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हरि ॐ तत्सत्
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Sahasranamavali of Goddess Tulasi

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1तुलस्यैॐ तुलस्यै नमः।Om Tulasyai Namah.जो स्वयं पवित्र तुलसी देवी हैं। 2श्रीप्रदायैॐ श्रीप्रदायै नमः।Om Shripradayai Namah.जो श्री और समृद्धि प्रदान करती हैं। 3भद्रायैॐ भद्रायै नमः।Om Bhadrayai Namah.जो मंगल और कल्याण की स्वरूपा हैं। 4श्रीविष्णुप्रियकारिण्यैॐ श्रीविष्णुप्रियकारिण्यै नमः।Om Shrivishnupriyakarinyai Namah.जो भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। 5क्षीरवारिधिसम्भूतायैॐ क्षीरवारिधिसम्भूतायै नमः।Om Kshiravaridhisambhutayai Namah.जो क्षीरसागर से प्रकट हुई दिव्य शक्ति हैं। 6भूतानामभयङ्कर्यैॐ भूतानामभयङ्कर्यै नमः।Om Bhutanamabhayankaryai Namah.जो...
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1तुलस्यैॐ तुलस्यै नमः।Om Tulasyai Namah.जो स्वयं पवित्र तुलसी देवी हैं।
2श्रीप्रदायैॐ श्रीप्रदायै नमः।Om Shripradayai Namah.जो श्री और समृद्धि प्रदान करती हैं।
3भद्रायैॐ भद्रायै नमः।Om Bhadrayai Namah.जो मंगल और कल्याण की स्वरूपा हैं।
4श्रीविष्णुप्रियकारिण्यैॐ श्रीविष्णुप्रियकारिण्यै नमः।Om Shrivishnupriyakarinyai Namah.जो भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं।
5क्षीरवारिधिसम्भूतायैॐ क्षीरवारिधिसम्भूतायै नमः।Om Kshiravaridhisambhutayai Namah.जो क्षीरसागर से प्रकट हुई दिव्य शक्ति हैं।
6भूतानामभयङ्कर्यैॐ भूतानामभयङ्कर्यै नमः।Om Bhutanamabhayankaryai Namah.जो सभी प्राणियों को भय से मुक्त करती हैं।
7महेश्वराप्लवायैॐ महेश्वराप्लवायै नमः।Om Maheshvaraplavayai Namah.जो महेश्वर की दिव्य शक्ति और आश्रयस्वरूपा हैं।
8सिद्धयेॐ सिद्धये नमः।Om Siddhaye Namah.जो सिद्धि और पूर्णता की स्वरूपा हैं।
9सिद्धिदायैॐ सिद्धिदायै नमः।Om Siddhidayai Namah.जो भक्तों को सिद्धियाँ प्रदान करती हैं।
10सिद्धपूजितायैॐ सिद्धपूजितायै नमः।Om Siddhapujitayai Namah.जिनकी सिद्ध पुरुषों द्वारा पूजा की जाती है।
11सिद्धान्तगम्यायैॐ सिद्धान्तगम्यायै नमः।Om Siddhantagamyayai Namah.जो गहन आध्यात्मिक सिद्धांतों से जानी जाती हैं।
12सिद्धेशप्रियायैॐ सिद्धेशप्रियायै नमः।Om Siddheshapriyayai Namah.जो सिद्धेश्वर को प्रिय हैं।
13सिद्धजनार्थदायैॐ सिद्धजनार्थदायै नमः।Om Siddhajanarthadayai Namah.जो सिद्धजनों के मनोरथ पूर्ण करती हैं।
14नारदानुग्रहायैॐ नारदानुग्रहायै नमः।Om Naradanugrahayai Namah.जिनकी कृपा देवर्षि नारद पर हुई है।
15देव्यैॐ देव्यै नमः।Om Devyai Namah.जो स्वयं दिव्य देवी हैं।
16भक्ताभद्रप्रणाशिन्यैॐ भक्ताभद्रप्रणाशिन्यै नमः।Om Bhaktabhadrapranashinyai Namah.जो भक्तों के सभी अमंगल और कष्ट दूर करती हैं।
17श्यामजायैॐ श्यामजायै नमः।Om Shyamajayai Namah.जो श्यामसुंदर की प्रिय शक्ति हैं।
18चपलायैॐ चपलायै नमः।Om Chapalayai Namah.जो चंचल और गतिशील दिव्य शक्ति हैं।
19श्यामायैॐ श्यामायै नमः।Om Shyamayai Namah.जो श्याम वर्ण और सुंदर स्वरूप वाली हैं।
20श्यामाङ्ग्यैॐ श्यामाङ्ग्यै नमः।Om Shyamangyai Namah.जिनके अंग श्याम वर्ण से सुशोभित हैं।
21सर्वसुन्दर्यैॐ सर्वसुन्दर्यै नमः।Om Sarvasundaryai Namah.जो सभी प्रकार के सौंदर्य की स्वरूपा हैं।
22कामदायैॐ कामदायै नमः।Om Kamadayai Namah.जो भक्तों की शुभ इच्छाएँ पूर्ण करती हैं।
23चामुण्ड्यैॐ चामुण्ड्यै नमः।Om Chamundayai Namah.जो चामुण्डा देवी के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
24त्रैलोक्यविजयप्रदायैॐ त्रैलोक्यविजयप्रदायै नमः।Om Trailokyavijayapradayai Namah.जो तीनों लोकों पर विजय प्रदान करती हैं।
25कृष्णरोमायैॐ कृष्णरोमायै नमः।Om Krishnaromayai Namah.जिनके रोम श्याम और दिव्य आभा से युक्त हैं।
26कृष्णवेण्यैॐ कृष्णवेण्यै नमः।Om Krishnavenyai Namah.जो श्रीकृष्ण से सम्बद्ध वेणी और सुंदर केशों वाली हैं।
27वृन्दावनविलासिन्यैॐ वृन्दावनविलासिन्यै नमः।Om Vrindavanavilasinyai Namah.जो वृन्दावन में दिव्य लीला करती हैं।
28हृद्ध्येयायैॐ हृद्ध्येयायै नमः।Om Hrid-dhyeyayai Namah.जो भक्तों के हृदय में ध्यान करने योग्य हैं।
29पञ्चमहिष्यैॐ पञ्चमहिष्यै नमः।Om Panchamahishyai Namah.जो पाँच महान शक्तियों में प्रतिष्ठित हैं।
30ईश्वर्यैॐ ईश्वर्यै नमः।Om Ishvaryai Namah.जो परम ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री हैं।
31सरस्वत्यैॐ सरस्वत्यै नमः।Om Sarasvatyai Namah.जो ज्ञान और विद्या की देवी के समान पूजनीय हैं।
32करालविक्रमायैॐ करालविक्रमायै नमः।Om Karalavikramayai Namah.जिनका पराक्रम अत्यंत प्रचण्ड और प्रभावशाली है।
33कामायैॐ कामायै नमः।Om Kamayai Namah.जो दिव्य प्रेम और शुभ कामना की स्वरूपा हैं।
34गौर्यैॐ गौर्यै नमः।Om Gauryai Namah.जो गौर वर्ण और पवित्रता से युक्त हैं।
35काल्यैॐ काल्यै नमः।Om Kalyai Namah.जो काल की शक्ति और परिवर्तन की अधिष्ठात्री हैं।
36शाम्भव्यैॐ शाम्भव्यै नमः।Om Shambhavyai Namah.जो भगवान शम्भु की दिव्य शक्ति से सम्बद्ध हैं।
37नित्यायैॐ नित्यायै नमः।Om Nityayai Namah.जो शाश्वत और सनातन हैं।
38निगमवेद्यायैॐ निगमवेद्यायै नमः।Om Nigamavedyayai Namah.जिनका ज्ञान वेदों द्वारा प्राप्त किया जाता है।
39निखिलागमरूपिण्यैॐ निखिलागमरूपिण्यै नमः।Om Nikhilagamarupinyai Namah.जो समस्त आगम और शास्त्रों की स्वरूपिणी हैं।
40निरञ्जनायैॐ निरञ्जनायै नमः।Om Niranjanayai Namah.जो सभी दोषों और मलिनताओं से रहित हैं।
41नित्यसुखायैॐ नित्यसुखायै नमः।Om Nityasukhyai Namah.जो शाश्वत आनंद की स्वरूपा हैं।
42चन्द्रवक्त्रायैॐ चन्द्रवक्त्रायै नमः।Om Chandravaktrayai Namah.जिनका मुख चन्द्रमा के समान सुंदर है।
43मत्यैॐ मत्यै नमः।Om Matyai Namah.जो बुद्धि और विवेक की शक्ति हैं।
44मह्यैॐ मह्यै नमः।Om Mahyai Namah.जो पृथ्वी और महानता की स्वरूपा हैं।
45चन्द्रहासायैॐ चन्द्रहासायै नमः।Om Chandrahasayai Namah.जिनकी मुस्कान चन्द्रमा के समान मनोहर है।
46चन्द्रलिप्तायैॐ चन्द्रलिप्तायै नमः।Om Chandraliptayai Namah.जो चन्द्रमा जैसी शीतल आभा से सुशोभित हैं।
47चन्दनाक्तस्तनद्वयायैॐ चन्दनाक्तस्तनद्वयायै नमः।Om Chandanaktastanadvayayai Namah.जिनका वक्षस्थल चन्दन की सुगंध से सुशोभित है।
48वैष्णव्यैॐ वैष्णव्यै नमः।Om Vaishnavyai Namah.जो भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति हैं।
49विष्णुवनितायैॐ विष्णुवनितायै नमः।Om Vishnuvanitaayai Namah.जो भगवान विष्णु की प्रिय दिव्य संगिनी हैं।
50विष्ण्वाराधनलालसायैॐ विष्ण्वाराधनलालसायै नमः।Om Vishnvaradhanalalasayai Namah.जो भगवान विष्णु की आराधना में सदैव अनुरक्त हैं।
51उमायैॐ उमायै नमः।Om Umayai Namah.जो देवी उमा के समान पूजनीय हैं।
52चण्ड्यैॐ चण्ड्यै नमः।Om Chandyai Namah.जो दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली उग्र देवी हैं।
53ब्रह्मविद्यायैॐ ब्रह्मविद्यायै नमः।Om Brahmavidyayai Namah.जो परम ब्रह्म के ज्ञान की स्वरूपा हैं।
54मारमात्रेॐ मारमात्रे नमः।Om Maramatre Namah.जो दिव्य प्रेम और कामशक्ति की मूल माता हैं।
55वरद्युतयेॐ वरद्युतये नमः।Om Varadyutaye Namah.जिनकी आभा वरदान देने वाली दिव्य ज्योति के समान है।
56द्वादशीपूजितायैॐ द्वादशीपूजितायै नमः।Om Dvadashipujitayai Namah.जिनकी द्वादशी तिथि पर विशेष पूजा की जाती है।
57रम्यायैॐ रम्यायै नमः।Om Ramyayai Namah.जो अत्यंत सुंदर और मनोहर हैं।
58द्वादशीसुप्रियायैॐ द्वादशीसुप्रियायै नमः।Om Dvadashisupriyayai Namah.जिन्हें द्वादशी तिथि अत्यंत प्रिय है।
59रत्यैॐ रत्यै नमः।Om Ratyai Namah.जो दिव्य प्रेम और आनंद की स्वरूपा हैं।
60धृत्यैॐ धृत्यै नमः।Om Dhrityai Namah.जो धैर्य और स्थिरता प्रदान करती हैं।
61कृत्यैॐ कृत्यै नमः।Om Krityai Namah.जो शुभ कर्म और कर्तव्य की शक्ति हैं।
62नत्यैॐ नत्यै नमः।Om Natyai Namah.जो नम्रता और भक्तिपूर्ण नमन की स्वरूपा हैं।
63शान्त्यैॐ शान्त्यै नमः।Om Shantyai Namah.जो शांति की साक्षात स्वरूपा हैं।
64शान्तिदायैॐ शान्तिदायै नमः।Om Shantidayai Namah.जो भक्तों को शांति प्रदान करती हैं।
65त्रिफलायैॐ त्रिफलायै नमः।Om Triphalayai Namah.जो तीन प्रकार के शुभ फल प्रदान करने वाली हैं।
66शुचयेॐ शुचये नमः।Om Shuchaye Namah.जो अत्यंत पवित्र और निर्मल हैं।
67शुभानुरागायैॐ शुभानुरागायै नमः।Om Shubhanuragayai Namah.जो शुभ और पवित्र प्रेम से युक्त हैं।
68हरिद्वर्णायैॐ हरिद्वर्णायै नमः।Om Haridvarnayai Namah.जिनका वर्ण हरित अर्थात हरे रंग के समान है।
69शुभावहायैॐ शुभावहायै नमः।Om Shubhavahayai Namah.जो शुभता और मंगल लेकर आती हैं।
70शुभायैॐ शुभायै नमः।Om Shubhayai Namah.जो स्वयं मंगल और शुभता की स्वरूपा हैं।
71शुभाननायैॐ शुभाननायै नमः।Om Shubhananayai Namah.जिनका मुख अत्यंत शुभ और मनोहर है।
72सुभ्रुवेॐ सुभ्रुवे नमः।Om Subhruve Namah.जिनकी भौंहें सुंदर और मनोहर हैं।
73भूर्भुवःस्वःस्थवन्दितायैॐ भूर्भुवःस्वःस्थवन्दितायै नमः।Om Bhurbhuvahsvahsthavanditayai Namah.जिनकी तीनों लोकों के निवासी पूजा करते हैं।
74पञ्जिकायैॐ पञ्जिकायै नमः।Om Panjikayai Namah.जो पवित्र गणना और व्यवस्था की शक्ति हैं।
75काशिकायैॐ काशिकायै नमः।Om Kashikayai Namah.जो प्रकाशमान और पवित्र काशी के समान दिव्य हैं।
76पङ्क्त्यैॐ पङ्क्त्यै नमः।Om Panktyai Namah.जो पवित्र क्रम और व्यवस्था की स्वरूपा हैं।
77मुक्त्यैॐ मुक्त्यै नमः।Om Muktyai Namah.जो स्वयं मुक्ति की स्वरूपा हैं।
78मुक्तिप्रदायैॐ मुक्तिप्रदायै नमः।Om Muktipradayai Namah.जो भक्तों को मोक्ष प्रदान करती हैं।
79वरायैॐ वरायै नमः।Om Varayai Namah.जो श्रेष्ठ और वरदान देने वाली हैं।
80दिव्यशाखायैॐ दिव्यशाखायै नमः।Om Divyashakhayai Namah.जिनकी शाखाएँ दिव्य और पवित्र हैं।
81भव्यरूपायैॐ भव्यरूपायै नमः।Om Bhavyarupayai Namah.जिनका स्वरूप दिव्य, सुंदर और मंगलमय है।
82मीमांसायैॐ मीमांसायै नमः।Om Mimamsayai Namah.जो शास्त्रों के गहन विचार और विवेचन की शक्ति हैं।
83भव्यरूपिण्यैॐ भव्यरूपिण्यै नमः।Om Bhavyarupinyai Namah.जो अत्यंत दिव्य और शुभ स्वरूप वाली हैं।
84दिव्यवेण्यैॐ दिव्यवेण्यै नमः।Om Divyavenyai Namah.जिनकी दिव्य वेणी और केश मनोहर हैं।
85हरिद्रूपायैॐ हरिद्रूपायै नमः।Om Haridrupayai Namah.जो हरित और पवित्र दिव्य रूप धारण करती हैं।
86सृष्टिदात्र्यैॐ सृष्टिदात्र्यै नमः।Om Srishtidatryai Namah.जो सृष्टि की शक्ति और जीवन प्रदान करती हैं।
87स्थितिप्रदायैॐ स्थितिप्रदायै नमः।Om Sthitipradayai Namah.जो संसार की स्थिति और संरक्षण प्रदान करती हैं।
88काल्यैॐ काल्यै नमः।Om Kalyai Namah.जो काल की दिव्य शक्ति हैं।
89करालनेपथ्यायैॐ करालनेपथ्यायै नमः।Om Karalanepathyayai Namah.जो प्रचण्ड और प्रभावशाली दिव्य रूप से सुशोभित हैं।
90ब्रह्मरूपायैॐ ब्रह्मरूपायै नमः।Om Brahmarupayai Namah.जो परम ब्रह्म की स्वरूपा हैं।
91शिवात्मिकायैॐ शिवात्मिकायै नमः।Om Shivaatmikayai Namah.जिनमें भगवान शिव का दिव्य तत्त्व स्थित है।
92पर्वमानायैॐ पर्वमानायै नमः।Om Parvamanayai Namah.जो पवित्र पर्वों और शुभ अवसरों में पूजनीय हैं।
93पूर्णतारायैॐ पूर्णतारायै नमः।Om Purnatarayai Namah.जो पूर्णता और तारक शक्ति की स्वरूपा हैं।
94राकायैॐ राकायै नमः।Om Rakayai Namah.जो पूर्णिमा की दिव्य शक्ति के रूप में पूजित हैं।
95राकास्ववर्णभासेॐ राकास्ववर्णभासे नमः।Om Rakasvavarnabhase Namah.जिनकी आभा पूर्णिमा के चन्द्रमा के समान प्रकाशित है।
96सुवर्णवेद्यैॐ सुवर्णवेद्यै नमः।Om Suvarnavedyai Namah.जो स्वर्ण के समान मूल्यवान और पूजनीय हैं।
97सौवर्णरत्नपीठसमाश्रितायैॐ सौवर्णरत्नपीठसमाश्रितायै नमः।Om Sauvarnaratnapithasamashritayai Namah.जो स्वर्ण और रत्नों से बने दिव्य आसन पर विराजमान हैं।
98विशालायैॐ विशालायै नमः।Om Vishalayai Namah.जो विशाल हृदय और व्यापक स्वरूप वाली हैं।
99निष्कलायैॐ निष्कलायै नमः।Om Nishkalayai Namah.जो सभी भेदों और कलाओं से परे परम स्वरूप हैं।
100वृष्ट्यैॐ वृष्ट्यै नमः।Om Vrishtyai Namah.जो वर्षा और जीवनदायी जल की शक्ति हैं।
101वृक्षवेद्यायैॐ वृक्षवेद्यायै नमः।Om Vrikshavedyayai Namah.जो वृक्षों के माध्यम से जानी और पूजनीय हैं।
102पदात्मिकायैॐ पदात्मिकायै नमः।Om Padatmikayai Namah.जो पवित्र पद और दिव्य तत्त्व की स्वरूपा हैं।
103विष्णुपादाश्रितायैॐ विष्णुपादाश्रितायै नमः।Om Vishnupadashritayai Namah.जो भगवान विष्णु के चरणों का आश्रय लेने वाली हैं।
104वेद्यैॐ वेद्यै नमः।Om Vedyai Namah.जो जानने और समझने योग्य दिव्य स्वरूप वाली हैं।
105विधिसूतायैॐ विधिसूतायै नमः।Om Vidhisutayai Namah.जो विधि और सृष्टि के दिव्य विधान से सम्बद्ध हैं।
106महालिकायैॐ महालिकायै नमः।Om Mahalikayai Namah.जो महान और दिव्य स्वरूप वाली देवी हैं।
107सूतिकायैॐ सूतिकायै नमः।Om Sutikayai Namah.जो उत्पत्ति और जन्म की पवित्र शक्ति हैं।
108सुहितायैॐ सुहितायै नमः।Om Suhitayai Namah.जो सभी के हित और कल्याण में स्थित हैं।
109सूरिगम्यायैॐ सूरिगम्यायै नमः।Om Surigamyayai Namah.जिन्हें विद्वान और ज्ञानी पुरुष प्राप्त कर सकते हैं।
110सूर्यप्रकाशिकायैॐ सूर्यप्रकाशिकायै नमः।Om Suryaprakashikayai Namah.जो सूर्य के समान प्रकाश प्रदान करती हैं।
111काशिन्यैॐ काशिन्यै नमः।Om Kashinyai Namah.जो प्रकाशमान और तेजस्विनी हैं।
112काशितनयायैॐ काशितनयायै नमः।Om Kashitanayayai Namah.जो प्रकाशमान दिव्य वंश की पुत्री के रूप में पूजनीय हैं।
113काशिराजवरप्रदायैॐ काशिराजवरप्रदायै नमः।Om Kashirajavarapradayai Namah.जो काशीराज को श्रेष्ठ वरदान प्रदान करने वाली हैं।
114क्षीराब्धिपूजाविरतायैॐ क्षीराब्धिपूजाविरतायै नमः।Om Kshirabdhipujaviratayai Namah.जो क्षीरसागर से जुड़ी पवित्र पूजा में स्थित हैं।
115आद्यायैॐ आद्यायै नमः।Om Adyayai Namah.जो आदि और मूल शक्ति हैं।
116क्षीरप्रियायैॐ क्षीरप्रियायै नमः।Om Kshirapriyayai Namah.जिन्हें क्षीर अर्थात दूध अत्यंत प्रिय है।
117अमृतायैॐ अमृतायै नमः।Om Amritayai Namah.जो अमृत के समान अमरत्व और पवित्रता की स्वरूपा हैं।
118क्षीरकण्ठ्यैॐ क्षीरकण्ठ्यै नमः।Om Kshirakanthyai Namah.जिनका कण्ठ क्षीर के समान श्वेत और पवित्र है।
119सहस्राक्ष्यैॐ सहस्राक्ष्यै नमः।Om Sahasrakshyai Namah.जो सहस्र नेत्रों वाली सर्वदर्शिनी शक्ति हैं।
120शोणायैॐ शोणायै नमः।Om Shonayai Namah.जो लालिमा और दिव्य तेज से युक्त हैं।
121भुजगपादुकायैॐ भुजगपादुकायै नमः।Om Bhujagapadukayai Namah.जो सर्परूप शक्ति से सम्बद्ध पवित्र पादुका धारण करने वाली हैं।
122उषसेॐ उषसे नमः।Om Ushase Namah.जो उषा के समान नवीन प्रकाश की स्वरूपा हैं।
123बुद्धायैॐ बुद्धायै नमः।Om Buddhayai Namah.जो बुद्धि और ज्ञान की स्वरूपा हैं।
124त्रियामायैॐ त्रियामायै नमः।Om Triyamayai Namah.जो रात्रि के तीन प्रहरों की दिव्य शक्ति हैं।
125श्यामलायैॐ श्यामलायै नमः।Om Shyamalayai Namah.जो श्यामल और मनोहर स्वरूप वाली हैं।
126श्रीप्रदायैॐ श्रीप्रदायै नमः।Om Shripradayai Namah.जो श्री, सौभाग्य और समृद्धि प्रदान करती हैं।
127तनवेॐ तनवे नमः।Om Tanave Namah.जो कोमल और सुंदर दिव्य देह वाली हैं।
128सरस्वतीड्यायैॐ सरस्वतीड्यायै नमः।Om Sarasvatidyayai Namah.जिनकी सरस्वती देवी द्वारा स्तुति की जाती है।
129शर्वाण्यैॐ शर्वाण्यै नमः।Om Sharvanyai Namah.जो भगवान शर्व की दिव्य शक्ति के रूप में पूजनीय हैं।
130शर्वाणीशप्रियङ्कर्यैॐ शर्वाणीशप्रियङ्कर्यै नमः।Om Sharvanishapriyankaryai Namah.जो शर्वाणीश अर्थात भगवान शिव को प्रिय और प्रसन्न करने वाली हैं।
131आद्यलक्ष्म्यैॐ आद्यलक्ष्म्यै नमः।Om Adyalakshmyai Namah.जो आदि लक्ष्मी की दिव्य स्वरूपा हैं।
132अन्त्यलक्ष्म्यैॐ अन्त्यलक्ष्म्यै नमः।Om Antyalakshmyai Namah.जो लक्ष्मी के अंतिम और पूर्ण स्वरूप का प्रतिनिधित्व करती हैं।
133सुगुणायैॐ सुगुणायै नमः।Om Sugunayai Namah.जो सभी शुभ गुणों से संपन्न हैं।
134निर्गुणायैॐ निर्गुणायै नमः।Om Nirgunayai Namah.जो प्रकृति के गुणों से परे परम स्वरूप हैं।
135सत्यैॐ सत्यै नमः।Om Satyai Namah.जो सत्य की साक्षात स्वरूपा हैं।
136निर्वाणमार्गदायैॐ निर्वाणमार्गदायै नमः।Om Nirvanamargadayai Namah.जो मोक्ष और निर्वाण का मार्ग प्रदान करती हैं।
137देव्यैॐ देव्यै नमः।Om Devyai Namah.जो स्वयं दिव्य देवी हैं।
138क्षीरिण्यैॐ क्षीरिण्यै नमः।Om Kshirinyai Namah.जो क्षीर अर्थात दूध की पवित्रता से सम्बद्ध हैं।
139हसिन्यैॐ हसिन्यै नमः।Om Hasinyai Namah.जो सुंदर मुस्कान से सुशोभित हैं।
140क्षमायैॐ क्षमायै नमः।Om Kshamayai Namah.जो क्षमा और सहनशीलता की स्वरूपा हैं।
141क्षमावत्यैॐ क्षमावत्यै नमः।Om Kshamavatyai Namah.जो अत्यंत क्षमाशील और करुणामयी हैं।
142क्षमानाथायैॐ क्षमानाथायै नमः।Om Kshamanathayai Namah.जो क्षमा की अधिष्ठात्री और स्वामिनी हैं।
143निर्विद्यायैॐ निर्विद्यायै नमः।Om Nirvidyayai Namah.जो सांसारिक आसक्ति और अज्ञान से परे हैं।
144नीरजायैॐ नीरजायै नमः।Om Nirajayai Namah.जो कमल के समान निर्मल और पवित्र हैं।
145विद्यकायैॐ विद्यकायै नमः।Om Vidyakayai Namah.जो विद्या और ज्ञान से युक्त दिव्य स्वरूप वाली हैं।
146क्षित्यैॐ क्षित्यै नमः।Om Kshityai Namah.जो पृथ्वी और स्थिरता की शक्ति हैं।
147ब्रह्माण्यैॐ ब्रह्माण्यै नमः।Om Brahmanyai Namah.जो ब्रह्म की दिव्य शक्ति और स्वरूपा हैं।
148रात्रिरूपायैॐ रात्रिरूपायै नमः।Om Ratrirupayai Namah.जो रात्रि के दिव्य और रहस्यमय स्वरूप में स्थित हैं।
149शाखायैॐ शाखायै नमः।Om Shakhayai Namah.जो वृक्ष की शाखाओं के रूप में विस्तार करने वाली हैं।
150बालात्मिकायैॐ बालात्मिकायै नमः।Om Balatmikayai Namah.जो बालरूप की सरलता और पवित्रता वाली हैं।
151बलायैॐ बलायै नमः।Om Balayai Namah.जो शक्ति और सामर्थ्य की स्वरूपा हैं।
152भारत्‍यैॐ भारत्यै नमः।Om Bharatyai Namah.जो वाणी, विद्या और ज्ञान की दिव्य शक्ति हैं।
153विशिखायैॐ विशिखायै नमः।Om Vishikhayai Namah.जो तीक्ष्ण और प्रभावशाली दिव्य शक्ति हैं।
154पद्मायैॐ पद्मायै नमः।Om Padmayai Namah.जो कमल के समान पवित्र और सुंदर हैं।
155गरिम्णेॐ गरिम्णे नमः।Om Garimne Namah.जो गरिमा, महानता और गौरव की स्वरूपा हैं।
156हंसगामिन्यैॐ हंसगामिन्यै नमः।Om Hamsagaminyai Namah.जो हंस के समान सुंदर और शांत गति वाली हैं।
157गौर्यैॐ गौर्यै नमः।Om Gauryai Namah.जो गौर वर्ण और पवित्रता की स्वरूपा हैं।
158भूत्यैॐ भूत्यै नमः।Om Bhutyai Namah.जो समृद्धि, ऐश्वर्य और कल्याण प्रदान करती हैं।
159विरक्तायैॐ विरक्तायै नमः।Om Viraktayai Namah.जो सांसारिक आसक्ति से रहित हैं।
160भूधात्र्यैॐ भूधात्र्यै नमः।Om Bhudhatryai Namah.जो पृथ्वी को धारण और पोषण करने वाली शक्ति हैं।
161भूतिदायैॐ भूतिदायै नमः।Om Bhutidayai Namah.जो समृद्धि, कल्याण और शुभ फल प्रदान करती हैं।
162भृत्यैॐ भृत्यै नमः।Om Bhrityai Namah.जो पालन-पोषण करने वाली और सेवनीय हैं।
163प्रभञ्जन्यैॐ प्रभञ्जन्यै नमः।Om Prabhanjanyai Namah.जो प्रचण्ड शक्ति से बाधाओं को दूर करने वाली हैं।
164सुपुष्टाङ्ग्यैॐ सुपुष्टाङ्ग्यै नमः।Om Supushtangyai Namah.जिनका दिव्य शरीर पूर्ण और सुंदर अंगों से सुशोभित है।
165माहेन्द्र्यैॐ माहेन्द्र्यै नमः।Om Mahendryai Namah.जो इन्द्र से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
166जालरूपिण्यैॐ जालरूपिण्यै नमः।Om Jalarupinyai Namah.जो जाल के समान व्यापक और सर्वव्यापी स्वरूप वाली हैं।
167पद्मार्चितायैॐ पद्मार्चितायै नमः।Om Padmarchitayai Namah.जिनकी कमल पुष्पों से पूजा की जाती है।
168पद्मजेड्यायैॐ पद्मजेड्यायै नमः।Om Padmajedyayai Namah.जिनकी पद्मज अर्थात ब्रह्मा द्वारा स्तुति की जाती है।
169पथ्यायैॐ पथ्यायै नमः।Om Pathyayai Namah.जो कल्याणकारी और उचित मार्ग प्रदान करने वाली हैं।
170पद्माननायैॐ पद्माननायै नमः।Om Padmananayai Namah.जिनका मुख कमल के समान सुंदर और मनोहर है।
171अद्भुतायैॐ अद्भुतायै नमः।Om Adbhutayai Namah.जो अद्भुत और आश्चर्यमय दिव्य स्वरूप वाली हैं।
172पुण्यायैॐ पुण्यायै नमः।Om Punyayai Namah.जो स्वयं पुण्य और पवित्रता की स्वरूपा हैं।
173पुण्यप्रदायैॐ पुण्यप्रदायै नमः।Om Punyapradayai Namah.जो भक्तों को पुण्य और शुभ फल प्रदान करती हैं।
174वेद्यायैॐ वेद्यायै नमः।Om Vedyayai Namah.जो वेदों द्वारा जानने योग्य परम शक्ति हैं।
175लेख्यायैॐ लेख्यायै नमः।Om Lekhyayai Namah.जो पवित्र और स्मरणीय रूप में लिखे जाने योग्य हैं।
176वृक्षात्मिकायैॐ वृक्षात्मिकायै नमः।Om Vrikshatmikayai Namah.जो वृक्षों में स्थित जीवन और चेतना की स्वरूपा हैं।
177स्थिरायैॐ स्थिरायै नमः।Om Sthirayai Namah.जो स्थिर, अचल और दृढ़ स्वरूप वाली हैं।
178गोमत्यैॐ गोमत्यै नमः।Om Gomatyai Namah.जो गोमाता और पवित्रता से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
179जाह्नव्यैॐ जाह्नव्यै नमः।Om Jahnavyai Namah.जो देवी गंगा के पवित्र स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
180गम्यायैॐ गम्यायै नमः।Om Gamyayai Namah.जो साधना द्वारा प्राप्त करने योग्य परम शक्ति हैं।
181गङ्गायैॐ गङ्गायै नमः।Om Gangayai Namah.जो गंगा के समान पवित्र और पापनाशिनी हैं।
182सप्तशिखात्मिकायैॐ सप्तशिखात्मिकायै नमः।Om Saptashikhatmikayai Namah.जो सात शिखाओं और दिव्य शक्तियों की स्वरूपा हैं।
183लक्षणायैॐ लक्षणायै नमः।Om Lakshanayai Namah.जो शुभ लक्षणों और दिव्य चिह्नों से युक्त हैं।
184सर्ववेदार्थसम्पत्त्यैॐ सर्ववेदार्थसम्पत्त्यै नमः।Om Sarvavedarthasampattyai Namah.जो समस्त वेदों के अर्थ और ज्ञान की संपदा हैं।
185कल्पकायैॐ कल्पकायै नमः।Om Kalpakayai Namah.जो कल्पवृक्ष के समान इच्छाएँ पूर्ण करने वाली हैं।
186अरुणायैॐ अरुणायै नमः।Om Arunayai Namah.जो अरुण अर्थात लालिमा और प्रभा से युक्त हैं।
187कलिकायैॐ कलिकायै नमः।Om Kalikayai Namah.जो कली के समान कोमल और नवीन स्वरूप वाली हैं।
188कुड्मलाग्रायैॐ कुड्मलाग्रायै नमः।Om Kudmalagrayai Namah.जिनके अग्रभाग कली के समान कोमल और सुंदर हैं।
189मायायैॐ मायायै नमः।Om Mayayai Namah.जो दिव्य माया और सृष्टि की शक्ति हैं।
190अनन्तायैॐ अनन्तायै नमः।Om Anantayai Namah.जो अनंत और असीम स्वरूप वाली हैं।
191विराधिकायैॐ विराधिकायै नमः।Om Viradhikayai Namah.जो विशेष रूप से शक्तिशाली और प्रभावशाली हैं।
192अविद्यावासनानाग्यैॐ अविद्यावासनानाग्यै नमः।Om Avidyavasananagyai Namah.जो अज्ञान और सांसारिक वासनाओं को दूर करने वाली हैं।
193नागकन्यायैॐ नागकन्यायै नमः।Om Nagakanyayai Namah.जो नागकन्या के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
194कलाननायैॐ कलाननायै नमः।Om Kalananayai Namah.जिनका मुख कलाओं और सौंदर्य से सुशोभित है।
195बीजालीनायैॐ बीजालीनायै नमः।Om Bijalinayai Namah.जो बीजों और जीवन की मूल शक्ति में स्थित हैं।
196मन्त्रफलायैॐ मन्त्रफलायै नमः।Om Mantraphalayai Namah.जो मंत्रजप का शुभ फल प्रदान करती हैं।
197सर्वलक्षणलक्षितायैॐ सर्वलक्षणलक्षितायै नमः।Om Sarvalakshanalakshitayai Namah.जो सभी शुभ और दिव्य लक्षणों से युक्त हैं।
198वने स्ववृक्षरूपेणरोपितायैॐ वने स्ववृक्षरूपेणरोपितायै नमः।Om Vane Svavriksharupenaropitayai Namah.जो वन में अपने पवित्र वृक्षरूप में स्थापित हैं।
199नाकिवन्दितायैॐ नाकिवन्दितायै नमः।Om Nakivanditayai Namah.जिन्हें देवताओं द्वारा श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया जाता है।
200वनप्रियायैॐ वनप्रियायै नमः।Om Vanapriyayai Namah.जिन्हें वन और प्राकृतिक वातावरण अत्यंत प्रिय है।
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201वनवासप्रियायैॐ वनवासप्रियायै नमः।Om Vanavasapriyayai Namah.जिन्हें वन में निवास करना अत्यंत प्रिय है।
202वनस्थायैॐ वनस्थायै नमः।Om Vanasthayai Namah.जो वन में स्थित और निवास करने वाली हैं।
203वनमालिन्यैॐ वनमालिन्यै नमः।Om Vanamalinyai Namah.जो वन के पुष्पों की माला से सुशोभित हैं।
204वनदुर्गायैॐ वनदुर्गायै नमः।Om Vanadurgayai Namah.जो वन की रक्षा करने वाली दुर्गा स्वरूपा हैं।
205वनदायिन्यैॐ वनदायिन्यै नमः।Om Vanadayinyai Namah.जो वन और प्राकृतिक समृद्धि प्रदान करती हैं।
206वनरूपायैॐ वनरूपायै नमः।Om Vanarupayai Namah.जो स्वयं वन के पवित्र स्वरूप में स्थित हैं।
207वनप्रियतमायैॐ वनप्रियतमायै नमः।Om Vanapriyatamayai Namah.जिन्हें वन अत्यंत प्रिय है और जो वन की प्रियतम देवी हैं।
208वनौषध्यैॐ वनौषध्यै नमः।Om Vanoushadhyai Namah.जो वन की औषधीय और जीवनदायी शक्ति हैं।
209वनदेव्यैॐ वनदेव्यै नमः।Om Vanadevyai Namah.जो वन की अधिष्ठात्री देवी हैं।
210वनशोभायैॐ वनशोभायै नमः।Om Vanashobhayai Namah.जो वन की सुंदरता और शोभा की स्वरूपा हैं।
211वनलक्ष्म्यैॐ वनलक्ष्म्यै नमः।Om Vanalakshmyai Namah.जो वन में समृद्धि और सौंदर्य की लक्ष्मी स्वरूपा हैं।
212वनसंपदायैॐ वनसंपदायै नमः।Om Vanasampadayai Namah.जो वन की प्राकृतिक संपदा की स्वरूपा हैं।
213वनचारिण्यैॐ वनचारिण्यै नमः।Om Vanacharinyai Namah.जो वन में विचरण करने वाली हैं।
214वनविहारिण्यैॐ वनविहारिण्यै नमः।Om Vanaviharinyai Namah.जो वन में दिव्य विहार करती हैं।
215वनरक्षिण्यैॐ वनरक्षिण्यै नमः।Om Vanarakshinyai Namah.जो वन और प्रकृति की रक्षा करने वाली हैं।
216वनवर्धिन्यैॐ वनवर्धिन्यै नमः।Om Vanavardhinyai Namah.जो वनस्पति और प्राकृतिक समृद्धि को बढ़ाने वाली हैं।
217वनमङ्गलायैॐ वनमङ्गलायै नमः।Om Vanamangalayai Namah.जो वन और प्रकृति में मंगल प्रदान करती हैं।
218वनपावन्यैॐ वनपावन्यै नमः।Om Vanapavanyai Namah.जो वन को पवित्र करने वाली शक्ति हैं।
219वनशुद्धिकर्यैॐ वनशुद्धिकर्यै नमः।Om Vanashuddhikaryai Namah.जो वन और उसके वातावरण को पवित्र करती हैं।
220वनजीवनदायिन्यैॐ वनजीवनदायिन्यै नमः।Om Vanajivanadayinyai Namah.जो वन में जीवन और प्राणशक्ति प्रदान करती हैं।
221हरितायैॐ हरितायै नमः।Om Haritayai Namah.जो हरितिमा और जीवन की स्वरूपा हैं।
222हरित्प्रियायैॐ हरित्प्रियायै नमः।Om Haritpriyayai Namah.जिन्हें हरित प्रकृति और वनस्पति अत्यंत प्रिय हैं।
223हरित्पत्रायैॐ हरित्पत्रायै नमः।Om Haritpatrayai Namah.जो हरे पत्तों के समान जीवनदायिनी हैं।
224हरित्पर्णायैॐ हरित्पर्णायै नमः।Om Haritparnayai Namah.जो हरे पत्तों की पवित्र शक्ति से युक्त हैं।
225हरित्प्रभायैॐ हरित्प्रभायै नमः।Om Haritprabhayai Namah.जिनकी आभा हरित और जीवनदायी है।
226हरित्कान्त्यैॐ हरित्कान्त्यै नमः।Om Haritkantyai Namah.जिनकी हरित आभा अत्यंत मनोहर है।
227हरिद्रायैॐ हरिद्रायै नमः।Om Haridrayai Namah.जो हल्दी के समान पवित्र और मंगलमयी हैं।
228हरिद्रवर्णायैॐ हरिद्रवर्णायै नमः।Om Haridravarnayai Namah.जिनका वर्ण हल्दी के समान शुभ है।
229हरिद्राभायैॐ हरिद्राभायै नमः।Om Haridrabhayai Namah.जिनकी आभा हल्दी के समान पवित्र और उज्ज्वल है।
230हरिप्रदायैॐ हरिप्रदायै नमः।Om Haripradayai Namah.जो भगवान हरि की कृपा और प्राप्ति प्रदान करती हैं।
231हरिरूपायैॐ हरिरूपायै नमः।Om Harirupayai Namah.जो भगवान हरि के दिव्य स्वरूप से अभिन्न हैं।
232हरिमूर्त्यैॐ हरिमूर्त्यै नमः।Om Harimurtyai Namah.जो भगवान हरि की मूर्ति और शक्ति स्वरूपा हैं।
233हरिस्वरूपिण्यैॐ हरिस्वरूपिण्यै नमः।Om Harisvarupinyai Namah.जो भगवान हरि की दिव्य स्वरूपिणी शक्ति हैं।
234हरिमायायैॐ हरिमायायै नमः।Om Harimayayai Namah.जो भगवान हरि की दिव्य माया हैं।
235हरिशक्त्यैॐ हरिशक्त्यै नमः।Om Harishaktyai Namah.जो भगवान हरि की परम शक्ति हैं।
236हरिप्राणायैॐ हरिप्राणायै नमः।Om Haripranayai Namah.जो भगवान हरि के प्राणों के समान प्रिय हैं।
237हरिवल्लभायैॐ हरिवल्लभायै नमः।Om Harivallabhayai Namah.जो भगवान हरि की प्रियतम हैं।
238हरिकान्तायैॐ हरिकान्तायै नमः।Om Harikantayai Namah.जो भगवान हरि की प्रिय और सुंदर शक्ति हैं।
239हरिप्रेममय्यैॐ हरिप्रेममय्यै नमः।Om Haripremamayyai Namah.जो भगवान हरि के दिव्य प्रेम से परिपूर्ण हैं।
240हरिभक्तिवर्धिन्यैॐ हरिभक्तिवर्धिन्यै नमः।Om Haribhaktivardhinyai Namah.जो भगवान हरि की भक्ति को बढ़ाती हैं।
241हरिभक्तिप्रदायिन्यैॐ हरिभक्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Haribhaktipradayinyai Namah.जो भक्तों को भगवान हरि की भक्ति प्रदान करती हैं।
242हरिनामस्मृतिप्रदायिन्यैॐ हरिनामस्मृतिप्रदायिन्यै नमः।Om Harinamasmritipradayinyai Namah.जो भगवान हरि के नाम का स्मरण प्रदान करती हैं।
243हरिकीर्तनप्रियायैॐ हरिकीर्तनप्रियायै नमः।Om Harikirtanapriyayai Namah.जिन्हें भगवान हरि का कीर्तन अत्यंत प्रिय है।
244हरिध्यानप्रियायैॐ हरिध्यानप्रियायै नमः।Om Haridhyanapriyayai Namah.जिन्हें भगवान हरि का ध्यान प्रिय है।
245हरिपूजाप्रियायैॐ हरिपूजाप्रियायै नमः।Om Haripujapriyayai Namah.जिन्हें भगवान हरि की पूजा अत्यंत प्रिय है।
246हरिनैवेद्यतोषिण्यैॐ हरिनैवेद्यतोषिण्यै नमः।Om Harinaivedyatoshinyai Namah.जो भगवान हरि को अर्पित नैवेद्य से प्रसन्न होती हैं।
247हरिपुष्पप्रियायैॐ हरिपुष्पप्रियायै नमः।Om Haripushpapriyayai Namah.जिन्हें भगवान हरि की पूजा में अर्पित पुष्प प्रिय हैं।
248हरिपत्रप्रियायैॐ हरिपत्रप्रियायै नमः।Om Haripatrapriyayai Namah.जिन्हें भगवान हरि को अर्पित पवित्र पत्र प्रिय हैं।
249हरितुलस्यर्चितायैॐ हरितुलस्यर्चितायै नमः।Om Haritulasyarchitayai Namah.जो भगवान हरि की तुलसी द्वारा पूजा में विशेष रूप से पूजित हैं।
250हरितुलसीप्रियायैॐ हरितुलसीप्रियायै नमः।Om Haritulasipriyayai Namah.जो भगवान हरि की प्रिय तुलसी स्वरूपा हैं।
251हरितुलसीसेवितायैॐ हरितुलसीसेवितायै नमः।Om Haritulasisevitayai Namah.जो भगवान हरि की तुलसी द्वारा सेवा में स्थित हैं।
252हरितुलसीमालिन्यैॐ हरितुलसीमालिन्यै नमः।Om Haritulasimalinyai Namah.जो हरि की प्रिय तुलसी की माला से सुशोभित हैं।
253हरितुलसीपूजितायैॐ हरितुलसीपूजितायै नमः।Om Haritulasipujitayai Namah.जिनकी तुलसी द्वारा भगवान हरि की पूजा की जाती है।
254हरितुलसीवन्दितायैॐ हरितुलसीवन्दितायै नमः।Om Haritulasivanditayai Namah.जिन्हें हरि की प्रिय तुलसी के रूप में प्रणाम किया जाता है।
255हरितुलसीस्वरूपिण्यैॐ हरितुलसीस्वरूपिण्यै नमः।Om Haritulas svarupinyai Namah.जो भगवान हरि की प्रिय तुलसी की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
256भक्तप्रियायैॐ भक्तप्रियायै नमः।Om Bhaktapriyayai Namah.जो अपने भक्तों को अत्यंत प्रिय हैं।
257भक्तवत्सलायैॐ भक्तवत्सलायै नमः।Om Bhaktavatsalayai Namah.जो भक्तों पर अत्यंत स्नेह और करुणा करती हैं।
258भक्ताभीष्टप्रदायिन्यैॐ भक्ताभीष्टप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktabhishtapradayinyai Namah.जो भक्तों की शुभ इच्छाएँ पूर्ण करती हैं।
259भक्तसौभाग्यदायिन्यैॐ भक्तसौभाग्यदायिन्यै नमः।Om Bhaktasaubhagyadayinyai Namah.जो भक्तों को सौभाग्य प्रदान करती हैं।
260भक्तसम्पत्प्रदायिन्यैॐ भक्तसम्पत्प्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktasampatpradayinyai Namah.जो भक्तों को समृद्धि और संपत्ति प्रदान करती हैं।
261भक्तसन्तोषदायिन्यैॐ भक्तसन्तोषदायिन्यै नमः।Om Bhaktasantoshadayinyai Namah.जो भक्तों के हृदय में संतोष और शांति देती हैं।
262भक्तशोकविनाशिन्यैॐ भक्तशोकविनाशिन्यै नमः।Om Bhaktashokavinashinyai Namah.जो भक्तों के शोक और दुःख का नाश करती हैं।
263भक्तभयनाशिन्यैॐ भक्तभयनाशिन्यै नमः।Om Bhaktabhayanashinyai Namah.जो भक्तों के भय को दूर करती हैं।
264भक्तरोगनिवारिण्यैॐ भक्तरोगनिवारिण्यै नमः।Om Bhaktaroganivarinyai Namah.जो भक्तों के रोग और कष्टों को दूर करती हैं।
265भक्तदैन्यविनाशिन्यैॐ भक्तदैन्यविनाशिन्यै नमः।Om Bhaktadainyavinashinyai Namah.जो भक्तों की दीनता और अभाव को दूर करती हैं।
266भक्तदुःखविमोचिन्यैॐ भक्तदुःखविमोचिन्यै नमः।Om Bhaktaduhkhavimochinyai Namah.जो भक्तों को दुःखों से मुक्त करती हैं।
267भक्तबन्धविमोचिन्यैॐ भक्तबन्धविमोचिन्यै नमः।Om Bhaktabandhavimochinyai Namah.जो भक्तों को सांसारिक बंधनों से मुक्त करती हैं।
268भक्तमोक्षप्रदायिन्यैॐ भक्तमोक्षप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktamokshapradayinyai Namah.जो भक्तों को मोक्ष प्रदान करती हैं।
269भक्तज्ञानप्रदायिन्यैॐ भक्तज्ञानप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktajnanapradayinyai Namah.जो भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करती हैं।
270भक्तबुद्धिप्रदायिन्यैॐ भक्तबुद्धिप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktabuddhipradayinyai Namah.जो भक्तों को सद्बुद्धि और विवेक प्रदान करती हैं।
271भक्तधैर्यप्रदायिन्यैॐ भक्तधैर्यप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktadhairyapradayinyai Namah.जो भक्तों को धैर्य और साहस प्रदान करती हैं।
272भक्तशक्तिप्रदायिन्यैॐ भक्तशक्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktashaktipradayinyai Namah.जो भक्तों को शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करती हैं।
273भक्तकीर्तिप्रदायिन्यैॐ भक्तकीर्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktakirtipradayinyai Namah.जो भक्तों को यश और कीर्ति प्रदान करती हैं।
274भक्तयशःप्रदायिन्यैॐ भक्तयशःप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktayashahpradayinyai Namah.जो भक्तों को शुभ यश और सम्मान प्रदान करती हैं।
275भक्तसिद्धिप्रदायिन्यैॐ भक्तसिद्धिप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktasiddhipradayinyai Namah.जो भक्तों को सिद्धि और सफलता प्रदान करती हैं।
276भक्तविजयप्रदायिन्यैॐ भक्तविजयप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktavijayapradayinyai Namah.जो भक्तों को विजय और सफलता प्रदान करती हैं।
277भक्तसुरक्षाकारिण्यैॐ भक्तसुरक्षाकारिण्यै नमः।Om Bhaktasurakshakarinyai Namah.जो भक्तों की रक्षा और सुरक्षा करती हैं।
278भक्तानुग्रहकारिण्यैॐ भक्तानुग्रहकारिण्यै नमः।Om Bhaktanugrahakarinyai Namah.जो भक्तों पर अपनी कृपा और अनुग्रह बरसाती हैं।
279भक्ताभयप्रदायिन्यैॐ भक्ताभयप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktabhayapradayinyai Namah.जो भक्तों को निर्भयता प्रदान करती हैं।
280भक्तसौख्यप्रदायिन्यैॐ भक्तसौख्यप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktasaukhyapradayinyai Namah.जो भक्तों को सुख और शांति प्रदान करती हैं।
281भक्तकल्याणदायिन्यैॐ भक्तकल्याणदायिन्यै नमः।Om Bhaktakalyanadayinyai Namah.जो भक्तों का कल्याण करने वाली हैं।
282भक्तमङ्गलदायिन्यैॐ भक्तमङ्गलदायिन्यै नमः।Om Bhaktamangaladayinyai Namah.जो भक्तों के जीवन में मंगल और शुभता लाती हैं।
283भक्तशान्तिप्रदायिन्यैॐ भक्तशान्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktashantipradayinyai Namah.जो भक्तों के हृदय में शांति प्रदान करती हैं।
284भक्तप्रेमप्रदायिन्यैॐ भक्तप्रेमप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktapremapradayinyai Namah.जो भक्तों के हृदय में दिव्य प्रेम उत्पन्न करती हैं।
285भक्तिभावप्रदायिन्यैॐ भक्तिभावप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktibhavapradayinyai Namah.जो भक्तों में गहरी भक्ति और श्रद्धा का भाव जगाती हैं।
286भक्तिनिष्ठाप्रदायिन्यैॐ भक्तिनिष्ठाप्रदायिन्यै नमः।Om Bhaktinishthapradayinyai Namah.जो भक्तों को भक्ति में दृढ़ निष्ठा प्रदान करती हैं।
287भक्तिवर्धिन्यैॐ भक्तिवर्धिन्यै नमः।Om Bhaktivardhinyai Namah.जो भक्तों की भक्ति को निरंतर बढ़ाती हैं।
288भक्तिप्रदायैॐ भक्तिप्रदायै नमः।Om Bhaktipradayai Namah.जो शुद्ध भक्ति प्रदान करती हैं।
289भक्तिस्वरूपिण्यैॐ भक्तिस्वरूपिण्यै नमः।Om Bhaktisvarupinyai Namah.जो स्वयं भक्ति की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
290भक्तिमय्यैॐ भक्तिमय्यै नमः।Om Bhaktimayyai Namah.जो पूर्णतः भक्ति से परिपूर्ण हैं।
291भक्तिरूपायैॐ भक्तिरूपायै नमः।Om Bhaktirupayai Namah.जो भक्ति के साक्षात रूप में विराजमान हैं।
292भक्तिसाध्यायैॐ भक्तिसाध्यायै नमः।Om Bhaktisadhyayai Namah.जो भक्ति के माध्यम से प्राप्त की जा सकती हैं।
293भक्तिगम्यायैॐ भक्तिगम्यायै नमः।Om Bhaktigamyayai Namah.जो केवल प्रेम और भक्ति से प्राप्त होती हैं।
294भक्तिवश्यायैॐ भक्तिवश्यायै नमः।Om Bhaktivashyayai Namah.जो सच्ची भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होती हैं।
295भक्तिसुलभायैॐ भक्तिसुलभायै नमः।Om Bhaktisulabhayai Namah.जो सच्चे भक्तों को सहज ही प्राप्त हो जाती हैं।
296भक्तैकगम्यायैॐ भक्तैकगम्यायै नमः।Om Bhaktaikagamyayai Namah.जो केवल भक्ति के द्वारा प्राप्त की जा सकती हैं।
297भक्तैकतोषिण्यैॐ भक्तैकतोषिण्यै नमः।Om Bhaktaikatoshinyai Namah.जो अपने भक्तों की श्रद्धा से ही प्रसन्न हो जाती हैं।
298भक्तैकशरणायैॐ भक्तैकशरणायै नमः।Om Bhaktaikasharanayai Namah.जो भक्तों के लिए परम आश्रय हैं।
299भक्तैकपालिन्यैॐ भक्तैकपालिन्यै नमः।Om Bhaktaikapalinyai Namah.जो अपने भक्तों की एकमात्र रक्षक और पालनकर्ता हैं।
300भक्तैकमातरैॐ भक्तैकमातरै नमः।Om Bhaktaikamatre Namah.जो अपने भक्तों की स्नेहमयी माता हैं।
301भक्तैकबन्धवेॐ भक्तैकबन्धवे नमः।Om Bhaktaikabandhave Namah.जो भक्तों की सच्ची और निकटतम बन्धु हैं।
302भक्तैकहितकारिण्यैॐ भक्तैकहितकारिण्यै नमः।Om Bhaktaikahitakarinyai Namah.जो सदैव भक्तों का हित करने वाली हैं।
303भक्तैकजीवनायैॐ भक्तैकजीवनायै नमः।Om Bhaktaikajivanayai Namah.जो भक्तों के जीवन का आधार और प्राण हैं।
304भक्तैकप्राणदायिन्यैॐ भक्तैकप्राणदायिन्यै नमः।Om Bhaktaikapranadayinyai Namah.जो भक्तों को जीवन और प्राणशक्ति प्रदान करती हैं।
305भक्तैकहृदयस्थायैॐ भक्तैकहृदयस्थायै नमः।Om Bhaktaikahridayasthayai Namah.जो भक्तों के हृदय में निवास करती हैं।
306भक्तैकमनसे नमःॐ भक्तैकमनसे नमः।Om Bhaktaikamanase Namah.जो भक्तों के मन में प्रेमपूर्वक निवास करती हैं।
307भक्तैकध्यानगम्यायैॐ भक्तैकध्यानगम्यायै नमः।Om Bhaktaikadhyanagamyayai Namah.जो भक्तों के ध्यान द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
308भक्तैकपूजितायैॐ भक्तैकपूजितायै नमः।Om Bhaktaikapujitayai Namah.जिनकी भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है।
309भक्तैकवन्दितायैॐ भक्तैकवन्दितायै नमः।Om Bhaktaikavanditayai Namah.जिन्हें भक्त श्रद्धा से प्रणाम करते हैं।
310भक्तैकस्मृतिदायिन्यैॐ भक्तैकस्मृतिदायिन्यै नमः।Om Bhaktaikasmritidayinyai Namah.जो भक्तों को दिव्य स्मरण और चेतना प्रदान करती हैं।
311भक्तैकनामकीर्तनायैॐ भक्तैकनामकीर्तनायै नमः।Om Bhaktaikanamakirtanayai Namah.जिनका नाम भक्तों द्वारा निरंतर कीर्तन किया जाता है।
312भक्तैकजपसन्तुष्टायैॐ भक्तैकजपसन्तुष्टायै नमः।Om Bhaktaikajapasantushtayai Namah.जो भक्तों के जप से प्रसन्न होती हैं।
313भक्तैकपूजासन्तुष्टायैॐ भक्तैकपूजासन्तुष्टायै नमः।Om Bhaktaikapujasantushtayai Namah.जो भक्तों की पूजा से प्रसन्न होती हैं।
314भक्तैकसेवासन्तुष्टायैॐ भक्तैकसेवासन्तुष्टायै नमः।Om Bhaktaikasevasantushtayai Namah.जो भक्तों की सेवा और समर्पण से प्रसन्न होती हैं।
315भक्तैकप्रणतिप्रियायैॐ भक्तैकप्रणतिप्रियायै नमः।Om Bhaktaikapranatipriyayai Namah.जिन्हें भक्तों का श्रद्धापूर्ण प्रणाम अत्यंत प्रिय है।
316भक्तैकस्तोत्रतोषिण्यैॐ भक्तैकस्तोत्रतोषिण्यै नमः।Om Bhaktaikastotratoshinyai Namah.जो भक्तों के स्तोत्र और स्तुति से प्रसन्न होती हैं।
317भक्तैकगीतिप्रियायैॐ भक्तैकगीतिप्रियायै नमः।Om Bhaktaikagitipriyayai Namah.जिन्हें भक्तों द्वारा गाए गए भक्ति गीत प्रिय हैं।
318भक्तैकनृत्यतोषिण्यैॐ भक्तैकनृत्यतोषिण्यै नमः।Om Bhaktaikanrityatoshinyai Namah.जो भक्तों के प्रेमपूर्ण नृत्य से प्रसन्न होती हैं।
319भक्तैकभावतोषिण्यैॐ भक्तैकभावतोषिण्यै नमः।Om Bhaktaikabhavatoshinyai Namah.जो भक्तों की सच्ची भावना से प्रसन्न होती हैं।
320भक्तैकश्रद्धासेवितायैॐ भक्तैकश्रद्धासेवितायै नमः।Om Bhaktaikashraddhasevitayai Namah.जिनकी श्रद्धापूर्वक भक्तों द्वारा सेवा की जाती है।
321भक्तैकविश्वासगम्यायैॐ भक्तैकविश्वासगम्यायै नमः।Om Bhaktaikavishvasagamyayai Namah.जो अटूट विश्वास और श्रद्धा से प्राप्त होती हैं।
322भक्तैकसमर्पितायैॐ भक्तैकसमर्पितायै नमः।Om Bhaktaikasamarpitayai Namah.जो भक्तों के पूर्ण समर्पण से प्रसन्न होती हैं।
323भक्तैकशरणागतवत्सलायैॐ भक्तैकशरणागतवत्सलायै नमः।Om Bhaktaikasharanagatavatsalayai Namah.जो शरणागत भक्तों पर अत्यंत स्नेह करती हैं।
324शरणागतपालिन्यैॐ शरणागतपालिन्यै नमः।Om Sharanagatapalinyai Namah.जो अपनी शरण में आए भक्तों की रक्षा करती हैं।
325शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणायैॐ शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणायै नमः।Om Sharanagatadinarartaparitranaparayanayai Namah.जो शरणागत और दुःखी भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं।
326दीनबन्धवेॐ दीनबन्धवे नमः।Om Dinabandhave Namah.जो दीन और असहाय लोगों की सच्ची बन्धु हैं।
327दीनदयालवेॐ दीनदयालवे नमः।Om Dinadayalave Namah.जो दीनों पर अत्यंत दयालु हैं।
328करुणामय्यैॐ करुणामय्यै नमः।Om Karunamayyai Namah.जो करुणा से पूर्ण और दयामयी हैं।
329दयासागरायैॐ दयासागरायै नमः।Om Dayasagarayai Namah.जो करुणा और दया के अथाह सागर हैं।
330कृपामय्यैॐ कृपामय्यै नमः।Om Kripamayyai Namah.जो दिव्य कृपा से परिपूर्ण हैं।
331कृपादृष्टिप्रदायिन्यैॐ कृपादृष्टिप्रदायिन्यै नमः।Om Kripadrishtipradayinyai Namah.जो भक्तों पर अपनी कृपादृष्टि प्रदान करती हैं।
332कृपापूर्णायैॐ कृपापूर्णायै नमः।Om Kripapurnayai Namah.जो अनंत कृपा से पूर्ण हैं।
333कृपानिधयेॐ कृपानिधये नमः।Om Kripanidhaye Namah.जो कृपा का अक्षय भंडार हैं।
334अनुकम्पायैॐ अनुकम्पायै नमः।Om Anukampayai Namah.जो सभी प्राणियों पर करुणा और सहानुभूति करती हैं।
335दयावत्यैॐ दयावत्यै नमः।Om Dayavatyai Namah.जो दया और करुणा से युक्त हैं।
336करुणाकर्यैॐ करुणाकर्यै नमः।Om Karunakaryai Namah.जो करुणा प्रदान करने वाली हैं।
337क्षमाशीलायैॐ क्षमाशीलायै नमः।Om Kshamashilayai Namah.जो अत्यंत क्षमाशील और सहनशील हैं।
338क्षमाधारायैॐ क्षमाधारायै नमः।Om Kshamadharayai Namah.जो क्षमा की आधार और आश्रय हैं।
339क्षमामूर्त्यैॐ क्षमामूर्त्यै नमः।Om Kshamamurtyai Namah.जो क्षमा की साक्षात मूर्ति हैं।
340क्षमाप्रदायिन्यैॐ क्षमाप्रदायिन्यै नमः।Om Kshamapradayinyai Namah.जो भक्तों को क्षमा और शांति प्रदान करती हैं।
341शान्तिस्वरूपिण्यैॐ शान्तिस्वरूपिण्यै नमः।Om Shantisvarupinyai Namah.जो शांति की साक्षात स्वरूपिणी हैं।
342शान्तिदायिन्यैॐ शान्तिदायिन्यै नमः।Om Shantidayinyai Namah.जो मन और जीवन में शांति प्रदान करती हैं।
343शान्तिप्रियायैॐ शान्तिप्रियायै नमः।Om Shantipriyayai Namah.जिन्हें शांति और सौम्यता अत्यंत प्रिय है।
344शान्तिमत्यैॐ शान्तिमत्यै नमः।Om Shantimatyai Namah.जो स्वयं शांत और स्थिर चित्त वाली हैं।
345शान्तिदायैॐ शान्तिदायै नमः।Om Shantidayai Namah.जो भक्तों को परम शांति प्रदान करती हैं।
346शमदायैॐ शमदायै नमः।Om Shamadayai Namah.जो मन को शांति और संयम प्रदान करती हैं।
347दमदायैॐ दमदायै नमः।Om Damadayai Namah.जो इन्द्रियों के संयम की शक्ति प्रदान करती हैं।
348तितिक्षायैॐ तितिक्षायै नमः।Om Titikshayai Namah.जो सहनशीलता और धैर्य की स्वरूपा हैं।
349उपरतयेॐ उपरत्यै नमः।Om Uparatyai Namah.जो सांसारिक आसक्ति से निवृत्ति प्रदान करती हैं।
350समाधिदायिन्यैॐ समाधिदायिन्यै नमः।Om Samadhidayinyai Namah.जो साधक को ध्यान और समाधि की अवस्था प्रदान करती हैं।
351ध्यानगम्यायैॐ ध्यानगम्यायै नमः।Om Dhyanagamyayai Namah.जो ध्यान के माध्यम से प्राप्त की जाती हैं।
352योगगम्यायैॐ योगगम्यायै नमः।Om Yogagamyayai Namah.जो योग साधना द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
353योगमायायैॐ योगमायायै नमः।Om Yogamayayai Namah.जो भगवान की योगमाया की दिव्य शक्ति हैं।
354योगेश्वर्यैॐ योगेश्वर्यै नमः।Om Yogeshvaryai Namah.जो योग की परम अधीश्वरी हैं।
355योगरूपिण्यैॐ योगरूपिण्यै नमः।Om Yogarupinyai Namah.जो योग और आत्मसंयम की स्वरूपिणी हैं।
356योगसिद्धिप्रदायिन्यैॐ योगसिद्धिप्रदायिन्यै नमः।Om Yogasiddhipradayinyai Namah.जो योग साधना में सिद्धि प्रदान करती हैं।
357योगिन्यैॐ योगिन्यै नमः।Om Yoginyai Namah.जो परम योगिनी और दिव्य साधना की स्वरूपा हैं।
358योगपूजितायैॐ योगपूजितायै नमः।Om Yogapujitayai Namah.जिनकी योगियों द्वारा श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है।
359योगसेव्यायैॐ योगसेव्यायै नमः।Om Yogasevyayai Namah.जिनकी योगियों द्वारा सेवा और साधना की जाती है।
360योगतोषिण्यैॐ योगतोषिण्यै नमः।Om Yogatoshinyai Namah.जो योग साधना और योगियों से प्रसन्न होती हैं।
361ज्ञानदायैॐ ज्ञानदायै नमः।Om Jnanadayai Namah.जो परम ज्ञान प्रदान करती हैं।
362ज्ञानरूपिण्यैॐ ज्ञानरूपिण्यै नमः।Om Jnanarupinyai Namah.जो ज्ञान की साक्षात स्वरूपिणी हैं।
363ज्ञानमय्यैॐ ज्ञानमय्यै नमः।Om Jnanamayyai Namah.जो पूर्णतः ज्ञान से परिपूर्ण हैं।
364ज्ञानगम्यायैॐ ज्ञानगम्यायै नमः।Om Jnanagamyayai Namah.जो आध्यात्मिक ज्ञान द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
365ज्ञानवेद्यायैॐ ज्ञानवेद्यायै नमः।Om Jnanavedyayai Namah.जो ज्ञान के माध्यम से जानी जाती हैं।
366ज्ञानशक्त्यैॐ ज्ञानशक्त्यै नमः।Om Jnanashaktyai Namah.जो ज्ञान और विवेक की दिव्य शक्ति हैं।
367ज्ञानप्रदायिन्यैॐ ज्ञानप्रदायिन्यै नमः।Om Jnanapradayinyai Namah.जो भक्तों को सत्य और आत्मज्ञान प्रदान करती हैं।
368ज्ञानदीपप्रकाशिन्यैॐ ज्ञानदीपप्रकाशिन्यै नमः।Om Jnanadipaprkashinyai Namah.जो अज्ञान के अंधकार को ज्ञान के दीपक से दूर करती हैं।
369ज्ञानानन्दमय्यैॐ ज्ञानानन्दमय्यै नमः।Om Jnan Anandamayyai Namah.जो ज्ञान और आनंद से पूर्ण हैं।
370विज्ञानरूपिण्यैॐ विज्ञानरूपिण्यै नमः।Om Vijnanarupinyai Namah.जो दिव्य विज्ञान और अनुभूत ज्ञान की स्वरूपा हैं।
371विवेकदायिन्यैॐ विवेकदायिन्यै नमः।Om Vivekadayinyai Namah.जो भक्तों को विवेक और सत्य-असत्य का ज्ञान देती हैं।
372बोधदायिन्यैॐ बोधदायिन्यै नमः।Om Bodhadayinyai Namah.जो आत्मबोध और जागृति प्रदान करती हैं।
373बोधस्वरूपिण्यैॐ बोधस्वरूपिण्यै नमः।Om Bodhasvarupinyai Namah.जो दिव्य बोध और चेतना की स्वरूपा हैं।
374चैतन्यमय्यैॐ चैतन्यमय्यै नमः।Om Chaitanyamayyai Namah.जो शुद्ध चेतना से परिपूर्ण हैं।
375चिद्रूपायैॐ चिद्रूपायै नमः।Om Chidrupayai Namah.जो शुद्ध चैतन्य की स्वरूपा हैं।
376चिदानन्दमय्यैॐ चिदानन्दमय्यै नमः।Om Chidanandamayyai Namah.जो चेतना और परम आनंद से पूर्ण हैं।
377सच्चिदानन्दरूपिण्यैॐ सच्चिदानन्दरूपिण्यै नमः।Om Sachchidanandarupinyai Namah.जो सत्, चित् और आनंद की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
378ब्रह्ममय्यैॐ ब्रह्ममय्यै नमः।Om Brahmamayyai Namah.जो परम ब्रह्म से परिपूर्ण हैं।
379ब्रह्मरूपिण्यैॐ ब्रह्मरूपिण्यै नमः।Om Brahmarupinyai Namah.जो परम ब्रह्म की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
380ब्रह्मविद्यायैॐ ब्रह्मविद्यायै नमः।Om Brahmavidyayai Namah.जो ब्रह्मज्ञान की परम विद्या हैं।
381ब्रह्मगम्यायैॐ ब्रह्मगम्यायै नमः।Om Brahmagamyayai Namah.जो ब्रह्मज्ञान द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
382ब्रह्मवेद्यायैॐ ब्रह्मवेद्यायै नमः।Om Brahmavedyayai Namah.जो परम ब्रह्म के रूप में जानी जाती हैं।
383ब्रह्मशक्त्यैॐ ब्रह्मशक्त्यै नमः।Om Brahmashaktyai Namah.जो परम ब्रह्म की दिव्य शक्ति हैं।
384ब्रह्ममात्रेॐ ब्रह्ममात्रे नमः।Om Brahmamatre Namah.जो ब्रह्मस्वरूप जगत की दिव्य माता हैं।
385ब्रह्मपूजितायैॐ ब्रह्मपूजितायै नमः।Om Brahmapujitayai Namah.जिनकी ब्रह्मा द्वारा पूजा की जाती है।
386ब्रह्मवन्दितायैॐ ब्रह्मवन्दितायै नमः।Om Brahmavanditayai Namah.जिन्हें ब्रह्मा भी श्रद्धापूर्वक प्रणाम करते हैं।
387ब्रह्मतेजस्विन्यैॐ ब्रह्मतेजस्विन्यै नमः।Om Brahmatejasvinyai Namah.जो ब्रह्म के समान दिव्य तेज से युक्त हैं।
388ब्रह्मानन्दप्रदायिन्यैॐ ब्रह्मानन्दप्रदायिन्यै नमः।Om Brahmanandapradayinyai Namah.जो भक्तों को ब्रह्मानंद का अनुभव प्रदान करती हैं।
389ब्रह्मलोकप्रदायिन्यैॐ ब्रह्मलोकप्रदायिन्यै नमः।Om Brahmalokapradayinyai Namah.जो साधकों को ब्रह्मलोक की प्राप्ति का फल प्रदान करती हैं।
390ब्रह्ममार्गप्रदर्शिन्यैॐ ब्रह्ममार्गप्रदर्शिन्यै नमः।Om Brahmamargapradarshinyai Namah.जो परम ब्रह्म की ओर जाने वाला मार्ग दिखाती हैं।
391मोक्षदायैॐ मोक्षदायै नमः।Om Mokshadayai Namah.जो मोक्ष प्रदान करने वाली हैं।
392मोक्षरूपिण्यैॐ मोक्षरूपिण्यै नमः।Om Moksharupinyai Namah.जो स्वयं मोक्ष की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
393मोक्षमार्गप्रदायिन्यैॐ मोक्षमार्गप्रदायिन्यै नमः।Om Mokshamargapradayinyai Namah.जो मोक्ष की ओर ले जाने वाला मार्ग प्रदान करती हैं।
394मोक्षगम्यायैॐ मोक्षगम्यायै नमः।Om Mokshagamyayai Namah.जो मोक्ष के परम लक्ष्य के रूप में प्राप्त होती हैं।
395मोक्षप्रदायिन्यैॐ मोक्षप्रदायिन्यै नमः।Om Mokshapradayinyai Namah.जो भक्तों को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त करती हैं।
396निर्वाणदायिन्यैॐ निर्वाणदायिन्यै नमः।Om Nirvanadayinyai Namah.जो निर्वाण और परम शांति प्रदान करती हैं।
397कैवल्यदायिन्यैॐ कैवल्यदायिन्यै नमः।Om Kaivalyadayinyai Namah.जो कैवल्य और परम आत्मस्वरूप की प्राप्ति देती हैं।
398परमगत्यैॐ परमगत्यै नमः।Om Paramagatyai Namah.जो साधक की परम और अंतिम गति हैं।
399परमशान्त्यैॐ परमशान्त्यै नमः।Om Paramashantyai Namah.जो परम शांति और आध्यात्मिक विश्रांति की स्वरूपा हैं।
400परमानन्ददायिन्यैॐ परमानन्ददायिन्यै नमः।Om Paramanandadayinyai Namah.जो भक्तों को परम आनंद और दिव्य सुख प्रदान करती हैं।
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401मारारिभञ्जन्यैॐ मारारिभञ्जन्यै नमः।Om Mararibhanjanyai Namah.जो कामदेव के शत्रु का विनाश करने वाली शक्ति हैं।
402शक्तिरूपिण्यैॐ शक्तिरूपिण्यै नमः।Om Shaktirupinyai Namah.जो परम शक्ति के स्वरूप में स्थित हैं।
403कमनीयतरश्रोण्यैॐ कमनीयतरश्रोण्यै नमः।Om Kamaniyatarashronyai Namah.जिनकी कटि अत्यंत सुंदर और मनोहर है।
404रमणीयस्तन्यैॐ रमणीयस्तन्यै नमः।Om Ramaniyastanyai Namah.जिनका वक्षस्थल अत्यंत रमणीय है।
405कृशायैॐ कृशायै नमः।Om Krishayai Namah.जो कोमल और सुकुमार देह वाली हैं।
406अचिन्त्यरूपायैॐ अचिन्त्यरूपायै नमः।Om Achintyarupayai Namah.जिनका दिव्य रूप चिंतन से परे है।
407विश्वाक्ष्यैॐ विश्वाक्ष्यै नमः।Om Vishvakshyai Namah.जो समस्त विश्व को देखने वाली हैं।
408विशालाक्ष्यैॐ विशालाक्ष्यै नमः।Om Vishalakshyai Namah.जिनके नेत्र विशाल और सुंदर हैं।
409विरूपाक्ष्यैॐ विरूपाक्ष्यै नमः।Om Virupakshyai Namah.जो दिव्य और विलक्षण नेत्रों वाली हैं।
410प्रियङ्कर्यैॐ प्रियङ्कर्यै नमः।Om Priyankaryai Namah.जो प्रिय और मंगलकारी कार्य करने वाली हैं।
411विश्वस्यैॐ विश्वस्यै नमः।Om Vishvasyai Namah.जो समस्त विश्व की स्वरूपा हैं।
412विश्वप्रदायैॐ विश्वप्रदायै नमः।Om Vishvapradayai Namah.जो समस्त विश्व को प्रदान करने वाली शक्ति हैं।
413विश्वभोक्त्र्यैॐ विश्वभोक्त्र्यै नमः।Om Vishvabhoktryai Namah.जो विश्व के समस्त अनुभवों की भोक्त्री हैं।
414विश्वाधिकायैॐ विश्वाधिकायै नमः।Om Vishvadhikayai Namah.जो समस्त विश्व से भी महान और श्रेष्ठ हैं।
415शुचयेॐ शुचये नमः।Om Shuchaye Namah.जो अत्यंत पवित्र और निर्मल हैं।
416करवीरेश्वर्यैॐ करवीरेश्वर्यै नमः।Om Karavireshvaryai Namah.जो करवीर क्षेत्र की अधिष्ठात्री ईश्वरी हैं।
417क्षीरनायक्यैॐ क्षीरनायक्यै नमः।Om Kshiranayakyai Namah.जो क्षीर अर्थात दूध की अधिष्ठात्री नायिका हैं।
418विजयप्रदायैॐ विजयप्रदायै नमः।Om Vijayapradayai Namah.जो विजय प्रदान करने वाली हैं।
419उष्णिगेॐ उष्णिगे नमः।Om Ushnige Namah.जो उष्णिक छन्द की स्वरूपा हैं।
420त्रिष्टुभेॐ त्रिष्टुभे नमः।Om Trishtubhe Namah.जो त्रिष्टुप् छन्द की दिव्य स्वरूपा हैं।
421अनुष्ठुभेॐ अनुष्ठुभे नमः।Om Anushthubhe Namah.जो अनुष्टुप् छन्द की स्वरूपा हैं।
422जगत्यैॐ जगत्यै नमः।Om Jagatyai Namah.जो जगती छन्द और समस्त जगत की स्वरूपा हैं।
423बृहत्यैॐ बृहत्यै नमः।Om Brihatyai Namah.जो महान और विस्तृत स्वरूप वाली हैं।
424क्रियायैॐ क्रियायै नमः।Om Kriyayai Namah.जो समस्त शुभ कर्म और क्रिया की शक्ति हैं।
425क्रियावत्यैॐ क्रियावत्यै नमः।Om Kriyavatyai Namah.जो दिव्य क्रियाशीलता से युक्त हैं।
426वेत्रवत्यैॐ वेत्रवत्यै नमः।Om Vetravatyai Namah.जो वेत्रवती नदी के पवित्र स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
427सुभगायैॐ सुभगायै नमः।Om Subhagayai Namah.जो सौभाग्य और सुंदरता से युक्त हैं।
428धवलाम्बरायैॐ धवलाम्बरायै नमः।Om Dhavalambarayai Namah.जो श्वेत वस्त्र धारण करने वाली हैं।
429शुभ्रद्विजायैॐ शुभ्रद्विजायै नमः।Om Shubhradvijayai Namah.जो उज्ज्वल और पवित्र द्विज स्वरूप वाली हैं।
430भासुराक्ष्यैॐ भासुराक्ष्यै नमः।Om Bhasurakshyai Namah.जिनके नेत्र तेजस्वी और प्रकाशमान हैं।
431दिव्यकंचुकभूषितायैॐ दिव्यकंचुकभूषितायै नमः।Om Divyakamchukabhushitayai Namah.जो दिव्य कंचुक से अलंकृत हैं।
432नूपुराढ्यायैॐ नूपुराढ्यायै नमः।Om Nupuradhyayai Namah.जो नूपुरों से सुशोभित हैं।
433झणझणच्छिञ्जानमणिभूषितायैॐ झणझणच्छिञ्जानमणिभूषितायै नमः।Om Jhanajhanachchhinjanamanibhushitayai Namah.जो झंकार करते रत्नाभूषणों से अलंकृत हैं।
434शचीमध्यायैॐ शचीमध्यायै नमः।Om Shachimadhyayai Namah.जो शची के समान सुंदर मध्यभाग वाली हैं।
435बृहद्बाहुयुगायैॐ बृहद्बाहुयुगायै नमः।Om Brihadbahuyugayai Namah.जिनकी दोनों भुजाएँ विशाल और शक्तिशाली हैं।
436मन्थरगामिन्यैॐ मन्थरगामिन्यै नमः।Om Mantharagaminyai Namah.जो मंद और मनोहर गति से चलने वाली हैं।
437मन्दरोद्धारकरण्यैॐ मन्दरोद्धारकरण्यै नमः।Om Mandaroddharakaranyai Namah.जो मन्दर पर्वत के उद्धार से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
438प्रियकारिविनोदिन्यैॐ प्रियकारिविनोदिन्यै नमः।Om Priyakarivinodinyai Namah.जो प्रिय और आनंददायक कार्यों में रमण करती हैं।
439ब्राह्म्यैॐ ब्राह्म्यै नमः।Om Brahmyai Namah.जो ब्रह्म की दिव्य शक्ति हैं।
440सुधात्र्यैॐ सुधात्र्यै नमः।Om Sudhatryai Namah.जो अमृत और शुभता प्रदान करने वाली हैं।
441ब्रह्माण्यैॐ ब्रह्माण्यै नमः।Om Brahmanyai Namah.जो ब्रह्म की शक्ति और दिव्य स्वरूप वाली हैं।
442अपर्णायैॐ अपर्णायै नमः।Om Aparnayai Namah.जो अपर्णा देवी के समान तपस्विनी स्वरूप वाली हैं।
443वारुण्यैॐ वारुण्यै नमः।Om Varunyai Namah.जो वरुण देव से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
444प्रभा (मा) यैॐ प्रभा (मा) यै नमः।Om Prabha (ma) Yai Namah.जो दिव्य प्रभा और प्रकाश की स्वरूपा हैं।
445सौपर्ण्यैॐ सौपर्ण्यै नमः।Om Sauparnyai Namah.जो सुपर्ण अर्थात गरुड़ से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
446शेषविनुतायैॐ शेषविनुतायै नमः।Om Sheshavinutayai Namah.जिनकी शेषनाग द्वारा स्तुति की जाती है।
447गारुड्यैॐ गारुड्यै नमः।Om Garudyai Namah.जो गरुड़ से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
448गरुडासनायैॐ गरुडासनायै नमः।Om Garudasanayai Namah.जो गरुड़ासन से सम्बद्ध दिव्य स्वरूप वाली हैं।
449धनञ्जयायैॐ धनञ्जयायै नमः।Om Dhananjayayai Namah.जो धन और विजय प्राप्त कराने वाली शक्ति हैं।
450विजयायैॐ विजयायै नमः।Om Vijayayai Namah.जो विजय की स्वरूपा हैं।
451पिङ्गायैॐ पिङ्गायै नमः।Om Pingayai Namah.जो पिंगल वर्ण और तेज से युक्त हैं।
452लीलाविनोदिन्यैॐ लीलाविनोदिन्यै नमः।Om Lilavinodinyai Namah.जो दिव्य लीलाओं में आनंदित होती हैं।
453कौशाम्ब्यैॐ कौशाम्ब्यै नमः।Om Kaushambyai Namah.जो कौशाम्बी से सम्बद्ध पवित्र स्वरूप वाली हैं।
454कान्तिदात्र्यैॐ कान्तिदात्र्यै नमः।Om Kantidatryai Namah.जो दिव्य कांति प्रदान करती हैं।
455कुसुम्भायैॐ कुसुम्भायै नमः।Om Kusumbhayai Namah.जो कुसुम्भ पुष्प के समान शोभायमान हैं।
456लोकपावन्यैॐ लोकपावन्यै नमः।Om Lokapavanyai Namah.जो समस्त लोकों को पवित्र करने वाली हैं।
457पिङ्गाक्ष्यैॐ पिङ्गाक्ष्यै नमः।Om Pingakshyai Namah.जिनके नेत्र पिंगल वर्ण के हैं।
458पिङ्गरूपायैॐ पिङ्गरूपायै नमः।Om Pingarupayai Namah.जो पिंगल वर्ण के दिव्य रूप वाली हैं।
459पिशङ्गवदनायैॐ पिशङ्गवदनायै नमः।Om Pishangavadanayai Namah.जिनका मुख पिशंग वर्ण से युक्त है।
460वसवेॐ वसवे नमः।Om Vasave Namah.जो वसु स्वरूप और दिव्य ऐश्वर्य से युक्त हैं।
461त्र्यक्षायैॐ त्र्यक्षायै नमः।Om Tryakshayai Namah.जो तीन नेत्रों वाली दिव्य शक्ति हैं।
462त्रिशूलायैॐ त्रिशूलायै नमः।Om Trishulayai Namah.जो त्रिशूल की दिव्य शक्ति से सम्बद्ध हैं।
463धरण्यैॐ धरण्यै नमः।Om Dharanyai Namah.जो पृथ्वी को धारण करने वाली शक्ति हैं।
464सिंहारूढायैॐ सिंहारूढायै नमः।Om Simharudhayai Namah.जो सिंह पर आरूढ़ दिव्य स्वरूप वाली हैं।
465मृगेक्षणायैॐ मृगेक्षणायै नमः।Om Mrigekshanayai Namah.जिनके नेत्र मृग के समान सुंदर हैं।
466ईषणात्रयनिर्मुक्तायैॐ ईषणात्रयनिर्मुक्तायै नमः।Om Ishanatrayanirmuktayai Namah.जो तीन प्रकार की सांसारिक इच्छाओं से मुक्त हैं।
467नित्यमुक्तायैॐ नित्यमुक्तायै नमः।Om Nityamuktayai Namah.जो सदा ही बंधनरहित और मुक्त हैं।
468सर्वार्थदायैॐ सर्वार्थदायै नमः।Om Sarvarthadayai Namah.जो सभी शुभ पुरुषार्थ और इच्छित फल प्रदान करती हैं।
469शिववन्द्यायैॐ शिववन्द्यायै नमः।Om Shivavandyayai Namah.जिन्हें भगवान शिव द्वारा भी वंदित किया जाता है।
470शाङ्कर्यैॐ शाङ्कर्यै नमः।Om Shankaryai Namah.जो भगवान शंकर की दिव्य शक्ति हैं।
471हरेः पदसुवाहिकायैॐ हरेः पदसुवाहिकायै नमः।Om Hareh Padasuvahikayai Namah.जो भगवान हरि के चरणों की सेवा और वहन करने वाली हैं।
472हारिण्यैॐ हारिण्यै नमः।Om Harinyai Namah.जो हर लेने वाली और आकर्षक स्वरूप वाली हैं।
473हारकेयूरकनकाङ्गदभूषणायैॐ हारकेयूरकनकाङ्गदभूषणायै नमः।Om Harakeyurakanakangadabhushanayai Namah.जो हार, केयूर और स्वर्ण कंगनों से अलंकृत हैं।
474वाराणस्यैॐ वाराणस्यै नमः।Om Varanasyai Namah.जो वाराणसी के पवित्र स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
475दानशीलायैॐ दानशीलायै नमः।Om Danashilayai Namah.जो दान और उदारता के स्वभाव वाली हैं।
476शोभायैॐ शोभायै नमः।Om Shobhayai Namah.जो सौंदर्य और शोभा की स्वरूपा हैं।
477अशेषकलाश्रयायैॐ अशेषकलाश्रयायै नमः।Om Asheshakalashrayayai Namah.जो समस्त कलाओं का आश्रय हैं।
478वाराह्यैॐ वाराह्यै नमः।Om Varahyai Namah.जो वाराही देवी के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
479श्यामलायैॐ श्यामलायै नमः।Om Shyamalayai Namah.जो श्यामल और मनोहर स्वरूप वाली हैं।
480महासुन्दप्रपूजितायैॐ महासुन्दप्रपूजितायै नमः।Om Mahasundaprapujitayai Namah.जिनकी महान सुन्द द्वारा पूजा की जाती है।
481अणिमावत्यैॐ अणिमावत्यै नमः।Om Animavatyai Namah.जो अणिमा सिद्धि से युक्त हैं।
482त्रयीविद्यायैॐ त्रयीविद्यायै नमः।Om Trayividyayai Namah.जो तीनों वेदों की विद्या की स्वरूपा हैं।
483महिमोपेतलक्षणायैॐ महिमोपेतलक्षणायै नमः।Om Mahimopetalakshanayai Namah.जो महानता के शुभ लक्षणों से युक्त हैं।
484गरिमायुतायैॐ गरिमायुतायै नमः।Om Garimayutayai Namah.जो गरिमा और महानता से युक्त हैं।
485सुभगायैॐ सुभगायै नमः।Om Subhagayai Namah.जो सौभाग्य और सुंदरता से संपन्न हैं।
486लघिमालक्षणैर्युतायैॐ लघिमालक्षणैर्युतायै नमः।Om Laghimalakshanairyutayai Namah.जो लघिमा सिद्धि के लक्षणों से युक्त हैं।
487जिह्मायैॐ जिह्मायै नमः।Om Jihmayai Namah.जो विलक्षण और रहस्यमय स्वरूप वाली हैं।
488जिह्वाग्ररम्यायैॐ जिह्वाग्ररम्यायै नमः।Om Jihvagraramyayai Namah.जो जिह्वा के अग्रभाग पर रमणीय वाणी की स्वरूपा हैं।
489श्रुतिभूषायैॐ श्रुतिभूषायै नमः।Om Shrutibhushayai Namah.जो श्रुति अर्थात वेदों से सुशोभित हैं।
490मनोरमायैॐ मनोरमायै नमः।Om Manoramayai Namah.जो मन को अत्यंत रमणीय और प्रिय लगती हैं।
491रञ्जन्यैॐ रञ्जन्यै नमः।Om Ranjanyai Namah.जो मन को प्रसन्न और आनंदित करने वाली हैं।
492रङ्गनित्यायैॐ रङ्गनित्यायै नमः।Om Ranganityayai Namah.जो नित्य दिव्य रंग और लीला में स्थित हैं।
493चाक्षुष्यैॐ चाक्षुष्यै नमः।Om Chakshushyai Namah.जो नेत्रों और दृष्टि की दिव्य शक्ति हैं।
494श्रुतिकृद्बलायैॐ श्रुतिकृद्बलायै नमः।Om Shrutikridbalayai Namah.जो श्रुति और ज्ञान को बल प्रदान करती हैं।
495रामप्रियायैॐ रामप्रियायै नमः।Om Ramapriyayai Namah.जो भगवान राम को प्रिय हैं।
496श्रोत्रियायैॐ श्रोत्रियायै नमः।Om Shrotriyayai Namah.जो वेदों और श्रुति के ज्ञान से युक्त हैं।
497उपसर्गभृतायैॐ उपसर्गभृतायै नमः।Om Upasargabhritayai Namah.जो उपसर्गों और बाधाओं को धारण तथा नियंत्रित करने वाली हैं।
498भुज्यैॐ भुज्यै नमः।Om Bhujyai Namah.जो भोग और पालन की शक्ति हैं।
499अरुन्धत्यैॐ अरुन्धत्यै नमः।Om Arundhatyai Namah.जो अरुन्धती के समान पतिव्रता और पूजनीय हैं।
500शच्यैॐ शच्यै नमः।Om Shachyai Namah.जो देवी शची के समान तेजस्विनी हैं।
501भामायैॐ भामायै नमः।Om Bhamayai Namah.जो तेज, कांति और सुंदरता की स्वरूपा हैं।
502सर्ववन्द्यायैॐ सर्ववन्द्यायै नमः।Om Sarvavandyayai Namah.जिन्हें सभी प्राणी श्रद्धापूर्वक वंदन करते हैं।
503विलक्षणायैॐ विलक्षणायै नमः।Om Vilakshanayai Namah.जो अद्वितीय और विशेष स्वरूप वाली हैं।
504एकरूपायैॐ एकरूपायै नमः।Om Ekarupayai Namah.जो एक और अद्वितीय परम स्वरूप वाली हैं।
505अनन्तरूपायैॐ अनन्तरूपायै नमः।Om Anantarupayai Namah.जो अनंत रूपों में प्रकट होने वाली हैं।
506त्रयीरूपायैॐ त्रयीरूपायै नमः।Om Trayirupayai Namah.जो त्रयी अर्थात तीनों वेदों के स्वरूप में स्थित हैं।
507समाकृत्यैॐ समाकृत्यै नमः।Om Samakrityai Namah.जो सम और संतुलित दिव्य आकृति वाली हैं।
508समासायैॐ समासायै नमः।Om Samasayai Namah.जो समास और संक्षिप्त ज्ञान की स्वरूपा हैं।
509तद्धिताकारायैॐ तद्धिताकारायै नमः।Om Taddhitakarayai Namah.जो तद्धित शब्दरचना की दिव्य स्वरूपा हैं।
510विभक्त्यैॐ विभक्त्यै नमः।Om Vibhaktyai Namah.जो विभक्ति और व्याकरण की शक्ति हैं।
511व्यञ्जनात्मिकायैॐ व्यञ्जनात्मिकायै नमः।Om Vyanjanatmikayai Namah.जो व्यंजन वर्णों की स्वरूपा हैं।
512स्वराकारायैॐ स्वराकारायै नमः।Om Svarakarayai Namah.जो स्वर वर्णों के दिव्य रूप में स्थित हैं।
513निराकारायैॐ निराकारायै नमः।Om Nirakarayai Namah.जो निराकार परम स्वरूप वाली हैं।
514गम्भीरायैॐ गम्भीरायै नमः।Om Gambhirayai Namah.जो गंभीर और अगाध स्वरूप वाली हैं।
515गहनोपमायैॐ गहनोपमायै नमः।Om Gahanopamayai Namah.जो अत्यंत गहन और अगम्य हैं।
516गुहायैॐ गुहायै नमः।Om Guhayai Namah.जो गुप्त और रहस्यमय दिव्य स्वरूप वाली हैं।
517गुह्यायैॐ गुह्यायै नमः।Om Guhyayai Namah.जो परम गुप्त और रहस्यस्वरूपा हैं।
518ज्योतिर्मय्यैॐ ज्योतिर्मय्यै नमः।Om Jyotirmayyai Namah.जो दिव्य प्रकाश और ज्योति से परिपूर्ण हैं।
519तन्त्र्यैॐ तन्त्र्यै नमः।Om Tantryai Namah.जो तंत्र और दिव्य साधना की शक्ति हैं।
520शक्कर्यैॐ शक्कर्यै नमः।Om Shakkaryai Namah.जो मधुरता और शुभता प्रदान करने वाली हैं।
521बलाबलायैॐ बलाबलायै नमः।Om Balabalayai Namah.जो बल और निर्बलता के तत्त्व को जानने वाली हैं।
522सद्रूपायैॐ सद्रूपायै नमः।Om Sadrupayai Namah.जो सत्य और सत् के स्वरूप वाली हैं।
523सूक्तिपरायैॐ सूक्तिपरायै नमः।Om Suktiparayai Namah.जो उत्तम वचनों और सूक्तियों में स्थित हैं।
524श्रोतव्यायैॐ श्रोतव्यायै नमः।Om Shrotavyayai Namah.जो श्रद्धापूर्वक सुनने और ग्रहण करने योग्य हैं।
525वञ्जुलायैॐ वञ्जुलायै नमः।Om Vanjulayai Namah.जो वञ्जुल वृक्ष के पवित्र स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
526अध्वरायैॐ अध्वरायै नमः।Om Adhvarayai Namah.जो यज्ञ और वैदिक कर्म की दिव्य शक्ति हैं।
527विद्याधरीप्रियायैॐ विद्याधरीप्रियायै नमः।Om Vidyadharipriyayai Namah.जो विद्याधरियों को प्रिय हैं।
528सौर्यैॐ सौर्यै नमः।Om Sauryai Namah.जो सूर्य से सम्बद्ध दिव्य तेजस्विनी शक्ति हैं।
529सूरिगम्यायैॐ सूरिगम्यायै नमः।Om Surigamyayai Namah.जिन्हें विद्वान और ज्ञानी पुरुष प्राप्त कर सकते हैं।
530सुरेश्वर्यैॐ सुरेश्वर्यै नमः।Om Sureshvaryai Namah.जो देवताओं की ईश्वरी और अधिष्ठात्री शक्ति हैं।
531यन्त्रविद्यायैॐ यन्त्रविद्यायै नमः।Om Yantravidyayai Namah.जो यंत्रविद्या और गूढ़ साधना की शक्ति हैं।
532प्रदात्र्यैॐ प्रदात्र्यै नमः।Om Pradatryai Namah.जो सभी शुभ वस्तुएँ और फल प्रदान करती हैं।
533मोहितायैॐ मोहितायै नमः।Om Mohitayai Namah.जो अपने दिव्य सौंदर्य से मन को मोहित करती हैं।
534श्रुतिगर्भिण्यैॐ श्रुतिगर्भिण्यै नमः।Om Shrutigarbhinyai Namah.जिनमें श्रुति और वेदों का ज्ञान निहित है।
535व्यक्त्यैॐ व्यक्त्यै नमः।Om Vyaktyai Namah.जो प्रकट और स्पष्ट स्वरूप वाली हैं।
536विभावर्यैॐ विभावर्यै नमः।Om Vibhavaryai Namah.जो प्रकाशमान और रात्रि की दिव्य शक्ति हैं।
537जात्यैॐ जात्यै नमः।Om Jatyai Namah.जो जाति और उत्पत्ति के मूल तत्त्व की स्वरूपा हैं।
538हृदयग्रन्थिभेदिन्यैॐ हृदयग्रन्थिभेदिन्यै नमः।Om Hridayagranthibhedinyai Namah.जो हृदय की अज्ञानरूपी गांठ को खोलने वाली हैं।
539दारिद्र्यध्वंसिन्यैॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः।Om Daridryadhvamsinyai Namah.जो दरिद्रता और अभाव का नाश करती हैं।
540काशायैॐ काशायै नमः।Om Kashayai Namah.जो प्रकाश और तेज की स्वरूपा हैं।
541मातृकायैॐ मातृकायै नमः।Om Matrikayai Namah.जो मातृका अर्थात वर्णमाला और दिव्य मातृशक्ति की स्वरूपा हैं।
542चण्डरूपिण्यैॐ चण्डरूपिण्यै नमः।Om Chandarupinyai Namah.जो उग्र और शक्तिशाली चण्ड स्वरूप वाली हैं।
543नवदुर्गायैॐ नवदुर्गायै नमः।Om Navadurgayai Namah.जो नवदुर्गा के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
544विशालाक्ष्यैॐ विशालाक्ष्यै नमः।Om Vishalakshyai Namah.जिनके नेत्र विशाल और सुंदर हैं।
545विपञ्च्यैॐ विपञ्च्यै नमः।Om Vipanchyai Namah.जो विपञ्ची वीणा और संगीत की दिव्य शक्ति हैं।
546कुब्जिकायैॐ कुब्जिकायै नमः।Om Kubjikayai Namah.जो कुब्जिका देवी के गूढ़ दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
547कामायैॐ कामायै नमः।Om Kamayai Namah.जो प्रेम और शुभ इच्छाओं की स्वरूपा हैं।
548इडारूपायैॐ इडारूपायै नमः।Om Idarupayai Namah.जो इड़ा नाड़ी के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
549मृणाल्यैॐ मृणाल्यै नमः।Om Mrinalyai Namah.जो कमल की मृणाल डंडी के समान कोमल हैं।
550दक्षिणायैॐ दक्षिणायै नमः।Om Dakshinayai Namah.जो दक्षिणा और उदार दान की स्वरूपा हैं।
551पिङ्गलास्थितायैॐ पिङ्गलास्थितायै नमः।Om Pingalasthitayai Namah.जो पिंगला नाड़ी में स्थित दिव्य शक्ति हैं।
552दूतिन्यैॐ दूतिन्यै नमः।Om Dutinyai Namah.जो दूत और संदेशवाहक शक्ति की स्वरूपा हैं।
553मौनिन्यैॐ मौनिन्यै नमः।Om Mauninyai Namah.जो मौन और आंतरिक शांति की स्वरूपा हैं।
554मायायैॐ मायायै नमः।Om Mayayai Namah.जो दिव्य माया और सृष्टि की शक्ति हैं।
555यामाताकरसञ्ज्ञिकायैॐ यामाताकरसञ्ज्ञिकायै नमः।Om Yamatakarasanjnikayai Namah.जो यमाताकर नामक वैदिक ज्ञान और स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
556कृतान्ततापिन्यैॐ कृतान्ततापिन्यै नमः।Om Kritantatapinyai Namah.जो मृत्यु और कृतान्त के ताप का नाश करने वाली हैं।
557तारायैॐ तारायै नमः।Om Tarayai Namah.जो संसार-सागर से पार लगाने वाली तारा स्वरूपा हैं।
558ताराधिपनिभाननायैॐ ताराधिपनिभाननायै नमः।Om Taradhipanibhananayai Namah.जिनका मुख ताराधिप अर्थात चंद्रमा के समान प्रकाशमान है।
559रक्षोघ्न्यैॐ रक्षोघ्न्यै नमः।Om Rakshoghnyai Namah.जो राक्षसी शक्तियों और दुष्ट बाधाओं का नाश करती हैं।
560विरूपाक्ष्यैॐ विरूपाक्ष्यै नमः।Om Virupakshyai Namah.जो विलक्षण और दिव्य नेत्रों वाली हैं।
561पूर्णिमायैॐ पूर्णिमायै नमः।Om Purnimayai Namah.जो पूर्णिमा की पूर्ण चंद्रज्योति के समान हैं।
562अनुमत्यैॐ अनुमत्यै नमः।Om Anumatyai Namah.जो अनुमति और अनुकूलता प्रदान करने वाली हैं।
563कुह्वैॐ कुह्वै नमः।Om Kuhvai Namah.जो अमावस्या की कुहू तिथि की दिव्य शक्ति हैं।
564अमावास्यायैॐ अमावास्यायै नमः।Om Amavasyayai Namah.जो अमावस्या तिथि की अधिष्ठात्री शक्ति हैं।
565सिनीवाल्यैॐ सिनीवाल्यै नमः।Om Sinivalyai Namah.जो सिनीवाली तिथि की दिव्य शक्ति हैं।
566वैजयन्त्यैॐ वैजयन्त्यै नमः।Om Vaijayantyai Namah.जो विजय और जय की दिव्य स्वरूपा हैं।
567मरालिकायैॐ मरालिकायै नमः।Om Maralikayai Namah.जो मराल पक्षी के समान सुंदर और graceful हैं।
568क्षीराब्धितनयायैॐ क्षीराब्धितनयायै नमः।Om Kshirabdhitanayayai Namah.जो क्षीरसागर की पुत्री के रूप में पूजनीय हैं।
569चन्द्रसौंदर्यैॐ चन्द्रसौंदर्यै नमः।Om Chandrasaumdaryai Namah.जिनका सौंदर्य चंद्रमा के समान मनोहर है।
570अमृतसेविन्यैॐ अमृतसेविन्यै नमः।Om Amritasevinyai Namah.जो अमृत का सेवन करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
571ज्योत्स्नानामधिकायैॐ ज्योत्स्नानामधिकायै नमः।Om Jyotsnanamadhikayai Namah.जो चंद्रमा की ज्योत्स्ना से भी अधिक प्रकाशमान हैं।
572गुर्व्यैॐ गुर्व्यै नमः।Om Gurvyai Namah.जो गुरु और महानता की स्वरूपा हैं।
573यमुनायैॐ यमुनायै नमः।Om Yamunayai Namah.जो पवित्र यमुना नदी के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
574रेवत्यैॐ रेवत्यै नमः।Om Revatyai Namah.जो देवी रेवती के पवित्र स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
575ज्येष्ठायैॐ ज्येष्ठायै नमः।Om Jyeshthayai Namah.जो श्रेष्ठ और ज्येष्ठ स्वरूप वाली हैं।
576जनो (लो) दर्यैॐ जनो (लो) दर्यै नमः।Om Jano (lo) Daryai Namah.जो जनों के पालन और उदर-धारण से सम्बद्ध हैं।
577विश्वम्भरायैॐ विश्वम्भरायै नमः।Om Vishvambharayai Namah.जो समस्त विश्व का पालन-पोषण करने वाली हैं।
578शबरसूदिन्यैॐ शबरसूदिन्यै नमः।Om Shabarasudinyai Namah.जो शबर नामक दुष्ट शक्ति का संहार करने वाली हैं।
579प्रबोधिन्यैॐ प्रबोधिन्यै नमः।Om Prabodhinyai Namah.जो जागृति और आध्यात्मिक बोध प्रदान करती हैं।
580महाकन्यायैॐ महाकन्यायै नमः।Om Mahakanyayai Namah.जो महान और पवित्र कन्या स्वरूपा हैं।
581कमठायैॐ कमठायै नमः।Om Kamathayai Namah.जो कच्छप या कमठ के दिव्य तत्त्व से सम्बद्ध हैं।
582प्रसूतिकायैॐ प्रसूतिकायै नमः।Om Prasutikayai Namah.जो सृष्टि और जन्म प्रदान करने वाली हैं।
583मिहिराभायैॐ मिहिराभायै नमः।Om Mihirabhayai Namah.जिनकी आभा सूर्य के समान तेजस्वी है।
584तटिद्रूपायैॐ तटिद्रूपायै नमः।Om Tatidrupayai Namah.जो बिजली की चमक के समान तेजस्वी स्वरूप वाली हैं।
585भूत्यैॐ भूत्यै नमः।Om Bhutyai Namah.जो समृद्धि, ऐश्वर्य और कल्याण की स्वरूपा हैं।
586हिमवतीकरायैॐ हिमवतीकरायै नमः।Om Himavatikarayai Namah.जो हिमवती अर्थात हिमालय से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
587सुनन्दायैॐ सुनन्दायै नमः।Om Sunandayai Namah.जो अत्यंत आनंद और प्रसन्नता प्रदान करने वाली हैं।
588मानव्यैॐ मानव्यै नमः।Om Manavyai Namah.जो मानव जाति और मनु से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
589घण्टायैॐ घण्टायै नमः।Om Ghantayai Namah.जो पवित्र घंटा और उसके मंगलमय नाद की स्वरूपा हैं।
590छायादेव्यैॐ छायादेव्यै नमः।Om Chhayadevyai Namah.जो छाया देवी के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
591महेश्वर्यैॐ महेश्वर्यै नमः।Om Maheshvaryai Namah.जो महान ईश्वरी और परम अधिष्ठात्री शक्ति हैं।
592स्तम्भिन्यैॐ स्तम्भिन्यै नमः।Om Stambhinyai Namah.जो दुष्ट शक्तियों की गति को रोकने वाली हैं।
593भ्रमर्यैॐ भ्रमर्यै नमः।Om Bhramaryai Namah.जो भ्रमरी के समान गतिशील और दिव्य शक्ति वाली हैं।
594दूत्यैॐ दूत्यै नमः।Om Dutyai Namah.जो दूत और संदेशवाहक शक्ति की स्वरूपा हैं।
595सप्तदुर्गायैॐ सप्तदुर्गायै नमः।Om Saptadurgayai Namah.जो सात दुर्गों और रक्षात्मक शक्तियों की स्वरूपा हैं।
596अष्टभैरव्यैॐ अष्टभैरव्यै नमः।Om Ashtabhairavyai Namah.जो अष्ट भैरवी शक्तियों के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
597बिन्दुरूपायैॐ बिन्दुरूपायै नमः।Om Bindurupayai Namah.जो परम बिंदु और सूक्ष्म दिव्य तत्त्व की स्वरूपा हैं।
598कलारूपायैॐ कलारूपायै नमः।Om Kalarupayai Namah.जो कला और दिव्य शक्ति के रूप में स्थित हैं।
599नादरूपायैॐ नादरूपायै नमः।Om Nadarupayai Namah.जो परम नाद और दिव्य ध्वनि की स्वरूपा हैं।
600कलात्मिकायैॐ कलात्मिकायै नमः।Om Kalatmikayai Namah.जो कला और दिव्य कलात्मक शक्ति की आत्मस्वरूपा हैं।
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601अजरायैॐ अजरायै नमः।Om Ajarayai Namah.जो कभी वृद्ध न होने वाली और सदैव नवीन हैं।
602कलशायैॐ कलशायै नमः।Om Kalashayai Namah.जो कलश के समान मंगल और पवित्रता की स्वरूपा हैं।
603पुण्यायैॐ पुण्यायै नमः।Om Punyayai Namah.जो पवित्रता और पुण्य प्रदान करने वाली हैं।
604कृपाढ्यायैॐ कृपाढ्यायै नमः।Om Kripadhyayai Namah.जो अपार करुणा और कृपा से परिपूर्ण हैं।
605चक्रवासिन्यैॐ चक्रवासिन्यै नमः।Om Chakravasinyai Namah.जो दिव्य चक्र में निवास करने वाली हैं।
606शुम्भायैॐ शुम्भायै नमः।Om Shumbhayai Namah.जो शुम्भ नामक दैत्य से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
607निशुम्भायैॐ निशुम्भायै नमः।Om Nishumbhayai Namah.जो निशुम्भ नामक दैत्य से सम्बद्ध शक्ति हैं।
608दाशाह्वायैॐ दाशाह्वायै नमः।Om Dashahvayai Namah.जो दाश नाम से प्रसिद्ध और पूजनीय हैं।
609हरिपादसमाश्रयायैॐ हरिपादसमाश्रयायै नमः।Om Haripadasamashrayayai Namah.जो भगवान हरि के चरणों में आश्रय लेने वाली हैं।
610त्रिसन्ध्यायैॐ त्रिसन्ध्यायै नमः।Om Trisandhyayai Namah.जो तीनों संध्याओं में पूजनीय और स्मरणीय हैं।
611सहस्राक्ष्यैॐ सहस्राक्ष्यै नमः।Om Sahasrakshyai Namah.जो सहस्र नेत्रों वाली सर्वदर्शिनी शक्ति हैं।
612शङ्खिन्यैॐ शङ्खिन्यै नमः।Om Shankhinyai Namah.जो शंख के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
613चित्रिण्यैॐ चित्रिण्यै नमः।Om Chitrinyai Namah.जो विविध और मनोहर रूपों वाली हैं।
614श्रितायैॐ श्रितायै नमः।Om Shritayai Namah.जो भक्तों द्वारा आश्रित और शरणागतों की रक्षिका हैं।
615अश्वत्थधारिण्यैॐ अश्वत्थधारिण्यै नमः।Om Ashvatthadharinyai Namah.जो पवित्र अश्वत्थ वृक्ष को धारण और आश्रय देने वाली हैं।
616ईंशानायैॐ ईंशानायै नमः।Om Imshanayai Namah.जो ईशान दिशा और उसके दिव्य तत्त्व की अधिष्ठात्री हैं।
617पञ्चपत्रायैॐ पञ्चपत्रायै नमः।Om Panchapatrayai Namah.जो पाँच पत्तों के पवित्र स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
618वरूथिन्यैॐ वरूथिन्यै नमः।Om Varuthinyai Namah.जो रक्षक और सुरक्षा प्रदान करने वाली शक्ति हैं।
619वायुमण्डलमध्यस्थायैॐ वायुमण्डलमध्यस्थायै नमः।Om Vayumandalamadhyasthayai Namah.जो वायुमण्डल के मध्य स्थित दिव्य शक्ति हैं।
620पदातयेॐ पदातये नमः।Om Padataye Namah.जो दिव्य पद और चरणों की अधिष्ठात्री हैं।
621पङ्क्तिपावन्यैॐ पङ्क्तिपावन्यै नमः।Om Panktipavanyai Namah.जो पंक्ति और समुदाय को पवित्र करने वाली हैं।
622हिरण्यवर्णायैॐ हिरण्यवर्णायै नमः।Om Hiranyavarnayai Namah.जो स्वर्ण के समान दिव्य आभा वाली हैं।
623हरिण्यैॐ हरिण्यै नमः।Om Harinyai Namah.जो हरिण के समान कोमल और सुंदर हैं।
624लेखायैॐ लेखायै नमः।Om Lekhayai Namah.जो दिव्य लेख और ज्ञान की स्वरूपा हैं।
625कोशात्मिकायैॐ कोशात्मिकायै नमः।Om Koshatmikayai Namah.जो ज्ञान और दिव्य तत्त्वों के कोश की स्वरूपा हैं।
626ततायैॐ ततायै नमः।Om Tatayai Namah.जो परम तत्त्व और उस दिव्य सत्य की स्वरूपा हैं।
627पदव्यैॐ पदव्यै नमः।Om Padavyai Namah.जो परम पद की ओर ले जाने वाला मार्ग प्रदान करती हैं।
628पङ्क्तिविज्ञानायैॐ पङ्क्तिविज्ञानायै नमः।Om Panktivijnanayai Namah.जो पंक्ति और व्यवस्था का दिव्य ज्ञान प्रदान करती हैं।
629पुण्यपङ्क्तिविराजितायैॐ पुण्यपङ्क्तिविराजितायै नमः।Om Punyapanktivirajitayai Namah.जो पवित्र समूह और पुण्यमयी पंक्ति से सुशोभित हैं।
630निस्त्रिंशायैॐ निस्त्रिंशायै नमः।Om Nistrimshayai Namah.जो तीक्ष्ण और शक्तिशाली दिव्य स्वरूप वाली हैं।
631पीठिकायैॐ पीठिकायै नमः।Om Pithikayai Namah.जो पवित्र पीठ और आसन की अधिष्ठात्री हैं।
632सोमायैॐ सोमायै नमः।Om Somayai Namah.जो सोम के समान शीतल, पवित्र और अमृतमयी हैं।
633पक्षिण्यैॐ पक्षिण्यै नमः।Om Pakshinyai Namah.जो पक्षी के समान स्वतंत्र और गतिशील शक्ति हैं।
634किन्नरेश्वर्यैॐ किन्नरेश्वर्यै नमः।Om Kinnareshvaryai Namah.जो किन्नरों की अधिष्ठात्री ईश्वरी हैं।
635केतक्यैॐ केतक्यै नमः।Om Ketakyai Namah.जो केतकी पुष्प के समान सुगंधित और सुंदर हैं।
636अष्टभुजाकारायैॐ अष्टभुजाकारायै नमः।Om Ashtabhujakarayai Namah.जो आठ भुजाओं वाले दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
637मल्लिकायैॐ मल्लिकायै नमः।Om Mallikayai Namah.जो मल्लिका पुष्प के समान सुगंधित और पवित्र हैं।
638अन्तर्बहिष्कृतायैॐ अन्तर्बहिष्कृतायै नमः।Om Antarbahishkritayai Namah.जो भीतर और बाहर दोनों रूपों में व्याप्त हैं।
639तपस्विन्यैॐ तपस्विन्यै नमः।Om Tapasvinyai Namah.जो तपस्या और आध्यात्मिक साधना की स्वरूपा हैं।
640शनैष्कार्यैॐ शनैष्कार्यै नमः।Om Shanaishkaryai Namah.जो धैर्य और क्रमिक रूप से कार्य सिद्ध करने वाली हैं।
641गद्यपद्यात्मिकायैॐ गद्यपद्यात्मिकायै नमः।Om Gadyapadyatmikayai Namah.जो गद्य और पद्य दोनों साहित्यिक रूपों की आत्मस्वरूपा हैं।
642क्षरायैॐ क्षरायै नमः।Om Ksharayai Namah.जो परिवर्तनशील और क्षर जगत की स्वरूपा हैं।
643तमःपरायैॐ तमःपरायै नमः।Om Tamahparayai Namah.जो अंधकार और तमस से परे स्थित हैं।
644पुराणज्ञायैॐ पुराणज्ञायै नमः।Om Puranajnayai Namah.जो पुराणों के गहन ज्ञान को जानने वाली हैं।
645जाड्यहन्त्र्यैॐ जाड्यहन्त्र्यै नमः।Om Jadyahantryai Namah.जो जड़ता और अज्ञान का नाश करने वाली हैं।
646प्रियङ्कर्यैॐ प्रियङ्कर्यै नमः।Om Priyankaryai Namah.जो भक्तों के लिए प्रिय और मंगलकारी कार्य करती हैं।
647नारायण्यैॐ नारायण्यै नमः।Om Narayanyai Namah.जो भगवान नारायण की दिव्य शक्ति और प्रिय स्वरूपा हैं।
648मूर्तिमय्यैॐ मूर्तिमय्यै नमः।Om Murtimayyai Namah.जो दिव्य मूर्तिमान स्वरूप में प्रकट होती हैं।
649तत्पदायैॐ तत्पदायै नमः।Om Tatpadayai Namah.जो परम तत्त्व और सर्वोच्च पद की स्वरूपा हैं।
650पुण्यलक्षणायैॐ पुण्यलक्षणायै नमः।Om Punyalakshanayai Namah.जिनके स्वरूप में पवित्र और शुभ लक्षण विद्यमान हैं।
651कपालिन्यैॐ कपालिन्यै नमः।Om Kapalinyai Namah.जो कपाल धारण करने वाली दिव्य शक्ति से सम्बद्ध हैं।
652महादंष्ट्रायैॐ महादंष्ट्रायै नमः।Om Mahadamshtrayai Namah.जो महान और शक्तिशाली दंष्ट्राओं वाली उग्र शक्ति हैं।
653सर्वांवासायैॐ सर्वांवासायै नमः।Om Sarvamvasayai Namah.जो सभी प्राणियों और समस्त स्थानों में निवास करती हैं।
654सुन्दर्यैॐ सुन्दर्यै नमः।Om Sundaryai Namah.जो परम सौंदर्य और मनोहरता की स्वरूपा हैं।
655ब्राह्मण्यैॐ ब्राह्मण्यै नमः।Om Brahmanyai Namah.जो ब्रह्मज्ञान और ब्रह्मतत्त्व की दिव्य शक्ति हैं।
656ब्रह्मसम्पत्त्यैॐ ब्रह्मसम्पत्त्यै नमः।Om Brahmasampattyai Namah.जो ब्रह्मरूपी परम संपदा की स्वरूपा हैं।
657मातङ्ग्यैॐ मातङ्ग्यै नमः।Om Matangyai Namah.जो मातंगी देवी के दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
658अमृताकरायैॐ अमृताकरायै नमः।Om Amritakarayai Namah.जो अमृत का स्रोत और अमरत्व प्रदान करने वाली हैं।
659जाग्रतेॐ जाग्रते नमः।Om Jagrate Namah.जो सदैव जागृत और सजग रहने वाली हैं।
660सुप्तायैॐ सुप्तायै नमः।Om Suptayai Namah.जो सुप्त अवस्था में भी दिव्य रूप से विद्यमान हैं।
661सुषुप्तायैॐ सुषुप्तायै नमः।Om Sushuptayai Namah.जो गहन निद्रा की अवस्था में भी स्थित रहती हैं।
662मूर्च्छायैॐ मूर्च्छायै नमः।Om Murchchhayai Namah.जो चेतना की विशेष अवस्था की दिव्य शक्ति हैं।
663स्वप्नप्रदायिन्यैॐ स्वप्नप्रदायिन्यै नमः।Om Svapnapradayinyai Namah.जो स्वप्न और दिव्य संकेत प्रदान करने वाली हैं।
664साङ्ख्यायन्यैॐ साङ्ख्यायन्यै नमः।Om Sankhyayanyai Namah.जो सांख्य ज्ञान और उसके तत्त्वों की स्वरूपा हैं।
665महाज्वालायैॐ महाज्वालायै नमः।Om Mahajvalayai Namah.जो महान अग्निज्वाला के समान तेजस्विनी हैं।
666विकृत्यैॐ विकृत्यै नमः।Om Vikrityai Namah.जो विविध रूपों और परिवर्तनों की शक्ति हैं।
667साम्प्रदायिकायैॐ साम्प्रदायिकायै नमः।Om Sampradayikayai Namah.जो पवित्र परंपरा और सम्प्रदाय की संरक्षिका हैं।
668लक्ष्यायैॐ लक्ष्यायै नमः।Om Lakshyayai Namah.जो साधना और जीवन के परम लक्ष्य की स्वरूपा हैं।
669सानुमत्यैॐ सानुमत्यै नमः।Om Sanumatyai Namah.जो शुभ पर्वत-शिखरों और ऊँचे स्थानों से सम्बद्ध हैं।
670नीत्यैॐ नीत्यै नमः।Om Nityai Namah.जो नीति और सदाचार की स्वरूपा हैं।
671दण्डनीत्यैॐ दण्डनीत्यै नमः।Om Dandanityai Namah.जो न्यायपूर्ण दण्ड और शासन की शक्ति हैं।
672मधुप्रियायैॐ मधुप्रियायै नमः।Om Madhupriyayai Namah.जो मधु और मधुरता को प्रिय मानने वाली हैं।
673आख्याधिकायैॐ आख्याधिकायै नमः।Om Akhyadhikayai Namah.जो महान नाम और प्रसिद्धि से युक्त हैं।
674आख्यातवत्यैॐ आख्यातवत्यै नमः।Om Akhyatavatyai Namah.जो प्रसिद्ध और विख्यात स्वरूप वाली हैं।
675मधुविदेॐ मधुविदे नमः।Om Madhuvide Namah.जो मधु के तत्त्व और उसके ज्ञान को जानने वाली हैं।
676विधिवल्लभायैॐ विधिवल्लभायै नमः।Om Vidhivallabhayai Namah.जो विधि और ब्रह्मा को प्रिय हैं।
677माध्व्यैॐ माध्व्यै नमः।Om Madhvyai Namah.जो मधुरता और मधु के समान सुखद स्वरूप वाली हैं।
678मधुमदास्वादायैॐ मधुमदास्वादायै नमः।Om Madhumadasvadayai Namah.जो मधुर आनंद का दिव्य आस्वाद प्रदान करती हैं।
679मधुरास्यायैॐ मधुरास्यायै नमः।Om Madhurasyayai Namah.जिनका मुख मधुर और मनोहर है।
680दवीयस्यैॐ दवीयस्यै नमः।Om Daviyasyai Namah.जो अत्यंत श्रेष्ठ और दिव्य स्वरूप वाली हैं।
681वैराज्यैॐ वैराज्यै नमः।Om Vairajyai Namah.जो वैराग्य और वैराज्य तत्त्व की स्वरूपा हैं।
682विन्ध्यसंस्थानायैॐ विन्ध्यसंस्थानायै नमः।Om Vindhyasamsthanayai Namah.जो विन्ध्य पर्वत क्षेत्र में स्थित दिव्य शक्ति हैं।
683काश्मीरतलवासिन्यैॐ काश्मीरतलवासिन्यै नमः।Om Kashmiratalavasinyai Namah.जो कश्मीर प्रदेश में निवास करने वाली हैं।
684योगनिद्रायैॐ योगनिद्रायै नमः।Om Yoganidrayai Namah.जो भगवान की योगनिद्रा की दिव्य शक्ति हैं।
685विनिद्रायैॐ विनिद्रायै नमः।Om Vinidrayai Namah.जो निद्रा से रहित और सदैव जागृत हैं।
686द्वासुपर्णाश्रुतिप्रियायैॐ द्वासुपर्णाश्रुतिप्रियायै नमः।Om Dvasuparnashrutipriyayai Namah.जो द्वा सुपर्ण से सम्बद्ध श्रुति को प्रिय मानने वाली हैं।
687मातृकायैॐ मातृकायै नमः।Om Matrikayai Namah.जो मातृका अर्थात दिव्य अक्षरों और मातृशक्ति की स्वरूपा हैं।
688पञ्चसामेड्यायैॐ पञ्चसामेड्यायै नमः।Om Panchasamedyayai Namah.जो पाँच सामों द्वारा स्तुति की जाने वाली हैं।
689कल्याण्यैॐ कल्याण्यै नमः।Om Kalyanyai Namah.जो मंगल, कल्याण और शुभता की स्वरूपा हैं।
690कल्पनायैॐ कल्पनायै नमः।Om Kalpanayai Namah.जो सृजन और दिव्य कल्पना की शक्ति हैं।
691कृत्यैॐ कृत्यै नमः।Om Krityai Namah.जो समस्त शुभ कर्म और कर्तव्य की शक्ति हैं।
692पंचस्तम्भात्मिकायैॐ पंचस्तम्भात्मिकायै नमः।Om Pamchastambhatmikayai Namah.जो पाँच स्तम्भों के दिव्य तत्त्व में स्थित हैं।
693क्षौमवस्रायैॐ क्षौमवस्रायै नमः।Om Kshaumavasrayai Namah.जो पवित्र क्षौम वस्त्र धारण करने वाली हैं।
694पञ्चाग्निमध्यगायैॐ पञ्चाग्निमध्यगायै नमः।Om Panchagnimadhyagayai Namah.जो पाँच अग्नियों के मध्य स्थित तपस्विनी शक्ति हैं।
695आदिदेव्यैॐ आदिदेव्यै नमः।Om Adidevyai Namah.जो आदि और मूल देवी के रूप में पूजनीय हैं।
696आदिभूतायैॐ आदिभूतायै नमः।Om Adibhutayai Namah.जो समस्त भूतों और सृष्टि के मूल तत्त्व की स्वरूपा हैं।
697अश्वात्मनेॐ अश्वात्मने नमः।Om Ashvatmane Namah.जो अश्व के भीतर स्थित दिव्य आत्मतत्त्व की स्वरूपा हैं।
698ख्यातिरञ्जितायैॐ ख्यातिरञ्जितायै नमः।Om Khyatiranjitayai Namah.जो यश और प्रसिद्धि से सुशोभित हैं।
699उद्दामन्यैॐ उद्दामन्यै नमः।Om Uddamanyai Namah.जो प्रबल और अत्यंत शक्तिशाली स्वरूप वाली हैं।
700संहिताख्यायैॐ संहिताख्यायै नमः।Om Samhitakhyayai Namah.जो संहिता नाम से प्रसिद्ध और वैदिक ज्ञान की स्वरूपा हैं।
701पञ्चपक्षायैॐ पञ्चपक्षायै नमः।Om Panchapakshayai Namah.जो पाँच पक्षों और उनके दिव्य तत्त्व से सम्बद्ध हैं।
702कलावत्यैॐ कलावत्यै नमः।Om Kalavatyai Namah.जो समस्त कलाओं से सम्पन्न हैं।
703व्योमप्रियायैॐ व्योमप्रियायै नमः।Om Vyomapriyayai Namah.जो आकाश तत्त्व को प्रिय मानने वाली दिव्य शक्ति हैं।
704वेणुबन्धायैॐ वेणुबन्धायै नमः।Om Venubandhayai Namah.जो वेणु और उसके मधुर संबंध की दिव्य स्वरूपा हैं।
705दिव्यरत्नगलप्रभायैॐ दिव्यरत्नगलप्रभायै नमः।Om Divyaratnagalaprabhayai Namah.जिनकी कांति दिव्य रत्नों के समान प्रकाशमान है।
706नाडीदृष्टायैॐ नाडीदृष्टायै नमः।Om Nadidrishtayai Namah.जो नाड़ियों और उनके सूक्ष्म तत्त्व को जानने वाली हैं।
707ज्ञानदृष्टिदृष्टायैॐ ज्ञानदृष्टिदृष्टायै नमः।Om Jnanadrishtidrishtayai Namah.जो ज्ञान की दिव्य दृष्टि से देखी और जानी जाती हैं।
708तद्भ्राजिन्यैॐ तद्भ्राजिन्यै नमः।Om Tadbhrajinyai Namah.जो उस परम तत्त्व के प्रकाश से प्रकाशित हैं।
709दृढायैॐ दृढायै नमः।Om Dridhayai Namah.जो अटल, स्थिर और दृढ़ स्वरूप वाली हैं।
710द्रुतायै (हुतायै)ॐ द्रुतायै (हुतायै) नमः।Om Drutayai (Hutayai) Namah.जो शीघ्र गति वाली और यज्ञ में आहुति के रूप में पूजनीय हैं।
711पञ्चवट्यैॐ पञ्चवट्यै नमः।Om Panchavatyai Namah.जो पंचवटी के पवित्र स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
712पञ्चग्रासायैॐ पञ्चग्रासायै नमः।Om Panchagrasayai Namah.जो पाँच प्रकार के ग्रास और जीवन-धारण की शक्ति हैं।
713प्रणवसंयत्यैॐ प्रणवसंयत्यै नमः।Om Pranavasamyatyai Namah.जो प्रणव ॐ के संयम और साधना की शक्ति हैं।
714त्रिशिखायैॐ त्रिशिखायै नमः।Om Trishikhayai Namah.जो तीन शिखाओं या दिव्य शक्तियों वाली हैं।
715प्रमदारत्नाय (क्तायै)ॐ प्रमदारत्नाय (क्तायै) नमः।Om Pramadaratnaya (Ktaya) Namah.जो स्त्री-शक्ति के रत्न के समान दिव्य और पूजनीय हैं।
716सपञ्चास्यायैॐ सपञ्चास्यायै नमः।Om Sapanchasyayai Namah.जो पाँच मुखों वाले दिव्य स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
717प्रमादिन्यैॐ प्रमादिन्यै नमः।Om Pramadinyai Namah.जो दिव्य शक्ति से युक्त और प्रभावशाली हैं।
718गीतज्ञेयायैॐ गीतज्ञेयायै नमः।Om Gitajneyayai Namah.जो गीत और संगीत के माध्यम से जानी जाने वाली हैं।
719चञ्चरीकायैॐ चञ्चरीकायै नमः।Om Chancharikayai Namah.जो भ्रमर के समान मधुर और चंचल गति वाली हैं।
720सर्वान्तर्यामिरूपिण्यैॐ सर्वान्तर्यामिरूपिण्यै नमः।Om Sarvantaryamirupinyai Namah.जो सभी प्राणियों के भीतर अंतर्यामी रूप में स्थित हैं।
721समयायैॐ समयायै नमः।Om Samayayai Namah.जो समय और उचित अवसर की स्वरूपा हैं।
722सामवल्लभ्यायैॐ सामवल्लभ्यायै नमः।Om Samavallabhyayai Namah.जो सामवेद और उसके मधुर गायन को प्रिय हैं।
723ज्योतिश्चक्रायैॐ ज्योतिश्चक्रायै नमः।Om Jyotishchakrayai Namah.जो ज्योति और दिव्य चक्र की स्वरूपा हैं।
724प्रभाकर्यैॐ प्रभाकर्यै नमः।Om Prabhakaryai Namah.जो प्रकाश उत्पन्न करने वाली और तेजस्विनी हैं।
725सप्तजिह्वायैॐ सप्तजिह्वायै नमः।Om Saptajihvayai Namah.जो अग्नि की सात जिह्वाओं के दिव्य तत्त्व से सम्बद्ध हैं।
726महाजिह्वायैॐ महाजिह्वायै नमः।Om Mahajihvayai Namah.जो महान और शक्तिशाली जिह्वा की दिव्य स्वरूपा हैं।
727महादुर्गायैॐ महादुर्गायै नमः।Om Mahadurgayai Namah.जो महान दुर्ग और रक्षात्मक शक्ति की स्वरूपा हैं।
728महोत्सवायैॐ महोत्सवायै नमः।Om Mahotsavayai Namah.जो महान उत्सव और आनंद की स्वरूपा हैं।
729स्वरसायैॐ स्वरसायै नमः।Om Svarasayai Namah.जो मधुर स्वर और दिव्य रस की स्वरूपा हैं।
730मानव्यैॐ मानव्यै नमः।Om Manavyai Namah.जो मानवता और मनु से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
731पूर्णायैॐ पूर्णायै नमः।Om Purnayai Namah.जो पूर्णता और सम्पूर्णता की स्वरूपा हैं।
732इष्टिकायैॐ इष्टिकायै नमः।Om Ishtikayai Namah.जो यज्ञ की पवित्र इष्टिका और शुभ कर्म की स्वरूपा हैं।
733वरूथिन्यैॐ वरूथिन्यै नमः।Om Varuthinyai Namah.जो रक्षा और संरक्षण प्रदान करने वाली हैं।
734सर्वलोकानां निर्मात्र्यैॐ सर्वलोकानां निर्मात्र्यै नमः।Om Sarvalokanam Nirmatryai Namah.जो सभी लोकों की सृष्टि करने वाली हैं।
735अव्ययायैॐ अव्ययायै नमः।Om Avyayayai Namah.जो अविनाशी और कभी क्षय न होने वाली हैं।
736श्रीकराम्बरायैॐ श्रीकराम्बरायै नमः।Om Shrikarambarayai Namah.जो श्री और मंगल प्रदान करने वाले दिव्य वस्त्रों से युक्त हैं।
737प्रजावत्यैॐ प्रजावत्यै नमः।Om Prajavatyai Namah.जो प्रजा और संतति से सम्पन्न करने वाली हैं।
738प्रजादक्षायैॐ प्रजादक्षायै नमः।Om Prajadakshayai Namah.जो प्रजा के पालन और सृजन में कुशल हैं।
739शिक्षारूपायैॐ शिक्षारूपायै नमः।Om Shiksharupayai Namah.जो शिक्षा और ज्ञान के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
740प्रजाकर्यैॐ प्रजाकर्यै नमः।Om Prajakaryai Namah.जो प्रजा की वृद्धि और कल्याण करने वाली हैं।
741सिद्धलक्ष्म्यैॐ सिद्धलक्ष्म्यै नमः।Om Siddhalakshmyai Namah.जो सिद्धि और लक्ष्मी प्रदान करने वाली हैं।
742मोक्षलक्ष्म्यैॐ मोक्षलक्ष्म्यै नमः।Om Mokshalakshmyai Namah.जो मोक्ष और आध्यात्मिक समृद्धि प्रदान करती हैं।
743रञ्जनायैॐ रञ्जनायै नमः।Om Ranjanayai Namah.जो मन को प्रसन्न और आनंदित करने वाली हैं।
744निरञ्जनायैॐ निरञ्जनायै नमः।Om Niranjanayai Namah.जो निष्कलंक, निर्मल और माया से परे हैं।
745स्वयम्प्रकाशायैॐ स्वयम्प्रकाशायै नमः।Om Svayamprakashayai Namah.जो स्वयं प्रकाशमान और किसी अन्य प्रकाश पर निर्भर नहीं हैं।
746मायैॐ मायै नमः।Om Mayai Namah.जो दिव्य माया और सृष्टि की शक्ति हैं।
747आशास्यदात्र्यैॐ आशास्यदात्र्यै नमः।Om Ashasyadatryai Namah.जो भक्तों की आशाओं और इच्छाओं को पूर्ण करने वाली हैं।
748अविद्याविदारिण्यैॐ अविद्याविदारिण्यै नमः।Om Avidyavidarinyai Namah.जो अज्ञान का नाश करके ज्ञान का प्रकाश देती हैं।
749पद्मावत्यैॐ पद्मावत्यै नमः।Om Padmavatyai Namah.जो कमल के समान पवित्र और सुंदर स्वरूप वाली हैं।
750मातुलङ्गधारिण्यैॐ मातुलङ्गधारिण्यै नमः।Om Matulangadharinyai Namah.जो मातुलंग फल धारण करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
751गदाधरायैॐ गदाधरायै नमः।Om Gadadharayai Namah.जो गदा धारण करने वाले भगवान के दिव्य तत्त्व से सम्बद्ध हैं।
752खेयात्रायैॐ खेयात्रायै नमः।Om Kheyatrayai Namah.जो आकाश में विचरण करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
753पात्रसंविष्टायैॐ पात्रसंविष्टायै नमः।Om Patrasamvishtayai Namah.जो पवित्र पात्र में स्थित दिव्य शक्ति हैं।
754कुष्ठामयनिवर्तिन्यैॐ कुष्ठामयनिवर्तिन्यै नमः।Om Kushthamayanivartinyai Namah.जो कुष्ठ और रोगों को दूर करने वाली हैं।
755कृत्स्नं व्याप्य स्थितायैॐ कृत्स्नं व्याप्य स्थितायै नमः।Om Kritsnam Vyapya Sthitayai Namah.जो सम्पूर्ण जगत में व्याप्त होकर स्थित हैं।
756सर्वप्रतीकायैॐ सर्वप्रतीकायै नमः।Om Sarvapratikayai Namah.जो सभी दिव्य प्रतीकों और स्वरूपों में विद्यमान हैं।
757श्रवणक्षमायैॐ श्रवणक्षमायै नमः।Om Shravanakshamayai Namah.जो भक्तों की प्रार्थना सुनने और स्वीकार करने वाली हैं।
758आयुष्यदायैॐ आयुष्यदायै नमः।Om Ayushyadayai Namah.जो दीर्घायु और जीवनशक्ति प्रदान करती हैं।
759विमुक्त्यैॐ विमुक्त्यै नमः।Om Vimuktyai Namah.जो बंधनों से मुक्ति और स्वतंत्रता प्रदान करती हैं।
760सायुज्यपदवीप्रदायैॐ सायुज्यपदवीप्रदायै नमः।Om Sayujyapadavipradayai Namah.जो सायुज्य मुक्ति का परम पद प्रदान करने वाली हैं।
761सनत्कुमार्यैॐ सनत्कुमार्यै नमः।Om Sanatkumaryai Namah.जो सनत्कुमार से सम्बद्ध पवित्र ज्ञानस्वरूपा हैं।
762वैधात्र्यैॐ वैधात्र्यै नमः।Om Vaidhatryai Namah.जो विधाता और सृष्टि-नियंता शक्ति से सम्बद्ध हैं।
763घृताच्यास्तु वरप्रदायैॐ घृताच्यास्तु वरप्रदायै नमः।Om Ghritachyastu Varapradayai Namah.जो घृताची को भी वर प्रदान करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
764श्रीसूक्तसंस्तुतायैॐ श्रीसूक्तसंस्तुतायै नमः।Om Shrisuktasamstutayai Namah.जिनकी श्रीसूक्त द्वारा स्तुति की जाती है।
765बाह्योपासनाश्च प्रकुर्वत्यैॐ बाह्योपासनाश्च प्रकुर्वत्यै नमः।Om Bahyopasanashcha Prakurvatyai Namah.जो बाह्य उपासना और धार्मिक साधना को प्रेरित करती हैं।
766जगत्सख्यैॐ जगत्सख्यै नमः।Om Jagatsakhyai Namah.जो समस्त जगत की सखी और हितैषिणी हैं।
767सख्यदात्र्यैॐ सख्यदात्र्यै नमः।Om Sakhyadatryai Namah.जो मित्रता और आत्मीयता प्रदान करने वाली हैं।
768कम्बुकण्ठायैॐ कम्बुकण्ठायै नमः।Om Kambukanthayai Namah.जिनका कंठ शंख के समान सुंदर और सुडौल है।
769महोर्मिण्यैॐ महोर्मिण्यै नमः।Om Mahorminyai Namah.जो महान तरंगों और दिव्य शक्ति की स्वरूपा हैं।
770योगध्यानरतायैॐ योगध्यानरतायै नमः।Om Yogadhyanaratayai Namah.जो योग और ध्यान में सदैव लीन रहती हैं।
771विष्णुयोगिन्यैॐ विष्णुयोगिन्यै नमः।Om Vishnuyoginyai Namah.जो भगवान विष्णु के योग और दिव्य शक्ति से जुड़ी हैं।
772विष्णुसंश्रितायैॐ विष्णुसंश्रितायै नमः।Om Vishnusamshritayai Namah.जो भगवान विष्णु में पूर्ण आश्रय लेने वाली हैं।
773निःश्रेयस्यैॐ निःश्रेयस्यै नमः।Om Nihshreyasyai Namah.जो परम कल्याण और मोक्ष की स्वरूपा हैं।
774निःश्रेयःप्रदायैॐ निःश्रेयःप्रदायै नमः।Om Nihshreyahpradayai Namah.जो परम कल्याण और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं।
775सर्वगुणाधिकायैॐ सर्वगुणाधिकायै नमः।Om Sarvagunadhikayai Namah.जो सभी दिव्य गुणों में श्रेष्ठ और अधिक हैं।
776शोभाढ्यायैॐ शोभाढ्यायै नमः।Om Shobhadhyayai Namah.जो दिव्य शोभा और सौंदर्य से सम्पन्न हैं।
777शाम्भव्यैॐ शाम्भव्यै नमः।Om Shambhavyai Namah.जो भगवान शम्भु की दिव्य शक्ति के रूप में पूजनीय हैं।
778शम्भुवन्द्यायैॐ शम्भुवन्द्यायै नमः।Om Shambhuvandyayai Namah.जिन्हें भगवान शम्भु द्वारा भी वंदित किया जाता है।
779वन्दारुबन्धुरायैॐ वन्दारुबन्धुरायै नमः।Om Vandarubandhurayai Namah.जो वंदना करने वाले भक्तों के लिए अत्यंत प्रिय और सुंदर हैं।
780हरेर्गुणानुध्यायन्त्यैॐ हरेर्गुणानुध्यायन्त्यै नमः।Om Harergunanudhyayantyai Namah.जो भगवान हरि के गुणों का निरंतर ध्यान करती हैं।
781हरिपादार्चने रतायैॐ हरिपादार्चने रतायै नमः।Om Haripadarchane Ratayai Namah.जो भगवान हरि के चरणों की पूजा में सदैव लीन रहती हैं।
782हरिदासोत्तमायैॐ हरिदासोत्तमायै नमः।Om Haridasottamayai Namah.जो भगवान हरि के श्रेष्ठ भक्तों में पूजनीय हैं।
783साध्व्यैॐ साध्व्यै नमः।Om Sadhvyai Namah.जो पवित्र, सदाचारी और पतिव्रता स्वरूपा हैं।
784हर्यधीनायैॐ हर्यधीनायै नमः।Om Haryadhinayai Namah.जो भगवान हरि के अधीन और उनके प्रति समर्पित हैं।
785सदाशुचयेॐ सदाशुचये नमः।Om Sadashuchaye Namah.जो सदैव पवित्र, निर्मल और शुद्ध हैं।
786हरिण्यैॐ हरिण्यै नमः।Om Harinyai Namah.जो हरिण के समान कोमल और मनोहर हैं।
787हरिपत्न्यैॐ हरिपत्न्यै नमः।Om Haripatnyai Namah.जो भगवान हरि की पत्नी और दिव्य अर्धांगिनी के रूप में पूजनीय हैं।
788शुद्धसत्वायैॐ शुद्धसत्वायै नमः।Om Shuddhasatvayai Namah.जो शुद्ध सत्त्व और निर्मल चेतना की स्वरूपा हैं।
789तमोतिगायैॐ तमोतिगायै नमः।Om Tamotigayai Namah.जो अंधकार और तमस को पार करने वाली हैं।
790शुनासीरपुराराध्यायैॐ शुनासीरपुराराध्यायै नमः।Om Shunasirapuraradhyayai Namah.जो शुनासीरपुर में पूजित और आराध्य हैं।
791सुनासायैॐ सुनासायै नमः।Om Sunasayai Namah.जिनकी नासिका सुंदर और मनोहर है।
792त्रिपुरेश्वर्यैॐ त्रिपुरेश्वर्यै नमः।Om Tripureshvaryai Namah.जो तीनों पुरियों की परम ईश्वरी हैं।
793धर्मदायैॐ धर्मदायै नमः।Om Dharmadayai Namah.जो धर्म और सदाचार प्रदान करने वाली हैं।
794कामदायैॐ कामदायै नमः।Om Kamadayai Namah.जो भक्तों की शुभ इच्छाओं को पूर्ण करने वाली हैं।
795अर्थदात्र्यैॐ अर्थदात्र्यै नमः।Om Arthadatryai Namah.जो धन, समृद्धि और जीवनोपयोगी साधन प्रदान करती हैं।
796मोक्षप्रदायिन्यैॐ मोक्षप्रदायिन्यै नमः।Om Mokshapradayinyai Namah.जो भक्तों को मोक्ष प्रदान करने वाली हैं।
797विरजायैॐ विरजायै नमः।Om Virajayai Namah.जो रजोगुण और सांसारिक मलिनता से रहित हैं।
798तारिण्यैॐ तारिण्यै नमः।Om Tarinyai Namah.जो भक्तों को संसार-सागर से पार लगाने वाली हैं।
799लिङ्गभङ्गदात्र्यैॐ लिङ्गभङ्गदात्र्यै नमः।Om Lingabhangadatryai Namah.जो सांसारिक बंधनों और लिंगरूप आसक्तियों का भेदन करने वाली हैं।
800त्रिदशेश्वर्यैॐ त्रिदशेश्वर्यै नमः।Om Tridasheshvaryai Namah.जो त्रिदश अर्थात देवताओं की अधिष्ठात्री ईश्वरी हैं।
801वासुदेवं दर्शयन्त्यैॐ वासुदेवं दर्शयन्त्यै नमः।Om Vasudevam Darshayantyai Namah.जो भगवान वासुदेव का दर्शन कराने वाली हैं।
802वासुदेवपदाश्रयायैॐ वासुदेवपदाश्रयायै नमः।Om Vasudevapadashrayayai Namah.जो भगवान वासुदेव के चरणों में आश्रय प्रदान करती हैं।
803अम्लानायैॐ अम्लानायै नमः।Om Amlanayai Namah.जो कभी म्लान या नष्ट न होने वाली हैं।
804अवनसर्वज्ञायैॐ अवनसर्वज्ञायै नमः।Om Avanasarvajnayai Namah.जो रक्षा करने वाली और सर्वज्ञ स्वरूपा हैं।
805ईशायैॐ ईशायै नमः।Om Ishayai Namah.जो परमेश्वरी और समस्त जगत की अधिष्ठात्री हैं।
806सावित्रिकप्रदायैॐ सावित्रिकप्रदायै नमः।Om Savitrikapradayai Namah.जो सावित्री से संबंधित दिव्य ज्ञान और शक्ति प्रदान करती हैं।
807अवृद्धिह्रासविज्ञानायैॐ अवृद्धिह्रासविज्ञानायै नमः।Om Avriddhihrasavijnanayai Namah.जो वृद्धि और क्षय के रहस्य का ज्ञान देने वाली हैं।
808लोभत्यक्तसमीपगायैॐ लोभत्यक्तसमीपगायै नमः।Om Lobhatyaktasamipagayai Namah.जो लोभ से रहित होकर भक्तों के समीप रहने वाली हैं।
809देवेशमौलिसम्बद्धपादपीठायैॐ देवेशमौलिसम्बद्धपादपीठायै नमः।Om Deveshamaulisambaddhapadapithayai Namah.जिनके चरणपीठ का संबंध देवेश के मस्तक से है।
810तमो घ्नत्यैॐ तमो घ्नत्यै नमः।Om Tamo Ghnatyai Namah.जो अज्ञान और अंधकार का नाश करने वाली हैं।
811ईशभोगाधिकरणायैॐ ईशभोगाधिकरणायै नमः।Om Ishabhogadhikaranayai Namah.जो ईश्वर के दिव्य भोग और उपासना का आधार हैं।
812यज्ञेश्यैॐ यज्ञेश्यै नमः।Om Yajneshyai Namah.जो यज्ञ की अधिष्ठात्री देवी हैं।
813यज्ञमानिन्यैॐ यज्ञमानिन्यै नमः।Om Yajnamaninyai Namah.जो यज्ञ की महिमा और सम्मान की स्वरूपा हैं।
814हर्यङ्गगायैॐ हर्यङ्गगायै नमः।Om Haryangagayai Namah.जो भगवान हरि के दिव्य अंगों से सम्बद्ध हैं।
815वक्षःस्थायैॐ वक्षःस्थायै नमः।Om Vakshahsthayai Namah.जो भगवान के वक्षस्थल में स्थित दिव्य शक्ति हैं।
816शिरःस्थायैॐ शिरःस्थायै नमः।Om Shirahsthayai Namah.जो दिव्य मस्तक में स्थित रहने वाली हैं।
817दक्षिणात्मिकायैॐ दक्षिणात्मिकायै नमः।Om Dakshinatmikayai Namah.जो दक्षिण दिशा और दक्षिणा के दिव्य तत्त्व की स्वरूपा हैं।
818स्फुरच्छक्तिमय्यैॐ स्फुरच्छक्तिमय्यै नमः।Om Sphurachchhaktimayyai Namah.जो निरंतर प्रकट होती दिव्य शक्ति से परिपूर्ण हैं।
819गीतायैॐ गीतायै नमः।Om Gitayai Namah.जो पवित्र गीत और दिव्य उपदेश की स्वरूपा हैं।
820पुंविकारायैॐ पुंविकारायै नमः।Om Pumvikarayai Namah.जो पुरुष तत्त्व के विविध परिवर्तनों की शक्ति हैं।
821पुमाकृत्यैॐ पुमाकृत्यै नमः।Om Pumakrityai Namah.जो पुरुष तत्त्व के कर्म और स्वरूप की शक्ति हैं।
822ईशावियोगिन्यैॐ ईशावियोगिन्यै नमः।Om Ishaviyoginyai Namah.जो ईश्वर से कभी वियुक्त न होने वाली हैं।
823पुंसा समायैॐ पुंसा समायै नमः।Om Pumsa Samayai Namah.जो परम पुरुष के साथ समान और अभिन्न भाव वाली हैं।
824अतुलवपुर्धरायैॐ अतुलवपुर्धरायै नमः।Om Atulavapurdharayai Namah.जो अनुपम और अतुलनीय दिव्य शरीर धारण करती हैं।
825वटपत्रात्मिकायैॐ वटपत्रात्मिकायै नमः।Om Vatapatratmikayai Namah.जो वटपत्र के पवित्र दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
826बाह्याकृत्यैॐ बाह्याकृत्यै नमः।Om Bahyakrityai Namah.जो बाह्य कर्म और धार्मिक आचरण की स्वरूपा हैं।
827कीलालरूपिण्यैॐ कीलालरूपिण्यै नमः।Om Kilalarupinyai Namah.जो कीलाल अर्थात जल या अमृतमय तत्त्व की स्वरूपा हैं।
828तमोभिदेॐ तमोभिदे नमः।Om Tamobhide Namah.जो अंधकार को भेदकर ज्ञान का प्रकाश देती हैं।
829मानव्यैॐ मानव्यै नमः।Om Manavyai Namah.जो मनु और मानव परंपरा से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
830दुर्गायैॐ दुर्गायै नमः।Om Durgayai Namah.जो कठिनाइयों से रक्षा करने वाली और दुर्गम संकटों को दूर करने वाली हैं।
831अल्पसुखार्थिभिरगम्यायैॐ अल्पसुखार्थिभिरगम्यायै नमः।Om Alpasukharthibhiragamyayai Namah.जो केवल क्षणिक सुख चाहने वालों के लिए अगम्य हैं।
832कराग्रवारिनीकाशायैॐ कराग्रवारिनीकाशायै नमः।Om Karagravarinikashayai Namah.जिनकी कांति हथेली के अग्रभाग में स्थित जल के समान निर्मल है।
833करवारिसुपोषितायैॐ करवारिसुपोषितायै नमः।Om Karavarisuposhitayai Namah.जो हाथ से दिए गए पवित्र जल से पोषित होती हैं।
834गोरूपायैॐ गोरूपायै नमः।Om Gorupayai Namah.जो गौ के पवित्र और मंगलमय स्वरूप वाली हैं।
835गोष्ठमध्यस्थायैॐ गोष्ठमध्यस्थायै नमः।Om Goshthamadhyasthayai Namah.जो गोष्ठ अर्थात गौशाला के मध्य स्थित रहने वाली हैं।
836गोपालप्रियकारिण्यैॐ गोपालप्रियकारिण्यै नमः।Om Gopalapriyakarinyai Namah.जो भगवान गोपाल को प्रिय लगने वाले कार्य करती हैं।
837जितेन्द्रियायैॐ जितेन्द्रियायै नमः।Om Jitendriyayai Namah.जो इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखने वाली हैं।
838विश्वभोक्त्र्यैॐ विश्वभोक्त्र्यै नमः।Om Vishvabhoktryai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व के पालन और भोग की शक्ति हैं।
839यन्त्र्यैॐ यन्त्र्यै नमः।Om Yantryai Namah.जो दिव्य यंत्र और नियंत्रण की शक्ति की स्वरूपा हैं।
840यानायैॐ यानायै नमः।Om Yanayai Namah.जो साधना और परम लक्ष्य तक पहुँचने का दिव्य साधन हैं।
841चिकित्विष्यैॐ चिकित्विष्यै नमः।Om Chikitvishyai Namah.जो बुद्धिमत्ता और सूक्ष्म ज्ञान से युक्त हैं।
842पुण्यकीर्त्यैॐ पुण्यकीर्त्यै नमः।Om Punyakirtyai Namah.जिनकी कीर्ति पवित्र और पुण्यमयी है।
843चेतयित्र्यैॐ चेतयित्र्यै नमः।Om Chetayitryai Namah.जो चेतना और जागृति प्रदान करने वाली हैं।
844मर्त्यापस्मारहारिण्यैॐ मर्त्यापस्मारहारिण्यै नमः।Om Martyapasmaraharinyai Namah.जो मनुष्यों के अपस्मार और कष्टों को दूर करने वाली हैं।
845स्वर्गवर्त्मकर्यैॐ स्वर्गवर्त्मकर्यै नमः।Om Svargavartmakaryai Namah.जो स्वर्ग की ओर जाने वाला पवित्र मार्ग प्रदान करती हैं।
846गाथायैॐ गाथायै नमः।Om Gathayai Namah.जो पवित्र गाथा और स्तुति की स्वरूपा हैं।
847निरालम्बायैॐ निरालम्बायै नमः।Om Niralambayai Namah.जो किसी बाहरी आधार पर निर्भर न रहने वाली हैं।
848गुणाकरायैॐ गुणाकरायै नमः।Om Gunakarayai Namah.जो अनंत दिव्य गुणों की खान हैं।
849शश्वद्रूपायैॐ शश्वद्रूपायै नमः।Om Shashvadrupayai Namah.जो सदैव एक समान दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
850शूरसेनायैॐ शूरसेनायै नमः।Om Shurasenayai Namah.जो वीरों की सेना के समान शक्तिशाली और रक्षिका हैं।
851वृष्ट्यैॐ वृष्ट्यै नमः।Om Vrishtyai Namah.जो वर्षा और जीवनदायिनी जलधारा की स्वरूपा हैं।
852वृष्टिप्रवर्षिण्यैॐ वृष्टिप्रवर्षिण्यै नमः।Om Vrishtipravarshinyai Namah.जो भरपूर वर्षा कराने वाली दिव्य शक्ति हैं।
853प्रमदात्तायैॐ प्रमदात्तायै नमः।Om Pramadattayai Namah.जो आनंद और प्रसन्नता प्रदान करने वाली हैं।
854अप्रमत्तायैॐ अप्रमत्तायै नमः।Om Apramattayai Namah.जो सदैव सावधान, जागरूक और सजग हैं।
855प्रमादघ्न्यैॐ प्रमादघ्न्यै नमः।Om Pramadaghnyai Namah.जो प्रमाद, लापरवाही और असावधानी का नाश करती हैं।
856प्रमोददायैॐ प्रमोददायै नमः।Om Pramodadayai Namah.जो भक्तों को आनंद और प्रसन्नता प्रदान करती हैं।
857ब्राह्मण्यैॐ ब्राह्मण्यै नमः।Om Brahmanyai Namah.जो ब्रह्मज्ञान और पवित्र आध्यात्मिक तत्त्व की स्वरूपा हैं।
858क्षत्रियायैॐ क्षत्रियायै नमः।Om Kshatriyayai Namah.जो क्षत्रिय धर्म और रक्षा शक्ति की स्वरूपा हैं।
859वैश्यायैॐ वैश्यायै नमः।Om Vaishyayai Namah.जो वैश्य धर्म, समृद्धि और पालन की शक्ति हैं।
860शूद्रायैॐ शूद्रायै नमः।Om Shudrayai Namah.जो सेवा और समर्पण के पवित्र भाव की स्वरूपा हैं।
861जात्यैॐ जात्यै नमः।Om Jatyai Namah.जो समस्त जातियों और सृष्टि की विविधता में विद्यमान हैं।
862मसूरिकायैॐ मसूरिकायै नमः।Om Masurikayai Namah.जो मसूरिका नामक रोग या उससे संबंधित शक्ति की अधिष्ठात्री हैं।
863वानप्रस्थायैॐ वानप्रस्थायै नमः।Om Vanaprasthayai Namah.जो वानप्रस्थ आश्रम और तपस्या की स्वरूपा हैं।
864तीर्थरूपायैॐ तीर्थरूपायै नमः।Om Tirtharupayai Namah.जो स्वयं पवित्र तीर्थ के समान पावन हैं।
865गृहस्थायैॐ गृहस्थायै नमः।Om Grihasthayai Namah.जो गृहस्थ जीवन और उसके पवित्र कर्तव्यों की शक्ति हैं।
866ब्रह्मचारिण्यैॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः।Om Brahmacharinyai Namah.जो ब्रह्मचर्य, संयम और साधना की स्वरूपा हैं।
867आत्मक्रीडायैॐ आत्मक्रीडायै नमः।Om Atmakridayai Namah.जो आत्मस्वरूप में ही दिव्य आनंद का अनुभव करती हैं।
868आत्मरत्यैॐ आत्मरत्यै नमः।Om Atmaratyai Namah.जो आत्मा में ही आनंद प्राप्त करने वाली हैं।
869आत्मवत्यैॐ आत्मवत्यै नमः।Om Atmavatyai Namah.जो आत्मज्ञान और आत्मचेतना से सम्पन्न हैं।
870असितेक्षणायैॐ असितेक्षणायै नमः।Om Asitekshanayai Namah.जिनके नेत्र गहरे और अत्यंत मनोहर हैं।
871अनीहायैॐ अनीहायै नमः।Om Anihayai Namah.जो सांसारिक इच्छाओं और स्वार्थ से रहित हैं।
872मौनिन्यैॐ मौनिन्यै नमः।Om Mauninyai Namah.जो मौन, ध्यान और अंतर्मुखी साधना की स्वरूपा हैं।
873हानिशून्यायैॐ हानिशून्यायै नमः।Om Hanishunyayai Namah.जो किसी प्रकार की हानि से रहित और अक्षय हैं।
874काश्मीरवासिन्यैॐ काश्मीरवासिन्यै नमः।Om Kashmiravasinyai Namah.जो कश्मीर प्रदेश में निवास करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
875अव्यथायैॐ अव्यथायै नमः।Om Avyathayai Namah.जो दुःख, पीड़ा और व्यथा से रहित हैं।
876विजयायैॐ विजयायै नमः।Om Vijayayai Namah.जो विजय और सफलता प्रदान करने वाली हैं।
877राज्ञ्यैॐ राज्ञ्यै नमः।Om Rajnyai Namah.जो महारानी और समस्त जगत की शासिका हैं।
878मृणालतुलितांशुकायैॐ मृणालतुलितांशुकायै नमः।Om Mrinalatulitamshukayai Namah.जिनकी कोमल आभा मृणाल के समान अत्यंत सुंदर है।
879गुहाशयायैॐ गुहाशयायै नमः।Om Guhashayayai Namah.जो हृदय की गहन गुहा में निवास करने वाली हैं।
880धीरमत्यैॐ धीरमत्यै नमः।Om Dhiramatyai Namah.जो धैर्य, विवेक और स्थिर बुद्धि से सम्पन्न हैं।
881अनाथायैॐ अनाथायै नमः।Om Anathayai Namah.जो स्वयं किसी बाहरी आश्रय की आवश्यकता से रहित हैं।
882अनाथरक्षिण्यैॐ अनाथरक्षिण्यै नमः।Om Anatharakshinyai Namah.जो अनाथ और असहाय भक्तों की रक्षा करने वाली हैं।
883यूपात्मिकायैॐ यूपात्मिकायै नमः।Om Yupatmikayai Namah.जो यज्ञ में प्रयुक्त यूप स्तम्भ की दिव्य शक्ति हैं।
884वेदिरूपायैॐ वेदिरूपायै नमः।Om Vedirupayai Namah.जो यज्ञवेदी के पवित्र स्वरूप में स्थित हैं।
885स्रुग्रूपायैॐ स्रुग्रूपायै नमः।Om Srugrupayai Namah.जो यज्ञ में प्रयुक्त स्रुक पात्र के दिव्य स्वरूप वाली हैं।
886स्रुवरूपिण्यैॐ स्रुवरूपिण्यै नमः।Om Sruvarupinyai Namah.जो यज्ञ में प्रयुक्त स्रुव के पवित्र स्वरूप में स्थित हैं।
887ज्ञानोपदेशिन्यैॐ ज्ञानोपदेशिन्यै नमः।Om Jnanopadeshinyai Namah.जो दिव्य ज्ञान का उपदेश देने वाली हैं।
888पट्टसूत्राङ्कायैॐ पट्टसूत्राङ्कायै नमः।Om Pattasutrankayai Namah.जो पवित्र पट्ट और सूत्र से अलंकृत स्वरूप वाली हैं।
889ज्ञानमुद्रिकायैॐ ज्ञानमुद्रिकायै नमः।Om Jnanamudrikayai Namah.जो ज्ञान की दिव्य मुद्रा की स्वरूपा हैं।
890विधिवेद्यायैॐ विधिवेद्यायै नमः।Om Vidhivedyayai Namah.जो विधि और धार्मिक विधान के माध्यम से जानी जाती हैं।
891मन्त्रवेद्यायैॐ मन्त्रवेद्यायै नमः।Om Mantravedyayai Namah.जो पवित्र मंत्रों के द्वारा जानी और प्राप्त की जाती हैं।
892अर्थवादप्ररोचितायैॐ अर्थवादप्ररोचितायै नमः।Om Arthavadaprarochitayai Namah.जो वैदिक अर्थवाद द्वारा प्रेरित और प्रशंसित हैं।
893क्रियारूपायैॐ क्रियारूपायै नमः।Om Kriyarupayai Namah.जो समस्त शुभ कर्म और क्रिया की स्वरूपा हैं।
894मन्त्ररूपायैॐ मन्त्ररूपायै नमः।Om Mantrarupayai Namah.जो स्वयं पवित्र मंत्रस्वरूप हैं।
895दक्षिणायैॐ दक्षिणायै नमः।Om Dakshinayai Namah.जो दक्षिणा और यज्ञ में समर्पण की पवित्र शक्ति हैं।
896ब्राह्मणात्मिकायैॐ ब्राह्मणात्मिकायै नमः।Om Brahmanatmikayai Namah.जो ब्राह्मण तत्त्व और ब्रह्मज्ञान की आत्मस्वरूपा हैं।
897अन्नेशायैॐ अन्नेशायै नमः।Om Anneshayai Namah.जो अन्न की अधिष्ठात्री देवी हैं।
898अन्नदायैॐ अन्नदायै नमः।Om Annadayai Namah.जो अन्न और जीवन का पोषण प्रदान करने वाली हैं।
899अन्नोपासिन्यैॐ अन्नोपासिन्यै नमः।Om Annopasinyai Namah.जो अन्न की उपासना और सम्मान की प्रेरणा देती हैं।
900परमान्नभुजेॐ परमान्नभुजे नमः।Om Paramannabhuje Namah.जो परम पवित्र अन्न को स्वीकार करने वाली हैं।
901सभायैॐ सभायै नमः।Om Sabhayai Namah.जो पवित्र सभा और सत्संग की स्वरूपा हैं।
902सभावत्यैॐ सभावत्यै नमः।Om Sabhavatyai Namah.जो दिव्य सभा से सम्पन्न और सुशोभित हैं।
903सभ्यायैॐ सभ्यायै नमः।Om Sabhyayai Namah.जो सभ्यता, सदाचार और शिष्टता की स्वरूपा हैं।
904सभ्यानां जीवनप्रदायैॐ सभ्यानां जीवनप्रदायै नमः।Om Sabhyanam Jivanapradayai Namah.जो सभा में उपस्थित भक्तों को जीवन और आनंद प्रदान करती हैं।
905लिप्सायैॐ लिप्सायै नमः।Om Lipsayai Namah.जो शुभ और दिव्य प्राप्ति की आकांक्षा की स्वरूपा हैं।
906बडबायैॐ बडबायै नमः।Om Badabayai Namah.जो बडबा अग्नि के दिव्य और शक्तिशाली स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
907अश्वत्थायैॐ अश्वत्थायै नमः।Om Ashvatthayai Namah.जो पवित्र अश्वत्थ वृक्ष की दिव्य शक्ति हैं।
908जिज्ञासायैॐ जिज्ञासायै नमः।Om Jijnasayai Namah.जो सत्य और ज्ञान की पवित्र जिज्ञासा की स्वरूपा हैं।
909विषयात्मिकायैॐ विषयात्मिकायै नमः।Om Vishayatmikayai Namah.जो विषय और इन्द्रिय अनुभवों के तत्त्व को जानने वाली हैं।
910स्वरूपायैॐ स्वरूपायै नमः।Om Svarupayai Namah.जो अपने शुद्ध और दिव्य स्वरूप की स्वयं अभिव्यक्ति हैं।
911वर्णरूपायैॐ वर्णरूपायै नमः।Om Varnarupayai Namah.जो अक्षर, वर्ण और ध्वनि के दिव्य रूप में स्थित हैं।
912दीर्घायैॐ दीर्घायै नमः।Om Dirghayai Namah.जो दीर्घ और विस्तृत दिव्य स्वरूप वाली हैं।
913ह्रस्वायैॐ ह्रस्वायै नमः।Om Hrasvayai Namah.जो ह्रस्व स्वर और सूक्ष्म रूप की स्वरूपा हैं।
914स्वरात्मिकायैॐ स्वरात्मिकायै नमः।Om Svaratmikayai Namah.जो सभी स्वरों और दिव्य ध्वनियों की आत्मस्वरूपा हैं।
915धर्मरूपायैॐ धर्मरूपायै नमः।Om Dharmarupayai Namah.जो धर्म और सदाचार के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
916धर्मपुण्यायैॐ धर्मपुण्यायै नमः।Om Dharmapunyayai Namah.जो धर्म और पुण्य प्रदान करने वाली हैं।
917आद्यायैॐ आद्यायै नमः।Om Adyayai Namah.जो आदि और मूल शक्ति के रूप में पूजनीय हैं।
918ईशान्यैॐ ईशान्यै नमः।Om Ishanyai Namah.जो ईशान दिशा और उसकी दिव्य शक्ति की अधिष्ठात्री हैं।
919शार्ङ्गिवल्लभायैॐ शार्ङ्गिवल्लभायै नमः।Om Sharngivallabhayai Namah.जो शार्ङ्गधनुषधारी भगवान विष्णु को प्रिय हैं।
920चलन्त्यैॐ चलन्त्यै नमः।Om Chalantyai Namah.जो निरंतर गतिशील और सक्रिय दिव्य शक्ति हैं।
921छत्रिण्यैॐ छत्रिण्यै नमः।Om Chhatrinyai Namah.जो छत्र के समान संरक्षण और आश्रय प्रदान करती हैं।
922इच्छायैॐ इच्छायै नमः।Om Ichchhayai Namah.जो दिव्य इच्छा और संकल्प की शक्ति हैं।
923जगन्नाथायैॐ जगन्नाथायै नमः।Om Jagannathayai Namah.जो समस्त जगत के नाथ की दिव्य शक्ति हैं।
924अजरायैॐ अजरायै नमः।Om Ajarayai Namah.जो कभी वृद्ध न होने वाली और सदैव नवीन हैं।
925अमरायैॐ अमरायै नमः।Om Amarayai Namah.जो अमर और अविनाशी स्वरूप वाली हैं।
926झषाङ्कसुप्रियायैॐ झषाङ्कसुप्रियायै नमः।Om Jhashankasupriyayai Namah.जो झषाङ्क नामक दिव्य तत्त्व को प्रिय मानने वाली हैं।
927रम्यायैॐ रम्यायै नमः।Om Ramyayai Namah.जो अत्यंत सुंदर, मनोहर और आनंददायिनी हैं।
928रत्यैॐ रत्यै नमः।Om Ratyai Namah.जो प्रेम, आनंद और प्रसन्नता की स्वरूपा हैं।
929रतिसुखप्रदायैॐ रतिसुखप्रदायै नमः।Om Ratisukhapradayai Namah.जो प्रेम और आनंद का सुख प्रदान करने वाली हैं।
930नवाक्षरात्मिकायैॐ नवाक्षरात्मिकायै नमः।Om Navaksharatmikayai Namah.जो नौ अक्षरों वाले पवित्र मंत्र की आत्मस्वरूपा हैं।
931कादिसर्ववर्णात्मिकायैॐ कादिसर्ववर्णात्मिकायै नमः।Om Kadisarvavarnatmikayai Namah.जो कादि से आरंभ होने वाले सभी वर्णों की स्वरूपा हैं।
932लिप्यैॐ लिप्यै नमः।Om Lipyai Namah.जो लिपि और अक्षर ज्ञान की दिव्य शक्ति हैं।
933रत्नकुङ्कुमफालाढ्यायैॐ रत्नकुङ्कुमफालाढ्यायै नमः।Om Ratnakunkumaphaladhyayai Namah.जिनका मस्तक रत्न और कुंकुम से सुशोभित है।
934हरिद्राञ्चितपादुकायैॐ हरिद्राञ्चितपादुकायै नमः।Om Haridranchitapadukayai Namah.जिनकी पादुकाएँ हल्दी से पवित्र और सुशोभित हैं।
935दिव्याङ्गरागायैॐ दिव्याङ्गरागायै नमः।Om Divyangaragayai Namah.जो दिव्य अंगराग और सुगंधित लेप से सुशोभित हैं।
936दिव्याङ्गायैॐ दिव्याङ्गायै नमः।Om Divyangayai Namah.जिनके सभी अंग दिव्य और मनोहर हैं।
937सुवर्णलतिकोपमायैॐ सुवर्णलतिकोपमायै नमः।Om Suvarnalatikopamayai Namah.जो स्वर्ण की लता के समान कोमल और सुंदर हैं।
938सुदेव्यैॐ सुदेव्यै नमः।Om Sudevyai Namah.जो अत्यंत शुभ और पवित्र देवी हैं।
939वामदेव्यैॐ वामदेव्यै नमः।Om Vamadevyai Namah.जो वामदेव के दिव्य तत्त्व से सम्बद्ध देवी हैं।
940सप्तद्वीपात्मिकायैॐ सप्तद्वीपात्मिकायै नमः।Om Saptadvipatmikayai Namah.जो सातों द्वीपों में व्याप्त दिव्य शक्ति की स्वरूपा हैं।
941भृत्यैॐ भृत्यै नमः।Om Bhrityai Namah.जो भक्तों की सेविका और उनकी सेवा स्वीकार करने वाली हैं।
942गजशुण्डाद्वयभृतसुवर्णकलशप्रियायैॐ गजशुण्डाद्वयभृतसुवर्णकलशप्रियायै नमः।Om Gajashundadvayabhritasuvarnakalashapriyayai Namah.जो दो गजशुण्डों द्वारा धारण किए स्वर्ण कलश को प्रिय मानती हैं।
943तपनीयप्रभायैॐ तपनीयप्रभायै नमः।Om Tapaniyaprabhayai Namah.जिनकी प्रभा तपे हुए स्वर्ण के समान चमकती है।
944लिकुचायैॐ लिकुचायै नमः।Om Likuchayai Namah.जो लिकुच फल और उसके पवित्र तत्त्व से सम्बद्ध हैं।
945लिकुचस्तन्यैॐ लिकुचस्तन्यै नमः।Om Likuchastanyai Namah.जो लिकुच के समान पोषण देने वाली दिव्य शक्ति हैं।
946कान्तारसुप्रियायैॐ कान्तारसुप्रियायै नमः।Om Kantarasupriyayai Namah.जो वन और वन्य वातावरण को प्रिय मानने वाली हैं।
947कान्तायैॐ कान्तायै नमः।Om Kantayai Namah.जो अत्यंत सुंदर, प्रिय और आकर्षक स्वरूप वाली हैं।
948अरातिव्रातान्तदायिन्यैॐ अरातिव्रातान्तदायिन्यै नमः।Om Arativratantadayinyai Namah.जो शत्रुओं के समूह का अंत करने वाली हैं।
949पुराणायैॐ पुराणायै नमः।Om Puranayai Namah.जो सनातन, प्राचीन और अनादि स्वरूप वाली हैं।
950कीटकाभासायैॐ कीटकाभासायै नमः।Om Kitakabhasayai Namah.जो सूक्ष्म जीवों में भी दिव्य प्रकाश के रूप में विद्यमान हैं।
951बिम्बोष्ठ्यैॐ बिम्बोष्ठ्यै नमः।Om Bimboshthyai Namah.जिनके अधर बिम्बफल के समान सुंदर और लाल हैं।
952पुण्यचर्मिण्यैॐ पुण्यचर्मिण्यै नमः।Om Punyacharminyai Namah.जो पवित्र आवरण और शुभ स्वरूप से युक्त हैं।
953ओङ्कारघोषरूपायैॐ ओङ्कारघोषरूपायै नमः।Om Onkaraghosharupayai Namah.जो ॐकार की पवित्र ध्वनि के स्वरूप में स्थित हैं।
954नवमीतिथिपूजितायैॐ नवमीतिथिपूजितायै नमः।Om Navamitithipujitayai Namah.जो नवमी तिथि पर विशेष रूप से पूजित होती हैं।
955क्षीराब्धिकन्यकायैॐ क्षीराब्धिकन्यकायै नमः।Om Kshirabdhikanyakayai Namah.जो क्षीरसागर से प्रकट हुई दिव्य कन्या के स्वरूप से सम्बद्ध हैं।
956वन्यायैॐ वन्यायै नमः।Om Vanyayai Namah.जो वन और प्राकृतिक जगत की पवित्र शक्ति हैं।
957पुण्डरीकनिभाम्बरायैॐ पुण्डरीकनिभाम्बरायै नमः।Om Pundarikanibhambarayai Namah.जिनके वस्त्र श्वेत कमल के समान उज्ज्वल हैं।
958वैकुण्ठरूपिण्यैॐ वैकुण्ठरूपिण्यै नमः।Om Vaikuntharupinyai Namah.जो वैकुण्ठ के दिव्य स्वरूप को धारण करने वाली हैं।
959हरिपादाब्जसेविन्यैॐ हरिपादाब्जसेविन्यै नमः।Om Haripadabjasevinyai Namah.जो भगवान हरि के कमल समान चरणों की सेवा करती हैं।
960कैलासपूजितायैॐ कैलासपूजितायै नमः।Om Kailasapujitayai Namah.जो कैलास में भी पूजित और सम्मानित हैं।
961कामरूपायैॐ कामरूपायै नमः।Om Kamarupayai Namah.जो इच्छानुसार दिव्य रूप धारण करने वाली हैं।
962हिरण्मय्यैॐ हिरण्मय्यै नमः।Om Hiranmayyai Namah.जो स्वर्ण के समान तेजस्वी और दिव्य हैं।
963कण्ठसूत्रस्थितायैॐ कण्ठसूत्रस्थितायै नमः।Om Kanthasutrasthitayai Namah.जो पवित्र कंठसूत्र में स्थित और सौभाग्य की प्रतीक हैं।
964सौमङ्गल्यप्रदायिन्यैॐ सौमङ्गल्यप्रदायिन्यै नमः।Om Saumangalyapradayinyai Namah.जो अखंड सौभाग्य और मंगल प्रदान करने वाली हैं।
965काम्यमानायैॐ काम्यमानायै नमः।Om Kamyamanayai Namah.जो भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक चाही और पूजी जाती हैं।
966उपेन्द्रदूत्यैॐ उपेन्द्रदूत्यै नमः।Om Upendradutyai Namah.जो भगवान उपेन्द्र की दिव्य दूत और संदेशवाहक शक्ति हैं।
967श्रीकृष्णतुलस्यैॐ श्रीकृष्णतुलस्यै नमः।Om Shrikrishnatulasyai Namah.जो श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय तुलसी के दिव्य स्वरूप हैं।
968घृणायैॐ घृणायै नमः।Om Ghrinayai Namah.जो करुणा, दया और दिव्य ऊष्मा की स्वरूपा हैं।
969श्रीरामतुलस्यैॐ श्रीरामतुलस्यै नमः।Om Shriramatulasyai Namah.जो श्रीराम को प्रिय और पूजनीय तुलसी के स्वरूप हैं।
970मित्रायैॐ मित्रायै नमः।Om Mitrayai Namah.जो सच्ची मित्र और भक्तों की हितैषिणी हैं।
971आलोलविलासिन्यैॐ आलोलविलासिन्यै नमः।Om Alolavilasinyai Namah.जो मनोहर और चंचल दिव्य विलास से युक्त हैं।
972सर्वतीर्थायैॐ सर्वतीर्थायै नमः।Om Sarvatirthayai Namah.जो सभी पवित्र तीर्थों के समान पावन हैं।
973आत्ममूलायैॐ आत्ममूलायै नमः।Om Atmamulayai Namah.जो आत्मतत्त्व को समस्त अस्तित्व का मूल मानने वाली हैं।
974देवतामयमध्यगायैॐ देवतामयमध्यगायै नमः।Om Devatamayamadhyagayai Namah.जो समस्त देवताओं से युक्त दिव्य मध्य तत्त्व में स्थित हैं।
975सर्ववेदमयाग्रायैॐ सर्ववेदमयाग्रायै नमः।Om Sarvavedamayagrayai Namah.जो समस्त वेदों के सर्वोच्च और दिव्य तत्त्व की स्वरूपा हैं।
976श्रीमोक्षतुलस्यैॐ श्रीमोक्षतुलस्यै नमः।Om Shrimokshatulasyai Namah.जो श्री और मोक्ष प्रदान करने वाली तुलसी देवी हैं।
977दृढायैॐ दृढायै नमः।Om Dridhayai Namah.जो अटल, स्थिर और दृढ़ स्वरूप वाली हैं।
978शिवजाड्यापहन्त्र्यैॐ शिवजाड्यापहन्त्र्यै नमः।Om Shivajadyapahantryai Namah.जो शिवतत्त्व से संबंधित जड़ता और अज्ञान का नाश करती हैं।
979शैवसिद्धान्तकाशिन्यैॐ शैवसिद्धान्तकाशिन्यै नमः।Om Shaivasiddhantakashinyai Namah.जो शैव सिद्धांत के ज्ञान को प्रकाशित करने वाली हैं।
980काकासुरर्स्यातिहन्त्र्यैॐ काकासुरर्स्यातिहन्त्र्यै नमः।Om Kakasurarsyatihantryai Namah.जो काकासुर से संबंधित कष्ट और शत्रुता का नाश करने वाली हैं।
981महिषासुरमर्दिन्यैॐ महिषासुरमर्दिन्यै नमः।Om Mahishasuramardinyai Namah.जो महिषासुर का वध करने वाली महान शक्ति हैं।
982पीयूषपाण्यैॐ पीयूषपाण्यै नमः।Om Piyushapanyai Namah.जिनके हाथ में अमृत के समान दिव्य रस है।
983पीयूषायैॐ पीयूषायै नमः।Om Piyushayai Namah.जो अमृत और अमरत्व प्रदान करने वाली हैं।
984कामंवादिविनोदिन्यैॐ कामंवादिविनोदिन्यै नमः।Om Kamamvadivinodinyai Namah.जो प्रेमपूर्ण और मधुर वचनों से आनंदित करने वाली हैं।
985कमनीयश्रोणितटायैॐ कमनीयश्रोणितटायै नमः।Om Kamaniyashronitatayai Namah.जिनका स्वरूप अत्यंत सुंदर और मनोहर है।
986तटिन्निभवरद्युत्यैॐ तटिन्निभवरद्युत्यै नमः।Om Tatinnibhavaradyutyai Namah.जिनकी दिव्य आभा बिजली के समान तेजस्वी है।
987भाग्यलक्ष्म्यैॐ भाग्यलक्ष्म्यै नमः।Om Bhagyalakshmyai Namah.जो सौभाग्य, समृद्धि और शुभ भाग्य प्रदान करने वाली लक्ष्मी हैं।
988मोक्षदात्र्यैॐ मोक्षदात्र्यै नमः।Om Mokshadatryai Namah.जो भक्तों को मोक्ष प्रदान करने वाली हैं।
989तुलसीतरुरूपिण्यैॐ तुलसीतरुरूपिण्यै नमः।Om Tulasitarurupinyai Namah.जो तुलसी के पवित्र वृक्ष के रूप में प्रकट होती हैं।
990वृन्दावन शिरोरोहत्पादद्वयसुशोभितायैॐ वृन्दावन शिरोरोहत्पादद्वयसुशोभितायै नमः।Om Vrindavana Shirorohatpadadvayasushobhitayai Namah.जो वृन्दावन में अपने दिव्य चरणों से अत्यंत सुशोभित हैं।
991सर्वत्रव्याप्ततुलस्यैॐ सर्वत्रव्याप्ततुलस्यै नमः।Om Sarvatravyaptatulasyai Namah.जो सभी स्थानों में व्याप्त रहने वाली तुलसी देवी हैं।
992कामधुक्तुलस्यैॐ कामधुक्तुलस्यै नमः।Om Kamadhuktulasyai Namah.जो कामधेनु के समान इच्छाओं को पूर्ण करने वाली तुलसी हैं।
993मोक्षतुलस्यैॐ मोक्षतुलस्यै नमः।Om Mokshatulasyai Namah.जो मोक्ष प्रदान करने वाली पवित्र तुलसी हैं।
994भव्यतुलस्यैॐ भव्यतुलस्यै नमः।Om Bhavyatulasyai Namah.जो भव्य, शुभ और मंगलमय तुलसी स्वरूप हैं।
995सदा संसृतितारिण्यैॐ सदा संसृतितारिण्यै नमः।Om Sada Samsrititarinyai Namah.जो सदैव संसार-सागर से पार लगाने वाली हैं।
996भवपाशविनाशिन्यैॐ भवपाशविनाशिन्यै नमः।Om Bhavapashavinashinyai Namah.जो सांसारिक बंधनों और मोह के पाश का नाश करती हैं।
997मोक्षसाधनदायिन्यैॐ मोक्षसाधनदायिन्यै नमः।Om Mokshasadhanadayinyai Namah.जो मोक्ष प्राप्ति के साधन और मार्ग प्रदान करती हैं।
998स्वदलैःपरमात्मनः पदद्वन्द्वं शोभयित्र्यैॐ स्वदलैःपरमात्मनः पदद्वन्द्वं शोभयित्र्यै नमः।Om Svadalaihparamatmanah Padadvandvam Shobhayitryai Namah.जो अपने पत्तों से परमात्मा के दोनों चरणों को सुशोभित करती हैं।
999रागबन्धादसंसक्तरजोभिः कृतदूतिकायैॐ रागबन्धादसंसक्तरजोभिः कृतदूतिकायै नमः।Om Ragabandhadasamsaktarajobhih Kritadutikayai Namah.जो आसक्ति के बंधन से रहित पवित्र रज द्वारा दिव्य संदेशवाहिका का कार्य करती हैं।
1000भगवच्छब्दसंसेव्यपाद सर्वार्थदायिन्यैॐ भगवच्छब्दसंसेव्यपाद सर्वार्थदायिन्यै नमः।Om Bhagavachchhabdasamsevyapada Sarvarthadayinyai Namah.जिनके चरण भगवान के नाम-स्मरण से सेवित हैं और जो सभी पुरुषार्थ प्रदान करती हैं।
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