| 800 | हेतुयुक्ता | ॐ हेतुयुक्तायै नमः। | Om Hetuyuktayai Namah. | जो उचित कारण और दिव्य उद्देश्य से युक्त हैं। |
| 801 | गयोत्तरा | ॐ गयोत्तरायै नमः। | Om Gayottarayai Namah. | जो गया तीर्थ से भी श्रेष्ठ और पवित्र हैं। |
| 802 | पर्वताधिनिवासा | ॐ पर्वताधिनिवासायै नमः। | Om Parvatadhinivasayai Namah. | जो पर्वतों में दिव्य निवास करने वाली हैं। |
| 803 | निवासकुशला | ॐ निवासकुशलायै नमः। | Om Nivasakushalayai Namah. | जो सभी के लिए दिव्य आश्रय प्रदान करती हैं। |
| 804 | सन्न्यासधर्मकुशला | ॐ सन्न्यासधर्मकुशलायै नमः। | Om Sannyasadharmakushalayai Namah. | जो संन्यास धर्म के ज्ञान में निपुण हैं। |
| 805 | सन्न्यासेशी | ॐ सन्न्यासेश्यै नमः। | Om Sannyaseshyai Namah. | जो संन्यास मार्ग की अधिष्ठात्री देवी हैं। |
| 806 | शरन्मुखी | ॐ शरन्मुख्यै नमः। | Om Sharanmukhyai Namah. | जिनका मुख शरद ऋतु के समान निर्मल और सुंदर है। |
| 807 | शरच्चन्द्रमुखी | ॐ शरच्चन्द्रमुख्यै नमः। | Om Sharachchandramukhyai Namah. | जिनका मुख शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा जैसा है। |
| 808 | श्यामहारा | ॐ श्यामहारायै नमः। | Om Shyamaharayai Namah. | जो श्यामसुन्दर के हृदय का हार और प्रिय हैं। |
| 809 | क्षेत्रनिवासिनी | ॐ क्षेत्रनिवासिन्यै नमः। | Om Kshetranivasinyai Namah. | जो पवित्र तीर्थ और दिव्य क्षेत्रों में निवास करती हैं। |
| 810 | वसन्तरागसंरागा | ॐ वसन्तरागसंरागायै नमः। | Om Vasantaragasamragayai Namah. | जो वसन्त के मधुर प्रेम और राग से पूर्ण हैं। |
| 811 | वसन्तवसनाकृति | ॐ वसन्तवसनाकृत्यै नमः। | Om Vasantavasanakrityai Namah. | जो वसन्त ऋतु के सुंदर वस्त्रों से सुशोभित हैं। |
| 812 | चतुर्भुजा | ॐ चतुर्भुजायै नमः। | Om Chaturbhujayai Namah. | जो चार भुजाओं वाले दिव्य स्वरूप में विराजती हैं। |
| 813 | षड्भुजा | ॐ षड्भुजायै नमः। | Om Shadbhujayai Namah. | जो छह भुजाओं वाले दिव्य रूप में प्रकट होती हैं। |
| 814 | द्विभुजा | ॐ द्विभुजायै नमः। | Om Dvibhujayai Namah. | जो दो भुजाओं वाले मनोहर दिव्य स्वरूप में हैं। |
| 815 | गौरविग्रहा | ॐ गौरविग्रहायै नमः। | Om Gauravigrahayai Namah. | जिनका दिव्य शरीर गौरवर्ण और अत्यंत सुंदर है। |
| 816 | सहस्रास्या | ॐ सहस्रास्यायै नमः। | Om Sahasrasyayai Namah. | जो सहस्र मुखों वाले विराट दिव्य स्वरूप की शक्ति हैं। |
| 817 | विहास्या | ॐ विहास्यायै नमः। | Om Vihasyayai Namah. | जो मधुर हास्य से भक्तों को आनंद देती हैं। |
| 818 | मुद्रास्या | ॐ मुद्रास्यायै नमः। | Om Mudrasyayai Namah. | जो दिव्य मुद्राओं और संकेतों से युक्त हैं। |
| 819 | मोददायिनी | ॐ मोददायिन्यै नमः। | Om Modadayinyai Namah. | जो भक्तों को आनंद और प्रसन्नता प्रदान करती हैं। |
| 820 | प्राणप्रिया | ॐ प्राणप्रियायै नमः। | Om Pranapriyayai Namah. | जो जीवन से भी अधिक प्रिय और प्रेममयी हैं। |
| 821 | प्राणरूपा | ॐ प्राणरूपायै नमः। | Om Pranarupayai Namah. | जो समस्त प्राणियों के जीवनस्वरूप हैं। |
| 822 | प्राणरूपिणी | ॐ प्राणरूपिण्यै नमः। | Om Pranarupinyai Namah. | जो प्राणशक्ति के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं। |
| 823 | अपावृता | ॐ अपावृतायै नमः। | Om Apavritayai Namah. | जो आवरण और बंधनों से पूर्णतः मुक्त हैं। |
| 824 | कृष्णप्रीता | ॐ कृष्णप्रीतायै नमः। | Om Krishnapritayai Namah. | जो श्रीकृष्ण के प्रेम में सदा प्रसन्न रहती हैं। |
| 825 | कृष्णरता | ॐ कृष्णरतायै नमः। | Om Krishnaratayai Namah. | जो श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम में सदा लीन हैं। |
| 826 | कृष्णतोषणतत्परा | ॐ कृष्णतोषणतत्परायै नमः। | Om Krishnatoshanatatparayai Namah. | जो श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने में सदैव तत्पर हैं। |
| 827 | कृष्णप्रेमरता | ॐ कृष्णप्रेमरतायै नमः। | Om Krishnapremaratayai Namah. | जो श्रीकृष्ण के दिव्य प्रेम में रमण करती हैं। |
| 828 | कृष्णभक्ता | ॐ कृष्णभक्तायै नमः। | Om Krishnabhaktayai Namah. | जो श्रीकृष्ण की परम भक्त और प्रेममयी हैं। |
| 829 | भक्तफलप्रदा | ॐ भक्तफलप्रदायै नमः। | Om Bhaktaphalapradayai Namah. | जो भक्तों की भक्ति का शुभ फल प्रदान करती हैं। |
| 830 | कृष्णप्रेमा | ॐ कृष्णप्रेमायै नमः। | Om Krishnapremayai Namah. | जो स्वयं श्रीकृष्ण के परम प्रेम का स्वरूप हैं। |
| 831 | प्रेमभक्ता | ॐ प्रेमभक्तायै नमः। | Om Premabhaktayai Namah. | जो प्रेममयी भक्ति की परम स्वरूपिणी हैं। |
| 832 | हरिभक्तिप्रदायिनी | ॐ हरिभक्तिप्रदायिन्यै नमः। | Om Haribhaktipradayinyai Namah. | जो भगवान हरि की भक्ति प्रदान करती हैं। |
| 833 | चैतन्यरूपा | ॐ चैतन्यरूपायै नमः। | Om Chaitanyarupayai Namah. | जो दिव्य चेतना के स्वरूप में स्थित हैं। |
| 834 | चैतन्यप्रिया | ॐ चैतन्यप्रियायै नमः। | Om Chaitanyapriyayai Namah. | जो दिव्य चेतना और प्रेम को प्रिय मानती हैं। |
| 835 | चैतन्यरूपिणी | ॐ चैतन्यरूपिण्यै नमः। | Om Chaitanyarupinyai Namah. | जो परम चेतना की दिव्य शक्ति हैं। |
| 836 | उग्ररूपा | ॐ उग्ररूपायै नमः। | Om Ugrarupayai Namah. | जो आवश्यकता पड़ने पर शक्तिशाली और उग्र रूप धारण करती हैं। |
| 837 | शिवक्रोडा | ॐ शिवक्रोडायै नमः। | Om Shivakrodayai Namah. | जो भगवान शिव की दिव्य शक्ति के रूप में स्थित हैं। |
| 838 | कृष्णक्रोडा | ॐ कृष्णक्रोडायै नमः। | Om Krishnakrodayai Namah. | जो श्रीकृष्ण की दिव्य लीला में सदा स्थित हैं। |
| 839 | जलोदरी | ॐ जलोदर्यै नमः। | Om Jalodaryai Namah. | जो जलतत्व को धारण करने वाली दिव्य शक्ति हैं। |
| 840 | महोदरी | ॐ महोदर्यै नमः। | Om Mahodaryai Namah. | जो विशाल हृदय और महान धारण शक्ति वाली हैं। |
| 841 | महादुर्गकान्तारस्थसुवासिनी | ॐ महादुर्गकान्तारस्थसुवासिन्यै नमः। | Om Mahadurgakantarasthasuvasinyai Namah. | जो दुर्गम वन और कठिन स्थानों में भी निवास करती हैं। |
| 842 | चन्द्रावली | ॐ चन्द्रावल्यै नमः। | Om Chandravalyai Namah. | जो चन्द्रमा की किरणों के समान सुंदर और शीतल हैं। |
| 843 | चन्द्रकेशी | ॐ चन्द्रकेश्यै नमः। | Om Chandrakeshyai Namah. | जिनके केश चन्द्रमा की आभा के समान सुंदर हैं। |
| 844 | चन्द्रप्रेमतरङ्गिणी | ॐ चन्द्रप्रेमतरङ्गिण्यै नमः। | Om Chandrapremataranginyai Namah. | जो चन्द्रमा के समान शीतल प्रेम की तरंग हैं। |
| 845 | समुद्रमथनोद्भूता | ॐ समुद्रमथनोद्भूतायै नमः। | Om Samudramathanodbhutayai Namah. | जो समुद्र मंथन से प्रकट दिव्य शक्ति के समान हैं। |
| 846 | समुद्रजलवासिनी | ॐ समुद्रजलवासिन्यै नमः। | Om Samudrajalavasinyai Namah. | जो समुद्र के पवित्र जल में निवास करने वाली हैं। |
| 847 | समुद्रामृतरूपा | ॐ समुद्रामृतरूपायै नमः। | Om Samudramritarupayai Namah. | जो समुद्र से प्राप्त अमृत के समान दिव्य हैं। |
| 848 | समुद्रजलवासिका | ॐ समुद्रजलवासिकायै नमः। | Om Samudrajalavasikayai Namah. | जो समुद्रजल में दिव्य रूप से निवास करती हैं। |
| 849 | केशपाशरता | ॐ केशपाशरतायै नमः। | Om Keshapasharatayai Namah. | जो सुंदर केशपाश और श्रृंगार से सुशोभित हैं। |
| 850 | निद्रा | ॐ निद्रायै नमः। | Om Nidrayai Namah. | जो दिव्य योगनिद्रा की स्वरूपिणी हैं। |
| 851 | क्षुधा | ॐ क्षुधायै नमः। | Om Kshudhayai Namah. | जो जीवों में जीवनधारण की प्राकृतिक शक्ति हैं। |
| 852 | प्रेमतरङ्गिका | ॐ प्रेमतरङ्गिकायै नमः। | Om Prematarangikayai Namah. | जो दिव्य प्रेम की मधुर तरंगों की स्वरूपिणी हैं। |
| 853 | दूर्वादलश्यामतनु | ॐ दूर्वादलश्यामतनवे नमः। | Om Durvadalashyamatanave Namah. | जिनका दिव्य शरीर दूर्वादल के समान श्यामल है। |
| 854 | दूर्वादलतनुच्छवि | ॐ दूर्वादलतनुच्छवये नमः। | Om Durvadalatanuchchhavaye Namah. | जिनकी शरीरकांति हरे दूर्वादल के समान मनोहर है। |
| 855 | नागरी | ॐ नागर्यै नमः। | Om Nagaryai Namah. | जो दिव्य प्रेमकला में निपुण और कुशल हैं। |
| 856 | नागरागारा | ॐ नागरागारायै नमः। | Om Nagaragarayai Namah. | जो दिव्य प्रेम और सौन्दर्य की शोभा का आश्रय हैं। |
| 857 | नागरानन्दकारिणी | ॐ नागरानन्दकारिण्यै नमः। | Om Nagaranandakarinyai Namah. | जो दिव्य प्रेम में आनंद प्रदान करती हैं। |
| 858 | नागरालिङ्गनपरा | ॐ नागरालिङ्गनपरायै नमः। | Om Nagaralinganaparayai Namah. | जो प्रियतम के दिव्य आलिंगन में अनुरक्त रहती हैं। |
| 859 | नागराङ्गणमङ्गला | ॐ नागराङ्गणमङ्गलायै नमः। | Om Nagaranganamangalayai Namah. | जो दिव्य प्रेम के आंगन को मंगलमय करती हैं। |
| 860 | उच्चनीचा | ॐ उच्चनीचायै नमः। | Om Uchchanichayai Namah. | जो सभी उच्च और निम्न अवस्थाओं से परे स्थित हैं। |
| 861 | हैमवतीप्रिया | ॐ हैमवतीप्रियायै नमः। | Om Haimavatipriyayai Namah. | जो देवी हैमवती को प्रिय और पूजनीय हैं। |
| 862 | कृष्णतरङ्गदा | ॐ कृष्णतरङ्गदायै नमः। | Om Krishnatarangadayai Namah. | जो श्रीकृष्ण के प्रेम की दिव्य तरंगें प्रदान करती हैं। |
| 863 | प्रेमालिङ्गनसिद्धाङ्गी | ॐ प्रेमालिङ्गनसिद्धाङ्ग्यै नमः। | Om Premalinganasiddhangyai Namah. | जिनका दिव्य शरीर प्रेमपूर्ण आलिंगन से पूर्ण है। |
| 864 | सिद्धसाध्यविलासिका | ॐ सिद्धसाध्यविलासिकायै नमः। | Om Siddhasadhyavilasikayai Namah. | जो सिद्ध और साध्य दोनों के लिए दिव्य विलास की स्वरूपिणी हैं। |
| 865 | मङ्गलामोदजननी | ॐ मङ्गलामोदजनन्यै नमः। | Om Mangalamodajananyai Namah. | जो मंगल और आनंद को जन्म देने वाली माता हैं। |
| 866 | मेखलामोदधारिणी | ॐ मेखलामोदधारिण्यै नमः। | Om Mekhalamodadharinyai Namah. | जो सुंदर मेखला धारण करके सुशोभित होती हैं। |
| 867 | रत्नमञ्जीरभूषाङ्गी | ॐ रत्नमञ्जीरभूषाङ्ग्यै नमः। | Om Ratnamanjirabhushangyai Namah. | जिनके चरण रत्नजड़ित नूपुरों से सुशोभित हैं। |
| 868 | रत्नभूषणभूषणा | ॐ रत्नभूषणभूषणायै नमः। | Om Ratnabhushanabhushanayai Namah. | जो रत्नमय आभूषणों से अत्यंत अलंकृत हैं। |
| 869 | जम्बालमालिका | ॐ जम्बालमालिकायै नमः। | Om Jambalamalikayai Namah. | जो सुंदर और मनोहर माला धारण करने वाली हैं। |
| 870 | कृष्णप्राणा | ॐ कृष्णप्राणायै नमः। | Om Krishnapranayai Namah. | जिनके प्राण स्वयं श्रीकृष्ण हैं। |
| 871 | प्राणविमोचना | ॐ प्राणविमोचनायै नमः। | Om Pranavimochanayai Namah. | जो जीवों को सांसारिक बंधनों से मुक्त करती हैं। |
| 872 | सत्यप्रदा | ॐ सत्यप्रदायै नमः। | Om Satyapradayai Namah. | जो सत्य और सत्यज्ञान प्रदान करती हैं। |
| 873 | सत्यवती | ॐ सत्यवत्यै नमः। | Om Satyavatyai Namah. | जो सत्यस्वरूप और सत्य में स्थित हैं। |
| 874 | सेवकानन्ददायिका | ॐ सेवकानन्ददायिकायै नमः। | Om Sevakanandadayikayai Namah. | जो अपने सेवकों और भक्तों को आनंद देती हैं। |
| 875 | जगद्योनिः | ॐ जगद्योनये नमः। | Om Jagadyonaye Namah. | जो सम्पूर्ण जगत की दिव्य मूल शक्ति हैं। |
| 876 | जगद्बीजा | ॐ जगद्बीजायै नमः। | Om Jagadbijayai Namah. | जो समस्त जगत के मूल बीजस्वरूप हैं। |
| 877 | विचित्रमणिभूषणा | ॐ विचित्रमणिभूषणायै नमः। | Om Vichitramanibhushanayai Namah. | जो विविध दिव्य रत्नों के आभूषणों से सुसज्जित हैं। |
| 878 | राधारमणकान्ता | ॐ राधारमणकान्तायै नमः। | Om Radharamanakantayai Namah. | जो राधारमण श्रीकृष्ण की परम प्रिय हैं। |
| 879 | राध्या | ॐ राध्यायै नमः। | Om Radhyayai Namah. | जो आराधना करने योग्य परम देवी हैं। |
| 880 | राधनरूपिणी | ॐ राधनरूपिण्यै नमः। | Om Radhanarupinyai Namah. | जो आराधना और भक्ति के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं। |
| 881 | कैलासवासिनी | ॐ कैलासवासिन्यै नमः। | Om Kailasavasinyai Namah. | जो कैलास के पवित्र दिव्य धाम में निवास करती हैं। |
| 882 | कृष्णप्राणसर्वस्वदायिनी | ॐ कृष्णप्राणसर्वस्वदायिन्यै नमः। | Om Krishnapranasarvasvadayinyai Namah. | जो श्रीकृष्ण को अपना सम्पूर्ण प्रेम और सर्वस्व अर्पित करती हैं। |
| 883 | कृष्णावतारनिरत-कृष्णभक्तफलार्थिनी | ॐ कृष्णावतारनिरतकृष्णभक्तफलार्थिन्यै नमः। | Om Krishnavataraniratakrishnabhaktaphalarthinyai Namah. | जो श्रीकृष्ण की भक्ति का परम फल प्रदान करने में तत्पर हैं। |
| 884 | याचकायाचकानन्दकारिणी | ॐ याचकायाचकानन्दकारिण्यै नमः। | Om Yachakayachakanandakarinyai Namah. | जो याचकों और भक्तों को आनंद प्रदान करती हैं। |
| 885 | याचकोज्ज्वला | ॐ याचकोज्ज्वलायै नमः। | Om Yachakojjvalayai Namah. | जो शरणागत याचकों को दिव्य प्रकाश और कृपा देती हैं। |
| 886 | हरिभूषणभूषाढ्या | ॐ हरिभूषणभूषाढ्यायै नमः। | Om Haribhushanabhushadhyayai Namah. | जो भगवान हरि के दिव्य आभूषणों से सुशोभित हैं। |
| 887 | आनन्दयुक्ता | ॐ आनन्दयुक्तायै नमः। | Om Anandayuktayai Namah. | जो परम आनंद से सदैव युक्त रहती हैं। |
| 888 | आर्द्रपादगा | ॐ आर्द्रपादगायै नमः। | Om Ardrapadagayai Namah. | जिनके चरण प्रेम और करुणा से सदैव कोमल हैं। |
| 889 | है-है-हरिभूषणभूषाढ्या | ॐ है-है-हरिभूषणभूषाढ्यायै नमः। | Om Hai-hai-haribhushanabhushadhyayai Namah. | जो हरि के दिव्य श्रृंगार और प्रेम से सुशोभित हैं। |
| 890 | आनन्दयुक्ता | ॐ आनन्दयुक्तायै नमः। | Om Anandayuktayai Namah. | जो दिव्य आनंद से पूर्णतः युक्त हैं। |
| 891 | आर्द्रपादगा | ॐ आर्द्रपादगायै नमः। | Om Ardrapadagayai Namah. | जिनके चरण प्रेम और करुणा से कोमल हैं। |
| 892 | है-है-तालधरा | ॐ है-है-तालधरायै नमः। | Om Hai-hai-taladharayai Namah. | जो दिव्य संगीत और ताल की अधिष्ठात्री हैं। |
| 893 | थै-थै-शब्दशक्तिप्रकाशिनी | ॐ थै-थै-शब्दशक्तिप्रकाशिन्यै नमः। | Om Thai-thai-shabdashaktiprakashinyai Namah. | जो दिव्य शब्द और संगीत की शक्ति को प्रकाशित करती हैं। |
| 894 | हे-हे-शब्दस्वरूपा | ॐ हे-हे-शब्दस्वरूपायै नमः। | Om He-he-shabdasvarupayai Namah. | जो दिव्य नाद और शब्द के स्वरूप में स्थित हैं। |
| 895 | ही-ही-वाक्यविशारदा | ॐ ही-ही-वाक्यविशारदायै नमः। | Om Hi-hi-vakyavisharadayai Namah. | जो मधुर और दिव्य वाणी में अत्यंत कुशल हैं। |
| 896 | जगदानन्दकर्त्री | ॐ जगदानन्दकर्त्र्यै नमः। | Om Jagadanandakartryai Namah. | जो समस्त जगत को आनंद प्रदान करती हैं। |
| 897 | सान्द्रानन्दविशारदा | ॐ सान्द्रानन्दविशारदायै नमः। | Om Sandranandavisharadayai Namah. | जो गहन और पूर्ण आनंद की ज्ञाता हैं। |
| 898 | पण्डितापण्डितगुणा | ॐ पण्डितापण्डितगुणायै नमः। | Om Panditapanditagunayai Namah. | जो विद्वानों और सामान्य भक्तों दोनों में गुणों को प्रकाशित करती हैं। |
| 899 | पण्डितानन्दकारिणी | ॐ पण्डितानन्दकारिण्यै नमः। | Om Panditanandakarinyai Namah. | जो विद्वानों और ज्ञानी भक्तों को आनंद देती हैं। |
| 900 | परिपालनकर्त्री | ॐ परिपालनकर्त्र्यै नमः। | Om Paripalanakartryai Namah. | जो समस्त भक्तों और जगत का पालन करती हैं। |
| 901 | स्थितिविनोदिनी | ॐ स्थितिविनोदिन्यै नमः। | Om Sthitivinodinyai Namah. | जो जगत की स्थिति में दिव्य लीला करती हैं। |
| 902 | संहारशब्दाढ्या | ॐ संहारशब्दाढ्यायै नमः। | Om Samharashabdadhyayai Namah. | जो संहार की दिव्य शक्ति से सम्पन्न हैं। |
| 903 | विद्वज्जनमनोहरा | ॐ विद्वज्जनमनोहरायै नमः। | Om Vidvajjanamanoharayai Namah. | जो विद्वान भक्तों के मन को भी मोहित करती हैं। |
| 904 | विदुषां प्रीतिजननी | ॐ विदुषां प्रीतिजनन्यै नमः। | Om Vidusham Pritijananyai Namah. | जो विद्वानों के हृदय में प्रेम उत्पन्न करती हैं। |
| 905 | विद्वत्प्रेमविवर्धिनी | ॐ विद्वत्प्रेमविवर्द्धिन्यै नमः। | Om Vidvatpremavivarddhinyai Namah. | जो ज्ञानी भक्तों के प्रेम और भक्ति को बढ़ाती हैं। |
| 906 | नादेशी | ॐ नादेश्वर्यै नमः। | Om Nadeshvaryai Namah. | जो दिव्य नाद की अधिष्ठात्री देवी हैं। |
| 907 | नादरूपा | ॐ नादरूपायै नमः। | Om Nadarupayai Namah. | जो दिव्य नाद के स्वरूप में स्थित हैं। |
| 908 | नादबिन्दुविधारिणी | ॐ नादबिन्दुविधारिण्यै नमः। | Om Nadabinduvidharinyai Namah. | जो नाद और बिन्दु की दिव्य शक्ति को धारण करती हैं। |
| 909 | शून्यस्थानस्थिता | ॐ शून्यस्थानस्थितायै नमः। | Om Shunyasthanasthitayai Namah. | जो परम शून्य और ध्यान की अवस्था में स्थित हैं। |
| 910 | शून्यरूपपादपवासिनी | ॐ शून्यरूपपादपवासिन्यै नमः। | Om Shunyarupapadapavasinyai Namah. | जो दिव्य वृक्षों और शांत शून्य स्थानों में निवास करती हैं। |
| 911 | कार्तिकव्रतकर्त्री | ॐ कार्तिकव्रतकर्त्र्यै नमः। | Om Kartikavratakartryai Namah. | जो कार्तिक मास के पवित्र व्रतों का पालन करती हैं। |
| 912 | वासनाहारिणी | ॐ वासनाहारिण्यै नमः। | Om Vasanaharinyai Namah. | जो सांसारिक वासनाओं और आसक्तियों का नाश करती हैं। |
| 913 | जलाशया | ॐ जलाशयायै नमः। | Om Jalashayayai Namah. | जो पवित्र जलाशयों की दिव्य शक्ति हैं। |
| 914 | जलतला | ॐ जलतलायै नमः। | Om Jalatalayai Namah. | जो जल की गहराई और शीतलता में स्थित हैं। |
| 915 | शिलातलनिवासिनी | ॐ शिलातलनिवासिन्यै नमः। | Om Shilatalanivasinyai Namah. | जो पवित्र शिलाओं और प्राकृतिक स्थानों में निवास करती हैं। |
| 916 | क्षुद्रकीटाङ्गसंसर्गा | ॐ क्षुद्रकीटाङ्गसंसर्गायै नमः। | Om Kshudrakitangasamsargayai Namah. | जो सूक्ष्म जीवों तक में दिव्य उपस्थिति रखती हैं। |
| 917 | सङ्गदोषविनाशिनी | ॐ सङ्गदोषविनाशिन्यै नमः। | Om Sangadoshavinashinyai Namah. | जो दूषित संगति के दोषों का नाश करती हैं। |
| 918 | कोटिकन्दर्पलावण्या | ॐ कोटिकन्दर्पलावण्यायै नमः। | Om Kotikandarpalavanyayai Namah. | जिनका सौन्दर्य करोड़ों कामदेवों के समान मनोहर है। |
| 919 | कोटिकन्दर्पसुन्दरी | ॐ कोटिकन्दर्पसुन्दर्यै नमः। | Om Kotikandarpasundaryai Namah. | जो करोड़ों कामदेवों से भी अधिक सुंदर हैं। |
| 920 | कन्दर्पकोटिजननी | ॐ कन्दर्पकोटिजनन्यै नमः। | Om Kandarpakotijananyai Namah. | जो करोड़ों कामदेवों की दिव्य मूल शक्ति हैं। |
| 921 | कामबीजप्रदायिनी | ॐ कामबीजप्रदायिन्यै नमः। | Om Kamabijapradayinyai Namah. | जो दिव्य प्रेम और कामबीज का ज्ञान प्रदान करती हैं। |
| 922 | कामशास्त्रविनोदा | ॐ कामशास्त्रविनोदायै नमः। | Om Kamashastravinodayai Namah. | जो दिव्य प्रेम के शास्त्रीय रहस्यों में आनंदित होती हैं। |
| 923 | कामशास्त्रप्रकाशिनी | ॐ कामशास्त्रप्रकाशिन्यै नमः। | Om Kamashastraprakashinyai Namah. | जो दिव्य प्रेम के ज्ञान को प्रकाशित करती हैं। |
| 924 | कामप्रकाशिका | ॐ कामप्रकाशिकायै नमः। | Om Kamaprakashikayai Namah. | जो दिव्य प्रेम के गूढ़ भाव को प्रकट करती हैं। |
| 925 | कामिनी | ॐ कामिन्यै नमः। | Om Kaminyai Namah. | जो प्रेम और सौन्दर्य की परम स्वरूपिणी हैं। |
| 926 | अणिमाद्यष्टसिद्धिदा | ॐ अणिमाद्यष्टसिद्धिदायै नमः। | Om Animadyashtasiddhidayai Namah. | जो अणिमा आदि आठों सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। |
| 927 | यामिनी | ॐ यामिन्यै नमः। | Om Yaminyai Namah. | जो रात्रि की शांति और रहस्य की स्वरूपिणी हैं। |
| 928 | यामिनीनाथवदना | ॐ यामिनीनाथवदनायै नमः। | Om Yamininathavadanayai Namah. | जिनका मुख रात्रि के स्वामी चन्द्रमा के समान सुंदर है। |
| 929 | यामिनीश्वरी | ॐ यामिनीश्वर्यै नमः। | Om Yaminishvaryai Namah. | जो रात्रि की परम अधिष्ठात्री देवी हैं। |
| 930 | यागयोगहरा | ॐ यागयोगहरायै नमः। | Om Yagayogaharayai Namah. | जो यज्ञ और योग के माध्यम से परम फल प्रदान करती हैं। |
| 931 | भुक्तिमुक्तिदात्री | ॐ भुक्तिमुक्तिदात्र्यै नमः। | Om Bhuktimuktidatryai Namah. | जो भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करती हैं। |
| 932 | हिरण्यदा | ॐ हिरण्यदायै नमः। | Om Hiranyadayai Namah. | जो स्वर्ण और दिव्य समृद्धि प्रदान करती हैं। |
| 933 | कपालमालिनी | ॐ कपालमालिन्यै नमः। | Om Kapalamalinyai Namah. | जो दिव्य शक्ति के उग्र स्वरूप में कपालमाला धारण करती हैं। |
| 934 | देवी | ॐ देव्यै नमः। | Om Devyai Namah. | जो समस्त दिव्य शक्तियों की परम देवी हैं। |
| 935 | धामरूपिणी | ॐ धामरूपिण्यै नमः। | Om Dhamarupinyai Namah. | जो स्वयं दिव्य धाम के स्वरूप में स्थित हैं। |
| 936 | अपूर्वदा | ॐ अपूर्वदायै नमः। | Om Apurvadayai Namah. | जो अद्भुत और दुर्लभ वरदान प्रदान करती हैं। |
| 937 | कृपान्विता | ॐ कृपान्वितायै नमः। | Om Kripanvitayai Namah. | जो असीम करुणा और कृपा से युक्त हैं। |
| 938 | गुणागौण्या | ॐ गुणागौण्यायै नमः। | Om Gunagaunyayai Namah. | जो सभी गुणों की मूल और दिव्य स्वरूपिणी हैं। |
| 939 | गुणातीतफलप्रदा | ॐ गुणातीतफलप्रदायै नमः। | Om Gunatitaphalapradayai Namah. | जो तीनों गुणों से परे परम फल प्रदान करती हैं। |
| 940 | कूष्माण्डभूतवेतालनाशिनी | ॐ कूष्माण्डभूतवेतालनाशिन्यै नमः। | Om Kushmandabhutavetalanashinyai Namah. | जो नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं का नाश करती हैं। |
| 941 | शारदान्विता | ॐ शारदान्वितायै नमः। | Om Sharadanvitayai Namah. | जो देवी शारदा के ज्ञान और कृपा से युक्त हैं। |
| 942 | शीतला | ॐ शीतलायै नमः। | Om Shitalayai Namah. | जो शीतलता, शांति और सुख प्रदान करती हैं। |
| 943 | शबला | ॐ शबलायै नमः। | Om Shabalayai Namah. | जो विविध दिव्य रंगों और शक्तियों से युक्त हैं। |
| 944 | हेलालीला | ॐ हेलालीलायै नमः। | Om Helalilayai Namah. | जो सहज और मनोहर दिव्य लीला करती हैं। |
| 945 | लावण्यमङ्गला | ॐ लावण्यमङ्गलायै नमः। | Om Lavanyamangalayai Namah. | जो सौन्दर्य और मंगल की परम स्वरूपिणी हैं। |
| 946 | विद्यार्थिनी | ॐ विद्यार्थिन्यै नमः। | Om Vidyarthinyai Namah. | जो दिव्य ज्ञान की खोज और साधना की प्रेरणा देती हैं। |
| 947 | विद्यमाना | ॐ विद्यमानायै नमः। | Om Vidyamanayai Namah. | जो सर्वत्र विद्यमान और सर्वव्यापी हैं। |
| 948 | विद्या | ॐ विद्यायै नमः। | Om Vidyayai Namah. | जो परम ज्ञान और आध्यात्मिक विद्या की स्वरूपिणी हैं। |
| 949 | विद्यास्वरूपिणी | ॐ विद्यास्वरूपिण्यै नमः। | Om Vidyasvarupinyai Namah. | जो स्वयं दिव्य ज्ञान के स्वरूप में स्थित हैं। |
| 950 | आन्वीक्षिकीशास्त्ररूपा | ॐ आन्वीक्षिकीशास्त्ररूपायै नमः। | Om Anvikshikishastrarupayai Namah. | जो तर्क, विवेक और आध्यात्मिक विचार के शास्त्र का स्वरूप हैं। |
| 951 | शास्त्रसिद्धान्तकारिणी | ॐ शास्त्रसिद्धान्तकारिण्यै नमः। | Om Shastrasiddhantakarinyai Namah. | जो शास्त्रों के दिव्य सिद्धान्तों को स्थापित करती हैं। |
| 952 | नागेन्द्रा | ॐ नागेन्द्रायै नमः। | Om Nagendrayai Namah. | जो नागों की परम अधिष्ठात्री शक्ति हैं। |
| 953 | नागमाता | ॐ नागमात्रे नमः। | Om Nagamatre Namah. | जो नागों की दिव्य माता हैं। |
| 954 | क्रीडाकौतुकरूपिणी | ॐ क्रीडाकौतुकरूपिण्यै नमः। | Om Kridakautukarupinyai Namah. | जो दिव्य क्रीड़ा और आनंद के कौतुक की स्वरूपिणी हैं। |
| 955 | हरिभावनशीला | ॐ हरिभावनशीलायै नमः। | Om Haribhavanashilayai Namah. | जो सदा भगवान हरि के चिंतन और भाव में लीन हैं। |
| 956 | हरितोषणतत्परा | ॐ हरितोषणतत्परायै नमः। | Om Haritoshanatatparayai Namah. | जो भगवान हरि को प्रसन्न करने में सदा तत्पर हैं। |
| 957 | हरिप्राणा | ॐ हरिप्राणायै नमः। | Om Haripranayai Namah. | जिनके प्राण भगवान हरि में स्थित हैं। |
| 958 | हरप्राणा | ॐ हरप्राणायै नमः। | Om Harapranayai Namah. | जो भगवान हर के दिव्य प्राणस्वरूप से जुड़ी हैं। |
| 959 | शिवप्राणा | ॐ शिवप्राणाय नमः। | Om Shivapranaya Namah. | जो भगवान शिव की दिव्य प्राणशक्ति के समान हैं। |
| 960 | शिवान्विता | ॐ शिवान्वितायै नमः। | Om Shivanvitayai Namah. | जो शिवतत्व और दिव्य मंगल से युक्त हैं। |
| 961 | नरकार्णवसंहन्त्री | ॐ नरकार्णवसंहन्त्र्यै नमः। | Om Narakarnavasamhatryai Namah. | जो नरकरूपी भयंकर समुद्र का नाश करती हैं। |
| 962 | नरकार्णवनाशिनी | ॐ नरकार्णवनाशिन्यै नमः। | Om Narakarnavanashinyai Namah. | जो नरक और उसके सभी दुःखों का नाश करती हैं। |
| 963 | नरेश्वरी | ॐ नरेश्वर्यै नमः। | Om Nareshvaryai Namah. | जो मनुष्यों की परम ईश्वरी और मार्गदर्शिका हैं। |
| 964 | नरातीता | ॐ नरातीतायै नमः। | Om Naratitayai Namah. | जो मानवीय सीमाओं से परे परम दिव्य शक्ति हैं। |
| 965 | नरसेव्या | ॐ नरसेव्यायै नमः। | Om Narasevyayai Namah. | जो सभी मनुष्यों द्वारा सेवा और पूजा करने योग्य हैं। |
| 966 | नराङ्गना | ॐ नराङ्गनायै नमः। | Om Naranganayai Namah. | जो मानव रूप में भी दिव्य शक्ति का प्रकाश हैं। |
| 967 | यशोदानन्दनप्राणवल्लभा | ॐ यशोदानन्दनप्राणवल्लभायै नमः। | Om Yashodanandanapranavallabhayai Namah. | जो यशोदा के पुत्र श्रीकृष्ण की प्राणों से प्रिय हैं। |
| 968 | हरिवल्लभा | ॐ हरिवल्लभायै नमः। | Om Harivallabhayai Namah. | जो भगवान हरि की परम प्रिय हैं। |
| 969 | यशोदानन्दनारम्या | ॐ यशोदानन्दनारम्यायै नमः। | Om Yashodanandanaramyayai Namah. | जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण के लिए अत्यंत रमणीय और प्रिय हैं। |
| 970 | यशोदानन्दनेश्वरी | ॐ यशोदानन्दनेश्वर्यै नमः। | Om Yashodanandaneshvaryai Namah. | जो यशोदा के पुत्र श्रीकृष्ण की परम ईश्वरी शक्ति हैं। |
| 971 | यशोदानन्दनाक्रीडा | ॐ यशोदानन्दनाक्रीडायै नमः। | Om Yashodanandanakridayai Namah. | जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण के साथ दिव्य क्रीड़ा करती हैं। |
| 972 | यशोदाक्रोडवासिनी | ॐ यशोदाक्रोडवासिन्यै नमः। | Om Yashodakrodavasinyai Namah. | जो माता यशोदा के स्नेहमय आश्रय में निवास करती हैं। |
| 973 | यशोदानन्दनप्राणा | ॐ यशोदानन्दनप्राणायै नमः। | Om Yashodanandanapranayai Namah. | जिनके प्राण यशोदानन्दन श्रीकृष्ण में स्थित हैं। |
| 974 | यशोदानन्दनार्थदा | ॐ यशोदानन्दनार्थदायै नमः। | Om Yashodanandanarthadayai Namah. | जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण को परम प्रेम और आनंद प्रदान करती हैं। |
| 975 | वत्सला | ॐ वत्सलायै नमः। | Om Vatsalayai Namah. | जो भक्तों और समस्त जीवों पर मातृवत स्नेह करती हैं। |
| 976 | कोशला | ॐ कोशलायै नमः। | Om Koshalayai Namah. | जो दिव्य कौशल और ज्ञान से सम्पन्न हैं। |
| 977 | कला | ॐ कलायै नमः। | Om Kalayai Namah. | जो समस्त कलाओं और दिव्य कौशल की स्वरूपिणी हैं। |
| 978 | करुणार्णवरूपिणी | ॐ करुणार्णवरूपिण्यै नमः। | Om Karunarnavarupinyai Namah. | जो करुणा के अथाह सागर के समान हैं। |
| 979 | स्वर्गलक्ष्मी | ॐ स्वर्गलक्ष्म्यै नमः। | Om Svargalakshmyai Namah. | जो स्वर्ग की दिव्य लक्ष्मी और समृद्धि की स्वरूपिणी हैं। |
| 980 | भूमिलक्ष्मी | ॐ भूमिलक्ष्म्यै नमः। | Om Bhumilakshmyai Namah. | जो पृथ्वी पर लक्ष्मी और समृद्धि प्रदान करने वाली हैं। |
| 981 | द्रौपदीपाण्डवप्रिया | ॐ द्रौपदीपाण्डवप्रियायै नमः। | Om Draupadipandavapriyayai Namah. | जो द्रौपदी और पाण्डवों की प्रिय दिव्य शक्ति हैं। |
| 982 | अर्जुनसखी | ॐ अर्जुनसख्यै नमः। | Om Arjunasakhyai Namah. | जो अर्जुन की दिव्य सखी और हितैषिणी हैं। |
| 983 | भोग्या | ॐ भोग्यै नमः। | Om Bhogyai Namah. | जो दिव्य प्रेम और आनंद का अनुभव कराने वाली हैं। |
| 984 | भैमी | ॐ भैम्यै नमः। | Om Bhaimyai Namah. | जो भीमवंश से संबंधित दिव्य शक्ति के रूप में पूजनीय हैं। |
| 985 | भीमकुलोद्भवा | ॐ भीमकुलोद्भवायै नमः। | Om Bhimakulodbhavayai Namah. | जो भीम के कुल में प्रकट हुई दिव्य शक्ति हैं। |
| 986 | भुवनामोहना | ॐ भुवनामोहनायै नमः। | Om Bhuvanamohanayai Namah. | जो समस्त लोकों को अपने सौन्दर्य से मोहित करती हैं। |
| 987 | क्षीणा | ॐ क्षीणायै नमः। | Om Kshinayai Namah. | जो सभी सांसारिक क्षय और परिवर्तन से परे हैं। |
| 988 | पानासक्ततरा | ॐ पानासक्ततरायै नमः। | Om Panasaktatarayai Namah. | जो दिव्य प्रेमरूपी अमृत के पान में अत्यंत अनुरक्त हैं। |
| 989 | पानार्थिनी | ॐ पानार्थिन्यै नमः। | Om Panarthinyai Namah. | जो दिव्य प्रेमामृत का पान करने की अभिलाषिणी हैं। |
| 990 | पानपात्रा | ॐ पानपात्रायै नमः। | Om Panapatrayai Namah. | जो दिव्य प्रेमामृत के पवित्र पात्र के समान हैं। |
| 991 | पानपानन्ददायिनी | ॐ पानपानन्ददायिन्यै नमः। | Om Panapanandadayinyai Namah. | जो दिव्य अमृत के पान से आनंद प्रदान करती हैं। |
| 992 | दुग्धमन्थनकर्माढ्या | ॐ दुग्धमन्थनकर्माढ्यायै नमः। | Om Dugdhamanthanakarmadhyayai Namah. | जो दूध मथने की पवित्र गोपीलीला से युक्त हैं। |
| 993 | दधिमन्थनतत्परा | ॐ दधिमन्थनतत्परायै नमः। | Om Dadhimanthanatatparayai Namah. | जो दही मथने की दिव्य लीला में तत्पर रहती हैं। |
| 994 | दधिभाण्डार्थिनी | ॐ दधिभाण्डार्थिन्यै नमः। | Om Dadhibhandarthinyai Namah. | जो दही के पवित्र पात्र और गोपीलीला से जुड़ी हैं। |
| 995 | कृष्णक्रोधिनी | ॐ कृष्णक्रोधिन्यै नमः। | Om Krishnakrodhinyai Namah. | जो प्रेम में श्रीकृष्ण पर मान और रोष प्रकट करती हैं। |
| 996 | नन्दनाङ्गना | ॐ नन्दनाङ्गनायै नमः। | Om Nandananganayai Namah. | जो नन्द के दिव्य आंगन में शोभायमान होती हैं। |
| 997 | घृतलिप्ता | ॐ घृतलिप्तायै नमः। | Om Ghritaliptayai Namah. | जो घृत से सुशोभित और पवित्र गोपीलीला से जुड़ी हैं। |
| 998 | तक्रयुक्ता | ॐ तक्रयुक्तायै नमः। | Om Takrayuktayai Namah. | जो पवित्र तक्र और गोपीजीवन की दिव्य लीला से युक्त हैं। |
| 999 | यमुनापारकौतुक | ॐ यमुनापारकौतुकायै नमः। | Om Yamunaparakautukayai Namah. | जो यमुना के पार दिव्य क्रीड़ा और कौतुक करती हैं। |
| 1000 | विचित्रकथका | ॐ विचित्रकथकायै नमः। | Om Vichitrakathakayai Namah. | जो अद्भुत और दिव्य कथाओं का वर्णन करने वाली हैं। |