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हरि ॐ तत्सत्
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Sahasranamavali of Goddess Janaki

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1अकल्पाॐ अकल्पायै नमः।Om Akalpayai Namah.जो कल्पना से परे हैं। 2अकल्मषाॐ अकल्मषायै नमः।Om Akalmashayai Namah.जो पाप और दोष से रहित हैं। 3अकामाॐ अकामायै नमः।Om Akamayai Namah.जो सांसारिक इच्छाओं से रहित हैं। 4अकायाॐ अकायायै नमः।Om Akayayai Namah.जो भौतिक शरीर की सीमाओं से परे हैं। 5अकारचर्चिताॐ अकारचर्चितायै नमः।Om Akaracharchitayai Namah.जो अकार से सम्बद्ध और पूजित हैं। 6अकारणाॐ अकारणायै नमः।Om Akaranayai Namah.जो किसी कारण...
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1अकल्पाॐ अकल्पायै नमः।Om Akalpayai Namah.जो कल्पना से परे हैं।
2अकल्मषाॐ अकल्मषायै नमः।Om Akalmashayai Namah.जो पाप और दोष से रहित हैं।
3अकामाॐ अकामायै नमः।Om Akamayai Namah.जो सांसारिक इच्छाओं से रहित हैं।
4अकायाॐ अकायायै नमः।Om Akayayai Namah.जो भौतिक शरीर की सीमाओं से परे हैं।
5अकारचर्चिताॐ अकारचर्चितायै नमः।Om Akaracharchitayai Namah.जो अकार से सम्बद्ध और पूजित हैं।
6अकारणाॐ अकारणायै नमः।Om Akaranayai Namah.जो किसी कारण पर निर्भर नहीं हैं।
7अकोपपूज्याॐ अकोपपूज्यायै नमः।Om Akopapujyayai Namah.जो क्रोधरहित और पूजनीय हैं।
8अक्रूरैकाॐ अक्रूरैकायै नमः।Om Akruraikayai Namah.जो करुणामयी और अद्वितीय हैं।
9अक्षणाॐ अक्षणायै नमः।Om Akshanayai Namah.जो अविनाशी स्वरूप वाली हैं।
10अक्षराॐ अक्षरायै नमः।Om Aksharayai Namah.जो कभी नष्ट नहीं होतीं।
11अगदाॐ अगदायै नमः।Om Agadayai Namah.जो रोग और दुःख दूर करती हैं।
12अगुणाॐ अगुणायै नमः।Om Agunayai Namah.जो तीनों गुणों से परे हैं।
13अग्रगण्याॐ अग्रगण्यायै नमः।Om Agraganyayai Namah.जो सबसे श्रेष्ठ हैं।
14अचलापुत्रिकाॐ अचलापुत्रिकायै नमः।Om Achalaputrikayai Namah.जो अचल स्वरूप की पुत्री हैं।
15अचलाॐ अचलायै नमः।Om Achalayai Namah.जो अडिग और स्थिर हैं।
16अच्युताॐ अच्युतायै नमः।Om Achyutayai Namah.जो अपने दिव्य स्वरूप से कभी पतित नहीं होतीं।
17अजाॐ अजायै नमः।Om Ajayai Namah.जो अजन्मा और शाश्वत हैं।
18अजेयबुद्धिॐ अजेयबुद्ध्यै नमः।Om Ajeyabuddhyai Namah.जिनकी बुद्धि अजेय है।
19अज्ञातगतिसत्तमाॐ अज्ञातगतिसत्तमायै नमः।Om Ajnatagatisattamayai Namah.जिनकी दिव्य गति अगम्य है।
20अणोरणीयसीॐ अणोरणीयस्यै नमः।Om Anoraniyasyai Namah.जो अणु से भी सूक्ष्म हैं।
21अतर्क्याॐ अतर्क्यायै नमः।Om Atarkyayai Namah.जो तर्क से परे हैं।
22अतीन्द्रियचयाॐ अतीन्द्रियचयायै नमः।Om Atindriyachayayai Namah.जो इन्द्रियों से परे हैं।
23अतुलाॐ अतुलायै नमः।Om Atulayai Namah.जिनकी कोई तुलना नहीं।
24अदभ्रमहिमाॐ अदभ्रमहिमायै नमः।Om Adabhramahimayai Namah.जिनकी महान महिमा कभी कम नहीं होती।
25अदृश्याॐ अदृश्यायै नमः।Om Adrishyayai Namah.जो सामान्य दृष्टि से अदृश्य हैं।
26अद्वितीयक्षमानिधिॐ अद्वितीयक्षमानिधये नमः।Om Advitiyakshamanidhaye Namah.जो अद्वितीय क्षमा की निधि हैं।
27अद्वितीयदयामूर्तिॐ अद्वितीयदयामूर्त्यै नमः।Om Advitiyadayamurtyai Namah.जो अद्वितीय दया की मूर्ति हैं।
28अद्वितीयानहङ्कृतिॐ अद्वितीयानहङ्कृत्यै नमः।Om Advitiyanahankrityai Namah.जो अद्वितीय होकर भी अहंकाररहित हैं।
29अदीनबुद्धिॐ अदीनबुद्ध्यै नमः।Om Adinabuddhyai Namah.जिनकी बुद्धि कभी दुर्बल नहीं होती।
30अद्वैताॐ अद्वैतायै नमः।Om Advaitayai Namah.जो अद्वैत और परम एकत्व की स्वरूपिणी हैं।
31अधृताॐ अधृतायै नमः।Om Adhritayai Namah.जो किसी बाहरी आधार पर निर्भर नहीं हैं।
32अधोक्षजाॐ अधोक्षजायै नमः।Om Adhokshajayai Namah.जो इन्द्रियज्ञान से परे हैं।
33अनघाॐ अनघायै नमः।Om Anaghayai Namah.जो निष्पाप और पवित्र हैं।
34अनन्तविग्रहाॐ अनन्तविग्रहायै नमः।Om Anantavigrahayai Namah.जिनके दिव्य स्वरूप अनन्त हैं।
35अनन्ताॐ अनन्तायै नमः।Om Anantayai Namah.जो अनन्त और असीम हैं।
36अनन्तैश्वर्यसंयुताॐ अनन्तैश्वर्यसंयुतायै नमः।Om Anantaishvaryasamyutayai Namah.जो अनन्त ऐश्वर्य से सम्पन्न हैं।
37अनन्यभावसन्तुष्टाॐ अनन्यभावसन्तुष्टायै नमः।Om Ananyabhavasantushtayai Namah.जो एकनिष्ठ भाव से प्रसन्न होती हैं।
38अनर्थौघनिवारिणीॐ अनर्थौघनिवारिण्यै नमः।Om Anarthaughanivarinyai Namah.जो सभी अनर्थ और संकट दूर करती हैं।
39अनवद्याॐ अनवद्यायै नमः।Om Anavadyayai Namah.जो सभी दोषों से रहित हैं।
40अनामरूपाॐ अनामरूपायै नमः।Om Anamarupayai Namah.जो नाम और रूप से परे हैं।
41अनिर्देश्यस्वरूपिणीॐ अनिर्देश्यस्वरूपिण्यै नमः।Om Anirdeshyasvarupinyai Namah.जिनका स्वरूप पूर्णतः वर्णनीय नहीं है।
42अनिर्वाच्यसुखाम्भोधिॐ अनिर्वाच्यसुखाम्भोध्यै नमः।Om Anirvachyasukhambhodhyai Namah.जो अवर्णनीय आनंद का महासागर हैं।
43अनिर्वाच्याङ्घ्रिमार्दवाॐ अनिर्वाच्याङ्घ्रिमार्दवायै नमः।Om Anirvachyanghrimardavayai Namah.जिनके चरणों की कोमलता अवर्णनीय है।
44अनिर्विण्णाॐ अनिर्विण्णायै नमः।Om Anirvinnayai Namah.जो कभी निराश नहीं होतीं।
45अनुकूलैकाॐ अनुकूलैकायै नमः।Om Anukulaikayai Namah.जो सदैव अनुकूल और हितकारी हैं।
46अनुकम्पैकपूर्णविग्रहाॐ अनुकम्पैकपूर्णविग्रहायै नमः।Om Anukampaikapurnavigrahayai Namah.जिनका सम्पूर्ण स्वरूप करुणा से भरा है।
47अनुत्तमाॐ अनुत्तमायै नमः।Om Anuttamayai Namah.जिनसे श्रेष्ठ कोई नहीं।
48अनुत्तमात्माॐ अनुत्तमात्मने नमः।Om Anuttamatmane Namah.जो सर्वोत्तम आत्मस्वरूप हैं।
49अनुरागभराञ्चिताॐ अनुरागभराञ्चितायै नमः।Om Anuragabharanchitayai Namah.जो गहन प्रेम और अनुराग से पूर्ण हैं।
50अपारमहिमाॐ अपारमहिम्ने नमः।Om Aparamahimne Namah.जिनकी महिमा अपार है।
51अपारभववारिधितारिणीॐ अपारभववारिधितारिण्यै नमः।Om Aparabhavavaridhitarinyai Namah.जो संसार-सागर से पार कराती हैं।
52अपूर्वचरिताॐ अपूर्वचरितायै नमः।Om Apurvacharitayai Namah.जिनका चरित्र अद्भुत है।
53अपूर्वसिद्धान्ताॐ अपूर्वसिद्धान्तायै नमः।Om Apurvasiddhantayai Namah.जो दिव्य और अद्भुत सिद्धान्तों की स्वरूपिणी हैं।
54अपूर्वसौभागाॐ अपूर्वसौभगायै नमः।Om Apurvasaubhagayai Namah.जो अद्वितीय सौभाग्य से युक्त हैं।
55अप्रकृष्टाॐ अप्रकृष्टायै नमः।Om Aprakrishtayai Namah.जो किसी से हीन नहीं हैं।
56अप्रतिद्वन्द्वविक्रमाॐ अप्रतिद्वन्द्वविक्रमायै नमः।Om Apratidvandvavikramayai Namah.जिनके पराक्रम का कोई प्रतिद्वन्द्वी नहीं।
57अप्रतिमद्युतिॐ अप्रतिमद्युत्यै नमः।Om Apratimadyutyai Namah.जिनकी आभा अतुलनीय है।
58अप्रतिमाॐ अप्रतिमायै नमः।Om Apratimayai Namah.जिनकी कोई उपमा नहीं।
59अप्रमत्तात्माॐ अप्रमत्तात्मने नमः।Om Apramattatmane Namah.जो सदैव जागरूक हैं।
60अप्रमेयसुखाकृतिॐ अप्रमेयसुखाकृत्यै नमः।Om Aprameyasukhakrityai Namah.जो अप्रमेय आनंद की मूर्ति हैं।
61अप्राकृतगुणैश्वर्यविश्वमोहनविग्रहाॐ अप्राकृतगुणैश्वर्यविश्वमोहनविग्रहायै नमः।Om Aprakritagunaishvaryavishvamohanavigrahayai Namah.जिनका अलौकिक ऐश्वर्य जगत को मोहित करता है।
62अभिवाद्याॐ अभिवाद्यायै नमः।Om Abhivadyayai Namah.जो प्रणाम और सम्मान के योग्य हैं।
63अमलाॐ अमलायै नमः।Om Amalayai Namah.जो निर्मल और पवित्र हैं।
64अमानाॐ अमानायै नमः।Om Amanayai Namah.जो अहंकार और मान से रहित हैं।
65अमिताॐ अमितायै नमः।Om Amitayai Namah.जो असीम और अपरिमित हैं।
66अमृतरूपिणीॐ अमृतरूपिण्यै नमः।Om Amritarupinyai Namah.जो अमृत स्वरूप वाली हैं।
67अमृताॐ अमृतायै नमः।Om Amritayai Namah.जो अमर और अविनाशी हैं।
68अमृतदृष्टिॐ अमृतदृष्ट्यै नमः।Om Amritadrishtyai Namah.जिनकी दृष्टि अमृत के समान कृपामयी है।
69अमृताशाॐ अमृताशायै नमः।Om Amritashayai Namah.जो अमृतमय आनंद प्रदान करती हैं।
70अमृतोद्भवाॐ अमृतोद्भवायै नमः।Om Amritodbhavayai Namah.जो अमृतमय दिव्य शक्ति से प्रकट हैं।
71अयोनिसम्भवाॐ अयोनिसम्भवायै नमः।Om Ayonisambhavayai Namah.जो सामान्य जन्म से परे प्रकट हुई हैं।
72अरौद्राॐ अरौद्रायै नमः।Om Araudrayai Namah.जो शांत और सौम्य हैं।
73अलोलाॐ अलोलायै नमः।Om Alolayai Namah.जो चंचलता से रहित और स्थिर हैं।
74अवनिपुत्रिकाॐ अवनिपुत्रिकायै नमः।Om Avaniputrikayai Namah.जो पृथ्वी की पुत्री हैं।
75अवराॐ अवरायै नमः।Om Avarayai Namah.जो सरल और विनम्र स्वरूप वाली हैं।
76अवर्ण्यमाधुर्याॐ अवर्ण्यमाधुर्य्यायै नमः।Om Avarnyamadhuryyayai Namah.जिनकी मधुरता अवर्णनीय है।
77अवर्ण्यकरुणावधिॐ अवर्ण्यकरुणावध्यै नमः।Om Avarnyakarunavadhyai Namah.जो अवर्णनीय करुणा की सीमा हैं।
78अविचिन्त्याॐ अविचिन्त्यायै नमः।Om Avichintyayai Namah.जिनका स्वरूप चिंतन से परे है।
79अविशिष्टात्माॐ अविशिष्टात्मने नमः।Om Avishishtatmane Namah.जो भेदरहित परम आत्मस्वरूप हैं।
80अव्यक्ताॐ अव्यक्तायै नमः।Om Avyaktayai Namah.जो अप्रकट और सूक्ष्म हैं।
81अव्ययशेमुषीॐ अव्ययशेमुष्यै नमः।Om Avyayashemushyai Namah.जिनका दिव्य ज्ञान कभी क्षीण नहीं होता।
82अव्याजकरुणामूर्तिॐ अव्याजकरुणामूर्त्यै नमः।Om Avyajakarunamurtyai Namah.जो निष्कपट करुणा की मूर्ति हैं।
83अशोकाॐ अशोकायै नमः।Om Ashokayai Namah.जो शोक से रहित हैं।
84असङ्ख्यकाॐ असङ्ख्यकायै नमः।Om Asankhyakayai Namah.जिनकी महिमा की गणना नहीं हो सकती।
85असमाॐ असमायै नमः।Om Asamayai Namah.जो किसी के समान नहीं हैं।
86असम्मिताॐ असम्मितायै नमः।Om Asammitayai Namah.जिन्हें किसी माप से मापा नहीं जा सकता।
87आप्तसङ्कल्पाॐ आप्तसङ्कल्पायै नमः।Om Aptasankalpayai Namah.जिनके दिव्य संकल्प पूर्ण होते हैं।
88आत्मज्ञानविभाकरीॐ आत्मज्ञानविभाकर्यै नमः।Om Atmajnanavibhakaryai Namah.जो आत्मज्ञान का प्रकाश देती हैं।
89आत्मोद्भवाॐ आत्मोद्भवायै नमः।Om Atmodbhavayai Namah.जो स्वयं से प्रकट दिव्य शक्ति हैं।
90आत्ममर्मज्ञाॐ आत्ममर्मज्ञायै नमः।Om Atmamarmajnayai Namah.जो आत्मा के गहन रहस्य को जानती हैं।
91आत्मलाभप्रदायिनीॐ आत्मलाभप्रदायिन्यै नमः।Om Atmalabhapradayinyai Namah.जो आत्मिक सिद्धि प्रदान करती हैं।
92आत्मवतीॐ आत्मवत्यै नमः।Om Atmavatyai Namah.जो आत्मस्वरूप में स्थित हैं।
93आदिकर्त्रीॐ आदिकर्त्र्यै नमः।Om Adikartryai Namah.जो आदि सृष्टि की मूल कर्त्री हैं।
94आद्याॐ आद्ये नमः।Om Adye Namah.जो आदि और मूल शक्ति हैं।
95आधापरमालयाॐ आधापरमालयायै नमः।Om Adhaparamalayayai Namah.जो परम आश्रय और निवास हैं।
96आध्येयाङ्घ्रिसरोजाङ्काॐ आध्येयाङ्घ्रिसरोजाङ्कायै नमः।Om Adhyeyanghrisarojankayai Namah.जिनके कमलवत चरण ध्यानयोग्य हैं।
97आनन्दामृतवर्षिणीॐ आनन्दामृतवर्षिण्यै नमः।Om Anandamritavarshinyai Namah.जो आनंदामृत की वर्षा करती हैं।
98आम्नायवेद्यचरणाॐ आम्नायवेद्यचरणायै नमः।Om Amnayavedyacharanayai Namah.जिनके चरण वेदों द्वारा ज्ञात होते हैं।
99आश्रितत्राणतत्पराॐ आश्रितत्राणतत्परायै नमः।Om Ashritatranatatparayai Namah.जो शरणागतों की रक्षा में तत्पर हैं।
100आसक्त्यपहृतासक्तिॐ आसक्त्यपहृतासक्त्यै नमः।Om Asaktyapahritasaktyai Namah.जो सांसारिक आसक्ति को दूर करती हैं।
101आस्यस्पर्द्धिविधुव्रजाॐ आस्यस्पर्द्धिविधुव्रजायै नमः।Om Asyasparddhividhuvrajayai Namah.जिनका मुख चन्द्रमा को भी मात देता है।
102आह्लादसूपमासिन्धुॐ आह्लादसूपमासिन्धवे नमः।Om Ahladasupamasindhave Namah.जो आनंद के महासागर के समान हैं।
103इनवंश्यपरप्रियाॐ इनवंश्यपरप्रियायै नमः।Om Inavamshyaparapriyayai Namah.जो दिव्य वंश के परम प्रिय हैं।
104इन्दुपूर्णोल्लसद्वक्त्राॐ इन्दुपूर्णोल्लसद्वक्त्रायै नमः।Om Indupurnollasadvaktrayai Namah.जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान दमकता है।
105इभराजसुतागतिःॐ इभराजसुतागत्यै नमः।Om Ibharajasutagatyai Namah.जिनकी गति राजकुमारी के समान गरिमामयी है।
106इयत्त्वरहिताॐ इयत्त्वरहितायै नमः।Om Iyattvarahitayai Namah.जो सीमा और परिमाण से रहित हैं।
107प्रपन्नसकलापदां ईर्वाल्वीॐ प्रपन्नसकलापदां ईर्वाल्व्यै नमः।Om Prapannasakalapadam Irvalvyai Namah.जो शरणागतों के सभी संकट दूर करती हैं।
108समस्तदेवानामिष्टाॐ समस्तदेवानां इष्टायै नमः।Om Samastadevanam Ishtayai Namah.जो सभी देवताओं की प्रिय हैं।
109ईप्सितार्थप्रदायिनीॐ ईप्सितार्थप्रदायिन्यै नमः।Om Ipsitarthapradayinyai Namah.जो इच्छित फल प्रदान करती हैं।
110सर्वलोकानामीश्वरीॐ सर्वलोकानां ईश्वर्यै नमः।Om Sarvalokanam Ishvaryai Namah.जो सभी लोकों की ईश्वरी हैं।
111उच्छिन्नाश्रितसंशयाॐ उच्छिन्नाश्रितसंशयायै नमः।Om Uchchhinnashritasamshayayai Namah.जो शरणागतों के संशय दूर करती हैं।
112उज्ज्वलैकसमाराध्याॐ उज्ज्वलैकसमाराध्यायै नमः।Om Ujjvalaikasamaradhyayai Namah.जो उज्ज्वल भक्ति से आराध्य हैं।
113उत्फुल्लेन्दीवरेक्षणाॐ उत्फुल्लेन्दीवरेक्षणायै नमः।Om Utphullendivarekshanayai Namah.जिनके नेत्र खिले नीलकमल जैसे हैं।
114उत्तराॐ उत्तरायै नमः।Om Uttarayai Namah.जो सर्वोच्च और पार कराने वाली हैं।
115उत्तानहस्ताब्जाॐ उत्तानहस्ताब्जायै नमः।Om Uttanahastabjayai Namah.जिनके हाथ कमल के समान सुंदर हैं।
116उत्तमाॐ उत्तमायै नमः।Om Uttamayai Namah.जो सर्वोत्तम हैं।
117उत्सङ्गभूषणाॐ उत्सङ्गभूषणायै नमः।Om Utsangabhushanayai Namah.जो अपने दिव्य आलिंगन से शोभित हैं।
118उदारकीर्तनाॐ उदारकीर्तनायै नमः।Om Udarakirtanayai Namah.जिनकी उदार कीर्ति गाई जाती है।
119उदारचरिताॐ उदारचरितायै नमः।Om Udaracharitayai Namah.जिनका चरित्र महान और उदार है।
120उदारवन्दनाॐ उदारवन्दनायै नमः।Om Udaravandanayai Namah.जो महान भाव से वंदनीय हैं।
121उदारजपपाठेज्याॐ उदारजपपाठेज्यायै नमः।Om Udarajapapathejyayai Namah.जो जप और पाठ से पूजनीय हैं।
122उदारध्यानसंस्तयाॐ उदारध्यानसंस्तयायै नमः।Om Udaradhyanasamstayayai Namah.जो श्रेष्ठ ध्यान द्वारा स्तुत हैं।
123उदारवल्लभाॐ उदारवल्लभायै नमः।Om Udaravallabhayai Namah.जो उदार हृदय वालों की प्रिय हैं।
124उदारवीक्षणस्मितभाषिताॐ उदारवीक्षणस्मितभाषितायै नमः।Om Udaravikshanasmitabhashitayai Namah.जिनकी दृष्टि, मुस्कान और वाणी मधुर हैं।
125उदारश्रीनामरूपलीलाधामगुणव्रजाॐ उदारश्रीनामरूपलीलाधामगुणव्रजायै नमः।Om Udarashrinamarupaliladhamagunavrajayai Namah.जो दिव्य नाम, रूप, लीला और गुणों की निधि हैं।
126उदारालिगणाॐ उदारालिगणायै नमः।Om Udaraliganayai Namah.जो दिव्य सखियों से घिरी हैं।
127उदारोपासकाॐ उदारोपासकायै नमः।Om Udaropasakayai Namah.जो श्रेष्ठ उपासना से प्रसन्न होती हैं।
128ॠतरूपिणीॐ ॠतरूपिण्यै नमः।Om Ritarupinyai Namah.जो ऋत और सत्य के स्वरूप में स्थित हैं।
129ॠभुवन्द्याङ्घ्रिॐ ॠभुवन्द्याङ्घ्र्यै नमः।Om Ribhuvandyanghryai Namah.जिनके चरण ऋभुओं द्वारा वंदित हैं।
130ॠकाराॐ ॠकारायै नमः।Om Rikarayai Namah.जो ॠकार की दिव्य शक्ति हैं।
131लॄपुत्रीॐ लॄपुत्र्यै नमः।Om Lriputryai Namah.जो दिव्य अक्षर-शक्ति की पुत्री स्वरूपा हैं।
132लॄस्वरूपिणीॐ लॄस्वरूपिण्यै नमः।Om Lrisvarupinyai Namah.जो लॄ स्वर की स्वरूपिणी हैं।
133एकाॐ एकायै नमः।Om Ekayai Namah.जो अद्वितीय और एकमात्र हैं।
134एकशरणं पुंसाॐ एकशरणं पुंसायै नमः।Om Ekasharanam Pumsayai Namah.जो पुरुषार्थियों की एकमात्र शरण हैं।
135ऐक्यभावप्रसादिताॐ ऐक्यभावप्रसादितायै नमः।Om Aikyabhavaprasaditayai Namah.जो एकत्व के भाव से प्रसन्न होती हैं।
136ओकःप्रधानिकाॐ ओकःप्रधानिकायै नमः।Om Okahpradhanikayai Namah.जो परम निवास की प्रधान शक्ति हैं।
137ओजोऽब्धिॐ ओजोऽब्ध्यै नमः।Om Ojoabdhyai Namah.जो दिव्य ओज की महासागर हैं।
138विश्रुतऔदार्यौत्कर्षाॐ विश्रुत औदार्यौत्कर्ष्यै नमः।Om Vishruta Audaryautkarshyai Namah.जिनकी उदारता और श्रेष्ठता प्रसिद्ध है।
139कमलाॐ कमलायै नमः।Om Kamalayai Namah.जो कमल के समान पवित्र और सुंदर हैं।
140कमलाराध्याॐ कमलाराध्यायै नमः।Om Kamalaradhyayai Namah.जो कमलवत पवित्र भाव से आराध्य हैं।
141करणाॐ करणायै नमः।Om Karanayai Namah.जो समस्त कारणों की मूल शक्ति हैं।
142कलभाषिणीॐ कलभाषिण्यै नमः।Om Kalabhashinyai Namah.जो मधुर और सुंदर वाणी बोलती हैं।
143कलाधाराॐ कलाधारायै नमः।Om Kaladharayai Namah.जो सभी कलाओं का आधार हैं।
144कलाभिज्ञाॐ कलाभिज्ञायै नमः।Om Kalabhijnayai Namah.जो सभी दिव्य कलाओं की ज्ञाता हैं।
145कलामूर्तिॐ कलामूर्त्यै नमः।Om Kalamurtyai Namah.जो दिव्य कलाओं की मूर्ति हैं।
146कलावधिॐ कलावध्यै नमः।Om Kalavadhyai Namah.जो कलाओं की सीमा और पूर्णता हैं।
147कल्पवृक्षाश्रयाॐ कल्पवृक्षाश्रयायै नमः।Om Kalpavrikshashrayayai Namah.जो कल्पवृक्ष के समान इच्छाएँ पूर्ण करती हैं।
148कल्प्याॐ कल्प्यायै नमः।Om Kalpyayai Namah.जो दिव्य संकल्प और कल्पना का आधार हैं।
149कल्मषौघनिवारिणीॐ कल्मषौघनिवारिण्यै नमः।Om Kalmashaughanivarinyai Namah.जो सभी पाप और दोष दूर करती हैं।
150कल्याणदात्रीॐ कल्याणदात्र्यै नमः।Om Kalyanadatryai Namah.जो कल्याण और मंगल प्रदान करती हैं।
151कल्याणप्रकृतिॐ कल्याणप्रकृत्यै नमः।Om Kalyanaprakrityai Namah.जिनका स्वभाव ही कल्याणकारी है।
152कामचारिणीॐ कामचारिण्यै नमः।Om Kamacharinyai Namah.जो दिव्य इच्छा के अनुसार विचरण करती हैं।
153कामदाॐ कामदायै नमः।Om Kamadayai Namah.जो भक्तों की शुभ इच्छाएँ पूर्ण करती हैं।
154काम्यसंसक्तिॐ काम्यसंसक्त्यै नमः।Om Kamyasamsaktyai Namah.जो दिव्य अभिलाषा में अनुरक्त हैं।
155कारणाद्वयकारणीॐ कारणाद्वयकारण्यै नमः।Om Karanadvayakaranyai Namah.जो कारणों के भी मूल कारण हैं।
156कारुण्यार्द्रविशालाक्षीॐ कारुण्यार्द्रविशालाक्ष्यै नमः।Om Karunyardravishalakshyai Namah.जिनके विशाल नेत्र करुणा से भरे हैं।
157कालचक्रप्रवर्तिकाॐ कालचक्रप्रवर्तिकायै नमः।Om Kalachakrapravartikayai Namah.जो कालचक्र को संचालित करती हैं।
158कीनाशभयमूलघ्नीॐ कीनाशभयमूलघ्न्यै नमः।Om Kinashabhayamulaghnyai Namah.जो मृत्यु के भय की जड़ नष्ट करती हैं।
159कुञ्जकेलिसुखप्रदाॐ कुञ्जकेलिसुखप्रदायै नमः।Om Kunjakelisukhapradayai Namah.जो दिव्य कुंजलीला का आनंद देती हैं।
160कुञ्जराधीशगतिॐ कुञ्जराधीशगतिकायै नमः।Om Kunjaradhishagatikayai Namah.जिनकी गति राजसी और गरिमामयी है।
161कृतज्ञार्च्याॐ कृतज्ञार्च्यायै नमः।Om Kritajnarchyayai Namah.जो कृतज्ञ भक्तों द्वारा पूजनीय हैं।
162कृतागमाॐ कृतागमायै नमः।Om Kritagamayai Namah.जो शास्त्रों और आगमों से प्रतिष्ठित हैं।
163कृपापीयूषजलाधिॐ कृपापीयूषजलाध्यै नमः।Om Kripapiyushajaladhyai Namah.जो कृपा के अमृत का महासागर हैं।
164कोमलार्च्यपदाम्बुजाॐ कोमलार्च्यपदाम्बुजायै नमः।Om Komalarchyapadambujayai Namah.जिनके कोमल कमलवत चरण पूजनीय हैं।
165कौशल्याप्रतिमाम्भोधिॐ कौशल्याप्रतिमाम्भोध्यै नमः।Om Kaushalyapratimambhodhyai Namah.जो कौशल्या के प्रेम का अथाह सागर हैं।
166कौशल्यासुतवल्लभाॐ कौशल्यासुतवल्लभायै नमः।Om Kaushalyasutavallabhayai Namah.जो कौशल्या के पुत्र श्रीराम की प्रिय हैं।
167खरारिहृदयातुल्यपरमोत्सवरूपिणीॐ खरारिहृदयातुल्यपरमोत्सवरूपिण्यै नमः।Om Khararihridayatulyaparamotsavarupinyai Namah.जो श्रीराम के हृदय में परम आनंद का स्वरूप हैं।
168खलान्यमतिसन्दात्रीॐ खलान्यमतिसन्दात्र्यै नमः।Om Khalanyamatisandatryai Namah.जो दुष्टों की बुद्धि को भी सही मार्ग देती हैं।
169खवासीशादिवन्दिताॐ खवासीशादिवन्दितायै नमः।Om Khavasishadivanditayai Namah.जिनकी देवताओं द्वारा वंदना की जाती है।
170खेलमात्रजगत्सृष्टिॐ खेलमात्रजगत्सृष्ट्यै नमः।Om Khelamatrajagatsrishtyai Namah.जिनके लिए जगत की सृष्टि दिव्य लीला है।
171गणनाथार्च्चिताॐ गणनाथार्च्चितायै नमः।Om Gananatharchchitayai Namah.जिनकी गणनाथ द्वारा पूजा की जाती है।
172गतिॐ गत्यै नमः।Om Gatyai Namah.जो परम गति और आश्रय हैं।
173गतैश्वर्यस्मयश्रेष्ठाॐ गतैश्वर्यस्मयश्रेष्ठायै नमः।Om Gataishvaryasmayashreshthayai Namah.जो ऐश्वर्य के अहंकार से परे श्रेष्ठ हैं।
174गभीराॐ गभीरायै नमः।Om Gabhirayai Namah.जो गंभीर और गहन स्वरूप वाली हैं।
175गम्यभावनाॐ गम्यभावनायै नमः।Om Gamyabhavanayai Namah.जो ध्यान और भावना द्वारा प्राप्त होती हैं।
176गहनाग्र्याॐ गहनाग्र्यायै नमः।Om Gahanagryayai Namah.जो अत्यंत गहन और श्रेष्ठ हैं।
177गियाॐ गियै नमः।Om Giyai Namah.जो दिव्य वाणी और स्तुति की स्वरूपिणी हैं।
178गीर्वाणहितसाधनतत्पराॐ गीर्वाणहितसाधनतत्परायै नमः।Om Girvanahitasadhanatatparayai Namah.जो देवताओं के कल्याण में तत्पर हैं।
179गुप्ताॐ गुप्तायै नमः।Om Guptayai Namah.जो गुप्त और रहस्यमयी हैं।
180गुहेशयाॐ गुहेशयायै नमः।Om Guheshayayai Namah.जो हृदय की गहराइयों में निवास करती हैं।
181गुह्याॐ गुह्यायै नमः।Om Guhyayai Namah.जो परम गूढ़ और रहस्यमयी हैं।
182गेयोदारयशस्ततिॐ गेयोदारयशस्तत्यै नमः।Om Geyodarayashastatyai Namah.जिनकी उदार यशोगाथा गाई जाती है।
183गोपनीयपदासक्तिॐ गोपनीयपदासक्त्यै नमः।Om Gopaniyapadasaktyai Namah.जो अपने गूढ़ दिव्य चरणों में आसक्त हैं।
184गोप्त्रीॐ गोप्त्र्यै नमः।Om Goptryai Namah.जो सभी की रक्षक हैं।
185गोविदनुत्तमाॐ गोविदनुत्तमायै नमः।Om Govidanuttamayai Namah.जो गोविन्द द्वारा पूजित सर्वोत्तम हैं।
186ग्रहणीयशुभादर्शाॐ ग्रहणीयशुभादर्शायै नमः।Om Grahaniyashubhadarshayai Namah.जो शुभ आदर्श के रूप में ग्रहणीय हैं।
187ग्लौपुञ्जाभनखच्छविॐ ग्लौपुञ्जाभनखच्छव्यै नमः।Om Glaupunjabhanakhachchhavyai Namah.जिनके नख चन्द्रमा के समान चमकते हैं।
188घनश्यामात्मनिलयाॐ घनश्यामात्मनिलयायै नमः।Om Ghanashyamatmanilayayai Namah.जो घनश्याम परमात्मा के हृदय में निवास करती हैं।
189घर्मद्युतिकुलस्नुषाॐ घर्मद्युतिकुलस्नुषायै नमः।Om Gharmadyutikulasnushayai Namah.जो तेजस्वी कुल की वधू हैं।
190घृणालुकाॐ घृणालुकायै नमः।Om Ghrinalukayai Namah.जो अत्यंत दयालु और करुणामयी हैं।
191डस्वरूपाॐ डस्वरूपायै नमः।Om Dasvarupayai Namah.जो दिव्य अक्षर-स्वरूप वाली हैं।
192चतुरात्माॐ चतुरात्मने नमः।Om Chaturatmane Namah.जो चारfold दिव्य आत्मस्वरूप वाली हैं।
193चतुर्गतिॐ चतुर्गत्यै नमः।Om Chaturgatyai Namah.जो चारों प्रकार की परम गति प्रदान करती हैं।
194चतुर्भावाॐ चतुर्भावायै नमः।Om Chaturbhavayai Namah.जो चार दिव्य भावों की स्वरूपिणी हैं।
195चतुर्व्यूहाॐ चतुर्व्यूहायै नमः।Om Chaturvyuhayai Namah.जो चतुर्व्यूह की दिव्य शक्ति हैं।
196चतुर्वर्गप्रदायिनीॐ चतुर्वर्गप्रदायिन्यै नमः।Om Chaturvargapradayinyai Namah.जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदान करती हैं।
197चतुर्वेदविदां श्रेष्ठाॐ चतुर्वेदविदां श्रेष्ठायै नमः।Om Chaturvedavidam Shreshthayai Namah.जो चारों वेदों के ज्ञाताओं में श्रेष्ठ हैं।
198चपलासत्कृतद्युतिॐ चपलासत्कृतद्युत्यै नमः।Om Chapalasatkritadyutyai Namah.जिनकी चंचल आभा अत्यंत मनोहर है।
199चन्द्रकलासमाराध्याॐ चन्द्रकलासमाराध्यायै नमः।Om Chandrakalasamaradhyayai Namah.जो चन्द्रकला के समान पूजनीय हैं।
200चन्द्रबिम्बोपमाननाॐ चन्द्रबिम्बोपमाननायै नमः।Om Chandrabimbopamananayai Namah.जिनका मुख चन्द्रबिम्ब के समान सुंदर है।
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201 चारुशीलादिभिः सेव्या ॐ चारुशीलादिभिः सेव्यायै नमः। Om Charushiladibhih Sevyayai Namah. जो सुंदर शील आदि गुणों से युक्त भक्तों द्वारा सेवित हैं।
202 चारुसम्पावनास्मिता ॐ चारुसम्पावनास्मितायै नमः। Om Charusampavanasmitayai Namah. जिनकी सुंदर और पवित्र मुस्कान मनोहर है।
203 चारुरूपगुणोपेता ॐ चारुरूपगुणोपेतायै नमः। Om Charurupagunopetayai Namah. जो सुंदर रूप और दिव्य गुणों से सम्पन्न हैं।
204 चारुस्मरणमङ्गला ॐ चारुस्मरणमङ्गलायै नमः। Om Charusmaranamangalayai Namah. जिनका सुंदर स्मरण मंगलकारी है।
205 चार्वङ्गी ॐ चार्वङ्ग्यै नमः। Om Charvangyai Namah. जिनके सभी अंग अत्यंत सुंदर हैं।
206 चिदलङ्कारा ॐ चिदलङ्कारायै नमः। Om Chidalankarayai Namah. जो चैतन्य की दिव्य शोभा से अलंकृत हैं।
207 चिदानन्दस्वरूपिणी ॐ चिदानन्दस्वरूपिण्यै नमः। Om Chidanandasvarupinyai Namah. जो चैतन्य और आनंद की स्वरूपिणी हैं।
208 छविक्षुब्धरतिः ॐ छविक्षुब्धरत्यै नमः। Om Chhavikshubdharatyai Namah. जिनकी दिव्य छवि प्रेमभाव को जागृत करती है।
209 छिन्नप्रणताशेषसंशया ॐ छिन्नप्रणताशेषसंशयायै नमः। Om Chhinnapranatasheshasamshayayai Namah. जो शरणागतों के सभी संशय दूर करती हैं।
210 जगत्क्षेमविधानज्ञा ॐ जगत्क्षेमविधानज्ञायै नमः। Om Jagatkshemavidhanajnayai Namah. जो जगत के कल्याण का विधान जानती हैं।
211 जगत्सेतुनिबन्धिनी ॐ जगत्सेतुनिबन्धिन्यै नमः। Om Jagatsetunibandhinyai Namah. जो जगत के लिए धर्मरूपी सेतु स्थापित करती हैं।
212 जगदाद्या ॐ जगदाद्यै नमः। Om Jagadadyai Namah. जो जगत की आदि शक्ति हैं।
213 जगदात्मप्रेयसी ॐ जगदात्मप्रेयस्यै नमः। Om Jagadatmapreyasyai Namah. जो जगत की आत्मा को अत्यंत प्रिय हैं।
214 जगदात्मिका ॐ जगदात्मिकायै नमः। Om Jagadatmikayai Namah. जो सम्पूर्ण जगत की आत्मस्वरूपा हैं।
215 जगदालयवृन्देशी ॐ जगदालयवृन्देश्यै नमः। Om Jagadalayavrindeshyai Namah. जो जगत के समस्त निवासों की अधीश्वरी हैं।
216 जगदालयसङ्घसुवा ॐ जगदालयसङ्घसुवे नमः। Om Jagadalayasanghasuve Namah. जो जगत के सभी आश्रयों की मूल शक्ति हैं।
217 जगदुद्भवादिकर्त्री ॐ जगदुद्भवादिकर्त्र्यै नमः। Om Jagadudbhavadikartryai Namah. जो जगत की उत्पत्ति आदि की कर्त्री हैं।
218 जगदेकपरायणा ॐ जगदेकपरायणायै नमः। Om Jagadekaparayanayai Namah. जो सम्पूर्ण जगत की परम शरण हैं।
219 जगन्नेत्री ॐ जगन्नेत्र्यै नमः। Om Jagannetryai Namah. जो सम्पूर्ण जगत का मार्गदर्शन करती हैं।
220 जगन्माता ॐ जगन्मात्रे नमः। Om Jaganmatre Namah. जो सम्पूर्ण जगत की माता हैं।
221 जगन्माङ्गल्यमङ्गला ॐ जगन्माङ्गल्यमङ्गलायै नमः। Om Jaganmangalyamangalayai Namah. जो जगत के मंगल का भी परम मंगल हैं।
222 जगन्मोहनमाधुर्यमनोमोहनविग्रहा ॐ जगन्मोहनमाधुर्यमनोमोहनविग्रहायै नमः। Om Jaganmohanamadhuryamanomohanavigrahayai Namah. जिनका मधुर दिव्य रूप सम्पूर्ण जगत को मोहित करता है।
223 जतुशोभिपदाम्भोजा ॐ जतुशोभिपदाम्भोजायै नमः। Om Jatushobhipadambhojayai Namah. जिनके कमलवत चरण अत्यंत शोभायमान हैं।
224 जनकानन्दवर्धिनी ॐ जनकानन्दवर्धिन्यै नमः। Om Janakanandavardhinyai Namah. जो राजा जनक के आनंद को बढ़ाने वाली हैं।
225 जनकल्याणसक्तात्मा ॐ जनकल्याणसक्तात्मने नमः। Om Janakalyanasaktatmane Namah. जो जनकल्याण में सदैव संलग्न हैं।
226 सर्वदेहिनां जननी ॐ सर्वदेहिनां जनन्यै नमः। Om Sarvadehinam Jananyai Namah. जो सभी जीवों की माता हैं।
227 जननीहृदयानन्दा ॐ जननीहृदयानन्दायै नमः। Om Jananihridayanandayai Namah. जो माताओं के हृदय को आनंद देने वाली हैं।
228 जनबाधानिवारिणी ॐ जनबाधानिवारिण्यै नमः। Om Janabadhanivarinyai Namah. जो लोगों के कष्टों को दूर करती हैं।
229 जनसन्तापशमनी ॐ जनसन्तापशमन्यै नमः। Om Janasantapashamanyai Namah. जो जनसमुदाय के संताप को शांत करती हैं।
230 सुखसम्पदां जनित्री ॐ सुखसम्पदां जनित्र्यै नमः। Om Sukhasampadam Janitryai Namah. जो सुख और संपत्ति की जननी हैं।
231 जनेश्वरेड्या ॐ जनेश्वरेड्यायै नमः। Om Janeshvaredyayai Namah. जो जनों के ईश्वर द्वारा पूजनीय हैं।
232 जन्मान्तत्रासनिर्णाशचिन्तना ॐ जन्मान्तत्रासनिर्णाशचिन्तनायै नमः। Om Janmantatrasanirnashachintanayai Namah. जिनका चिंतन जन्म-मृत्यु के भय को दूर करता है।
233 जपनीया ॐ जपनीयायै नमः। Om Japaniyayai Namah. जो जप करने योग्य परम देवी हैं।
234 जयघोषाराध्यमाना ॐ जयघोषाराध्यमानायै नमः। Om Jayaghosharadhyamanayai Namah. जिनकी जयघोष के साथ आराधना की जाती है।
235 जयप्रदा ॐ जयप्रदायै नमः। Om Jayapradayai Namah. जो विजय प्रदान करती हैं।
236 जया ॐ जयायै नमः। Om Jayayai Namah. जो स्वयं विजय की स्वरूपिणी हैं।
237 जयावहा ॐ जयावहायै नमः। Om Jayavahayai Namah. जो विजय और सफलता प्रदान करने वाली हैं।
238 जन्मजरामृत्युभयातिगा ॐ जन्मजरामृत्युभयातिगायै नमः। Om Janmajaramrityubhayatigayai Namah. जो जन्म, जरा और मृत्यु के भय से परे हैं।
239 जलकेलिमहाप्राज्ञा ॐ जलकेलिमहाप्राज्ञायै नमः। Om Jalakelimahaprajnayai Namah. जो दिव्य जलक्रीड़ा में महान प्रज्ञा वाली हैं।
240 जलजासनवन्दिता ॐ जलजासनवन्दितायै नमः। Om Jalajasanavanditayai Namah. जिनकी कमलासन ब्रह्मा द्वारा वंदना की जाती है।
241 जलजारुणहस्ताङ्घ्रि ॐ जलजारुणहस्ताङ्घ्र्यै नमः। Om Jalajarunahastanghryai Namah. जिनके हाथ और चरण लाल कमल के समान हैं।
242 जलजायतलोचना ॐ जलजायतलोचनायै नमः। Om Jalajayatalochanayai Namah. जिनके नेत्र कमल के समान विस्तृत हैं।
243 जवानतमनोवेगा ॐ जवानतमनोवेगायै नमः। Om Javanatamanovegayai Namah. जिनकी गति मन के वेग के समान तीव्र है।
244 जाड्यध्वान्तनिवारिणी ॐ जाड्यध्वान्तनिवारिण्यै नमः। Om Jadyadhvantanivarinyai Namah. जो अज्ञान और जड़ता के अंधकार को दूर करती हैं।
245 जानकी ॐ जानक्यै नमः। Om Janakyai Namah. जो राजा जनक की पुत्री हैं।
246 जितमायैका ॐ जितमायैकायै नमः। Om Jitamayaikayai Namah. जो माया पर विजय प्राप्त करने वाली अद्वितीय शक्ति हैं।
247 जितामित्रा ॐ जितामित्रायै नमः। Om Jitamitrayai Namah. जो शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने वाली हैं।
248 जितच्छवि ॐ जितच्छव्यै नमः। Om Jitachchhavyai Namah. जिनकी छवि सभी सौंदर्य को मात देती है।
249 जितद्वन्द्वा ॐ जितद्वन्द्वायै नमः। Om Jitadvandvayai Namah. जो सभी द्वंद्वों से परे हैं।
250 जितामर्षा ॐ जितामर्षायै नमः। Om Jitamarshayai Namah. जो क्रोध और असहिष्णुता पर विजय रखती हैं।
251 जीवमुक्तिप्रदापिनी ॐ जीवमुक्तिप्रदापिन्यै नमः। Om Jivamuktipradapinyai Namah. जो जीवन्मुक्ति प्रदान करती हैं।
252 जीवानां परमाराध्या ॐ जीवानां परमाराध्यायै नमः। Om Jivanam Paramaradhyayai Namah. जो सभी जीवों की परम आराध्या हैं।
253 जीवेशी ॐ जीवेश्यै नमः। Om Jiveshyai Namah. जो सभी जीवों की अधीश्वरी हैं।
254 जेतृसद्गति ॐ जेतृसद्गत्यै नमः। Om Jetrisadgatyai Namah. जो विजयी भक्तों को सद्गति प्रदान करती हैं।
255 जेेत्री ॐ जेत्र्यै नमः। Om Jetryai Namah. जो विजय प्रदान करने वाली हैं।
256 ज्ञानदा ॐ ज्ञानदायै नमः। Om Jnanadayai Namah. जो दिव्य ज्ञान प्रदान करती हैं।
257 ज्ञानपाथोधि ॐ ज्ञानपाथोध्यै नमः। Om Jnanapathodhyai Namah. जो ज्ञान के महासागर की स्वरूपिणी हैं।
258 ज्ञानिनां गति ॐ ज्ञानिनां गत्यै नमः। Om Jnaninam Gatyai Namah. जो ज्ञानी भक्तों की परम गति हैं।
259 आत्महितकामानां ज्ञेया ॐ आत्महितकामानां ज्ञेयायै नमः। Om Atmahitakamanam Jneyayai Namah. जो आत्मकल्याण चाहने वालों द्वारा जानने योग्य हैं।
260 ज्येष्ठा ॐ ज्येष्ठायै नमः। Om Jyeshthayai Namah. जो सर्वोच्च और श्रेष्ठ हैं।
261 ज्योत्स्नाधिपानना ॐ ज्योत्स्नाधिपाननायै नमः। Om Jyotsnadhipananayai Namah. जिनका मुख चन्द्रमा के समान प्रकाशमान है।
262 ज्वरातिगा ॐ ज्वरातिगायै नमः। Om Jvaratigayai Namah. जो ज्वर और संताप से परे हैं।
263 ज्वलत्कान्ति ॐ ज्वलत्कान्त्यै नमः। Om Jvalatkantyai Namah. जिनकी दिव्य आभा प्रज्वलित रहती है।
264 ज्वालामालासमाकुला ॐ ज्वालामालासमाकुलायै नमः। Om Jvalamalasamakulayai Namah. जो दिव्य ज्योति की मालाओं से घिरी हैं।
265 झणन्नूपुरपादाब्जा ॐ झणन्नूपुरपादाब्जायै नमः। Om Jhanannupurapadabjayai Namah. जिनके कमलवत चरणों के नूपुर मधुर ध्वनि करते हैं।
266 झम्पाकेशप्रसादिता ॐ झम्पाकेशप्रसादितायै नमः। Om Jhampakeshaprasaditayai Namah. जो दिव्य कृपा से प्रसन्न और अनुग्रहित हैं।
267 झपकेतुप्रियायूथसञ्चितच्छविमोहिनी ॐ झपकेतुप्रियायूथसञ्चितच्छविमोहिन्यै नमः। Om Jhapaketupriyayuthasanchitachchhavimohinyai Namah. जिनकी संचित दिव्य छवि अत्यंत मोहक है।
268 झाटवाटोत्सवाधारा ॐ झाटवाटोत्सवाधारायै नमः। Om Jhatavatotsavadharayai Namah. जो दिव्य उत्सवों का आधार हैं।
269 अरूपा ॐ अरूपायै नमः। Om Arupayai Namah. जो भौतिक रूप से परे निराकार स्वरूप वाली हैं।
270 टुण्टुकेतर ॐ टुण्टुकेतरायै नमः। Om Tuntuketarayai Namah. जो विशिष्ट और दिव्य स्वरूप वाली हैं।
271 ठात्मिका ॐ ठात्मिकायै नमः। Om Thatmikayai Namah. जो दिव्य तत्त्व की स्वरूपिणी हैं।
272 डम्बरोत्कृष्टा ॐ डम्बरोत्कृष्टायै नमः। Om Dambarotkrishtayai Namah. जो दिव्य नाद से उत्कृष्ट हैं।
273 दामराधीशगामिनी ॐ दामराधीशगामिन्यै नमः। Om Damaradhishagaminyai Namah. जिनकी गति दिव्य और गरिमामयी है।
274 ढुण्ढीष्टदेवता ॐ ढुण्ढीष्टदेवतायै नमः। Om Dhundhishtadevatayai Namah. जो ढुण्ढी की इष्टदेवता स्वरूपा हैं।
275 ढक्कामञ्जुनादप्रहर्षिता ॐ ढक्कामञ्जुनादप्रहर्षितायै नमः। Om Dhakkamanjunadapraharshitayai Namah. जो मधुर ढक्का-नाद से प्रसन्न होती हैं।
276 णकारा ॐ णकारायै नमः। Om Nakarayai Namah. जो णकार की दिव्य शक्ति हैं।
277 तडिदोघाभदीप्ताङ्गी ॐ तडिदोघाभदीप्ताङ्ग्यै नमः। Om Tadidoghabhadiptangyai Namah. जिनके अंग बिजली के समान प्रकाशमान हैं।
278 तत्त्वरूपिणी ॐ तत्त्वरूपिण्यै नमः। Om Tattvarupinyai Namah. जो परम तत्त्व की स्वरूपिणी हैं।
279 तत्त्वकुशला ॐ तत्त्वकुशलायै नमः। Om Tattvakushalayai Namah. जो परम तत्त्व के ज्ञान में निपुण हैं।
280 तत्त्वात्मा ॐ तत्त्वात्मने नमः। Om Tattvatmane Namah. जो परम तत्त्व की आत्मस्वरूपा हैं।
281 तत्त्वादि ॐ तत्त्वादये नमः। Om Tattvadaye Namah. जो सभी तत्त्वों की आदि शक्ति हैं।
282 तनुमध्यमा ॐ तनुमध्यमायै नमः। Om Tanumadhyamayai Namah. जिनका मध्यभाग अत्यंत सुंदर और कोमल है।
283 तन्तुप्रवर्द्धिनी ॐ तन्तुप्रवर्द्धिन्यै नमः। Om Tantupravarddhinyai Namah. जो दिव्य जीवन-तत्त्व को बढ़ाने वाली हैं।
284 तन्वी ॐ तन्व्यै नमः। Om Tanvyai Namah. जो कोमल और सुकोमल स्वरूप वाली हैं।
285 तपनीयनिभद्युति ॐ तपनीयनिभद्युत्यै नमः। Om Tapaniyanibhadyutyai Namah. जिनकी आभा तपे हुए स्वर्ण के समान है।
286 तपोमूर्ति ॐ तपोमूर्त्यै नमः। Om Tapomurtyai Namah. जो तपस्या की दिव्य मूर्ति हैं।
287 तपोवास ॐ तपोवासायै नमः। Om Tapovasayai Namah. जो तप और साधना का निवास हैं।
288 तमसः परतः परा ॐ तमसः परतः परायै नमः। Om Tamasah Paratah Parayai Namah. जो अंधकार से भी परे परम स्वरूप हैं।
289 तमोघ्नी ॐ तमोघ्न्यै नमः। Om Tamoghnyai Namah. जो अज्ञानरूपी अंधकार का नाश करती हैं।
290 तापशमनी ॐ तापशमन्यै नमः। Om Tapashamanyai Namah. जो सभी संताप और दुःख शांत करती हैं।
291 तारिणी ॐ तारिण्यै नमः। Om Tarinyai Namah. जो भक्तों को संसार-सागर से पार कराती हैं।
292 तुष्टमानसा ॐ तुष्टमानसायै नमः। Om Tushtamanasayai Namah. जिनका मन सदैव संतुष्ट है।
293 तुष्टिप्रदायिका ॐ तुष्टिप्रदायिकायै नमः। Om Tushtipradayikayai Namah. जो संतोष और तुष्टि प्रदान करती हैं।
294 तृप्ता ॐ तृप्तायै नमः। Om Triptayai Namah. जो पूर्ण संतुष्टि से सम्पन्न हैं।
295 तृप्ति ॐ तृप्त्यै नमः। Om Triptyai Namah. जो स्वयं पूर्ण संतोष की स्वरूपिणी हैं।
296 तृप्त्येककारिणी ॐ तृप्त्येककारिण्यै नमः। Om Triptyekakarinyai Namah. जो परम तृप्ति प्रदान करने वाली एकमात्र शक्ति हैं।
297 तेजःस्वरूपिणी ॐ तेजःस्वरूपिण्यै नमः। Om Tejahsvarupinyai Namah. जो दिव्य तेज की स्वरूपिणी हैं।
298 तेजोवृषा ॐ तेजोवृषायै नमः। Om Tejovrishayai Namah. जो दिव्य तेज की वर्षा करती हैं।
299 तोयभवार्चिता ॐ तोयभवार्चितायै नमः। Om Toyabhavarchitayai Namah. जो पवित्र जल द्वारा पूजित और आराध्य हैं।
300 त्रिकालज्ञा ॐ त्रिकालज्ञायै नमः। Om Trikalajnayai Namah. जो तीनों कालों का ज्ञान रखती हैं।
301 त्रिलोकेशी ॐ त्रिलोकेश्यै नमः। Om Trilokeshyai Namah. जो तीनों लोकों की ईश्वरी हैं।
302 थै थै शब्दप्रमोदिनी ॐ थै थै शब्दप्रमोदिन्यै नमः। Om Thai Thai Shabdapramodinyai Namah. जो मधुर दिव्य नाद से प्रसन्न होती हैं।
303 दक्षा ॐ दक्षायै नमः। Om Dakshayai Namah. जो कुशल और समर्थ हैं।
304 दनुजदर्पघ्नी ॐ दनुजदर्पघ्न्यै नमः। Om Danujadarpaghnyai Namah. जो दानवों के अहंकार का नाश करती हैं।
305 दमिताश्रितकण्टका ॐ दमिताश्रितकण्टकायै नमः। Om Damitashritakantakayai Namah. जो शरणागतों के कष्टों को शांत करती हैं।
306 दम्भादिमलमूलघ्नी ॐ दम्भादिमलमूलघ्न्यै नमः। Om Dambhadimalamulaghnyai Namah. जो दम्भ आदि दोषों की जड़ नष्ट करती हैं।
307 दयार्द्राक्षी ॐ दयार्द्राक्ष्यै नमः। Om Dayardrakshyai Namah. जिनकी आँखें करुणा से द्रवित हैं।
308 दयामयी ॐ दयामय्यै नमः। Om Dayamayyai Namah. जो असीम दया से परिपूर्ण हैं।
309 दशस्यन्दनजप्रेष्ठा ॐ दशस्यन्दनजप्रेष्ठायै नमः। Om Dashasyandanajapreshthayai Namah. जो दशरथनन्दन श्रीराम की परम प्रिया हैं।
310 दाक्षिण्याखिलपूजिता ॐ दाक्षिण्याखिलपूजितायै नमः। Om Dakshinyakhilapujitayai Namah. जो अपनी विनम्रता और उदारता से सभी द्वारा पूजित हैं।
311 दान्ता ॐ दान्तायै नमः। Om Dantayai Namah. जो इन्द्रियों पर पूर्ण संयम रखने वाली हैं।
312 दारिद्र्यशमनी ॐ दारिद्र्यशमन्यै नमः। Om Daridryashamanyai Namah. जो दरिद्रता और अभाव को दूर करती हैं।
313 दिव्यध्येयशुभाकृति ॐ दिव्यध्येयशुभाकृत्यै नमः। Om Divyadhyeyashubhakrityai Namah. जिनका शुभ दिव्य रूप ध्यान करने योग्य है।
314 दिव्यात्मा ॐ दिव्यात्मने नमः। Om Divyatmane Namah. जो दिव्य आत्मस्वरूप वाली हैं।
315 दिव्यचरिता ॐ दिव्यचरितायै नमः। Om Divyacharitayai Namah. जिनके चरित्र दिव्य और पवित्र हैं।
316 दिव्योदारगुणान्विता ॐ दिव्योदारगुणान्वितायै नमः। Om Divyodaragunanvitayai Namah. जो दिव्य और उदार गुणों से सम्पन्न हैं।
317 दिव्या ॐ दिव्यायै नमः। Om Divyayai Namah. जो स्वयं दिव्य और अलौकिक हैं।
318 दिव्यात्मविभवा ॐ दिव्यात्मविभवायै नमः। Om Divyatmavibhavayai Namah. जिनकी आत्मिक महिमा दिव्य और अनंत है।
319 दीनोद्धरणतत्परा ॐ दीनोद्धरणतत्परायै नमः। Om Dinoddharanatatparayai Namah. जो दीन-दुःखियों के उद्धार में तत्पर हैं।
320 दीप्ताङ्गी ॐ दीप्ताङ्ग्यै नमः। Om Diptangyai Namah. जिनके अंग दिव्य प्रकाश से प्रकाशित हैं।
321 दीप्तमहिमा ॐ दीप्तमहिमायै नमः। Om Diptamahimayai Namah. जिनकी महिमा तेजस्वी और प्रकाशमान है।
322 दीप्यमानमुखाम्बुजा ॐ दीप्यमानमुखाम्बुजायै नमः। Om Dipyamanamukhambujayai Namah. जिनका कमलवत मुख दिव्य प्रकाश से दमकता है।
323 दुरासदा ॐ दुरासदायै नमः। Om Durasadayai Namah. जिनके दिव्य स्वरूप तक पहुँचना कठिन है।
324 दुराराध्या ॐ दुराराध्यायै नमः। Om Duraradhyayai Namah. जिनकी आराधना अत्यंत कठिन है।
325 दुरितघ्नी ॐ दुरितघ्न्यै नमः। Om Duritaghnyai Namah. जो सभी पाप और दुरित नष्ट करती हैं।
326 दुर्मर्षणा ॐ दुर्मर्षणायै नमः। Om Durmarshanayai Namah. जिनका तेज सहन करना कठिन है।
327 दुर्ज्ञेया ॐ दुर्ज्ञेयायै नमः। Om Durjneyayai Namah. जिनका वास्तविक स्वरूप जानना कठिन है।
328 दुष्प्रकृतिघ्नी ॐ दुष्प्रकृतिघ्न्यै नमः। Om Dushprakritighnyai Namah. जो दुष्ट स्वभाव और विकारों का नाश करती हैं।
329 दुःस्वप्नादिप्रणाशिनी ॐ दुःस्वप्नादिप्रणाशिन्यै नमः। Om Duhsvapnadipranashinyai Namah. जो बुरे स्वप्न और अशुभ प्रभाव दूर करती हैं।
330 द्युतिः ॐ द्युत्यै नमः। Om Dyutyai Namah. जो दिव्य प्रकाश की स्वरूपिणी हैं।
331 द्युतिमती ॐ द्युतिमत्यै नमः। Om Dyutimatyai Namah. जो तेज और आभा से सम्पन्न हैं।
332 देवचूडामणिप्रभुप्रिया ॐ देवचूडामणिप्रभुप्रियायै नमः। Om Devachudamaniprabhupriyayai Namah. जो देवताओं के मुकुटमणि प्रभु की परम प्रिया हैं।
333 देवताहितदा ॐ देवताहितदायै नमः। Om Devatahitadayai Namah. जो देवताओं का हित करने वाली हैं।
334 दैन्यभावाचिरसुतोषिता ॐ दैन्यभावाचिरसुतोषितायै नमः। Om Dainyabhavachirasutoshitayai Namah. जो विनम्र और दीन भाव से शीघ्र प्रसन्न होती हैं।
335 धराकन्या ॐ धराकन्यायै नमः। Om Dharakanyayai Namah. जो पृथ्वी की पुत्री हैं।
336 धरानन्दा ॐ धरानन्दायै नमः। Om Dharanandayai Namah. जो पृथ्वी को आनंद प्रदान करती हैं।
337 धरामोदविवर्धिनी ॐ धरामोदविवर्धिन्यै नमः। Om Dharamodavivardhinyai Namah. जो पृथ्वी के आनंद को बढ़ाने वाली हैं।
338 धरारत्नि ॐ धरारत्न्यै नमः। Om Dhararatnyai Namah. जो पृथ्वी का अमूल्य रत्न हैं।
339 धर्मनिधि ॐ धर्मनिधये नमः। Om Dharmanidhaye Namah. जो धर्म की महान निधि हैं।
340 धर्म-सेतुनिबन्धिनी ॐ धर्म-सेतुनिबन्धिन्यै नमः। Om Dharma-setunibandhinyai Namah. जो धर्मरूपी सेतु को स्थापित करती हैं।
341 धर्मशास्त्रानुगा ॐ धर्मशास्त्रानुगायै नमः। Om Dharmashastranugayai Namah. जो धर्मशास्त्रों के अनुसार आचरण करने वाली हैं।
342 धामपरिभूततडिद्द्युति ॐ धामपरिभूततडिद्द्युत्यै नमः। Om Dhamaparibhutatadiddyutyai Namah. जिनकी आभा बिजली के प्रकाश को भी मात देती है।
343 धृति ॐ धृत्यै नमः। Om Dhrityai Namah. जो धैर्य और दृढ़ता की स्वरूपिणी हैं।
344 ध्रुवा ॐ ध्रुवायै नमः। Om Dhruvayai Namah. जो अचल और शाश्वत हैं।
345 नतिप्रीता ॐ नतिप्रीतायै नमः। Om Natipritayai Namah. जो भक्तों के प्रणाम से प्रसन्न होती हैं।
346 नयशास्त्रविशारदा ॐ नयशास्त्रविशारदायै नमः। Om Nayashastravisharadayai Namah. जो नीति और शास्त्रों में निपुण हैं।
347 नामनिर्धूतनिरया ॐ नामनिर्धूतनिरयायै नमः। Om Namanirdhutanirayayai Namah. जिनके नाम का स्मरण नरक के भय को दूर करता है।
348 निगमान्तप्रतिष्ठिता ॐ निगमान्तप्रतिष्ठितायै नमः। Om Nigamantapratishthitayai Namah. जो वेदान्त में प्रतिष्ठित हैं।
349 निगमैर्गीतचरिता ॐ निगमैर्गीतचरितायै नमः। Om Nigamairgitacharitayai Namah. जिनके चरित्र का वेदों में गान किया गया है।
350 नित्यमुक्तनिषेविता ॐ नित्यमुक्तनिषेवितायै नमः। Om Nityamuktanishevitayai Namah. जिनकी नित्य मुक्त आत्माएँ सेवा करती हैं।
351 निधि ॐ निधये नमः। Om Nidhaye Namah. जो सभी दिव्य संपदाओं की निधि हैं।
352 निमिकुलोत्तंसा ॐ निमिकुलोत्तंसायै नमः। Om Nimikulottamsayai Namah. जो निमि वंश का गौरव और आभूषण हैं।
353 निमित्तज्ञानिसत्तमा ॐ निमित्तज्ञानिसत्तमायै नमः। Om Nimittajnanisattamayai Namah. जो शुभ-अशुभ संकेतों के ज्ञान में श्रेष्ठ हैं।
354 नियतेन्द्रियसम्भाव्या ॐ नियतेन्द्रियसम्भाव्यायै नमः। Om Niyatendriyasambhavyayai Namah. जिनका ध्यान संयमित इन्द्रियों वाले साधक करते हैं।
355 नियतात्मा ॐ नियतात्मने नमः। Om Niyatatmane Namah. जो पूर्ण आत्मसंयम से स्थित हैं।
356 निरञ्जना ॐ निरञ्जनायै नमः। Om Niranjanayai Namah. जो पूर्णतः निर्मल और निष्कलंक हैं।
357 निराकारा ॐ निराकारायै नमः। Om Nirakarayai Namah. जो निराकार परम स्वरूप वाली हैं।
358 निरातङ्का ॐ निरातङ्कायै नमः। Om Niratankayai Namah. जो भय और चिंता से रहित हैं।
359 निराधारा ॐ निराधारायै नमः। Om Niradharayai Namah. जो किसी बाहरी आधार पर निर्भर नहीं हैं।
360 निरामया ॐ निरामयायै नमः। Om Niramayayai Namah. जो रोग और दोष से रहित हैं।
361 निर्व्याजकरुणामूर्ति ॐ निर्व्याजकरुणामूर्त्यै नमः। Om Nirvyajakarunamurtyai Namah. जो निष्कपट करुणा की साक्षात मूर्ति हैं।
362 नीति ॐ नीत्यै नमः। Om Nityai Namah. जो धर्मपूर्ण नीति और सदाचार की स्वरूपिणी हैं।
363 पङ्केरुहेक्षणा ॐ पङ्केरुहेक्षणायै नमः। Om Pankeruhekshanayai Namah. जिनके नेत्र कमल के समान सुंदर हैं।
364 पतितोद्धारिणी ॐ पतितोद्धारिण्यै नमः। Om Patitoddharinyai Namah. जो पतितों का उद्धार करती हैं।
365 पद्मगन्धेष्टा ॐ पद्मगन्धेष्टायै नमः। Om Padmagandheshtayai Namah. जो कमल की सुगंध के समान पवित्र और प्रिय हैं।
366 पद्मजार्चिता ॐ पद्मजार्च्चितायै नमः। Om Padmajarchchitayai Namah. जिनकी ब्रह्माजी द्वारा पूजा की जाती है।
367 पद्मपादा ॐ पद्मपादायै नमः। Om Padmapadayai Namah. जिनके चरण कमल के समान हैं।
368 पद्मवक्त्रा ॐ पद्मवक्त्रायै नमः। Om Padmavaktrayai Namah. जिनका मुख कमल के समान सुंदर है।
369 पद्मिनी ॐ पद्मिन्यै नमः। Om Padminyai Namah. जो कमल के समान पवित्र और मनोहर हैं।
370 परमेश्वरी ॐ परमेश्वर्यै नमः। Om Parameshvaryai Namah. जो परम ईश्वरी और सर्वोच्च शक्ति हैं।
371 परब्रह्म ॐ परब्रह्मणे नमः। Om Parabrahmane Namah. जो परम ब्रह्म की स्वरूपिणी हैं।
372 परस्पष्टा ॐ परस्पष्टायै नमः। Om Paraspashtayai Namah. जो परम स्पष्ट और प्रकट स्वरूप वाली हैं।
373 पराशक्ति ॐ पराशक्त्यै नमः। Om Parashaktyai Namah. जो सर्वोच्च दिव्य शक्ति हैं।
374 परिग्रहा ॐ परिग्रहायै नमः। Om Parigrahayai Namah. जो भक्तों को स्वीकार करने वाली करुणामयी देवी हैं।
375 परित्रात्री ॐ परित्रात्र्यै नमः। Om Paritratryai Namah. जो सभी की रक्षा करने वाली हैं।
376 परिश्लाघ्या ॐ परिश्लाघ्यायै नमः। Om Parishlaghyayai Namah. जो अत्यंत प्रशंसनीय और वंदनीय हैं।
377 परेप्टा ॐ परेप्टायै नमः। Om Pareptayai Namah. जो परम प्रिय और वांछनीय हैं।
378 पर्यवस्थिता ॐ पर्यवस्थितायै नमः। Om Paryavasthitayai Namah. जो सम्पूर्ण जगत में स्थित हैं।
379 पवित्रा ॐ पवित्रायै नमः। Om Pavitrayai Namah. जो परम पवित्र स्वरूप वाली हैं।
380 पाटवाधारा ॐ पाटवाधारायै नमः। Om Patavadharayai Namah. जो सामर्थ्य और कुशलता का आधार हैं।
381 पातिव्रत्यधुरन्धरा ॐ पातिव्रत्यधुरन्धर्यै नमः। Om Pativratyadhurandharyai Namah. जो पतिव्रता धर्म में सर्वोच्च आदर्श हैं।
382 पापिपापौघसंहर्त्री ॐ पापिपापौघसंहर्त्र्यै नमः। Om Papipapaughasamhartryai Namah. जो पापियों के पापों का भी नाश करती हैं।
383 पारिजातसुमार्चिता ॐ पारिजातसुमार्च्चितायै नमः। Om Parijatasumarchchitayai Namah. जो पारिजात पुष्पों से सुंदर रूप से पूजित हैं।
384 पावनानुत्तमादर्शा ॐ पावनानुत्तमादर्शायै नमः। Om Pavananuttamadarshayai Namah. जो पवित्रता का सर्वोत्तम आदर्श हैं।
385 पावनी ॐ पावन्यै नमः। Om Pavanyai Namah. जो सबको पवित्र करने वाली हैं।
386 पुण्यदर्शना ॐ पुण्यदर्शनायै नमः। Om Punyadarshanayai Namah. जिनका दर्शन पुण्य प्रदान करता है।
387 पुण्यश्रवणचरिता ॐ पुण्यश्रवणचरितायै नमः। Om Punyashravanacharitayai Namah. जिनका चरित्र सुनना पुण्यदायक है।
388 पुण्यश्लोकवरीयसी ॐ पुण्यश्लोकवरीयस्यै नमः। Om Punyashlokavariyasyai Namah. जो पुण्यश्लोकों में सर्वोत्तम और श्रेष्ठ हैं।
389 पुष्पालङ्कारसम्पन्ना ॐ पुष्पालङ्कारसम्पन्नायै नमः। Om Pushpalankarasampannayai Namah. जो पुष्पों के दिव्य अलंकारों से सुसज्जित हैं।
390 पुष्टि ॐ पुष्ट्यै नमः। Om Pushtyai Namah. जो पोषण और समृद्धि की स्वरूपिणी हैं।
391 पुष्टिदायिनी ॐ पुष्टिदायिन्यै नमः। Om Pushtidayinyai Namah. जो स्वास्थ्य, पोषण और समृद्धि प्रदान करती हैं।
392 पूतात्मा ॐ पूतात्मने नमः। Om Putatmane Namah. जो परम पवित्र आत्मस्वरूप वाली हैं।
393 पूतसर्वेहा ॐ पूतसर्वेहायै नमः। Om Putasarvehayai Namah. जिनकी सभी इच्छाएँ और कर्म पवित्र हैं।
394 पूज्यपादाम्बुजद्वया ॐ पूज्यपादाम्बुजद्वयायै नमः। Om Pujyapadambujadvayayai Namah. जिनके दोनों कमलवत चरण पूजनीय हैं।
395 पूर्णा ॐ पूर्णायै नमः। Om Purnayai Namah. जो पूर्णता की परम स्वरूपिणी हैं।
396 पूर्णेन्दुवदना ॐ पूर्णेन्दुवदनायै नमः। Om Purnenduvadanayai Namah. जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुंदर है।
397 प्रकृति ॐ प्रकृत्यै नमः। Om Prakrityai Namah. जो मूल प्रकृति और सृष्टि की आधारशक्ति हैं।
398 प्रकृतेः परा ॐ प्रकृतेः परायै नमः। Om Prakriteh Parayai Namah. जो प्रकृति से भी परे परम शक्ति हैं।
399 प्रकृष्टात्मा ॐ प्रकृष्टात्मने नमः। Om Prakrishtatmane Namah. जो परम उत्कृष्ट आत्मस्वरूप वाली हैं।
400 प्रणम्याङ्घ्रि ॐ प्रणम्याङ्घ्र्यै नमः। Om Pranamyanghryai Namah. जिनके चरणों में श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया जाता है।
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401प्रणयातिशयप्रियाॐ प्रणयातिशयप्रियायै नमः।Om Pranayatishayapriyayai Namah.जो अत्यंत प्रेम और स्नेह को प्रिय मानती हैं।
402प्रणतातुल्यवात्सल्याॐ प्रणतातुल्यवात्सल्यायै नमः।Om Pranatatulyavatsalyayai Namah.जो शरणागत भक्तों पर समान रूप से वात्सल्य रखती हैं।
403प्रणतध्वस्तसंसृतिॐ प्रणतध्वस्तसंसृत्यै नमः।Om Pranatadhvastasamsrityai Namah.जो शरणागतों के संसार-बन्धन को नष्ट करती हैं।
404प्रणविनीॐ प्रणविन्यै नमः।Om Pranavinyai Namah.जो प्रणव अर्थात् ॐ की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
405प्रतिष्ठात्रीॐ प्रतिष्ठात्र्यै नमः।Om Pratishthatryai Namah.जो प्रतिष्ठा और स्थिरता प्रदान करने वाली हैं।
406प्रथमाॐ प्रथमायै नमः।Om Prathamayai Namah.जो सर्वोच्च और प्रथम हैं।
407प्रथिताॐ प्रथितायै नमः।Om Prathitayai Namah.जो सर्वत्र प्रसिद्ध और विख्यात हैं।
408प्रध्याॐ प्रध्यै नमः।Om Pradhyai Namah.जो परम बुद्धिमती और पूजनीय हैं।
409प्रपन्नरक्षणोद्योगाॐ प्रपन्नरक्षणोद्योगायै नमः।Om Prapannarakshanodyogayai Namah.जो शरणागतों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं।
410प्रवित्ताॐ प्रवित्तायै नमः।Om Pravittayai Namah.जो सबके कल्याण और धर्म के ज्ञान से सम्पन्न हैं।
411प्रविशारदाॐ प्रविशारदायै नमः।Om Pravisharadayai Namah.जो विशेष रूप से विदुषी और कुशल हैं।
412प्रह्वीॐ प्रह्व्यै नमः।Om Prahvyai Namah.जो विनम्र और नम्र स्वभाव वाली हैं।
413प्राणप्रदाॐ प्राणप्रदायै नमः।Om Pranapradayai Namah.जो जीवन और प्राण प्रदान करती हैं।
414प्राणनिलयाॐ प्राणनिलयायै नमः।Om Prananilayayai Namah.जो समस्त प्राणियों के प्राणों का निवास हैं।
415प्राणवल्लभाॐ प्राणवल्लभायै नमः।Om Pranavallabhayai Namah.जो जीवन से भी अधिक प्रिय हैं।
416प्राणात्मिकाॐ प्राणात्मिकायै नमः।Om Pranatmikayai Namah.जो प्राणों की मूल आत्मशक्ति हैं।
417प्रार्थनीयाॐ प्रार्थनीयायै नमः।Om Prarthaniyayai Namah.जो भक्तों द्वारा प्रार्थना करने योग्य हैं।
418प्रियमोहनदर्शनाॐ प्रियमोहनदर्शनायै नमः।Om Priyamohanadarshanayai Namah.जिनका प्रिय दर्शन मन को मोहित करता है।
419प्रियार्हाॐ प्रियार्हायै नमः।Om Priyarhayai Namah.जो प्रेम और स्नेह की अधिकारी हैं।
420प्रीतितत्त्वज्ञाॐ प्रीतितत्त्वज्ञायै नमः।Om Prititattvajnayai Namah.जो प्रेम के वास्तविक तत्त्व को जानती हैं।
421प्रीतिदाॐ प्रीतिदायै नमः।Om Pritidayai Namah.जो प्रेम और प्रसन्नता प्रदान करती हैं।
422प्रीतिवर्धिनीॐ प्रीतिवर्धिन्यै नमः।Om Pritivardhinyai Namah.जो भक्तों के हृदय में प्रेम बढ़ाती हैं।
423प्रेज्याॐ प्रेज्यायै नमः।Om Prejyayai Namah.जो अत्यंत पूजनीय और आदरणीय हैं।
424प्रेमरताॐ प्रेमरतायै नमः।Om Premaratayai Namah.जो दिव्य प्रेम में सदैव अनुरक्त रहती हैं।
425प्रेमवल्लभातीववल्लभाॐ प्रेमवल्लभातीववल्लभायै नमः।Om Premavallabhativavallabhayai Namah.जो प्रेम करने वालों को अत्यंत प्रिय हैं।
426प्रेमवारां निधिॐ प्रेमवारां निधये नमः।Om Premavaram Nidhaye Namah.जो प्रेम की महान निधि हैं।
427प्रेमविग्रहाॐ प्रेमविग्रहायै नमः।Om Premavigrahayai Namah.जो स्वयं दिव्य प्रेम की मूर्ति हैं।
428प्रेमवैभवाॐ प्रेमवैभवायै नमः।Om Premavaibhavayai Namah.जो दिव्य प्रेम की महिमा से सम्पन्न हैं।
429प्रेमशक्त्येकविवशाॐ प्रेमशक्त्येकविवशायै नमः।Om Premashaktyekavivashayai Namah.जो प्रेम की शक्ति से ही वशीभूत होती हैं।
430प्रेमसंसाध्यदर्शनाॐ प्रेमसंसाध्यदर्शनायै नमः।Om Premasamsadhyadarshanayai Namah.जिनका सच्चा दर्शन प्रेम से ही संभव है।
431प्रेमैकहाटकागाराॐ प्रेमैकहाटकागारायै नमः।Om Premaikahatakagarayai Namah.जो प्रेमरूपी स्वर्णमय भवन की स्वरूपिणी हैं।
432प्रेमैकाद्भुतविग्रहाॐ प्रेमैकाद्भुतविग्रहायै नमः।Om Premaikadbhutavigrahayai Namah.जिनका प्रेममय रूप अद्भुत और अनुपम है।
433फणीन्द्रावर्ण्यविभवाॐ फणीन्द्रावर्ण्यविभवायै नमः।Om Phanindravarnyavibhavayai Namah.जिनकी महिमा का वर्णन फणीन्द्र भी नहीं कर सकते।
434सुकर्मणां फलरूपाॐ सुकर्मणां फलरूपायै नमः।Om Sukarmanam Phalarupayai Namah.जो शुभ कर्मों के फलस्वरूप प्राप्त होने वाली हैं।
435बुद्धिदाॐ बुद्धिदायै नमः।Om Buddhidayai Namah.जो भक्तों को बुद्धि प्रदान करती हैं।
436बुधमृग्याङ्घ्रिकमलाॐ बुधमृग्याङ्घ्रिकमलायै नमः।Om Budhamrigyanghrikamalayai Namah.जिनके कमलवत चरणों को ज्ञानीजन खोजते हैं।
437बोधवारिधिॐ बोधवारिध्यै नमः।Om Bodhavaridhyai Namah.जो ज्ञान के अथाह सागर की स्वरूपिणी हैं।
438ब्रह्मलेखातिगाॐ ब्रह्मलेखातिगायै नमः।Om Brahmalekhatigayai Namah.जो ब्रह्मा द्वारा लिखे भाग्य से भी परे हैं।
439ब्रह्मवेत्त्रीॐ ब्रह्मवेत्त्र्यै नमः।Om Brahmavettryai Namah.जो परम ब्रह्म को जानने वाली हैं।
440ब्रह्माण्डवृन्दसुवाॐ ब्रह्माण्डवृन्दसुवे नमः।Om Brahmandavrindasuve Namah.जो असंख्य ब्रह्माण्डों की जननी हैं।
441भक्तत्राणविधानज्ञाॐ भक्तत्राणविधानज्ञायै नमः।Om Bhaktatranavidhanajnayai Namah.जो भक्तों की रक्षा करने का उपाय जानती हैं।
442भक्तिसंसाध्यदर्शनाॐ भक्तिसंसाध्यदर्शनायै नमः।Om Bhaktisamsadhyadarshanayai Namah.जिनका साक्षात्कार भक्ति के द्वारा किया जा सकता है।
443भजनीयगुणोपेताॐ भजनीयगुणोपेतायै नमः।Om Bhajaniyagunopetayai Namah.जो आराधना योग्य दिव्य गुणों से सम्पन्न हैं।
444भयघ्नीॐ भयघ्न्यै नमः।Om Bhayaghnyai Namah.जो सभी भय का नाश करती हैं।
445भयतारिणीॐ भयतारिण्यै नमः।Om Bhayatarinyai Namah.जो भक्तों को भय से पार कराती हैं।
446भवपूज्याॐ भवपूज्यायै नमः।Om Bhavapujyayai Namah.जो संसार में पूजनीय और वंदनीय हैं।
447भवाराध्याॐ भवाराध्यायै नमः।Om Bhavaradhyayai Namah.जो श्रद्धापूर्वक आराधना करने योग्य हैं।
448भवोत्पत्यादिकारिणीॐ भवोत्पत्यादिकारिण्यै नमः।Om Bhavotpatyadikarinyai Namah.जो सृष्टि की उत्पत्ति आदि का संचालन करती हैं।
449भाग्यैकसंशोधयित्रीॐ भाग्यैकसंशोधयित्र्यै नमः।Om Bhagyaikasamshodhayitryai Namah.जो भक्तों के भाग्य को सुधारने वाली हैं।
450भावैकपरितोषिताॐ भावैकपरितोषितायै नमः।Om Bhavaikaparitoshitayai Namah.जो केवल सच्चे भाव से प्रसन्न होती हैं।
451भूतप्रसूतिॐ भूतप्रसूत्यै नमः।Om Bhutaprasutyai Namah.जो समस्त प्राणियों की जननी हैं।
452भूतात्माॐ भूतात्मने नमः।Om Bhutatmane Namah.जो सभी प्राणियों की आत्मस्वरूपा हैं।
453भूताद्याॐ भूताद्यै नमः।Om Bhutadyai Namah.जो समस्त भूतों की आदि शक्ति हैं।
454भूतदायिनीॐ भूतदायिन्यै नमः।Om Bhutadayinyai Namah.जो जीवों को अस्तित्व और जीवन प्रदान करती हैं।
455भूतिमत्समुपास्याङ्घ्रिॐ भूतिमत्समुपास्याङ्घ्र्यै नमः।Om Bhutimatsamupasyanghryai Namah.जिनके चरणों की समृद्ध भक्तजन उपासना करते हैं।
456भूसुताॐ भूसुतायै नमः।Om Bhusutayai Namah.जो पृथ्वी की पुत्री हैं।
457भ्रान्तिहारिणीॐ भ्रान्तिहारिण्यै नमः।Om Bhrantiharinyai Namah.जो भ्रम और मोह को दूर करती हैं।
458मङ्गलाशेषमाङ्गल्याॐ मङ्गलाशेषमाङ्गल्यायै नमः।Om Mangalasheshamangalyayai Namah.जो सभी मंगलों में परम मंगल हैं।
459मङ्गलैकमहानिधिॐ मङ्गलैकमहानिधये नमः।Om Mangalaikamahanidhaye Namah.जो मंगल की एकमात्र महान निधि हैं।
460मधुराॐ मधुरायै नमः।Om Madhurayai Namah.जो अत्यंत मधुर और मनोहर हैं।
461मधुराकाराॐ मधुराकारायै नमः।Om Madhurakarayai Namah.जिनका स्वरूप मधुर और मनमोहक है।
462मननीयगुणावलीॐ मननीयगुणावल्यै नमः।Om Mananiyagunavalyai Namah.जो प्रशंसनीय गुणों की माला से सम्पन्न हैं।
463मनोजवाॐ मनोजवायै नमः।Om Manojavayai Namah.जिनकी गति मन के समान तीव्र है।
464मनोज्ञाङ्गीॐ मनोज्ञाङ्ग्यै नमः।Om Manojnangyai Namah.जिनके अंग अत्यंत मनोहर हैं।
465मनोरमगुणान्विताॐ मनोरमगुणान्वितायै नमः।Om Manoramagunanvitayai Namah.जो मनोहर गुणों से सम्पन्न हैं।
466मनःस्वरूपाॐ मनःस्वरूपायै नमः।Om Manahsvarupayai Namah.जो मन की सूक्ष्म और दिव्य स्वरूपिणी हैं।
467महतीॐ महत्यै नमः।Om Mahatyai Namah.जो महान और परम श्रेष्ठ हैं।
468महनीयगुणाम्बुधिॐ महनीयगुणाम्बुधये नमः।Om Mahaniyagunambudhaye Namah.जो महान गुणों के अथाह समुद्र हैं।
469महद्ध्र्येकाॐ महद्ध्र्येकायै नमः।Om Mahaddhryekayai Namah.जो महान ऐश्वर्य की अद्वितीय स्वरूपिणी हैं।
470महाकीर्तिॐ महाकीर्त्यै नमः।Om Mahakirtyai Namah.जिनकी कीर्ति महान और सर्वत्र प्रसिद्ध है।
471महाकोशाॐ महाकोशायै नमः।Om Mahakoshayai Namah.जो महान दिव्य निधियों की कोश हैं।
472महाक्रतुःॐ महाक्रतवे नमः।Om Mahakratave Namah.जो महान यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान की स्वरूपिणी हैं।
473महाक्रमाॐ महाक्रमायै नमः।Om Mahakramayai Namah.जो महान शक्ति और दिव्य गति वाली हैं।
474महागर्ताॐ महागर्तायै नमः।Om Mahagartayai Namah.जो अगाध और गहन दिव्य स्वरूप वाली हैं।
475महाछविॐ महाछव्यै नमः।Om Mahachhavyai Namah.जिनकी दिव्य छवि अत्यंत महान और तेजस्वी है।
476महाद्युतिॐ महाद्युत्यै नमः।Om Mahadyutyai Namah.जो महान दिव्य प्रकाश से प्रकाशित हैं।
477महादृष्टिॐ महादृष्ट्यै नमः।Om Mahadrishtyai Namah.जिनकी दिव्य दृष्टि महान और सर्वव्यापक है।
478महाधाम्नीॐ महाधाम्न्यै नमः।Om Mahadhamnyai Namah.जो परम दिव्य धाम की अधिष्ठात्री हैं।
479महानन्दस्वरूपिणीॐ महानन्दस्वरूपिण्यै नमः।Om Mahanandasvarupinyai Namah.जो महान आनंद की साक्षात स्वरूपिणी हैं।
480महानायकसम्मात्याॐ महानायकसम्मात्यायै नमः।Om Mahanayakasammatyayai Namah.जो महानायक द्वारा अत्यंत सम्मानित और प्रिय हैं।
481महानैपुण्यवारिधिॐ महानैपुण्यवारिधये नमः।Om Mahanaipunyavaridhaye Namah.जो महान कौशल का अथाह सागर हैं।
482महापूज्याॐ महापूज्यायै नमः।Om Mahapujyayai Namah.जो अत्यंत पूजनीय और वंदनीय हैं।
483महाप्राज्ञाॐ महाप्राज्ञायै नमः।Om Mahaprajnayai Namah.जो महान प्रज्ञा और दिव्य ज्ञान से सम्पन्न हैं।
484महाप्रेज्याॐ महाप्रेज्यायै नमः।Om Mahaprejyayai Namah.जो महान रूप से पूजनीय हैं।
485महाफलाॐ महाफलायै नमः।Om Mahaphalayai Namah.जो महान और श्रेष्ठ फल प्रदान करती हैं।
486महाभागाॐ महाभागायै नमः।Om Mahabhagayai Namah.जो महान सौभाग्य से सम्पन्न हैं।
487महाभोगाॐ महाभोगायै नमः।Om Mahabhogayai Namah.जो दिव्य आनंद और ऐश्वर्य की स्वरूपिणी हैं।
488महामतिमतां वराॐ महामतिमतां वरायै नमः।Om Mahamatimatam Varayai Namah.जो महान बुद्धिमानों में भी श्रेष्ठ हैं।
489महामाधुर्यसम्पन्नाॐ महामाधुर्यसम्पन्नायै नमः।Om Mahamadhuryasampannayai Namah.जो महान मधुरता से सम्पन्न हैं।
490महामायास्वरूपिणीॐ महामायास्वरूपिण्यै नमः।Om Mahamayasvarupinyai Namah.जो महामाया की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
491महायोगप्रसाध्यैकाॐ महायोगप्रसाध्यैकायै नमः।Om Mahayogaprasadhyaikayai Namah.जो महान योग द्वारा प्राप्त की जाने वाली अद्वितीय शक्ति हैं।
492महायोगेश्वरप्रियाॐ महायोगेश्वरप्रियायै नमः।Om Mahayogeshvarapriyayai Namah.जो महान योगेश्वर को प्रिय हैं।
493महारतिॐ महारत्यै नमः।Om Maharatyai Namah.जो महान प्रेम और आनंद की स्वरूपिणी हैं।
494महालक्ष्मीॐ महालक्ष्म्यै नमः।Om Mahalakshmyai Namah.जो महालक्ष्मी के दिव्य स्वरूप से सम्पन्न हैं।
495महाविद्यास्वरूपिणीॐ महाविद्यास्वरूपिण्यै नमः।Om Mahavidyasvarupinyai Namah.जो महान दिव्य विद्या की स्वरूपिणी हैं।
496महाशक्तिॐ महाशक्त्यै नमः।Om Mahashaktyai Namah.जो परम महान दिव्य शक्ति हैं।
497महाश्रेष्ठाॐ महाश्रेष्ठायै नमः।Om Mahashreshthayai Namah.जो सभी में महान और श्रेष्ठ हैं।
498महाश्लाघ्ययशोऽन्विताॐ महाश्लाघ्ययशोऽन्वितायै नमः।Om Mahashlaghyayashoanvitayai Namah.जो अत्यंत प्रशंसनीय यश से सम्पन्न हैं।
499महासिद्धिॐ महासिद्ध्यै नमः।Om Mahasiddhyai Namah.जो महान सिद्धि की स्वरूपिणी हैं।
500महासेव्यॐ महासेव्यायै नमः।Om Mahasevyayai Namah.जो सभी के द्वारा महान श्रद्धा से सेवित हैं।
501महासौभाग्यदायिनीॐ महासौभाग्यदायिन्यै नमः।Om Mahasaubhagyadayinyai Namah.जो महान सौभाग्य प्रदान करती हैं।
502महाहव्याॐ महाहव्यै नमः।Om Mahahavyai Namah.जो महान यज्ञों में अर्पित होने योग्य हैं।
503महार्हार्हाॐ महार्हार्हायै नमः।Om Maharharhayai Namah.जो अत्यंत मूल्यवान और पूजनीय हैं।
504महिष्टात्माॐ महिष्टात्मने नमः।Om Mahishtatmane Namah.जो महानतम और श्रेष्ठ आत्मस्वरूप वाली हैं।
505महीयसीॐ महीयस्यै नमः।Om Mahiyasyai Namah.जो अत्यंत महान और सम्माननीय हैं।
506महीशजाॐ महीशजायै नमः।Om Mahishajayai Namah.जो पृथ्वी के अधिपति से संबंधित दिव्य स्वरूप वाली हैं।
507महोत्कर्षाॐ महोत्कर्षायै नमः।Om Mahotkarshayai Namah.जो महान उत्कर्ष और उन्नति की स्वरूपिणी हैं।
508महोत्साहाॐ महोत्साहायै नमः।Om Mahotsahayai Namah.जो महान उत्साह और शक्ति से सम्पन्न हैं।
509महोदयाॐ महोदयायै नमः।Om Mahodayayai Namah.जो महान उदय और कल्याण प्रदान करती हैं।
510महोदाराॐ महोदारायै नमः।Om Mahodarayai Namah.जो महान उदारता से सम्पन्न हैं।
511महेशादिसमालभ्व्याङ्घ्रिपङ्कजाॐ महेशादिसमालभ्व्याङ्घ्रिपङ्कजायै नमः।Om Maheshadisamalabhvyanghripankajayai Namah.जिनके कमलवत चरणों को महेश आदि देव पूजते हैं।
512समस्तजगतां माताॐ समस्तजगतां मात्रे नमः।Om Samastajagatam Matre Namah.जो सम्पूर्ण जगत की माता हैं।
513माधुरीजितमाधुर्याॐ माधुरीजितमाधुर्यै नमः।Om Madhurijitamadhuryai Namah.जिनकी मधुरता सभी मधुरताओं को जीत लेती है।
514मान्यपरमसम्मान्याॐ मान्यपरमसम्मान्यायै नमः।Om Manyaparamasammanyayai Namah.जो अत्यंत माननीय और परम सम्माननीय हैं।
515मायाॐ मायै नमः।Om Mayai Namah.जो दिव्य माया की स्वरूपिणी हैं।
516मितकोकिलस्वनाॐ मितकोकिलस्वनायै नमः।Om Mitakokilasvanayai Namah.जिनकी मधुर वाणी कोकिल के स्वर के समान है।
517मिथिलेशक्रतूद्भूताॐ मिथिलेशक्रतूद्भूतायै नमः।Om Mithileshakratudbhutayai Namah.जो मिथिला के राजा के यज्ञ से प्रकट हुईं।
518मिथिलेश्वरनन्दिनीॐ मिथिलेश्वरनन्दिन्यै नमः।Om Mithileshvaranandinyai Namah.जो मिथिला के राजा जनक की पुत्री हैं।
519मीनाक्षीॐ मीनाक्ष्यै नमः।Om Minakshyai Namah.जिनके नेत्र मछली के समान सुंदर और चंचल हैं।
520मुक्तिवरदाॐ मुक्तिवरदायै नमः।Om Muktivaradayai Namah.जो मोक्ष का वरदान प्रदान करती हैं।
521मुनिसेव्यपदाम्बुजाॐ मुनिसेव्यपदाम्बुजायै नमः।Om Munisevyapadambujayai Namah.जिनके कमलवत चरणों की मुनिजन सेवा करते हैं।
522मुनीन्द्रावर्ण्यमहिमाॐ मुनीन्द्रावर्ण्यमहिमायै नमः।Om Munindravarnyamahimayai Namah.जिनकी महिमा का वर्णन श्रेष्ठ मुनि भी करते हैं।
523मूलप्रकृतिसञ्ज्ञिताॐ मूलप्रकृतिसञ्ज्ञितायै नमः।Om Mulaprakritisanjnitayai Namah.जो मूल प्रकृति के नाम से जानी जाती हैं।
524मृगनेत्राॐ मृगनेत्रायै नमः।Om Mriganetrayai Namah.जिनके नेत्र मृग के समान सुंदर हैं।
525मृगाङ्काभवदनाॐ मृगाङ्काभवदनायै नमः।Om Mrigankabhavadanayai Namah.जिनका मुख चन्द्रमा के समान सुंदर और उज्ज्वल है।
526मृदुभाषिणीॐ मृदुभाषिण्यै नमः।Om Mridubhashinyai Namah.जो कोमल और मधुर वाणी बोलती हैं।
527मृदुलाॐ मृदुलायै नमः।Om Mridulayai Namah.जो अत्यंत कोमल और मृदु स्वभाव वाली हैं।
528मृदुलाचाराॐ मृदुलाचारायै नमः।Om Mridulacharayai Namah.जिनका आचरण अत्यंत कोमल और विनम्र है।
529मृदुसमोहनेक्षणाॐ मृदुसमोहनेक्षणायै नमः।Om Mridusamohanekshanayai Namah.जिनकी कोमल दृष्टि अत्यंत मोहक है।
530मृदुस्वभावसम्पन्नाॐ मृदुस्वभावसम्पन्नायै नमः।Om Mridusvabhavasampannayai Namah.जो कोमल और शांत स्वभाव से सम्पन्न हैं।
531मृद्वीॐ मृद्व्यै नमः।Om Mridvyai Namah.जो अत्यंत कोमल और सौम्य हैं।
532मेधसमुद्भवाॐ मेधसमुद्भवायै नमः।Om Medhasamudbhavayai Namah.जो दिव्य बुद्धि और मेधा से प्रकट होती हैं।
533मेधेशीॐ मेधेश्यै नमः।Om Medheshyai Namah.जो मेधा और बुद्धि की अधीश्वरी हैं।
534मैथिलीॐ मैथिल्यै नमः।Om Maithilyai Namah.जो मिथिला की राजकुमारी हैं।
535मोदवर्षिणीॐ मोदवर्षिण्यै नमः।Om Modavarshinyai Namah.जो आनंद और प्रसन्नता की वर्षा करती हैं।
536मौढ्यभञ्जिकाॐ मौढ्यभञ्जिकायै नमः।Om Maudhyabhanjikayai Namah.जो मूर्खता और अज्ञान का नाश करती हैं।
537यतचित्तेन्द्रियग्रामॐ यतचित्तेन्द्रियग्रामायै नमः।Om Yatachittendriyagramayai Namah.जो संयमित मन और इन्द्रियों से प्राप्त की जाती हैं।
538युक्ताॐ युक्तायै नमः।Om Yuktayai Namah.जो योग और एकाग्रता में स्थित हैं।
539युक्तात्मभाषिताॐ युक्तात्मभाषितायै नमः।Om Yuktatmabhashitayai Namah.जिनकी वाणी संयमित और आत्मज्ञान से युक्त है।
540योगदाॐ योगदायै नमः।Om Yogadayai Namah.जो योग और आध्यात्मिक एकता प्रदान करती हैं।
541योगनिलयाॐ योगनिलयायै नमः।Om Yoganilayayai Namah.जो योग का परम निवास हैं।
542योगस्थाॐ योगस्थायै नमः।Om Yogasthayai Namah.जो सदैव योग में स्थित रहती हैं।
543योगिनां गतिॐ योगिनां गत्यै नमः।Om Yoginam Gatyai Namah.जो योगियों की परम गति हैं।
544योगिनां समुपालभ्याॐ योगिनां समुपालभ्यायै नमः।Om Yoginam Samupalabhyayai Namah.जो योगियों द्वारा साधना से प्राप्त की जाती हैं।
545योगिराजप्रियात्मजाॐ योगिराजप्रियात्मजायै नमः।Om Yogirajapriyatmajayai Namah.जो योगिराज के प्रिय आत्मस्वरूप से संबंधित हैं।
546रक्तोत्पललसद्धस्ताॐ रक्तोत्पललसद्धस्तायै नमः।Om Raktotpalalasaddhastayai Namah.जिनके हाथ लाल कमल से सुशोभित हैं।
547रघुनन्दनवल्लभाॐ रघुनन्दनवल्लभायै नमः।Om Raghunandanavallabhayai Namah.जो रघुनन्दन श्रीराम की परम प्रिया हैं।
548रघुनाथस्वभावज्ञाॐ रघुनाथस्वभावज्ञायै नमः।Om Raghunathasvabhavajnayai Namah.जो श्रीरघुनाथ के स्वभाव को भलीभाँति जानती हैं।
549रघुवीरसुखे रताॐ रघुवीरसुखे रतायै नमः।Om Raghuvirasukhe Ratayai Namah.जो रघुवीर श्रीराम के सुख में सदैव अनुरक्त हैं।
550रतिसौन्दर्यदर्पघ्नीॐ रतिसौन्दर्यदर्पघ्न्यै नमः।Om Ratisaundaryadarpaghnyai Namah.जिनका सौंदर्य रति के सौंदर्य का भी गर्व नष्ट कर देता है।
551रतीशेहाहरस्मृतिॐ रतीशेहाहरस्मृत्यै नमः।Om Ratishehaharasmrityai Namah.जिनका स्मरण सांसारिक कामनाओं को दूर करता है।
552रविमण्डलध्यस्थाॐ रविमण्डलध्यस्थायै नमः।Om Ravimandaladhyasthayai Namah.जो सूर्य-मण्डल में स्थित दिव्य शक्ति हैं।
553रविवंशेन्दुहृत्स्थिताॐ रविवंशेन्दुहृत्स्थितायै नमः।Om Ravivamshenduhritsthitayai Namah.जो सूर्यवंश के चन्द्र श्रीराम के हृदय में स्थित हैं।
554रसज्ञाॐ रसज्ञायै नमः।Om Rasajnayai Namah.जो दिव्य प्रेम और आध्यात्मिक रस को जानती हैं।
555रसभावज्ञाॐ रसभावज्ञायै नमः।Om Rasabhavajnayai Namah.जो प्रेम के विविध भावों को जानती हैं।
556रासानन्दविवर्धिनीॐ रसानन्दविवर्धिन्यै नमः।Om Rasanandavivardhinyai Namah.जो दिव्य प्रेमानंद को बढ़ाने वाली हैं।
557रमणीयगुणग्रामॐ रमणीयगुणग्रामायै नमः।Om Ramaniyagunagramayai Namah.जो मनोहर गुणों के समूह से सम्पन्न हैं।
558रमाराध्याॐ रमाराध्यायै नमः।Om Ramaradhyayai Namah.जिनकी आराधना श्रीराम द्वारा भी की जाती है।
559रमालयाॐ रमालयायै नमः।Om Ramalayayai Namah.जो सौंदर्य और आनंद का निवास हैं।
560रम्यरम्यनिधिॐ रम्यरम्यनिधये नमः।Om Ramyaramyanidhaye Namah.जो समस्त सुंदरताओं की सुंदर निधि हैं।
561रम्याशेषाॐ रम्याशेषायै नमः।Om Ramyasheshayai Namah.जिनमें समस्त मनोहरता पूर्ण रूप से विद्यमान है।
562रसमयाकृतिॐ रसमयाकृत्यै नमः।Om Rasamayakrityai Namah.जिनका स्वरूप दिव्य प्रेमरस से परिपूर्ण है।
563रसापुत्रीॐ रसापुत्र्यै नमः।Om Rasaputryai Namah.जो दिव्य रस की पुत्री और स्वरूपिणी हैं।
564रसासक्ताॐ रसासक्तायै नमः।Om Rasasaktayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस में अनुरक्त हैं।
565रसिकानां परागतिॐ रसिकानां परागत्यै नमः।Om Rasikanam Paragatyai Namah.जो रसिक भक्तों की परम गति हैं।
566रसिकेन्द्रप्रियाॐ रसिकेन्द्रप्रियायै नमः।Om Rasikendrapriyayai Namah.जो श्रेष्ठ रसिक भक्तों को अत्यंत प्रिय हैं।
567राकाधिपपुञ्जनिभाननाॐ राकाधिपपुञ्जनिभाननायै नमः।Om Rakadhipapunjanibhananayai Namah.जिनका मुख पूर्णिमा के चन्द्रमा के समान उज्ज्वल है।
568राघवेन्द्रप्रभावज्ञाॐ राघवेन्द्रप्रभावज्ञायै नमः।Om Raghavendraprabhavajnayai Namah.जो श्रीराघवेन्द्र की दिव्य महिमा को जानती हैं।
569राधाॐ राधायै नमः।Om Radhayai Namah.जो आराधना और प्रेम की दिव्य स्वरूपिणी हैं।
570रासरसेश्वरीॐ रासरसेश्वर्यै नमः।Om Rasaraseshvaryai Namah.जो दिव्य प्रेमरस की अधीश्वरी हैं।
571रासलीलाकलापज्ञाॐ रासलीलाकलापज्ञायै नमः।Om Rasalilakalapajnayai Namah.जो दिव्य रासलीला के रहस्यों को जानती हैं।
572रासानन्दप्रदायिनीॐ रासानन्दप्रदायिन्यै नमः।Om Rasanandapradayinyai Namah.जो दिव्य रास का आनंद प्रदान करती हैं।
573रासेशीॐ रासेश्यै नमः।Om Raseshyai Namah.जो दिव्य रास की अधीश्वरी हैं।
574रूपदाक्षिण्यमण्डिताॐ रूपदाक्षिण्यमण्डितायै नमः।Om Rupadakshinyamanditayai Namah.जो सुंदर रूप और उदारता से सुशोभित हैं।
575लक्ष्मणार्च्चिताॐ लक्ष्मणार्च्चितायै नमः।Om Lakshmanarchchitayai Namah.जिनकी लक्ष्मण द्वारा श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है।
576ललनादर्शचरिताॐ ललनादर्शचरितायै नमः।Om Lalanadarshacharitayai Namah.जो स्त्रियों के लिए आदर्श चरित्र वाली हैं।
577ललनाधर्मदीपिकाॐ ललनाधर्मदीपिकायै नमः।Om Lalanadharmadipikayai Namah.जो नारी धर्म का प्रकाश करने वाली हैं।
578ललामैकनामरूपलीलाधामगुणादिकाॐ ललामैकनामरूपलीलाधामगुणादिकायै नमः।Om Lalamaikanamarupaliladhamagunadikayai Namah.जो अपने नाम, रूप, लीला, धाम और गुणों से सर्वोत्तम हैं।
579ललिताम्भोजपत्राक्षीॐ ललिताम्भोजपत्राक्ष्यै नमः।Om Lalitambhojapatrakshyai Namah.जिनके सुंदर नेत्र कमलपत्र के समान हैं।
580ललिताशेषचेष्टिताॐ ललिताशेषचेष्टितायै नमः।Om Lalitasheshacheshtitayai Namah.जिनकी सभी लीलाएँ और चेष्टाएँ सुंदर हैं।
581लावण्यजितपाथोधिॐ लावण्यजितपाथोधये नमः।Om Lavanyajitapathodhaye Namah.जिनका सौंदर्य समुद्र की विशालता को भी जीत लेता है।
582लाकृतिॐ लाकृत्यै नमः।Om Lakrityai Namah.जो दिव्य स्वरूप और सुंदर आकृति वाली हैं।
583लीनरक्षिकाॐ लीनरक्षिकायै नमः।Om Linarakshikayai Namah.जो अपने में लीन भक्तों की रक्षा करती हैं।
584लीलाभूमाधवप्रेष्ठाॐ लीलाभूमाधवप्रेष्ठायै नमः।Om Lilabhumadhavapreshthayai Namah.जो दिव्य लीला के माधव को अत्यंत प्रिय हैं।
585लोककल्याणतत्पराॐ लोककल्याणतत्परायै नमः।Om Lokakalyanatatparayai Namah.जो सदैव लोककल्याण में तत्पर रहती हैं।
586लोकत्रयमहाराज्ञीॐ लोकत्रयमहाराज्ञ्यै नमः।Om Lokatrayamaharajnyai Namah.जो तीनों लोकों की महान महारानी हैं।
587लोकमृग्याङ्घ्रिपङ्कजाॐ लोकमृग्याङ्घ्रिपङ्कजायै नमः।Om Lokamrigyanghripankajayai Namah.जिनके कमलवत चरणों को संसार के श्रेष्ठ जन खोजते हैं।
588लोकज्ञाॐ लोकज्ञायै नमः।Om Lokajnayai Namah.जो समस्त लोकों के रहस्य को जानती हैं।
589लोकशरणाॐ लोकशरणायै नमः।Om Lokasharanayai Namah.जो सम्पूर्ण जगत की परम शरण हैं।
590लोकपावनपावनीॐ लोकपावनपावन्यै नमः।Om Lokapavanapavanyai Namah.जो सम्पूर्ण लोक को पवित्र करने वाली परम पावनी हैं।
591लोकप्रगीतमहिमाॐ लोकप्रगीतमहिमायै नमः।Om Lokapragitamahimayai Namah.जिनकी महिमा का संसार में गान किया जाता है।
592लोकानुत्तमदर्शनाॐ लोकानुत्तमदर्शनायै नमः।Om Lokanuttamadarshanayai Namah.जिनका दर्शन संसार में सर्वोत्तम और मंगलकारी है।
593लोकालयकलापाम्बाॐ लोकालयकलापाम्बायै नमः।Om Lokalayakalapambayai Namah.जो समस्त लोकों की कलाओं और शक्तियों की माता हैं।
594लोकोत्पत्यादिकारिणीॐ लोकोत्पत्यादिकारिण्यै नमः।Om Lokotpatyadikarinyai Namah.जो लोकों की उत्पत्ति आदि का कारण हैं।
595लोकेशकान्ताॐ लोकेशकान्तायै नमः।Om Lokeshakantayai Namah.जो लोकों के ईश्वर को प्रिय हैं।
596लोकेशीॐ लोकेश्यै नमः।Om Lokeshyai Namah.जो सम्पूर्ण लोकों की अधीश्वरी हैं।
597लोकैकप्रियकाङ्क्षिणीॐ लोकैकप्रियकाङ्क्षिण्यै नमः।Om Lokaikapriyakankshinyai Namah.जो जगत के कल्याण और प्रेम की कामना करती हैं।
598लोचनादीन्द्रियव्रातशक्तिसञ्चारकारिणीॐ लोचनादीन्द्रियव्रातशक्तिसञ्चारकारिण्यै नमः।Om Lochanadindriyavratashaktisancharakarinyai Namah.जो नेत्र आदि इन्द्रियों में शक्ति का संचार करती हैं।
599लोपयित्रीॐ लोपयित्र्यै नमः।Om Lopayitryai Namah.जो दोष और अज्ञान को लुप्त करने वाली हैं।
600लोभहराॐ लोभहरायै नमः।Om Lobhaharayai Namah.जो लोभ और लालच को दूर करती हैं।
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601लोमशादिकभाविताॐ लोमशादिकभावितायै नमः।Om Lomashadikabhavitayai Namah.जिनकी लोमश आदि ऋषियों ने आराधना की है।
602वत्सराॐ वत्सरायै नमः।Om Vatsarayai Namah.जो कालचक्र और वर्षस्वरूपा हैं।
603वत्सलोत्कृष्टाॐ वत्सलोत्कृष्टायै नमः।Om Vatsalotkrishtayai Namah.जो वात्सल्य में सर्वोत्तम हैं।
604वदान्याॐ वदान्यायै नमः।Om Vadanyayai Namah.जो अत्यंत उदार और दानशील हैं।
605वनजेक्षणाॐ वनजेक्षणायै नमः।Om Vanajekshanayai Namah.जिनके नेत्र कमल के समान हैं।
606वनमालाञ्चिताॐ वनमालाञ्चितायै नमः।Om Vanamalanchitayai Namah.जो वनमाला से सुशोभित हैं।
607वभ्व्रीॐ वभ्व्र्यै नमः।Om Vabhvryai Namah.जो महान तेज और सामर्थ्य से युक्त हैं।
608वरणीयपदाश्रयाॐ वरणीयपदाश्रयायै नमः।Om Varaniyapadashrayayai Namah.जिनके श्रेष्ठ चरणों की शरण ली जाती है।
609वरदाधिराजकान्ताॐ वरदाधिराजकान्तायै नमः।Om Varadadhirajakantayai Namah.जो वर देने वाले अधिराज को प्रिय हैं।
610वरदाॐ वरदायै नमः।Om Varadayai Namah.जो वरदान प्रदान करती हैं।
611वरवर्णिनीॐ वरवर्णिन्यै नमः।Om Varavarninyai Namah.जो श्रेष्ठ और सुंदर वर्ण वाली हैं।
612वरबोधाॐ वरबोधायै नमः।Om Varabodhayai Namah.जो श्रेष्ठ ज्ञान प्रदान करती हैं।
613वरारोहाभूषिताॐ वरारोहाभूषितायै नमः।Om Vararohabhushitayai Namah.जो सुंदर और श्रेष्ठ रूप से सुशोभित हैं।
614वर्णनातिगाॐ वर्णनातिगायै नमः।Om Varnanatigayai Namah.जिनकी महिमा वर्णन से परे है।
615वर्णाभावाॐ वर्णाभावायै नमः।Om Varnabhavayai Namah.जो सांसारिक वर्ण-भेद से परे हैं।
616वर्णश्रेष्ठाॐ वर्णश्रेष्ठायै नमः।Om Varnashreshthayai Namah.जो सभी वर्णों में श्रेष्ठ हैं।
617वर्णाश्रमविधायिनीॐ वर्णाश्रमविधायिन्यै नमः।Om Varnashramavidhayinyai Namah.जो वर्ण और आश्रम की व्यवस्था स्थापित करती हैं।
618वर्ण्यानवद्यचित्केलिॐ वर्ण्यानवद्यचित्केल्यै नमः।Om Varnyanavadyachitkelyai Namah.जिनकी निर्दोष चैतन्यमयी लीला वर्णनातीत है।
619सुखसम्पदां वर्धिनीॐ सुखसम्पदां वर्धिन्यै नमः।Om Sukhasampadam Vardhinyai Namah.जो सुख और समृद्धि को बढ़ाने वाली हैं।
620वशकृतेॐ वशकृते नमः।Om Vashakrite Namah.जो सबको अपने वश में करने वाली शक्ति हैं।
621वशगश्रेष्ठाॐ वशगश्रेष्ठायै नमः।Om Vashagashreshthayai Namah.जो वशीभूत शक्तियों में श्रेष्ठ हैं।
622वश्याॐ वश्यायै नमः।Om Vashyayai Namah.जो प्रेम और भक्ति से सहज ही वश में आती हैं।
623वसुप्रदायिनीॐ वसुप्रदायिन्यै नमः।Om Vasupradayinyai Namah.जो धन और समृद्धि प्रदान करती हैं।
624बहुश्रुताॐ बहुश्रुतायै नमः।Om Bahushrutayai Namah.जो बहुत कुछ सुनने और जानने वाली हैं।
625वाच्यकीर्तिॐ वाच्यकीर्त्यै नमः।Om Vachyakirtyai Namah.जिनकी कीर्ति वर्णन करने योग्य है।
626वारिजासनवन्दिताॐ वारिजासनवन्दितायै नमः।Om Varijasanavanditayai Namah.जिन्हें कमलासन ब्रह्मा भी प्रणाम करते हैं।
627विकल्मषाॐ विकल्मषायै नमः।Om Vikalmashayai Namah.जो सभी पापों और दोषों से रहित हैं।
628विक्षरात्माॐ विक्षरात्मने नमः।Om Viksharatmane Namah.जो अक्षय और अविनाशी आत्मस्वरूपा हैं।
629विगतेहाॐ विगतेहायै नमः।Om Vigatehayai Namah.जो सांसारिक चिंता से रहित हैं।
630विजेतृकाॐ विजेतृकायै नमः।Om Vijetrikayai Namah.जो सदैव विजय प्राप्त करने वाली हैं।
631विज्ञानदात्रीॐ विज्ञानदात्र्यै नमः।Om Vijnanadatryai Namah.जो आध्यात्मिक विज्ञान प्रदान करती हैं।
632विज्ञानमयाप्राकृतविग्रहाॐ विज्ञानमयाप्राकृतविग्रहायै नमः।Om Vijnanamayaprakritavigrahayai Namah.जिनका दिव्य स्वरूप विज्ञानमय और अप्राकृत है।
633विज्ञाॐ विज्ञायै नमः।Om Vijnayai Namah.जो पूर्ण ज्ञान से सम्पन्न हैं।
634विज्वराॐ विज्वरायै नमः।Om Vijvarayai Namah.जो रोग और संताप से रहित हैं।
635विदिताॐ विदितायै नमः।Om Viditayai Namah.जो सर्वज्ञात और प्रसिद्ध हैं।
636विदिशाॐ विदिशायै नमः।Om Vidishayai Namah.जो उचित दिशा और मार्ग प्रदान करती हैं।
637विद्ययान्विताॐ विद्ययाऽन्वितायै नमः।Om Vidyayaanvitayai Namah.जो दिव्य विद्या से सम्पन्न हैं।
638विद्यावत्पुङ्गवोत्कृष्टाॐ विद्यावत्पुङ्गवोत्कृष्टायै नमः।Om Vidyavatpungavotkrishtayai Namah.जो विद्वानों में भी श्रेष्ठ हैं।
639विधात्रीॐ विधात्र्यै नमः।Om Vidhatryai Namah.जो सृष्टि की विधाता और नियामिका हैं।
640विधिकेतनाॐ विधिकेतनायै नमः।Om Vidhiketanayai Namah.जो विधि और धर्म का निवास हैं।
641विधिदुर्ज्ञेयमहिमाॐ विधिदुर्ज्ञेयमहिमायै नमः।Om Vidhidurjneyamahimayai Namah.जिनकी महिमा को विधाता भी पूर्णतः नहीं जान सकते।
642विधुपूर्णमुखाम्बुजाॐ विधुपूर्णमुखाम्बुजायै नमः।Om Vidhupurnamukhambujayai Namah.जिनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान कमलवत है।
643विनयार्हाॐ विनयार्हायै नमः।Om Vinayarhayai Namah.जो विनय और सम्मान के योग्य हैं।
644विनीतात्माॐ विनीतात्मने नमः।Om Vinitatmane Namah.जो अत्यंत विनम्र और संयमित हैं।
645विपक्वात्माॐ विपक्वात्मने नमः।Om Vipakvatmane Namah.जो पूर्ण रूप से परिपक्व और आत्मज्ञानी हैं।
646विपद्धराॐ विपद्धरायै नमः।Om Vipaddharayai Namah.जो विपत्तियों को दूर करने वाली हैं।
647विमत्सराॐ विमत्सरायै नमः।Om Vimatsarayai Namah.जो ईर्ष्या और द्वेष से रहित हैं।
648विमलार्च्याॐ विमलार्च्यायै नमः।Om Vimalarchyayai Namah.जिनकी निर्मल भाव से पूजा की जाती है।
649विमुक्तात्माॐ विमुक्तात्मने नमः।Om Vimuktatmane Namah.जो पूर्णतः मुक्त आत्मस्वरूपा हैं।
650विमुक्तिदाॐ विमुक्तिदायै नमः।Om Vimuktidayai Namah.जो मोक्ष प्रदान करती हैं।
651विमोहिनीॐ विमोहिन्यै नमः।Om Vimohinyai Namah.जो अपने दिव्य स्वरूप से मन को मोहित करती हैं।
652वियन्मूर्तिॐ वियन्मूर्त्यै नमः।Om Viyanmurtyai Namah.जो आकाश के समान व्यापक स्वरूप वाली हैं।
653विरतिप्रदचिन्तनाॐ विरतिप्रदचिन्तनायै नमः।Om Viratipradachintanayai Namah.जिनका चिंतन संसार से वैराग्य प्रदान करता है।
654विरामाॐ विरामायै नमः।Om Viramayai Namah.जो विश्राम और शांति का परम स्थान हैं।
655विलसत्क्षान्तिॐ विलसत्क्षान्त्यै नमः।Om Vilasatkshantyai Namah.जो प्रकाशित क्षमा से सुशोभित हैं।
656विबुधर्षिगणार्चिताॐ विबुधर्षिगणार्चितायै नमः।Om Vibudharshiganarchitayai Namah.जिनकी देवों और ऋषियों के समूह द्वारा पूजा की जाती है।
657विवेकपरमाधाराॐ विवेकपरमाधारायै नमः।Om Vivekaparamadharayai Namah.जो विवेक की परम आधार हैं।
658विवेकवदुपासिताॐ विवेकवदुपासितायै नमः।Om Vivekavadupasitayai Namah.जिनकी विवेकी जन उपासना करते हैं।
659विशदश्लोकसम्पूज्याॐ विशदश्लोकसम्पूज्यायै नमः।Om Vishadashlokasampujyayai Namah.जिनकी स्पष्ट और पवित्र स्तोत्रों से पूजा होती है।
660विशालेन्दीवरेक्षणाॐ विशालेन्दीवरेक्षणायै नमः।Om Vishalendivarekshanayai Namah.जिनके विशाल नेत्र नीले कमल के समान हैं।
661विशिष्टात्माॐ विशिष्टात्मने नमः।Om Vishishtatmane Namah.जो विशिष्ट और परम दिव्य आत्मस्वरूपा हैं।
662विशेषज्ञाॐ विशेषज्ञायै नमः।Om Visheshajnayai Namah.जो सभी विशेष तत्त्वों को जानती हैं।
663विश्वलीलाप्रसारिणीॐ विश्वलीलाप्रसारिण्यै नमः।Om Vishvalilaprasarinyai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व में अपनी दिव्य लीला का विस्तार करती हैं।
664विश्वतः पाणिपादास्याॐ विश्वतः पाणिपादास्यायै नमः।Om Vishvatah Panipadasyayai Namah.जिनके हाथ, चरण और मुख सर्वत्र व्याप्त हैं।
665विश्वमात्रैकधारिणीॐ विश्वमात्रैकधारिण्यै नमः।Om Vishvamatraikadharinyai Namah.जो समस्त विश्व की एकमात्र धारण करने वाली शक्ति हैं।
666विश्वभरणीॐ विश्वभरण्यै नमः।Om Vishvabharanyai Namah.जो सम्पूर्ण विश्व का पालन करती हैं।
667विश्वात्माॐ विश्वात्मने नमः।Om Vishvatmane Namah.जो सम्पूर्ण विश्व की आत्मा हैं।
668विश्वालयव्रजेश्वरीॐ विश्वालयव्रजेश्वर्यै नमः।Om Vishvalayavrajeshvaryai Namah.जो विश्व के निवास और व्रज की अधीश्वरी हैं।
669विश्वासरूपाॐ विश्वासरूपायै नमः।Om Vishvasarupayai Namah.जो विश्वास के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
670विश्वेषां साक्षिणीॐ विश्वेषां साक्षिण्यै नमः।Om Vishvesham Sakshinyai Namah.जो समस्त घटनाओं की साक्षी हैं।
671विस्तृतोत्तमाॐ विस्तृतोत्तमायै नमः।Om Vistritottamayai Namah.जो व्यापक और सर्वोत्तम स्वरूप वाली हैं।
672वीणावाणीॐ वीणावाण्यै नमः।Om Vinavanyai Namah.जो वीणा और मधुर वाणी के दिव्य स्वरूप से युक्त हैं।
673वीतभ्रान्तिॐ वीतभ्रान्त्यै नमः।Om Vitabhrantyai Namah.जो भ्रम और मोह से रहित हैं।
674वीतरागस्मयादिकाॐ वीतरागस्मयादिकायै नमः।Om Vitaragasmayadikayai Namah.जो राग, अहंकार और अन्य दोषों से रहित हैं।
675वीतशङ्कासमाराध्याॐ वीतशङ्कासमाराध्यायै नमः।Om Vitashankasamaradhyayai Namah.जिनकी निःशंक भाव से आराधना की जाती है।
676वीतसम्पूर्णसाध्वसाॐ वीतसम्पूर्णसाध्वसायै नमः।Om Vitasampurnasadhvasayai Namah.जो पूर्णतः भय और चिंता से रहित हैं।
677बुधाराध्याङ्घ्रिकमलाॐ बुधाराध्याङ्घ्रिकमलायै नमः।Om Budharadhyanghrikamalayai Namah.जिनके कमलवत चरणों की विद्वानजन आराधना करते हैं।
678वृपपाॐ वृपपायै नमः।Om Vripapayai Namah.जो धर्म और सद्गुणों से सम्बद्ध हैं।
679वेदकारणाॐ वेदकारणायै नमः।Om Vedakaranayai Namah.जो वेदों की मूल कारणस्वरूपा हैं।
680वेदगाॐ वेदगायै नमः।Om Vedagayai Namah.जो वेदों में स्थित और वेदों द्वारा जानी जाती हैं।
681वेदनिःश्वासाॐ वेदनिःश्वासायै नमः।Om Vedanihshvasayai Namah.जिनके निःश्वास के समान वेद प्रकट हुए हैं।
682वेदप्रणुतवैभवाॐ वेदप्रणुतवैभवायै नमः।Om Vedapranutavaibhavayai Namah.जिनकी महिमा का वेदों ने स्तवन किया है।
683वेदप्रतिपाद्यतत्त्वाॐ वेदप्रतिपाद्यतत्त्वायै नमः।Om Vedapratipadyatattvayai Namah.जो वेदों द्वारा प्रतिपादित परम तत्त्व हैं।
684वेदवेदान्तकोविदाॐ वेदवेदान्तकोविदायै नमः।Om Vedavedantakovidayai Namah.जो वेद और वेदान्त की ज्ञाता हैं।
685वेदरक्षाविधानज्ञाॐ वेदरक्षाविधानज्ञायै नमः।Om Vedarakshavidhanajnayai Namah.जो वेदों की रक्षा की विधि जानती हैं।
686वेदसारमयाकृतिॐ वेदसारमयाकृत्यै नमः।Om Vedasaramayakrityai Namah.जिनका स्वरूप वेदों के सार से निर्मित है।
687वेदान्तवेद्याॐ वेदान्तवेद्यायै नमः।Om Vedantavedyayai Namah.जो वेदान्त के द्वारा जानी जाती हैं।
688वेदान्ताॐ वेदान्तायै नमः।Om Vedantayai Namah.जो वेदान्त के परम तत्त्वस्वरूपा हैं।
689वैदेहीॐ वैदेह्यै नमः।Om Vaidehyai Namah.जो विदेह देश के राजा जनक की पुत्री हैं।
690वैभवार्णवाॐ वैभवार्णवायै नमः।Om Vaibhavarnavayai Namah.जो दिव्य वैभव के अथाह समुद्र हैं।
691वङ्कचिकुराॐ वङ्कचिकुरायै नमः।Om Vankachikurayai Namah.जिनके केश सुंदर और घुंघराले हैं।
692वङ्कभ्रूॐ वङ्कभ्रुवे नमः।Om Vankabhruve Namah.जिनकी भौंहें सुंदर वक्र हैं।
693वङ्काकर्षणवीक्षणाॐ वङ्काकर्षणवीक्षणायै नमः।Om Vankakarshanavikshanayai Namah.जिनकी आकर्षक दृष्टि मन को अपनी ओर खींचती है।
694शक्तिव्रजेश्वरीॐ शक्तिव्रजेश्वर्यै नमः।Om Shaktivrajeshvaryai Namah.जो शक्ति और व्रज की अधीश्वरी हैं।
695शक्तिॐ शक्त्यै नमः।Om Shaktyai Namah.जो परम दिव्य शक्ति हैं।
696शतमूर्तिॐ शतमूर्त्यै नमः।Om Shatamurtyai Namah.जो अनेक और शत रूपों में प्रकट होती हैं।
697शतोदिताॐ शतोदितायै नमः।Om Shatoditayai Namah.जो अनेक रूपों में प्रकट और प्रकाशित हैं।
698शब्दब्रह्मातिगाॐ शब्दब्रह्मातिगायै नमः।Om Shabdabrahmatigayai Namah.जो शब्द-ब्रह्म से भी परे हैं।
699शब्दविग्रहाॐ शब्दविग्रहायै नमः।Om Shabdavigrahayai Namah.जो पवित्र शब्द और वाणी का स्वरूप हैं।
700शमदायिनीॐ शमदायिन्यै नमः।Om Shamadayinyai Namah.जो मन की शांति प्रदान करती हैं।
701शमिताश्रितसङ्क्लेशाॐ शमिताश्रितसङ्क्लेशायै नमः।Om Shamitashritasankleshayai Namah.जो शरणागतों के कष्टों को शांत करती हैं।
702शमिभक्त्याशुतोषिताॐ शमिभक्त्याशुतोषितायै नमः।Om Shamibhaktyashutoshitayai Namah.जो शांत और भक्तिपूर्ण भाव से शीघ्र प्रसन्न होती हैं।
703शम्पादामोल्लसत्कान्तिॐ शम्पादामोल्लसत्कान्त्यै नमः।Om Shampadamollasatkantyai Namah.जिनकी आभा बिजली की चमक के समान प्रकाशित है।
704शम्प्रदध्यानसंस्तवाॐ शम्प्रदध्यानसंस्तवायै नमः।Om Shampradadhyanasamstavayai Namah.जिनकी ध्यानपूर्वक स्तुति की जाती है।
705शम्मयाशेषकैङ्कर्याॐ शम्मयाशेषकैङ्कर्य्यायै नमः।Om Shammayasheshakainkaryyayai Namah.जो समस्त सेवा और शांति की स्वरूपिणी हैं।
706सर्वदेहिनां शरण्याॐ सर्वदेहिनां शरण्यै नमः।Om Sarvadehinam Sharanyai Namah.जो सभी जीवों की परम शरण हैं।
707शरणागतसन्त्रात्रीॐ शरणागतसन्त्रात्र्यै नमः।Om Sharanagatasantratryai Namah.जो शरण में आए भक्तों की रक्षा करती हैं।
708असुधारिणां शरण्यैकाॐ असुधारिणां शरण्यैकायै नमः।Om Asudharinam Sharanyaikayai Namah.जो असहायों की एकमात्र शरण हैं।
709शबरीमानदप्रेष्ठाॐ शबरीमानदप्रेष्ठायै नमः।Om Shabarimanadapreshthayai Namah.जो शबरी को सम्मान देने में प्रिय और श्रेष्ठ हैं।
710शान्ताॐ शान्तायै नमः।Om Shantayai Namah.जो पूर्ण शांति की स्वरूपिणी हैं।
711शान्तिप्रदायिनीॐ शान्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Shantipradayinyai Namah.जो शांति प्रदान करती हैं।
712शाश्वतचिन्तनीयाङ्घ्रिकमलाॐ शाश्वतचिन्तनीयाङ्घ्रिकमलायै नमः।Om Shashvatachintaniyanghrikamalayai Namah.जिनके कमलवत चरणों का शाश्वत चिंतन किया जाता है।
713शाश्वतस्थिराॐ शाश्वतस्थिरायै नमः।Om Shashvatasthirayai Namah.जो शाश्वत और अचल हैं।
714शाश्वतीॐ शाश्वत्यै नमः।Om Shashvatyai Namah.जो सनातन और नित्य हैं।
715शासिकोत्कृष्टाॐ शासिकोत्कृष्टायै नमः।Om Shasikotkrishtayai Namah.जो शासन और मार्गदर्शन में श्रेष्ठ हैं।
716शिरोधार्यकराम्बुजाॐ शिरोधार्यकराम्बुजायै नमः।Om Shirodharyakarambujayai Namah.जिनके कमलवत हाथों को सिर पर धारण किया जाता है।
717शिशिराॐ शिशिरायै नमः।Om Shishirayai Namah.जो शीतलता और शांति प्रदान करती हैं।
718शीलसम्पन्नाॐ शीलसम्पन्नायै नमः।Om Shilasampannayai Namah.जो उत्तम चरित्र और सदाचार से सम्पन्न हैं।
719शुचिगम्याङ्घ्रिचिन्तनाॐ शुचिगम्याङ्घ्रिचिन्तनायै नमः।Om Shuchigamyanghrichintanayai Namah.जिनके पवित्र चरणों का चिंतन शुद्ध मन से किया जाता है।
720शुचिप्राप्यपदासक्तिॐ शुचिप्राप्यपदासक्त्यै नमः।Om Shuchiprapyapadasaktyai Namah.जिनके पवित्र चरणों को पाने की उत्कट इच्छा होती है।
721शुद्धान्तःकरणालयाॐ शुद्धान्तःकरणालयायै नमः।Om Shuddhantahkaranalayayai Namah.जो शुद्ध अंतःकरण में निवास करती हैं।
722शुद्धाॐ शुद्धायै नमः।Om Shuddhayai Namah.जो पूर्णतः पवित्र और निर्मल हैं।
723शुद्धिप्रदध्यानॐ शुद्धिप्रदध्यानायै नमः।Om Shuddhipradadhyanayai Namah.जिनका ध्यान अंतःकरण की शुद्धि प्रदान करता है।
724शूलत्रयनिवारिणीॐ शूलत्रयनिवारिण्यै नमः।Om Shulatrayanivarinyai Namah.जो तीन प्रकार के दुःखों को दूर करती हैं।
725शैलराजसुतादीष्टाॐ शैलराजसुतादीष्टायै नमः।Om Shailarajasutadishtayai Namah.जो पर्वतराज की पुत्री आदि देवियों को प्रिय हैं।
726शोभासागरसस्कृताॐ शोभासागरसस्कृतायै नमः।Om Shobhasagarasaskritayai Namah.जो सौंदर्य के समुद्र से सुशोभित हैं।
727शौर्यपाथोनिधिॐ शौर्यपाथोनिधये नमः।Om Shauryapathonidhaye Namah.जो वीरता के अथाह समुद्र हैं।
728श्यामाॐ श्यामायै नमः।Om Shyamayai Namah.जो श्याम वर्ण की सुंदर स्वरूपिणी हैं।
729श्रयणीयपदाम्बुजाॐ श्रयणीयपदाम्बुजायै नमः।Om Shrayaniyapadambujayai Namah.जिनके कमलवत चरणों की शरण लेना श्रेष्ठ है।
730श्रवणीययशोगाथाॐ श्रवणीययशोगाथायै नमः।Om Shravaniyayashogathayai Namah.जिनकी यशोगाथा सुनना अत्यंत पवित्र है।
731श्रीकरीॐ श्रीकर्यै नमः।Om Shrikaryai Namah.जो श्री और मंगल प्रदान करती हैं।
732श्रीप्रदायिनीॐ श्रीप्रदायिन्यै नमः।Om Shripradayinyai Namah.जो समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करती हैं।
733श्रीमदुत्तंसमहितॐ श्रीमदुत्तंसमहितायै नमः।Om Shrimaduttamsamahitayai Namah.जो दिव्य श्री और अलंकार से सुशोभित हैं।
734श्रीमयीॐ श्रीमय्यै नमः।Om Shrimayyai Namah.जो दिव्य श्री और समृद्धि से परिपूर्ण हैं।
735श्रीमहानिधिॐ श्रीमहानिधये नमः।Om Shrimahanidhaye Namah.जो दिव्य श्री की महान निधि हैं।
736श्रीलक्ष्म्यादिभिः सेव्याॐ श्रीलक्ष्म्यादिभिः सेव्यायै नमः।Om Shrilakshmyadibhih Sevyayai Namah.जिनकी लक्ष्मी आदि देवियाँ भी सेवा करती हैं।
737श्रीवासॐ श्रीवासायै नमः।Om Shrivasayai Namah.जो श्री और मंगल का निवास हैं।
738श्रीसमुद्भवाॐ श्रीसमुद्भवायै नमः।Om Shrisamudbhavayai Namah.जो दिव्य श्री से प्रकट हुई हैं।
739श्रीॐ श्रिये नमः।Om Shriye Namah.जो स्वयं श्री और मंगल की स्वरूपिणी हैं।
740श्रुतिगीतचरिताॐ श्रुतिगीतचरितायै नमः।Om Shrutigitacharitayai Namah.जिनके चरित्र का श्रुतियों में गान किया गया है।
741श्रुत्यन्तप्रतिपादिताॐ श्रुत्यन्तप्रतिपादितायै नमः।Om Shrutyantapratipaditayai Namah.जिनका तत्त्व उपनिषदों में प्रतिपादित है।
742श्रेयोगुणेरणाॐ श्रेयोगुणेरणायै नमः।Om Shreyoguneranayai Namah.जो कल्याणकारी गुणों से युक्त हैं।
743श्रेयो निधिॐ श्रेयो निधये नमः।Om Shreyonidhaye Namah.जो परम कल्याण की निधि हैं।
744श्रेयोमयस्मृतिॐ श्रेयोमयस्मृत्यै नमः।Om Shreyomayasmrityai Namah.जिनका स्मरण कल्याण से परिपूर्ण है।
745श्रोत्रियैकसमाराध्याॐ श्रोत्रियैकसमाराध्यायै नमः।Om Shrotriyaikasamaradhyayai Namah.जिनकी शास्त्रज्ञ और वेदविद् जन विशेष आराधना करते हैं।
746श्लक्ष्णसूनृतभाषिणीॐ श्लक्ष्णसूनृतभाषिण्यै नमः।Om Shlakshnasunritabhashinyai Namah.जो कोमल और सत्य मधुर वाणी बोलती हैं।
747श्लाघनीयमहाकीर्तिॐ श्लाघनीयमहाकीर्त्यै नमः।Om Shlaghaniyamahakirtyai Namah.जो प्रशंसनीय महान कीर्ति से सम्पन्न हैं।
748श्लीलचारित्र्यविश्रुताॐ श्लीलचारित्र्यविश्रुतायै नमः।Om Shlilacharitryavishrutayai Namah.जो उत्तम और पवित्र चरित्र के लिए प्रसिद्ध हैं।
749श्लोकलोकार्चिताब्जाङ्घ्रिॐ श्लोकलोकार्चिताब्जाङ्घ्र्यै नमः।Om Shlokalokarchitabjanghryai Namah.जिनके कमलवत चरणों की स्तोत्रों और भक्तों द्वारा पूजा होती है।
750श्वसनाधीशसत्कृताॐ श्वसनाधीशसत्कृतायै नमः।Om Shvasanadhishasatkritayai Namah.जिनका वायु के अधिपति द्वारा सम्मान किया जाता है।
751श्वेतधामोल्लसद्वक्त्राॐ श्वेतधामोल्लसद्वक्त्रायै नमः।Om Shvetadhamollasadvaktrayai Namah.जिनका मुख श्वेत और उज्ज्वल प्रकाश से प्रकाशित है।
752षट्चतुर्वस्विलोदिताॐ षट्चतुर्वस्विलोदितायै नमः।Om Shatchaturvasviloditayai Namah.जो षट् और चतुर्विंशति आदि तत्त्वों में प्रकाशित हैं।
753षडतीताॐ षडतीतायै नमः।Om Shadatitayai Namah.जो छह तत्त्वों या अवस्थाओं से परे हैं।
754षडाधाराॐ षडाधारायै नमः।Om Shadadharayai Namah.जो छह आध्यात्मिक आधारों की अधिष्ठात्री हैं।
755षडर्द्धाक्षहृदिस्थिताॐ षडर्द्धाक्षहृदिस्थितायै नमः।Om Shadarddhakshahridisthitayai Namah.जो षडक्षर आदि दिव्य मंत्रों के हृदय में स्थित हैं।
756सखीमण्डलमध्यस्थाॐ सखीमण्डलमध्यस्थायै नमः।Om Sakhimandalamadhyasthayai Namah.जो सखियों के समूह के मध्य विराजमान हैं।
757सगुणाॐ सगुणायै नमः।Om Sagunayai Namah.जो दिव्य गुणों से सम्पन्न हैं।
758सङ्क्षयोज्झिताॐ सङ्क्षयोज्झितायै नमः।Om Sankshayojjhitayai Namah.जो क्षय और विनाश से रहित हैं।
759सङ्ख्यातीतगुणाॐ सङ्ख्यातीतगुणायै नमः।Om Sankhyatitagunayai Namah.जिनके गुणों की संख्या नहीं की जा सकती।
760सङ्गमुक्ताॐ सङ्गमुक्तायै नमः।Om Sangamuktayai Namah.जो सांसारिक आसक्ति से मुक्त हैं।
761सङ्गीतकोविदाॐ सङ्गीतकोविदायै नमः।Om Sangitakovidayai Namah.जो संगीत की कला में निपुण हैं।
762सङ्गीर्णप्रणतत्राणाॐ सङ्गीर्णप्रणतत्राणायै नमः।Om Sangirnapranatatranayai Namah.जो सभी शरणागत भक्तों की रक्षा करती हैं।
763सङ्ग्रहानुग्रहे रताॐ सङ्ग्रहानुग्रहे रतायै नमः।Om Sangrahanugrahe Ratayai Namah.जो भक्तों को स्वीकार कर अनुग्रह करने में तत्पर हैं।
764सख्यशीघ्रसमासाद्याॐ सख्यशीघ्रसमासाद्यायै नमः।Om Sakhyashighrasamasadyayai Namah.जो सच्ची मित्रता और भक्ति से शीघ्र प्राप्त होती हैं।
765सज्जनोपासिताङ्घ्रिकाॐ सज्जनोपासिताङ्घ्रिकायै नमः।Om Sajjanopasitanghrikayai Namah.जिनके चरणों की सज्जन लोग उपासना करते हैं।
766सतताराध्यचरणाॐ सतताराध्यचरणायै नमः।Om Satataradhyacharanayai Namah.जिनके चरणों की निरंतर आराधना की जाती है।
767सतीत्वादर्शदायिनीॐ सतीत्वादर्शदायिन्यै नमः।Om Satitvadarshadayinyai Namah.जो पतिव्रता धर्म का आदर्श प्रदान करती हैं।
768सतीवृन्दशिरोरत्नाॐ सतीवृन्दशिरोरत्नाय नमः।Om Sativrindashiroratnaya Namah.जो सभी सतियों में श्रेष्ठ रत्न हैं।
769सतीशाजस्रभाविताॐ सतीशाजस्रभावितायै नमः।Om Satishajasrabhavitayai Namah.जिनका निरंतर ध्यान और चिंतन किया जाता है।
770सत्तमाॐ सत्तमायै नमः।Om Sattamayai Namah.जो सर्वोत्तम और श्रेष्ठ सत्ता हैं।
771सत्यधर्मैकपालिकाॐ सत्यधर्मैकपालिकायै नमः।Om Satyadharmaikapalikayai Namah.जो सत्य धर्म की एकमात्र रक्षिका हैं।
772सत्यरूपिणीॐ सत्यरूपिण्यै नमः।Om Satyarupinyai Namah.जो सत्य की साक्षात स्वरूपिणी हैं।
773सत्यसञ्चिन्तनाॐ सत्यसञ्चिन्तनायै नमः।Om Satyasanchintanayai Namah.जो सत्य के निरंतर चिंतन की स्वरूपिणी हैं।
774सत्यसन्धाॐ सत्यसन्धायै नमः।Om Satyasandhayai Namah.जो सत्यव्रत और सत्यप्रतिज्ञा का पालन करती हैं।
775सत्यापतिस्नुषाॐ सत्यापतिस्नुषायै नमः।Om Satyapatisnushayai Namah.जो सत्य के स्वामी श्रीराम की पत्नी हैं।
776सत्याॐ सत्यायै नमः।Om Satyayai Namah.जो स्वयं सत्यस्वरूपा हैं।
777सत्रधरागर्भोद्भूताॐ सत्रधरागर्भोद्भूतायै नमः।Om Satradharagarbhodbhutayai Namah.जो पवित्र यज्ञीय परंपरा से प्रकट हुई हैं।
778सत्त्ववदग्रणीॐ सत्त्ववदग्रण्ये नमः।Om Sattvavadagranye Namah.जो सात्त्विक जनों में अग्रणी हैं।
779सदाचाराॐ सदाचारायै नमः।Om Sadacharayai Namah.जो उत्तम आचरण की स्वरूपिणी हैं।
780सदासेव्यॐ सदासेव्यायै नमः।Om Sadasevyayai Namah.जिनकी सदैव सेवा और पूजा की जाती है।
781सदृशातीतशेमुष्यीॐ सदृशातीतशेमुष्यै नमः।Om Sadrishatitashemushyai Namah.जिनकी बुद्धि और प्रज्ञा की कोई समानता नहीं है।
782सनातनीॐ सनातन्यै नमः।Om Sanatanyai Namah.जो सनातन और अनादि हैं।
783सदानम्याॐ सदानम्यायै नमः।Om Sadanamyayai Namah.जिन्हें सदैव प्रणाम किया जाता है।
784सन्तोषैकप्रदायिनीॐ सन्तोषैकप्रदायिन्यै नमः।Om Santoshaikapradayinyai Namah.जो परम संतोष प्रदान करती हैं।
785सन्देहापहराॐ सन्देहापहरायै नमः।Om Sandehapaharayai Namah.जो सभी संदेहों को दूर करती हैं।
786सन्धिॐ सन्धये नमः।Om Sandhaye Namah.जो मिलन और एकता की स्वरूपिणी हैं।
787सन्निषेव्यसमाश्रिताॐ सन्निषेव्यसमाश्रितायै नमः।Om Sannishevyasamashritayai Namah.जो पूर्ण श्रद्धा से सेवा करने वालों की शरण हैं।
788सन्नुत्याशेषचरिताॐ सन्नुत्याशेषचरितायै नमः।Om Sannutyasheshacharitayai Namah.जिनके सम्पूर्ण चरित्र की स्तुति की जाती है।
789सभ्यलोकसभाजिताॐ सभ्यलोकसभाजितायै नमः।Om Sabhyalokasabhajitayai Namah.जिनका सभ्य और श्रेष्ठ लोगों द्वारा सम्मान किया जाता है।
790समग्रज्ञानवैराग्यधर्मश्रीयशोनिधिॐ समग्रज्ञानवैराग्यधर्मश्रीयशोनिधये नमः।Om Samagrajnanavairagyadharmashriryashonidhaye Namah.जो ज्ञान, वैराग्य, धर्म, श्री और यश की पूर्ण निधि हैं।
791समग्रैश्वर्यसम्पन्नाॐ समग्रैश्वर्यसम्पन्नायै नमः।Om Samagraishvaryasampannayai Namah.जो सम्पूर्ण ऐश्वर्य से सम्पन्न हैं।
792समतीतगुणोपमाॐ समतीतगुणोपमायै नमः।Om Samatitagunopamayai Namah.जिनके गुणों की कोई समानता नहीं है।
793समदृष्टिॐ समदृष्ट्यै नमः।Om Samadrishtyai Namah.जो सभी के प्रति समान दृष्टि रखती हैं।
794समर्च्यैकाॐ समर्च्यैकायै नमः।Om Samarchyaikayai Namah.जो सर्वोत्तम आराधना के योग्य हैं।
795समर्थाग्र्याॐ समर्थाग्र्यायै नमः।Om Samarthagryayai Namah.जो सामर्थ्यवानों में श्रेष्ठ हैं।
796समर्धकाॐ समर्धकायै नमः।Om Samardhakayai Namah.जो भक्तों की उन्नति और समृद्धि बढ़ाती हैं।
797समविश्वमनोज्ञाङ्गीॐ समविश्वमनोज्ञाङ्ग्यै नमः।Om Samavishvamanojnangyai Namah.जिनके अंग सम्पूर्ण विश्व को मोहित करने वाले हैं।
798समवेक्ष्याङ्घ्रिलाञ्छनाॐ समवेक्ष्याङ्घ्रिलाञ्छनायै नमः।Om Samavekshyanghrilanchhanayai Namah.जिनके चरणचिह्नों का श्रद्धापूर्वक दर्शन किया जाता है।
799समाकर्ण्ययशोगाथाॐ समाकर्ण्ययशोगाथायै नमः।Om Samakarnyayashogathayai Namah.जिनकी यशोगाथा सुनकर भक्त पवित्र होते हैं।
800समाहर्त्रीॐ समाहर्त्र्यै नमः।Om Samahartryai Namah.जो समस्त दुःख और बंधनों का संहार करती हैं।
801गयोत्तरायैॐ गयोत्तरायै नमः।Om Gayottarayai Namah.जो गया से भी श्रेष्ठ और उत्तम हैं।
802पर्वताधिनिवासायैॐ पर्वताधिनिवासायै नमः।Om Parvatadhinivasayai Namah.जो पर्वतों में निवास करने वाली हैं।
803निवासकुशलायैॐ निवासकुशलायै नमः।Om Nivasakushalayai Namah.जो सभी के निवास और आश्रय का ज्ञान रखती हैं।
804सन्न्यासधर्मकुशलायैॐ सन्न्यासधर्मकुशलायै नमः।Om Sannyasadharmakushalayai Namah.जो संन्यास धर्म के आचरण में निपुण हैं।
805सन्न्यासेश्यैॐ सन्न्यासेश्यै नमः।Om Sannyaseshyai Namah.जो संन्यासियों की अधीश्वरी हैं।
806शरन्मुख्यैॐ शरन्मुख्यै नमः।Om Sharanmukhyai Namah.जो शरणागतों में प्रमुख और उनकी आश्रयदाता हैं।
807शरच्चन्द्रमुख्यैॐ शरच्चन्द्रमुख्यै नमः।Om Sharachchandramukhyai Namah.जिनका मुख शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा जैसा सुंदर है।
808श्यामहारायैॐ श्यामहारायै नमः।Om Shyamaharayai Namah.जो श्यामसुंदर को हार के समान प्रिय हैं।
809क्षेत्रनिवासिन्यैॐ क्षेत्रनिवासिन्यै नमः।Om Kshetranivasinyai Namah.जो पवित्र क्षेत्रों में निवास करती हैं।
810वसन्तरागसंरागायैॐ वसन्तरागसंरागायै नमः।Om Vasantaragasamragayai Namah.जो वसंत ऋतु के प्रेम और अनुराग से परिपूर्ण हैं।
811वसन्तवसनाकृत्यैॐ वसन्तवसनाकृत्यै नमः।Om Vasantavasanakrityai Namah.जो वसंत के समान सुंदर वस्त्र धारण करती हैं।
812चतुर्भुजायैॐ चतुर्भुजायै नमः।Om Chaturbhujayai Namah.जो चार भुजाओं वाली दिव्य स्वरूपा हैं।
813षड्भुजायैॐ षड्भुजायै नमः।Om Shadbhujayai Namah.जो छह भुजाओं वाले दिव्य रूप में प्रकट होती हैं।
814द्विभुजायैॐ द्विभुजायै नमः।Om Dvibhujayai Namah.जो दो भुजाओं वाले सुंदर मानवीय रूप में हैं।
815गौरविग्रहायैॐ गौरविग्रहायै नमः।Om Gauravigrahayai Namah.जिनका स्वरूप गौर वर्ण और दिव्य आभा से युक्त है।
816सहस्रास्यायैॐ सहस्रास्यायै नमः।Om Sahasrasyayai Namah.जो सहस्र मुखों वाले विराट स्वरूप की अधिष्ठात्री हैं।
817विहास्यायैॐ विहास्यायै नमः।Om Vihasyayai Namah.जो दिव्य मुस्कान से सुशोभित हैं।
818मुद्रास्यायैॐ मुद्रास्यायै नमः।Om Mudrasyayai Namah.जिनका मुख दिव्य मुद्राओं से शोभायमान है।
819मोददायिन्यैॐ मोददायिन्यै नमः।Om Modadayinyai Namah.जो आनंद और प्रसन्नता प्रदान करती हैं।
820प्राणप्रियायैॐ प्राणप्रियायै नमः।Om Pranapriyayai Namah.जो प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं।
821प्राणरूपायैॐ प्राणरूपायै नमः।Om Pranarupayai Namah.जो स्वयं प्राणस्वरूपा हैं।
822प्राणरूपिण्यैॐ प्राणरूपिण्यै नमः।Om Pranarupinyai Namah.जो सभी जीवों के प्राणों में स्थित हैं।
823अपावृतायैॐ अपावृतायै नमः।Om Apavritayai Namah.जो आवरण और बंधनों से रहित हैं।
824कृष्णप्रीतायैॐ कृष्णप्रीतायै नमः।Om Krishnapritayai Namah.जो श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय हैं।
825कृष्णरतायैॐ कृष्णरतायै नमः।Om Krishnaratayai Namah.जो श्रीकृष्ण में सदैव अनुरक्त रहती हैं।
826कृष्णतोषणतत्परायैॐ कृष्णतोषणतत्परायै नमः।Om Krishnatoshanatatparayai Namah.जो श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने में सदैव तत्पर हैं।
827कृष्णप्रेमरतायैॐ कृष्णप्रेमरतायै नमः।Om Krishnapremaratayai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्रेम में निरंतर रत हैं।
828कृष्णभक्तायैॐ कृष्णभक्तायै नमः।Om Krishnabhaktayai Namah.जो श्रीकृष्ण की परम भक्त हैं।
829भक्तफलप्रदायैॐ भक्तफलप्रदायै नमः।Om Bhaktaphalapradayai Namah.जो भक्तों को उनकी भक्ति का फल प्रदान करती हैं।
830कृष्णप्रेमायैॐ कृष्णप्रेमायै नमः।Om Krishnapremayai Namah.जो स्वयं श्रीकृष्ण के दिव्य प्रेम की स्वरूपा हैं।
831प्रेमभक्तायैॐ प्रेमभक्तायै नमः।Om Premabhaktayai Namah.जो प्रेममयी भक्ति की स्वरूपिणी हैं।
832हरिभक्तिप्रदायिन्यैॐ हरिभक्तिप्रदायिन्यै नमः।Om Haribhaktipradayinyai Namah.जो भगवान हरि की भक्ति प्रदान करती हैं।
833चैतन्यरूपायैॐ चैतन्यरूपायै नमः।Om Chaitanyarupayai Namah.जो शुद्ध चैतन्य की स्वरूपा हैं।
834चैतन्यप्रियायैॐ चैतन्यप्रियायै नमः।Om Chaitanyapriyayai Namah.जो चैतन्य और दिव्य चेतना को प्रिय हैं।
835चैतन्यरूपिण्यैॐ चैतन्यरूपिण्यै नमः।Om Chaitanyarupinyai Namah.जो पूर्ण चेतना के दिव्य स्वरूप में स्थित हैं।
836उग्ररूपायैॐ उग्ररूपायै नमः।Om Ugrarupayai Namah.जो आवश्यकता पड़ने पर उग्र दिव्य रूप धारण करती हैं।
837शिवक्रोडायैॐ शिवक्रोडायै नमः।Om Shivakrodayai Namah.जो भगवान शिव की गोद में स्थित हैं।
838कृष्णक्रोडायैॐ कृष्णक्रोडायै नमः।Om Krishnakrodayai Namah.जो श्रीकृष्ण की गोद में विराजमान हैं।
839जलोदर्यैॐ जलोदर्यै नमः।Om Jalodaryai Namah.जिनके भीतर जल और जीवन का दिव्य आधार है।
840महोदर्यैॐ महोदर्यै नमः।Om Mahodaryai Namah.जो विशाल हृदय और उदारता से सम्पन्न हैं।
841महादुर्गकान्तारस्थसुवासिन्यैॐ महादुर्गकान्तारस्थसुवासिन्यै नमः।Om Mahadurgakantarasthasuvasinyai Namah.जो दुर्गम वन और कठिन स्थानों में भी निवास करती हैं।
842चन्द्रावल्यैॐ चन्द्रावल्यै नमः।Om Chandravalyai Namah.जो चन्द्रावली स्वरूपा हैं।
843चन्द्रकेश्यैॐ चन्द्रकेश्यै नमः।Om Chandrakeshyai Namah.जिनके केश चन्द्रमा के समान सुंदर हैं।
844चन्द्रप्रेमतरङ्गिण्यैॐ चन्द्रप्रेमतरङ्गिण्यै नमः।Om Chandrapremataranginyai Namah.जो चन्द्रमा के समान शीतल प्रेम की तरंगों से युक्त हैं।
845समुद्रमथनोद्भूतायैॐ समुद्रमथनोद्भूतायै नमः।Om Samudramathanodbhutayai Namah.जो समुद्र मंथन से प्रकट दिव्य शक्ति के रूप में जानी जाती हैं।
846समुद्रजलवासिन्यैॐ समुद्रजलवासिन्यै नमः।Om Samudrajalavasinyai Namah.जो समुद्र के जल में निवास करती हैं।
847समुद्रामृतरूपायैॐ समुद्रामृतरूपायै नमः।Om Samudramritarupayai Namah.जो समुद्र से प्राप्त अमृत के समान दिव्य हैं।
848समुद्रजलवासिकायैॐ समुद्रजलवासिकायै नमः।Om Samudrajalavasikayai Namah.जो समुद्र के पवित्र जल में निवास करने वाली हैं।
849केशपाशरतायैॐ केशपाशरतायै नमः।Om Keshapasharatayai Namah.जो सुंदर केशों को सँवारने और सजाने में रमण करती हैं।
850निद्रायैॐ निद्रायै नमः।Om Nidrayai Namah.जो निद्रा की शक्ति के रूप में स्थित हैं।
851क्षुधायैॐ क्षुधायै नमः।Om Kshudhayai Namah.जो जीवों में क्षुधा की शक्ति के रूप में स्थित हैं।
852प्रेमतरङ्गिकायैॐ प्रेमतरङ्गिकायै नमः।Om Prematarangikayai Namah.जो दिव्य प्रेम की तरंगों को प्रवाहित करती हैं।
853दूर्वादलश्यामतनवेॐ दूर्वादलश्यामतनवे नमः।Om Durvadalashyamatanave Namah.जिनका शरीर दूर्वा दल के समान श्याम और सुंदर है।
854दूर्वादलतनुच्छवयेॐ दूर्वादलतनुच्छवये नमः।Om Durvadalatanuchchhavaye Namah.जिनकी शरीरकांति दूर्वा दल के समान मनोहर है।
855नागर्यैॐ नागर्यै नमः।Om Nagaryai Namah.जो नगर और सभ्य समाज की शोभा हैं।
856नागरागारायैॐ नागरागारायै नमः।Om Nagaragarayai Namah.जो सुंदर और सुसंस्कृत निवास की अधिष्ठात्री हैं।
857नागरानन्दकारिण्यैॐ नागरानन्दकारिण्यै नमः।Om Nagaranandakarinyai Namah.जो सभ्यजनों को आनंद प्रदान करती हैं।
858नागरालिङ्गनपरायैॐ नागरालिङ्गनपरायै नमः।Om Nagaralinganaparayai Namah.जो प्रेमपूर्ण आलिंगन में अनुरक्त रहती हैं।
859नागराङ्गणमङ्गलायैॐ नागराङ्गणमङ्गलायै नमः।Om Nagaranganamangalayai Namah.जो नगर के आंगनों को मंगलमय बनाती हैं।
860उच्चनीचायैॐ उच्चनीचायै नमः।Om Uchchanichayai Namah.जो ऊँच-नीच सभी अवस्थाओं में समान रूप से स्थित हैं।
861हैमवतीप्रियायैॐ हैमवतीप्रियायै नमः।Om Haimavatipriyayai Namah.जो हिमवान की पुत्री पार्वती को प्रिय हैं।
862कृष्णतरङ्गदायैॐ कृष्णतरङ्गदायै नमः।Om Krishnatarangadayai Namah.जो श्रीकृष्ण प्रेम की तरंगें प्रदान करती हैं।
863प्रेमालिङ्गनसिद्धाङ्ग्यैॐ प्रेमालिङ्गनसिद्धाङ्ग्यै नमः।Om Premalinganasiddhangyai Namah.जिनका दिव्य शरीर प्रेमपूर्ण आलिंगन से सिद्ध और पूर्ण है।
864सिद्धसाध्यविलासिकायैॐ सिद्धसाध्यविलासिकायै नमः।Om Siddhasadhyavilasikayai Namah.जो सिद्ध और साध्य दोनों के लिए दिव्य विलासस्वरूपा हैं।
865मङ्गलामोदजनन्यैॐ मङ्गलामोदजनन्यै नमः।Om Mangalamodajananyai Namah.जो मंगल और आनंद को उत्पन्न करती हैं।
866मेखलामोदधारिण्यैॐ मेखलामोदधारिण्यै नमः।Om Mekhalamodadharinyai Namah.जो मेखला की मधुर शोभा और सुगंध धारण करती हैं।
867रत्नमञ्जीरभूषाङ्ग्यैॐ रत्नमञ्जीरभूषाङ्ग्यै नमः।Om Ratnamanjirabhushangyai Namah.जिनके अंग रत्नजड़ित नूपुरों से सुशोभित हैं।
868रत्नभूषणभूषणायैॐ रत्नभूषणभूषणायै नमः।Om Ratnabhushanabhushanayai Namah.जो स्वयं रत्नाभूषणों की भी शोभा बढ़ाती हैं।
869जम्बालमालिकायैॐ जम्बालमालिकायै नमः।Om Jambalamalikayai Namah.जो सुंदर मालाओं से अलंकृत हैं।
870कृष्णप्राणायैॐ कृष्णप्राणायै नमः।Om Krishnapranayai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्राणों के समान प्रिय हैं।
871प्राणविमोचनायैॐ प्राणविमोचनायै नमः।Om Pranavimochanayai Namah.जो जीवों को प्राणबंधन और सांसारिक कष्टों से मुक्त करती हैं।
872सत्यप्रदायैॐ सत्यप्रदायै नमः।Om Satyapradayai Namah.जो सत्य का ज्ञान और सत्यस्वरूप फल प्रदान करती हैं।
873सत्यवत्यैॐ सत्यवत्यै नमः।Om Satyavatyai Namah.जो सत्य से परिपूर्ण हैं।
874सेवकानन्ददायिकायॐ सेवकानन्ददायिकाय नमः।Om Sevakanandadayikaya Namah.जो अपने सेवकों को आनंद प्रदान करती हैं।
875जगद्योनयेॐ जगद्योनये नमः।Om Jagadyonaye Namah.जो सम्पूर्ण जगत की मूल कारण और जननी हैं।
876जगद्बीजायैॐ जगद्बीजायै नमः।Om Jagadbijayai Namah.जो सम्पूर्ण जगत का मूल बीज हैं।
877विचित्रमणीभूषणायैॐ विचित्रमणीभूषणायै नमः।Om Vichitramanibhushanayai Namah.जो विविध रत्नों के आभूषणों से सुशोभित हैं।
878राधारमणकान्तायैॐ राधारमणकान्तायै नमः।Om Radharamanakantayai Namah.जो राधारमण श्रीकृष्ण की प्रियतम हैं।
879राध्यायैॐ राध्यायै नमः।Om Radhyayai Namah.जो आराधना और पूजा के योग्य हैं।
880राधनरूपिण्यैॐ राधनरूपिण्यै नमः।Om Radhanarupinyai Namah.जो आराधना के साक्षात स्वरूप में स्थित हैं।
881कैलासवासिन्यैॐ कैलासवासिन्यै नमः।Om Kailasavasinyai Namah.जो कैलास में निवास करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
882कृष्णप्राणसर्वस्वदायिन्यैॐ कृष्णप्राणसर्वस्वदायिन्यै नमः।Om Krishnapranasarvasvadayinyai Namah.जो श्रीकृष्ण के प्राणों का सम्पूर्ण सर्वस्व प्रदान करने वाली हैं।
883कृष्णावतारनिरतकृष्णभक्तफलार्थिन्यैॐ कृष्णावतारनिरतकृष्णभक्तफलार्थिन्यै नमः।Om Krishnavataraniratakrishnabhaktaphalarthinyai Namah.जो श्रीकृष्ण अवतार और उनके भक्तों के कल्याण में निरंतर रत हैं।
884याचकायाचकानन्दकारिण्यैॐ याचकायाचकानन्दकारिण्यै नमः।Om Yachakayachakanandakarinyai Namah.जो याचकों और प्रार्थना करने वालों को आनंद देती हैं।
885याचकोज्ज्वलायैॐ याचकोज्ज्वलायै नमः।Om Yachakojjvalayai Namah.जो भक्तों की प्रार्थना से दिव्य प्रकाश प्रदान करती हैं।
886हरिभूषणभूषाढ्यायैॐ हरिभूषणभूषाढ्यायै नमः।Om Haribhushanabhushadhyayai Namah.जो हरि के आभूषणों से भी अलंकृत होकर शोभित हैं।
887आनन्दयुक्तायैॐ आनन्दयुक्तायै नमः।Om Anandayuktayai Namah.जो परम आनंद से युक्त हैं।
888आर्द्रपादगायैॐ आर्द्रपादगायै नमः।Om Ardrapadagayai Namah.जिनके चरण करुणा और प्रेम से कोमल हैं।
889है-है-हरिभूषणभूषाढ्यायैॐ है-है-हरिभूषणभूषाढ्यायै नमः।Om Hai-hai-haribhushanabhushadhyayai Namah.जो हरि के दिव्य आभूषणों से अत्यंत शोभायमान हैं।
890आनन्दयुक्तायैॐ आनन्दयुक्तायै नमः।Om Anandayuktayai Namah.जो दिव्य आनंद से परिपूर्ण हैं।
891आर्द्रपादगायैॐ आर्द्रपादगायै नमः।Om Ardrapadagayai Namah.जिनके चरण प्रेम और करुणा से नम्र हैं।
892है-है-तालधरायैॐ है-है-तालधरायै नमः।Om Hai-hai-taladharayai Namah.जो दिव्य ताल और लय को धारण करने वाली हैं।
893थै-थै-शब्दशक्तिप्रकाशिन्यैॐ थै-थै-शब्दशक्तिप्रकाशिन्यै नमः।Om Thai-thai-shabdashaktiprakashinyai Namah.जो पवित्र शब्द और ध्वनि की शक्ति को प्रकाशित करती हैं।
894हे-हे-शब्दस्वरूपायैॐ हे-हे-शब्दस्वरूपायै नमः।Om He-he-shabdasvarupayai Namah.जो दिव्य शब्द और नाद की स्वरूपा हैं।
895ही-ही-वाक्यविशारदायैॐ ही-ही-वाक्यविशारदायै नमः।Om Hi-hi-vakyavisharadayai Namah.जो वाणी और कथन की कला में अत्यंत निपुण हैं।
896जगदानन्दकर्त्र्यैॐ जगदानन्दकर्त्र्यै नमः।Om Jagadanandakartryai Namah.जो सम्पूर्ण जगत को आनंद प्रदान करती हैं।
897सान्द्रानन्दविशारदायैॐ सान्द्रानन्दविशारदायै नमः।Om Sandranandavisharadayai Namah.जो गहन और परम आनंद में निपुण हैं।
898पण्डितापण्डितगुणायैॐ पण्डितापण्डितगुणायै नमः।Om Panditapanditagunayai Namah.जो विद्वानों और साधारण जनों के गुणों को जानती हैं।
899पण्डितानन्दकारिण्यैॐ पण्डितानन्दकारिण्यै नमः।Om Panditanandakarinyai Namah.जो विद्वानों को आनंद प्रदान करती हैं।
900परिपालनकर्त्र्यैॐ परिपालनकर्त्र्यै नमः।Om Paripalanakartryai Namah.जो समस्त जीवों का पालन और संरक्षण करती हैं।
901स्थितिविनोदिन्यॐ स्थितिविनोदिन्य नमः।Om Sthitivinodinya Namah.जो संसार की स्थिति और लीला में आनंद करती हैं।
902संहारशब्दाढ्यायैॐ संहारशब्दाढ्यायै नमः।Om Samharashabdadhyayai Namah.जो संहार की शक्ति और दिव्य शब्द से सम्पन्न हैं।
903विद्वज्जनमनोहरायैॐ विद्वज्जनमनोहरायै नमः।Om Vidvajjanamanoharayai Namah.जो विद्वान जनों के मन को मोह लेती हैं।
904विदुषां प्रीतिजनन्यैॐ विदुषां प्रीतिजनन्यै नमः।Om Vidusham Pritijananyai Namah.जो विद्वानों के हृदय में प्रेम उत्पन्न करती हैं।
905विद्वत्प्रेमविवर्द्धिन्यैॐ विद्वत्प्रेमविवर्द्धिन्यै नमः।Om Vidvatpremavivarddhinyai Namah.जो विद्वानों में प्रेम और भक्ति को बढ़ाती हैं।
906नादेश्वर्यैॐ नादेश्वर्यै नमः।Om Nadeshyai Namah.जो दिव्य नाद की अधीश्वरी हैं।
907नादरूपायैॐ नादरूपायै नमः।Om Nadarupayai Namah.जो दिव्य नाद की स्वरूपा हैं।
908नादबिन्दुविधारिण्यैॐ नादबिन्दुविधारिण्यै नमः।Om Nadabinduvidharinyai Namah.जो नाद और बिन्दु के दिव्य तत्त्व को धारण करती हैं।
909शून्यस्थानस्थितायैॐ शून्यस्थानस्थितायै नमः।Om Shunyasthanasthitayai Namah.जो शून्य और परम ध्यान के स्थान में स्थित हैं।
910शून्यरूपपादपवासिन्यैॐ शून्यरूपपादपवासिन्यै नमः।Om Shunyarupapadapavasinyai Namah.जो शून्यस्वरूप वृक्ष के आधार में निवास करती हैं।
911कार्तिकव्रतकर्त्र्यैॐ कार्तिकव्रतकर्त्र्यै नमः।Om Kartikavratakartryai Namah.जो कार्तिक व्रत का पालन करने वाली हैं।
912वासनाहारिण्यैॐ वासनाहारिण्यै नमः।Om Vasanaharinyai Namah.जो सांसारिक वासनाओं को दूर करती हैं।
913जलाशयायैॐ जलाशयायै नमः।Om Jalashayayai Namah.जो जलाशयों और पवित्र जल में निवास करती हैं।
914जलतलायैॐ जलतलायै नमः।Om Jalatalayai Namah.जो जल की गहराई में स्थित हैं।
915शिलातलनिवासिन्यैॐ शिलातलनिवासिन्यै नमः।Om Shilatalanivasinyai Namah.जो शिला और पर्वतीय धरातल पर निवास करती हैं।
916क्षुद्रकीटाङ्गसंसर्गायैॐ क्षुद्रकीटाङ्गसंसर्गायै नमः।Om Kshudrakitangasamsargayai Namah.जो छोटे से छोटे जीवों में भी व्याप्त हैं।
917सङ्गदोषविनाशिन्यैॐ सङ्गदोषविनाशिन्यै नमः।Om Sangadoshavinashinyai Namah.जो दूषित संगति के दोष को नष्ट करती हैं।
918कोटिकन्दर्पलावण्यायैॐ कोटिकन्दर्पलावण्यायै नमः।Om Kotikandarpalavanyayai Namah.जिनका सौंदर्य करोड़ों कामदेवों के समान मनोहर है।
919कोटिकन्दर्पसुन्दर्यैॐ कोटिकन्दर्पसुन्दर्यै नमः।Om Kotikandarpasundaryai Namah.जो करोड़ों कामदेवों से भी अधिक सुंदर हैं।
920कन्दर्पकोटिजनन्यैॐ कन्दर्पकोटिजनन्यै नमः।Om Kandarpakotijananyai Namah.जो करोड़ों कामदेवों की जननी के समान शक्ति हैं।
921कामबीजप्रदायिन्यैॐ कामबीजप्रदायिन्यै नमः।Om Kamabijapradayinyai Namah.जो कामबीज और दिव्य प्रेम का ज्ञान प्रदान करती हैं।
922कामशास्त्रविनोदायैॐ कामशास्त्रविनोदायै नमः।Om Kamashastravinodayai Namah.जो कामशास्त्र के दिव्य तत्त्वों में रमण करती हैं।
923कामशास्त्रप्रकाशिन्यैॐ कामशास्त्रप्रकाशिन्यै नमः।Om Kamashastraprakashinyai Namah.जो कामशास्त्र के गूढ़ तत्त्वों को प्रकाशित करती हैं।
924कामप्रकाशिकायैॐ कामप्रकाशिकायै नमः।Om Kamaprakashikayai Namah.जो दिव्य प्रेम और कामतत्त्व को प्रकाशित करती हैं।
925कामिन्यैॐ कामिन्यै नमः।Om Kaminyai Namah.जो मनोहर और प्रेममयी स्वरूप वाली हैं।
926अणिमाद्यष्टसिद्धिदायैॐ अणिमाद्यष्टसिद्धिदायै नमः।Om Animadyashtasiddhidayai Namah.जो अणिमा आदि आठ सिद्धियाँ प्रदान करती हैं।
927यामिन्यैॐ यामिन्यै नमः।Om Yaminyai Namah.जो रात्रि की दिव्य शक्ति के रूप में स्थित हैं।
928यामिनीनाथवदनायैॐ यामिनीनाथवदनायै नमः।Om Yamininathavadanayai Namah.जिनका मुख रात्रि के स्वामी चन्द्रमा के समान सुंदर है।
929यामिनीश्वर्यैॐ यामिनीश्वर्यै नमः।Om Yaminishvaryai Namah.जो रात्रि की अधीश्वरी हैं।
930यागयोगहरायैॐ यागयोगहरायै नमः।Om Yagayogaharayai Namah.जो यज्ञ और योग के माध्यम से भक्तों के कष्ट हरती हैं।
931भुक्तिमुक्तिदात्र्यैॐ भुक्तिमुक्तिदात्र्यै नमः।Om Bhuktimuktidatryai Namah.जो भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करती हैं।
932हिरण्यदायैॐ हिरण्यदायै नमः।Om Hiranyadayai Namah.जो स्वर्ण और दिव्य समृद्धि प्रदान करती हैं।
933कपालमालिन्यैॐ कपालमालिन्यै नमः।Om Kapalamalinyai Namah.जो कपालों की माला धारण करने वाली उग्र शक्ति हैं।
934देव्यैॐ देव्यै नमः।Om Devyai Namah.जो स्वयं परम दिव्य देवी हैं।
935धामरूपिण्यैॐ धामरूपिण्यै नमः।Om Dhamarupinyai Namah.जो दिव्य धाम की साक्षात स्वरूपिणी हैं।
936अपूर्वदायैॐ अपूर्वदायै नमः।Om Apurvadayai Namah.जो अद्भुत और अप्रतिम वरदान प्रदान करती हैं।
937कृपान्वितायैॐ कृपान्वितायै नमः।Om Kripanvitayai Namah.जो असीम करुणा से युक्त हैं।
938गुणागौण्यायैॐ गुणागौण्यायै नमः।Om Gunagaunyayai Namah.जो दिव्य और श्रेष्ठ गुणों से सम्पन्न हैं।
939गुणातीतफलप्रदायैॐ गुणातीतफलप्रदायै नमः।Om Gunatitaphalapradayai Namah.जो त्रिगुणों से परे परम फल प्रदान करती हैं।
940कूष्माण्डभूतवेतालनाशिन्यैॐ कूष्माण्डभूतवेतालनाशिन्यै नमः।Om Kushmandabhutavetalanashinyai Namah.जो कूष्माण्ड, भूत और वेताल आदि नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं।
941शारदान्वितायैॐ शारदान्वितायै नमः।Om Sharadanvitayai Namah.जो देवी शारदा की दिव्य विद्या से युक्त हैं।
942शीतलायैॐ शीतलायै नमः।Om Shitalayai Namah.जो शीतलता और मानसिक शांति प्रदान करती हैं।
943शबलायैॐ शबलायै नमः।Om Shabalayai Namah.जो विविध रंगों और रूपों से युक्त हैं।
944हेलालीलायैॐ हेलालीलायै नमः।Om Helalilayai Namah.जो सहज और मनोहर दिव्य लीला करती हैं।
945लावण्यमङ्गलायैॐ लावण्यमङ्गलायै नमः।Om Lavanyamangalayai Namah.जो सौंदर्य और मंगल की स्वरूपिणी हैं।
946विद्यार्थिन्यैॐ विद्यार्थिन्यै नमः।Om Vidyarthinyai Namah.जो विद्या की इच्छुक और ज्ञान की साधिका हैं।
947विद्यमानायैॐ विद्यमानायै नमः।Om Vidyamanayai Namah.जो सर्वत्र विद्यमान और उपस्थित हैं।
948विद्यायैॐ विद्यायै नमः।Om Vidyayai Namah.जो स्वयं दिव्य विद्या हैं।
949विद्यास्वरूपिण्यैॐ विद्यास्वरूपिण्यै नमः।Om Vidyasvarupinyai Namah.जो ज्ञान और विद्या की साक्षात स्वरूपिणी हैं।
950आन्वीक्षिकीशास्त्ररूपायैॐ आन्वीक्षिकीशास्त्ररूपायै नमः।Om Anvikshikishastrarupayai Namah.जो तर्क और आत्मचिंतन के शास्त्र की स्वरूपा हैं।
951शास्त्रसिद्धान्तकारिण्यैॐ शास्त्रसिद्धान्तकारिण्यै नमः।Om Shastrasiddhantakarinyai Namah.जो शास्त्रों के सिद्धांतों को स्थापित करती हैं।
952नागेन्द्रायैॐ नागेन्द्रायै नमः।Om Nagendrayai Namah.जो नागों में श्रेष्ठ और अधीश्वरी हैं।
953नागमात्रेॐ नागमात्रे नमः।Om Nagamatre Namah.जो नागों की माता के रूप में पूजित हैं।
954क्रीडाकौतुकरूपिण्यैॐ क्रीडाकौतुकरूपिण्यै नमः।Om Kridakautukarupinyai Namah.जो दिव्य क्रीड़ा और कौतुक की स्वरूपिणी हैं।
955हरिभावनशीलायैॐ हरिभावनशीलायै नमः।Om Haribhavanashilayai Namah.जो भगवान हरि के चिंतन में सदैव लीन रहती हैं।
956हरितोषणतत्परायैॐ हरितोषणतत्परायै नमः।Om Haritoshanatatparayai Namah.जो भगवान हरि को प्रसन्न करने में तत्पर हैं।
957हरिप्राणायैॐ हरिप्राणायै नमः।Om Haripranayai Namah.जो भगवान हरि के प्राणों के समान प्रिय हैं।
958हरप्राणायैॐ हरप्राणायै नमः।Om Harapranayai Namah.जो भगवान हर के प्राणों के समान प्रिय हैं।
959शिवप्राणायॐ शिवप्राणाय नमः।Om Shivapranaya Namah.जो भगवान शिव के प्राणस्वरूप हैं।
960शिवान्वितायैॐ शिवान्वितायै नमः।Om Shivanvitayai Namah.जो भगवान शिव की दिव्य शक्ति से युक्त हैं।
961नरकार्णवसंहत्र्यैॐ नरकार्णवसंहत्र्यै नमः।Om Narakarnavasamhatryai Namah.जो नरक रूपी समुद्र का संहार करती हैं।
962नरकार्णवनाशिन्यैॐ नरकार्णवनाशिन्यै नमः।Om Narakarnavanashinyai Namah.जो नरक के सभी कष्टों का नाश करती हैं।
963नरेश्वर्यैॐ नरेश्वर्यै नमः।Om Nareshvaryai Namah.जो मनुष्यों की अधीश्वरी और संरक्षिका हैं।
964नरातीतायैॐ नरातीतायै नमः।Om Naratitayai Namah.जो मानवीय सीमाओं से परे हैं।
965नरसेव्यायैॐ नरसेव्यायै नमः।Om Narasevyayai Namah.जिनकी मनुष्य भक्तिपूर्वक सेवा करते हैं।
966नराङ्गनायैॐ नराङ्गनायै नमः।Om Naranganayai Namah.जो दिव्य नारी रूप में मानवों के बीच प्रकट होती हैं।
967यशोदानन्दनप्राणवल्लभायैॐ यशोदानन्दनप्राणवल्लभायै नमः।Om Yashodanandanapranavallabhayai Namah.जो यशोदा के पुत्र श्रीकृष्ण को प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं।
968हरिवल्लभायैॐ हरिवल्लभायै नमः।Om Harivallabhayai Namah.जो भगवान हरि की प्रियतम हैं।
969यशोदानन्दनारम्यायैॐ यशोदानन्दनारम्यायै नमः।Om Yashodanandanaramyayai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण को अत्यंत रमणीय और प्रिय हैं।
970यशोदानन्दनेश्वर्यैॐ यशोदानन्दनेश्वर्यै नमः।Om Yashodanandaneshvaryai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण की अधीश्वरी और प्रिय शक्ति हैं।
971यशोदानन्दनाक्रीडायैॐ यशोदानन्दनाक्रीडायै नमः।Om Yashodanandanakridayai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण के साथ दिव्य क्रीड़ा करती हैं।
972यशोदाक्रोडवासिन्यैॐ यशोदाक्रोडवासिन्यै नमः।Om Yashodakrodavasinyai Namah.जो यशोदा की गोद में निवास करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
973यशोदानन्दनप्राणायैॐ यशोदानन्दनप्राणायै नमः।Om Yashodanandanapranayai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण के प्राणस्वरूप हैं।
974यशोदानन्दनार्थदायैॐ यशोदानन्दनार्थदायै नमः।Om Yashodanandanarthadayai Namah.जो यशोदानन्दन श्रीकृष्ण के सभी मनोरथ पूर्ण करती हैं।
975वत्सलायैॐ वत्सलायै नमः।Om Vatsalayai Namah.जो अत्यंत स्नेहमयी और वात्सल्यपूर्ण हैं।
976कोशलायैॐ कोशलायै नमः।Om Koshalayai Namah.जो सभी कलाओं और कार्यों में कुशल हैं।
977कलायैॐ कलायै नमः।Om Kalayai Namah.जो सभी कलाओं की मूल स्वरूपा हैं।
978करुणार्णवरूपिण्यैॐ करुणार्णवरूपिण्यै नमः।Om Karunarnavarupinyai Namah.जो करुणा के अथाह समुद्र की स्वरूपिणी हैं।
979स्वर्गलक्ष्म्यैॐ स्वर्गलक्ष्म्यै नमः।Om Svargalakshmyai Namah.जो स्वर्ग की लक्ष्मी और दिव्य समृद्धि की अधिष्ठात्री हैं।
980भूमिलक्ष्म्यैॐ भूमिलक्ष्म्यै नमः।Om Bhumilakshmyai Namah.जो पृथ्वी की लक्ष्मी और समृद्धि की शक्ति हैं।
981द्रौपदीपाण्डवप्रियायैॐ द्रौपदीपाण्डवप्रियायै नमः।Om Draupadipandavapriyayai Namah.जो द्रौपदी और पाण्डवों को प्रिय हैं।
982अर्जुनसख्यैॐ अर्जुनसख्यै नमः।Om Arjunasakhyai Namah.जो अर्जुन की सखी और हितैषिणी हैं।
983भोग्यैॐ भोग्यै नमः।Om Bhogyai Namah.जो दिव्य प्रेम और आनंद के अनुभव के योग्य हैं।
984भैम्यैॐ भैम्यै नमः।Om Bhaimyai Namah.जो भीम की पुत्री से सम्बद्ध दिव्य शक्ति हैं।
985भीमकुलोद्भवायैॐ भीमकुलोद्भवायै नमः।Om Bhimakulodbhavayai Namah.जो भीम के कुल में प्रकट हुई दिव्य शक्ति हैं।
986भुवनामोहनायैॐ भुवनामोहनायै नमः।Om Bhuvanamohanayai Namah.जो तीनों लोकों को मोहित करने वाली हैं।
987क्षीणायैॐ क्षीणायै नमः।Om Kshinayai Namah.जो सांसारिक आसक्ति और दोषों को क्षीण करने वाली हैं।
988पानासक्ततरायैॐ पानासक्ततरायै नमः।Om Panasaktatarayai Namah.जो दिव्य प्रेमरस के पान में अत्यंत अनुरक्त हैं।
989पानार्थिन्यैॐ पानार्थिन्यै नमः।Om Panarthinyai Namah.जो दिव्य प्रेमरस का पान करने की इच्छुक हैं।
990पानपात्रायैॐ पानपात्रायै नमः।Om Panapatrayai Namah.जो दिव्य रस का पवित्र पात्र हैं।
991पानपानन्ददायिन्यैॐ पानपानन्ददायिन्यै नमः।Om Panapanandadayinyai Namah.जो दिव्य रस के पान से आनंद प्रदान करती हैं।
992दुग्धमन्थनकर्माढ्यायैॐ दुग्धमन्थनकर्माढ्यायै नमः।Om Dugdhamanthanakarmadhyayai Namah.जो दूध मथने की पवित्र लीला में रत हैं।
993दधिमन्थनतत्परायैॐ दधिमन्थनतत्परायै नमः।Om Dadhimanthanatatparayai Namah.जो दही मथने की लीला में तत्पर रहती हैं।
994दधिभाण्डार्थिन्यैॐ दधिभाण्डार्थिन्यै नमः।Om Dadhibhandarthinyai Namah.जो दही के पात्र और उसकी दिव्य लीला से जुड़ी हैं।
995कृष्णक्रोधिन्यैॐ कृष्णक्रोधिन्यै नमः।Om Krishnakrodhinyai Namah.जो श्रीकृष्ण पर प्रेमपूर्ण मान और क्रोध प्रकट करती हैं।
996नन्दनाङ्गनायैॐ नन्दनाङ्गनायै नमः।Om Nandananganayai Namah.जो नन्द के आंगन में दिव्य लीला करती हैं।
997घृतलिप्तायैॐ घृतलिप्तायै नमः।Om Ghritaliptayai Namah.जो घी से अलंकृत और सुशोभित हैं।
998तक्रयुक्तायैॐ तक्रयुक्तायै नमः।Om Takrayuktayai Namah.जो तक्र और दुग्ध संबंधी दिव्य लीला से युक्त हैं।
999यमुनापारकौतुकायैॐ यमुनापारकौतुकायै नमः।Om Yamunaparakautukayai Namah.जो यमुना के पार दिव्य कौतुक और लीला करती हैं।
1000विचित्रकथकायैॐ विचित्रकथकायै नमः।Om Vichitrakathakayai Namah.जो अद्भुत और विविध दिव्य कथाओं की वक्ता हैं।
1001कृष्णहास्यभाषणतत्परायैॐ कृष्णहास्यभाषणतत्परायै नमः।Om Krishnahasyabhashanatatparayai Namah.जो श्रीकृष्ण के साथ हास्य और मधुर वार्तालाप में रत हैं।
1002गोपाङ्गनावेष्टितायैॐ गोपाङ्गनावेष्टितायै नमः।Om Gopanganaveshtitayai Namah.जो गोपियों से चारों ओर से घिरी रहती हैं।
1003कृष्णसङ्गार्थिन्यैॐ कृष्णसङ्गार्थिन्यै नमः।Om Krishnasangarthinyai Namah.जो श्रीकृष्ण के संग की अभिलाषा रखने वाली हैं।
1004राससक्तायैॐ राससक्तायै नमः।Om Rasasaktayai Namah.जो दिव्य रासलीला में अत्यंत अनुरक्त हैं।
1005रासरत्यैॐ रासरत्यै नमः।Om Rasaratyai Namah.जो रासलीला के दिव्य आनंद में रमण करती हैं।
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