Sri Venkateswara Prapatti
Śrī Veṅkaṭeśa Prapatti
1.
ईशानां जगतोऽस्य वेङ्कटपतेर्विष्णोः परां प्रेयसीं
तद्वक्षःस्थल नित्यवासरसिकां तत्क्षान्ति संवर्धिनीम् ।
पद्मालङ्कृत पाणिपल्लवयुगां पद्मासनस्थां श्रियं
वात्सल्यादि गुणोज्ज्वलां भगवतीं वन्दे जगन्मातरम् ॥
हिंदी अर्थ:
मैं जगत के स्वामी वेङ्कटपति भगवान विष्णु की परम प्रिय देवी श्रीमहालक्ष्मी को प्रणाम करता हूँ। वे भगवान विष्णु के वक्षस्थल में नित्य निवास करने में आनन्दित रहती हैं और उनके दिव्य धैर्य एवं क्षमा को बढ़ाने वाली हैं। उनके दोनों कोमल हाथ कमलों से सुशोभित हैं और वे कमलासन पर विराजमान हैं। वात्सल्य आदि दिव्य गुणों से प्रकाशित, वे सम्पूर्ण जगत की माता भगवती श्री हैं।
English Meaning:
I bow to Goddess Śrī Mahālakṣmī, the beloved consort of Lord Viṣṇu, the Lord of Veṅkaṭa and master of the universe. She delights eternally in dwelling upon His sacred chest and enhances His boundless compassion and forbearance. Her tender hands are adorned with lotuses, and She is seated upon a lotus. Radiant with qualities such as motherly affection, She is the Divine Mother of the entire universe.
2.
श्रीमन कृपाजलनिधे कृतसर्वलोक
सर्वज्ञ शक्त नतवत्सल सर्वशेषिन् ।
स्वामिन् सुशील सुलभाश्रित पारिजात
श्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
हे श्रीमान् प्रभु! आप करुणा के महासागर हैं, जिन्होंने समस्त लोकों की रचना की है। आप सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान, शरण में आए भक्तों से वात्सल्य रखने वाले और समस्त जीवों के परम स्वामी हैं। हे सुशील और सहजता से प्राप्त होने वाले प्रभु, जो शरणागत भक्तों के लिए पारिजात वृक्ष के समान हैं! मैं आपके पवित्र श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ।
English Meaning:
O glorious Lord, ocean of compassion, creator of all worlds, omniscient and omnipotent Lord, who is tender toward those who bow before You and the supreme Master of all! O Lord of noble character, easily approachable and like a celestial Pārijāta tree to those who seek refuge in You, I surrender to the sacred feet of Śrī Veṅkaṭeśa.
3.
आनूपुरार्चित सुजात सुगन्धि पुष्प
सौरभ्य सौरभकरौ समसन्निवेशौ ।
सौम्यौ सदानुभनेऽपि नवानुभाव्यौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं श्रीवेङ्कटेश के उन चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जो नूपुरों से सुशोभित हैं और सुंदर, सुगन्धित पुष्पों की सुगन्ध को भी और अधिक मनोहर बना देते हैं। दोनों चरण समान रूप से सुंदर, सौम्य और दिव्य हैं तथा निरन्तर ध्यान करने पर भी हर बार नए और अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, adorned with anklets and making even the fragrance of beautiful flowers more delightful. Both feet are equally graceful and gentle, and even though they are constantly contemplated, they reveal themselves as ever-new and wondrous.
4.
सद्योविकासि समुदित्त्वर सान्द्रराग
सौरभ्यनिर्भर सरोरुह साम्यवादाम् ।
सम्यक्षु साहसपदेषु विलेखयन्तौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिनकी तुलना अभी-अभी खिले हुए कमलों से की जाती है। वे गहन प्रेम और दिव्य सुगन्ध से परिपूर्ण हैं तथा भक्तों के हृदय में अपने पवित्र चिह्न अंकित करते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, which resemble freshly blossomed lotuses filled with intense beauty, divine fragrance and loving grace. They impress their sacred presence upon the hearts of those who approach them with devotion.
5.
रेखामय ध्वज सुधाकलशातपत्र
वज्राङ्कुशाम्बुरुह कल्पक शङ्खचक्रैः ।
भव्यैरलङ्कृततलौ परतत्त्व चिह्नैः
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिनके तल पर ध्वज, अमृतकलश, छत्र, वज्र, अंकुश, कमल, कल्पवृक्ष, शंख और चक्र आदि शुभ एवं दिव्य चिह्न सुशोभित हैं। ये चिह्न उनके परम सत्यस्वरूप का संकेत देते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, whose soles are beautifully marked with auspicious symbols such as the banner, nectar-filled vessel, royal umbrella, thunderbolt, goad, lotus, wish-fulfilling tree, conch and discus. These sacred marks reveal His supreme and transcendent nature.
6.
ताम्रोदरद्युतिपराजित पद्मरागौ
बाह्यैर्महोभिरभिभूत महेन्द्रनीलौ ।
उद्यन्नखांशुभिरुदस्त शशाङ्क भासौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिनकी अरुण आभा पद्मराग मणियों की चमक को भी पराजित करती है। उनकी बाहरी दिव्य प्रभा इन्द्रनील मणियों की नीलिमा को भी ढक देती है और उनके नखों से निकलने वाली किरणें चन्द्रमा की चमक को भी फीका कर देती हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, whose reddish radiance surpasses that of ruby-like Padmarāga gems. Their surrounding brilliance overwhelms the deep blue of sapphire, while the rays emanating from their toenails surpass even the radiance of the moon.
7.
सप्रेमभीति कमलाकर पल्लवाभ्यां
संवाहनेऽपि सपदि क्लममाधधानौ ।
कान्ता नवाङ्मानस गोचर सौकुमार्यौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जो कमल के समान कोमल हाथों से प्रेम और श्रद्धा सहित दबाए जाने पर भी अत्यन्त कोमल होने के कारण मानो शीघ्र ही थक जाते हैं। उनकी कोमलता ऐसी है जिसे केवल अत्यन्त सूक्ष्म और नए-नए भावों से युक्त मन ही अनुभव कर सकता है।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, so exquisitely tender that even when lovingly and reverently massaged by lotus-soft hands, they seem to become delicate with fatigue. Their beauty and softness are beyond ordinary perception and can be truly experienced only by a refined and loving heart.
8.
लक्ष्मी मही तदनुरूप निजानुभाव
नीलादि दिव्य महिषी करपल्लवानाम् ।
आरुण्य सङ्क्रमणतः किल सान्द्ररागौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिनमें लक्ष्मी, भूमिदेवी, नीला देवी आदि दिव्य महिषियों के कोमल हाथों के स्पर्श से गहरी अरुणिमा और प्रेम की लालिमा प्रकट होती है।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, which are deeply suffused with a reddish glow and loving beauty through the tender touch of the hands of His divine consorts—Śrī Lakṣmī, Bhūdevī, Nīlādevī and others.
9.
नित्यानमद्विधि शिवादि किरीटकॊटि
प्रत्युप्त दीप्त नवरत्नमहः प्ररोहैः ।
नीराजनाविधिमुदारमुपादधानौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिनके समक्ष ब्रह्मा, शिव आदि देवताओं के करोड़ों मुकुटों में जड़े हुए चमकदार नवरत्नों की किरणें मानो आरती का प्रकाश अर्पित करती हैं। देवताओं के नित्य प्रणाम से ये चरण और भी दिव्य तेज से प्रकाशित होते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, before which the radiance of the countless precious gems set in the crowns of Brahmā, Śiva and other deities shines like an offering of sacred ārati. These feet become resplendent through the eternal prostrations of the gods.
10.
“विष्णोः पदे परम” इत्युदित प्रशंसौ
यौ “मध्व उत्स” इति भोग्यतयाप्युपात्तौ ।
भूयस्तथेति तव पाणितल प्रदिष्टौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिनकी महिमा वेदवचन “विष्णोः पदे परमे” अर्थात् विष्णु के परम पद के रूप में गाई गई है। वे भक्तों के लिए मधुर और आनंददायक आश्रय हैं तथा भगवान स्वयं अपने करकमलों से उनकी ओर संकेत करके भक्तों को उनकी शरण ग्रहण करने का मार्ग दिखाते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, whose glory is praised in the Vedic declaration, “Viṣṇoḥ pade parame,” referring to the supreme abode of Viṣṇu. They are delightful and precious to devotees, and the Lord Himself indicates these sacred feet with His hands, directing seekers toward them as the ultimate refuge.
11.
पार्थाय तत्सदृश सारधिना त्वयैव
यौ दर्शितौ स्वचरणौ शरणं व्रजेति ।
भूयोऽपि मह्यमिह तौ करदर्शितौ ते
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिन्हें आपने स्वयं अर्जुन के समान योग्य सारथी बनकर उसे “मेरे चरणों की शरण में आओ” का संदेश देते हुए दिखाया था। आज भी आप अपने करकमल से उन्हीं चरणों की ओर संकेत करके मुझे उनकी शरण ग्रहण करने का मार्ग दिखाते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, the very feet that You, as the divine charioteer of Pārtha, revealed while teaching him to seek refuge in Your feet. Even now, You show those same sacred feet to me with Your hand and invite me to take refuge in them.
12.
मन्मूर्ध्नि कालियफणे विकटाटवीषु
श्रीवेङ्कटाद्रि शिखरे शिरसि श्रुतीनाम् ।
छित्तेऽप्यनन्यमनसां सममाहितौ ते
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जो मेरे मस्तक पर, कालिय नाग के फण पर, दुर्गम वनों में, श्रीवेङ्कट पर्वत के शिखर पर और वेदों के शीर्ष पर समान रूप से प्रतिष्ठित हैं। वे अनन्य भाव से ध्यान करने वाले भक्तों के हृदय में भी समान रूप से स्थित रहते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, which are equally established upon my head, upon the hoods of Kāliya, in dense and difficult forests, upon the summit of Śrī Veṅkaṭa Hill and at the highest point of the Vedas. They are equally established in the hearts of those whose minds are exclusively devoted to Him.
13.
अम्लान हृष्यदवनितल कीर्णपुष्पौ
श्रीवेङ्कटाद्रि शिखराभरणायमानौ ।
आनन्दिताखिल मनो नयनौ तवै तौ
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिन पर कभी मुरझाने वाले नहीं, बल्कि ताजे और प्रसन्नता उत्पन्न करने वाले पुष्प पृथ्वी पर बिखरे रहते हैं। वे श्रीवेङ्कट पर्वत के शिखर के आभूषण के समान शोभायमान हैं और सभी भक्तों के मन तथा नेत्रों को आनंदित करते हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, upon which fresh and unfading flowers are lovingly scattered upon the joyful earth. They adorn the summit of Śrī Veṅkaṭa Hill like a precious ornament and delight the hearts and eyes of all who behold them.
14.
प्रायः प्रपन्न जनता प्रथमावगाह्यौ
मातुः स्तनाविव शिशोरमृतायमाणौ ।
प्राप्तौ परस्पर तुलामतुलान्तरो ते
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिनमें शरणागत भक्त सबसे पहले आश्रय लेते हैं। वे छोटे बच्चे के लिए माता के स्तनों से मिलने वाले अमृत के समान जीवनदायक और सुखद हैं। दोनों चरण एक-दूसरे के समान हैं और अपनी दिव्य महिमा में अतुलनीय हैं।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, which are generally the first refuge of those who surrender to Him. They are like a mother’s nourishing breasts to a child, filled with life-giving nectar and comfort. The two feet are equal to each other and yet incomparable in their divine greatness.
15.
सत्त्वोत्तरैः सततसेव्य पदाम्बुजेन
संसार तारक दयार्द्र दृगञ्चलेन ।
सौम्योपयन्तृ मुनिना मम दर्शितौ ते
श्रीवेङ्कटेश चरणौ शरणं प्रपद्ये ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उन श्रीवेङ्कटेश चरणों की शरण ग्रहण करता हूँ जिन्हें सात्त्विक और श्रेष्ठ भक्तों द्वारा निरन्तर सेवा किए जाने वाले दिव्य चरणकमल तथा संसार-सागर से पार कराने वाली करुणामयी दृष्टि वाले सौम्य उपयन्तृ मुनि ने मुझे दिखाया है।
English Meaning:
I surrender to the feet of Śrī Veṅkaṭeśa, the lotus feet constantly served by those established in purity and devotion, and whose compassionate glance carries beings across the ocean of saṃsāra. The gentle and revered sage Upayanta has revealed these sacred feet to me.
16.
श्रीश श्रिया घटिकया त्वदुपाय भावे
प्राप्ये त्वयि स्वयमुपेयतया स्फुरन्त्या ।
नित्याश्रिताय निरवद्य गुणाय तुभ्यं
स्यां किङ्करो वृषगिरीश न जातु मह्यम् ॥
हिंदी अर्थ:
हे श्रीपति! श्रीमहालक्ष्मी के माध्यम से, जो आपके उपायस्वरूप भक्तों को आपकी शरण तक पहुँचाती हैं, मैं आपको ही परम लक्ष्य और प्राप्तव्य मानकर आपकी सेवा करना चाहता हूँ। हे वृषगिरीश्वर! जो भक्त सदा आपकी शरण में रहते हैं और जो निष्कलंक दिव्य गुणों से सम्पन्न हैं, उन आपके लिए मैं सदा आपका सेवक बना रहूँ; अपने लिए किसी अन्य वस्तु की कभी इच्छा न करूँ।
English Meaning:
O Lord of Śrī! Through Goddess Lakṣmī, who lovingly serves as the means leading the devotee to You, I seek You alone as the supreme goal and attainment. O Lord of Vṛṣagiri, may I become forever Your servant, You who are eternally served and possess flawless divine qualities; may I never seek anything for myself apart from Your service.
इति श्रीवेङ्कटेश प्रपत्तिः
हिंदी अर्थ:
इस प्रकार श्रीवेङ्कटेश प्रपत्ति का पाठ पूर्ण होता है। इसमें भक्त भगवान श्रीवेङ्कटेश के चरणकमलों को अपना एकमात्र आश्रय मानकर पूर्ण समर्पण और शरणागति की भावना व्यक्त करता है।
English Meaning:
Thus concludes the Śrī Veṅkaṭeśa Prapatti. In this prayer, the devotee expresses complete surrender, taking the sacred lotus feet of Lord Śrī Veṅkaṭeśa as the sole refuge and supreme goal.