों और संसार के कष्टों से मुक्त करते हैं।
619 विश्वरूप ॐ विश्वरूपाय नमः। Om Vishvarupaya Namah. जो सम्पूर्ण विश्व के विराट रूप में स्थित हैं।
620 विरूपाक्ष ॐ विरूपाक्षाय नमः। Om Virupakshaya Namah. जिनके दिव्य नेत्र सामान्य रूप से भिन्न और अलौकिक हैं।
621 वाणीश ॐ वाणीशाय नमः। Om Vanishaya Namah. जो वाणी, शब्द और ज्ञान के परम स्वामी हैं।
622 हव्यवाहन ॐ हव्यवाहनाय नमः। Om Havyavahanaya Namah. जो यज्ञ में अर्पित हवि को देवताओं तक पहुँचाने वाली शक्ति हैं।
623 वृषाङ्ग ॐ वृषाङ्गाय नमः। Om Vrishangaya Namah. जिनके दिव्य अंग धर्म और वृषभ के प्रतीक से सम्बद्ध हैं।
624 विशालाक्ष ॐ विशालाक्षाय नमः। Om Vishalakshaya Namah. जिनके नेत्र विशाल, दिव्य और सर्वव्यापी दृष्टि वाले हैं।
625 विश्वदर्शिन् ॐ विश्वदर्शिने नमः। Om Vishvadarshine Namah. जो सम्पूर्ण विश्व को देखने और जानने वाले हैं।
626 विलोचन ॐ विलोचनाय नमः। Om Vilochanaya Namah. जो दिव्य दृष्टि और प्रकाशमान नेत्रों वाले हैं।
627 विशाख ॐ विशाखाय नमः। Om Vishakhaya Namah. जो विशाख नामक दिव्य शक्ति और नक्षत्र से सम्बद्ध हैं।
628 विश्वसृज् ॐ विश्वसृजे नमः। Om Vishvasrije Namah. जो सम्पूर्ण विश्व की सृष्टि करने वाले हैं।
629 विश्व ॐ विश्वाय नमः। Om Vishvaya Namah. जो स्वयं सम्पूर्ण विश्व के स्वरूप हैं।
630 विजितात्मन् ॐ विजितात्मने नमः। Om Vijitatmane Namah. जिन्होंने अपनी इन्द्रियों और मन पर पूर्ण विजय प्राप्त की है।
631 अव्यय ॐ अव्ययाय नमः। Om Avyayaya Namah. जो कभी नष्ट या परिवर्तित न होने वाले शाश्वत हैं।
632 पुंस् ॐ पुंसे नमः। Om Pumse Namah. जो परम पुरुष और चेतन सत्ता के स्वरूप हैं।
633 व्याघ्रचर्मधृत् ॐ व्याघ्रचर्मधृतये नमः। Om Vyaghracharmadhritaye Namah. जो व्याघ्र की खाल धारण करने वाले हैं।
634 व्यापिन् ॐ व्यापिने नमः। Om Vyapine Namah. जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में सर्वत्र व्याप्त हैं।
635 वाङ्मयैकनिधि ॐ वाङ्मयैकनिधये नमः। Om Vanmayaikanidhaye Namah. जो समस्त वाणी, शब्द और ज्ञान के एकमात्र भण्डार हैं।
636 विभव ॐ विभवे नमः। Om Vibhave Namah. जो महान ऐश्वर्य, शक्ति और दिव्य वैभव से सम्पन्न हैं।
637 वर्णाश्रमगुरु ॐ वर्णाश्रमगुरवे नमः। Om Varnashramagurave Namah. जो वर्ण और आश्रम धर्म के परम गुरु हैं।
638 वर्ण ॐ वर्णाय नमः। Om Varnaya Namah. जो दिव्य वर्ण, गुण और स्वरूप के आधार हैं।
639 वरद ॐ वरदाय नमः। Om Varadaya Namah. जो भक्तों को मनोवांछित वर प्रदान करते हैं।
640 वायुवाहन ॐ वायुवाहनाय नमः। Om Vayuvahanaya Namah. जो वायु की दिव्य शक्ति को धारण और संचालित करते हैं।
641 विश्वकर्मन् ॐ विश्वकर्मणे नमः। Om Vishvakarmane Namah. जो सम्पूर्ण विश्व के दिव्य निर्माता और रचनाकार हैं।
642 विनीतात्मन् ॐ विनीतात्मने नमः। Om Vinitatmane Namah. जो विनम्रता और शुद्ध आत्मस्वभाव के स्वरूप हैं।
643 वेदशास्त्रार्थतत्त्वविद् ॐ वेदशास्त्रार्थतत्त्वविदे नमः। Om Vedashastrarthatatvavide Namah. जो वेद और शास्त्रों के वास्तविक तत्त्व और अर्थ के ज्ञाता हैं।
644 वसु ॐ वसवे नमः। Om Vasave Namah. जो सभी प्राणियों में निवास करने वाले दिव्य आधार हैं।
645 वसुमनस् ॐ वसुमनसे नमः। Om Vasumanase Namah. जिनका मन दिव्य सम्पदा, करुणा और शुभ भावों से युक्त है।
646 पाल ॐ पालाय नमः। Om Palaya Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि का पालन और संरक्षण करने वाले हैं।
647 विराम ॐ विरामाय नमः। Om Viramaya Namah. जो सभी कर्मों और चंचलता का परम विश्राम हैं।
648 विद्रुमच्छवि ॐ विद्रुमच्छवये नमः। Om Vidrumachchhavaye Namah. जिनकी दिव्य आभा मूंगे के समान लाल और तेजस्वी है।
649 विमोचक ॐ विमोचकाय नमः। Om Vimochakaya Namah. जो सभी बंधनों और संसारिक कष्टों से मुक्ति देते हैं।
650 विजय ॐ विजयाय नमः। Om Vijayaya Namah. जो सदैव विजय और सफलता प्रदान करने वाले हैं।
651 विशिष्ट ॐ विशिष्टाय नमः। Om Vishishtaya Namah. जो सभी से श्रेष्ठ और विशिष्ट परम सत्ता हैं।
652 वृषवाहन ॐ वृषवाहनाय नमः। Om Vrishavahanaya Namah. जो वृषभ को अपना दिव्य वाहन बनाने वाले हैं।
653 विश्वेश ॐ विश्वेशाय नमः। Om Vishveshaya Namah. जो सम्पूर्ण विश्व के परम ईश्वर और स्वामी हैं।
654 विविध ॐ विविधाय नमः। Om Vividhaya Namah. जो अनेक प्रकार के दिव्य रूपों में प्रकट होते हैं।
655 वादी ॐ वादिने नमः। Om Vadine Namah. जो सत्य और धर्म के ज्ञानपूर्ण उपदेश देने वाले हैं।
656 वेदाङ्ग ॐ वेदाङ्गाय नमः। Om Vedangaya Namah. जो वेदों के अंग और उनके दिव्य ज्ञान के स्वरूप हैं।
657 वेदविद् ॐ वेदविदे नमः। Om Vedavide Namah. जो सम्पूर्ण वेदों के परम ज्ञाता हैं।
658 मय ॐ मयाय नमः। Om Mayaya Namah. जो अपनी दिव्य माया से सम्पूर्ण सृष्टि को धारण करते हैं।
659 विश्वेश्वर ॐ विश्वेश्वराय नमः। Om Vishveshvaraya Namah. जो समस्त विश्व के सर्वोच्च ईश्वर हैं।
660 वीरभद्र ॐ वीरभद्राय नमः। Om Virabhadraya Namah. जो वीरभद्र के उग्र और शक्तिशाली दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
661 वीरासीन ॐ वीरासीनाय नमः। Om Virasinaya Namah. जो वीरासन में स्थित होकर दिव्य शक्ति का प्रकाश करते हैं।
662 विधि ॐ विधये नमः। Om Vidhaye Namah. जो विधि, नियम और सृष्टि की व्यवस्था के स्वरूप हैं।
663 विराज् ॐ विराजे नमः। Om Viraje Namah. जो दिव्य तेज और ऐश्वर्य से प्रकाशित होते हैं।
664 व्यवसाय ॐ व्यवसायाय नमः। Om Vyavasayaya Namah. जो दृढ़ संकल्प, प्रयास और आध्यात्मिक निश्चय के स्वरूप हैं।
665 व्यवस्थान ॐ व्यवस्थानाय नमः। Om Vyavasthanaya Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि की व्यवस्था और नियमों को स्थापित करने वाले हैं।
666 वीरचूडामणि ॐ वीरचूडामणये नमः। Om Virachudamanaye Namah. जो सभी वीरों में श्रेष्ठ और मुकुटमणि के समान हैं।
667 विराज् ॐ विराजे नमः। Om Viraje Namah. जो दिव्य प्रकाश, वैभव और तेज से शोभायमान हैं।
668 वालखिल्य ॐ वालखिल्याय नमः। Om Valakhilyaya Namah. जो वालखिल्य ऋषियों की दिव्य तपश्चर्या और शक्ति से सम्बद्ध हैं।
669 विश्वदेह ॐ विश्वदेहाय नमः। Om Vishvadehaya Namah. जिनका शरीर स्वयं सम्पूर्ण विश्व का स्वरूप है।
670 विराम ॐ विरामाय नमः। Om Viramaya Namah. जो सभी गति और कर्म के परम विश्रामस्थान हैं।
671 वसुद ॐ वसुदाय नमः। Om Vasudaya Namah. जो धन, सम्पदा और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं।
672 वसु ॐ वसवे नमः। Om Vasave Namah. जो सभी प्राणियों के भीतर निवास करने वाले हैं।
673 विषेचन ॐ विषेचनाय नमः। Om Vishechanaya Namah. जो पाप, दोष और अशुद्धियों को दूर करने वाले हैं।
674 वेदवेद्य ॐ वेदवेद्याय नमः। Om Vedavedyaya Namah. जिन्हें वेदों के माध्यम से जाना जा सकता है।
675 वेद ॐ वेदाय नमः। Om Vedaya Namah. जो स्वयं वेद और परम ज्ञान के स्वरूप हैं।
676 वाचस्पति ॐ वाचस्पतये नमः। Om Vachaspataye Namah. जो वाणी, ज्ञान और वाक् शक्ति के परम स्वामी हैं।
677 वशिन् ॐ वशिने नमः। Om Vashine Namah. जो सभी शक्तियों और इन्द्रियों को अपने वश में रखने वाले हैं।
678 विद्वत्तम ॐ विद्वत्तमाय नमः। Om Vidvattamaya Namah. जो सभी विद्वानों में सर्वोच्च ज्ञानी हैं।
679 वित्तमय ॐ वित्तमयाय नमः। Om Vittamayaya Namah. जो सम्पूर्ण धन और दिव्य सम्पदा के स्वरूप हैं।
680 विश्रुत ॐ विश्रुतये नमः। Om Vishrutaye Namah. जिनकी दिव्य कीर्ति सम्पूर्ण संसार में प्रसिद्ध है।
681 विमलोदय ॐ विमलोदयाय नमः। Om Vimalodayaya Namah. जो निर्मल प्रकाश और पवित्र चेतना के रूप में उदित होते हैं।
682 वैवस्वत ॐ वैवस्वताय नमः। Om Vaivasvataya Namah. जो वैवस्वत और सूर्यवंशीय दिव्य शक्ति से सम्बद्ध हैं।
683 वसिष्ठ ॐ वसिष्ठाय नमः। Om Vasishthaya Namah. जो महर्षि वसिष्ठ के ज्ञान और तपस्या के दिव्य स्वरूप हैं।
684 विभूति ॐ विभूतये नमः। Om Vibhutaye Namah. जो दिव्य ऐश्वर्य, महिमा और पवित्र विभूति के स्वरूप हैं।
685 विगतज्वर ॐ विगतज्वराय नमः। Om Vigatajvaraya Namah. जो सभी ताप, रोग और मानसिक पीड़ा से रहित हैं।
686 विश्वहर्तृ ॐ विश्वहर्त्रे नमः। Om Vishvahartre Namah. जो सृष्टि के अंत में सम्पूर्ण विश्व को अपने में समाहित करते हैं।
687 विश्वमोदिन् ॐ विश्वमोदिने नमः। Om Vishvamodine Namah. जो सम्पूर्ण विश्व को आनंद और प्रसन्नता प्रदान करते हैं।
688 विश्वामित्र ॐ विश्वामित्राय नमः। Om Vishvamitraya Namah. जो विश्व के मित्र और महर्षि विश्वामित्र के दिव्य ज्ञान से सम्बद्ध हैं।
689 द्विजेश्वर ॐ द्विजेश्वराय नमः। Om Dvijeshvaraya Namah. जो द्विजों और विद्वानों के परम ईश्वर हैं।
690 वीरोत्पत्ति ॐ वीरोत्पत्तये नमः। Om Virotpattaye Namah. जो महान वीरों और दिव्य शक्तियों की उत्पत्ति के स्रोत हैं।
691 विश्वसह ॐ विश्वसहाय नमः। Om Vishvasahaya Namah. जो सम्पूर्ण विश्व का भार धारण और सहन करने वाले हैं।
692 विश्वावास ॐ विश्वावासाय नमः। Om Vishvavasaya Namah. जो सम्पूर्ण विश्व के परम आश्रय और निवासस्थान हैं।
693 वसुश्रवस् ॐ वसुश्रवसे नमः। Om Vasushravase Namah. जिनकी कीर्ति और यश अत्यन्त महान और दिव्य है।
694 वज्रहस्त ॐ वज्रहस्ताय नमः। Om Vajrahastaya Namah. जो हाथ में वज्र के समान शक्तिशाली अस्त्र धारण करते हैं।
695 वज्ररूप ॐ वज्ररूपाय नमः। Om Vajrarupaya Namah. जिनका स्वरूप वज्र के समान अजेय और शक्तिशाली है।
696 विपाक ॐ विपाकाय नमः। Om Vipakaya Namah. जो कर्मों के फल और उनके परिणामों के परम नियन्ता हैं।
697 विश्वकारक ॐ विश्वकारकाय नमः। Om Vishvakarakaya Namah. जो सम्पूर्ण विश्व की रचना और व्यवस्था करने वाले हैं।
698 बृहदश्व ॐ बृहदश्वाय नमः। Om Brihadashvaya Namah. जो महान और दिव्य अश्व के समान शक्तिशाली स्वरूप वाले हैं।
699 व्यालकल्प ॐ व्यालकल्पाय नमः। Om Vyalakalpaya Namah. जो सर्प और नाग जैसी प्रचण्ड दिव्य शक्ति के स्वरूप हैं।
700 विशल्य ॐ विशल्याय नमः। Om Vishalyaya Namah. जो सभी शल्य, पीड़ा और बाधाओं को दूर करने वाले हैं।
701 लोकशल्यकृत् ॐ लोकशल्यकृते नमः। Om Lokashalyakrite Namah. जो संसार के दुःख और कष्ट रूपी शल्य को दूर करने वाले हैं।
702 विरूप ॐ विरूपाय नमः। Om Virupaya Namah. जो अद्भुत, असाधारण और उग्र रूप धारण करने वाले हैं।
703 विकृत ॐ विकृताय नमः। Om Vikritaya Namah. जो विभिन्न और दिव्य रूपों में प्रकट होने वाले हैं।
704 वेगिन् ॐ वेगिने नमः। Om Vegine Namah. जो अत्यन्त तीव्र गति और अद्भुत वेग वाले हैं।
705 विरिञ्चि ॐ विरिञ्चये नमः। Om Virinchaye Namah. जो सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
706 विष्टरश्रवस् ॐ विष्टरश्रवसे नमः। Om Vishtarashravase Namah. जिनकी दिव्य कीर्ति और यश सम्पूर्ण संसार में विस्तृत है।
707 अव्यक्तलक्षण ॐ अव्यक्तलक्षणाय नमः। Om Avyaktalakshanaya Namah. जिनके लक्षण सूक्ष्म, अप्रकट और सामान्य दृष्टि से परे हैं।
708 अव्यक्त ॐ अव्यक्ताय नमः। Om Avyaktaya Namah. जो अप्रकट, अदृश्य और समस्त सृष्टि के मूल कारण हैं।
709 व्यक्त ॐ व्यक्ताय नमः। Om Vyaktaya Namah. जो सम्पूर्ण दृश्य जगत के रूप में प्रकट होते हैं।
710 वैश्य ॐ वैश्याय नमः। Om Vaishyaya Namah. जो समाज के पालन, पोषण और समृद्धि से सम्बद्ध हैं।
711 विशाम्पति ॐ विशाम्पतये नमः। Om Vishampataye Namah. जो सभी लोगों और प्राणियों के स्वामी तथा रक्षक हैं।
712 विबुधाग्रेसर ॐ विबुधाग्रेसराय नमः। Om Vibudhagresaraya Namah. जो देवताओं और ज्ञानी पुरुषों में सबसे आगे रहने वाले हैं।
713 वेद ॐ वेदाय नमः। Om Vedaya Namah. जो स्वयं वेद और परम ज्ञान के स्वरूप हैं।
714 विश्वगर्भ ॐ विश्वगर्भाय नमः। Om Vishvagarbhaya Namah. जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने भीतर धारण करने वाले हैं।
715 विचक्षण ॐ विचक्षणाय नमः। Om Vichakshanaya Namah. जो अत्यन्त बुद्धिमान, कुशल और विवेकशील हैं।
716 विषमाक्ष ॐ विषमाक्षाय नमः। Om Vishamakshaya Namah. जिनकी दिव्य दृष्टि असाधारण और अलौकिक शक्ति से युक्त है।
717 विलोमाक्ष ॐ विलोमाक्षाय नमः। Om Vilomakshaya Namah. जिनकी दृष्टि सामान्य दृष्टि से भिन्न और रहस्यमयी है।
718 वृषद ॐ वृषदाय नमः। Om Vrishadaya Namah. जो धर्म, सदाचार और पुण्य प्रदान करने वाले हैं।
719 वृषवर्द्धन ॐ वृषवर्द्धनाय नमः। Om Vrishavarddhanaya Namah. जो धर्म और सद्गुणों की वृद्धि करने वाले हैं।
720 विविक्तद ॐ विविक्तदाय नमः। Om Viviktadaya Namah. जो साधकों को एकांत, शांति और आध्यात्मिक साधना का अवसर प्रदान करते हैं।
721 वसन्त ॐ वसन्ताय नमः। Om Vasantaya Namah. जो वसंत ऋतु की ताजगी, सुंदरता और जीवनशक्ति के स्वरूप हैं।
722 विवस्वत् ॐ विवस्वते नमः। Om Vivasvate Namah. जो तेजस्वी सूर्य और दिव्य प्रकाश के स्वरूप हैं।
723 वितमस् ॐ वितमसे नमः। Om Vitamase Namah. जो अंधकार और अज्ञान से पूर्णतः रहित हैं।
724 तमस् ॐ तमसे नमः। Om Tamase Namah. जो तमोगुण और सृष्टि के गहन तत्त्व के अधिपति हैं।
725 वेदवेद्य ॐ वेदवेद्याय नमः। Om Vedavedyaya Namah. जो वेदों द्वारा जानने योग्य परम सत्य हैं।
726 विश्वरूप ॐ विश्वरूपाय नमः। Om Vishvarupaya Namah. जिनका विराट स्वरूप सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को समाहित करता है।
727 विविक्त ॐ विविक्ताय नमः। Om Viviktaya Namah. जो एकांत, निर्मल और संसार से अलिप्त स्वरूप वाले हैं।
728 विश्वभाजन ॐ विश्वभाजनाय नमः। Om Vishvabhajanaya Namah. जो सम्पूर्ण विश्व के आधार और पात्र के स्वरूप हैं।
729 विषयस्थ ॐ विषयस्थाय नमः। Om Vishayasthaya Namah. जो सभी विषयों में स्थित होकर भी उनसे निर्लिप्त रहते हैं।
730 विविक्तस्थ ॐ विविक्तस्थाय नमः। Om Viviktasthaya Namah. जो एकांत में स्थित और संसार से अलिप्त रहने वाले हैं।
731 विद्याराशि ॐ विद्याराशये नमः। Om Vidyarashaye Namah. जो समस्त ज्ञान और विद्या के असीम भण्डार हैं।
732 पतिप्रिय ॐ पतिप्रियाय नमः। Om Patipriyaya Namah. जो अपने भक्तों और दिव्य शक्तियों के अत्यन्त प्रिय हैं।
733 शिव ॐ शिवाय नमः। Om Shivaya Namah. जो कल्याण, मंगल और परम शुभता के स्वरूप हैं।
734 शर्व ॐ शर्वाय नमः। Om Sharvaya Namah. जो अधर्म और दुष्ट शक्तियों का संहार करने वाले हैं।
735 सदाचार ॐ सदाचाराय नमः। Om Sadacharaya Namah. जो श्रेष्ठ धर्म और सदाचार के आदर्श स्वरूप हैं।
736 शम्भु ॐ शम्भवे नमः। Om Shambhave Namah. जो सुख, शांति, आनंद और कल्याण प्रदान करने वाले हैं।
737 ईशान ॐ ईशानाय नमः। Om Ishanaya Namah. जो समस्त दिशाओं और सृष्टि के परम शासक हैं।
738 ईश्वर ॐ ईश्वराय नमः। Om Ishvaraya Namah. जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के सर्वोच्च और सर्वशक्तिमान ईश्वर हैं।
739 श्रुतिधर्मोक्तसंवादिन् ॐ श्रुतिधर्मोक्तसंवादिने नमः। Om Shrutidharmoktasamvadine Namah. जो श्रुति में बताए गए धर्म और सत्य के अनुरूप हैं।
740 सहस्राक्ष ॐ सहस्राक्षाय नमः। Om Sahasrakshaya Namah. जो सहस्र नेत्रों वाले और सम्पूर्ण जगत को देखने वाले हैं।
741 सहस्रपाद् ॐ सहस्रपादे नमः। Om Sahasrapade Namah. जिनके सहस्र चरण सम्पूर्ण सृष्टि में व्याप्त हैं।
742 सर्वज्ञ ॐ सर्वज्ञाय नमः। Om Sarvajnaya Namah. जो सर्वज्ञ और समस्त ज्ञान से पूर्ण हैं।
743 सर्वदेव ॐ सर्वदेवाय नमः। Om Sarvadevaya Namah. जो सभी देवताओं के स्वरूप और देवताओं के भी देव हैं।
744 शङ्कर ॐ शङ्कराय नमः। Om Shankaraya Namah. जो सुख, शांति और मंगल प्रदान करने वाले हैं।
745 शूलधारक ॐ शूलधारकाय नमः। Om Shuladharakaya Namah. जो शक्तिशाली त्रिशूल धारण करके अधर्म का नाश करते हैं।
746 शुचि ॐ शुचये नमः। Om Shuchaye Namah. जो पूर्णतः पवित्र, निर्मल और निष्कलंक हैं।
747 राशि ॐ राशये नमः। Om Rashaye Namah. जो समस्त दिव्य शक्तियों और अस्तित्व के महान समूह हैं।
748 स्कन्दगुरु ॐ स्कन्दगुरवे नमः। Om Skandagurave Namah. जो भगवान स्कन्द के परम गुरु और मार्गदर्शक हैं।
749 श्रीकण्ठ ॐ श्रीकण्ठाय नमः। Om Shrikanthaya Namah. जिनका कण्ठ दिव्य तेज और सौंदर्य से शोभित है।
750 सूर्यतापन ॐ सूर्यतापनाय नमः। Om Suryatapanaya Namah. जो सूर्य के समान तीव्र तेज से अशुद्धियों का नाश करते हैं।
751 ईशाननिलय ॐ ईशाननिलयाय नमः। Om Ishananilayaya Namah. जिनका दिव्य निवास ईशान दिशा से सम्बद्ध है।
752 स्वस्ति ॐ स्वस्ति नमः। Om Svasti Namah. जो कल्याण, मंगल और शुभता के स्वरूप हैं।
753 सामवेदस्वरूपविद् ॐ सामवेदस्वरूपविदे नमः। Om Samavedasvarupavide Namah. जो सामवेद के वास्तविक स्वरूप और गूढ़ ज्ञान के ज्ञाता हैं।
754 मानिन् ॐ मानिने नमः। Om Manine Namah. जो सम्माननीय, पूजनीय और दिव्य गरिमा से युक्त हैं।
755 सुनीति ॐ सुनीतये नमः। Om Sunitaye Namah. जो श्रेष्ठ नीति, सदाचार और सही मार्गदर्शन के स्वरूप हैं।
756 शुद्धात्मन् ॐ शुद्धात्मने नमः। Om Shuddhatmane Namah. जिनकी आत्मा पूर्णतः पवित्र और निष्कलंक है।
757 सोम ॐ सोमाय नमः। Om Somaya Namah. जो चन्द्रमा और अमृतमय सोम के दिव्य स्वरूप हैं।
758 सोमेतर ॐ सोमेतराय नमः। Om Sometaraya Namah. जो सोम अर्थात् चन्द्रमा से भी परे परम सत्य हैं।
759 सुखिन् ॐ सुखिने नमः। Om Sukhine Namah. जो शाश्वत आनंद, सुख और प्रसन्नता के स्वरूप हैं।
760 सदाशिव ॐ सदाशिवाय नमः। Om Sadashivaya Namah. जो सदैव मंगलमय, करुणामय और परम कल्याणकारी हैं।
761 समावृत्त ॐ समावृत्ताय नमः। Om Samavrittaya Namah. जो पूर्ण, संतुलित और सभी प्रकार से सम्पूर्ण हैं।
762 सुकीर्ति ॐ सुकीर्तये नमः। Om Sukirtaye Namah. जिनकी कीर्ति पवित्र, शुभ और सम्पूर्ण जगत में प्रसिद्ध है।
763 छिन्नसंशय ॐ छिन्नसंशयाय नमः। Om Chhinnasamshayaya Namah. जो भक्तों के सभी संदेह और भ्रम को दूर कर देते हैं।
764 सर्वकामिन् ॐ सर्वकामिने नमः। Om Sarvakamine Namah. जो सभी इच्छाओं के स्वरूप और भक्तों की कामनाएँ पूर्ण करने वाले हैं।
765 सदावास ॐ सदावासाय नमः। Om Sadavasaya Namah. जो सभी प्राणियों के शाश्वत निवास और आश्रय हैं।
766 सर्वायुधविशारद ॐ सर्वायुधविशारदाय नमः। Om Sarvayudhavisharadaya Namah. जो सभी प्रकार के दिव्य अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण हैं।
767 सुलभ ॐ सुलभाय नमः। Om Sulabhaya Namah. जो सच्चे और श्रद्धावान भक्तों के लिए सहज ही प्राप्त होने वाले हैं।
768 सूदन ॐ सूदनाय नमः। Om Sudanaya Namah. जो सभी दुष्ट और अधर्मी शक्तियों का संहार करने वाले हैं।
769 शुद्ध ॐ शुद्धाय नमः। Om Shuddhaya Namah. जो सदैव पवित्र और सभी अशुद्धियों से रहित हैं।
770 शुभांशु ॐ शुभांशवे नमः। Om Shubhamshave Namah. जिनकी दिव्य किरणें और प्रकाश अत्यन्त शुभ हैं।
771 शुद्धविग्रह ॐ शुद्धविग्रहाय नमः। Om Shuddhavigrahaya Namah. जिनका दिव्य शरीर पूर्णतः निर्मल और पवित्र है।
772 सुवर्ण ॐ सुवर्णाय नमः। Om Suvarnaya Namah. जो स्वर्ण के समान दिव्य तेज और आभा से युक्त हैं।
773 स्वाश्रय ॐ स्वाश्रयाय नमः। Om Svashrayaya Namah. जो स्वयं अपने आधार हैं और किसी अन्य पर निर्भर नहीं हैं।
774 शत्रु ॐ शत्रवे नमः। Om Shatrave Namah. जो अधर्मी और दुष्ट शक्तियों के प्रबल शत्रु हैं।
775 शत्रुजित् ॐ शत्रुजिते नमः। Om Shatrujite Namah. जो सभी शत्रुओं पर पूर्ण विजय प्राप्त करने वाले हैं।
776 शत्रुतापन ॐ शत्रुतापनाय नमः। Om Shatrutapanaya Namah. जो शत्रुओं के अहंकार और शक्ति को नष्ट करने वाले हैं।
777 शनै ॐ शनये नमः। Om Shanaye Namah. जो शनैश्चर के समान कर्मों के फल प्रदान करने वाले हैं।
778 सूर्य ॐ सूर्याय नमः। Om Suryaya Namah. जो सूर्य के समान प्रकाश, ऊर्जा और जीवन के स्रोत हैं।
779 सर्वकर्मन् ॐ सर्वकर्मणे नमः। Om Sarvakarmane Namah. जो सम्पूर्ण कर्मों के कर्ता और साक्षी हैं।
780 सर्वलोकप्रजापति ॐ सर्वलोकप्रजापतये नमः। Om Sarvalokaprajapataye Namah. जो सभी लोकों के प्रजापति और समस्त जीवों के स्वामी हैं।
781 सिद्ध ॐ सिद्धाय नमः। Om Siddhaya Namah. जो स्वयं पूर्ण, सिद्ध और आध्यात्मिक रूप से सम्पूर्ण हैं।
782 सर्वेश्वर ॐ सर्वेश्वराय नमः। Om Sarveshvaraya Namah. जो सम्पूर्ण अस्तित्व के सर्वोच्च स्वामी हैं।
783 स्वस्ति ॐ स्वस्तये नमः। Om Svastaye Namah. जो कल्याण, शुभता और सौभाग्य के परम स्रोत हैं।
784 स्वस्तिकृत् ॐ स्वस्तिकृते नमः। Om Svastikrite Namah. जो सभी प्रकार के मंगल और शुभता की रचना करते हैं।
785 स्वस्तिभुज् ॐ स्वस्तिभुजे नमः। Om Svastibhuje Namah. जो समस्त मंगल और शुभता का आनंद देने वाले हैं।
786 स्वधा ॐ स्वधायै नमः। Om Svadhayai Namah. जो पितरों को अर्पित की जाने वाली पवित्र स्वधा शक्ति के स्वरूप हैं।
787 वसु ॐ वसवे नमः। Om Vasave Namah. जो शुभता, प्रकाश और दिव्य सम्पदा के स्वरूप हैं।
788 वसुमनस् ॐ वसुमनसे नमः। Om Vasumanase Namah. जिनका मन उदार, करुणामय और शुभ भावों से युक्त है।
789 सत्य ॐ सत्याय नमः। Om Satyaya Namah. जो परम सत्य और शाश्वत वास्तविकता के स्वरूप हैं।
790 सर्वपापहर ॐ सर्वपापहराय नमः। Om Sarvapapaharaya Namah. जो सभी पापों और उनके प्रभावों का नाश करने वाले हैं।
791 हर ॐ हराय नमः। Om Haraya Namah. जो पाप, दुःख, अज्ञान और भय को हर लेने वाले हैं।
792 सर्वादि ॐ सर्वादये नमः। Om Sarvadaye Namah. जो सम्पूर्ण सृष्टि के आदि और मूल स्रोत हैं।
793 सिद्धिद ॐ सिद्धिदाय नमः। Om Siddhidaya Namah. जो भक्तों को सिद्धि और आध्यात्मिक उपलब्धियाँ प्रदान करते हैं।
794 सिद्धि ॐ सिद्धये नमः। Om Siddhaye Namah. जो स्वयं आध्यात्मिक सिद्धि और पूर्णता के स्वरूप हैं।
795 सर्वावास ॐ सर्वावासाय नमः। Om Sarvavasaya Namah. जो सभी प्राणियों और समस्त सृष्टि के परम निवासस्थान हैं।
796 चतुष्पथ ॐ चतुष्पथाय नमः। Om Chatushpathaya Namah. जो चारों दिशाओं और जीवन के सभी मार्गों के आधार हैं।
797 संवत्सरकर ॐ संवत्सरकराय नमः। Om Samvatsarakaraya Namah. जो वर्ष और कालचक्र की रचना करने वाले हैं।
798 श्रीमत् ॐ श्रीमते नमः। Om Shrimate Namah. जो दिव्य श्री, ऐश्वर्य, समृद्धि और तेज से सम्पन्न हैं।
799 शान्त ॐ शान्ताय नमः। Om Shantaya Namah. जो परम शांति, स्थिरता और शांत स्वरूप वाले हैं।
800 संवत्सर ॐ संवत्सराय नमः। Om Samvatsaraya Namah. जो स्वयं वर्ष और सम्पूर्ण कालचक्र के स्वरूप हैं।
801 ऋतुप्रभव ॐ ऋतुप्रभवाय नमः। Om Ritupabhavaya Namah. जो सभी ऋतुओं और प्राकृतिक चक्रों के मूल स्रोत हैं।
802 सर्वविज्ञ ॐ सर्वविज्ञाय नमः। Om Sarvavijnaya Namah. जो सम्पूर्ण ज्ञान और सभी रहस्यों को जानने वाले हैं।
803 सर्ववाहन ॐ सर्ववाहनाय नमः। Om Sarvavahanaya Namah. जो सभी दिव्य वाहनों और गतिशील शक्तियों के अधिपति हैं।
804 असंख्येय ॐ असंख्येयाय नमः। Om Asankhyeyaya Namah. जिनकी महिमा, शक्ति और स्वरूप की गणना नहीं की जा सकती।
805 अप्रमेयात्मन् ॐ अप्रमेयात्मने नमः। Om Aprameyatmane Namah. जिनका दिव्य स्वरूप किसी सीमित प्रमाण या माप से जाना नहीं जा सकता।
806 विशिष्ट ॐ विशिष्टाय नमः। Om Vishishtaya Namah. जो सभी से श्रेष्ठ, विशिष्ट और अद्वितीय परम सत्ता हैं।
807 शिष्टकृत् ॐ शिष्टकृते नमः। Om Shishtakrite Namah. जो श्रेष्ठ आचरण और धर्म की स्थापना करने वाले हैं।
808 शुचिस्मित ॐ शुचिस्मिताय नमः। Om Shuchismitaya Namah. जिनकी मुस्कान पवित्र, निर्मल और दिव्य आनंद से युक्त है।
809 सर्वग्रहरूप ॐ सर्वग्रहरूपाय नमः। Om Sarvagraharupaya Namah. जो समस्त ग्रहों और उनकी दिव्य शक्तियों के स्वरूप हैं।
810 सर्वग्रहविमोचक ॐ सर्वग्रहविमोचकाय नमः। Om Sarvagrahavimochakaya Namah. जो ग्रहों के अशुभ प्रभावों और बंधनों से मुक्ति देने वाले हैं।
811 सर्वदोषहर ॐ सर्वदोषहराय नमः। Om Sarvadoshaharaya Namah. जो सभी दोषों, बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों का नाश करते हैं।
812 सर्वमङ्गलदायक ॐ सर्वमङ्गलदायकाय नमः। Om Sarvamangaladayakaya Namah. जो भक्तों को सभी प्रकार का मंगल और शुभ फल प्रदान करते हैं।
813 सर्वसिद्धिप्रद ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः। Om Sarvasiddhipradaya Namah. जो भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियाँ और आध्यात्मिक उपलब्धियाँ प्रदान करते हैं।
814 सर्वभूतहितैषिन् ॐ सर्वभूतहितैषिणे नमः। Om Sarvabhutahitaisine Namah. जो सभी प्राणियों के कल्याण और हित की कामना करने वाले हैं।
815 सर्वभूतात्मन् ॐ सर्वभूतात्मने नमः। Om Sarvabhutatmane Namah. जो सभी प्राणियों के भीतर आत्मस्वरूप में स्थित हैं।
816 सर्वभूताश्रय ॐ सर्वभूताश्रयाय नमः। Om Sarvabhutashrayaya Namah. जो समस्त प्राणियों के परम आश्रय और आधार हैं।
817 सर्वभूतभावन ॐ सर्वभूतभावनाय नमः। Om Sarvabhutabhavanaya Namah. जो सभी जीवों का पालन, पोषण और कल्याण करने वाले हैं।
818 सर्वभूतभवोद्भव ॐ सर्वभूतभवोद्भवाय नमः। Om Sarvabhutabhavodbhavaya Namah. जो सभी प्राणियों की उत्पत्ति के मूल कारण हैं।
819 सर्वभूतविनाशक ॐ सर्वभूतविनाशकाय नमः। Om Sarvabhutavinashakaya Namah. जो सृष्टि के अंत में सभी भौतिक रूपों का संहार करते हैं।
820 सर्वलोकविधायक ॐ सर्वलोकविधायकाय नमः। Om Sarvalokavidhayakaya Namah. जो सभी लोकों की व्यवस्था और नियम निर्धारित करने वाले हैं।
821 सर्वलोकहितैषिन् ॐ सर्वलोकहितैषिणे नमः। Om Sarvalokahitaisine Namah. जो सभी लोकों और उनके प्राणियों के कल्याण की इच्छा रखते हैं।
822 सर्वलोकैकनाथ ॐ सर्वलोकैकनाथाय नमः। Om Sarvalokaikanathaya Namah. जो समस्त लोकों के एकमात्र परम स्वामी हैं।
823 सर्वलोकैकबन्धु ॐ सर्वलोकैकबन्धवे नमः। Om Sarvalokaikabandhave Namah. जो सभी लोकों और प्राणियों के परम मित्र और बन्धु हैं।
824 सर्वलोकैकसाक्षिन् ॐ सर्वलोकैकसाक्षिणे नमः। Om Sarvalokaikasakshine Namah. जो सभी लोकों में घटित होने वाली घटनाओं के परम साक्षी हैं।
825 सर्वलोकैकपालक ॐ सर्वलोकैकपालकाय नमः। Om Sarvalokaikapalakaya Namah. जो सभी लोकों का पालन और संरक्षण करने वाले हैं।
826 सर्वलोकैकदर्शिन् ॐ सर्वलोकैकदर्शिने नमः। Om Sarvalokaikadarshine Namah. जो सभी लोकों को एक साथ देखने और जानने वाले हैं।
827 सर्वलोकैकदीपक ॐ सर्वलोकैकदीपकाय नमः। Om Sarvalokaikadipakaya Namah. जो सभी लोकों को प्रकाशित करने वाले परम दिव्य प्रकाश हैं।
828 सर्वलोकैकभास्कर ॐ सर्वलोकैकभास्कराय नमः। Om Sarvalokaikabhaskaraya Namah. जो सभी लोकों के लिए सूर्य के समान प्रकाश देने वाले हैं।
829 सर्वलोकैकस्रष्टृ ॐ सर्वलोकैकस्रष्ट्रे नमः। Om Sarvalokaikasrashtre Namah. जो सभी लोकों की सृष्टि करने वाले एकमात्र परम रचनाकार हैं।
830 सर्वलोकैकसंहर्तृ ॐ सर्वलोकैकसंहर्त्रे नमः। Om Sarvalokaikasamhartre Namah. जो सभी लोकों का अंत होने पर उनका संहार करने वाले हैं।
831 सर्वलोकैकमङ्गल ॐ सर्वलोकैकमङ्गलाय नमः। Om Sarvalokaikamangalaya Namah. जो सभी लोकों के लिए परम मंगल और कल्याण के स्रोत हैं।
832 सर्वलोकैकसौभाग्यदायक ॐ सर्वलोकैकसौभाग्यदायकाय नमः। Om Sarvalokaikasaubhagyadayakaya Namah. जो सभी लोकों को सौभाग्य और शुभ फल प्रदान करने वाले हैं।
833 सर्वलोकैकवरद ॐ सर्वलोकैकवरदाय नमः। Om Sarvalokaikavaradaya Namah. जो सभी लोकों को वरदान देने वाले परम दयालु स्वामी हैं।
834 सर्वलोकैकपूजित ॐ सर्वलोकैकपूजिताय नमः। Om Sarvalokaikapujitaya Namah. जो सभी लोकों में श्रद्धा और भक्ति से पूजित हैं।
835 सर्वलोकैकगम्य ॐ सर्वलोकैकगम्याय नमः। Om Sarvalokaikagamyaya Namah. जो सभी लोकों के साधकों द्वारा आध्यात्मिक रूप से प्राप्त किए जा सकते हैं।
836 सर्वलोकैकदुर्लभ ॐ सर्वलोकैकदुर्लभाय नमः। Om Sarvalokaikadurlabhaya Namah. जिनकी परम अनुभूति साधारण रूप से अत्यन्त दुर्लभ है।
837 सर्वलोकैकगोप्ता ॐ सर्वलोकैकगोप्त्रे नमः। Om Sarvalokaikagoptre Namah. जो सभी लोकों की रक्षा और सुरक्षा करने वाले हैं।
838 सर्वलोकैकशरण ॐ सर्वलोकैकशरणाय नमः। Om Sarvalokaikasharanaya Namah. जो सभी लोकों के लिए एकमात्र परम शरण हैं।
839 सर्वलोकैककारण ॐ सर्वलोकैककारणाय नमः। Om Sarvalokaikakaranaya Namah. जो सभी लोकों की उत्पत्ति के एकमात्र मूल कारण हैं।
840 सर्वलोकैकसार ॐ सर्वलोकैकसाराय नमः। Om Sarvalokaikasaraya Namah. जो सभी लोकों के अस्तित्व का परम सार हैं।
841 सर्वलोकैकतत्त्व ॐ सर्वलोकैकतत्त्वाय नमः। Om Sarvalokaikatattvaya Namah. जो सभी लोकों में व्याप्त परम तत्त्व के स्वरूप हैं।
842 सर्वलोकैकचैतन्य ॐ सर्वलोकैकचैतन्याय नमः। Om Sarvalokaikachaitanyaya Namah. जो सभी लोकों में व्याप्त परम चेतना के स्वरूप हैं।
843 सर्वलोकैकसाक्षिन् ॐ सर्वलोकैकसाक्षिणे नमः। Om Sarvalokaikasakshine Namah. जो समस्त लोकों की सभी घटनाओं के परम साक्षी हैं।
844 सर्वलोकैकाधार ॐ सर्वलोकैकाधाराय नमः। Om Sarvalokaikadharaya Namah. जो सभी लोकों के एकमात्र आधार और सहारे हैं।
845 सर्वलोकैकपालन ॐ सर्वलोकैकपालनाय नमः। Om Sarvalokaikapalanaya Namah. जो सभी लोकों का संरक्षण और पालन करने वाले हैं।
846 सर्वलोकैकनियन्तृ ॐ सर्वलोकैकनियन्त्रे नमः। Om Sarvalokaikaniyantre Namah. जो सभी लोकों की व्यवस्था और गति को नियंत्रित करने वाले हैं।
847 सर्वलोकैकसर्वस्व ॐ सर्वलोकैकसर्वस्वाय नमः। Om Sarvalokaikasarvasvaya Namah. जो सभी लोकों की सम्पूर्ण सम्पदा और परम सार के स्वरूप हैं।
848 सर्वलोकैकनायक ॐ सर्वलोकैकनायकाय नमः। Om Sarvalokaikanayakaya Namah. जो सभी लोकों के एकमात्र परम मार्गदर्शक और नायक हैं।
849 सर्वलोकैकभर्तृ ॐ सर्वलोकैकभर्त्रे नमः। Om Sarvalokaikabhartre Namah. जो सभी लोकों का पालन-पोषण करने वाले परम स्वामी हैं।
850 सर्वलोकैकधाम ॐ सर्वलोकैकधाम्ने नमः। Om Sarvalokaikadhamne Namah. जो सभी लोकों का परम दिव्य धाम और अंतिम आश्रय हैं।
851 सर्वलोकैकमोक्षद ॐ सर्वलोकैकमोक्षदाय नमः। Om Sarvalokaikamokshadaya Namah. जो सभी लोकों के जीवों को परम मुक्ति प्रदान करने वाले हैं।
852 सर्वलोकैकमुक्तिद ॐ सर्वलोकैकमुक्तिदाय नमः। Om Sarvalokaikamuktidaya Namah. जो सभी प्राणियों को बंधनों से मुक्त करने वाले हैं।
853 सर्वलोकैकज्ञानद ॐ सर्वलोकैकज्ञानदाय नमः। Om Sarvalokaikajnanadaya Namah. जो सभी लोकों के साधकों को दिव्य ज्ञान प्रदान करते हैं।
854 सर्वलोकैकबोधद ॐ सर्वलोकैकबोधदाय नमः। Om Sarvalokaikabodhadaya Namah. जो सभी जीवों को आत्मज्ञान और आध्यात्मिक जागृति प्रदान करते हैं।
855 सर्वलोकैकशान्तिद ॐ सर्वलोकैकशान्तिदाय नमः। Om Sarvalokaikashantidaya Namah. जो सभी लोकों को शांति और आध्यात्मिक स्थिरता प्रदान करते हैं।
856 सर्वलोकैकसुखद ॐ सर्वलोकैकसुखदाय नमः। Om Sarvalokaikasukhadaya Namah. जो सभी लोकों के प्राणियों को सुख और आनंद देने वाले हैं।
857 सर्वलोकैकानन्द ॐ सर्वलोकैकानन्दाय नमः। Om Sarvalokaikanandaya Namah. जो सभी लोकों के परम आनंद और दिव्य प्रसन्नता के स्रोत हैं।
858 सर्वलोकैकप्रेमद ॐ सर्वलोकैकप्रेमदाय नमः। Om Sarvalokaikapremadaya Namah. जो सभी लोकों के जीवों में दिव्य प्रेम उत्पन्न करते हैं।
859 सर्वलोकैकदयाकर ॐ सर्वलोकैकदयाकराय नमः। Om Sarvalokaikadayakaraya Namah. जो सभी लोकों के प्राणियों पर असीम करुणा करने वाले हैं।
860 सर्वलोकैककृपालु ॐ सर्वलोकैककृपालवे नमः। Om Sarvalokaikakripaluve Namah. जो सभी लोकों पर समान रूप से कृपा करने वाले हैं।
861 सर्वलोकैकवत्सल ॐ सर्वलोकैकवत्सलाय नमः। Om Sarvalokaikavatsalaya Namah. जो सभी लोकों के प्राणियों से माता-पिता के समान प्रेम करते हैं।
862 सर्वलोकैकसौम्य ॐ सर्वलोकैकसौम्याय नमः। Om Sarvalokaikasaumyaya Namah. जो सभी लोकों में शांत, सौम्य और करुणामय स्वरूप वाले हैं।
863 सर्वलोकैकसुन्दर ॐ सर्वलोकैकसुन्दराय नमः। Om Sarvalokaikasundaraya Namah. जो सभी लोकों में परम सुंदर और मनोहर दिव्य स्वरूप वाले हैं।
864 सर्वलोकैकशोभन ॐ सर्वलोकैकशोभनाय नमः। Om Sarvalokaikashobhanaya Namah. जो सभी लोकों को अपनी दिव्य शोभा से सुशोभित करते हैं।
865 सर्वलोकैकतेजस्विन् ॐ सर्वलोकैकतेजस्विने नमः। Om Sarvalokaikatejasvine Namah. जो सभी लोकों में सर्वोच्च दिव्य तेज से प्रकाशित हैं।
866 सर्वलोकैकप्रकाशक ॐ सर्वलोकैकप्रकाशकाय नमः। Om Sarvalokaikaprakashakaya Namah. जो सभी लोकों को ज्ञान और दिव्य प्रकाश से प्रकाशित करते हैं।
867 सर्वलोकैकज्योतिस् ॐ सर्वलोकैकज्योतिषे नमः। Om Sarvalokaikajyotishe Namah. जो सभी लोकों के एकमात्र परम दिव्य प्रकाश हैं।
868 सर्वलोकैकदीप्तिमत् ॐ सर्वलोकैकदीप्तिमते नमः। Om Sarvalokaikadiptimate Namah. जो सभी लोकों को अपनी अद्भुत दिव्य दीप्ति से प्रकाशित करते हैं।
869 सर्वलोकैकप्रभाकर ॐ सर्वलोकैकप्रभाकराय नमः। Om Sarvalokaikaprabhakaraya Namah. जो सभी लोकों में दिव्य प्रभा और प्रकाश उत्पन्न करते हैं।
870 सर्वलोकैकप्रभु ॐ सर्वलोकैकप्रभवे नमः। Om Sarvalokaikaprabhave Namah. जो सभी लोकों के एकमात्र परम प्रभु और स्वामी हैं।
871 सर्वलोकैकस्वामिन् ॐ सर्वलोकैकस्वामिने नमः। Om Sarvalokaikasvamine Namah. जो समस्त लोकों के एकमात्र सर्वोच्च स्वामी हैं।
872 सर्वलोकैकनाथेश ॐ सर्वलोकैकनाथेशाय नमः। Om Sarvalokaikanatheshaya Namah. जो सभी लोकों के परम नाथ और सर्वोच्च अधिपति हैं।
873 सर्वलोकैकभास्वर ॐ सर्वलोकैकभास्वराय नमः। Om Sarvalokaikabhasvaraya Namah. जो सभी लोकों में अत्यन्त तेजस्वी और प्रकाशमान हैं।
874 सर्वलोकैकवन्दित ॐ सर्वलोकैकवन्दिताय नमः। Om Sarvalokaikavanditaya Namah. जिन्हें सभी लोकों के देवता, ऋषि और भक्त प्रणाम करते हैं।
875 सर्वलोकैकनमस्कृत ॐ सर्वलोकैकनमस्कृताय नमः। Om Sarvalokaikanamaskritaya Namah. जिन्हें सभी लोकों में श्रद्धा और भक्ति से नमस्कार किया जाता है।
876 सर्वलोकैकसेवित ॐ सर्वलोकैकसेविताय नमः। Om Sarvalokaikasevitaya Namah. जिनकी सभी लोकों के देवता और भक्त सेवा करते हैं।
877 सर्वलोकैकपूज्य ॐ सर्वलोकैकपूज्याय नमः। Om Sarvalokaikapujyaya Namah. जो सभी लोकों में परम पूजनीय और आराध्य हैं।
878 सर्वलोकैकाराध्य ॐ सर्वलोकैकाराध्याय नमः। Om Sarvalokaikaradhyaya Namah. जो सभी लोकों के भक्तों द्वारा आराधना के योग्य परम देव हैं।
879 सर्वलोकैकध्येय ॐ सर्वलोकैकध्येयाय नमः। Om Sarvalokaikadhyeyaya Namah. जो सभी लोकों के साधकों के ध्यान का परम विषय हैं।
880 सर्वलोकैकचिन्तित ॐ सर्वलोकैकचिन्तिताय नमः। Om Sarvalokaikachintitaya Namah. जिनका चिंतन सभी लोकों के भक्त श्रद्धा से करते हैं।
881 सर्वलोकैकभावित ॐ सर्वलोकैकभाविताय नमः। Om Sarvalokaikabhavitaya Namah. जो सभी लोकों के साधकों के हृदय में भावपूर्वक स्थित हैं।
882 सर्वलोकैकध्यानस्थ ॐ सर्वलोकैकध्यानस्थाय नमः। Om Sarvalokaikadhyanasthaya Namah. जो सभी लोकों की ध्यान-साधना के केंद्र में स्थित हैं।
883 सर्वलोकैकभावन ॐ सर्वलोकैकभावनाय नमः। Om Sarvalokaikabhavanaya Namah. जो सभी लोकों के जीवों का पालन और पोषण करने वाले हैं।
884 सर्वलोकैकजीवन ॐ सर्वलोकैकजीवनाय नमः। Om Sarvalokaikajivanaya Namah. जो सभी लोकों के जीवन और चेतना के मूल स्रोत हैं।
885 सर्वलोकैकप्राण ॐ सर्वलोकैकप्राणाय नमः। Om Sarvalokaikapranaya Namah. जो सभी लोकों में जीवन प्रदान करने वाली परम प्राणशक्ति हैं।
886 सर्वलोकैकशक्ति ॐ सर्वलोकैकशक्तये नमः। Om Sarvalokaikashaktaye Namah. जो सभी लोकों में कार्य करने वाली परम दिव्य शक्ति हैं।
887 सर्वलोकैकबल ॐ सर्वलोकैकबलाय नमः। Om Sarvalokaikabalaya Namah. जो सभी लोकों की समस्त शक्ति और सामर्थ्य के मूल स्रोत हैं।
888 सर्वलोकैकवीर्य ॐ सर्वलोकैकवीर्याय नमः। Om Sarvalokaikaviryaya Namah. जो सभी लोकों की दिव्य शक्ति और पराक्रम के स्रोत हैं।
889 सर्वलोकैकधैर्य ॐ सर्वलोकैकधैर्याय नमः। Om Sarvalokaikadhairyaya Namah. जो सभी लोकों के लिए अटूट धैर्य और स्थिरता के आधार हैं।
890 सर्वलोकैकशौर्य ॐ सर्वलोकैकशौर्याय नमः। Om Sarvalokaikashauryaya Namah. जो सभी लोकों में सर्वोच्च वीरता और साहस के स्वरूप हैं।
891 सर्वलोकैकप्रताप ॐ सर्वलोकैकप्रतापाय नमः। Om Sarvalokaikapratapaya Namah. जिनका दिव्य प्रताप और तेज सभी लोकों में प्रसिद्ध है।
892 सर्वलोकैकयशस् ॐ सर्वलोकैकयशसे नमः। Om Sarvalokaikayashase Namah. जिनकी यश और कीर्ति सभी लोकों में फैली हुई है।
893 सर्वलोकैककीर्ति ॐ सर्वलोकैककीर्तये नमः। Om Sarvalokaikakirtaye Namah. जिनकी पवित्र कीर्ति सभी लोकों में श्रद्धा से गाई जाती है।
894 सर्वलोकैकमाहात्म्य ॐ सर्वलोकैकमाहात्म्याय नमः। Om Sarvalokaikamahatmyaya Namah. जिनकी महानता और दिव्य महिमा सभी लोकों में अद्वितीय है।
895 सर्वलोकैकवैभव ॐ सर्वलोकैकवैभवाय नमः। Om Sarvalokaikavaibhavaya Namah. जो सभी लोकों के परम दिव्य वैभव और ऐश्वर्य के स्रोत हैं।
896 सर्वलोकैकसम्पत् ॐ सर्वलोकैकसम्पदे नमः। Om Sarvalokaikasampade Namah. जो सभी लोकों की वास्तविक और शाश्वत सम्पदा के स्वरूप हैं।
897 सर्वलोकैकसमृद्धि ॐ सर्वलोकैकसमृद्धये नमः। Om Sarvalokaikasamriddhaye Namah. जो सभी लोकों में समृद्धि और पूर्णता प्रदान करने वाले हैं।
898 सर्वलोकैकमङ्गलप्रद ॐ सर्वलोकैकमङ्गलप्रदाय नमः। Om Sarvalokaikamangalapradaya Namah. जो सभी लोकों के लिए मंगल और शुभ फल प्रदान करते हैं।
899 सर्वलोकैककल्याण ॐ सर्वलोकैककल्याणाय नमः। Om Sarvalokaikakalyanaya Namah. जो सभी लोकों के परम कल्याण और मंगल के स्वरूप हैं।
900 सर्वलोकैकमुक्तिद ॐ सर्वलोकैकमुक्तिदाय नमः। Om Sarvalokaikamuktidaya Namah. जो सभी लोकों के जीवों को परम मुक्ति प्रदान करने वाले हैं।
901 सत्परायण ॐ सत्परायणाय नमः। Om Satparayanaya Namah. जो सत्य, धर्म और सदाचार के परम आश्रय हैं।
902 श्रीवल्लभ ॐ श्रीवल्लभाय नमः। Om Shrivallabhaya Namah. जो श्री, ऐश्वर्य और दिव्य समृद्धि के प्रिय स्वरूप हैं।
903 शिवारम्भ ॐ शिवारम्भाय नमः। Om Shivarambhaya Namah. जो सभी शुभ और कल्याणकारी कार्यों के आरम्भ स्वरूप हैं।
904 शान्तभद्र ॐ शान्तभद्राय नमः। Om Shantabhadraya Namah. जो परम शांति, मंगल और कल्याण के स्वरूप हैं।
905 समञ्जस ॐ समञ्जसाय नमः। Om Samanjasaya Namah. जो उचित, संतुलित और सामंजस्यपूर्ण स्वरूप वाले हैं।
906 सत्यवाच् ॐ सत्यवाचे नमः। Om Satyavache Namah. जो सदैव सत्य वचन बोलने वाले हैं।
907 सात्त्विक ॐ सात्त्विकाय नमः। Om Satvikaya Namah. जो शुद्धता, सद्गुण और सात्त्विकता के स्वरूप हैं।
908 सत्य ॐ सत्याय नमः। Om Satyaya Namah. जो परम सत्य और शाश्वत वास्तविकता के स्वरूप हैं।
909 सर्वजित् ॐ सर्वजिते नमः। Om Sarvajite Namah. जो सभी शत्रुओं और बाधाओं पर विजय प्राप्त करने वाले हैं।
910 श्रुतिसागर ॐ श्रुतिसागराय नमः। Om Shrutisagaraya Namah. जो समस्त श्रुति और वेदज्ञान के अथाह सागर हैं।
911 सहस्रार्चिस् ॐ सहस्रार्चिषे नमः। Om Sahasrarchishe Namah. जो हजारों दिव्य किरणों और प्रकाश से प्रकाशित हैं।
912 सदाजिष्णु ॐ सदाजिष्णवे नमः। Om Sadajishnave Namah. जो सदैव विजयी और अजेय रहने वाले हैं।
913 सप्ति ॐ सप्तये नमः। Om Saptaye Namah. जो दिव्य गति और शक्ति के स्वरूप हैं।
914 सप्तजनेश्वर ॐ सप्तजनेश्वराय नमः। Om Saptajaneshvaraya Namah. जो सात लोकों और सात प्रकार के जीवों के परम ईश्वर हैं।
915 संहारकारण ॐ संहारकारणाय नमः। Om Samharakaranaya Namah. जो सृष्टि के संहार के मूल कारण हैं।
916 शुद्ध ॐ शुद्धाय नमः। Om Shuddhaya Namah. जो पूर्णतः पवित्र और सभी अशुद्धियों से रहित हैं।
917 शत्रुघ्न ॐ शत्रुघ्नाय नमः। Om Shatrughnaya Namah. जो सभी शत्रुओं और दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाले हैं।
918 स्वर्णदायक ॐ स्वर्णदायकाय नमः। Om Svarnadayakaya Namah. जो स्वर्ण, धन और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं।
919 सुरेश ॐ सुरेशाय नमः। Om Sureshaya Namah. जो देवताओं के परम स्वामी और अधिपति हैं।
920 शरण ॐ शरणाय नमः। Om Sharanaya Namah. जो भक्तों के परम आश्रय और शरणदाता हैं।
921 शर्मन् ॐ शर्मणे नमः। Om Sharmane Namah. जो शांति, सुख और परम आनंद प्रदान करने वाले हैं।
922 सर्व ॐ सर्वस्मै नमः। Om Sarvasmai Namah. जो स्वयं सम्पूर्ण अस्तित्व और सभी वस्तुओं के स्वरूप हैं।
923 वेद ॐ वेदाय नमः। Om Vedaya Namah. जो स्वयं वेद और परम आध्यात्मिक ज्ञान के स्वरूप हैं।
924 सताङ्गति ॐ सताङ्गतये नमः। Om Satangataye Namah. जो सज्जनों और भक्तों को श्रेष्ठ गति प्रदान करने वाले हैं।
925 संवृत ॐ संवृताय नमः। Om Samvritaya Namah. जो अपनी दिव्य शक्ति को रहस्यमय रूप से आवृत रखने वाले हैं।
926 असंवृत ॐ असंवृताय नमः। Om Asamvritaya Namah. जो किसी आवरण से रहित और पूर्णतः स्वतंत्र हैं।
927 शिल्पिन् ॐ शिल्पिने नमः। Om Shilpine Namah. जो दिव्य रचना, कला और सृजन-कौशल के अधिपति हैं।
928 सिद्धिद ॐ सिद्धिदाय नमः। Om Siddhidaya Namah. जो भक्तों को सिद्धियाँ और आध्यात्मिक उपलब्धियाँ प्रदान करते हैं।
929 स्वर्णसिद्धिद ॐ स्वर्णसिद्धिदाय नमः। Om Svarnasiddhidaya Namah. जो स्वर्ण और समृद्धि से जुड़ी सिद्धियाँ प्रदान करने वाले हैं।
930 शान्तबुद्धि ॐ शान्तबुद्धये नमः। Om Shantabuddhaye Namah. जिनकी बुद्धि पूर्णतः शांत, स्थिर और निर्मल है।
931 शुद्धबुद्धि ॐ शुद्धबुद्धये नमः। Om Shuddhabuddhaye Namah. जिनकी बुद्धि पूर्णतः पवित्र और ज्ञानमय है।
932 स्तव्य ॐ स्तव्याय नमः। Om Stavyaya Namah. जो स्तुति और प्रशंसा के योग्य परम देव हैं।
933 स्तोत्र ॐ स्तोत्रे नमः। Om Stotre Namah. जो स्वयं पवित्र स्तोत्र और स्तुति के दिव्य स्वरूप हैं।
934 स्तवप्रिय ॐ स्तवप्रियाय नमः। Om Stavapriyaya Namah. जो भक्तों द्वारा की गई स्तुति से प्रसन्न होने वाले हैं।
935 रसज्ञ ॐ रसज्ञाय नमः। Om Rasajnaya Namah. जो सभी रसों और जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक सार को जानने वाले हैं।
936 स्वर्णरूप ॐ स्वर्णरूपाय नमः। Om Svarnarupaya Namah. जिनका दिव्य स्वरूप स्वर्ण के समान तेजस्वी और प्रकाशमान है।
937 शुद्धि ॐ शुद्धये नमः। Om Shuddhaye Namah. जो पवित्रता और आत्मशुद्धि प्रदान करने वाले हैं।
938 राज्ञ ॐ राज्ञे नमः। Om Rajne Namah. जो समस्त जगत के दिव्य राजा और शासक हैं।
939 वषट् ॐ वषट् नमः। Om Vashat Namah. जो यज्ञ और वैदिक आहुति के पवित्र वषट् स्वरूप हैं।
940 नमो ॐ नमो नमः। Om Namo Namah. जिन्हें श्रद्धा, भक्ति और समर्पणपूर्वक बार-बार नमस्कार किया जाता है।
941 स्थूल ॐ स्थूलाय नमः। Om Sthulaya Namah. जो स्थूल और दृश्य जगत के रूप में भी प्रकट होते हैं।
942 सूक्ष्म ॐ सूक्ष्माय नमः। Om Sukshmaya Namah. जो सूक्ष्म, अदृश्य और इन्द्रियों से परे स्वरूप वाले हैं।
943 सहस्रार्कप्रकाश ॐ सहस्रार्कप्रकाशाय नमः। Om Sahasrarkaprakashaya Namah. जिनका प्रकाश हजारों सूर्यों के समान तेजस्वी है।
944 सर्वतोमुख ॐ सर्वतोमुखाय नमः। Om Sarvatomukhaya Namah. जिनके मुख और दृष्टि सभी दिशाओं में व्याप्त हैं।
945 सारमेयानुग ॐ सारमेयानुगाय नमः। Om Sarameyanugaya Namah. जो सारमेय अर्थात् दिव्य श्वान के साथ रहने वाले हैं।
946 शम्भु ॐ शम्भवे नमः। Om Shambhave Namah. जो सुख, शांति और परम कल्याण प्रदान करने वाले हैं।
947 प्रेतवाह ॐ प्रेतवाहाय नमः। Om Pretavahaya Namah. जो प्रेत शक्तियों के अधिपति और उनके वाहक स्वरूप हैं।
948 सहस्रकृत् ॐ सहस्रकृते नमः। Om Sahasrakrite Namah. जो हजारों प्रकार के दिव्य कार्य और लीलाएँ करने वाले हैं।
949 ग्रहात्मक ॐ ग्रहात्मकाय नमः। Om Grahatmakaya Namah. जो ग्रहों और उनकी शक्तियों के मूल स्वरूप हैं।
950 रुद्ररूप ॐ रुद्ररूपाय नमः। Om Rudrarupaya Namah. जो भगवान रुद्र के उग्र और दिव्य स्वरूप में प्रकट होते हैं।
951 वस्वष्टस्वर्णकृत् ॐ वस्वष्टस्वर्णकृते नमः। Om Vasvashtasvarnakrite Namah. जो दिव्य सम्पदा और स्वर्णमय समृद्धि के प्रदाता हैं।
952 वशिन् ॐ वशिने नमः। Om Vashine Namah. जो समस्त शक्तियों को अपने वश में रखने वाले हैं।
953 आदित्य ॐ आदित्याय नमः। Om Adityaya Namah. जो सूर्य के समान प्रकाश और ऊर्जा के दिव्य स्रोत हैं।
954 सर्वकर्तृ ॐ सर्वकर्त्रे नमः। Om Sarvakartre Namah. जो समस्त सृष्टि के कार्यों के परम कर्ता हैं।
955 सर्वग ॐ सर्वगाय नमः। Om Sarvagaya Namah. जो सर्वत्र व्याप्त और प्रत्येक स्थान पर विद्यमान हैं।
956 स्वर्णसिद्धिद ॐ स्वर्णसिद्धिदाय नमः। Om Svarnasiddhidaya Namah. जो स्वर्ण और समृद्धि की सिद्धि प्रदान करने वाले हैं।
957 सदारुष्ट ॐ सदारुष्टाय नमः। Om Sadarushtaya Namah. जो अधर्म और दुष्ट शक्तियों के प्रति सदैव उग्र रहते हैं।
958 स्वर्णदातृ ॐ स्वर्णदात्रे नमः। Om Svarnadatre Namah. जो स्वर्ण और धन-सम्पदा प्रदान करने वाले हैं।
959 घुर्घुर ॐ घुर्घुराय नमः। Om Ghurghuraya Namah. जो भयंकर और गम्भीर नाद करने वाले उग्र स्वरूप हैं।
960 रक्तलोचन ॐ रक्तलोचनाय नमः। Om Raktalochanaya Namah. जिनके नेत्र उग्र, लाल और दिव्य तेज से युक्त हैं।
961 पादुकासिद्धिद ॐ पादुकासिद्धिदाय नमः। Om Padukasiddhidaya Namah. जो पवित्र पादुका-साधना से जुड़ी सिद्धियाँ प्रदान करने वाले हैं।
962 पात ॐ पाताय नमः। Om Pataya Namah. जो भक्तों की रक्षा और संरक्षण करने वाले हैं।
963 पारुष्यविनिषूदन ॐ पारुष्यविनिषूदनाय नमः। Om Parushyavinishudanaya Namah. जो कठोरता, क्रूरता और दुष्ट प्रवृत्तियों का नाश करते हैं।
964 अष्टसिद्धि ॐ अष्टसिद्धये नमः। Om Ashtasiddhaye Namah. जो आठों प्रमुख योगिक सिद्धियों के स्वरूप और प्रदाता हैं।
965 महासिद्धि ॐ महासिद्धये नमः। Om Mahasiddhaye Namah. जो महान आध्यात्मिक सिद्धि और पूर्णता के स्वरूप हैं।
966 सुप्रसिद्धि ॐ सुप्रसिद्धये नमः। Om Suprasiddhaye Namah. जो अत्यन्त प्रसिद्ध और सर्वत्र विख्यात दिव्य स्वरूप हैं।
967 स्वर्णद ॐ स्वर्णदाय नमः। Om Svarnadaya Namah. जो स्वर्ण और भौतिक समृद्धि प्रदान करने वाले हैं।
968 भूतवेतालघातिन् ॐ भूतवेतालघातिने नमः। Om Bhutavetalaghatine Namah. जो भूत, वेताल और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाले हैं।
969 वेतालानुचर ॐ वेतालानुचराय नमः। Om Vetalanucharaya Namah. जो वेताल शक्तियों पर नियंत्रण रखने वाले दिव्य अधिपति हैं।
970 रवि ॐ रवये नमः। Om Ravaye Namah. जो सूर्य के समान प्रकाश और तेज के स्वरूप हैं।
971 काल ॐ कालाय नमः। Om Kalaya Namah. जो काल, समय और परिवर्तन के परम अधिपति हैं।
972 कालाग्निरुद्रश्री ॐ कालाग्निरुद्रश्रिये नमः। Om Kalagnirudrashriye Namah. जो कालाग्नि रुद्र के उग्र तेज और दिव्य ऐश्वर्य के स्वरूप हैं।
973 स्वर्णाकर्षणभैरव ॐ स्वर्णाकर्षणभैरवाय नमः। Om Svarnakarshanabhairavaya Namah. जो स्वर्णाकर्षण भैरव के रूप में धन और समृद्धि प्रदान करते हैं।
974 कालमाल ॐ कालमालाय नमः। Om Kalamalaya Namah. जो काल की माला और समय की अनन्त गति के स्वरूप हैं।
975 कलामाल ॐ कलामालाय नमः। Om Kalamalaya Namah. जो कलाओं और दिव्य शक्तियों की माला से विभूषित हैं।
976 त्र्यम्बक ॐ त्र्यम्बकाय नमः। Om Tryambakaya Namah. जो तीन नेत्रों वाले भगवान शिव के दिव्य स्वरूप हैं।
977 त्रिपुरान्तक ॐ त्रिपुरान्तकाय नमः। Om Tripurantakaya Namah. जो त्रिपुरासुर का संहार करने वाले भगवान शिव के स्वरूप हैं।
978 सर्वाभिचारहन्तृ ॐ सर्वाभिचारहन्त्रे नमः। Om Sarvabhicharahantre Namah. जो सभी अभिचार और नकारात्मक तांत्रिक प्रभावों का नाश करते हैं।
979 परकृत्यनिषूदन ॐ परकृत्यनिषूदनाय नमः। Om Parakrityanishudanaya Namah. जो दूसरों द्वारा किए गए दुष्ट कर्मों और बाधाओं का नाश करते हैं।
980 मन्त्रमालिन् ॐ मन्त्रमालिने नमः। Om Mantramaline Namah. जो दिव्य मंत्रों की माला से युक्त और मंत्रशक्ति के अधिपति हैं।
981 सर्पमालिन् ॐ सर्पमालिने नमः। Om Sarpamaline Namah. जो सर्पों की माला धारण करने वाले उग्र दिव्य स्वरूप हैं।
982 स्वर्णाकर्षणभैरव ॐ स्वर्णाकर्षणभैरवाय नमः। Om Svarnakarshana Bhairavaya Namah. जो स्वर्णाकर्षण भैरव के रूप में धन, ऐश्वर्य और समृद्धि प्रदान करते हैं।
983 श्रीधर ॐ श्रीधराय नमः। Om Shridharaya Namah. जो श्री, ऐश्वर्य और दिव्य समृद्धि को धारण करने वाले हैं।
984 श्रीकर ॐ श्रीकराय नमः। Om Shrikaraya Namah. जो भक्तों के जीवन में श्री, सौभाग्य और समृद्धि लाते हैं।
985 श्रील ॐ श्रीलाय नमः। Om Shrilaya Namah. जो दिव्य शोभा, सौंदर्य और ऐश्वर्य से युक्त हैं।
986 श्रीनिवास ॐ श्रीनिवासाय नमः। Om Shrinivasaya Namah. जो श्री और दिव्य समृद्धि के परम निवासस्थान हैं।
987 सदाशिव ॐ सदाशिवाय नमः। Om Sadashivaya Namah. जो शाश्वत, मंगलमय और परम शिवस्वरूप हैं।
988 श्रीस्वरूपाकृति ॐ श्रीस्वरूपाकृतये नमः। Om Shrisvarupakritaye Namah. जिनका दिव्य स्वरूप श्री और ऐश्वर्य की सुंदर अभिव्यक्ति है।
989 श्रीमत् ॐ श्रीमते नमः। Om Shrimate Namah. जो दिव्य श्री, ऐश्वर्य और तेज से सम्पन्न हैं।
990 श्रीहर ॐ श्रीहराय नमः। Om Shriharaya Namah. जो भक्तों के दुःख हरकर उन्हें श्री और मंगल प्रदान करते हैं।
991 श्रीमुख ॐ श्रीमुखाय नमः। Om Shrimukhaya Namah. जिनका मुख दिव्य तेज, सौंदर्य और मंगल से सुशोभित है।
992 शिव ॐ शिवाय नमः। Om Shivaya Namah. जो कल्याण, मंगल और परम शुभता के स्वरूप हैं।
993 श्रीशान्त ॐ श्रीशान्ताय नमः। Om Shrishantaya Namah. जो श्री, शांति और दिव्य समृद्धि के शांत स्वरूप हैं।
994 श्रीवराह ॐ श्रीवराहाय नमः। Om Shrivarahaya Namah. जो दिव्य वराह स्वरूप और श्री से युक्त परम रक्षक हैं।
995 श्रीनिवास ॐ श्रीनिवासाय नमः। Om Shrinivasaya Namah. जो श्री और दिव्य ऐश्वर्य के शाश्वत निवासस्थान हैं।
996 श्रियांवर ॐ श्रियांवराय नमः। Om Shriyamvaraya Namah. जो श्री और समृद्धि के श्रेष्ठ वरदाता हैं।
997 स्वर्णद ॐ स्वर्णदाय नमः। Om Svarnadaya Namah. जो स्वर्ण, धन और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं।
998 सिद्धिद ॐ सिद्धिदाय नमः। Om Siddhidaya Namah. जो भक्तों को सिद्धि और आध्यात्मिक सफलता प्रदान करते हैं।
999 सिद्ध ॐ सिद्धाय नमः। Om Siddhaya Namah. जो स्वयं पूर्ण, सिद्ध और आध्यात्मिक रूप से सम्पूर्ण हैं।
1000 भक्तानां स्वर्णदायक ॐ भक्तानां स्वर्णदायकाय नमः। Om Bhaktanam Svarnadayakaya Namah. जो अपने भक्तों को स्वर्ण, धन और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं।

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Every spiritual journey is unique. Every divine moment holds the power to inspire countless hearts. Through “Share Your Spiritual Experiences,” you can tell the world about the blessings, miracles, and sacred moments that have touched your life. Whether it is a peaceful meditation insight, a temple darshan that moved you, a dream with divine guidance, a life-changing blessing, or a powerful moment of devotion—your story can bring hope, faith, and positivity to many seekers. You can share: Personal spiritual experiences Miracles or blessings you witnessed Temple visits & divine encounters Moments of deep meditation or awakening Stories that strengthened your faith Why Share Your Experiences? Inspire thousands of devotees across the world Spread positivity and strengthen someone’s faith Become a part of our global spiritual community Contribute to the collective wisdom of seekers Help others feel connected, supported, and uplifted Your story matters. Your experience can become someone’s source of strength and hope. ✨ Share Your Spiritual Experiences and let your journey light the path for others.




    Supported: PDF, Excel, Word, JPG, PNG — Max 10 MB

    Some spiritual moments are so powerful that they deserve to be seen, felt, and experienced by many. Through “Share Your Divine Video Experiences,” you can upload videos capturing your sacred journeys, temple visits, miracles, blessings, rituals, or moments of deep devotion. Your videos have the power to spread positivity, awaken faith, and inspire thousands of devotees around the world. You can share videos of: Temple darshans & aartis Special rituals, festivals & celebrations Divine moments during yatras or pilgrimages Personal spiritual experiences or blessings Miraculous events or heart-touching stories Why Share Your Divine Videos? Let others experience sacred moments visually Inspire devotees with real spiritual experiences Contribute to India’s digital devotional library Spread peace, faith, and divine vibrations Help preserve rare rituals and traditions Your divine moments can uplift many hearts. Let your video become a light for others. ✨ Share Your Divine Video Experiences and let the world feel the grace you witnessed.
    Have a question, suggestion, or something you’d like to share? We’re here to listen. Whether it’s feedback, spiritual queries, collaboration ideas, or support-related messages—simply reach out and write to us. Your thoughts matter, and we’re always happy to connect with you. ✨ Just write to us, and we’ll get back to you with love, support, and guidance.

    सर्वं खल्विदं ब्रह्म

    अहं ब्रह्मास्मि

    ब्रह्मैव भवति