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हरि ॐ तत्सत्
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Sahasranamavali of Goddess Radha

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1अनन्तरूपिणी राधाॐ अनन्तरूपिण्यै राधायै नमः।Om Anantarupinyai Radhayai Namah.जो अनंत दिव्य रूपों में प्रकट होने वाली श्री राधा हैं। 2अपारगुणसागराॐ अपारगुणसागरायै नमः।Om Aparagunasagarayai Namah.जो अनंत और असीम दिव्य गुणों की सागर हैं। 3अध्यक्षराॐ अध्यक्षरायै नमः।Om Adhyaksharayai Namah.जो समस्त ज्ञान और अक्षर तत्त्व की अधिष्ठात्री हैं। 4आदिरूपाॐ आदिरूपायै नमः।Om Adirupayai Namah.जो आदि और मूल दिव्य स्वरूप वाली हैं। 5अनादिरासेश्वरीॐ अनादिरासेश्वर्यै नमः।Om Anadiraseshvaryai...
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1अनन्तरूपिणी राधाॐ अनन्तरूपिण्यै राधायै नमः।Om Anantarupinyai Radhayai Namah.जो अनंत दिव्य रूपों में प्रकट होने वाली श्री राधा हैं।
2अपारगुणसागराॐ अपारगुणसागरायै नमः।Om Aparagunasagarayai Namah.जो अनंत और असीम दिव्य गुणों की सागर हैं।
3अध्यक्षराॐ अध्यक्षरायै नमः।Om Adhyaksharayai Namah.जो समस्त ज्ञान और अक्षर तत्त्व की अधिष्ठात्री हैं।
4आदिरूपाॐ आदिरूपायै नमः।Om Adirupayai Namah.जो आदि और मूल दिव्य स्वरूप वाली हैं।
5अनादिरासेश्वरीॐ अनादिरासेश्वर्यै नमः।Om Anadiraseshvaryai Namah.जो अनादि काल से रासलीला की परम ईश्वरी हैं।
6अणिमादिसिद्धिदात्रीॐ अणिमादिसिद्धिदात्र्यै नमः।Om Animadisiddhidatryai Namah.जो अणिमा आदि दिव्य सिद्धियाँ प्रदान करने वाली हैं।
7अधिदेवीॐ अधिदेव्यै नमः।Om Adhidevyai Namah.जो समस्त देवताओं की अधिष्ठात्री दिव्य शक्ति हैं।
8अधीश्वरीॐ अधीश्वर्यै नमः।Om Adhishvaryai Namah.जो परम अधीश्वरी और समस्त शक्तियों की स्वामिनी हैं।
9अष्टसिद्धिप्रदा देवीॐ अष्टसिद्धिप्रदायै देव्यै नमः।Om Ashtasiddhipradayai Devyai Namah.जो भक्तों को आठों दिव्य सिद्धियाँ प्रदान करने वाली देवी हैं।
10अभयाॐ अभयायै नमः।Om Abhayayai Namah.जो भक्तों को भय से मुक्त करने वाली हैं।
11अखिलेश्वरीॐ अखिलेश्वर्यै नमः।Om Akhileshvaryai Namah.जो समस्त जगत की परम ईश्वरी हैं।
12अनङ्गमञ्जरीभग्नाॐ अनङ्गमञ्जरीभग्नायै नमः।Om Anangamanjaribhagnayai Namah.जो अनंगमंजरी से संबंधित दिव्य प्रेमभाव में स्थित हैं।
13अनङ्गदर्पनाशिनीॐ अनङ्गदर्पनाशिन्यै नमः।Om Anangadarpanashinyai Namah.जो कामदेव के अहंकार और दर्प का नाश करने वाली हैं।
14अनुकम्पाप्रदा राधाॐ अनुकम्पाप्रदायै राधायै नमः।Om Anukampapradayai Radhayai Namah.जो भक्तों पर करुणा और अनुकम्पा बरसाने वाली राधा हैं।
15अपराधप्रणाशिनीॐ अपराधप्रणाशिन्यै नमः।Om Aparadhapranashinyai Namah.जो भक्तों के अपराधों और दोषों का नाश करती हैं।
16अन्तर्वेत्रीॐ अन्तर्वेत्र्यै नमः।Om Antarvetryai Namah.जो भक्तों के अंतर्मन और हृदय की भावनाओं को जानती हैं।
17अधिष्ठात्रीॐ अधिष्ठात्र्यै नमः।Om Adhishthatryai Namah.जो समस्त दिव्य शक्तियों की अधिष्ठात्री हैं।
18अन्तर्यामिनीॐ अन्तर्याम्यै नमः।Om Antaryamyai Namah.जो सभी जीवों के भीतर अंतर्यामी शक्ति के रूप में स्थित हैं।
19सनातनीॐ सनातन्यै नमः।Om Sanatanyai Namah.जो सनातन, शाश्वत और अविनाशी स्वरूप वाली हैं।
20अमलाॐ अमलायै नमः।Om Amalayai Namah.जो पूर्णतः निर्मल, पवित्र और निष्कलंक हैं।
21अबलाॐ अबलायै नमः।Om Abalayai Namah.जो अपनी कोमलता और सरल प्रेममयी शक्ति से भक्तों को आकर्षित करती हैं।
22बालाॐ बालायै नमः।Om Balayai Namah.जो बालिका के समान सरल, कोमल और निर्मल हैं।
23अतुलाॐ अतुलायै नमः।Om Atulayai Namah.जिनकी महिमा और प्रेम की किसी से तुलना नहीं की जा सकती।
24अनूपमाॐ अनूपमायै नमः।Om Anupamayai Namah.जो अनुपम सौन्दर्य और दिव्य गुणों से युक्त हैं।
25अशेषगुणसम्पन्नाॐ अशेषगुणसम्पन्नायै नमः।Om Asheshagunasampannayai Namah.जो सभी दिव्य गुणों से पूर्णतः सम्पन्न हैं।
26अन्तःकरणवासिनीॐ अन्तःकरणवासिन्यै नमः।Om Antahkaranavasinyai Namah.जो भक्तों के अंतःकरण में निवास करने वाली हैं।
27अच्युताॐ अच्युतायै नमः।Om Achyutayai Namah.जो कभी अपने दिव्य स्वरूप से विचलित न होने वाली हैं।
28रमणीॐ रमण्यै नमः।Om Ramanyai Namah.जो अत्यंत मनोहर, सुंदर और आनंददायिनी हैं।
29आद्याॐ आद्यायै नमः।Om Adyayai Namah.जो आदि शक्ति और समस्त सृष्टि की मूल शक्ति हैं।
30अङ्गरागविधायिनीॐ अङ्गरागविधायिन्यै नमः।Om Angaragavidhayinyai Namah.जो दिव्य अंगराग और सौन्दर्य से अलंकृत करने वाली हैं।
31अरविन्दपदद्वन्दाॐ अरविन्दपदद्वन्द्वायै नमः।Om Aravindapadadvandvayai Namah.जिनके दोनों चरण कमल के समान सुंदर और पवित्र हैं।
32अध्यक्षाॐ अध्यक्षायै नमः।Om Adhyakshayay Namah.जो समस्त दिव्य कार्यों की साक्षी और अधिष्ठात्री हैं।
33परमेश्वरीॐ परमेश्वर्यै नमः।Om Parameshvaryai Namah.जो परम शक्ति और सर्वोच्च ईश्वरी हैं।
34अवनीधारिणी देवीॐ अवनीधारिण्यै देव्यै नमः।Om Avanidharinyai Devyai Namah.जो पृथ्वी और समस्त जीवों को धारण करने वाली देवी हैं।
35अचिन्त्याद्भुतरूपिणीॐ अचिन्त्याद्भुतरूपिण्यै नमः।Om Achintyadbhutarupinyai Namah.जिनका दिव्य रूप अचिन्त्य और अद्भुत है।
36अशेषगुणसाराॐ अशेषगुणसारायै नमः।Om Asheshagunasarayai Namah.जो सभी दिव्य गुणों के परम सार का स्वरूप हैं।
37अशोकाॐ अशोकायै नमः।Om Ashokayai Namah.जो स्वयं शोक से रहित और भक्तों का शोक दूर करने वाली हैं।
38शोकनाशिनीॐ शोकनाशिन्यै नमः।Om Shokanashinyai Namah.जो भक्तों के दुःख और शोक का नाश करती हैं।
39अभीष्टदाॐ अभीष्टदायै नमः।Om Abhishtadayai Namah.जो भक्तों की शुभ और प्रिय इच्छाओं को पूर्ण करती हैं।
40अंशमुखीॐ अंशमुख्यै नमः।Om Anshamukhyai Namah.जो अपने दिव्य अंशों से जगत को प्रकाशित करने वाली हैं।
41अक्षयाॐ अक्षयायै नमः।Om Akshayayai Namah.जो अक्षय, अविनाशी और कभी समाप्त न होने वाली हैं।
42अद्भुतरूपिणीॐ अद्भुतरूपिण्यै नमः।Om Adbhutarupinyai Namah.जो अद्भुत और अलौकिक दिव्य स्वरूप वाली हैं।
43अवलम्बाॐ अवलम्बायै नमः।Om Avalambayai Namah.जो भक्तों का सहारा और परम आश्रय हैं।
44अधिष्ठात्रीॐ अधिष्ठात्र्यै नमः।Om Adhishthatryai Namah.जो समस्त शक्तियों और दिव्य कार्यों की अधिष्ठात्री हैं।
45अकिञ्चनवरप्रदाॐ अकिञ्चनवरप्रदायै नमः।Om Akinchanavarapradayai Namah.जो निर्धन और आश्रयरहित भक्तों को वरदान प्रदान करती हैं।
46अखिलानन्दिनीॐ अखिलानन्दिन्यै नमः।Om Akhilanandinyai Namah.जो सम्पूर्ण जगत को आनंद प्रदान करने वाली हैं।
47आद्याॐ आद्यायै नमः।Om Adyayai Namah.जो आदि शक्ति और समस्त शक्तियों की मूल हैं।
48अयानाॐ अयानायै नमः।Om Ayanayai Namah.जो स्वयं परम मार्ग और आध्यात्मिक आश्रय का स्वरूप हैं।
49कृष्णमोहिनीॐ कृष्णमोहिन्यै नमः।Om Krishnamohinyai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम से भगवान कृष्ण को भी मोहित करने वाली हैं।
50सर्वशास्त्राणामवध्याॐ सर्वशास्त्राणामवध्यायै नमः।Om Sarvashastranamavadhyayai Namah.जो सभी शास्त्रों के गूढ़ ज्ञान से परे और परम तत्त्वस्वरूप हैं।
51आपदुद्धारिणीॐ आपदुद्धारिण्यै नमः।Om Apaduddharinyai Namah.जो भक्तों को संकटों और विपत्तियों से बचाने वाली हैं।
52शुभाॐ शुभायै नमः।Om Shubhayai Namah.जो मंगल, पवित्रता और शुभता का स्वरूप हैं।
53आह्लादिनीॐ आह्लादिन्यै नमः।Om Ahladinyai Namah.जो दिव्य आनंद और प्रेम प्रदान करने वाली शक्ति हैं।
54आदिशक्तिॐ आदिशक्त्यै नमः।Om Adishaktyai Namah.जो समस्त सृष्टि की मूल और आदि दिव्य शक्ति हैं।
55अन्नदाॐ अन्नदायै नमः।Om Annadayai Namah.जो अन्न, पोषण और जीवन का आधार प्रदान करती हैं।
56अभयाॐ अभयायै नमः।Om Abhayayai Namah.जो अपने भक्तों को निर्भयता और सुरक्षा प्रदान करती हैं।
57अन्नपूर्णाॐ अन्नपूर्णायै नमः।Om Annapurnayai Namah.जो अन्न और पूर्ण पोषण प्रदान करने वाली देवी हैं।
58अहोधन्याॐ अहोधन्यायै नमः।Om Ahodhanyayai Namah.जो अत्यंत धन्य और सौभाग्य से परिपूर्ण दिव्य स्वरूप वाली हैं।
59अतुल्याॐ अतुल्यायै नमः।Om Atulyayai Namah.जिनकी महिमा और दिव्य प्रेम अतुलनीय हैं।
60अभयप्रदाॐ अभयप्रदायै नमः।Om Abhayapradayai Namah.जो भक्तों को निर्भयता और सुरक्षा का वरदान देती हैं।
61इन्दुमुखीॐ इन्दुमुख्यै नमः।Om Indumukhyai Namah.जिनका मुख चन्द्रमा के समान सुंदर और शीतल है।
62दिव्यहासाॐ दिव्यहासायै नमः।Om Divyahasayai Namah.जिनकी मुस्कान दिव्य, मनोहर और आनंददायिनी है।
63इष्टभक्तिप्रदायिनीॐ इष्टभक्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Ishtabhaktipradayinyai Namah.जो भक्तों को अपने आराध्य के प्रति शुद्ध भक्ति प्रदान करती हैं।
64इच्छामयीॐ इच्छामय्यै नमः।Om Ichchhamayyai Namah.जो दिव्य इच्छा और संकल्प की शक्ति से परिपूर्ण हैं।
65इच्छारूपाॐ इच्छारूपायै नमः।Om Ichcharupayai Namah.जो परम दिव्य इच्छा के स्वरूप में स्थित हैं।
66इन्दिराॐ इन्दिरायै नमः।Om Indirayai Namah.जो श्री, सौन्दर्य और दिव्य ऐश्वर्य की स्वरूपिणी हैं।
67ईश्वरीॐ ईश्वर्यै नमः।Om Ishvaryai Namah.जो परम शक्ति और समस्त जगत की ईश्वरी हैं।
68अपराॐ अपरायै नमः।Om Aparayai Namah.जो सामान्य सीमाओं से परे अपनी दिव्य शक्ति में स्थित हैं।
69इष्टदा ईश्वरीॐ इष्टदायै ईश्वर्यै नमः।Om Ishtadayai Ishvaryai Namah.जो भक्तों की प्रिय इच्छाओं को पूर्ण करने वाली परम ईश्वरी हैं।
70मायाॐ मायायै नमः।Om Mayayai Namah.जो भगवान की दिव्य शक्ति और योगमाया के स्वरूप वाली हैं।
71इष्टमन्त्रस्वरूपिणीॐ इष्टमन्त्रस्वरूपिण्यै नमः।Om Ishtamantrasvarupinyai Namah.जो भक्त के प्रिय और पवित्र मंत्र के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
72ओङ्काररूपिणी देवीॐ ओङ्काररूपिण्यै देव्यै नमः।Om Omkararupinyai Devyai Namah.जो पवित्र ॐकार और परम दिव्य नाद के स्वरूप वाली देवी हैं।
73उर्वीॐ उर्व्यै नमः।Om Urvyai Namah.जो पृथ्वी के समान सबको धारण और पोषण करने वाली हैं।
74सर्वजनेश्वरीॐ सर्वजनेश्वर्यै नमः।Om SarvajanesHvaryai Namah.जो सभी प्राणियों और जनसमुदाय की परम ईश्वरी हैं।
75ऐरावतवतीॐ ऐरावतवत्यै नमः।Om Airavatavatyai Namah.जो ऐश्वर्य और दिव्य वैभव से सम्पन्न शक्ति का स्वरूप हैं।
76पूज्याॐ पूज्यायै नमः।Om Pujyayai Namah.जो सभी भक्तों और साधकों द्वारा पूजनीय हैं।
77अपारगुणसागराॐ अपारगुणसागरायै नमः।Om Aparagunasagarayai Namah.जो अनंत दिव्य गुणों की असीम सागर हैं।
78कृष्णप्राणाधिका राधाॐ कृष्णप्राणाधिकायै राधायै नमः।Om Krishnapranadhikayai Radhayai Namah.जो भगवान कृष्ण को अपने प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं।
79कृष्णप्रेमविनोदिनीॐ कृष्णप्रेमविनोदिन्यै नमः।Om Krishnapremavinodinyai Namah.जो भगवान कृष्ण के दिव्य प्रेम में आनंद और विनोद करने वाली हैं।
80श्रीकृष्णाङ्गसदाध्यायिनीॐ श्रीकृष्णाङ्गसदाध्यायिन्यै नमः।Om ShriKrishnangasada­dhyayinyai Namah.जो सदैव भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अंगों का ध्यान करने वाली हैं।
81कृष्णानन्दप्रदायिनीॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः।Om Krishnanandapradayinyai Namah.जो भगवान कृष्ण को परम आनंद प्रदान करने वाली हैं।
82कृष्णाॐ कृष्णायै नमः।Om Krishnayai Namah.जो श्रीकृष्ण से अभिन्न प्रेममयी शक्ति के रूप में स्थित हैं।
83आह्लादिनी देवीॐ आह्लादिन्यै देव्यै नमः।Om Ahladinyai Devyai Namah.जो दिव्य आनंद और प्रेम प्रदान करने वाली परम शक्ति हैं।
84कृष्णध्यानपरायणाॐ कृष्णध्यानपरायणायै नमः।Om Krishnadhyanaparayanayai Namah.जो भगवान कृष्ण के ध्यान में सदैव लीन रहती हैं।
85कृष्णसम्मोहिनीॐ कृष्णसम्मोहिन्यै नमः।Om Krishnasammohinyai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम से भगवान कृष्ण को मोहित करने वाली हैं।
86नित्याॐ नित्यायै नमः।Om Nityayai Namah.जो नित्य, शाश्वत और सदैव विद्यमान रहने वाली हैं।
87कृष्णानन्दप्रवर्धिनीॐ कृष्णानन्दप्रवर्धिन्यै नमः।Om Krishnanandapravardhinyai Namah.जो भगवान कृष्ण के आनंद और प्रेम को निरंतर बढ़ाने वाली हैं।
88कृष्णानन्दाॐ कृष्णानन्दायै नमः।Om Krishnanandayai Namah.जो भगवान कृष्ण से प्राप्त होने वाले दिव्य आनंद का स्वरूप हैं।
89सदानन्दाॐ सदानन्दायै नमः।Om Sadanandayai Namah.जो सदैव परम आनंद से परिपूर्ण रहती हैं।
90कृष्णकेलीॐ कृष्णकेल्यै नमः।Om Krishnakelyai Namah.जो श्रीकृष्ण के साथ दिव्य प्रेमलीला में रमण करने वाली हैं।
91सुखास्वदाॐ सुखास्वदायै नमः।Om Sukhasvadayai Namah.जो दिव्य सुख और प्रेमरस का आनंद प्रदान करने वाली हैं।
92कृष्णप्रियाॐ कृष्णप्रियायै नमः।Om Krishnapriyayai Namah.जो भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय हैं।
93कृष्णकान्ताॐ कृष्णकान्तायै नमः।Om Krishnakantayai Namah.जो भगवान कृष्ण की परम प्रिय और दिव्य प्रेयसी हैं।
94कृष्णसेवापरायणाॐ कृष्णसेवापरायणायै नमः।Om Krishnasevaparayanayai Namah.जो भगवान कृष्ण की सेवा में सदैव पूर्णतः समर्पित रहती हैं।
95कृष्णप्रेमाब्धिसभरीॐ कृष्णप्रेमाब्धिसभर्यै नमः।Om Krishnapremabdhisabharyai Namah.जो भगवान कृष्ण के प्रेम के महासागर से पूर्णतः भरी हुई हैं।
96कृष्णप्रेमतरङ्गिणीॐ कृष्णप्रेमतरङ्गिण्यै नमः।Om Krishnapremataranginyai Namah.जो कृष्णप्रेम की दिव्य तरंगों के समान निरंतर प्रवाहित होती हैं।
97कृष्णचित्तहरा देवीॐ कृष्णचित्तहरायै देव्यै नमः।Om Krishnachittaharayai Devyai Namah.जो अपने प्रेम से भगवान कृष्ण के चित्त को हर लेने वाली देवी हैं।
98कीर्तिदाॐ कीर्तिदायै नमः।Om Kirtidayai Namah.जो यश, कीर्ति और सम्मान प्रदान करने वाली हैं।
99कुलपद्मिनीॐ कुलपद्मिन्यै नमः।Om Kulapadminyai Namah.जो अपने दिव्य कुल की कमल के समान शोभा बढ़ाने वाली हैं।
100कृष्णमुखीॐ कृष्णमुख्यै नमः।Om Krishnamukhyai Namah.जो भगवान कृष्ण के दिव्य मुख और प्रेममय स्वरूप में निरंतर स्थित हैं।
101कृष्णप्राणाधिकाॐ कृष्णप्राणाधिकायै नमः।Om Krishnapranadhikayai Namah.जो भगवान कृष्ण को अपने प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं।
102कृष्णवल्लभाॐ कृष्णवल्लभायै नमः।Om Krishnavallabhayai Namah.जो भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रिय और वल्लभा हैं।
103कृष्णकान्ताॐ कृष्णकान्तायै नमः।Om Krishnakantayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम प्रिय प्रेयसी और प्रेमस्वरूपा हैं।
104कृष्णहृदयङ्गमाॐ कृष्णहृदयङ्गमायै नमः।Om Krishnahridayangamayai Namah.जो भगवान कृष्ण के हृदय में सदैव निवास करने वाली हैं।
105कृष्णवामाङ्कसंस्थाॐ कृष्णवामाङ्कसंस्थायै नमः।Om Krishnavamankasansthayai Namah.जो भगवान कृष्ण के वाम अंग में स्थित दिव्य शक्ति हैं।
106कृष्णरूपाॐ कृष्णरूपायै नमः।Om Krishnarupayai Namah.जो श्रीकृष्ण के दिव्य प्रेम और स्वरूप से अभिन्न हैं।
107कृष्णस्वरूपिणीॐ कृष्णस्वरूपिण्यै नमः।Om Krishnasvarupinyai Namah.जो भगवान कृष्ण की आंतरिक दिव्य शक्ति के स्वरूप वाली हैं।
108कृष्णप्रियाॐ कृष्णप्रियायै नमः।Om Krishnapriyayai Namah.जो भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय हैं।
109कृष्णसेवापरायणाॐ कृष्णसेवापरायणायै नमः।Om Krishnasevaparayanayai Namah.जो भगवान कृष्ण की सेवा में पूर्णतः समर्पित रहती हैं।
110कृष्णप्रेममयीॐ कृष्णप्रेममय्यै नमः।Om Krishnapremamayyai Namah.जो श्रीकृष्ण के दिव्य प्रेम से पूर्णतः परिपूर्ण हैं।
111कृष्णप्रेमप्रदायिनीॐ कृष्णप्रेमप्रदायिन्यै नमः।Om Krishnapremapradayinyai Namah.जो भक्तों को भगवान कृष्ण के प्रति शुद्ध प्रेम प्रदान करती हैं।
112कृष्णप्रेमस्वरूपिणीॐ कृष्णप्रेमस्वरूपिण्यै नमः।Om Krishnapremasvarupinyai Namah.जो भगवान कृष्ण के दिव्य प्रेम का साक्षात स्वरूप हैं।
113कृष्णानन्दप्रदायिनीॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः।Om Krishnanandapradayinyai Namah.जो भगवान कृष्ण को परम आनंद प्रदान करने वाली हैं।
114कृष्णानन्दविवर्धिनीॐ कृष्णानन्दविवर्धिन्यै नमः।Om Krishnanandavivardhinyai Namah.जो भगवान कृष्ण के आनंद को निरंतर बढ़ाने वाली हैं।
115कृष्णचित्तहराॐ कृष्णचित्तहरायै नमः।Om Krishnachittaharayai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम से कृष्ण का चित्त हर लेने वाली हैं।
116कृष्णमोहिनीॐ कृष्णमोहिन्यै नमः।Om Krishnamohinyai Namah.जो अपने प्रेम और सौन्दर्य से भगवान कृष्ण को मोहित करती हैं।
117कृष्णविनोदिनीॐ कृष्णविनोदिन्यै नमः।Om Krishnavinodinyai Namah.जो भगवान कृष्ण के साथ दिव्य प्रेम-विनोद में रमण करती हैं।
118कृष्णकेलीपरायणाॐ कृष्णकेलीपरायणायै नमः।Om Krishnakeliparayanayai Namah.जो श्रीकृष्ण की दिव्य प्रेमलीलाओं में सदैव लीन रहती हैं।
119कृष्णरासेश्वरीॐ कृष्णरासेश्वर्यै नमः।Om Krishnaraseshvaryai Namah.जो भगवान कृष्ण के साथ रासलीला की परम ईश्वरी हैं।
120रासेश्वरीॐ रासेश्वर्यै नमः।Om Raseshvaryai Namah.जो दिव्य रासलीला की सर्वोच्च अधिष्ठात्री देवी हैं।
121रासविहारिणीॐ रासविहारिण्यै नमः।Om Rasaviharinyai Namah.जो श्रीकृष्ण के साथ दिव्य रास में विहार करने वाली हैं।
122रासमण्डलमध्यस्थाॐ रासमण्डलमध्यस्थायै नमः।Om Rasamandalamadhyasthayai Namah.जो रासमण्डल के मध्य में दिव्य रूप से विराजमान हैं।
123रासप्रियतमाॐ रासप्रियतमायै नमः।Om Rasapriyatamayai Namah.जो रासलीला में भगवान कृष्ण की सर्वाधिक प्रिय हैं।
124रासेशीॐ रासेश्यै नमः।Om Raseshyai Namah.जो रास की परम स्वामिनी और अधिष्ठात्री हैं।
125रासमयीॐ रासमय्यै नमः।Om Rasamayyai Namah.जो दिव्य प्रेमरस और रासभाव से पूर्ण हैं।
126रासलीलापरायणाॐ रासलीलापरायणायै नमः।Om Rasalilaparayanayai Namah.जो भगवान कृष्ण की दिव्य रासलीला में पूर्णतः समर्पित हैं।
127रासोत्सवप्रियाॐ रासोत्सवप्रियायै नमः।Om Rasotsavapriyayai Namah.जो दिव्य रासोत्सव को अत्यंत प्रिय मानने वाली हैं।
128रासक्रीडारसप्रदाॐ रासक्रीडारसप्रदायै नमः।Om Rasakridasarasapradayai Namah.जो दिव्य रासक्रीड़ा का प्रेमरस प्रदान करने वाली हैं।
129रासरम्याॐ रासरम्यायै नमः।Om Rasaramyayai Namah.जो रासलीला में परम मनोहर और आनंदमयी हैं।
130रासमण्डलशोभिताॐ रासमण्डलशोभितायै नमः।Om Rasamandalashobhitayai Namah.जो अपने दिव्य रूप से रासमण्डल की शोभा बढ़ाती हैं।
131वृन्दावनेश्वरीॐ वृन्दावनेश्वर्यै नमः।Om Vrindavaneshvaryai Namah.जो पवित्र वृन्दावन धाम की परम ईश्वरी हैं।
132वृन्दावनविहारिणीॐ वृन्दावनविहारिण्यै नमः।Om Vrindavanaviharinyai Namah.जो वृन्दावन की पवित्र कुंजों में विहार करने वाली हैं।
133वृन्दावनप्रियाॐ वृन्दावनप्रियायै नमः।Om Vrindavanapriyayai Namah.जिन्हें वृन्दावन धाम अत्यंत प्रिय है।
134वृन्दाॐ वृन्दायै नमः।Om Vrindayai Namah.जो वृन्दावन की दिव्य शक्ति और पवित्रता से सम्बद्ध हैं।
135वृन्दावनविनोदिनीॐ वृन्दावनविनोदिन्यै नमः।Om Vrindavanavinodinyai Namah.जो वृन्दावन में श्रीकृष्ण के साथ दिव्य विनोद करती हैं।
136वृन्दावनाधिदेवीॐ वृन्दावनाधिदेव्यै नमः।Om Vrindavanadhidevyai Namah.जो वृन्दावन की अधिदेवी और परम संरक्षिका हैं।
137वृन्दावनविभूषणाॐ वृन्दावनविभूषणायै नमः।Om Vrindavanavibhushanayai Namah.जो अपने दिव्य स्वरूप से वृन्दावन की शोभा बढ़ाती हैं।
138वृन्दावनरम्याॐ वृन्दावनरम्यायै नमः।Om Vrindavanaramyayai Namah.जो वृन्दावन के दिव्य सौन्दर्य और माधुर्य का स्वरूप हैं।
139कुञ्जेश्वरीॐ कुञ्जेश्वर्यै नमः।Om Kunjeshvaryai Namah.जो वृन्दावन की दिव्य कुंजों की अधिष्ठात्री देवी हैं।
140कुञ्जविहारिणीॐ कुञ्जविहारिण्यै नमः।Om Kunjaviharinyai Namah.जो पवित्र कुंजों में भगवान कृष्ण के साथ विहार करती हैं।
141कुञ्जप्रियतमाॐ कुञ्जप्रियतमायै नमः।Om Kunjapriyatamayai Namah.जो दिव्य कुंजों को अत्यंत प्रिय मानने वाली हैं।
142कुञ्जभूषणाॐ कुञ्जभूषणायै नमः।Om Kunjabhushanayai Namah.जो दिव्य कुंजों की परम शोभा और आभूषण हैं।
143निकुञ्जेश्वरीॐ निकुञ्जेश्वर्यै नमः।Om Nikunjeshvaryai Namah.जो निकुंजों की परम अधिष्ठात्री और ईश्वरी हैं।
144निकुञ्जविहारिणीॐ निकुञ्जविहारिण्यै नमः।Om Nikunjaviharinyai Namah.जो दिव्य निकुंजों में श्रीकृष्ण के साथ विहार करती हैं।
145निकुञ्जप्रियाॐ निकुञ्जप्रियायै नमः।Om Nikunjapriyayai Namah.जिन्हें पवित्र निकुंज और उनकी दिव्य प्रेमलीला अत्यंत प्रिय है।
146निकुञ्जसेविताॐ निकुञ्जसेवितायै नमः।Om Nikunjasevitayai Namah.जिनकी दिव्य निकुंजों में भक्त और सखियाँ सेवा करती हैं।
147निकुञ्जमध्यगाॐ निकुञ्जमध्यगायै नमः।Om Nikunjamadhyagayai Namah.जो दिव्य निकुंज के मध्य में विराजमान रहती हैं।
148कुंजलतावेष्टिताॐ कुञ्जलतावेष्टितायै नमः।Om Kunjalataveshtitayai Namah.जो दिव्य लताओं से घिरी हुई कुंजों में विराजती हैं।
149कदम्बवनवासिनीॐ कदम्बवनवासिन्यै नमः।Om Kadambavanavasinyai Namah.जो कदम्ब वृक्षों से सुशोभित पवित्र वन में निवास करती हैं।
150कदम्बकुसुमप्रियाॐ कदम्बकुसुमप्रियायै नमः।Om Kadambakusumapriyayai Namah.जिन्हें कदम्ब के सुंदर पुष्प अत्यंत प्रिय हैं।
151गोपीश्वरीॐ गोपीश्वर्यै नमः।Om Gopishvaryai Namah.जो गोपियों की परम अधिष्ठात्री और ईश्वरी हैं।
152गोपिकाॐ गोपिकायै नमः।Om Gopikayai Namah.जो दिव्य गोपीभाव और प्रेमभक्ति की स्वरूपिणी हैं।
153गोपिकानन्दाॐ गोपिकानन्दायै नमः।Om Gopikanandayai Namah.जो गोपियों को दिव्य प्रेम और आनंद प्रदान करती हैं।
154गोपीनां परमा गति:ॐ गोपीनां परमायै गतये नमः।Om Gopinām Paramayai Gataye Namah.जो गोपियों की परम शरण और सर्वोच्च आध्यात्मिक गति हैं।
155गोपिप्रियतमाॐ गोपिप्रियतमायै नमः।Om Gopipriyatamayai Namah.जो सभी गोपियों को अत्यंत प्रिय और पूजनीय हैं।
156गोपिभावप्रकाशिनीॐ गोपिभावप्रकाशिन्यै नमः।Om Gopibhavaprakashinyai Namah.जो शुद्ध गोपीभाव और प्रेमभक्ति को प्रकाशित करने वाली हैं।
157गोपीवेषधराॐ गोपीवेषधरायै नमः।Om Gopiveshadharayai Namah.जो दिव्य गोपी के रूप में प्रेममयी स्वरूप धारण करती हैं।
158गोपीमण्डलमध्यगाॐ गोपीमण्डलमध्यगायै नमः।Om Gopimandalamadhyagayai Namah.जो गोपियों के दिव्य समूह के मध्य में विराजमान रहती हैं।
159गोपीनां हितकारिणीॐ गोपीनां हितकारिण्यै नमः।Om Gopinām Hitakarinyai Namah.जो गोपियों के कल्याण और सुख के लिए सदैव कार्य करती हैं।
160गोपीगणप्रियाॐ गोपीगणप्रियायै नमः।Om Gopiganapriyayai Namah.जो गोपियों के समूह को अत्यंत प्रिय हैं।
161गोपीगणवन्दिताॐ गोपीगणवन्दितायै नमः।Om Gopiganavanditayai Namah.जिन्हें गोपियों का समूह श्रद्धापूर्वक वंदन करता है।
162गोपीगीतप्रियाऽनघाॐ गोपीगीतप्रियानघायै नमः।Om Gopigitapriyanaghayai Namah.जो गोपियों के प्रेमपूर्ण गीतों को प्रिय मानने वाली निष्पाप देवी हैं।
163गोपीगीतगुणग्राह्याॐ गोपीगीतगुणग्राह्यायै नमः।Om Gopigitagunagrahyayai Namah.जो गोपियों के प्रेमगीतों में व्यक्त भाव और गुण को स्वीकार करती हैं।
164गोपीगीतप्रसादिनीॐ गोपीगीतप्रसादिन्यै नमः।Om Gopigitaprasadinyai Namah.जो गोपियों के प्रेमगीतों से प्रसन्न होकर कृपा करती हैं।
165गोविन्दवल्लभाॐ गोविन्दवल्लभायै नमः।Om Govindavallabhayai Namah.जो भगवान गोविन्द की परम प्रिय वल्लभा हैं।
166गोविन्दहृदयेश्वरीॐ गोविन्दहृदयेश्वर्यै नमः।Om Govindahridayeshvaryai Namah.जो भगवान गोविन्द के हृदय की परम ईश्वरी हैं।
167गोविन्दप्राणसर्वस्वाॐ गोविन्दप्राणसर्वस्वायै नमः।Om Govindapranasarvasvayai Namah.जो भगवान गोविन्द के प्राण और सर्वस्व का स्वरूप हैं।
168गोविन्दानन्ददायिनीॐ गोविन्दानन्ददायिन्यै नमः।Om Govindanandadayinyai Namah.जो भगवान गोविन्द को दिव्य आनंद प्रदान करने वाली हैं।
169गोविन्दमोहिनीॐ गोविन्दमोहिन्यै नमः।Om Govindamohinyai Namah.जो अपने प्रेम और माधुर्य से भगवान गोविन्द को मोहित करती हैं।
170गोविन्दविनोदिनीॐ गोविन्दविनोदिन्यै नमः।Om Govindavinodinyai Namah.जो भगवान गोविन्द के साथ दिव्य प्रेम-विनोद करती हैं।
171गोविन्दप्रेमदायिनीॐ गोविन्दप्रेमदायिन्यै नमः।Om Govindapremadayinyai Namah.जो भक्तों को भगवान गोविन्द के प्रति शुद्ध प्रेम प्रदान करती हैं।
172गोवर्धनधराॐ गोवर्धनधरायै नमः।Om Govardhanadharayai Namah.जो गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण की परम प्रिय शक्ति हैं।
173गोवर्धनवासिनीॐ गोवर्धनवासिन्यै नमः।Om Govardhanavasinyai Namah.जो पवित्र गोवर्धन क्षेत्र में दिव्य रूप से निवास करती हैं।
174गोवर्धनप्रियाॐ गोवर्धनप्रियायै नमः।Om Govardhanapriyayai Namah.जिन्हें गोवर्धन पर्वत और उससे जुड़ी कृष्णलीला अत्यंत प्रिय है।
175गोवर्धनकुंजविहारिणीॐ गोवर्धनकुञ्जविहारिण्यै नमः।Om Govardhanakunjaviharinyai Namah.जो गोवर्धन की पवित्र कुंजों में दिव्य विहार करती हैं।
176गोचारिणीॐ गोचारिण्यै नमः।Om Gocharynyai Namah.जो गोचारण की पवित्र कृष्णलीला से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
177गोपसेविताॐ गोपसेवितायै नमः।Om Gopasevitayai Namah.जिनकी गोपगण श्रद्धा और प्रेम से सेवा करते हैं।
178गोधनप्रियाॐ गोधनप्रियायै नमः।Om Godhanapriyayai Namah.जिन्हें गौधन और गौसेवा अत्यंत प्रिय है।
179गोकुलानन्ददायिनीॐ गोकुलानन्ददायिन्यै नमः।Om Gokulanandadayinyai Namah.जो गोकुलवासियों को दिव्य आनंद प्रदान करने वाली हैं।
180गोकुलप्राणसर्वस्वाॐ गोकुलप्राणसर्वस्वायै नमः।Om Gokulapranasarvasvayai Namah.जो गोकुल के प्रेममय जीवन और आनंद का सर्वस्व हैं।
181गोकुलानन्दिनीॐ गोकुलानन्दिन्यै नमः।Om Gokulanandinyai Namah.जो सम्पूर्ण गोकुल को आनंद से भर देने वाली हैं।
182गोकुलेश्वरीॐ गोकुलेश्वर्यै नमः।Om Gokuleshvaryai Namah.जो गोकुल की परम अधिष्ठात्री और ईश्वरी हैं।
183गोकुलवासिनीॐ गोकुलवासिन्यै नमः।Om Gokulavasinyai Namah.जो पवित्र गोकुल धाम में निवास करने वाली हैं।
184गोकुलप्रियदर्शनाॐ गोकुलप्रियदर्शनायै नमः।Om Gokulapriyadarshanayai Namah.जिनका दिव्य दर्शन गोकुलवासियों को अत्यंत प्रिय और आनंददायक है।
185गोकुलबालिकाॐ गोकुलबालिकायै नमः।Om Gokulabalikayai Namah.जो गोकुल की सरल, कोमल और प्रेममयी बालिका के रूप में पूजित हैं।
186गोकुलमाताॐ गोकुलमात्रे नमः।Om Gokulamatre Namah.जो गोकुलवासियों की करुणामयी और प्रेममयी माता हैं।
187गोकुलतारिणीॐ गोकुलतारिण्यै नमः।Om Gokulatarinyai Namah.जो गोकुलवासियों को सांसारिक कष्टों से पार लगाने वाली हैं।
188गोकुलमङ्गलाॐ गोकुलमङ्गलायै नमः।Om Gokulamangalaayai Namah.जो गोकुल के लिए मंगल और कल्याण का स्वरूप हैं।
189गोकुलशोभनाॐ गोकुलशोभनायै नमः।Om Gokulashobhanayai Namah.जो अपने दिव्य रूप से गोकुल की शोभा बढ़ाती हैं।
190गोकुलोत्सवदायिनीॐ गोकुलोत्सवदायिन्यै नमः।Om Gokulotsavadayinyai Namah.जो गोकुलवासियों के जीवन में आनंद और उत्सव भरने वाली हैं।
191यशोदाप्रियदर्शनाॐ यशोदाप्रियदर्शनायै नमः।Om Yashodapriyadarshanayai Namah.जिनका दिव्य दर्शन माता यशोदा के लिए अत्यंत प्रिय है।
192यशोदास्नेहसंयुक्ताॐ यशोदास्नेहसंयुक्तायै नमः।Om Yashodasnehasamyuktayai Namah.जो माता यशोदा के स्नेह और वात्सल्य से जुड़ी हुई हैं।
193नन्दनन्दनमोहिनीॐ नन्दनन्दनमोहिन्यै नमः।Om Nandanandanamohinyai Namah.जो नन्दनन्दन श्रीकृष्ण को अपने प्रेम से मोहित करने वाली हैं।
194नन्दप्रियतमाॐ नन्दप्रियतमायै नमः।Om Nandapriyatamayai Namah.जो नन्द बाबा और नन्द परिवार को अत्यंत प्रिय हैं।
195नन्दगोपकुलप्रियाॐ नन्दगोपकुलप्रियायै नमः।Om Nandagopakula­priyayai Namah.जो नन्द के गोपकुल को अत्यंत प्रिय और कल्याणकारी हैं।
196नन्दालयविहारिणीॐ नन्दालयविहारिण्यै नमः।Om Nandalayaviharinyai Namah.जो नन्द के पवित्र गृह में प्रेमपूर्वक विहार करने वाली हैं।
197नन्दग्रामप्रियाॐ नन्दग्रामप्रियायै नमः।Om Nandagramapriyayai Namah.जिन्हें नन्दग्राम और उसकी दिव्य कृष्णलीलाएँ अत्यंत प्रिय हैं।
198नन्दग्रामविहारिणीॐ नन्दग्रामविहारिण्यै नमः।Om Nandagramaviharinyai Namah.जो नन्दग्राम में भगवान कृष्ण के साथ दिव्य विहार करती हैं।
199नन्दस्नेहविवर्धिनीॐ नन्दस्नेहविवर्धिन्यै नमः।Om Nandasnehavivardhinyai Namah.जो नन्द बाबा के प्रेम और वात्सल्य को बढ़ाने वाली हैं।
200नन्दानन्दप्रदायिनीॐ नन्दानन्दप्रदायिन्यै नमः।Om Nandanandapradayinyai Namah.जो नन्द बाबा और समस्त नन्द परिवार को दिव्य आनंद प्रदान करती हैं।
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201क्षमाकुलाॐ क्षमाकुलायै नमः।Om Kshamakulayai Namah.जो क्षमा और करुणा से परिपूर्ण हैं।
202वधूरूपाॐ वधूरूपायै नमः।Om Vadhurupayai Namah.जो दिव्य वधू के मनोहर स्वरूप वाली हैं।
203गोपपत्नीॐ गोपपत्न्यै नमः।Om Gopapatnyai Namah.जो गोपकुल की परम पूजनीय पत्नीस्वरूपा हैं।
204भारतीॐ भारत्यै नमः।Om Bharatyai Namah.जो वाणी, ज्ञान और दिव्य विद्या की स्वरूपिणी हैं।
205सिद्धयोगिनीॐ सिद्धयोगिन्यै नमः।Om Siddhayoginyai Namah.जो सिद्ध और पूर्ण योगिनी के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
206सत्यरूपाॐ सत्यरूपायै नमः।Om Satyarupayai Namah.जो परम सत्य के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
207नित्यरूपाॐ नित्यरूपायै नमः।Om Nityarupayai Namah.जो नित्य और शाश्वत स्वरूप में स्थित हैं।
208नित्याङ्गीॐ नित्याङ्ग्यै नमः।Om Nityangyai Namah.जिनका दिव्य स्वरूप सदैव शाश्वत और पूर्ण है।
209नित्यगेहिनीॐ नित्यगेहिन्यै नमः।Om Nityagehinyai Namah.जो नित्य दिव्य धाम में निवास करने वाली हैं।
210स्थानदात्रीॐ स्थानदात्र्यै नमः।Om Sthanadatryai Namah.जो भक्तों को दिव्य स्थान और आश्रय प्रदान करती हैं।
211धात्रीॐ धात्र्यै नमः।Om Dhatryai Namah.जो समस्त जीवों का पालन और धारण करने वाली हैं।
212महालक्ष्मीॐ महालक्ष्म्यै नमः।Om Mahalakshmyai Namah.जो महान लक्ष्मी और दिव्य ऐश्वर्य की स्वरूपिणी हैं।
213स्वयम्प्रभाॐ स्वयम्प्रभायै नमः।Om Svayamprabhayai Namah.जो स्वयं प्रकाशित और दिव्य तेज से युक्त हैं।
214सिन्धुकन्याॐ सिन्धुकन्यायै नमः।Om Sindhukanyayai Namah.जो समुद्र की दिव्य कन्या के स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
215आस्थानदात्रीॐ आस्थानदात्र्यै नमः।Om Asthanadatryai Namah.जो भक्तों को पवित्र स्थान और दिव्य आश्रय प्रदान करती हैं।
216द्वारकावासिनीॐ द्वारकावासिन्यै नमः।Om Dvarakavasinyai Namah.जो पवित्र द्वारका धाम में निवास करने वाली हैं।
217बुद्धिॐ बुद्ध्यै नमः।Om Buddhyai Namah.जो बुद्धि और विवेक की दिव्य शक्ति हैं।
218स्थितिॐ स्थित्यै नमः।Om Sthityai Namah.जो समस्त सृष्टि को स्थिर और संतुलित रखने वाली हैं।
219स्थानरूपाॐ स्थानरूपायै नमः।Om Sthanarupayai Namah.जो सभी पवित्र स्थानों और दिव्य आश्रयों का स्वरूप हैं।
220सर्वकारणकारणाॐ सर्वकारणकारणायै नमः।Om Sarvakaranakaranayai Namah.जो समस्त कारणों की परम मूल कारण हैं।
221भक्तप्रियाॐ भक्तप्रियायै नमः।Om Bhaktapriyayai Namah.जो अपने भक्तों को अत्यंत प्रिय मानती हैं।
222भक्तगम्याॐ भक्तगम्यायै नमः।Om Bhaktagamyayai Namah.जो केवल सच्ची भक्ति और प्रेम से प्राप्त की जा सकती हैं।
223भक्तानन्दप्रदायिनीॐ भक्तानन्दप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktanandapradayinyai Namah.जो भक्तों को परम आनंद और आध्यात्मिक सुख प्रदान करती हैं।
224भक्तकल्पद्रुमातीताॐ भक्तकल्पद्रुमातीतायै नमः।Om Bhaktakalpadrumatitayai Namah.जो भक्तों की इच्छाएँ पूर्ण करने वाले कल्पवृक्ष से भी श्रेष्ठ हैं।
225अतीतगुणाॐ अतीतगुणायै नमः।Om Atitagunayai Namah.जो प्रकृति के सभी गुणों से परे परम दिव्य स्वरूप हैं।
226मनोऽधिष्ठातृदेवीॐ मनोऽधिष्ठातृदेव्यै नमः।Om Manoadhishthatridevyai Namah.जो मन की अधिष्ठात्री और मानसिक शक्ति की देवी हैं।
227कृष्णप्रेमपरायणाॐ कृष्णप्रेमपरायणायै नमः।Om Krishnapremaparayanayai Namah.जो भगवान कृष्ण के दिव्य प्रेम में पूर्णतः समर्पित हैं।
228निरामयाॐ निरामयायै नमः।Om Niramayayai Namah.जो सभी रोग, दुःख और दोषों से रहित हैं।
229सौम्यदात्रीॐ सौम्यदात्र्यै नमः।Om Saumyadatryai Namah.जो भक्तों को शांति, कोमलता और सौम्यता प्रदान करती हैं।
230मदनमोहिनीॐ मदनमोहिन्यै नमः।Om Madanamohinyai Namah.जो कामदेव को भी मोहित करने वाले दिव्य सौन्दर्य की स्वामिनी हैं।
231एकाॐ एकायै नमः।Om Ekayai Namah.जो अद्वितीय और एकमात्र परम दिव्य शक्ति हैं।
232अनंशाॐ अनंशायै नमः।Om Anamshayai Namah.जो स्वयं पूर्ण हैं और जिनका कोई पृथक अंश नहीं है।
233शिवाॐ शिवायै नमः।Om Shivayai Namah.जो कल्याण, मंगल और परम शुभता का स्वरूप हैं।
234क्षेमाॐ क्षेमायै नमः।Om Kshemayai Namah.जो भक्तों का कल्याण, संरक्षण और सुख प्रदान करती हैं।
235दुर्गाॐ दुर्गायै नमः।Om Durgayai Namah.जो कठिनाइयों और संकटों से रक्षा करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
236दुर्गतिनाशिनीॐ दुर्गतिनाशिन्यै नमः।Om Durgatinashinyai Namah.जो भक्तों की दुर्गति और कष्टों का नाश करती हैं।
237ईश्वरीॐ ईश्वर्यै नमः।Om Ishvaryai Namah.जो परम सत्ता और समस्त जगत की ईश्वरी हैं।
238सर्ववन्द्याॐ सर्ववन्द्यायै नमः।Om Sarvavandyayai Namah.जो सभी देवताओं, ऋषियों और भक्तों द्वारा वंदनीय हैं।
239गोपनीयाॐ गोपनीयायै नमः।Om Gopaniyayai Namah.जो अत्यंत गूढ़ और पवित्र दिव्य तत्त्व के रूप में पूजित हैं।
240शुभङ्करीॐ शुभङ्कर्यै नमः।Om Shubhankaryai Namah.जो भक्तों के लिए शुभ और मंगल करने वाली हैं।
241सर्वभूतानां पालिनीॐ सर्वभूतानां पालिन्यै नमः।Om Sarvabhutanam Palinyai Namah.जो सभी प्राणियों का पालन और संरक्षण करने वाली हैं।
242कामाङ्गहारिणीॐ कामाङ्गहारिण्यै नमः।Om Kamangaharinyai Namah.जो काम और सांसारिक आसक्ति के बंधनों का नाश करने वाली हैं।
243सद्योमुक्तिप्रदा देवीॐ सद्योमुक्तिप्रदायै देव्यै नमः।Om Sadyomuktipradayai Devyai Namah.जो भक्तों को शीघ्र ही मुक्ति प्रदान करने वाली देवी हैं।
244वेदसाराॐ वेदसारायै नमः।Om Vedasarayai Namah.जो समस्त वेदों के परम सार का स्वरूप हैं।
245परात्पराॐ परात्परायै नमः।Om Paratparayai Namah.जो परम से भी परे सर्वोच्च दिव्य तत्त्व हैं।
246हिमालयसुताॐ हिमालयसुतायै नमः।Om Himalayasutayai Namah.जो हिमालय की दिव्य पुत्री के स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
247सर्वाॐ सर्वायै नमः।Om Sarvayai Namah.जो सर्वव्यापी और समस्त अस्तित्व का आधार हैं।
248पार्वतीॐ पार्वत्यै नमः।Om Parvatyai Namah.जो पर्वतराज की पुत्री पार्वती के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
249गिरिजा सतीॐ गिरिजायै सत्यै नमः।Om Girijayai Satyai Namah.जो गिरिजा और सत्यस्वरूपा देवी के दिव्य तत्त्व से अभिन्न हैं।
250दक्षकन्याॐ दक्षकन्यायै नमः।Om Dakshakanyayai Namah.जो दक्ष की दिव्य कन्या के स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
251देवमाताॐ देवमात्रे नमः।Om Devamatre Namah.जो देवताओं की दिव्य माता और पोषण करने वाली शक्ति हैं।
252मन्दलज्जाॐ मन्दलज्जायै नमः।Om Mandalajjayai Namah.जो कोमल लज्जा और विनम्रता से युक्त हैं।
253हरेस्तन्वीॐ हरेस्तन्वै नमः।Om Harestanvai Namah.जो भगवान हरि की अति प्रिय और दिव्य तनुशक्ति हैं।
254वृन्दारण्यप्रिया वृन्दाॐ वृन्दारण्यप्रियायै वृन्दायै नमः।Om Vrindaranyapriyayai Vrindayai Namah.जो वृन्दारण्य को प्रिय मानने वाली और वृन्दा के दिव्य तत्त्व से सम्बद्ध हैं।
255वृन्दावनविलासिनीॐ वृन्दावनविलासिन्यै नमः।Om Vrindavanavilasinyai Namah.जो वृन्दावन की पवित्र भूमि में दिव्य विलास करती हैं।
256विलासिनीॐ विलासिन्यै नमः।Om Vilasinyai Namah.जो दिव्य प्रेम और आनंदपूर्ण विलास से युक्त हैं।
257वैष्णवीॐ वैष्णव्यै नमः।Om Vaishnavyai Namah.जो भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति और वैष्णवी स्वरूप हैं।
258ब्रह्मलोकप्रतिष्ठिताॐ ब्रह्मलोकप्रतिष्ठितायै नमः।Om Brahmalokapratishthitayai Namah.जो ब्रह्मलोक में प्रतिष्ठित दिव्य शक्ति के रूप में पूजित हैं।
259रुक्मिणीॐ रुक्मिण्यै नमः।Om Rukminyai Namah.जो रुक्मिणी के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
260रेवतीॐ रेवत्यै नमः।Om Revatyai Namah.जो रेवती के दिव्य स्वरूप और शक्ति से सम्बद्ध हैं।
261सत्यभामाॐ सत्यभामायै नमः।Om Satyabhamayai Namah.जो सत्यभामा के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
262जाम्बवतीॐ जाम्बवत्यै नमः।Om Jambavatyai Namah.जो जाम्बवती के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
263सुलक्ष्मणाॐ सुलक्ष्मणायै नमः।Om Sulakshmanayai Namah.जो सुंदर और शुभ लक्षणों से सम्पन्न हैं।
264मित्रविन्दाॐ मित्रविन्दायै नमः।Om Mitravindayai Namah.जो मित्रविन्दा के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
265कालिन्दीॐ कालिन्द्यै नमः।Om Kalindyai Namah.जो पवित्र कालिन्दी यमुना के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
266जह्नुकन्यकाॐ जह्नुकन्यकायै नमः।Om Jahnukanyakayai Namah.जो जह्नु की कन्या के पवित्र दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
267परिपूर्णाॐ परिपूर्णायै नमः।Om Paripurnayai Namah.जो पूर्णता और दिव्य सम्पूर्णता का स्वरूप हैं।
268पूर्णतराॐ पूर्णतरायै नमः।Om Purnatarayai Namah.जो अत्यंत पूर्ण और परम सम्पूर्ण दिव्य शक्ति हैं।
269हैमवतीॐ हैमवत्यै नमः।Om Haimavatyai Namah.जो हिमालय की पुत्री के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
270गतिॐ गत्यै नमः।Om Gatyai Namah.जो भक्तों की परम गति और आध्यात्मिक लक्ष्य हैं।
271अपूर्वाॐ अपूर्वायै नमः।Om Apurvayai Namah.जो अद्वितीय, अनुपम और पहले कभी न देखे गए दिव्य स्वरूप वाली हैं।
272ब्रह्मरूपाॐ ब्रह्मरूपायै नमः।Om Brahmarupayai Namah.जो परम ब्रह्म के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
273ब्रह्माण्डपरिपालिनीॐ ब्रह्माण्डपरिपालिन्यै नमः।Om Brahmandaparipalinyai Namah.जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का पालन और संरक्षण करने वाली हैं।
274ब्रह्माण्डाभाण्डमध्यस्थाॐ ब्रह्माण्डाभाण्डमध्यस्थायै नमः।Om Brahmandabhandamadhyasthayai Namah.जो ब्रह्माण्ड रूपी दिव्य पात्र के मध्य में स्थित हैं।
275ब्रह्माण्डभाण्डरूपिणीॐ ब्रह्माण्डभाण्डरूपिण्यै नमः।Om Brahmandabhandarupinyai Namah.जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के दिव्य आधारस्वरूप हैं।
276अण्डरूपाॐ अण्डरूपायै नमः।Om Andarupayai Namah.जो सृष्टि के मूल ब्रह्माण्डीय अण्ड के स्वरूप वाली हैं।
277अण्डमध्यस्थाॐ अण्डमध्यस्थायै नमः।Om Andamadhyasthayai Namah.जो ब्रह्माण्डीय अण्ड के मध्य में स्थित दिव्य शक्ति हैं।
278अण्डपरिपालिनीॐ अण्डपरिपालिन्यै नमः।Om Andaparipalinyai Namah.जो सृष्टि के ब्रह्माण्डीय आधार की रक्षा और देखभाल करती हैं।
279अण्डबाह्याण्डसंहर्त्रीॐ अण्डबाह्याण्डसंहर्त्र्यै नमः।Om Andabahyandasamhartryai Namah.जो ब्रह्माण्ड के भीतर और बाहर के तत्त्वों का संहार करने वाली हैं।
280शिवब्रह्महरिप्रियाॐ शिवब्रह्महरिप्रियायै नमः।Om Shivabrahmaharipriyayai Namah.जो शिव, ब्रह्मा और हरि को प्रिय दिव्य शक्ति हैं।
281महाविष्णुप्रियाॐ महाविष्णुप्रियायै नमः।Om Mahavishnupriyayai Namah.जो महाविष्णु को अत्यंत प्रिय दिव्य शक्ति हैं।
282कल्पवृक्षरूपाॐ कल्पवृक्षरूपायै नमः।Om Kalpavriksharupayai Namah.जो भक्तों की शुभ इच्छाएँ पूर्ण करने वाले कल्पवृक्ष के समान हैं।
283निरन्तराॐ निरन्तरायै नमः।Om Nirantarayai Namah.जो निरंतर, अखण्ड और सदैव विद्यमान रहने वाली हैं।
284सारभूताॐ सारभूतायै नमः।Om Sarabhutayai Namah.जो समस्त तत्त्वों के परम सार का स्वरूप हैं।
285स्थिराॐ स्थिरायै नमः।Om Sthirayai Namah.जो स्थिर, अचल और शाश्वत स्वरूप वाली हैं।
286गौरीॐ गौर्यै नमः।Om Gauryai Namah.जो गौरवर्ण, पवित्रता और दिव्य तेज की स्वरूपिणी हैं।
287गौराङ्गीॐ गौराङ्ग्यै नमः।Om Gaurangyai Namah.जिनके अंग दिव्य गौर वर्ण और अलौकिक सौन्दर्य से युक्त हैं।
288शशिशेखराॐ शशिशेखरायै नमः।Om Shashishekharayai Namah.जो चन्द्रमा के समान शीतल और दिव्य शोभा वाली हैं।
289श्वेतचम्पकवर्णाभाॐ श्वेतचम्पकवर्णाभायै नमः।Om Shvetachampakavarnabhayai Namah.जिनकी आभा श्वेत चम्पक पुष्प के समान उज्ज्वल है।
290शशिकोटिसमप्रभाॐ शशिकोटिसमप्रभायै नमः।Om Shashikotisamaprabhayai Namah.जिनकी दिव्य प्रभा करोड़ों चन्द्रमाओं के समान उज्ज्वल है।
291मालतीमाल्यभूषाढ्याॐ मालतीमाल्यभूषाढ्यायै नमः।Om Malatimalyabhushadhyayai Namah.जो मालती के पुष्पों की मालाओं से सुशोभित हैं।
292मालतीमाल्यधारिणीॐ मालतीमाल्यधारिण्यै नमः।Om Malatimalyadharinyai Namah.जो मालती पुष्पों की सुंदर माला धारण करती हैं।
293कृष्णस्तुताॐ कृष्णस्तुतायै नमः।Om Krishnastutayai Namah.जिनकी भगवान श्रीकृष्ण स्वयं स्तुति करते हैं।
294कृष्णकान्ताॐ कृष्णकान्तायै नमः।Om Krishnakantayai Namah.जो भगवान कृष्ण की परम प्रिय प्रेयसी हैं।
295वृन्दावनविलासिनीॐ वृन्दावनविलासिन्यै नमः।Om Vrindavanavilasinyai Namah.जो वृन्दावन की दिव्य कुंजों में प्रेमपूर्वक विलास करती हैं।
296तुलस्यधिष्ठातृदेवीॐ तुलस्यधिष्ठातृदेव्यै नमः।Om Tulasyadhishthatridevyai Namah.जो तुलसी की अधिष्ठात्री और पवित्र देवी के रूप में पूजित हैं।
297संसारार्णवपारदाॐ संसारार्णवपारदायै नमः।Om Samsararnavaparadayai Namah.जो भक्तों को संसाररूपी सागर से पार लगाने वाली हैं।
298सारदाॐ सारदायै नमः।Om Saradayai Namah.जो ज्ञान, विद्या और दिव्य सार प्रदान करने वाली हैं।
299आहारदाॐ आहारदायै नमः।Om Aharadayai Namah.जो जीवों को आहार, पोषण और जीवन का आधार प्रदान करती हैं।
300अम्भोदाॐ अम्भोदायै नमः।Om Ambhodayai Namah.जो जल और जीवनदायी वर्षा प्रदान करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
301वरदाॐ वरदायै नमः।Om Varadayai Namah.जो भक्तों को मनोवांछित वरदान प्रदान करने वाली हैं।
302वरेण्याॐ वरेण्यायै नमः।Om Varenyayai Namah.जो सभी श्रेष्ठ और पूजनीय शक्तियों में सर्वोत्तम हैं।
303वरिष्ठाॐ वरिष्ठायै नमः।Om Varishthayai Namah.जो सर्वोच्च और सबसे श्रेष्ठ दिव्य स्वरूप वाली हैं।
304वसुधाॐ वसुधायै नमः।Om Vasudhayai Namah.जो पृथ्वी के समान सबका पालन और धारण करने वाली हैं।
305वसुधारिणीॐ वसुधारिण्यै नमः।Om Vasudharinyai Namah.जो समस्त जीवों और जगत को धारण करने वाली हैं।
306वसुन्धराॐ वसुन्धरायै नमः।Om Vasundharayai Namah.जो धन, समृद्धि और पृथ्वी की दिव्य शक्ति का स्वरूप हैं।
307वसुप्रदाॐ वसुप्रदायै नमः।Om Vasupradayai Namah.जो भक्तों को धन, सुख और समृद्धि प्रदान करती हैं।
308वसुमतीॐ वसुमत्यै नमः।Om Vasumatyai Namah.जो दिव्य संपदा और सौभाग्य से परिपूर्ण हैं।
309वसुमान्याॐ वसुमान्यायै नमः।Om Vasumanyayai Namah.जो महान ऐश्वर्य और सम्मान से युक्त हैं।
310वसुन्धरीॐ वसुन्धर्यै नमः।Om Vasundharyai Namah.जो पृथ्वी और समस्त संपदा की धारण करने वाली शक्ति हैं।
311वामाङ्गस्थाॐ वामाङ्गस्थायै नमः।Om Vamangasthayai Namah.जो भगवान कृष्ण के वाम अंग में दिव्य रूप से स्थित हैं।
312वामरूपिणीॐ वामरूपिण्यै नमः।Om Vamarupinyai Namah.जो भगवान की वाम शक्ति के मनोहर स्वरूप वाली हैं।
313वामदेवीॐ वामदेव्यै नमः।Om Vamadevyai Namah.जो कोमलता, सौन्दर्य और दिव्य शक्ति की देवी हैं।
314वामभागस्थिताॐ वामभागस्थितायै नमः।Om Vamabhagasthitayai Namah.जो अपने प्रिय भगवान के वाम भाग में विराजमान रहती हैं।
315वामनेत्राॐ वामनेत्रायै नमः।Om Vamanetrayai Namah.जिनके सुंदर नेत्र कोमलता और प्रेम से पूर्ण हैं।
316वामलोचनाॐ वामलोचनायै नमः।Om Vamalocanayai Namah.जिनके नेत्र अत्यंत सुंदर, कोमल और मनोहर हैं।
317वामचारप्रियाॐ वामचारप्रियायै नमः।Om Vamacharapriyayai Namah.जो विशेष दिव्य साधना और प्रेमभाव से प्रसन्न होने वाली हैं।
318वामवन्दिताॐ वामवन्दितायै नमः।Om Vamavanditayai Namah.जिनका प्रेममय स्वरूप श्रद्धा और भक्ति से वंदनीय है।
319वामशक्तिःॐ वामशक्त्यै नमः।Om Vamashaktyai Namah.जो भगवान की परम वाम शक्ति के रूप में स्थित हैं।
320वामाङ्गसुन्दरीॐ वामाङ्गसुन्दर्यै नमः।Om Vamangasundaryai Namah.जो भगवान के वाम अंग को अपने सौन्दर्य से सुशोभित करती हैं।
321सौन्दर्यसारसम्पन्नाॐ सौन्दर्यसारसम्पन्नायै नमः।Om Saundaryasarasampannayai Namah.जो परम सौन्दर्य के दिव्य सार से सम्पन्न हैं।
322सौन्दर्यवर्धिनीॐ सौन्दर्यवर्धिन्यै नमः।Om Saundaryavardhinyai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम से सौन्दर्य और माधुर्य को बढ़ाने वाली हैं।
323सौम्यरूपाॐ सौम्यरूपायै नमः।Om Saumyarupayai Namah.जो अत्यंत शांत, कोमल और मनोहर स्वरूप वाली हैं।
324सौम्यवदनाॐ सौम्यवदनायै नमः।Om Saumyavadanayai Namah.जिनका मुख शांत, मधुर और अत्यंत मनोहर है।
325सौम्यहासविभूषिताॐ सौम्यहासविभूषितायै नमः।Om Saumyahasavibhushitayai Namah.जो अपनी मधुर मुस्कान से दिव्य सौन्दर्य से सुशोभित हैं।
326मधुराॐ मधुरायै नमः।Om Madhurayai Namah.जो मधुरता, प्रेम और माधुर्य की परम स्वरूपिणी हैं।
327मधुरालापाॐ मधुरालापायै नमः।Om Madhuralapayai Namah.जिनकी वाणी अत्यंत मधुर और प्रेमपूर्ण है।
328मधुरस्मिताॐ मधुरस्मितायै नमः।Om Madhurasmitayai Namah.जिनकी मुस्कान मधुर, मनोहर और हृदय को आनंद देने वाली है।
329मधुरप्रियाॐ मधुरप्रियायै नमः।Om Madhurapriyayai Namah.जो मधुर भाव, प्रेम और सौम्यता को प्रिय मानती हैं।
330मधुरेश्वरीॐ मधुरेश्वर्यै नमः।Om Madhureshvaryai Namah.जो दिव्य माधुर्य और प्रेम की परम ईश्वरी हैं।
331माधुरीॐ माधुर्यै नमः।Om Madhuryai Namah.जो दिव्य माधुर्य और प्रेमरस की साक्षात स्वरूपिणी हैं।
332माधवीॐ माधव्यै नमः।Om Madhavyai Namah.जो मधुरता और वसंत की कोमल दिव्य शक्ति का स्वरूप हैं।
333माधवप्रियाॐ माधवप्रियायै नमः।Om Madhavapriyayai Namah.जो भगवान माधव की परम प्रिय हैं।
334माधवेश्वरीॐ माधवेश्वर्यै नमः।Om Madhaveshvaryai Namah.जो माधव की परम शक्ति और प्रेममयी ईश्वरी हैं।
335माधवानन्ददायिनीॐ माधवानन्ददायिन्यै नमः।Om Madhavanandadayinyai Namah.जो भगवान माधव को दिव्य आनंद प्रदान करने वाली हैं।
336माधवमोहिनीॐ माधवमोहिन्यै नमः।Om Madhavamohinyai Namah.जो अपने प्रेम और माधुर्य से माधव को मोहित करती हैं।
337माधवविनोदिनीॐ माधवविनोदिन्यै नमः।Om Madhavavinodinyai Namah.जो माधव के साथ दिव्य प्रेम-विनोद करती हैं।
338माधवप्राणवल्लभाॐ माधवप्राणवल्लभायै नमः।Om Madhavapranavallabhayai Namah.जो भगवान माधव के प्राणों की परम प्रिय वल्लभा हैं।
339माधवहृदयेश्वरीॐ माधवहृदयेश्वर्यै नमः।Om Madhavahridayeshvaryai Namah.जो भगवान माधव के हृदय की परम ईश्वरी हैं।
340माधवचेतनाप्रियाॐ माधवचेतनाप्रियायै नमः।Om Madhavachetanapriyayai Namah.जो भगवान माधव के अंतःकरण और चेतना को अत्यंत प्रिय हैं।
341ललिताॐ ललितायै नमः।Om Lalitayai Namah.जो कोमल, चंचल और दिव्य माधुर्य से युक्त हैं।
342ललिताङ्गीॐ ललिताङ्ग्यै नमः।Om Lalitangyai Namah.जिनके अंग अत्यंत कोमल, सुंदर और मनोहर हैं।
343ललितप्रियाॐ ललितप्रियायै नमः।Om Lalitapriyayai Namah.जो सखी ललिता को अत्यंत प्रिय हैं।
344ललितासेविताॐ ललितासेवितायै नमः।Om Lalitasevitayai Namah.जिनकी प्रिय सखी ललिता प्रेमपूर्वक सेवा करती हैं।
345विशाखाप्रियाॐ विशाखाप्रियायै नमः।Om Vishakhapriyayai Namah.जो सखी विशाखा को अत्यंत प्रिय हैं।
346विशाखासेविताॐ विशाखासेवितायै नमः।Om Vishakhasevitayai Namah.जिनकी सेवा सखी विशाखा प्रेम और भक्ति से करती हैं।
347सखीसर्वस्वरूपिणीॐ सखीसर्वस्वरूपिण्यै नमः।Om Sakhisarvasvarupinyai Namah.जो समस्त सखियों के प्रेम और सेवा का परम आधार हैं।
348सखीनां प्राणरूपिणीॐ सखीनां प्राणरूपिण्यै नमः।Om Sakhinam Pranarupinyai Namah.जो सभी सखियों के प्राण और जीवन का आधार हैं।
349सखीमण्डलमध्यस्थाॐ सखीमण्डलमध्यस्थायै नमः।Om Sakhimandalamadhyasthayai Namah.जो सखियों के दिव्य समूह के मध्य में विराजती हैं।
350सखीमण्डलशोभिताॐ सखीमण्डलशोभितायै नमः।Om Sakhimandalashobhitayai Namah.जो सखियों के समूह से घिरी होकर और भी शोभायमान होती हैं।
351सखीभावप्रदाॐ सखीभावप्रदायै नमः।Om Sakhibhavapradayai Namah.जो भक्तों को दिव्य सखीभाव और प्रेमभक्ति प्रदान करती हैं।
352सखीस्नेहविवर्धिनीॐ सखीस्नेहविवर्धिन्यै नमः।Om Sakhisnehavivardhinyai Namah.जो सखियों के प्रेम और स्नेह को निरंतर बढ़ाने वाली हैं।
353सखीसम्मानिताॐ सखीसम्मानितायै नमः।Om Sakhisammanitayai Namah.जिनका सखियाँ अत्यंत सम्मान और प्रेम से आदर करती हैं।
354सखीसुखप्रदाॐ सखीसुखप्रदायै नमः।Om Sakhisukhapradayai Namah.जो अपनी सखियों को प्रेम और आनंद प्रदान करती हैं।
355सखीमध्यगताॐ सखीमध्यगतायै नमः।Om Sakhimadhyagatayai Namah.जो अपनी प्रिय सखियों के मध्य स्थित रहती हैं।
356सखीरक्षिणीॐ सखीरक्षिण्यै नमः।Om Sakhirakshinyai Namah.जो अपनी सखियों की रक्षा और कल्याण करने वाली हैं।
357सखीनां हितकारिणीॐ सखीनां हितकारिण्यै नमः।Om Sakhinam Hitakarinyai Namah.जो सभी सखियों के हित और सुख के लिए कार्य करती हैं।
358सखीप्रियतमाॐ सखीप्रियतमायै नमः।Om Sakhipriyatamayai Namah.जो अपनी सभी सखियों को अत्यंत प्रिय हैं।
359सखीशिरोमणिॐ सखीशिरोमण्यै नमः।Om Sakhishiromanyai Namah.जो सभी सखियों में श्रेष्ठ और शिरोमणि हैं।
360सखीमणिविभूषिताॐ सखीमणिविभूषितायै नमः।Om Sakhimanivibhushitayai Namah.जो अपनी प्रिय सखियों के प्रेमरूपी रत्नों से सुशोभित हैं।
361चन्द्रावलीप्रियाॐ चन्द्रावलीप्रियायै नमः।Om Chandravalipriyayai Namah.जो चन्द्रावली के दिव्य प्रेमभाव से सम्बद्ध और प्रिय हैं।
362चन्द्रमुखीॐ चन्द्रमुख्यै नमः।Om Chandramukhyai Namah.जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुंदर और शीतल है।
363चन्द्रकान्तिसमप्रभाॐ चन्द्रकान्तिसमप्रभायै नमः।Om Chandrakantisamaprabhayai Namah.जिनकी दिव्य आभा चन्द्रमा की शीतल कांति के समान है।
364चन्द्रकलाॐ चन्द्रकलायै नमः।Om Chandrakalayai Namah.जो चन्द्रमा की सुंदर कला और शीतलता का स्वरूप हैं।
365चन्द्रिकाॐ चन्द्रिकायै नमः।Om Chandrikayai Namah.जो चन्द्रमा की शीतल और उज्ज्वल किरणों के समान हैं।
366चन्द्रप्रभाॐ चन्द्रप्रभायै नमः।Om Chandraprabhayai Namah.जिनकी दिव्य प्रभा चन्द्रमा के समान शीतल और उज्ज्वल है।
367चन्द्रवदनाॐ चन्द्रवदनायै नमः।Om Chandravadanayai Namah.जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान मनोहर है।
368चन्द्रहासिनीॐ चन्द्रहासिन्यै नमः।Om Chandrahassinyai Namah.जिनकी मुस्कान चन्द्रमा की शीतल किरणों के समान मनोहर है।
369चन्द्रमण्डलमध्यगाॐ चन्द्रमण्डलमध्यगायै नमः।Om Chandramandalamadhyagayai Namah.जो चन्द्रमण्डल के मध्य स्थित दिव्य शक्ति के समान हैं।
370चन्द्रप्रेमविवर्धिनीॐ चन्द्रप्रेमविवर्धिन्यै नमः।Om Chandrapremavivardhinyai Namah.जो प्रेम की शीतलता और मधुरता को बढ़ाने वाली हैं।
371सूर्यकोटिप्रभाॐ सूर्यकोटिप्रभायै नमः।Om Suryakotiprabhayai Namah.जिनकी दिव्य प्रभा करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी है।
372सूर्यकान्तिस्वरूपिणीॐ सूर्यकान्तिस्वरूपिण्यै नमः।Om Suryakantisvarupinyai Namah.जो सूर्य के दिव्य तेज और प्रकाश का स्वरूप हैं।
373तेजस्विनीॐ तेजस्विन्यै नमः।Om Tejasvinyai Namah.जो दिव्य तेज और आध्यात्मिक प्रकाश से पूर्ण हैं।
374महातेजाॐ महातेजायै नमः।Om Mahatejayai Namah.जो महान और अलौकिक दिव्य तेज की स्वामिनी हैं।
375तेजोरूपाॐ तेजोरूपायै नमः।Om Tejorupayai Namah.जो स्वयं दिव्य प्रकाश और तेज का स्वरूप हैं।
376तेजोमयीॐ तेजोमय्यै नमः।Om Tejomayyai Namah.जो पूर्णतः दिव्य प्रकाश और आध्यात्मिक तेज से भरी हैं।
377दीप्तिमतीॐ दीप्तिमत्यै नमः।Om Diptimatyai Namah.जो उज्ज्वल और चमकते हुए दिव्य तेज से युक्त हैं।
378दीप्ताङ्गीॐ दीप्ताङ्ग्यै नमः।Om Diptangyai Namah.जिनके सभी अंग दिव्य प्रकाश से प्रकाशित हैं।
379दीप्तविग्रहाॐ दीप्तविग्रहायै नमः।Om Diptavigrahayai Namah.जिनका संपूर्ण दिव्य विग्रह तेज से प्रकाशित रहता है।
380ज्योतिरूपाॐ ज्योतिरूपायै नमः।Om Jyotirupayai Namah.जो परम दिव्य ज्योति और आध्यात्मिक प्रकाश का स्वरूप हैं।
381ज्योतिष्मतीॐ ज्योतिष्मत्यै नमः।Om Jyotishmatyai Namah.जो दिव्य ज्योति से प्रकाशित और तेजस्विनी हैं।
382ज्योतिरमयीॐ ज्योतिरमय्यै नमः।Om Jyotiramayyai Namah.जो दिव्य प्रकाश से पूर्ण और प्रकाशमयी हैं।
383प्रकाशिनीॐ प्रकाशिन्यै नमः।Om Prakashinyai Namah.जो ज्ञान और दिव्य सत्य का प्रकाश फैलाने वाली हैं।
384प्रभामयीॐ प्रभामय्यै नमः।Om Prabhamayyai Namah.जो दिव्य आभा और प्रकाश से परिपूर्ण हैं।
385प्रभाॐ प्रभायै नमः।Om Prabhayai Namah.जो दिव्य प्रकाश और आभा का साक्षात स्वरूप हैं।
386प्रभाकरीॐ प्रभाकर्यै नमः।Om Prabhakaryai Namah.जो भक्तों के जीवन को दिव्य प्रकाश से प्रकाशित करती हैं।
387भास्वतीॐ भास्वत्यै नमः।Om Bhasvatyai Namah.जो अत्यंत प्रकाशमान और तेजस्वी दिव्य स्वरूप वाली हैं।
388भास्करप्रभाॐ भास्करप्रभायै नमः।Om Bhaskaraprabhayai Namah.जिनकी आभा सूर्य के समान उज्ज्वल और तेजस्वी है।
389उज्ज्वलाॐ उज्ज्वलायै नमः।Om Ujjvalayai Namah.जो अत्यंत उज्ज्वल, पवित्र और दिव्य प्रकाशमयी हैं।
390निर्मलाॐ निर्मलायै नमः।Om Nirmalayai Namah.जो पूर्णतः निर्मल, पवित्र और दोषरहित हैं।
391निष्कलङ्काॐ निष्कलङ्कायै नमः।Om Nishkalankayai Namah.जो सभी कलंकों और दोषों से पूर्णतः रहित हैं।
392पवित्राॐ पवित्रायै नमः।Om Pavitrayai Namah.जो परम पवित्रता और शुद्धता का स्वरूप हैं।
393पावनीॐ पावन्यै नमः।Om Pavanyai Namah.जो भक्तों और वातावरण को पवित्र करने वाली हैं।
394शुद्धाॐ शुद्धायै नमः।Om Shuddhayai Namah.जो पूर्णतः शुद्ध और निष्कलंक दिव्य स्वरूप वाली हैं।
395शुद्धसत्त्वाॐ शुद्धसत्त्वायै नमः।Om Shuddhasattvayai Namah.जो शुद्ध सत्त्व और दिव्य चेतना से पूर्ण हैं।
396सत्त्वस्वरूपिणीॐ सत्त्वस्वरूपिण्यै नमः।Om Sattvasvarupinyai Namah.जो शुद्ध सत्त्व और पवित्र चेतना की स्वरूपिणी हैं।
397सद्गुणाॐ सद्गुणायै नमः।Om Sadgunayai Namah.जो सभी उत्तम और दिव्य गुणों से सम्पन्न हैं।
398गुणमयीॐ गुणमय्यै नमः।Om Gunamayyai Namah.जो दिव्य गुणों से पूर्ण और गुणमयी हैं।
399गुणात्मिकाॐ गुणात्मिकायै नमः।Om Gunatmikayai Namah.जो सभी दिव्य गुणों की आत्मस्वरूपिणी हैं।
400गुणातीतस्वरूपिणीॐ गुणातीतस्वरूपिण्यै नमः।Om Gunatitasvarupinyai Namah.जो प्रकृति के तीनों गुणों से परे परम दिव्य स्वरूप वाली हैं।
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401निरुपमाॐ निरुपमायै नमः।Om Nirupamayai Namah.जो अनुपम और अतुलनीय दिव्य स्वरूप वाली हैं।
402निराधाराॐ निराधारायै नमः।Om Niradharaya Namah.जो स्वयं किसी आधार पर निर्भर नहीं हैं और सबका आधार हैं।
403निराकाराॐ निराकारायै नमः।Om Nirakarayai Namah.जो भौतिक आकार से परे परम दिव्य स्वरूप हैं।
404निरञ्जनाॐ निरञ्जनायै नमः।Om Niranjanayai Namah.जो सभी माया, दोष और कलंक से रहित हैं।
405निष्कामाॐ निष्कामायै नमः।Om Nishkamayai Namah.जो सांसारिक इच्छाओं से पूर्णतः रहित और परम प्रेममयी हैं।
406निष्पापाॐ निष्पापायै नमः।Om Nishpapayai Namah.जो सभी पाप और दोषों से पूर्णतः रहित हैं।
407निष्क्रियाॐ निष्क्रियायै नमः।Om Nishkriyayai Namah.जो सांसारिक कर्मों से परे परम शांति में स्थित हैं।
408निर्मलाॐ निर्मलायै नमः।Om Nirmalayai Namah.जो पूर्णतः निर्मल, पवित्र और शुद्ध स्वरूप वाली हैं।
409निर्विकाराॐ निर्विकारायै नमः।Om Nirvikarayai Namah.जो सभी विकारों और परिवर्तन से परे हैं।
410निरामयाॐ निरामयायै नमः।Om Niramayayai Namah.जो सभी रोग, दुःख और पीड़ा से रहित हैं।
411नित्याॐ नित्यायै नमः।Om Nityayai Namah.जो शाश्वत और सदैव विद्यमान रहने वाली हैं।
412नित्यनूतनाॐ नित्यनूतनायै नमः।Om Nityanutanayai Namah.जो सदैव नवीन और ताजगी से पूर्ण दिव्य स्वरूप वाली हैं।
413नित्यप्रियाॐ नित्यप्रियायै नमः।Om Nityapriyayai Namah.जो भगवान कृष्ण की सदैव परम प्रिय हैं।
414नित्यरसाॐ नित्यरसायै नमः।Om Nityarasayai Namah.जो शाश्वत दिव्य प्रेमरस का साक्षात स्वरूप हैं।
415नित्यलीलाॐ नित्यलीलायै नमः।Om Nityalilayai Namah.जिनकी दिव्य प्रेमलीला अनादि और शाश्वत है।
416नित्यविहारिणीॐ नित्यविहारिण्यै नमः।Om Nityaviharinyai Namah.जो सदैव दिव्य प्रेम-विहार में स्थित रहती हैं।
417नित्यकान्ताॐ नित्यकान्तायै नमः।Om Nityakantayai Namah.जो भगवान कृष्ण की शाश्वत प्रियतम स्वरूपा हैं।
418नित्यशोभिताॐ नित्यशोभितायै नमः।Om Nityashobhitayai Namah.जो सदैव दिव्य सौन्दर्य और शोभा से सुशोभित हैं।
419नित्यसौभाग्यसम्पन्नाॐ नित्यसौभाग्यसम्पन्नायै नमः।Om Nityasaubhagyasampannayai Namah.जो शाश्वत सौभाग्य और मंगल से परिपूर्ण हैं।
420नित्यप्रेमप्रदायिनीॐ नित्यप्रेमप्रदायिन्यै नमः।Om Nityapremapradayinyai Namah.जो भक्तों को शाश्वत और निष्काम प्रेम प्रदान करती हैं।
421प्रेममयीॐ प्रेममय्यै नमः।Om Premamayyai Namah.जो पूर्णतः दिव्य प्रेम से परिपूर्ण हैं।
422प्रेमरूपाॐ प्रेमरूपायै नमः।Om Premarupayai Namah.जो स्वयं परम दिव्य प्रेम का स्वरूप हैं।
423प्रेमदात्रीॐ प्रेमदात्र्यै नमः।Om Premadatryai Namah.जो भक्तों को शुद्ध और दिव्य प्रेम प्रदान करती हैं।
424प्रेमसिन्धुःॐ प्रेमसिन्धवे नमः।Om Premasindhave Namah.जो अनंत और अथाह दिव्य प्रेम का सागर हैं।
425प्रेमसाराॐ प्रेमसारायै नमः।Om Premasarayai Namah.जो दिव्य प्रेम के परम सार का स्वरूप हैं।
426प्रेमवर्धिनीॐ प्रेमवर्धिन्यै नमः।Om Premavardhinyai Namah.जो हृदय में भगवान के प्रति प्रेम को बढ़ाने वाली हैं।
427प्रेमप्रदाॐ प्रेमप्रदायै नमः।Om Premapradayai Namah.जो प्रेमभक्ति का अमूल्य वरदान प्रदान करती हैं।
428प्रेमभक्तिप्रदायिनीॐ प्रेमभक्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Premabhaktipradayinyai Namah.जो भक्तों को प्रेममयी भक्ति प्रदान करती हैं।
429प्रेमवश्यकरिणीॐ प्रेमवश्यकरिण्यै नमः।Om Premavashyakarin yai Namah.जो शुद्ध प्रेम से भगवान को भी अपने वश में कर लेती हैं।
430प्रेममोहिनीॐ प्रेममोहिन्यै नमः।Om Premamohinyai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम से सबको मोहित करने वाली हैं।
431प्रेमलताॐ प्रेमलतायै नमः।Om Premalatayai Namah.जो कोमल और प्रेममयी दिव्य लता के समान हैं।
432प्रेमवल्लीॐ प्रेमवल्ल्यै नमः।Om Premavallyai Namah.जो दिव्य प्रेम की सुंदर और कोमल वल्लरी हैं।
433प्रेममञ्जरीॐ प्रेममञ्जर्यै नमः।Om Premamanjaryai Namah.जो दिव्य प्रेम की सुगंधित मंजरी के समान हैं।
434प्रेमकुसुमिताॐ प्रेमकुसुमितायै नमः।Om Premakusumitayai Namah.जो दिव्य प्रेम के पुष्पों से सदा खिली हुई हैं।
435प्रेमपुष्पप्रियाॐ प्रेमपुष्पप्रियायै नमः।Om Premapushpapriyayai Namah.जो प्रेमरूपी पुष्प की भेंट से प्रसन्न होने वाली हैं।
436प्रेमगन्धवतीॐ प्रेमगन्धवत्यै नमः।Om Premagandhavatyai Namah.जिनसे दिव्य प्रेम की सुगंध चारों ओर फैलती है।
437प्रेमरसप्रदाॐ प्रेमरसप्रदायै नमः।Om Premarasapradayai Namah.जो भक्तों को परम दिव्य प्रेमरस का अनुभव कराती हैं।
438प्रेमरसामृताॐ प्रेमरसामृतायै नमः।Om Premarasamritayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस रूपी अमृत की स्वरूपिणी हैं।
439प्रेमसुधामयीॐ प्रेमसुधामय्यै नमः।Om Premasudhamayyai Namah.जो प्रेमरूपी अमृत और सुधा से पूर्ण हैं।
440प्रेमामृतप्रदायिनीॐ प्रेमामृतप्रदायिन्यै नमः।Om Premamritapradayinyai Namah.जो भक्तों को दिव्य प्रेम का अमृत प्रदान करती हैं।
441भक्तवत्सलाॐ भक्तवत्सलायै नमः।Om Bhaktavatsalayai Namah.जो अपने भक्तों पर अत्यंत स्नेह और करुणा रखती हैं।
442भक्तसुलभाॐ भक्तसुलभायै नमः।Om Bhaktasulabhayai Namah.जो सच्चे भक्तों को सहज ही प्राप्त हो जाती हैं।
443भक्तिगम्याॐ भक्तिगम्यायै नमः।Om Bhaktigamyayai Namah.जो केवल शुद्ध भक्ति के माध्यम से प्राप्त की जा सकती हैं।
444भक्तानुग्रहकारिणीॐ भक्तानुग्रहकारिण्यै नमः।Om Bhaktanugrahakarinyai Namah.जो भक्तों पर कृपा और अनुग्रह करने वाली हैं।
445भक्ताभीष्टप्रदायिनीॐ भक्ताभीष्टप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktabhishtapradayinyai Namah.जो भक्तों की शुभ और सच्ची इच्छाएँ पूर्ण करती हैं।
446भक्तदुःखविनाशिनीॐ भक्तदुःखविनाशिन्यै नमः।Om Bhaktaduhkhavinashinyai Namah.जो अपने भक्तों के दुःख और कष्टों का नाश करती हैं।
447भक्तरक्षाकरीॐ भक्तरक्षाकर्यै नमः।Om Bhaktarakshakaryai Namah.जो अपने भक्तों की सदैव रक्षा करती हैं।
448भक्तिप्रदाॐ भक्तिप्रदायै नमः।Om Bhaktipradayai Namah.जो हृदय में शुद्ध और अटूट भक्ति उत्पन्न करती हैं।
449भक्तिमतीॐ भक्तिमत्यै नमः।Om Bhaktimatyai Namah.जो स्वयं परम भक्ति और समर्पण की स्वरूपिणी हैं।
450भक्तिभावप्रकाशिनीॐ भक्तिभावप्रकाशिन्यै नमः।Om Bhaktibhavaprkashinyai Namah.जो भक्त के हृदय में दिव्य भक्ति और प्रेमभाव को प्रकाशित करती हैं।
450सनातनीॐ सनातन्यै नमः।Om Sanatanyai Namah.जो शाश्वत और अनादि दिव्य स्वरूप वाली हैं।
451नीलाम्बरपरीधानाॐ नीलाम्बरपरीधानायै नमः।Om Nilambaraparidhanayai Namah.जो नीले वस्त्र धारण करने वाली हैं।
452नीलाॐ नीलायै नमः।Om Nilayai Namah.जो नील वर्ण की दिव्य आभा से युक्त हैं।
453कमललोचनाॐ कमललोचनायै नमः।Om Kamalalochanayai Namah.जिनके नेत्र कमल के समान सुंदर हैं।
454निरपेक्षाॐ निरपेक्षायै नमः।Om Nirapekshayai Namah.जो किसी सांसारिक अपेक्षा से रहित हैं।
455निरुपमाॐ निरुपमायै नमः।Om Nirupamayai Namah.जो अनुपम और अतुलनीय दिव्य स्वरूप वाली हैं।
456नारायणीॐ नारायण्यै नमः।Om Narayanyai Namah.जो भगवान नारायण की दिव्य शक्ति हैं।
457नरेश्वरीॐ नरेश्वर्यै नमः।Om Nareshvaryai Namah.जो समस्त जीवों की परम ईश्वरी हैं।
458निरालम्बाॐ निरालम्बायै नमः।Om Niralambayai Namah.जो स्वयं किसी बाहरी आधार पर निर्भर नहीं हैं।
459रक्षाकर्त्रीॐ रक्षाकर्त्र्यै नमः।Om Rakshakartryai Namah.जो भक्तों की रक्षा करने वाली हैं।
460निगमार्थप्रदायिनीॐ निगमार्थप्रदायिन्यै नमः।Om Nigamarthapradayinyai Namah.जो वेदों के गूढ़ अर्थ का ज्ञान प्रदान करती हैं।
461निकुञ्जवासिनीॐ निकुञ्जवासिन्यै नमः।Om Nikunjavasinyai Namah.जो वृन्दावन के दिव्य निकुञ्जों में निवास करती हैं।
462निर्गुणाॐ निर्गुणायै नमः।Om Nirgunayai Namah.जो प्रकृति के तीनों गुणों से परे हैं।
463गुणसागराॐ गुणसागरायै नमः।Om Gunasagarayai Namah.जो अनंत दिव्य गुणों का सागर हैं।
464नीलाब्जाॐ नीलाब्जायै नमः।Om Nilabjayai Namah.जो नील कमल के समान सुंदर और मनोहर हैं।
465कृष्णमहिषीॐ कृष्णमहिष्यै नमः।Om Krishnamahishyai Namah.जो भगवान कृष्ण की परम दिव्य संगिनी हैं।
466निराश्रयगतिप्रदाॐ निराश्रयगतिप्रदायै नमः।Om Nirashrayagatipradayai Namah.जो निराश्रित जीवों को परम आश्रय और गति देती हैं।
467निधूवनवनानन्दाॐ निधूवनवनानन्दायै नमः।Om Nidhuvanavananandayai Namah.जो निधिवन के दिव्य वन में आनंद प्रदान करती हैं।
468निकुञ्जेशीॐ निकुञ्जेश्यै नमः।Om Nikunjeshyai Namah.जो दिव्य निकुञ्जों की अधिष्ठात्री देवी हैं।
469नागरीॐ नागर्यै नमः।Om Nagaryai Namah.जो दिव्य प्रेम और सौन्दर्य में अत्यंत कुशल हैं।
470निरञ्जनाॐ निरञ्जनायै नमः।Om Niranjanayai Namah.जो पूर्णतः निष्कलंक और निर्मल हैं।
471नित्यरक्ताॐ नित्यरक्तायै नमः।Om Nityaraktayai Namah.जो भगवान कृष्ण के प्रेम में सदैव अनुरक्त रहती हैं।
472नागरीॐ नागर्यै नमः।Om Nagaryai Namah.जो दिव्य प्रेम-कला में निपुण और मनोहर हैं।
473चित्तमोहिनीॐ चित्तमोहिन्यै नमः।Om Chittamohinyai Namah.जो अपने दिव्य सौन्दर्य से मन को मोहित करती हैं।
474पूर्णचन्द्रमुखीॐ पूर्णचन्द्रमुख्यै नमः।Om Purnachandramukhyai Namah.जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुंदर है।
475प्रधानाॐ प्रधानायै नमः।Om Pradhanayai Namah.जो परम प्रधान और सर्वोच्च दिव्य शक्ति हैं।
476प्रकृतिपराॐ प्रकृतिपरायै नमः।Om Prakritiparayai Namah.जो प्रकृति से भी परे परम शक्ति हैं।
477प्रेमरूपाॐ प्रेमरूपायै नमः।Om Premarupayai Namah.जो स्वयं दिव्य प्रेम का साक्षात स्वरूप हैं।
478प्रेममयीॐ प्रेममय्यै नमः।Om Premamayyai Namah.जो पूर्णतः दिव्य प्रेम से परिपूर्ण हैं।
479प्रफुल्लजलजाननाॐ प्रफुल्लजलजाननायै नमः।Om Praphullajalajananayai Namah.जिनका मुख खिले हुए कमल के समान सुंदर है।
480पूर्णानन्दमयीॐ पूर्णानन्दमय्यै राधायै नमः।Om Purnanandamayyai Radhayai Namah.जो पूर्ण और परम आनंद की स्वरूपिणी राधा हैं।
481पूर्णब्रह्मसनातनीॐ पूर्णब्रह्मसनातन्यै नमः।Om Purnabrahmasanatanyai Namah.जो पूर्णब्रह्म और सनातन दिव्य शक्ति के स्वरूप वाली हैं।
482परमार्थप्रदाॐ परमार्थप्रदायै नमः।Om Paramarthapradayai Namah.जो परम आध्यात्मिक सत्य और कल्याण प्रदान करती हैं।
483पूज्याॐ पूज्यायै नमः।Om Pujyayai Namah.जो सभी भक्तों और देवताओं द्वारा पूजनीय हैं।
484परेशाॐ परेशायै नमः।Om Pareshayai Namah.जो परम ईश्वरी और सर्वोच्च शक्ति हैं।
485पद्मलोचनाॐ पद्मलोचनायै नमः।Om Padmalochanayai Namah.जिनके नेत्र सुंदर कमल के समान हैं।
486पराशक्तिॐ पराशक्त्यै नमः।Om Parashaktyai Namah.जो परम और सर्वोच्च दिव्य शक्ति हैं।
487पराभक्तिॐ पराभक्त्यै नमः।Om Parabhaktyai Namah.जो परम और निष्काम भक्ति का स्वरूप हैं।
488परमानन्ददायिनीॐ परमानन्ददायिन्यै नमः।Om Paramanandadayinyai Namah.जो भक्तों को परम आनंद प्रदान करती हैं।
489पतितोद्धारिणीॐ पतितोद्धारिण्यै नमः।Om Patitoddharinyai Namah.जो पतित और दुःखी जीवों का उद्धार करती हैं।
490पुण्याॐ पुण्यायै नमः।Om Punyayai Namah.जो परम पवित्र और पुण्यमयी हैं।
491प्रवीणाॐ प्रवीणायै नमः।Om Pravinayai Namah.जो दिव्य प्रेम और लीलाओं में अत्यंत कुशल हैं।
492धर्मपावनीॐ धर्मपावन्यै नमः।Om Dharmapavanyai Namah.जो धर्म और आचरण को पवित्र करने वाली हैं।
493पङ्कजाक्षीॐ पङ्कजाक्ष्यै नमः।Om Pankajakshyai Namah.जिनके नेत्र कमल के समान मनोहर हैं।
494महालक्ष्मीॐ महालक्ष्म्यै नमः।Om Mahalakshmyai Namah.जो महान लक्ष्मी और दिव्य ऐश्वर्य की स्वरूपिणी हैं।
495पीनोन्नतपयोधराॐ पीनोन्नतपयोधरायै नमः।Om Pinonnatapayodharayai Namah.जो दिव्य मातृत्व और पूर्ण सौन्दर्य से युक्त हैं।
496प्रेमाश्रुपरिपूर्णाङ्गीॐ प्रेमाश्रुपरिपूर्णाङ्ग्यै नमः।Om Premashruparipurnangyai Namah.जिनका शरीर प्रेम के आनंदाश्रुओं से परिपूर्ण रहता है।
497पद्मेलसदृशाननाॐ पद्मेलसदृशाननायै नमः।Om Padmelasadri shananayai Namah.जिनका मुख खिले हुए कमल के समान मनोहर है।
498पद्मरागधराॐ पद्मरागधरायै नमः।Om Padmaragadharayai Namah.जो पद्मराग मणि के समान दिव्य आभा धारण करती हैं।
499पौर्णमासीसुखास्वादाॐ पौर्णमासीसुखास्वादायै नमः।Om Paurnamasisukhasvadayai Namah.जो पूर्णिमा के चन्द्रमा जैसे शीतल आनंद का अनुभव कराती हैं।
500पूर्णोत्तमाॐ पूर्णोत्तमायै नमः।Om Purnottamayai Namah.जो पूर्णता में सर्वोच्च और परम दिव्य स्वरूप वाली हैं।
501परञ्ज्योतिःॐ परञ्ज्योतिषे नमः।Om Paranjyotishe Namah.जो परम दिव्य ज्योति और सर्वोच्च प्रकाश हैं।
502प्रियङ्करीॐ प्रियङ्कर्यै नमः।Om Priyankaryai Namah.जो भक्तों और भगवान को प्रिय लगने वाला कार्य करती हैं।
503प्रियंवदाॐ प्रियंवदायै नमः।Om Priyamvadayai Namah.जिनकी वाणी मधुर और प्रिय है।
504प्रेमभक्तिप्रदाॐ प्रेमभक्तिप्रदायै राधायै नमः।Om Premabhaktipradayai Radhayai Namah.जो राधा के रूप में प्रेममयी भक्ति प्रदान करती हैं।
505प्रेमानन्दप्रदायिनीॐ प्रेमानन्दप्रदायिन्यै नमः।Om Premanandapradayinyai Namah.जो दिव्य प्रेम का आनंद प्रदान करती हैं।
506पद्मगन्धाॐ पद्मगन्धायै नमः।Om Padmagandhayai Namah.जिनसे कमल जैसी दिव्य सुगंध प्रस्फुटित होती है।
507पद्महस्ताॐ पद्महस्तायै नमः।Om Padmahastayai Namah.जिनके हाथ कमल के समान सुंदर हैं।
508पद्माङ्घ्रिॐ पद्माङ्घ्र्यै नमः।Om Padmanghryai Namah.जिनके चरण कमल के समान पवित्र और सुंदर हैं।
509पद्ममालिनीॐ पद्ममालिन्यै नमः।Om Padmamalinyai Namah.जो कमल पुष्पों की माला धारण करती हैं।
510पद्मासनाॐ पद्मासनायै नमः।Om Padmasanayai Namah.जो कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं।
511महापद्माॐ महापद्मायै नमः।Om Mahapadmayai Namah.जो महान और दिव्य कमल के समान पवित्र हैं।
512पद्ममालाविधारिणीॐ पद्ममालाविधारिण्यै नमः।Om Padmamalavidharinyai Namah.जो कमल पुष्पों की सुंदर माला धारण करती हैं।
513प्रबोधिनीॐ प्रबोधिन्यै नमः।Om Prabodhinyai Namah.जो भक्तों के हृदय में आध्यात्मिक जागृति उत्पन्न करती हैं।
514पूर्णलक्ष्मीॐ पूर्णलक्ष्म्यै नमः।Om Purnalakshmyai Namah.जो पूर्ण ऐश्वर्य और समृद्धि की स्वरूपिणी हैं।
515पूर्णेन्दुसदृशाननाॐ पूर्णेन्दुसदृशाननायै नमः।Om Purnendusadrishananayai Namah.जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान उज्ज्वल है।
516पुण्डरीकाक्षप्रेमाङ्गीॐ पुण्डरीकाक्षप्रेमाङ्ग्यै नमः।Om Pundarikakshapremangyai Namah.जो कमलनयन भगवान के दिव्य प्रेम में पूर्णतः अनुरक्त हैं।
517पुण्डरीकाक्षगेहिनीॐ पुण्डरीकाक्षगेहिन्यै नमः।Om Pundarikakshagehinyai Namah.जो कमलनयन भगवान के दिव्य धाम और हृदय में निवास करती हैं।
518परमार्थप्रदाॐ परमार्थप्रदायै नमः।Om Paramarthapradayai Namah.जो परम आध्यात्मिक सत्य और कल्याण प्रदान करती हैं।
519पद्माॐ पद्मायै नमः।Om Padmayai Namah.जो कमल के समान पवित्र, सुंदर और निर्मल हैं।
520प्रणवरूपिणीॐ प्रणवरूपिण्यै नमः।Om Pranavarupinyai Namah.जो परम पवित्र प्रणव ॐ के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
521फलप्रियाॐ फलप्रियायै नमः।Om Phalapriyayai Namah.जो भक्तों द्वारा अर्पित फल और प्रेमभाव से प्रसन्न होती हैं।
522स्फूर्तिदात्रीॐ स्फूर्तिदात्र्यै नमः।Om Sphurtidatryai Namah.जो उत्साह, प्रेरणा और दिव्य ऊर्जा प्रदान करती हैं।
523महोत्सवविहारिणीॐ महोत्सवविहारिण्यै नमः।Om Mahotsavaviharinyai Namah.जो दिव्य उत्सवों में आनंदपूर्वक विहार करती हैं।
524फुल्लाब्जदिव्यनयनाॐ फुल्लाब्जदिव्यनयनायै नमः।Om Phullabjadivyanayanayai Namah.जिनके दिव्य नेत्र खिले हुए कमल के समान हैं।
525फणिवेणीसुशोभिताॐ फणिवेणीसुशोभितायै नमः।Om Phanivenishobh itayai Namah.जिनकी वेणी सुंदर और मनोहर रूप से सुसज्जित है।
526वृन्दावनेश्वरीॐ वृन्दावनेश्वर्यै राधायै नमः।Om Vrindavaneshvaryai Radhayai Namah.जो वृन्दावन की परम ईश्वरी राधा हैं।
527वृन्दावनविलासिनीॐ वृन्दावनविलासिन्यै नमः।Om Vrindavanavilasinyai Namah.जो वृन्दावन में दिव्य प्रेम-विलास करती हैं।
528वृषभानुसुताॐ वृषभानुसुतायै नमः।Om Vrishabhanusutayai Namah.जो महाराज वृषभानु की दिव्य पुत्री हैं।
529व्रजवासीगणप्रियाॐ व्रजवासीगणप्रियायै नमः।Om Vrajavasiganapriyayai Namah.जो व्रजवासियों को अत्यंत प्रिय हैं।
530वृन्दाॐ वृन्दायै नमः।Om Vrindayai Namah.जो वृन्दावन की दिव्य शक्ति और अधिष्ठात्री स्वरूप हैं।
531वृन्दावनानन्दाॐ वृन्दावनानन्दायै नमः।Om Vrindavananandayai Namah.जो वृन्दावन में दिव्य आनंद का स्रोत हैं।
532व्रजेन्द्राॐ व्रजेन्द्रायै नमः।Om Vrajendrayai Namah.जो व्रज की परम पूजनीय और श्रेष्ठ शक्ति हैं।
533वरप्रदाॐ वरप्रदायै नमः।Om Varapradayai Namah.जो भक्तों को मनोवांछित वरदान प्रदान करती हैं।
534विद्युद्गौरीॐ विद्युद्गौर्यै नमः।Om Vidyudgauryai Namah.जो बिजली की चमक के समान गौरवर्ण और तेजस्विनी हैं।
535सुवर्णाङ्गीॐ सुवर्णाङ्ग्यै नमः।Om Suvarnangyai Namah.जिनके अंग स्वर्ण के समान दिव्य और सुंदर हैं।
536वंशीनादविनोदिनीॐ वंशीनादविनोदिन्यै नमः।Om Vanshinadavinodinyai Namah.जो भगवान कृष्ण की मधुर वंशीध्वनि में आनंद अनुभव करती हैं।
537वृषभानुराधेकन्याॐ वृषभानुराधेकन्यायै नमः।Om Vrishabhanuradhe kanyayai Namah.जो वृषभानु की प्रिय राधा के रूप में दिव्य कन्या हैं।
538व्रजराजसुतप्रियाॐ व्रजराजसुतप्रियायै नमः।Om Vrajarajasutapriyayai Namah.जो व्रजराज के पुत्र श्रीकृष्ण की परम प्रिय हैं।
539विचित्रपट्टचमरीॐ विचित्रपट्टचमर्यै नमः।Om Vichitrapattachamaryai Namah.जो सुंदर और विविध अलंकारों से युक्त चामर धारण करती हैं।
540विचित्राम्बरधारिणीॐ विचित्राम्बरधारिण्यै नमः।Om Vichitrambaradharinyai Namah.जो विविध और मनोहर वस्त्र धारण करती हैं।
541वेणुवाद्यप्रियाॐ वेणुवाद्यप्रियायै राधायै नमः।Om Venuvadyapriyayai Radhayai Namah.जो राधा के रूप में भगवान की वंशीध्वनि को प्रिय मानती हैं।
542वेणुवाद्यपरायणाॐ वेणुवाद्यपरायणायै नमः।Om Venuvadyaparayanayai Namah.जो भगवान की मधुर वंशीध्वनि में पूर्णतः लीन रहती हैं।
543विश्वम्भरीॐ विश्वम्भर्यै नमः।Om Vishvambharyai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व का पालन और धारण करती हैं।
544विचित्राङ्गीॐ विचित्राङ्ग्यै नमः।Om Vichitrangyai Namah.जिनके अंग विविध दिव्य सौन्दर्य से सुशोभित हैं।
545ब्रह्माण्डोदरीॐ ब्रह्माण्डोदरिकायै नमः।Om Brahmandodarikayai Namah.जिनके दिव्य स्वरूप में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड समाहित है।
546सत्याॐ सत्यायै नमः।Om Satyayai Namah.जो परम सत्य और सत्यस्वरूपा हैं।
547विश्वोदरीॐ विश्वोदर्यै नमः।Om Vishvodaryai Namah.जिनमें सम्पूर्ण विश्व का दिव्य आधार स्थित है।
548विशालाक्षीॐ विशालाक्ष्यै नमः।Om Vishalakshyai Namah.जिनके नेत्र विशाल, सुंदर और करुणामय हैं।
549व्रजलक्ष्मीॐ व्रजलक्ष्म्यै नमः।Om Vrajalakshmyai Namah.जो व्रजभूमि की दिव्य लक्ष्मी और शोभा हैं।
550वरप्रदाॐ वरप्रदायै नमः।Om Varapradayai Namah.जो भक्तों को शुभ वरदान प्रदान करती हैं।
551ब्रह्ममयीॐ ब्रह्ममय्यै नमः।Om Brahmamayyai Namah.जो परम ब्रह्म के दिव्य तत्त्व से पूर्ण हैं।
552ब्रह्मरूपाॐ ब्रह्मरूपायै नमः।Om Brahmarupayai Namah.जो परम ब्रह्म के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
553वेदाङ्गीॐ वेदाङ्ग्यै नमः।Om Vedangyai Namah.जो वेदों के दिव्य अंग और ज्ञान का स्वरूप हैं।
554वार्षभानवीॐ वार्षभानव्यै नमः।Om Varshabhanavyai Namah.जो वृषभानु की पुत्री राधा के रूप में पूजित हैं।
555वराङ्गनाॐ वराङ्गनायै नमः।Om Varanganayai Namah.जो परम सुंदर और श्रेष्ठ दिव्य नारी स्वरूप वाली हैं।
556कराम्भोजाॐ कराम्भोजायै नमः।Om Karambhojayai Namah.जिनके हाथ कमल के समान सुंदर हैं।
557वल्लवीॐ वल्लव्यै नमः।Om Vallavyai Namah.जो व्रज की गोपियों और प्रेममयी वल्लवी स्वरूप हैं।
558व्रजमोहिनीॐ व्रजमोहिन्यै नमः।Om Vrajamohinyai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम और सौन्दर्य से व्रज को मोहित करती हैं।
559विष्णुप्रियाॐ विष्णुप्रियायै नमः।Om Vishnupriyayai Namah.जो भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय दिव्य शक्ति हैं।
560विश्वमाताॐ विश्वमात्रे नमः।Om Vishvamatre Namah.जो सम्पूर्ण विश्व की दिव्य माता हैं।
561ब्रह्माण्डप्रतिपालिनीॐ ब्रह्माण्डप्रतिपालिन्यै नमः।Om Brahmandapratipalinyai Namah.जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का पालन और संरक्षण करती हैं।
562विश्वेश्वरीॐ विश्वेश्वर्यै नमः।Om Vishveshvaryai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व की परम ईश्वरी हैं।
563विश्वकर्त्रीॐ विश्वकर्त्र्यै नमः।Om Vishvakartyai Namah.जो विश्व की सृष्टि करने वाली परम शक्ति हैं।
564वेदमन्त्रस्वरूपिणीॐ वेदमन्त्रस्वरूपिण्यै नमः।Om Vedamantrasvarupinyai Namah.जो पवित्र वेदमंत्रों के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
565विश्वमायाॐ विश्वमायायै नमः।Om Vishvamayayai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व की दिव्य मायाशक्ति हैं।
566विष्णुकान्ताॐ विष्णुकान्तायै नमः।Om Vishnukantayai Namah.जो भगवान विष्णु की परम प्रिय हैं।
567विश्वाङ्गीॐ विश्वाङ्ग्यै नमः।Om Vishvangyai Namah.जिनका दिव्य स्वरूप सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त है।
568विश्वपावनीॐ विश्वपावन्यै नमः।Om Vishvapavanyai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व को पवित्र करने वाली हैं।
569व्रजेश्वरीॐ व्रजेश्वर्यै नमः।Om Vrajeshvaryai Namah.जो पवित्र व्रजभूमि की परम ईश्वरी हैं।
570विश्व रूपाॐ विश्वरूपायै नमः।Om Vishvarupayai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व के दिव्य स्वरूप में प्रकट होती हैं।
571वैष्णवीॐ वैष्णव्यै नमः।Om Vaishnavyai Namah.जो भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति हैं।
572विघ्ननाशिनीॐ विघ्ननाशिन्यै नमः।Om Vighnanashinyai Namah.जो भक्तों के सभी विघ्न और बाधाओं का नाश करती हैं।
573ब्रह्माण्डजननीॐ ब्रह्माण्डजनन्यै राधायै नमः।Om Brahmandajananyai Radhayai Namah.जो राधा के रूप में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की दिव्य जननी हैं।
574वत्सलाॐ वत्सलायै नमः।Om Vatsalayai Namah.जो सभी जीवों पर मातृवत स्नेह रखती हैं।
575व्रजवत्सलाॐ व्रजवत्सलायै नमः।Om Vrajavatsalayai Namah.जो व्रजवासियों से अत्यंत स्नेह करने वाली हैं।
576वरदाॐ वरदायै नमः।Om Varadayai Namah.जो भक्तों को शुभ वरदान प्रदान करती हैं।
577वाक्यसिद्धाॐ वाक्यसिद्धायै नमः।Om Vakyasiddhayai Namah.जिनके वचन सत्य और सिद्ध होने वाले हैं।
578बुद्धिदाॐ बुद्धिदायै नमः।Om Buddhidayai Namah.जो भक्तों को बुद्धि और विवेक प्रदान करती हैं।
579वाक्प्रदायिनीॐ वाक्प्रदायिन्यै नमः।Om Vakpradayinyai Namah.जो वाणी और अभिव्यक्ति की शक्ति प्रदान करती हैं।
580विशाखाप्राणसर्वस्वाॐ विशाखाप्राणसर्वस्वायै नमः।Om Vishakhapranasarvasvayai Namah.जो सखी विशाखा के प्राण और सर्वस्व के समान प्रिय हैं।
581वृषभानुकुमारिकाॐ वृषभानुकुमारिकायै नमः।Om Vrishabhanukumarikayai Namah.जो वृषभानु महाराज की दिव्य कुमारिका हैं।
582विशाखासख्यविजिताॐ विशाखासख्यविजितायै नमः।Om Vishakhasakhyavijitayai Namah.जो विशाखा की सख्यभावपूर्ण प्रेमभक्ति से प्रसन्न और विजित हैं।
583वंशीवटविहारिणीॐ वंशीवटविहारिण्यै नमः।Om Vanshivataviharinyai Namah.जो वंशीवट के पवित्र स्थान पर दिव्य विहार करती हैं।
584वेदमाताॐ वेदमात्रे नमः।Om Vedamatre Namah.जो वेदों की दिव्य माता और ज्ञानशक्ति हैं।
585वेदगम्याॐ वेदगम्यायै नमः।Om Vedagamyayai Namah.जिन्हें वेदों के ज्ञान और साधना द्वारा जाना जाता है।
586वेद्यवर्णाॐ वेद्यवर्णायै नमः।Om Vedyavarnayai Namah.जिनके दिव्य स्वरूप का ज्ञान वेदों द्वारा किया जाता है।
587शुभङ्करीॐ शुभङ्कर्यै नमः।Om Shubhankaryai Namah.जो भक्तों के लिए शुभ और मंगल करने वाली हैं।
588वेदातीताॐ वेदातीतायै नमः।Om Vedatitayai Namah.जो वेदों के वर्णन से भी परे परम तत्त्व हैं।
589गुणातीताॐ गुणातीतायै नमः।Om Gunatitayai Namah.जो प्रकृति के तीनों गुणों से परे हैं।
590विदग्धाॐ विदग्धायै नमः।Om Vidagdhayai Namah.जो प्रेम, कला और दिव्य लीलाओं में अत्यंत कुशल हैं।
591विजनप्रियाॐ विजनप्रियायै नमः।Om Vijananpriyayai Namah.जो शांत और एकांत दिव्य स्थलों को प्रिय मानती हैं।
592भक्तभक्तिप्रियाॐ भक्तभक्तिप्रियायै राधायै नमः।Om Bhaktabhaktipriyayai Radhayai Namah.जो राधा के रूप में भक्तों की शुद्ध भक्ति को प्रिय मानती हैं।
593भक्तमङ्गलदायिनीॐ भक्तमङ्गलदायिन्यै नमः।Om BhaktamangAladayinyai Namah.जो भक्तों को मंगल, कल्याण और शुभ फल प्रदान करती हैं।
594भगवन्मोहिनीॐ भगवन्मोहिन्यै देव्यै नमः।Om Bhagavanmohinyai Devyai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम से भगवान को भी मोहित करती हैं।
595भवक्लेशविनाशिनीॐ भवक्लेशविनाशिन्यै नमः।Om Bhavakleshavinashinyai Namah.जो संसार के कष्ट और दुःखों का नाश करती हैं।
596भाविनीॐ भाविन्यै नमः।Om Bhavinyai Namah.जो दिव्य प्रेमभाव और पवित्र भावना की स्वरूपिणी हैं।
597भवतीॐ भवत्यै नमः।Om Bhavatyai Namah.जो समस्त अस्तित्व और जीवन की दिव्य शक्ति हैं।
598भाव्याॐ भाव्यायै नमः।Om Bhavyayai Namah.जो ध्यान, भक्ति और प्रेम से चिंतन करने योग्य हैं।
599भारतीॐ भारत्यै नमः।Om Bharatyai Namah.जो वाणी, ज्ञान और दिव्य विद्या की स्वरूपिणी हैं।
600भक्तिदायिनीॐ भक्तिदायिन्यै नमः।Om Bhaktidayinyai Namah.जो भक्तों को शुद्ध और प्रेममयी भक्ति प्रदान करती हैं।
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601भागीरथीॐ भागीरथ्यै नमः।Om Bhagirathyai Namah.जो पवित्र और कल्याणकारी गंगा के समान हैं।
602भाग्यवतीॐ भाग्यवत्यै नमः।Om Bhagyavatyai Namah.जो परम सौभाग्य से सम्पन्न हैं।
603भूतेशीॐ भूतेश्यै नमः।Om Bhuteshyai Namah.जो समस्त प्राणियों की अधिष्ठात्री देवी हैं।
604भवकारिणीॐ भवकारिण्यै नमः।Om Bhavakarinyai Namah.जो संसार के कल्याण का कारण बनने वाली हैं।
605भवार्णवत्राणकर्त्रीॐ भवार्णवत्राणकर्त्र्यै नमः।Om Bhavarnavatranakartryai Namah.जो संसाररूपी समुद्र से जीवों का उद्धार करती हैं।
606भद्रदाॐ भद्रदायै नमः।Om Bhadradayai Namah.जो शुभ और मंगल प्रदान करती हैं।
607भुवनेश्वरीॐ भुवनेश्वर्यै नमः।Om Bhuvaneshvaryai Namah.जो समस्त लोकों की परम ईश्वरी हैं।
608भक्तात्माॐ भक्तात्मने नमः।Om Bhaktatmane Namah.जो भक्तों के हृदय में आत्मस्वरूप से निवास करती हैं।
609भुवनानन्दाॐ भुवनानन्दायै नमः।Om Bhuvananandayai Namah.जो समस्त लोकों को आनंद प्रदान करती हैं।
610भाविकाॐ भाविकायै नमः।Om Bhavikayai Namah.जो शुद्ध भावना और भक्ति की स्वरूपिणी हैं।
611भक्तवत्सलाॐ भक्तवत्सलायै नमः।Om Bhaktavatsalayai Namah.जो अपने भक्तों से अत्यंत स्नेह करती हैं।
612भुक्तिमुक्तिप्रदाॐ भुक्तिमुक्तिप्रदायै नमः।Om Bhuktimuktipradayai Namah.जो भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करती हैं।
613राधाॐ राधायै नमः।Om Radhayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम प्रिय और आराध्या हैं।
614भुजमृणालिकाॐ भुजमृणालिकायै नमः।Om Bhujamrinalikayai Namah.जिनकी भुजाएँ कमल की कोमल डंडी के समान हैं।
615शुभाॐ शुभायै नमः।Om Shubhayai Namah.जो शुभता और पवित्रता की स्वरूपिणी हैं।
616भानुशक्तिच्छलाॐ भानुशक्तिच्छलायै नमः।Om Bhanushaktichchhalayai Namah.जो सूर्य के समान तेजस्वी शक्ति वाली हैं।
617धीराॐ धीरायै नमः।Om Dhirayai Namah.जो धैर्य और स्थिरता की स्वरूपिणी हैं।
618भक्तानुग्रहकारिणीॐ भक्तानुग्रहकारिण्यै नमः।Om Bhaktanugrahakarinyai Namah.जो भक्तों पर कृपा और अनुग्रह करती हैं।
619माधवीॐ माधव्यै नमः।Om Madhavyai Namah.जो दिव्य माधुर्य और मधुरता की स्वरूपिणी हैं।
620माधवायुक्ताॐ माधवायुक्तायै नमः।Om Madhavayuktayai Namah.जो भगवान माधव के साथ सदा संयुक्त रहती हैं।
621मुकुन्दाद्याॐ मुकुन्दाद्यायै नमः।Om Mukundadyayai Namah.जो मुकुन्द की दिव्य प्रिय और प्रमुख शक्ति हैं।
622सनातनीॐ सनातन्यै नमः।Om Sanatanyai Namah.जो अनादि और शाश्वत सनातन शक्ति हैं।
623महालक्ष्मीॐ महालक्ष्म्यै नमः।Om Mahalakshmyai Namah.जो महान लक्ष्मी और दिव्य ऐश्वर्य की स्वरूपिणी हैं।
624महामान्याॐ महामान्यायै नमः।Om Mahamanyayai Namah.जो अत्यंत सम्माननीय और पूजनीय हैं।
625माधवस्वान्तमोहिनीॐ माधवस्वान्तमोहिन्यै नमः।Om Madhavasvantamohinyai Namah.जो भगवान माधव के हृदय को प्रेम से मोहित करती हैं।
626महाधन्याॐ महाधन्यायै नमः।Om Mahadhanyayai Namah.जो परम सौभाग्य से सम्पन्न हैं।
627महापुण्याॐ महापुण्यायै नमः।Om Mahapunyayai Namah.जो महान पुण्य और पवित्रता की स्वरूपिणी हैं।
628महामोहविनाशिनीॐ महामोहविनाशिन्यै नमः।Om Mahamohavinashinyai Namah.जो महान मोह और अज्ञान का नाश करती हैं।
629मोक्षदाॐ मोक्षदायै नमः।Om Mokshadayai Namah.जो भक्तों को मोक्ष प्रदान करती हैं।
630मानदाॐ मानदायै नमः।Om Manadayai Namah.जो सम्मान और प्रतिष्ठा प्रदान करती हैं।
631भद्राॐ भद्रायै नमः।Om Bhadrayai Namah.जो शुभ और कल्याणकारी हैं।
632मङ्गलाॐ मङ्गलायै नमः।Om Mangalayai Namah.जो समस्त मंगल और शुभता की देवी हैं।
633अमङ्गलात्पदाॐ अमङ्गलात्पदायै नमः।Om Amangalatpadayai Namah.जो अमंगल और अशुभता को दूर करती हैं।
634मनोऽभीष्टप्रदाॐ मनोऽभीष्टप्रदायै नमः।Om Mano’bhishtapradayai Namah.जो भक्तों की शुभ मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं।
635महाविष्णुस्वरूपिणीॐ महाविष्णुस्वरूपिण्यै नमः।Om Mahavishnusvarupinyai Namah.जो महाविष्णु की दिव्य शक्ति और स्वरूप हैं।
636माधव्याङ्गीॐ माधव्याङ्ग्यै नमः।Om Madhavyangyai Namah.जिनके दिव्य अंग माधुर्य से पूर्ण हैं।
637मनोरामाॐ मनोरामायै नमः।Om Manoramayai Namah.जो मन को अत्यंत आनंद और आकर्षण देती हैं।
638रम्याॐ रम्यायै नमः।Om Ramyayai Namah.जो अत्यंत सुंदर और रमणीय हैं।
639मुकुररञ्जनीॐ मुकुररञ्जन्यै नमः।Om Mukuraranjanyai Namah.जो अपने सौन्दर्य से दर्पण को भी सुशोभित करती हैं।
640मनीषाॐ मनीषायै नमः।Om Manishayai Namah.जो दिव्य बुद्धि और विवेक की स्वरूपिणी हैं।
641वनदाधाराॐ वनदाधारायै नमः।Om Vanadadharaya Namah.जो वन और उसकी दिव्य शोभा का आधार हैं।
642मुरलीवादनप्रियाॐ मुरलीवादनप्रियायै नमः।Om Muralivadanapriyayai Namah.जो भगवान कृष्ण की मधुर मुरली को प्रिय मानती हैं।
643मुकुन्दाङ्गकृतापाङ्गीॐ मुकुन्दाङ्गकृतापाङ्ग्यै नमः।Om Mukundangakritapangyai Namah.जो मुकुन्द के दिव्य अंगों पर प्रेमपूर्ण दृष्टि डालती हैं।
644मालिनीॐ मालिन्यै नमः।Om Malinyai Namah.जो सुंदर पुष्पमालाएँ धारण करती हैं।
645हरिमोहिनीॐ हरिमोहिन्यै नमः।Om Harimohinyai Namah.जो भगवान हरि को भी अपने प्रेम से मोहित करती हैं।
646मानग्राह्याॐ मानग्राह्यै नमः।Om Managrahyai Namah.जो प्रेमपूर्ण मान और स्नेहभाव को स्वीकार करती हैं।
647मधुवतीॐ मधुवत्यै नमः।Om Madhuvatyai Namah.जो मधु के समान मधुर हैं।
648मञ्जरीॐ मञ्जर्यै नमः।Om Manjaryai Namah.जो प्रेम की कोमल और सुगंधित मंजरी के समान हैं।
649मृगलोचनाॐ मृगलोचनायै नमः।Om Mrigalochanayai Namah.जिनके नेत्र मृग के समान कोमल और चंचल हैं।
650नित्यवृन्दाॐ नित्यवृन्दायै नमः।Om Nityavrindayai Namah.जो दिव्य सखियों के समूह से सदा घिरी रहती हैं।
651महादेवीॐ महादेव्यै नमः।Om Mahadevyai Namah.जो महान और सर्वोच्च देवी हैं।
652महेन्द्रकृतशेखरीॐ महेन्द्रकृतशेखर्यै नमः।Om Mahendrakritashekharyai Namah.जो देवताओं द्वारा भी सम्मानित और पूजनीय हैं।
653मुकुन्दप्राणदाॐ मुकुन्दप्राणदायै नमः।Om Mukundapranadayai Namah.जो भगवान मुकुन्द को प्राण और आनंद प्रदान करती हैं।
654हन्त्रीॐ हन्त्र्यै नमः।Om Hantryai Namah.जो पाप, दुःख और बाधाओं का नाश करती हैं।
655मनोहरमनोहराॐ मनोहरमनोहरायै नमः।Om Manoharamanoharayai Namah.जो अत्यंत मनोहर और सबके मन को आकर्षित करती हैं।
656माधवमुखपद्मास्याॐ माधवमुखपद्मास्यायै नमः।Om Madhavamukhapadmasyayai Namah.जिनका मुख माधव के कमल समान मुख से प्रेमपूर्ण जुड़ा है।
657मधुपानमधुव्रताॐ मधुपानमधुव्रतायै नमः।Om Madhupanamadhuvratayai Namah.जो दिव्य प्रेमरूपी मधु में सदा अनुरक्त रहती हैं।
658मुकुन्दमधुमाधुर्याॐ मुकुन्दमधुमाधुर्यायै नमः।Om Mukundamadhumadhuryayai Namah.जो मुकुन्द के मधुर दिव्य प्रेम की स्वरूपिणी हैं।
659मुख्याॐ मुख्यायै नमः।Om Mukhyayai Namah.जो सभी दिव्य शक्तियों में प्रमुख और सर्वोच्च हैं।
660वृन्दावनेश्वरीॐ वृन्दावनेश्वर्यै नमः।Om Vrindavaneshvaryai Namah.जो वृन्दावन की परम ईश्वरी हैं।
661मन्त्रसिद्धिकृताॐ मन्त्रसिद्धिकृतायै नमः।Om Mantrasiddhikritayai Namah.जो मंत्र साधना को सिद्धि प्रदान करती हैं।
662राधाॐ राधायै नमः।Om Radhayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम आराध्या और प्रिय राधा हैं।
663मूलमन्त्रस्वरूपिणीॐ मूलमन्त्रस्वरूपिण्यै नमः।Om Mulamantrasvarupinyai Namah.जो परम पवित्र मूल मंत्र की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
664मन्मथाॐ मन्मथायै नमः।Om Manmathayai Namah.जो दिव्य प्रेम से मन को आकर्षित करती हैं।
665सुमतीॐ सुमत्यै नमः।Om Sumatyai Namah.जो शुभ बुद्धि और सद्विचार प्रदान करती हैं।
666धात्रीॐ धात्र्यै नमः।Om Dhatryai Namah.जो समस्त जगत का पालन और धारण करती हैं।
667मनोज्ञमतिमानिताॐ मनोज्ञमतिमानितायै नमः।Om Manojnamatimanitayai Namah.जो मनोहर बुद्धि और श्रेष्ठ विचारों से युक्त हैं।
668मदनामोहिनीॐ मदनामोहिन्यै नमः।Om Madanamohinyai Namah.जो कामदेव को भी मोहित करने वाली हैं।
669मान्याॐ मान्यायै नमः।Om Manyayai Namah.जो सभी के लिए सम्मान और श्रद्धा की पात्र हैं।
670मञ्जीरचरणोत्पलाॐ मञ्जीरचरणोत्पलायै नमः।Om Manjiracharanotpalayai Namah.जिनके कमल समान चरण नूपुरों से सुशोभित हैं।
671यशोदासुतपत्नीॐ यशोदासुतपत्न्यै नमः।Om Yashodasutapatnyai Namah.जो यशोदा के पुत्र श्रीकृष्ण की परम प्रिय संगिनी हैं।
672यशोदानन्ददायिनीॐ यशोदानन्ददायिन्यै नमः।Om Yashodanandadayinyai Namah.जो माता यशोदा को आनंद प्रदान करती हैं।
673यौवनापूर्णसौन्दर्याॐ यौवनापूर्णसौन्दर्यायै नमः।Om Yauvanapurnasaundaryayai Namah.जो दिव्य यौवन और पूर्ण सौन्दर्य से सम्पन्न हैं।
674यमुनातटवासिनीॐ यमुनातटवासिन्यै नमः।Om Yamunatatavasinyai Namah.जो पवित्र यमुना के तट पर निवास करती हैं।
675यशस्विनीॐ यशस्विन्यै नमः।Om Yashasvinyai Namah.जो महान यश और कीर्ति से युक्त हैं।
676योगमायाॐ योगमायायै नमः।Om Yogamayayai Namah.जो भगवान की दिव्य योगमाया शक्ति हैं।
677युवराजविलासिनीॐ युवराजविलासिन्यै नमः।Om Yuvarajavilasinyai Namah.जो व्रज के युवराज श्रीकृष्ण के साथ दिव्य विलास करती हैं।
678युग्मश्रीफलसुवत्साॐ युग्मश्रीफलसुवत्सायै नमः।Om Yugmashriphala-suvatsayai Namah.जो दिव्य युगल प्रेम के शुभ फल से सम्पन्न हैं।
679युग्माङ्गदविधारिणीॐ युग्माङ्गदविधारिण्यै नमः।Om Yugmangadavidharinyai Namah.जो सुंदर युगल बाजूबंद धारण करती हैं।
680यन्त्रातिगाननिरताॐ यन्त्रातिगाननिरतायै नमः।Om Yantratigananiratayai Namah.जो दिव्य गान में निरंतर लीन रहती हैं।
681युवतीनां शिरोमणिॐ युवतीनां शिरोमण्यै नमः।Om Yuvatinam Shiromanyai Namah.जो समस्त दिव्य युवतियों में शिरोमणि हैं।
682श्रीराधाॐ श्रीराधायै नमः।Om Shri Radhayai Namah.जो परम सौभाग्य और प्रेम की देवी श्री राधा हैं।
683परमाराध्याॐ परमाराध्यायै नमः।Om Paramaradhyayai Namah.जो सर्वोच्च आराधना की पात्र हैं।
684राधिकाॐ राधिकायै नमः।Om Radhikayai Namah.जो प्रेममयी और श्रीकृष्ण की प्रिय राधिका हैं।
685कृष्णमोहिनीॐ कृष्णमोहिन्यै नमः।Om Krishnamohinyai Namah.जो अपने प्रेम से श्रीकृष्ण को भी मोहित करती हैं।
686रूपयौवनसम्पन्नाॐ रूपयौवनसम्पन्नायै नमः।Om Rupayauvanasampannayai Namah.जो दिव्य रूप और यौवन से सम्पन्न हैं।
687रासमण्डलकारिणीॐ रासमण्डलकारिण्यै नमः।Om Rasamandalakarinyai Namah.जो दिव्य रासमण्डल की लीला को प्रकट करती हैं।
688राधादेवीॐ राधादेव्यै नमः।Om Radhadevyai Namah.जो परम पूजनीय दिव्य देवी राधा हैं।
689पराप्राप्ताॐ पराप्राप्तायै नमः।Om Parapraptayai Namah.जो परम और सर्वोच्च आध्यात्मिक अवस्था का स्वरूप हैं।
690श्रीराधापरमेश्वरीॐ श्रीराधापरमेश्वर्यै नमः।Om Shri Radhaparameshvaryai Namah.जो परमेश्वरी स्वरूप वाली श्री राधा हैं।
691राधावाग्मीॐ राधावाग्म्यै नमः।Om Radhavagmyai Namah.जो मधुर और प्रभावशाली वाणी वाली राधा हैं।
692रसोन्मादिनीॐ रसोन्माद्यै नमः।Om Rasonmadyai Namah.जो दिव्य प्रेमरस में परम आनंद अनुभव करती हैं।
693रसिकाॐ रसिकायै नमः।Om Rasikayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस की परम रसिका हैं।
694रसशेखरीॐ रसशेखर्यै नमः।Om Rasashek haryai Namah.जो सभी दिव्य प्रेमरसों में सर्वोच्च हैं।
695रासमयीपूर्णाॐ रासमयीपूर्णायै नमः।Om Rasamayi Purnayai Namah.जो पूर्णतः दिव्य रास और प्रेमरस से परिपूर्ण हैं।
696राधाॐ राधायै नमः।Om Radhayai Namah.जो भगवान कृष्ण की परम आराध्या राधा हैं।
697रसज्ञाॐ रसज्ञायै नमः।Om Rasajnayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस के रहस्य को जानती हैं।
698रसमञ्जरीॐ रसमञ्जर्यै नमः।Om Rasamanjaryai Namah.जो दिव्य प्रेमरस की सुंदर मंजरी हैं।
699राधिकाॐ राधिकायै नमः।Om Radhikayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम प्रिय राधिका हैं।
700रसदात्रीॐ रसदात्र्यै नमः।Om Rasadatryai Namah.जो भक्तों को दिव्य प्रेमरस प्रदान करती हैं।
701रासविलासिनीॐ रासविलासिन्यै नमः।Om Rasavilasinyai Namah.जो दिव्य रासलीला में विलास करती हैं।
702रञ्जनीॐ रञ्जन्यै नमः।Om Ranjanyai Namah.जो अपने दिव्य प्रेम से सबको आनंदित करती हैं।
703रसवृन्दाॐ रसवृन्दायै नमः।Om Rasavrindayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस के समूह की स्वरूपिणी हैं।
704रत्नालङ्कारधारिणीॐ रत्नालङ्कारधारिण्यै नमः।Om Ratnalankaradharinyai Namah.जो रत्नों से बने दिव्य आभूषण धारण करती हैं।
705रामाॐ रामायै नमः।Om Ramayai Namah.जो परम आनंद और रमणीयता की स्वरूपिणी हैं।
706रत्नाॐ रत्नायै नमः।Om Ratnayai Namah.जो दिव्य रत्न के समान अमूल्य हैं।
707रत्नमयीॐ रत्नमय्यै नमः।Om Ratnamayyai Namah.जो दिव्य रत्नों की आभा से पूर्ण हैं।
708रत्नमालाविधारिणीॐ रत्नमालाविधारिण्यै नमः।Om Ratnamalavidharinyai Namah.जो रत्नों की सुंदर माला धारण करती हैं।
709रमणीॐ रमण्यै नमः।Om Ramanyai Namah.जो अत्यंत सुंदर और मनोहर हैं।
710रामणीॐ रामण्यै नमः।Om Ramanyai Namah.जो दिव्य आनंद और प्रेम में रमण करती हैं।
711रम्याॐ रम्यायै नमः।Om Ramyayai Namah.जो सुंदर और मनोहर हैं।
712राधिकारमणीपराॐ राधिकारमणीपरायै नमः।Om Radhikaramani-parayai Namah.जो राधिका के दिव्य प्रेम और रमण में पूर्णतः स्थित हैं।
713रासमण्डलमध्यस्थाॐ रासमण्डलमध्यस्थायै नमः।Om Rasamandalamadhyasthayai Namah.जो दिव्य रासमण्डल के मध्य में विराजमान हैं।
714राजराजेश्वरीॐ राजराजेश्वर्यै नमः।Om Rajarajeshvaryai Namah.जो राजाओं की भी परम ईश्वरी हैं।
715शुभाॐ शुभायै नमः।Om Shubhayai Namah.जो शुभ और मंगलमयी हैं।
716राकेन्दुकोटिसौन्दर्याॐ राकेन्दुकोटिसौन्दर्यायै नमः।Om Rakendukotisaundaryayai Namah.जिनका सौन्दर्य करोड़ों पूर्ण चन्द्रमाओं के समान है।
717रत्नाङ्गदविधारिणीॐ रत्नाङ्गदविधारिण्यै नमः।Om Ratnangadavidharinyai Namah.जो रत्नजड़ित बाजूबंद धारण करती हैं।
718रासप्रियाॐ रासप्रियायै नमः।Om Rasapriyayai Namah.जो दिव्य रासलीला को अत्यंत प्रिय मानती हैं।
719रासगम्याॐ रासगम्यायै नमः।Om Rasagamyayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस और रासभक्ति से प्राप्त होती हैं।
720रासोत्सवविहारिणीॐ रासोत्सवविहारिण्यै नमः।Om Rasotsavaviharinyai Namah.जो रासोत्सव में दिव्य विहार करती हैं।
721लक्ष्मीरूपाॐ लक्ष्मीरूपायै नमः।Om Lakshmirupayai Namah.जो लक्ष्मी के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
722ललनाॐ ललनायै नमः।Om Lalanayai Namah.जो कोमल और सुंदर दिव्य नारी स्वरूप वाली हैं।
723ललितादिसखिप्रियाॐ ललितादिसखिप्रियायै नमः।Om Lalitadisakhipriyayai Namah.जो ललिता आदि सखियों को अत्यंत प्रिय हैं।
724लोकमाताॐ लोकमात्रे नमः।Om Lokamatre Namah.जो समस्त लोकों की दिव्य माता हैं।
725लोकधात्रीॐ लोकधात्र्यै नमः।Om Lokadhatryai Namah.जो समस्त लोकों को धारण और पालन करती हैं।
726लोकानुग्रहकारिणीॐ लोकानुग्रहकारिण्यै नमः।Om Lokanugrahakarinyai Namah.जो समस्त लोकों पर कृपा करती हैं।
727लोलाक्षीॐ लोलाक्ष्यै नमः।Om Lolakshyai Namah.जिनके नेत्र चंचल और अत्यंत मनोहर हैं।
728ललिताङ्गीॐ ललिताङ्ग्यै नमः।Om Lalitangyai Namah.जिनके अंग कोमल और मनोहर हैं।
729ललिताजीवतारकाॐ ललिताजीवतारकायै नमः।Om Lalitajivatarakayai Namah.जो ललिता सखी के जीवन का आधार हैं।
730लोकालयाॐ लोकालयायै नमः।Om Lokalayayai Namah.जो समस्त लोकों का दिव्य आश्रय हैं।
731लज्जारूपाॐ लज्जारूपायै नमः।Om Lajjarupayai Namah.जो पवित्र लज्जा और विनय की स्वरूपिणी हैं।
732लास्यविद्यालताशुभाॐ लास्यविद्यालताशुभायै नमः।Om Lasyavidyalatashubhayai Namah.जो दिव्य नृत्यकला की सुंदर और शुभ स्वरूपिणी हैं।
733ललिताप्रेमललितामुग्धप्रेमलीलावतीॐ ललिताप्रेमललितामुग्धप्रेमलीलावत्यै नमः।Om Lalitapremalalitamugdhapremalilavatyai Namah.जो ललिता के प्रेम और मोहक दिव्य प्रेमलीला से युक्त हैं।
734लीलालावण्यसम्पन्नाॐ लीलालावण्यसम्पन्नायै नमः।Om Lilalavanyasampannayai Namah.जो दिव्य लीला और सौन्दर्य से सम्पन्न हैं।
735नागरीॐ नागर्यै नमः।Om Nagaryai Namah.जो दिव्य प्रेमकला में निपुण और कुशल हैं।
736चित्तमोहिनीॐ चित्तमोहिन्यै नमः।Om Chittamohinyai Namah.जो अपने दिव्य सौन्दर्य से मन को मोहित करती हैं।
737लीलारङ्गीॐ लीलारङ्ग्यै नमः।Om Lilarangyai Namah.जो दिव्य प्रेमलीलाओं में आनंदपूर्वक रमती हैं।
738रतिॐ रत्यै नमः।Om Ratyai Namah.जो दिव्य प्रेम और अनुराग की स्वरूपिणी हैं।
739रम्याॐ रम्यायै नमः।Om Ramyayai Namah.जो अत्यंत रमणीय और सुंदर हैं।
740लीलागानपरायणाॐ लीलागानपरायणायै नमः।Om Lilaganaparayanayai Namah.जो दिव्य लीला के मधुर गान में सदा लीन रहती हैं।
741लीलावतीॐ लीलावत्यै नमः।Om Lilavatyai Namah.जो दिव्य प्रेमलीलाओं से सम्पन्न हैं।
742रतिप्रीताॐ रतिप्रीतायै नमः।Om Ratipritayai Namah.जो दिव्य प्रेम और अनुराग से प्रसन्न रहती हैं।
743ललिताकुलपद्मिनीॐ ललिताकुलपद्मिन्यै नमः।Om Lalitakulapadminyai Namah.जो ललिता सखी के प्रेममय समूह में कमलिनी के समान हैं।
744शुद्धकाञ्चनगौराङ्गीॐ शुद्धकाञ्चनगौराङ्ग्यै नमः।Om Shuddhakanchanagaurangyai Namah.जिनका दिव्य शरीर शुद्ध स्वर्ण के समान गौरवर्ण है।
745शङ्खकङ्कणधारिणीॐ शङ्खकङ्कणधारिण्यै नमः।Om Shankhakankanadharinyai Namah.जो शंख के समान सुंदर कंगन धारण करती हैं।
746शक्तिसञ्चारिणीॐ शक्तिसञ्चारिण्यै नमः।Om Shaktisancharynyai Namah.जो दिव्य शक्ति का संचार करने वाली हैं।
747शक्तीनां शक्तिदायिनीॐ शक्तीनां शक्तिदायिन्यै नमः।Om Shaktinam Shaktidayinyai Namah.जो सभी शक्तियों को शक्ति प्रदान करती हैं।
748सुचारुकबरीयुक्ताॐ सुचारुकबरीयुक्तायै नमः।Om Sucharukabariyuktayai Namah.जिनके सुंदर और घने केश मनोहर हैं।
749शशिरेखाॐ शशिरेखायै नमः।Om Shashirekhayai Namah.जो चन्द्रमा की किरण के समान शीतल और सुंदर हैं।
750शुभङ्करीॐ शुभङ्कर्यै नमः।Om Shubhankaryai Namah.जो भक्तों के लिए शुभ और मंगल करने वाली हैं।
751सुमतीॐ सुमत्यै नमः।Om Sumatyai Namah.जो शुभ बुद्धि और सद्विचार प्रदान करती हैं।
752सुगतिॐ सुगत्यै नमः।Om Sugatyai Namah.जो भक्तों को शुभ और परम गति प्रदान करती हैं।
753धात्रीॐ धात्र्यै नमः।Om Dhatryai Namah.जो सबका पालन और धारण करने वाली हैं।
754श्रीमतीॐ श्रीमत्यै नमः।Om Shrimatyai Namah.जो दिव्य श्री और सौभाग्य से सम्पन्न हैं।
755श्रीहरिप्रियाॐ श्रीहरिप्रियायै नमः।Om Shri Haripriyayai Namah.जो भगवान हरि को अत्यंत प्रिय हैं।
756सुन्दराङ्गीॐ सुन्दराङ्ग्यै नमः।Om Sundarangyai Namah.जिनके सभी अंग अत्यंत सुंदर और मनोहर हैं।
757सुवर्णाङ्गीॐ सुवर्णाङ्ग्यै नमः।Om Suvarnangyai Namah.जिनके अंग स्वर्ण के समान दिव्य और सुंदर हैं।
758सुशीलाॐ सुशीलायै नमः।Om Sushilayai Namah.जो उत्तम आचरण और सद्गुणों से युक्त हैं।
759शुभदाॐ शुभदायै नमः।Om Shubhadayai Namah.जो भक्तों को शुभ और मंगल फल देती हैं।
760सुखदाॐ सुखदायै नमः।Om Sukhadayai Namah.जो भक्तों को सुख और आनंद प्रदान करती हैं।
761साध्वीॐ साध्व्यै नमः।Om Sadhvyai Namah.जो पवित्र, सदाचारी और साध्वी स्वरूप वाली हैं।
762सुकेशीॐ सुकेश्यै नमः।Om Sukeshyai Namah.जिनके सुंदर और मनोहर केश हैं।
763सुमनोरमाॐ सुमनोरमायै नमः।Om Sumanoramayai Namah.जो अत्यंत मनोहर और आनंददायिनी हैं।
764सुरेश्वरीॐ सुरेश्वर्यै नमः।Om Sureshvaryai Namah.जो देवताओं की भी परम ईश्वरी हैं।
765सुकुमारीॐ सुकुमार्यै नमः।Om Sukumaryai Namah.जो अत्यंत कोमल और सुंदर हैं।
766शुभाङ्गीॐ शुभाङ्ग्यै नमः।Om Shubhangyai Namah.जिनके सभी अंग शुभ और सुंदर हैं।
767सुमशेखराॐ सुमशेखरायै नमः।Om Sumashekharayai Namah.जो पुष्पों से सुंदर मस्तकाभूषण धारण करती हैं।
768शाकम्भरीॐ शाकम्भर्यै नमः।Om Shakambharyai Namah.जो पोषण और जीवनदायिनी शक्ति की स्वरूपिणी हैं।
769सत्यरूपाॐ सत्यरूपायै नमः।Om Satyarupayai Namah.जो परम सत्य के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
770शस्ताॐ शस्तायै नमः।Om Shastayai Namah.जो प्रशंसनीय और कल्याणकारी हैं।
771शान्ताॐ शान्तायै नमः।Om Shantayai Namah.जो परम शांति और स्थिरता की स्वरूपिणी हैं।
772मनोरमाॐ मनोरमायै नमः।Om Manoramayai Namah.जो मन को आनंदित और मोहित करने वाली हैं।
773सिद्धिदात्रीॐ सिद्धिदात्र्यै नमः।Om Siddhidatryai Namah.जो साधकों को सिद्धि प्रदान करती हैं।
774महाशान्तिॐ महाशान्त्यै नमः।Om Mahashantyai Namah.जो महान और परम शांति की स्वरूपिणी हैं।
775सुन्दरीॐ सुन्दर्यै नमः।Om Sundaryai Namah.जो परम सुंदर और मनोहर हैं।
776शुभदायिनीॐ शुभदायिन्यै नमः।Om Shubhadayinyai Namah.जो भक्तों को शुभ फल और मंगल प्रदान करती हैं।
777शब्दातीताॐ शब्दातीतायै नमः।Om Shabdatitayai Namah.जो शब्द और वाणी की सीमा से परे हैं।
778सिन्धुकन्याॐ सिन्धुकन्यायै नमः।Om Sindhukanyayai Namah.जो समुद्र की दिव्य कन्या के समान पूजनीय हैं।
779शरणागतपालिनीॐ शरणागतपालिन्यै नमः।Om Sharanagatapalinyai Namah.जो शरणागत भक्तों की रक्षा करती हैं।
780शालग्रामप्रियाॐ शालग्रामप्रियायै नमः।Om Shalagramapriyayai Namah.जो शालग्राम भगवान को अत्यंत प्रिय हैं।
781सर्वदा नवयौवनाॐ सर्वदा नवयौवनायै नमः।Om Sarvada Navayauvanayai Namah.जो सदैव नवीन दिव्य यौवन से सम्पन्न रहती हैं।
782सुबलावेशधारिणीॐ सुबलावेशधारिण्यै नमः।Om Subalaveshadharinyai Namah.जो सुबल सखा के भाव और रूप को धारण करती हैं।
783सुवर्णमालिनीॐ सुवर्णमालिन्यै नमः।Om Suvarnamalinyai Namah.जो स्वर्ण की सुंदर माला धारण करती हैं।
784राधाॐ राधायै नमः।Om Radhayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम प्रिय राधा हैं।
785श्यामसुन्दरमोहिनीॐ श्यामसुन्दरमोहिन्यै नमः।Om Shyamasundaramohinyai Namah.जो श्यामसुन्दर श्रीकृष्ण को भी मोहित करती हैं।
786श्यामामृतरसेमग्नाॐ श्यामामृतरसे मग्नायै नमः।Om Shyamamritarase Magnayai Namah.जो श्यामसुन्दर के प्रेमरूपी अमृतरस में मग्न रहती हैं।
787सदा सीमन्तिनीसखीॐ सदा सीमन्तिनीसख्यै नमः।Om Sada Simantinisakhyai Namah.जो सदा अपनी दिव्य सखियों से घिरी रहती हैं।
788षोडशीवयसा नित्याॐ षोडशीवयसा नित्यायै नमः।Om Shodashivayasa Nityayai Namah.जो नित्य सोलह वर्ष के दिव्य यौवन से सम्पन्न हैं।
789षड्रागविहारिणीॐ षड्रागविहारिण्यै नमः।Om Shadragaviharinyai Namah.जो संगीत के विविध रागों में दिव्य विहार करती हैं।
790हेमाङ्गीॐ हेमाङ्ग्यै नमः।Om Hemangyai Namah.जिनके अंग स्वर्ण के समान दिव्य और तेजस्वी हैं।
791वरदाॐ वरदायै नमः।Om Varadayai Namah.जो भक्तों को वरदान प्रदान करती हैं।
792हन्त्रीॐ हन्त्र्यै नमः।Om Hantryai Namah.जो पाप और दुःख का नाश करती हैं।
793भूमाताॐ भूमात्रे नमः।Om Bhumatre Namah.जो पृथ्वी की दिव्य माता के समान पालन करती हैं।
794हंसगामिनीॐ हंसगामिन्यै नमः।Om Hamsagamin yai Namah.जिनकी चाल हंस के समान सुंदर और मनोहर है।
795हासमुखीॐ हासमुख्यै नमः।Om Hasamukhyai Namah.जिनका मुख सदा मधुर मुस्कान से सुशोभित है।
796व्रजाध्यक्षाॐ व्रजाध्यक्षायै नमः।Om Vrajad yakshayai Namah.जो व्रजभूमि की अधिष्ठात्री और संरक्षिका हैं।
797हेमाब्जाॐ हेमाब्जायै नमः।Om Hemabjayai Namah.जो स्वर्ण कमल के समान दिव्य और सुंदर हैं।
798कृष्णमोहिनीॐ कृष्णमोहिन्यै नमः।Om Krishnamohinyai Namah.जो भगवान कृष्ण को अपने दिव्य प्रेम से मोहित करती हैं।
799हरिविनोदिनीॐ हरिविनोदिन्यै नमः।Om Harivinodinyai Namah.जो भगवान हरि के साथ दिव्य आनंद में विहार करती हैं।
800हरिसेवापरायणाॐ हरिसेवापरायणायै नमः।Om Harisevaparayanayai Namah.जो भगवान हरि की सेवा में पूर्णतः समर्पित हैं।
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800हेतुयुक्ताॐ हेतुयुक्तायै नमः।Om Hetuyuktayai Namah.जो उचित कारण और दिव्य उद्देश्य से युक्त हैं।
801गयोत्तराॐ गयोत्तरायै नमः।Om Gayottarayai Namah.जो गया तीर्थ से भी श्रेष्ठ और पवित्र हैं।
802पर्वताधिनिवासाॐ पर्वताधिनिवासायै नमः।Om Parvatadhinivasayai Namah.जो पर्वतों में दिव्य निवास करने वाली हैं।
803निवासकुशलाॐ निवासकुशलायै नमः।Om Nivasakushalayai Namah.जो सभी के लिए दिव्य आश्रय प्रदान करती हैं।
804सन्न्यासधर्मकुशलाॐ सन्न्यासधर्मकुशलायै नमः।Om Sannyasadharmakushalayai Namah.जो संन्यास धर्म के ज्ञान में निपुण हैं।
805सन्न्यासेशीॐ सन्न्यासेश्यै नमः।Om Sannyaseshyai Namah.जो संन्यास मार्ग की अधिष्ठात्री देवी हैं।
806शरन्मुखीॐ शरन्मुख्यै नमः।Om Sharanmukhyai Namah.जिनका मुख शरद ऋतु के समान निर्मल और सुंदर है।
807शरच्चन्द्रमुखीॐ शरच्चन्द्रमुख्यै नमः।Om Sharachchandramukhyai Namah.जिनका मुख शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा जैसा है।
808श्यामहाराॐ श्यामहारायै नमः।Om Shyamaharayai Namah.जो श्यामसुन्दर के हृदय का हार और प्रिय हैं।
809क्षेत्रनिवासिनीॐ क्षेत्रनिवासिन्यै नमः।Om Kshetranivasinyai Namah.जो पवित्र तीर्थ और दिव्य क्षेत्रों में निवास करती हैं।
810वसन्तरागसंरागाॐ वसन्तरागसंरागायै नमः।Om Vasantaragasamragayai Namah.जो वसन्त के मधुर प्रेम और राग से पूर्ण हैं।
811वसन्तवसनाकृतिॐ वसन्तवसनाकृत्यै नमः।Om Vasantavasanakrityai Namah.जो वसन्त ऋतु के सुंदर वस्त्रों से सुशोभित हैं।
812चतुर्भुजाॐ चतुर्भुजायै नमः।Om Chaturbhujayai Namah.जो चार भुजाओं वाले दिव्य स्वरूप में विराजती हैं।
813षड्भुजाॐ षड्भुजायै नमः।Om Shadbhujayai Namah.जो छह भुजाओं वाले दिव्य रूप में प्रकट होती हैं।
814द्विभुजाॐ द्विभुजायै नमः।Om Dvibhujayai Namah.जो दो भुजाओं वाले मनोहर दिव्य स्वरूप में हैं।
815गौरविग्रहाॐ गौरविग्रहायै नमः।Om Gauravigrahayai Namah.जिनका दिव्य शरीर गौरवर्ण और अत्यंत सुंदर है।
816सहस्रास्याॐ सहस्रास्यायै नमः।Om Sahasrasyayai Namah.जो सहस्र मुखों वाले विराट दिव्य स्वरूप की शक्ति हैं।
817विहास्याॐ विहास्यायै नमः।Om Vihasyayai Namah.जो मधुर हास्य से भक्तों को आनंद देती हैं।
818मुद्रास्याॐ मुद्रास्यायै नमः।Om Mudrasyayai Namah.जो दिव्य मुद्राओं और संकेतों से युक्त हैं।
819मोददायिनीॐ मोददायिन्यै नमः।Om Modadayinyai Namah.जो भक्तों को आनंद और प्रसन्नता प्रदान करती हैं।
820प्राणप्रियाॐ प्राणप्रियायै नमः।Om Pranapriyayai Namah.जो जीवन से भी अधिक प्रिय और प्रेममयी हैं।
821प्राणरूपाॐ प्राणरूपायै नमः।Om Pranarupayai Namah.जो समस्त प्राणियों के जीवनस्वरूप हैं।
822प्राणरूपिणीॐ प्राणरूपिण्यै नमः।Om Pranarupinyai Namah.जो प्राणशक्ति के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
823अपावृताॐ अपावृतायै नमः।Om Apavritayai Namah.जो आवरण और बंधनों से पूर्णतः मुक्त हैं।
824कृष्णप्रीताॐ कृष्णप्रीतायै नमः।Om Krishnapritayai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्रेम में सदा प्रसन्न रहती हैं।
825कृष्णरताॐ कृष्णरतायै नमः।Om Krishnaratayai Namah.जो श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम में सदा लीन हैं।
826कृष्णतोषणतत्पराॐ कृष्णतोषणतत्परायै नमः।Om Krishnatoshanatatparayai Namah.जो श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने में सदैव तत्पर हैं।
827कृष्णप्रेमरताॐ कृष्णप्रेमरतायै नमः।Om Krishnapremaratayai Namah.जो श्रीकृष्ण के दिव्य प्रेम में रमण करती हैं।
828कृष्णभक्ताॐ कृष्णभक्तायै नमः।Om Krishnabhaktayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम भक्त और प्रेममयी हैं।
829भक्तफलप्रदाॐ भक्तफलप्रदायै नमः।Om Bhaktaphalapradayai Namah.जो भक्तों की भक्ति का शुभ फल प्रदान करती हैं।
830कृष्णप्रेमाॐ कृष्णप्रेमायै नमः।Om Krishnapremayai Namah.जो स्वयं श्रीकृष्ण के परम प्रेम का स्वरूप हैं।
831प्रेमभक्ताॐ प्रेमभक्तायै नमः।Om Premabhaktayai Namah.जो प्रेममयी भक्ति की परम स्वरूपिणी हैं।
832हरिभक्तिप्रदायिनीॐ हरिभक्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Haribhaktipradayinyai Namah.जो भगवान हरि की भक्ति प्रदान करती हैं।
833चैतन्यरूपाॐ चैतन्यरूपायै नमः।Om Chaitanyarupayai Namah.जो दिव्य चेतना के स्वरूप में स्थित हैं।
834चैतन्यप्रियाॐ चैतन्यप्रियायै नमः।Om Chaitanyapriyayai Namah.जो दिव्य चेतना और प्रेम को प्रिय मानती हैं।
835चैतन्यरूपिणीॐ चैतन्यरूपिण्यै नमः।Om Chaitanyarupinyai Namah.जो परम चेतना की दिव्य शक्ति हैं।
836उग्ररूपाॐ उग्ररूपायै नमः।Om Ugrarupayai Namah.जो आवश्यकता पड़ने पर शक्तिशाली और उग्र रूप धारण करती हैं।
837शिवक्रोडाॐ शिवक्रोडायै नमः।Om Shivakrodayai Namah.जो भगवान शिव की दिव्य शक्ति के रूप में स्थित हैं।
838कृष्णक्रोडाॐ कृष्णक्रोडायै नमः।Om Krishnakrodayai Namah.जो श्रीकृष्ण की दिव्य लीला में सदा स्थित हैं।
839जलोदरीॐ जलोदर्यै नमः।Om Jalodaryai Namah.जो जलतत्व को धारण करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
840महोदरीॐ महोदर्यै नमः।Om Mahodaryai Namah.जो विशाल हृदय और महान धारण शक्ति वाली हैं।
841महादुर्गकान्तारस्थसुवासिनीॐ महादुर्गकान्तारस्थसुवासिन्यै नमः।Om Mahadurgakantarasthasuvasinyai Namah.जो दुर्गम वन और कठिन स्थानों में भी निवास करती हैं।
842चन्द्रावलीॐ चन्द्रावल्यै नमः।Om Chandravalyai Namah.जो चन्द्रमा की किरणों के समान सुंदर और शीतल हैं।
843चन्द्रकेशीॐ चन्द्रकेश्यै नमः।Om Chandrakeshyai Namah.जिनके केश चन्द्रमा की आभा के समान सुंदर हैं।
844चन्द्रप्रेमतरङ्गिणीॐ चन्द्रप्रेमतरङ्गिण्यै नमः।Om Chandrapremataranginyai Namah.जो चन्द्रमा के समान शीतल प्रेम की तरंग हैं।
845समुद्रमथनोद्भूताॐ समुद्रमथनोद्भूतायै नमः।Om Samudramathanodbhutayai Namah.जो समुद्र मंथन से प्रकट दिव्य शक्ति के समान हैं।
846समुद्रजलवासिनीॐ समुद्रजलवासिन्यै नमः।Om Samudrajalavasinyai Namah.जो समुद्र के पवित्र जल में निवास करने वाली हैं।
847समुद्रामृतरूपाॐ समुद्रामृतरूपायै नमः।Om Samudramritarupayai Namah.जो समुद्र से प्राप्त अमृत के समान दिव्य हैं।
848समुद्रजलवासिकाॐ समुद्रजलवासिकायै नमः।Om Samudrajalavasikayai Namah.जो समुद्रजल में दिव्य रूप से निवास करती हैं।
849केशपाशरताॐ केशपाशरतायै नमः।Om Keshapasharatayai Namah.जो सुंदर केशपाश और श्रृंगार से सुशोभित हैं।
850निद्राॐ निद्रायै नमः।Om Nidrayai Namah.जो दिव्य योगनिद्रा की स्वरूपिणी हैं।
851क्षुधाॐ क्षुधायै नमः।Om Kshudhayai Namah.जो जीवों में जीवनधारण की प्राकृतिक शक्ति हैं।
852प्रेमतरङ्गिकाॐ प्रेमतरङ्गिकायै नमः।Om Prematarangikayai Namah.जो दिव्य प्रेम की मधुर तरंगों की स्वरूपिणी हैं।
853दूर्वादलश्यामतनुॐ दूर्वादलश्यामतनवे नमः।Om Durvadalashyamatanave Namah.जिनका दिव्य शरीर दूर्वादल के समान श्यामल है।
854दूर्वादलतनुच्छविॐ दूर्वादलतनुच्छवये नमः।Om Durvadalatanuchchhavaye Namah.जिनकी शरीरकांति हरे दूर्वादल के समान मनोहर है।
855नागरीॐ नागर्यै नमः।Om Nagaryai Namah.जो दिव्य प्रेमकला में निपुण और कुशल हैं।
856नागरागाराॐ नागरागारायै नमः।Om Nagaragarayai Namah.जो दिव्य प्रेम और सौन्दर्य की शोभा का आश्रय हैं।
857नागरानन्दकारिणीॐ नागरानन्दकारिण्यै नमः।Om Nagaranandakarinyai Namah.जो दिव्य प्रेम में आनंद प्रदान करती हैं।
858नागरालिङ्गनपराॐ नागरालिङ्गनपरायै नमः।Om Nagaralinganaparayai Namah.जो प्रियतम के दिव्य आलिंगन में अनुरक्त रहती हैं।
859नागराङ्गणमङ्गलाॐ नागराङ्गणमङ्गलायै नमः।Om Nagaranganamangalayai Namah.जो दिव्य प्रेम के आंगन को मंगलमय करती हैं।
860उच्चनीचाॐ उच्चनीचायै नमः।Om Uchchanichayai Namah.जो सभी उच्च और निम्न अवस्थाओं से परे स्थित हैं।
861हैमवतीप्रियाॐ हैमवतीप्रियायै नमः।Om Haimavatipriyayai Namah.जो देवी हैमवती को प्रिय और पूजनीय हैं।
862कृष्णतरङ्गदाॐ कृष्णतरङ्गदायै नमः।Om Krishnatarangadayai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्रेम की दिव्य तरंगें प्रदान करती हैं।
863प्रेमालिङ्गनसिद्धाङ्गीॐ प्रेमालिङ्गनसिद्धाङ्ग्यै नमः।Om Premalinganasiddhangyai Namah.जिनका दिव्य शरीर प्रेमपूर्ण आलिंगन से पूर्ण है।
864सिद्धसाध्यविलासिकाॐ सिद्धसाध्यविलासिकायै नमः।Om Siddhasadhyavilasikayai Namah.जो सिद्ध और साध्य दोनों के लिए दिव्य विलास की स्वरूपिणी हैं।
865मङ्गलामोदजननीॐ मङ्गलामोदजनन्यै नमः।Om Mangalamodajananyai Namah.जो मंगल और आनंद को जन्म देने वाली माता हैं।
866मेखलामोदधारिणीॐ मेखलामोदधारिण्यै नमः।Om Mekhalamodadharinyai Namah.जो सुंदर मेखला धारण करके सुशोभित होती हैं।
867रत्नमञ्जीरभूषाङ्गीॐ रत्नमञ्जीरभूषाङ्ग्यै नमः।Om Ratnamanjirabhushangyai Namah.जिनके चरण रत्नजड़ित नूपुरों से सुशोभित हैं।
868रत्नभूषणभूषणाॐ रत्नभूषणभूषणायै नमः।Om Ratnabhushanabhushanayai Namah.जो रत्नमय आभूषणों से अत्यंत अलंकृत हैं।
869जम्बालमालिकाॐ जम्बालमालिकायै नमः।Om Jambalamalikayai Namah.जो सुंदर और मनोहर माला धारण करने वाली हैं।
870कृष्णप्राणाॐ कृष्णप्राणायै नमः।Om Krishnapranayai Namah.जिनके प्राण स्वयं श्रीकृष्ण हैं।
871प्राणविमोचनाॐ प्राणविमोचनायै नमः।Om Pranavimochanayai Namah.जो जीवों को सांसारिक बंधनों से मुक्त करती हैं।
872सत्यप्रदाॐ सत्यप्रदायै नमः।Om Satyapradayai Namah.जो सत्य और सत्यज्ञान प्रदान करती हैं।
873सत्यवतीॐ सत्यवत्यै नमः।Om Satyavatyai Namah.जो सत्यस्वरूप और सत्य में स्थित हैं।
874सेवकानन्ददायिकाॐ सेवकानन्ददायिकायै नमः।Om Sevakanandadayikayai Namah.जो अपने सेवकों और भक्तों को आनंद देती हैं।
875जगद्योनिःॐ जगद्योनये नमः।Om Jagadyonaye Namah.जो सम्पूर्ण जगत की दिव्य मूल शक्ति हैं।
876जगद्बीजाॐ जगद्बीजायै नमः।Om Jagadbijayai Namah.जो समस्त जगत के मूल बीजस्वरूप हैं।
877विचित्रमणिभूषणाॐ विचित्रमणिभूषणायै नमः।Om Vichitramanibhushanayai Namah.जो विविध दिव्य रत्नों के आभूषणों से सुसज्जित हैं।
878राधारमणकान्ताॐ राधारमणकान्तायै नमः।Om Radharamanakantayai Namah.जो राधारमण श्रीकृष्ण की परम प्रिय हैं।
879राध्याॐ राध्यायै नमः।Om Radhyayai Namah.जो आराधना करने योग्य परम देवी हैं।
880राधनरूपिणीॐ राधनरूपिण्यै नमः।Om Radhanarupinyai Namah.जो आराधना और भक्ति के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
881कैलासवासिनीॐ कैलासवासिन्यै नमः।Om Kailasavasinyai Namah.जो कैलास के पवित्र दिव्य धाम में निवास करती हैं।
882कृष्णप्राणसर्वस्वदायिनीॐ कृष्णप्राणसर्वस्वदायिन्यै नमः।Om Krishnapranasarvasvadayinyai Namah.जो श्रीकृष्ण को अपना सम्पूर्ण प्रेम और सर्वस्व अर्पित करती हैं।
883कृष्णावतारनिरत-कृष्णभक्तफलार्थिनीॐ कृष्णावतारनिरतकृष्णभक्तफलार्थिन्यै नमः।Om Krishnavataraniratakrishnabhaktaphalarthinyai Namah.जो श्रीकृष्ण की भक्ति का परम फल प्रदान करने में तत्पर हैं।
884याचकायाचकानन्दकारिणीॐ याचकायाचकानन्दकारिण्यै नमः।Om Yachakayachakanandakarinyai Namah.जो याचकों और भक्तों को आनंद प्रदान करती हैं।
885याचकोज्ज्वलाॐ याचकोज्ज्वलायै नमः।Om Yachakojjvalayai Namah.जो शरणागत याचकों को दिव्य प्रकाश और कृपा देती हैं।
886हरिभूषणभूषाढ्याॐ हरिभूषणभूषाढ्यायै नमः।Om Haribhushanabhushadhyayai Namah.जो भगवान हरि के दिव्य आभूषणों से सुशोभित हैं।
887आनन्दयुक्ताॐ आनन्दयुक्तायै नमः।Om Anandayuktayai Namah.जो परम आनंद से सदैव युक्त रहती हैं।
888आर्द्रपादगाॐ आर्द्रपादगायै नमः।Om Ardrapadagayai Namah.जिनके चरण प्रेम और करुणा से सदैव कोमल हैं।
889है-है-हरिभूषणभूषाढ्याॐ है-है-हरिभूषणभूषाढ्यायै नमः।Om Hai-hai-haribhushanabhushadhyayai Namah.जो हरि के दिव्य श्रृंगार और प्रेम से सुशोभित हैं।
890आनन्दयुक्ताॐ आनन्दयुक्तायै नमः।Om Anandayuktayai Namah.जो दिव्य आनंद से पूर्णतः युक्त हैं।
891आर्द्रपादगाॐ आर्द्रपादगायै नमः।Om Ardrapadagayai Namah.जिनके चरण प्रेम और करुणा से कोमल हैं।
892है-है-तालधराॐ है-है-तालधरायै नमः।Om Hai-hai-taladharayai Namah.जो दिव्य संगीत और ताल की अधिष्ठात्री हैं।
893थै-थै-शब्दशक्तिप्रकाशिनीॐ थै-थै-शब्दशक्तिप्रकाशिन्यै नमः।Om Thai-thai-shabdashaktiprakashinyai Namah.जो दिव्य शब्द और संगीत की शक्ति को प्रकाशित करती हैं।
894हे-हे-शब्दस्वरूपाॐ हे-हे-शब्दस्वरूपायै नमः।Om He-he-shabdasvarupayai Namah.जो दिव्य नाद और शब्द के स्वरूप में स्थित हैं।
895ही-ही-वाक्यविशारदाॐ ही-ही-वाक्यविशारदायै नमः।Om Hi-hi-vakyavisharadayai Namah.जो मधुर और दिव्य वाणी में अत्यंत कुशल हैं।
896जगदानन्दकर्त्रीॐ जगदानन्दकर्त्र्यै नमः।Om Jagadanandakartryai Namah.जो समस्त जगत को आनंद प्रदान करती हैं।
897सान्द्रानन्दविशारदाॐ सान्द्रानन्दविशारदायै नमः।Om Sandranandavisharadayai Namah.जो गहन और पूर्ण आनंद की ज्ञाता हैं।
898पण्डितापण्डितगुणाॐ पण्डितापण्डितगुणायै नमः।Om Panditapanditagunayai Namah.जो विद्वानों और सामान्य भक्तों दोनों में गुणों को प्रकाशित करती हैं।
899पण्डितानन्दकारिणीॐ पण्डितानन्दकारिण्यै नमः।Om Panditanandakarinyai Namah.जो विद्वानों और ज्ञानी भक्तों को आनंद देती हैं।
900परिपालनकर्त्रीॐ परिपालनकर्त्र्यै नमः।Om Paripalanakartryai Namah.जो समस्त भक्तों और जगत का पालन करती हैं।
901स्थितिविनोदिनीॐ स्थितिविनोदिन्यै नमः।Om Sthitivinodinyai Namah.जो जगत की स्थिति में दिव्य लीला करती हैं।
902संहारशब्दाढ्याॐ संहारशब्दाढ्यायै नमः।Om Samharashabdadhyayai Namah.जो संहार की दिव्य शक्ति से सम्पन्न हैं।
903विद्वज्जनमनोहराॐ विद्वज्जनमनोहरायै नमः।Om Vidvajjanamanoharayai Namah.जो विद्वान भक्तों के मन को भी मोहित करती हैं।
904विदुषां प्रीतिजननीॐ विदुषां प्रीतिजनन्यै नमः।Om Vidusham Pritijananyai Namah.जो विद्वानों के हृदय में प्रेम उत्पन्न करती हैं।
905विद्वत्प्रेमविवर्धिनीॐ विद्वत्प्रेमविवर्द्धिन्यै नमः।Om Vidvatpremavivarddhinyai Namah.जो ज्ञानी भक्तों के प्रेम और भक्ति को बढ़ाती हैं।
906नादेशीॐ नादेश्वर्यै नमः।Om Nadeshvaryai Namah.जो दिव्य नाद की अधिष्ठात्री देवी हैं।
907नादरूपाॐ नादरूपायै नमः।Om Nadarupayai Namah.जो दिव्य नाद के स्वरूप में स्थित हैं।
908नादबिन्दुविधारिणीॐ नादबिन्दुविधारिण्यै नमः।Om Nadabinduvidharinyai Namah.जो नाद और बिन्दु की दिव्य शक्ति को धारण करती हैं।
909शून्यस्थानस्थिताॐ शून्यस्थानस्थितायै नमः।Om Shunyasthanasthitayai Namah.जो परम शून्य और ध्यान की अवस्था में स्थित हैं।
910शून्यरूपपादपवासिनीॐ शून्यरूपपादपवासिन्यै नमः।Om Shunyarupapadapavasinyai Namah.जो दिव्य वृक्षों और शांत शून्य स्थानों में निवास करती हैं।
911कार्तिकव्रतकर्त्रीॐ कार्तिकव्रतकर्त्र्यै नमः।Om Kartikavratakartryai Namah.जो कार्तिक मास के पवित्र व्रतों का पालन करती हैं।
912वासनाहारिणीॐ वासनाहारिण्यै नमः।Om Vasanaharinyai Namah.जो सांसारिक वासनाओं और आसक्तियों का नाश करती हैं।
913जलाशयाॐ जलाशयायै नमः।Om Jalashayayai Namah.जो पवित्र जलाशयों की दिव्य शक्ति हैं।
914जलतलाॐ जलतलायै नमः।Om Jalatalayai Namah.जो जल की गहराई और शीतलता में स्थित हैं।
915शिलातलनिवासिनीॐ शिलातलनिवासिन्यै नमः।Om Shilatalanivasinyai Namah.जो पवित्र शिलाओं और प्राकृतिक स्थानों में निवास करती हैं।
916क्षुद्रकीटाङ्गसंसर्गाॐ क्षुद्रकीटाङ्गसंसर्गायै नमः।Om Kshudrakitangasamsargayai Namah.जो सूक्ष्म जीवों तक में दिव्य उपस्थिति रखती हैं।
917सङ्गदोषविनाशिनीॐ सङ्गदोषविनाशिन्यै नमः।Om Sangadoshavinashinyai Namah.जो दूषित संगति के दोषों का नाश करती हैं।
918कोटिकन्दर्पलावण्याॐ कोटिकन्दर्पलावण्यायै नमः।Om Kotikandarpalavanyayai Namah.जिनका सौन्दर्य करोड़ों कामदेवों के समान मनोहर है।
919कोटिकन्दर्पसुन्दरीॐ कोटिकन्दर्पसुन्दर्यै नमः।Om Kotikandarpasundaryai Namah.जो करोड़ों कामदेवों से भी अधिक सुंदर हैं।
920कन्दर्पकोटिजननीॐ कन्दर्पकोटिजनन्यै नमः।Om Kandarpakotijananyai Namah.जो करोड़ों कामदेवों की दिव्य मूल शक्ति हैं।
921कामबीजप्रदायिनीॐ कामबीजप्रदायिन्यै नमः।Om Kamabijapradayinyai Namah.जो दिव्य प्रेम और कामबीज का ज्ञान प्रदान करती हैं।
922कामशास्त्रविनोदाॐ कामशास्त्रविनोदायै नमः।Om Kamashastravinodayai Namah.जो दिव्य प्रेम के शास्त्रीय रहस्यों में आनंदित होती हैं।
923कामशास्त्रप्रकाशिनीॐ कामशास्त्रप्रकाशिन्यै नमः।Om Kamashastraprakashinyai Namah.जो दिव्य प्रेम के ज्ञान को प्रकाशित करती हैं।
924कामप्रकाशिकाॐ कामप्रकाशिकायै नमः।Om Kamaprakashikayai Namah.जो दिव्य प्रेम के गूढ़ भाव को प्रकट करती हैं।
925कामिनीॐ कामिन्यै नमः।Om Kaminyai Namah.जो प्रेम और सौन्दर्य की परम स्वरूपिणी हैं।
926अणिमाद्यष्टसिद्धिदाॐ अणिमाद्यष्टसिद्धिदायै नमः।Om Animadyashtasiddhidayai Namah.जो अणिमा आदि आठों सिद्धियाँ प्रदान करती हैं।
927यामिनीॐ यामिन्यै नमः।Om Yaminyai Namah.जो रात्रि की शांति और रहस्य की स्वरूपिणी हैं।
928यामिनीनाथवदनाॐ यामिनीनाथवदनायै नमः।Om Yamininathavadanayai Namah.जिनका मुख रात्रि के स्वामी चन्द्रमा के समान सुंदर है।
929यामिनीश्वरीॐ यामिनीश्वर्यै नमः।Om Yaminishvaryai Namah.जो रात्रि की परम अधिष्ठात्री देवी हैं।
930यागयोगहराॐ यागयोगहरायै नमः।Om Yagayogaharayai Namah.जो यज्ञ और योग के माध्यम से परम फल प्रदान करती हैं।
931भुक्तिमुक्तिदात्रीॐ भुक्तिमुक्तिदात्र्यै नमः।Om Bhuktimuktidatryai Namah.जो भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करती हैं।
932हिरण्यदाॐ हिरण्यदायै नमः।Om Hiranyadayai Namah.जो स्वर्ण और दिव्य समृद्धि प्रदान करती हैं।
933कपालमालिनीॐ कपालमालिन्यै नमः।Om Kapalamalinyai Namah.जो दिव्य शक्ति के उग्र स्वरूप में कपालमाला धारण करती हैं।
934देवीॐ देव्यै नमः।Om Devyai Namah.जो समस्त दिव्य शक्तियों की परम देवी हैं।
935धामरूपिणीॐ धामरूपिण्यै नमः।Om Dhamarupinyai Namah.जो स्वयं दिव्य धाम के स्वरूप में स्थित हैं।
936अपूर्वदाॐ अपूर्वदायै नमः।Om Apurvadayai Namah.जो अद्भुत और दुर्लभ वरदान प्रदान करती हैं।
937कृपान्विताॐ कृपान्वितायै नमः।Om Kripanvitayai Namah.जो असीम करुणा और कृपा से युक्त हैं।
938गुणागौण्याॐ गुणागौण्यायै नमः।Om Gunagaunyayai Namah.जो सभी गुणों की मूल और दिव्य स्वरूपिणी हैं।
939गुणातीतफलप्रदाॐ गुणातीतफलप्रदायै नमः।Om Gunatitaphalapradayai Namah.जो तीनों गुणों से परे परम फल प्रदान करती हैं।
940कूष्माण्डभूतवेतालनाशिनीॐ कूष्माण्डभूतवेतालनाशिन्यै नमः।Om Kushmandabhutavetalanashinyai Namah.जो नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं का नाश करती हैं।
941शारदान्विताॐ शारदान्वितायै नमः।Om Sharadanvitayai Namah.जो देवी शारदा के ज्ञान और कृपा से युक्त हैं।
942शीतलाॐ शीतलायै नमः।Om Shitalayai Namah.जो शीतलता, शांति और सुख प्रदान करती हैं।
943शबलाॐ शबलायै नमः।Om Shabalayai Namah.जो विविध दिव्य रंगों और शक्तियों से युक्त हैं।
944हेलालीलाॐ हेलालीलायै नमः।Om Helalilayai Namah.जो सहज और मनोहर दिव्य लीला करती हैं।
945लावण्यमङ्गलाॐ लावण्यमङ्गलायै नमः।Om Lavanyamangalayai Namah.जो सौन्दर्य और मंगल की परम स्वरूपिणी हैं।
946विद्यार्थिनीॐ विद्यार्थिन्यै नमः।Om Vidyarthinyai Namah.जो दिव्य ज्ञान की खोज और साधना की प्रेरणा देती हैं।
947विद्यमानाॐ विद्यमानायै नमः।Om Vidyamanayai Namah.जो सर्वत्र विद्यमान और सर्वव्यापी हैं।
948विद्याॐ विद्यायै नमः।Om Vidyayai Namah.जो परम ज्ञान और आध्यात्मिक विद्या की स्वरूपिणी हैं।
949विद्यास्वरूपिणीॐ विद्यास्वरूपिण्यै नमः।Om Vidyasvarupinyai Namah.जो स्वयं दिव्य ज्ञान के स्वरूप में स्थित हैं।
950आन्वीक्षिकीशास्त्ररूपाॐ आन्वीक्षिकीशास्त्ररूपायै नमः।Om Anvikshikishastrarupayai Namah.जो तर्क, विवेक और आध्यात्मिक विचार के शास्त्र का स्वरूप हैं।
951शास्त्रसिद्धान्तकारिणीॐ शास्त्रसिद्धान्तकारिण्यै नमः।Om Shastrasiddhantakarinyai Namah.जो शास्त्रों के दिव्य सिद्धान्तों को स्थापित करती हैं।
952नागेन्द्राॐ नागेन्द्रायै नमः।Om Nagendrayai Namah.जो नागों की परम अधिष्ठात्री शक्ति हैं।
953नागमाताॐ नागमात्रे नमः।Om Nagamatre Namah.जो नागों की दिव्य माता हैं।
954क्रीडाकौतुकरूपिणीॐ क्रीडाकौतुकरूपिण्यै नमः।Om Kridakautukarupinyai Namah.जो दिव्य क्रीड़ा और आनंद के कौतुक की स्वरूपिणी हैं।
955हरिभावनशीलाॐ हरिभावनशीलायै नमः।Om Haribhavanashilayai Namah.जो सदा भगवान हरि के चिंतन और भाव में लीन हैं।
956हरितोषणतत्पराॐ हरितोषणतत्परायै नमः।Om Haritoshanatatparayai Namah.जो भगवान हरि को प्रसन्न करने में सदा तत्पर हैं।
957हरिप्राणाॐ हरिप्राणायै नमः।Om Haripranayai Namah.जिनके प्राण भगवान हरि में स्थित हैं।
958हरप्राणाॐ हरप्राणायै नमः।Om Harapranayai Namah.जो भगवान हर के दिव्य प्राणस्वरूप से जुड़ी हैं।
959शिवप्राणाॐ शिवप्राणाय नमः।Om Shivapranaya Namah.जो भगवान शिव की दिव्य प्राणशक्ति के समान हैं।
960शिवान्विताॐ शिवान्वितायै नमः।Om Shivanvitayai Namah.जो शिवतत्व और दिव्य मंगल से युक्त हैं।
961नरकार्णवसंहन्त्रीॐ नरकार्णवसंहन्त्र्यै नमः।Om Narakarnavasamhatryai Namah.जो नरकरूपी भयंकर समुद्र का नाश करती हैं।
962नरकार्णवनाशिनीॐ नरकार्णवनाशिन्यै नमः।Om Narakarnavanashinyai Namah.जो नरक और उसके सभी दुःखों का नाश करती हैं।
963नरेश्वरीॐ नरेश्वर्यै नमः।Om Nareshvaryai Namah.जो मनुष्यों की परम ईश्वरी और मार्गदर्शिका हैं।
964नरातीताॐ नरातीतायै नमः।Om Naratitayai Namah.जो मानवीय सीमाओं से परे परम दिव्य शक्ति हैं।
965नरसेव्याॐ नरसेव्यायै नमः।Om Narasevyayai Namah.जो सभी मनुष्यों द्वारा सेवा और पूजा करने योग्य हैं।
966नराङ्गनाॐ नराङ्गनायै नमः।Om Naranganayai Namah.जो मानव रूप में भी दिव्य शक्ति का प्रकाश हैं।
967यशोदानन्दनप्राणवल्लभाॐ यशोदानन्दनप्राणवल्लभायै नमः।Om Yashodanandanapranavallabhayai Namah.जो यशोदा के पुत्र श्रीकृष्ण की प्राणों से प्रिय हैं।
968हरिवल्लभाॐ हरिवल्लभायै नमः।Om Harivallabhayai Namah.जो भगवान हरि की परम प्रिय हैं।
969यशोदानन्दनारम्याॐ यशोदानन्दनारम्यायै नमः।Om Yashodanandanaramyayai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण के लिए अत्यंत रमणीय और प्रिय हैं।
970यशोदानन्दनेश्वरीॐ यशोदानन्दनेश्वर्यै नमः।Om Yashodanandaneshvaryai Namah.जो यशोदा के पुत्र श्रीकृष्ण की परम ईश्वरी शक्ति हैं।
971यशोदानन्दनाक्रीडाॐ यशोदानन्दनाक्रीडायै नमः।Om Yashodanandanakridayai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण के साथ दिव्य क्रीड़ा करती हैं।
972यशोदाक्रोडवासिनीॐ यशोदाक्रोडवासिन्यै नमः।Om Yashodakrodavasinyai Namah.जो माता यशोदा के स्नेहमय आश्रय में निवास करती हैं।
973यशोदानन्दनप्राणाॐ यशोदानन्दनप्राणायै नमः।Om Yashodanandanapranayai Namah.जिनके प्राण यशोदानन्दन श्रीकृष्ण में स्थित हैं।
974यशोदानन्दनार्थदाॐ यशोदानन्दनार्थदायै नमः।Om Yashodanandanarthadayai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण को परम प्रेम और आनंद प्रदान करती हैं।
975वत्सलाॐ वत्सलायै नमः।Om Vatsalayai Namah.जो भक्तों और समस्त जीवों पर मातृवत स्नेह करती हैं।
976कोशलाॐ कोशलायै नमः।Om Koshalayai Namah.जो दिव्य कौशल और ज्ञान से सम्पन्न हैं।
977कलाॐ कलायै नमः।Om Kalayai Namah.जो समस्त कलाओं और दिव्य कौशल की स्वरूपिणी हैं।
978करुणार्णवरूपिणीॐ करुणार्णवरूपिण्यै नमः।Om Karunarnavarupinyai Namah.जो करुणा के अथाह सागर के समान हैं।
979स्वर्गलक्ष्मीॐ स्वर्गलक्ष्म्यै नमः।Om Svargalakshmyai Namah.जो स्वर्ग की दिव्य लक्ष्मी और समृद्धि की स्वरूपिणी हैं।
980भूमिलक्ष्मीॐ भूमिलक्ष्म्यै नमः।Om Bhumilakshmyai Namah.जो पृथ्वी पर लक्ष्मी और समृद्धि प्रदान करने वाली हैं।
981द्रौपदीपाण्डवप्रियाॐ द्रौपदीपाण्डवप्रियायै नमः।Om Draupadipandavapriyayai Namah.जो द्रौपदी और पाण्डवों की प्रिय दिव्य शक्ति हैं।
982अर्जुनसखीॐ अर्जुनसख्यै नमः।Om Arjunasakhyai Namah.जो अर्जुन की दिव्य सखी और हितैषिणी हैं।
983भोग्याॐ भोग्यै नमः।Om Bhogyai Namah.जो दिव्य प्रेम और आनंद का अनुभव कराने वाली हैं।
984भैमीॐ भैम्यै नमः।Om Bhaimyai Namah.जो भीमवंश से संबंधित दिव्य शक्ति के रूप में पूजनीय हैं।
985भीमकुलोद्भवाॐ भीमकुलोद्भवायै नमः।Om Bhimakulodbhavayai Namah.जो भीम के कुल में प्रकट हुई दिव्य शक्ति हैं।
986भुवनामोहनाॐ भुवनामोहनायै नमः।Om Bhuvanamohanayai Namah.जो समस्त लोकों को अपने सौन्दर्य से मोहित करती हैं।
987क्षीणाॐ क्षीणायै नमः।Om Kshinayai Namah.जो सभी सांसारिक क्षय और परिवर्तन से परे हैं।
988पानासक्ततराॐ पानासक्ततरायै नमः।Om Panasaktatarayai Namah.जो दिव्य प्रेमरूपी अमृत के पान में अत्यंत अनुरक्त हैं।
989पानार्थिनीॐ पानार्थिन्यै नमः।Om Panarthinyai Namah.जो दिव्य प्रेमामृत का पान करने की अभिलाषिणी हैं।
990पानपात्राॐ पानपात्रायै नमः।Om Panapatrayai Namah.जो दिव्य प्रेमामृत के पवित्र पात्र के समान हैं।
991पानपानन्ददायिनीॐ पानपानन्ददायिन्यै नमः।Om Panapanandadayinyai Namah.जो दिव्य अमृत के पान से आनंद प्रदान करती हैं।
992दुग्धमन्थनकर्माढ्याॐ दुग्धमन्थनकर्माढ्यायै नमः।Om Dugdhamanthanakarmadhyayai Namah.जो दूध मथने की पवित्र गोपीलीला से युक्त हैं।
993दधिमन्थनतत्पराॐ दधिमन्थनतत्परायै नमः।Om Dadhimanthanatatparayai Namah.जो दही मथने की दिव्य लीला में तत्पर रहती हैं।
994दधिभाण्डार्थिनीॐ दधिभाण्डार्थिन्यै नमः।Om Dadhibhandarthinyai Namah.जो दही के पवित्र पात्र और गोपीलीला से जुड़ी हैं।
995कृष्णक्रोधिनीॐ कृष्णक्रोधिन्यै नमः।Om Krishnakrodhinyai Namah.जो प्रेम में श्रीकृष्ण पर मान और रोष प्रकट करती हैं।
996नन्दनाङ्गनाॐ नन्दनाङ्गनायै नमः।Om Nandananganayai Namah.जो नन्द के दिव्य आंगन में शोभायमान होती हैं।
997घृतलिप्ताॐ घृतलिप्तायै नमः।Om Ghritaliptayai Namah.जो घृत से सुशोभित और पवित्र गोपीलीला से जुड़ी हैं।
998तक्रयुक्ताॐ तक्रयुक्तायै नमः।Om Takrayuktayai Namah.जो पवित्र तक्र और गोपीजीवन की दिव्य लीला से युक्त हैं।
999यमुनापारकौतुकॐ यमुनापारकौतुकायै नमः।Om Yamunaparakautukayai Namah.जो यमुना के पार दिव्य क्रीड़ा और कौतुक करती हैं।
1000विचित्रकथकाॐ विचित्रकथकायै नमः।Om Vichitrakathakayai Namah.जो अद्भुत और दिव्य कथाओं का वर्णन करने वाली हैं।
1001कृष्णहास्यभाषणतत्पराॐ कृष्णहास्यभाषणतत्परायै नमः।Om Krishnahasyabhashanatatparayai Namah.जो श्रीकृष्ण के साथ हास्य और मधुर वार्तालाप में सदा तत्पर रहती हैं।
1002गोपाङ्गनावेष्टिताॐ गोपाङ्गनावेष्टितायै नमः।Om Gopanganaveshtitayai Namah.जो गोपियों से घिरी हुई दिव्य शोभा से सुशोभित हैं।
1003कृष्णसङ्गार्थिनीॐ कृष्णसङ्गार्थिन्यै नमः।Om Krishnasangarthinyai Namah.जो श्रीकृष्ण के दिव्य संग की अभिलाषा रखती हैं।
1004राससक्ताॐ राससक्तायै नमः।Om Rasasaktayai Namah.जो दिव्य रासलीला में अत्यंत अनुरक्त हैं।
1005रासरतिॐ रासरत्यै नमः।Om Rasaratyai Namah.जो रासलीला के दिव्य प्रेम और आनंद में रमण करती हैं।
1006आसवासक्तवसनाॐ आसवासक्तवसनायै नमः।Om Asavasaktavasanayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस और सुंदर वस्त्रों के श्रृंगार में अनुरक्त हैं।
1007हरिद्राहरिताॐ हरिद्राहरितायै नमः।Om Haridraharitayai Namah.जो हल्दी के समान पीत और मंगलमयी आभा से युक्त हैं।
1008हारिणीॐ हारिण्यै नमः।Om Harinyai Namah.जो अपने दिव्य सौन्दर्य से सबके मन को हर लेती हैं।
1009आनन्दार्पितचेतनाॐ आनन्दार्पितचेतनायै नमः।Om Anandarpitachetanayai Namah.जिनकी चेतना परम आनंद में पूर्णतः समर्पित है।
1010निश्चैतन्याॐ निश्चैतन्यायै नमः।Om Nishchaitanyayai Namah.जो सांसारिक चेतना से परे परम दिव्य अवस्था में स्थित हैं।
1011निश्चेताॐ निश्चेतायै नमः।Om Nishchetayai Namah.जो सांसारिक चिंताओं से रहित और परम शांति में स्थित हैं।
1012दारुहरिद्रिकाॐ दारुहरिद्रिकायै नमः।Om Daruharidrikayai Namah.जो दारुहरिद्रा के समान पवित्र और मंगलकारी हैं।
1013सुबलस्य स्वसाॐ सुबलस्य स्वस्रे नमः।Om Subalasya Svasre Namah.जो सुबल की बहन के रूप में प्रेममयी हैं।
1014कृष्णभार्याॐ कृष्णभार्यायै नमः।Om Krishnabharyayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम प्रिया और दिव्य पत्नीस्वरूपा हैं।
1015भाषातिवेगिनीॐ भाषातिवेगिन्यै नमः।Om Bhashativeginyai Namah.जिनकी वाणी अत्यंत तीव्र, प्रभावशाली और मधुर है।
1016श्रीदामस्य सखीॐ श्रीदामस्य सख्यै नमः।Om Shridamasya Sakhyai Namah.जो श्रीदामा की सखी और अंतरंग हितैषिणी हैं।
1017दामदायिनीॐ दामदायिन्यै नमः।Om Damadayinyai Namah.जो दिव्य प्रेम और कृपा के दान प्रदान करती हैं।
1018दामधारिणीॐ दामधारिण्यै नमः।Om Damadharinyai Namah.जो दाम या पवित्र बंधन धारण करने वाली हैं।
1019कैलासिनीॐ कैलासिन्यै नमः।Om Kailasinyai Namah.जो कैलास के पवित्र दिव्य धाम से संबंधित हैं।
1020केशिनीॐ केशिन्यै नमः।Om Keshinyai Namah.जो सुंदर और मनोहर केशों से सुशोभित हैं।
1021हरिदम्बरधारिणीॐ हरिदम्बरधारिण्यै नमः।Om Haridambaradharinyai Namah.जो पीतवर्ण दिव्य वस्त्र धारण करके सुशोभित होती हैं।
1022हरिसान्निध्यदात्रीॐ हरिसान्निध्यदात्र्यै नमः।Om Harisannidhyadatryai Namah.जो भक्तों को भगवान हरि का दिव्य सान्निध्य प्रदान करती हैं।
1023हरिकौतुकमङ्गलाॐ हरिकौतुकमङ्गलायै नमः।Om Harikautukamangalayai Namah.जो भगवान हरि की दिव्य क्रीड़ाओं को मंगलमय बनाती हैं।
1024हरिप्रदाॐ हरिप्रदायै नमः।Om Haripradayai Namah.जो भगवान हरि की भक्ति और कृपा प्रदान करती हैं।
1025हरिद्वाराॐ हरिद्वारायै नमः।Om Haridvarayai Namah.जो भगवान हरि तक पहुँचने का पवित्र द्वार हैं।
1026यमुनाजलवासिनीॐ यमुनाजलवासिन्यै नमः।Om Yamunajalavasinyai Namah.जो पवित्र यमुना के जल में दिव्य रूप से निवास करती हैं।
1027जैत्रप्रदाॐ जैत्रप्रदायै नमः।Om Jaitrapradayai Namah.जो विजय और सफलता प्रदान करने वाली हैं।
1028जितार्थिनीॐ जितार्थिन्यै नमः।Om Jitarthinyai Namah.जो भक्तों के शुभ उद्देश्यों की सिद्धि कराने वाली हैं।
1029चतुराॐ चतुरायै नमः।Om Chaturayai Namah.जो बुद्धिमती, कुशल और विवेकशील हैं।
1030चातुरीॐ चातुर्यै नमः।Om Chaturyai Namah.जो दिव्य चातुर्य और कौशल की स्वरूपिणी हैं।
1031तमीॐ तम्यै नमः।Om Tamyai Namah.जो गहन और रहस्यमय दिव्य शक्ति के रूप में स्थित हैं।
1032तमिस्राॐ तमिस्रायै नमः।Om Tamisrayai Namah.जो अंधकार और उसके पार स्थित दिव्य शक्ति हैं।
1033आतपरूपाॐ आतपरूपायै नमः।Om Ataparupayai Namah.जो प्रकाश और ऊष्मा के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
1034रौद्ररूपाॐ रौद्ररूपायै नमः।Om Raudrarupayai Namah.जो आवश्यकता पड़ने पर शक्तिशाली रौद्र रूप धारण करती हैं।
1035यशोऽर्थिनीॐ यशोऽर्थिन्यै नमः।Om Yashoarthinyai Namah.जो दिव्य यश और कीर्ति की अभिलाषिणी हैं।
1036कृष्णार्थिनीॐ कृष्णार्थिन्यै नमः।Om Krishnarthinyai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्रेम और सान्निध्य की अभिलाषिणी हैं।
1037कृष्णकलाॐ कृष्णकलायै नमः।Om Krishnakalayai Namah.जो श्रीकृष्ण की दिव्य कला और शक्ति की स्वरूपिणी हैं।
1038कृष्णानन्दविधायिनीॐ कृष्णानन्दविधायिन्यै नमः।Om Krishnanandavidhayinyai Namah.जो श्रीकृष्ण को परम आनंद प्रदान करने वाली हैं।
1039कृष्णार्थवासनाॐ कृष्णार्थवासनायै नमः।Om Krishnarthavasanayai Namah.जिनकी समस्त भावना और अभिलाषा श्रीकृष्ण के लिए है।
1040कृष्णरागिणीॐ कृष्णरागिण्यै नमः।Om Krishnaraginyai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्रेम में पूर्णतः अनुरक्त हैं।
1041भवभाविनीॐ भवभाविन्यै नमः।Om Bhavabhavinyai Namah.जो संसार और दिव्य भाव दोनों की अधिष्ठात्री शक्ति हैं।
1042कृष्णार्थरहिताॐ कृष्णार्थरहितायै नमः।Om Krishnartharahitayai Namah.जो श्रीकृष्ण से अलग किसी अन्य उद्देश्य से रहित हैं।
1043भक्ताभक्तभक्तिशुभप्रदाॐ भक्ताभक्तभक्तिशुभप्रदायै नमः।Om Bhaktabhaktabhaktishubhapradayai Namah.जो भक्त और अभक्त सभी को भक्ति का शुभ फल प्रदान करती हैं।
1044श्रीकृष्णरहिताॐ श्रीकृष्णरहितायै नमः।Om Shrikrishnarahitayai Namah.जो श्रीकृष्ण के बिना स्वयं को पूर्ण नहीं मानतीं।
1045दीनाॐ दीनायै नमः।Om Dinayai Namah.जो अत्यंत विनम्र और करुणामयी स्वरूप वाली हैं।
1046हरेर्विरहिणीॐ हरेर्विरहिण्यै नमः।Om Hareh Virahinyai Namah.जो भगवान हरि के विरह में प्रेममग्न रहती हैं।
1047मथुराॐ मथुरायै नमः।Om Mathurayai Namah.जो पवित्र मथुरा धाम की दिव्य शक्ति हैं।
1048मथुराराजगेहभावनभवनाॐ मथुराराजगेहभावनभवनायै नमः।Om Mathurarajagehabhavanabhavanayai Namah.जो मथुरा के राजभवन की दिव्य भावना और स्मृति का आश्रय हैं।
1049अलकेश्वरपूज्याॐ अलकेश्वरपूज्यायै नमः।Om Alakeshvarapujyayai Namah.जिनकी अलकेश्वर द्वारा भी पूजा की जाती है।
1050कुबेरेश्वरवल्लभाॐ कुबेरेश्वरवल्लभायै नमः।Om Kubereshvaravallabhayai Namah.जो कुबेर के ईश्वर को भी प्रिय और पूजनीय हैं।
1051श्रीकृष्णभावनामोदाॐ श्रीकृष्णभावनामोदायै नमः।Om Shrikrishnabhavanamodayai Namah.जो श्रीकृष्ण के चिंतन और प्रेम में आनंद प्राप्त करती हैं।
1052उन्मादविधायिनीॐ उन्मादविधायिन्यै नमः।Om Unmadavidhayinyai Namah.जो दिव्य प्रेम का आध्यात्मिक उन्माद उत्पन्न करती हैं।
1053कृष्णार्थव्याकुलाॐ कृष्णार्थव्याकुलायै नमः।Om Krishnarthavyakulayai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्रेम और मिलन के लिए व्याकुल रहती हैं।
1054कृष्णसारचर्मधराॐ कृष्णसारचर्मधरायै नमः।Om Krishnasaracharmadharayai Namah.जो कृष्णसार मृगचर्म धारण करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
1055शुभाॐ शुभायै नमः।Om Shubhayai Namah.जो स्वयं मंगल, पवित्रता और शुभता की स्वरूपिणी हैं।
1056धनधान्यविधात्रीॐ धनधान्यविधात्र्यै नमः।Om Dhanadhanyavidhatryai Namah.जो धन, धान्य और समृद्धि प्रदान करती हैं।
1057जायाॐ जायायै नमः।Om Jayayai Namah.जो दिव्य सहधर्मिणी और परम प्रिय संगिनी हैं।
1058कायाॐ कायायै नमः।Om Kayayai Namah.जो दिव्य शरीर और शक्ति की स्वरूपिणी हैं।
1059हयाॐ हयायै नमः।Om Hayayai Namah.जो तीव्र गति और शक्ति की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
1060हय्याॐ हय्यै नमः।Om Hayyai Namah.जो दिव्य गति और सामर्थ्य से युक्त हैं।
1061प्रणवाॐ प्रणवायै नमः।Om Pranavayai Namah.जो पवित्र प्रणव ॐ की दिव्य शक्ति हैं।
1062प्रणवेशीॐ प्रणवेश्यै नमः।Om Pranaveshyai Namah.जो प्रणव मंत्र की अधिष्ठात्री देवी हैं।
1063प्रणवार्थस्वरूपिणीॐ प्रणवार्थस्वरूपिण्यै नमः।Om Pranavarthasvarupinyai Namah.जो प्रणव ॐ के परम अर्थ की स्वरूपिणी हैं।
1064ब्रह्मविष्णुशिवार्धाङ्गहारिणीॐ ब्रह्मविष्णुशिवार्धाङ्गहारिण्यै नमः।Om Brahmavishnushivardhangaharinyai Namah.जो ब्रह्मा, विष्णु और शिव के दिव्य अंशों को धारण करने वाली शक्ति हैं।
1065शैवशिंशपाॐ शैवशिंशपायै नमः।Om Shaivashimshapayai Namah.जो शिवतत्व से संबंधित पवित्र शिंशपा वृक्ष की दिव्य शक्ति हैं।
1066राक्षसीनाशिनीॐ राक्षसीनाशिन्यै नमः।Om Rakshasinashinyai Namah.जो राक्षसी और नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं।
1067भूतप्रेतप्राणविनाशिनीॐ भूतप्रेतप्राणविनाशिन्यै नमः।Om Bhutapretapranavinashinyai Namah.जो भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव का नाश करती हैं।
1068सकलेप्सितदात्रीॐ सकलेप्सितदात्र्यै नमः।Om Sakalepsitadatryai Namah.जो भक्तों की सभी शुभ इच्छाओं को पूर्ण करती हैं।
1069शचीॐ शच्यै नमः।Om Shachyai Namah.जो देवी शची के समान दिव्य और पूजनीय हैं।
1070साध्वीॐ साध्व्यै नमः।Om Sadhvyai Namah.जो पवित्र, सदाचारी और धर्मनिष्ठ स्वरूप वाली हैं।
1071अरुन्धतीॐ अरुन्धत्यै नमः।Om Arundhatyai Namah.जो देवी अरुन्धती के समान पतिव्रता और आदर्शमयी हैं।
1072पतिव्रताॐ पतिव्रतायै नमः।Om Pativratayai Namah.जो परम निष्ठा और पतिव्रत धर्म की स्वरूपिणी हैं।
1073पतिप्राणाॐ पतिप्राणायै नमः।Om Patipranayai Namah.जिनके प्राण अपने परम प्रिय में स्थित हैं।
1074पतिवाक्यविनोदिनीॐ पतिवाक्यविनोदिन्यै नमः।Om Pativakyavinodinyai Namah.जो अपने प्रिय के मधुर वचनों से आनंदित होती हैं।
1075अशेषसाधिनीॐ अशेषसाधिन्यै नमः।Om Asheshasadhinyai Namah.जो सभी दिव्य कार्यों और साधनाओं को पूर्ण करने में समर्थ हैं।
1076कल्पवासिनीॐ कल्पवासिन्यै नमः।Om Kalpavasinyai Namah.जो कल्पों तक दिव्य धाम में निवास करने वाली हैं।
1077कल्परूपिणीॐ कल्परूपिण्यै नमः।Om Kalparupinyai Namah.जो कल्प और दिव्य सृष्टि की स्वरूपिणी हैं।
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